यूपी कैबिनेट के 22 बड़े फैसले: इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा, स्वास्थ्य और उद्योग को मिलेगी रफ्तार
* बस स्टेशनों के आधुनिकीकरण से लेकर नए विश्वविद्यालय, मेडिकल कॉलेज और पुल निर्माण तक कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी
लखनऊ। योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई उत्तर प्रदेश कैबिनेट बैठक में राज्य के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए 22 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इन फैसलों का उद्देश्य बुनियादी ढांचे को मजबूत करना, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार करना तथा औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देना है।
सबसे प्रमुख निर्णयों में उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के बस स्टेशनों को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत आधुनिक बनाने की योजना शामिल है। पहले चरण में 54 और दूसरे चरण में 49 बस स्टेशनों का कायाकल्प किया जाएगा, जहां होटल, रेस्टोरेंट, मल्टीलेवल पार्किंग जैसी सुविधाएं विकसित होंगी।
परिवहन क्षेत्र में गोरखपुर के खजांची चौराहा और हरदोई के शाहाबाद लिंक पर नए अत्याधुनिक बस स्टेशनों के निर्माण को मंजूरी दी गई है। वहीं कन्नौज और हरदोई के बीच गंगा नदी पर पुल तथा उन्नाव-शुक्लागंज मार्ग पर नारायणी नदी पर नए पुल के निर्माण से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
युवा सशक्तिकरण की दिशा में स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना के तहत 25 लाख टैबलेट वितरण का निर्णय लिया गया है। सरकार अब तक लगभग 60 लाख डिजिटल उपकरण वितरित कर चुकी है, जिससे डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा मिल रहा है।
औद्योगिक विकास के तहत उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास नीति-2022 के अंतर्गत 10 बड़ी कंपनियों को विशेष प्रोत्साहन पैकेज देने और निवेश मित्र पोर्टल के माध्यम से पारदर्शी व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया गया है। साथ ही औद्योगिक इकाइयों के लिए सब्सिडी और टैक्स छूट की प्रक्रिया को और सरल बनाया गया है। एक ऐतिहासिक फैसले में पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, बहराइच और गोंडा के 5070 वनटांगिया परिवारों को जमीन का मालिकाना हक देने की मंजूरी दी गई है, जिससे दशकों पुरानी समस्या का समाधान होगा।
शिक्षा क्षेत्र में ‘एक मंडल-एक विश्वविद्यालय’ नीति के तहत नए राज्य विश्वविद्यालय खोलने का निर्णय लिया गया है। साथ ही गोरखपुर में “उत्तर प्रदेश वानिकी एवं औद्योगिक विश्वविद्यालय” की स्थापना को भी स्वीकृति दी गई है, जो पर्यावरण, वानिकी और तकनीकी शिक्षा पर केंद्रित होगा।
स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए श्रावस्ती में नए मेडिकल कॉलेज के निर्माण को मंजूरी दी गई है, जिसकी लागत लगभग ₹437 करोड़ होगी। यह परियोजना प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत विकसित की जाएगी।
ग्रामीण विकास के तहत 403 ग्राम पंचायतों में औद्योगिक इकाइयों की स्थापना के लिए ₹403 करोड़ की योजना को मंजूरी दी गई है, जिससे स्थानीय रोजगार सृजन और पलायन रोकने में मदद मिलेगी।
इसके अलावा कानपुर देहात में विस्थापित परिवारों के पुनर्वास, राज्य मार्ग-29 के चौड़ीकरण, विश्वविद्यालय अधिनियम में संशोधन और मेडिकल कॉलेजों के संचालन के लिए स्वायत्त सोसाइटी गठन जैसे कई अहम फैसले भी लिए गए। सरकार का कहना है कि ये सभी निर्णय उत्तर प्रदेश को बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य और उद्योग के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे और राज्य के समग्र विकास को गति देंगे।



लखनऊ । बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत की खबर है। Central Electricity Authority ने प्रीपेड स्मार्ट मीटर की अनिवार्यता समाप्त कर दी है। अब सभी नए कनेक्शनों पर स्मार्ट मीटर तो लगाए जाएंगे, लेकिन प्रीपेड या पोस्टपेड मोड का चयन पूरी तरह उपभोक्ताओं की इच्छा पर निर्भर होगा।यह संशोधित आदेश 1 अप्रैल 2026 से लागू कर दिया गया है। इससे पहले कई राज्यों में, खासकर उत्तर प्रदेश में, नए बिजली कनेक्शन पर स्मार्ट प्रीपेड मीटर अनिवार्य रूप से लगाए जा रहे थे, जिसे लेकर उपभोक्ताओं के बीच असंतोष था।
* जनसमस्याओं को लेकर हजारों लोगों का प्रदर्शन, 30 दिन में समाधान न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी
* मंत्री धर्मपाल सिंह ने दिया—निःशुल्क बोरिंग, हरे चारे की व्यवस्था और गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर
* एनटीपीसी के सहयोग से अत्याधुनिक उपकरणों की स्थापना, स्थानीय स्तर पर मिलेगा बेहतर इलाज
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि रंगमंच समाज का दर्पण होता है और यह जनचेतना जगाकर समाज को नई दिशा देने की क्षमता रखता है। उन्होंने कलाकारों से राष्ट्रभक्ति से जुड़े नाटकों के मंचन पर जोर देते हुए कहा कि संवाद, संगीत, स्क्रिप्ट और शब्दों का चयन प्रभावशाली होना चाहिए, ताकि समाज को जोड़ा जा सके।
3 hours ago
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