भांजे का झगड़ा सुलझाने गए मामा की चाकू घोंप कर हत्या,अस्पताल के बाहर हुई वारदात
*वार्ड ब्वाय ने चाकू से किया गले पर वार

गोंडा।भांजे का झगड़ा सुलझाने गए खाद विक्रेता की चाकू से गला रेतकर हत्या कर दी गई।इस झगड़े में भांजे के साथ काम करने वाले एक वार्ड ब्वाय ने उसके गले पर हमला कर दिया और चाकू लगते ही वह जमीन पर गिरकर तड़पने लगा तो वहीं आरोपी वार्ड ब्वाय मौका पाकर वहाँ से भाग गया।घटनास्थल पर मौजूद लोग घायल को लेकर अस्पताल गए,जहाँ उसकी मौत हो गई।मृतक के भांजे ने घटना की सूचना पुलिस को दिया।घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और मामले की जांच शुरू कर दिया।भांजे की तहरीर पर पांच नामजद सहित चार अज्ञात लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है।पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।मामला धानेपुर थाना क्षेत्र के बग्गी रोड पर बने न्यू मेडिलाइफ अस्पताल के पास रात 11 बजे का है।बताते चलें कि धानेपुर थाना क्षेत्र के बेलहरी गांव निवासी आनंद पाण्डेय (40) खाद की दुकान चलाते थे और इनका भांजा सत्य प्रकाश शुक्ला (25) न्यू मेडिलाइफ अस्पताल में वार्ड ब्वाय का काम करता है।सत्य प्रकाश के साथ ही एक और लड़का अनुपम शुक्ला (26) भी उसी अस्पताल में वार्ड ब्वाय का काम करता है।रविवार रात जब सत्य प्रकाश शुक्ला ड्यूटी पर अस्पताल गया और रजिस्टर चेक किया तो पता चला कि अनुपम ने अपना स्टोर लाइजेशन का काम नहीं किया था।इसी बात को लेकर सत्य प्रकाश ने अस्पताल के व्हाट्सअप ग्रुप में मैसेज किया,इसके बाद अनुपम और सत्य प्रकाश के बीच पहले तो ग्रुप में ही गाली गलौज और झगड़ा हुआ।दोनों के बीच मामला इतना बढ़ गया कि दोनों ने अपने अपने परिजनों और रिश्तेदारों को अस्पताल बुला लिया,आनंद पांडेय भी अपने भांजे सत्य प्रकाश के साथ अस्पताल पहुंचे थे।उन्होंने पहले तो दोनों पक्षों के झगड़े को शांत कराने का प्रयास किया परन्तु झगड़ा बढ़ता ही गया और मारपीट शुरू हो गई।इसी मारपीट में सत्य प्रकाश की मां के माथे पर चोट लग गई।यह देख आनंद और सत्य प्रकाश भी गुस्से में मारपीट करने लगे।इसी बीच अनुपम अस्पताल से एक चाकू ले आया और आनंद की गर्दन पर हमला कर दिया।अस्पताल संचालक अनिल ओझा ने बताया कि सत्य प्रकाश शुक्ला और अनुपम शुक्ला के बीच स्टैरलाइजेशन को लेकर रविवार को विवाद हो गया था और बहुत समझाने के बाद दोनों अपने अपने घर चले गये थे परन्तु देर रात फिर दोनों अस्पताल के बाहर आकर विवाद करने लगे।घटना के समय मैं खाना खाने गया था और जब वापस आया तो यहां झगड़ा हो रहा था।मैने लाठी डंडे छीनकर दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया परन्तु वे नहीं माने।इसके बाद मैं अपने ओपीडी चैंबर में चला गया और जब कुछ देर बाद देखा तो अस्पताल के बाहर एक व्यक्ति घायल अवस्था में पड़ा है।मैने तुरंत एक स्टाफ को उसका पल्स चेक करने के लिए कहा परन्तु उन्होंने बताया कि पल्स नहीं मिल रही है।इसके बाद मैने उसे रिफर कर दिया और पुलिस को भी सूचना दिया।इस घटना में मेरा कोई रोल नहीं है और मेरे ऊपर लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं।सत्य प्रकाश शुक्ला की मां पिंकी शुक्ला ने बताया कि मेरे बेटे सत्य प्रकाश व अनुपम की कहासुनी हो गई थी।मेरे भाई आनंद पाण्डेय उसे बचाने गए थे,लेकिन उसी में उन्हें चाकू मार दिया गया और जब मैं बचाने गई तो मुझे भी लोगों ने मारपीट कर घायल कर दिया।मेरे भाई को चाकू लगने के बाद वह सीढ़ी चढ़कर अस्पताल पहुंचे और इलाज व पट्टी की मांग किया लेकिन डाक्टर अनिल ओझा ने इलाज करने से मना कर दिया था।धानेपुर थाने की पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कराया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।मामले में धानेपुर थानाध्यक्ष अरविंद कुमार यादव ने बताया कि तहरीर के आधार पर अनुपम शुक्ला, अस्पताल संचालक डाक्टर अनिल ओझा समेत पांच नामजद और चार अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है तथा मामले को लेकर जांच की जा रही है।
जर्जर हाईटेंशन तार टूटने से लगी आग, 11 बीघा गेहूं जलकर राख
*कड़ी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने पाया काबू, नहीं पहुंची फायर ब्रिगेड

गोंडा।जिले के मनकापुर तहसील क्षेत्र अंतर्गत भोपतपुर गांव में कथित लापरवाही से 11 बीघा गेहूं की फसल जलकर राख हो गई है।11 केवीए हाईटेंशन लाइन का तार टूटकर गिरने से निकली चिंगारी से खेतों में आग लग गई।इस घटना से किसान केदार राम का पांच बीघा,रामपाल का एक बीघा और रामसुख वर्मा का लगभग पांच बीघा गेहूं पूरी तरह जल गया।यह फसल कटाई के लिए तैयार खड़ी थी।11 बीघा फसल जलने के बाद अब किसान अत्यधिक परेशान हैं और किसानों के पास एकमात्र सहारा यही 11 बीघा गेहूं की फसल थी।स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने कई बार बिजली विभाग को जर्जर हाईटेंशन तारों और उनके नीचे  लटके होने की शिकायत किया गया था तथा साथ ही संभावित दुर्घटना की आशंका जताई थी परन्तु उसके बाद भी विभाग द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई।आग लगने की सूचना फायर ब्रिगेड को भी दिया गया परन्तु घंटों इंतजार के बाद भी फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर नहीं पहुंची।इसके बाद स्थानीय ग्रामीणों ने एकजुट होकर कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया है।आग लगने के दौरान कई आसपास के किसान अपने खेतों में गेहूं की फसल काट करके छोड़े हुए थे।आग लगते ही वह भी अपनी गेहूं की फसल हटाते हुए नजर आए।इस घटना से नाराज किसान अब बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध कार्यवाही की भी मांग कर रहे हैं।वहीं उपजिलाधिकारी मनकापुर अवनीश त्रिपाठी ने बताया कि उक्त घटना कल की है और राजस्व विभाग की टीम को मौके पर भेजकर नुकसान का आंकलन कराया जा रहा है।उन्होंने आश्वासन दिया कि शासन के नियमानुसार पीड़ित किसानों को आर्थिक मुआवजा उपलब्ध कराया जाएगा।क्षेत्रीय विधायक प्रभात वर्मा ने इस पूरी घटना को लेकर बिजली विभाग के अधिकारियों से बात किया है और आगामी भविष्य में दोबारा इस तरह की घटना न हो इसके भी निर्देश दिए हैं।
पुलिस अधीक्षक द्वारा पूर्व अपर पुलिस अधीक्षक गोण्डा (पूर्वी)  मनोज कुमार रावत के जनपद सम्भल स्थानांतरण पर गरिमामय विदाई समारोह का आयोजन

प्रतीक चिन्ह व पुष्पमाला पहनाकर दी गईं उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं-

गोण्डा । जनपद गोण्डा में अपर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) के पद पर तैनात रहे मनोज कुमार रावत के जनपद सम्भल स्थानांतरण के उपलक्ष्य में पुलिस अधीक्षक गोण्डाविनीत जायसवाल के निर्देशन में रिजर्व पुलिस लाइन, गोण्डा के सभागार कक्ष में एक भव्य एवं गरिमामय विदाई समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन अत्यंत सौहार्दपूर्ण एवं सम्मानजनक वातावरण में सम्पन्न हुआ, जिसमें जनपद के समस्त राजपत्रित अधिकारीगण, अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी, क्षेत्राधिकारीगण, थाना प्रभारीगण सहित बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे । समारोह के दौरान पुलिस अधीक्षक महोदय द्वारा श्री मनोज कुमार रावत को प्रतीक चिन्ह भेंट कर तथा पुष्पमाला पहनाकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर उपस्थित अन्य अधिकारीगण द्वारा भी उन्हें पुष्पगुच्छ अर्पित कर उनके उत्कृष्ट सेवाकाल की सराहना की, तथा उनके उज्ज्वल भविष्य एवं सफल आगामी दायित्वों हेतु हार्दिक शुभकामनाएं व्यक्त की गईं।
पुलिस अधीक्षक गोण्डा  विनीत जायसवाल ने अपने संबोधन में कहा कि  मनोज कुमार रावत एक कर्मठ, अनुशासित एवं कुशल प्रशासनिक अधिकारी रहे हैं, जिन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान जनपद में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने, अपराध नियंत्रण में प्रभावी कार्यवाही करने तथा आमजन के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि उनके नेतृत्व एवं अनुभव का लाभ विभाग को सदैव प्राप्त होता रहेगा तथा उनके द्वारा स्थापित कार्यशैली अन्य अधिकारियों के लिए प्रेरणास्रोत बनी रहेगी। समारोह के दौरान विभिन्न अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा भी अपने विचार व्यक्त करते हुए श्री मनोज कुमार रावत के सरल, सहज एवं मिलनसार व्यक्तित्व की प्रशंसा की गई। उनके कार्यकाल में टीम भावना, पारदर्शिता एवं उत्तरदायित्व के साथ कार्य करने की संस्कृति को और अधिक सुदृढ़ करने में उनके योगदान को विशेष रूप से सराहा गया।
इस अवसर पर श्री मनोज कुमार रावत ने भी अपने उद्गार व्यक्त करते हुए जनपद गोण्डा में बिताए गए समय को अपने सेवा जीवन का महत्वपूर्ण एवं यादगार अध्याय बताया तथा सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के सहयोग के लिए आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि यहां का अनुभव उनके आगामी दायित्वों के निर्वहन में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा।
जनपद गोण्डा में अपने कार्यकाल के दौरान श्री मनोज कुमार रावत द्वारा कजरी तीज, होली, दीपावली, ईद, मोहर्रम, विजयदशमी तथा लोकसभा चुनाव जैसे महत्वपूर्ण अवसरों एवं आयोजनों को सकुशल, शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराया गया। इन सभी अवसरों पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने, आपसी सौहार्द बनाए रखने तथा सुरक्षा व्यवस्थाओं को प्रभावी ढंग से लागू कराने में उनके कुशल नेतृत्व में पुलिस बल द्वारा उत्कृष्ट कार्य किया गया। उनके इस सराहनीय कार्य की जनपद स्तर पर व्यापक प्रशंसा की गई।

*इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी)  राधेश्याम राय, समस्त क्षेत्राधिकारीगण, समस्त थाना प्रभारीगण, प्रतिसार निरीक्षक एवं अन्य पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे । कार्यक्रम का समापन भावनात्मक एवं आत्मीय वातावरण में हुआ, सभी अधिकारी एवं कर्मचारीगण ने श्री मनोज कुमार रावत को विदाई देते हुए उनके स्वस्थ, सुखद एवं सफल भविष्य की कामना की।
48 घंटे अघोषित अंधेरे में आठ गांव की आबादी,तीन दिन से टूटकर गिरा पड़ा है एचटी लाइन तार

*चीफ ने पुलिस अधीक्षक से मांगी सुरक्षा

गोंडा।जिले में एचटी लाइन तार टूटने से अधिवक्ता व पत्रकार रंजीत तिवारी की हुई मौत के बाद से नगर कोतवाली क्षेत्र के पोर्टरगंज पथवलिया समेत आठ गावों में पिछले 48 घंटों से विद्युत आपूर्ति ठप है।जिससे लगभग 50 हजार की आबादी अंधेरे में रहने को मजबूर है।बिजली न होने के कारण इन गावों में पानी की टंकियां खाली हो गई हैं,तथा इनवर्टर व मोबाइल फोन डिस्चार्ज हो गये हैं।घरों के आवश्यक कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।रात के समय लोग बिना पंखे,कूलर या एसी के भीषण गर्मी में रहने को मजबूर हैं।बार बार बिजली विभाग के अधिकारियों कर्मचारियों से लोग शिकायत कर रहे हैं परन्तु कोई सुनने के लिए तैयार नहीं है।इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी गुस्सा है।बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को ग्रामीणों के आक्रोश का डर सता रहा है,जिसके कारण वे अभी तक टूटे हुए तार को जोड़ने मौके पर नहीं पहुंचे हैं।स्थिति को देखते हुए बिजली विभाग के मुख्य अभियंता ने पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल को पत्र लिखकर सुरक्षा की मांग किया है।विभाग का कहना है कि सुरक्षा मिलने के बाद ही टूटे हुए तार को जोड़कर विद्युत आपूर्ति बहाल की जा सकेगी।मृतक अधिवक्ता व पत्रकार रंजीत तिवारी के भाई अमरजीत तिवारी ने कहा कि जबतक उनके घर के पास से 11 हजार की एचटी लाइन नहीं हटाई जाती है,तब तक वे तार को जोड़ने नहीं देंगे।उन्होंने नम आखों से कहा कि अब हम अपने परिवार के किसी सदस्य को खोना नहीं चाहते।अमरजीत ने बिजली विभाग पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री से संज्ञान लेने और कठोर कार्यवाही की मांग किया है।बताते चलें कि तीन दिन पहले तार टूटने से रंजीत तिवारी की मौत हो गई थी।
गैर इरादतन हत्या के धाराओं में मुकदमा दर्ज होने के बाद भी आरोपी बिजली विभाग के अधिकारियों की गिरफ्तारी नहीं
*48 घंटे बाद भी नहीं हुआ खुलासा

गोंडा।जिले के नगर कोतवाली में बिजली विभाग के मुख्य अभियंता सहित पांच अधिकारियों पर गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज होने के 48 घंटे बीत जाने के बावजूद अभी तक कोई कार्यवाही नहीं की गयी है।नगर कोतवाली पुलिस ने अभी तक किसी भी नामजद आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया है और न ही गिरफ्तारी के लिए कोई ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से पीड़ित परिजनों के अंदर अत्यधिक नाराजगी है।परिजनों का पुलिस पर आरोप है कि वह गिरफ्तारी के लिए कोई प्रयास नहीं कर रही है और न ही आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों को लगाया गया है।मामले में जब नगर कोतवाल बिंदेश्वरी मणि त्रिपाठी से बात किया गया तो उन्होंने कहा कि वे गिरफ्तारी के संबंध में कुछ नहीं बता सकते और जो भी कार्यवाही होगी उसकी जानकारी दी जाएगी।विधि वेत्ताओं की मानें तो गैर इरादतन हत्या की धाराएं एक गंभीर संज्ञेय और गैर जमानतीय अपराध है।इसमें दस साल तक की कैद या आजीवन कारावास और जुर्माने का प्रावधान है।इतने गंभीर धाराओं में भी गिरफ्तारी न होने से जिला पुलिस प्रशासन पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।मृतक अधिवक्ता व पत्रकार रंजीत तिवारी के परिजन बिजली विभाग के सभी पांचों अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कार्यवाही व गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।परिजनों का कहना है कि 48 घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार क्यों नहीं कर पा रही है।पुलिस क्षेत्राधिकारी नगर आनंद राय ने बताया कि मुकदमा दर्ज होने के बाद नगर कोतवाली पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है।उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने और साक्ष्य इकट्ठा होने के बाद ही गिरफ्तारी की जाएगी।क्षेत्राधिकारी नगर श्री राय ने आश्वासन दिया कि पुलिस टीम पूरी तरह से लगी हुई है और मृतक रंजीत तिवारी के परिजनों के साथ खड़ी है।
गोंडा में थाना समाधान दिवस: एसपी ने सुनी जनसमस्याएं, त्वरित निस्तारण के निर्देश

गोंडा में थाना समाधान दिवस के अवसर पर पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने थाना कोतवाली नगर में जनसुनवाई कर आम जनता की समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को शिकायतों के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए।

जनसुनवाई में कुल 9 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनके समाधान के लिए पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीमों को मौके पर भेजा गया। एसपी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी मामलों का शत-प्रतिशत निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

इसके साथ ही जिले के अन्य थानों में भी समाधान दिवस के तहत प्रभारी निरीक्षकों और थानाध्यक्षों ने फरियादियों की शिकायतें सुनीं और उनके समाधान की प्रक्रिया शुरू कराई।

कार्यक्रम के दौरान राजस्व और पुलिस विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
देवर ने काटे सागौन के एक दर्जन पेड़, भाभी ने वन विभाग से शिकायत करते हुए कार्रवाई की मांग की
गोंडा।जिले के नवाबगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत पारिवारिक विवाद के चलते हरे सागौन के पेड़ काटने का मामला सामने आया है।एक गांव निवासी महिला ने अपने देवर पर खेत में लगे 12 सागौन के पेड़ कटवाकर ले जाने का आरोप लगाया है।पीड़िता के अनुसार उसके घर के पीछे स्थित खेत में सागौन के पेड़ लगे थे।शनिवार भोर में देवर ने कथित तौर पर चोरी छिपे इन पेड़ों को कटवाकर मौके से हटवा दिया,जिसकी जानकारी परिजनों को सुबह हुई।सूचना मिलने पर डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची,जिसने दोनों पक्षों को थाने आने के लिए कहा।इसके बाद भाभी ने वन विभाग को लिखित शिकायत दर्ज कराया है और कार्रवाई की मांग किया है।मामले में क्षेत्रीय वन दरोगा कमल सिंह ने बताया कि शिकायत प्राप्त हुई है।उन्होंने आश्वासन दिया कि घटनास्थल का स्थलीय निरीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही की जाएगी और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
मैरिजहाल के तारकोल गोदाम में लगी आग,5 ड्रम तारकोल जलकर राख
*आग की चपेट में आने से प्लास्टिक ड्रम भी जले

गोंडा।जिले के इटियाथोक थाना क्षेत्र के इटियाथोक बाजार में स्थित परमजीत सिंह ठेकेदार के मैरिज हाल के गोदाम में भीषण आग लग गई।अज्ञात कारणों से लगी इस आग में पांच तारकोल ड्रम व कई प्लास्टिक ड्रम जलकर राख हो गये,जिससे लाखों रुपए का नुकसान हुआ है।स्थानीय लोगों और फायर ब्रिगेड की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।यह घटना इटियाथोक कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत हुई।आग लगने के बाद यह देखते ही देखते यह पास रखे अन्य चार तारकोल ड्रमों तक पहुंच गई और फिर इसने विकराल रूप धारण कर लिया।आग की चपेट में आने से मैरिजहाल के अंदर रखा अन्य सामान भी जलकर राख हो गया।बताया जाता है कि परमजीत सिंह लोक निर्माण विभाग के ठेकेदार हैं।उन्होंने एक साल पहले मैरिजहाल का निर्माण कराया था।लेकिन व्यवसाय न चलने के कारण इसे बंद कर दिया था और इसे अपने गोदाम के रूप में इस्तेमाल कर रहे थे।मामले में इटियाथोक थानाध्यक्ष कमलाकांत त्रिपाठी ने बताया कि आग लगने का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है।उन्होंने स्पष्ट किया कि 4 - 5 तारकोल के ड्रम और कई प्लास्टिक ड्रम पूरी तरह से जल गए हैं।फायर ब्रिगेड की गाड़ियों और स्थानीय लोगों के सहयोग से आग पर काबू पाया गया है।परमजीत सिंह द्वारा नुकसान का आंकलन किया जा रहा है।समय रहते आग बुझा लिया गया है अन्यथा की स्थिति में यदि आसपास आबादी में आग फैल जाती तो बड़ी घटना हो सकती थी।
चार किसानों का छप्पर जलकर राख,हुआ लाखों का नुकसान- आर्थिक सहायता का मिला आश्वासन
*नगदी, जेवर और ई रिक्शा भी जला

गोंडा।जिले के नवाबगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत स्थित तुरकौली गांव में देर रात अज्ञात कारणों से लगी आग से चार किसानों के छप्पर के घर पूरी तरह से जलकर राख हो गये।अज्ञात कारणों से लगी आग से लाखों रुपए की नगदी व एक ई रिक्शा भी जल गया,जिसके कारण किसानों को अत्यधिक नुकसान नहीं हुआ हैं।ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।घटना की सूचना मिलने पर राजस्व विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर नुकसान का आंकलन किया और तरबगंज तहसील को रिपोर्ट भेज दिया।पीड़ित किसानों को तहसील प्रशासन द्वारा आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।आग सबसे पहले तुरकौली गांव निवासी बद्री प्रसाद के छप्पर के घर में लगी।देखते ही देखते आग ने विकराल रुप ले लिया और उनका पूरा छप्पर का मकान जलकर राख हो गया।इस आग में चार्जिंग में लगा ई रिक्शा और उसकी बैट्री पूरी तरह जल गई।उनके घर में रखा लगभग तीन लाख रूपए का सामान जिसमें सोने व चांदी के आभूषण भी शामिल थे,नष्ट हो गए।बद्री प्रसाद के छप्पर से आग फैलकर देवीदीन, रामप्रसाद और पाटनदीन के छप्पर के मकानों तक पहुंच गई।जिससे इन तीनों किसानों के भी छप्पर के मकान और उसमें रखा लाखों रुपए का सामान जलकर राख हो गया।मामले में उपजिलाधिकारी तरबगंज विश्वामित्र सिंह ने बताया कि उन्हें आग लगने की सूचना मिली है और उन्होंने राजस्व विभाग के अधिकारियों को मौके पर भेजकर नुकसान का आंकलन करने का निर्देश दिया है।उपजिलाधिकारी ने बताया कि आपदा राहत कोष के तहत प्रभावित किसानों को आर्थिक मुआवजा उपलब्ध कराया जाएगा।उन्होंने आश्वासन दिया कि तरबगंज तहसील प्रशासन और उत्तर प्रदेश सरकार पीड़ित किसानों के साथ है।
एक ही विभाग की दो अलग अलग जांच रिपोर्ट,करंट के मौत पर रिपोर्टों में विरोधाभास
*दोनों ने कहा अचानक तार टूटकर गिरने से हुई मौत

गोंडा।जिले के नगर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत पथवलिया गांव निवासी अधिवक्ता व पत्रकार रंजीत तिवारी (37) की करंट लगने से हुई मौत अब सवालों के घेरे में है।जिसका कारण बिजली विभाग की दो अलग अलग जांच रिपोर्ट,जिसमें घटना का कारण अलग अलग बताया गया है।एक ही विभाग की दो रिपोर्टों ने न सिर्फ परिवार बल्कि पूरे इलाके को उलझन में डाल दिया है कि आखिर सच क्या है?मुख्य अभियंता की जांच रिपोर्ट के मुताबिक घटना के समय रंजीत तिवारी अपने घर के पास विद्युत लाइन में हो रहे स्पार्किंग की वीडियो बना रहे थे कि तभी तार टूटकर उनके ऊपर गिर गया और उनकी मौके पर ही मौत हो गई तो वहीं दूसरी तरफ तीन अधिकारियों की जांच रिपोर्ट में पूरी कहानी कुछ अलग है।इस रिपोर्ट के अनुसार रंजीत तिवारी घटना के समय अपने घर से दायित्वों के निर्वहन हेतु निकल रहे थे कि तभी तेज हवा के कारण बिजली का तार टूटकर उनके ऊपर गिर गया और विद्युत स्पर्शाघात से उनकी जान चली गई।अर्थात विभाग की एक रिपोर्ट रंजीत तिवारी को मौके पर खड़ा बता रही है तो दूसरी रिपोर्ट में उन्हें रास्ते पर चलते हुए बताया गया है।मुख्य अभियंता की रिपोर्ट में घटना की तकनीकी वजह भी विस्तार से बताई गई है।जिसमें बताया गया है कि रंजीत तिवारी के घर के सामने से लगभग 30 साल पुरानी 11 हजार केवि एचटी लाइन गुजरती है और घर के पास एक जंगल जलेबी का पेड़ है जिसकी दूरी तार से बेहद कम है,तेज हवा के कारण तार पेड़ के तने से टकराया और स्पार्किंग होने लगी।इसी दौरान तार टूटकर नीचे गिर गया तथा रंजीत तिवारी उसकी चपेट में आ गए।हालांकि विभाग ने यह भी दावा किया कि लाइन की उंचाई और सिस्टम मानकों के अनुसार सही था और हाल ही में पेड़ों की छंटाई भी कराई गई थी।यहाँ गौरतलब है कि दोनों रिपोर्ट में एक बात समान है कि किसी भी बिजली विभाग के अधिकारी व कर्मचारी को दोषी नहीं ठहराया गया है।वहीं इसके उलट रंजीत तिवारी के पड़ोसी को जिम्मेदार ठहराया गया है।रिपोर्ट में कहा गया है कि जिस जंगल जलेबी के पेड़ से तार टकराया वह पड़ोसी की जमीन पर था और उसने पेड़ कटवाने का विरोध किया था।विभाग का दावा है कि कई बार कोशिश करने के बावजूद पेड़ की कटाई नहीं हो सकी,जबकि वही पेड़ हादसे की मुख्य वजह बना।अब सवाल उठ रहा है कि यदि खतरा इतना बड़ा था तो विभाग द्वारा वैकल्पिक उपाय क्यों नहीं किया गया।तीन अधिकारियों की संयुक्त रिपोर्ट में मृतक की पत्नी पूजा तिवारी को विभागीय नियमों के तहत मुआवजा देने की सिफारिश की गई है।परन्तु इस पूरे मामले में बड़ा सवाल अभी भी बरकरार है कि क्या यह सिर्फ एक हादसा था या विभागीय लापरवाही?मामले की दो अलग अलग रिपोर्टों ने घटना को और उलझा दिया है।एक ही विभाग के अंदर सच्चाई के दो संस्करण सामने आने से लोगों का भरोसा भी डगमगाया है।स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते पेड़ अथवा लाइन को लेकर ठोस कदम उठाए जाते तो संभवतः एक जान बचाई जा सकती थी।वहीं अब सबकी नजर इस पर है कि प्रशासन इस विरोधाभास को सुलझाकर असली जिम्मेदार तय करता है अथवा रह मामला फाइलों में दबकर रह जाएगा।