आईआईएचएमएफ एवं मंगल भूमि फाउंडेशन के मध्य समझौता ज्ञापन
जल संरक्षण एवं ग्रामीण नवाचार को मिलेगा नया आयाम
प्रयागराज। सतत विकास एवं पारिस्थितिक संतुलन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए इनोवेशन एंड इन्क्यूबेशन हब, एमएनएनआईटी फाउंडेशन (IIHMF) ने मंगल भूमि फाउंडेशन के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। मंगल भूमि फाउंडेशन ग्रामीण क्षेत्रों में तालाब पुनर्जीवन, जल साक्षरता, लघु नदी पुनर्स्थापन एवं सतत आजीविका विकास के क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है।
यह MoU हस्ताक्षर समारोह एमएनएनआईटी परिसर स्थित IIHMF कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित किया गया, जिसमें गणमान्य अतिथियों, संकाय सदस्यों, स्टार्टअप प्रतिनिधियों एवं विभिन्न हितधारकों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
इस अवसर पर MoU पर हस्ताक्षर प्रो. रवि प्रकाश तिवारी, निदेशक, IIHMF एवं डॉ. राम कुमार मिश्रा, मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO), IIHMF द्वारा IIHMF की ओर से तथा श्री रामबाबू तिवारी, अध्यक्ष, मंगल भूमि फाउंडेशन द्वारा किए गए।
अपने उद्बोधन में प्रो. रवि प्रकाश तिवारी ने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों एवं जमीनी स्तर पर कार्यरत संगठनों के बीच इस प्रकार के सहयोग से पर्यावरणीय चुनौतियों का स्थायी एवं प्रभावी समाधान संभव है। उन्होंने जल संरक्षण एवं ग्रामीण विकास के क्षेत्र में इस साझेदारी को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।
डॉ. राम कुमार मिश्रा, CEO, IIHMF ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सहयोग टियर-2 एवं टियर-3 शहरों में नवाचार एवं उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि IIHMF इस पहल के अंतर्गत तकनीकी विशेषज्ञता, अनुसंधान सहयोग एवं इन्क्यूबेशन समर्थन प्रदान करेगा, जिससे जल प्रबंधन एवं पारिस्थितिक संरक्षण से जुड़े स्टार्टअप्स को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने आत्मनिर्भर भारत एवं विकसित भारत 2047 के लक्ष्यों की प्राप्ति में इस प्रकार की साझेदारी की महत्वपूर्ण भूमिका को भी रेखांकित किया।
इस अवसर पर श्री रामबाबू तिवारी, अध्यक्ष, मंगल भूमि फाउंडेशन ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनका संगठन लंबे समय से जल संरक्षण एवं ग्रामीण विकास के लिए कार्यरत है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि IIHMF के साथ यह सहयोग जमीनी स्तर पर चल रही पहलों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं नवाचार से और अधिक प्रभावी बनाएगा।
इस MoU के अंतर्गत दोनों संस्थाएं जल संरक्षण से जुड़े स्टार्टअप्स के इन्क्यूबेशन, पारंपरिक जल स्रोतों पर संयुक्त अनुसंधान एवं दस्तावेजीकरण, प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण कार्यक्रमों का आयोजन, पायलट परियोजनाओं का क्रियान्वयन, ग्रामीण आजीविका संवर्धन तथा जल साक्षरता एवं जलवायु जागरूकता से संबंधित अभियानों पर संयुक्त रूप से कार्य करेंगी।
कार्यक्रम में IIHMF परिवार एवं अन्य सहयोगी सदस्यों की उत्साहपूर्ण भागीदारी रही। इस अवसर पर श्री प्रदीप सिंह, श्री सूरज तिवारी, सुश्री अनीता सिंह एवं सुश्री मोनियो जायसवाल सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे, जिनकी उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ाया।
यह सहयोग जल संरक्षण, ग्रामीण विकास एवं नवाचार आधारित समाधान को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगा।



9 hours ago
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