विधानसभा चुनाव के बीच सरकार ने क्यों बुलाया संसद का विशेष सत्र, बीजेपी ने सांसदों के लिए व्हिप जारी किया
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‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को लेकर देश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। केंद्र सरकार ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को लेकर मजबूती से आगे बढ़ना चाहती है, इसी वजह से संसद का विशेष सत्र बुलाया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा और राज्यसभा के सभी दलों के नेताओं को पत्र लिखकर इस ऐतिहासिक विधेयक पर समर्थन देने की अपील की है। वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इस पहल पर सवाल उठाते हुए सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग कर दी है।
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16 से 18 अप्रैल तक संसद का विशेष सत्र
महिला आरक्षण (संशोधन) विधेयक पर विचार-विमर्श करने और उसे पारित करने के लिए अगले सप्ताह एक विशेष सत्र बुलाया गया है। सरकार ने बजट सत्र को बढ़ाते हुए 16 से 18 अप्रैल तक संसद का विशेष सत्र बुलाया है। संसद से मंजूरी मिलने के बाद यह कानून 31 मार्च 2029 से लागू होगा और उसी साल होने वाले लोकसभा चुनाव में पहली बार प्रभावी होगा।
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बीजेपी सांसदों के लिए 3 लाइन का व्हिप जारी
बीजेपी ने ने रविवार को लोकसभा और राज्यसभा के सभी सांसदों को 3 लाइन का व्हिप जारी कर 16 से 18 अप्रैल तक संसद में मौजूद रहने को कहा है। इस दौरान किसी को भी छुट्टी नहीं दी जाएगी। इसमें विशेष रूप से केंद्रीय मंत्रियों और सभी सदस्यों को निर्देश दिया गया है कि वे इन तीनों दिनों के दौरान सदन में उपस्थित रहें।
सभी दलों के नेताओं को पत्र लिखकर समर्थन मांगा
वहीं. प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को लोकसभा और राज्यसभा, दोनों सदनों में सभी पार्टियों के सदन के नेताओं को पत्र लिखकर 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' को सर्वसम्मति से पारित कराने के लिए समर्थन मांगा, ताकि 2029 के चुनावों से पहले महिला आरक्षण का कार्यान्वयन सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने लोकसभा और राज्यसभा में सभी दलों के नेताओं को पत्र लिखकर समर्थन का आग्रह किया है। प्रधानमंत्री ने अपने पत्र में कहा कि इस संशोधन को पारित कराने के लिए सभी को एकजुट होना चाहिए। अधिक से अधिक सांसदों को इस विषय पर संसद में अपने विचार रखने चाहिए। उन्होंने इसे किसी एक पार्टी या व्यक्ति से ऊपर का विषय बताया है।
‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ से जुड़ा है मामला
पीएम मोदी ने शनिवार को लिखे गए अपने पत्र में कहा कि 16 अप्रैल से संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर एक ऐतिहासिक चर्चा शुरू होने जा रही है। उन्होंने इसे लोकतंत्र को और मजबूत बनाने तथा सभी को साथ लेकर चलने की प्रतिबद्धता को दोहराने का महत्वपूर्ण अवसर बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि कोई भी समाज तभी प्रगति करता है, जब महिलाओं को आगे बढ़ने, निर्णय लेने और नेतृत्व करने के अवसर मिलते हैं। उन्होंने विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए महिलाओं की पूर्ण भागीदारी को आवश्यक बताया।
कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने की आलोचना
प्रधानमंत्री के पत्र के जवाब में, मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि वह महिला सशक्तिकरण के बजाय राजनीतिक लाभ उठाने के लिए महिला आरक्षण (संशोधन) विधेयक के कार्यान्वयन में जल्दबाजी कर रही है। अपने जवाब में खरगे ने लिखा, "विशेष सत्र विपक्ष को विश्वास में लिए बिना बुलाया गया है और सरकार परिसीमन के संबंध में कोई भी विवरण साझा किए बिना ही एक बार फिर विपक्ष से सहयोग की अपेक्षा कर रही है।" कांग्रेस अध्यक्ष ने मांग की कि अगर इस विशेष सत्र का उद्देश्य हमारे लोकतंत्र को मजबूत करना और सभी को साथ लेकर आगे बढ़ना है, तो सरकार को सुझाव है कि 29 अप्रैल के बाद किसी भी समय एक 'सर्वदलीय बैठक' बुलाए, ताकि परिसीमन के मुद्दे पर चर्चा की जा सके, जिस मुद्दे को 'नारी शक्ति वंदन' अधिनियम में किए जा रहे संशोधन से जोड़ा जा रहा है।






1 hour and 27 min ago
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