राँची उपायुक्त का कड़ा रुख: लापरवाही पर अधिकारियों को फटकार, 48 घंटे में शोकॉज के निर्देश

राँची समाहरणालय में आयोजित जनता दरबार में उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने जन समस्याओं की सुनवाई की। इस दौरान कार्यों में शिथिलता और लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए गए।

जनता दरबार के मुख्य फैसले और सख्त कार्रवाई

उपायुक्त ने विभिन्न विभागों से जुड़ी शिकायतों पर त्वरित संज्ञान लेते हुए निम्नलिखित निर्देश जारी किए:

नगड़ी अंचल पर गिरी गाज: एक ही प्लॉट पर म्यूटेशन (दाखिल-खारिज) को लेकर विरोधाभासी निर्णय लेने पर संबंधित कर्मचारी को 48 घंटे के भीतर शोकॉज और आरोप पत्र गठित करने का आदेश दिया गया। साथ ही, म्यूटेशन आवेदन लंबित रखने पर CO, CI और कर्मचारी तीनों से स्पष्टीकरण मांगा गया है।

धोखाधड़ी करने वाले शिक्षक पर कार्रवाई: मानसिक रूप से बीमार व्यक्ति के नाम पर फर्जी खाता खोलकर संपत्ति हड़पने के आरोपी एक सरकारी शिक्षक के वेतन पर रोक लगाने और जांच के निर्देश दिए गए हैं।

शिक्षा विभाग को निर्देश: एक प्रतिष्ठित स्कूल द्वारा छात्र को रिपोर्ट कार्ड के बजाय टीसी (TC) थमाने के मामले में जिला शिक्षा पदाधिकारी को छात्र का भविष्य सुनिश्चित करने और स्कूल पर कार्रवाई का निर्देश दिया गया।

बुजुर्गों और महिलाओं को राहत: आधार सीडिंग की समस्या के कारण रुकी हुई पेंशन का समाधान करने के लिए बैंक को निर्देश दिए गए। साथ ही 'मंईयां सम्मान योजना' के वंचित लाभुकों की समस्याओं के निस्तारण हेतु सामाजिक सुरक्षा विभाग को सक्रिय किया गया।

सोशल मीडिया और समाचार के लिए बेहतरीन हेडलाइंस (Headings)

यहाँ कुछ प्रभावशाली हेडलाइंस दी गई हैं जो आप अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स या न्यूज़ बुलेटिन के लिए उपयोग कर सकते हैं:

सख्त और प्रशासनिक (Administrative Focus)

डीसी राँची का एक्शन मोड: नगड़ी अंचल के लापरवाह कर्मियों पर 48 घंटे में गिरेगी गाज!

म्यूटेशन में खेल करने वालों की खैर नहीं, उपायुक्त ने CO और CI से मांगा स्पष्टीकरण।

जनता दरबार में बरसीं गाज: लापरवाही पर अधिकारियों को शोकॉज, आरोपी शिक्षक का वेतन रोका।

जनता से जुड़ी और राहत वाली (Public Focus)

राँची जनता दरबार: अबुआ साथी व्हाट्सएप और डीसी की चौखट पर मिला शिकायतों का तुरंत समाधान।

स्कूल की मनमानी और पेंशन की समस्या? डीसी मंजूनाथ भजन्त्री ने मौके पर ही दिए समाधान के आदेश।

भोलाराम को मिलेगी पेंशन, छात्रा को अनुकंपा का भरोसा—राँची डीसी ने सुनीं जनता की फरियाद।

शॉर्ट और क्रिस्पी (Short & Catchy)

राँची अपडेट: लापरवाह अफसरों पर डीसी का हंटर!

दाखिल-खारिज में देरी? राँची उपायुक्त ने लगाई अधिकारियों की क्लास।

डीसी राँची का आदेश: काम में कोताही बर्दाश्त नहीं, तुरंत होगा एक्शन।

राँची के निजी स्कूलों की मनमानी खत्म: फीस बढ़ाई तो लगेगा ₹2.5 लाख का जुर्माना!

झारखण्ड शिक्षा न्यायाधिकरण संशोधन अधिनियम 2017 के प्रावधानों के अनुपालन में राँची जिले में निजी विद्यालयों के शुल्क निर्धारण, पारदर्शिता सुनिश्चित करने एवं अभिभावकों की शिकायतों के त्वरित निस्तारण हेतु गठित जिला स्तरीय शुल्क निर्धारण समिति की प्रथम बैठक आज समाहरणालय, ब्लॉक - ए स्थित NIC सभागार में जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त राँची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में आयोजित की गई।

बैठक में सांसद प्रतिनिधि लोकसभा क्षेत्र राँची, लोहरदगा एवं ख़ुटी एवं विधायक प्रतिनिधि विधानसभा क्षेत्र राँची एवं खिजरी एवं जिला परिवहन पदाधिकारी राँची, श्री अखिलेश कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी राँची, श्री विनय कुमार, जिला जन संपर्क पदाधिकारी राँची, श्रीमती उर्वशी पांडेय एवं जिला शिक्षा अधीक्षक राँची, श्री बादल राज एवं सम्बंधित पदाधिकारी एवं सभी स्कूल के प्रतिनिधि, अभिभावक सदस्य उपस्थित थे।

समिति के गठन से अभिभावकों पर पड़ने वाले अनावश्यक आर्थिक बोझ को कम करने और शिक्षा को अधिक सुलभ एवं न्यायसंगत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण

बैठक का मुख्य उद्देश्य निजी विद्यालयों में शुल्क निर्धारण की पारदर्शी प्रक्रिया तय करना, विद्यालयों से संबंधित विभिन्न शिकायतों (जैसे शुल्क, पुस्तकें, परिवहन, पोषाक आदि) के प्रभावी निस्तारण की व्यवस्था करना था। इस समिति के गठन से अभिभावकों पर पड़ने वाले अनावश्यक आर्थिक बोझ को कम करने और शिक्षा को अधिक सुलभ बनाना है।

जिला स्तरीय शुल्क निर्धारण समिति के सदस्य समिति का गठन नियमानुसार निम्नलिखित सदस्यों के साथ किया गया है:

(1) उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी राँची — अध्यक्ष

(2) जिला शिक्षा पदाधिकारी — सदस्य सचिव

(3) जिला परिवहन पदाधिकारी— सदस्य सचिव

(4) जिला शिक्षा अधीक्षक — सदस्य सचिव

(5) सनदी लेखाकार (चार्टर्ड अकाउंटेंट) — सदस्य

(6) निजी विद्यालय के प्राचार्य (02) — सदस्य

(7) राँची जिले के सभी माननीय सांसद — सदस्य

(8) राँची जिले के सभी माननीय विधानसभा सदस्य — सदस्य

(9) अभिभावक सदस्य (02) — सदस्य

बैठक में विस्तृत समीक्षा के प्रमुख बिंदु

बैठक में निजी विद्यालयों के संचालन से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से समीक्षा की गई और निम्नलिखित निर्णय/निर्देश पारित किए गए:

(1) निजी विद्यालयों द्वारा शुल्क निर्धारण

- सभी मान्यता प्राप्त निजी विद्यालय अपनी विद्यालय स्तर की शुल्क समिति की सहमति से 10 प्रतिशत तक शुल्क वृद्धि कर सकते हैं। इसकी सूचना अनिवार्य रूप से जिला स्तरीय शुल्क निर्धारण समिति को देनी होगी।

10 प्रतिशत से अधिक शुल्क वृद्धि के लिए जिला स्तरीय समिति से पूर्व अनुमोदन लेना अनिवार्य होगा।

- शुल्क वृद्धि न्यूनतम दो वर्षों के लिए प्रभावी होगी।

- विद्यालयों को विगत तीन शैक्षणिक सत्रों में कक्षावार लिए गए शुल्क का पूरा विवरण जिला स्तरीय समिति को प्रस्तुत करना अनिवार्य है।

- शैक्षणिक सत्र 2026-27 की कक्षावार शुल्क विवरणी भी अनिवार्य रूप से उपलब्ध करानी होगी।

(2) विद्यालय स्तर पर शुल्क समिति एवं अभिभावक-शिक्षक संघ (PTA) का गठन

- प्रत्येक निजी विद्यालय को विद्यालय स्तर पर शुल्क समिति तथा PTA का गठन अनिवार्य रूप से करना है।

- जिले के अधिकांश विद्यालयों में ये समितियाँ पहले ही गठित हो चुकी हैं और जिला कार्यालय को सूचना दी जा चुकी है।

- शेष विद्यालयों को शीघ्र दोनों समितियों का गठन कर जिला शुल्क समिति को सूचना उपलब्ध करानी होगी।

- शुल्क समिति एवं PTA से संबंधित जानकारी विद्यालय की वेबसाइट तथा सूचनापट्ट पर अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करनी होगी।

(3) पुस्तक मूल्य संबंधी निर्देश

- सभी निजी विद्यालयों को कक्षावार पुस्तक मूल्य विवरण उपलब्ध कराना अनिवार्य है।

- CBSE के पाठ्यक्रम का अनुपालन करने वाले विद्यालय NCERT की पुस्तकों के अतिरिक्त कोई संदर्भ या सहायक पुस्तकें बाध्यकारी नहीं बना सकते।

- पुस्तकों में बदलाव केवल पाँच वर्ष में एक बार या बोर्ड/सक्षम प्राधिकार द्वारा पाठ्यक्रम परिवर्तन की स्थिति में ही किया जा सकेगा।

- विगत वर्ष की पुस्तकें, जिनकी भौतिक स्थिति अच्छी हो, अगले वर्ष भी उपयोग की जा सकती हैं।

(4) परिवहन शुल्क

- परिवहन शुल्क की वृद्धि भी सामान्य शुल्क वृद्धि के प्रावधानों के अंतर्गत ही होगी।

- सभी स्कूल बसों में परिवहन मानकों एवं सुरक्षा मानकों का सख्ती से अनुपालन अनिवार्य है।

(5) पोशाक (यूनिफॉर्म) संबंधी नियम

- पोशाक डिजाइन में बार-बार बदलाव नहीं किया जा सकेगा। कम से कम 05 वर्ष के अंतराल पर PTA की सहमति से ही बदलाव संभव होगा।

- विद्यालय अभिभावकों को किसी विशेष दुकान या विक्रेता से पोशाक खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकेगा।

- विद्यालय भवन या कमरों का उपयोग पोषाक की बिक्री के लिए नहीं किया जा सकेगा।

- अभिभावक खुले बाजार से पोशाक खरीद या सिलवा सकते हैं। विद्यालय को केवल डिजाइन, रंग आदि का विवरण सार्वजनिक करना होगा।

(6) अन्य शुल्क संबंधी स्पष्ट निर्देश

- बस शुल्क सहित कोई भी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष शुल्क (चाहे किसी भी नाम से हो) को मासिक शुल्क में सम्मिलित माना जाएगा। इनकी वृद्धि भी शुल्क निर्धारण प्रावधानों के अधीन ही होगी।

(7) वार्षिक परीक्षा संबंधी

- किसी छात्र को परीक्षा में बैठने से नहीं रोका जा सकेगा।

- परीक्षा के समय कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा।

- छात्र को TC/परित्याग प्रमाण-पत्र/PEN नियमानुसार समय पर उपलब्ध कराया जाएगा।

(8) नामांकन संबंधी

- प्रवेश आवेदन पत्र के लिए केवल युक्तिसंगत एवं वास्तविक लागत के अनुरूप शुल्क लिया जाएगा।

- अगली कक्षा में प्रमोशन के लिए पुनः नामांकन शुल्क नहीं लिया जा सकेगा।

- RTE अधिनियम के अंतर्गत कमजोर एवं वंचित वर्ग के छात्रों के लिए प्रारंभिक कक्षाओं में 25 प्रतिशत सीटें अनिवार्य रूप से भरनी होंगी।

अभिभावक अपनी शिकायत कर अपनी समस्या बता सकते है*

शिकायत लिखित रूप से कमरा संख्या 105, ब्लॉक-ए, समाहरणालय भवन, राँची में जमा की जा सकती है।

क्षेत्र शिक्षा पदाधिकारी राँची सदर सुश्री जुही रानी को शिकायत निवारण हेतु नोडल पदाधिकारी नामित किया गया है।

सर्च ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों का कायराना हमला, चाईबासा में आईईडी ब्लास्ट में सीआरपीएफ जवान जख्मी।

चाईबासा/रांची: झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले स्थित सारंडा के घने जंगलों में नक्सलियों ने एक बार फिर अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए सुरक्षा बलों को निशाना बनाया है। रविवार सुबह एक नियमित सर्च ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों द्वारा प्लांट किए गए आईईडी (IED) विस्फोट में सीआरपीएफ की कोबरा (CoBRA) बटालियन का एक जवान घायल हो गया। घटना के बाद पुलिस मुख्यालय अलर्ट पर है और घायल जवान को बेहतर इलाज के लिए एयरलिफ्ट कर रांची लाने की तैयारी की जा रही है।

सर्च ऑपरेशन के दौरान हुआ धमाका

मिली जानकारी के अनुसार, कोबरा बटालियन के जवान सारंडा के दुर्गम क्षेत्रों में नक्सली ठिकानों को ध्वस्त करने के लिए अभियान चला रहे थे। इसी दौरान नक्सलियों द्वारा जमीन के नीचे छिपाकर रखे गए प्रेशर आईईडी पर जवान का पैर पड़ गया, जिससे जोरदार धमाका हुआ। झारखंड पुलिस के प्रवक्ता और आईजी (अभियान) डॉ. माइकल एस राज ने पुष्टि की है कि जवान को मामूली चोटें आई हैं, लेकिन एहतियात के तौर पर उन्हें सुरक्षित निकालकर रांची भेजने के लिए हेलीकॉप्टर तैनात किया गया है।

इलाके में 'ऑपरेशन क्लीन' जारी

आईजी अभियान ने बताया कि सुरक्षा बलों ने घटनास्थल के पास से एक और जिंदा आईईडी बम बरामद किया है, जिसे बम निरोधक दस्ते ने समय रहते नष्ट कर दिया। एसपी अमित रेणु के अनुसार, यह जांच का विषय है कि विस्फोटक हाल ही में लगाया गया था या यह पुराना प्लांट किया गया बम था। फिलहाल, पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई है और अतिरिक्त बल मौके पर भेज दिए गए हैं।

नक्सलियों की छटपटाहट और बारूद का जाल

सारंडा में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच आर-पार की लड़ाई चल रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि जनवरी महीने में 17 नक्सलियों के मारे जाने के बाद संगठन पूरी तरह टूट चुका है। अपनी जान बचाने और सुरक्षा बलों की रफ्तार रोकने के लिए नक्सलियों ने पूरे जंगल को बारूद के ढेर में तब्दील कर दिया है। पिछले दो महीनों में यह चौथा बड़ा धमाका है। इन घटनाओं में अब तक एक ग्रामीण अपनी जान गंवा चुका है, जबकि कई जवान और ग्रामीण घायल हुए हैं। पुलिस का कहना है कि नक्सलियों की इन कायराना हरकतों के बावजूद अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक सारंडा पूरी तरह नक्सल मुक्त नहीं हो जाता।

रामगढ़: झारखंड इस्पात प्लांट में भीषण फर्नेस ब्लास्ट, 9 मजदूर झुलसे, 7 की हालत नाजुक

जिले के अरगड्डा मोड़ के पास हेसला स्थित झारखंड इस्पात प्लांट प्राइवेट लिमिटेड में सोमवार को हुए भीषण फर्नेस ब्लास्ट ने पूरे इलाके को दहला दिया. इस दर्दनाक हादसे में प्लांट में काम कर रहे 9 मजदूर बुरी तरह झुलस गए, जिनमें से 7 की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है.

फर्नेस के पास ही काम कर रहे थे मजदूर

घटना के बाद मजदूरों, प्रबंधन, स्थानीय लोगों के सहयोग से प्राथमिक उपचार कराकर सभी घायलों को रांची के देवकमल और अन्य अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिसमें से सात लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है. मिली जानकारी के अनुसार, घटना उस समय हुई जब मजदूर फर्नेस के पास नियमित कार्य में लगे हुए थे.

अचानक फर्नेस में तेज धमाका हुआ और देखते ही देखते आग व गर्म धातु की लपटों ने आसपास काम कर रहे मजदूरों को अपनी चपेट में ले लिया. धमाका इतना जबरदस्त था कि पूरे प्लांट में अफरा-तफरी मच गई. किसी तरह घायलों को बाहर निकाला गया. घायलों की पहचान अखिला राय, बृजलाल बेदिया, राजबालन यादव, महेश महतो, अशोक बेदिया, राजू झा उर्फ पंडित जी, छोटू साव, सुरेश बेदिया और इशया के रूप में हुई है.

सुरक्षा मानकों की लापरवाही के कारण हुआ हादसा

सभी घायलों को तत्काल रांची रोड स्थित होप अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल मजदूरों को रांची के सहित अन्य अस्पतालों में रेफर कर दिया गया. डॉक्टरों के अनुसार 7 मजदूरों की हालत बहुत गंभीर है. वे 80 से 90 प्रतिशत तक झुलस चुके हैं. सभी गंभीर घायलों को बेहतर इलाज के लिए रांची के देवकमल अस्पताल रेफर कर दिया गया है.

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि धमाका इतना तेज था कि आसपास के इलाके में दहशत फैल गई. वहीं, घटना के बाद प्लांट प्रबंधन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. स्थानीय लोगों और मजदूरों ने आरोप लगाया है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण यह हादसा हुआ है.

घटना के बाद प्लांट गेट पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और लोगों की भीड़ जुट गई. रामगढ़ नगर परिषद के उपाध्यक्ष रणधीर गुप्ता ने मौके पर पहुंचकर कड़ी नाराजगी जताई है. उन्होंने कहा कि इतने बड़े प्लांट में एंबुलेंस तक की व्यवस्था नहीं होना बेहद शर्मनाक है. घायलों को स्थानीय लोगों के सहयोग से अस्पताल पहुंचाना पड़ा, जो प्रबंधन की बड़ी लापरवाही को दर्शाता है.

फिलहाल पुलिस और प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है. प्रारंभिक तौर पर तकनीकी खराबी या सुरक्षा में चूक को हादसे की वजह माना जा रहा है. हालांकि वास्तविक कारण जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा. फिलहाल लोग गेट के पास पहुंचकर घटना का विरोध कर रहे हैं. मौके पर पुलिस प्रशासन भी मौजूद है, ताकि किसी तरह का कोई उपद्रव न हो सके.

रामगढ़ थाना प्रभारी नवीन प्रकाश पांडे ने बताया कि इस्पात प्लांट में हादसा हुआ है. जिसमें कई मजदूरों के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना है. सभी को बेहतर इलाज के लिए रांची भेजा गया है. स्थानीय लोगों द्वारा विरोध जारी है. जिसे देखते हुए पुलिस मौके पर तैनात है.

असम के आदिवासियों के न्याय का मुद्दा राजनीति से ऊपर: हेमंत सोरेन

झारखंड के मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन ने रविवार को एक्स पोस्ट के जरिए कहा - असम की धरती पर एक ऐसा सच दबा दिया गया है, जिसे जितना कहा जाए, सबको बताया जाए, उतना कम है।

असम के चाय बागानों में पीढ़ियों से रह रहे आदिवासी समाज को आज तक एसटी का संवैधानिक दर्जा नहीं मिला। यह सामान्य चूक नहीं है, यह राष्ट्रीय स्तर का अन्याय है। एक ऐसा अन्याय, जिसे इतिहास कभी माफ़ नहीं करेगा।

उन्होंने कहा कि सोचिए, जिन लोगों को अंग्रेज़ों ने उनके घरों से दूर लाकर इस मिट्टी से बांध दिया, जिन्होंने अपने खून-पसीने से असम की अर्थव्यवस्था खड़ी की, उन्हीं को आज तक उनके अस्तित्व की मान्यता नहीं दी गई।

आजादी के बाद भी दशकों तक सरकारें बदलती रहीं, नेतृत्व बदलता रहा, लेकिन इस समाज का दर्द नहीं बदला। सबसे पीड़ादायक बात यह है कि जिन्होंने बड़े-बड़े वादे किए, उन्होंने भी इस मुद्दे को अपनी प्राथमिकता नहीं बनाया। यहां तक कि सत्ता में बैठी पार्टियों ने भी इसे अपने घोषणापत्र तक में जगह नहीं दी।

मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन ने कहा क्या यह सवाल नहीं उठना चाहिए कि आख़िर एक पूरे समाज को उसके संवैधानिक अधिकार से वंचित क्यों रखा गया?

जब तक न्याय अधूरा है, तब तक लोकतंत्र भी अधूरा है

मैं यह स्पष्ट कहना चाहता हूं - यह मुद्दा राजनीति से ऊपर है। यह न्याय, सम्मान और पहचान का सवाल है। असम के आदिवासी समाज को अब और इंतज़ार नहीं कराया जा सकता।

उन्हें उनका अधिकार मिलना ही चाहिए - पूरा अधिकार, संवैधानिक अधिकार, और सम्मान के साथ। अब समय आ गया है कि देश इस अन्याय को स्वीकार करे और उसे ठीक करे।

क्योंकि जब तक न्याय अधूरा है, तब तक लोकतंत्र भी अधूरा है।

झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना अंतर्गत रांची जिला के लाभुकों को सम्मान राशि का भुगतान*

राज्य सरकार के महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना अंतर्गत रांची जिले में लाभुकों के मध्य मार्च महीने की सम्मान राशि का भुगतान कर दिया गया है। योजना के तहत जिले की कुल 3 लाख 89 हजार 296 महिलाओं के बैंक खातों में आधार बेस्ड डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से 2500 रुपये प्रति लाभुक की दर से कुल 97 करोड़ 32 लाख 40 हजार रुपये की राशि का भुगतान कर दिया गया है।

मार्च माह में विभिन्न प्रखंड एवं शहरी क्षेत्रों में भुगतान की स्थिति निम्न है :-

अनगड़ा – 16,701 लाभुक

अरगोड़ा शहरी क्षेत्र – 13360 लाभुक

बड़गाईं शहरी क्षेत्र – 9,683 लाभुक

बेड़ो – 20,571 लाभुक

बुण्डू – 8,440 लाभुक

बुण्डू नगर पंचायत – 3,502 लाभुक

बुढ़मू – 17816 लाभुक

चान्हो – 19,699 लाभुक

हेहल शहरी क्षेत्र – 15,245 लाभुक

ईटकी – 10,334 लाभुक

कांके – 31,548 लाभुक

कांके शहरी क्षेत्र – 1,313 लाभुक

खलारी – 9,580 लाभुक

लापुंग – 11,342 लाभुक

माण्डर – 23,079 लाभुक

नगड़ी – 17,856 लाभुक

नगड़ी शहरी क्षेत्र – 8250 लाभुक

नामकुम – 17847 लाभुक

नामकुम शहरी क्षेत्र – 9489 लाभुक

ओरमांझी – 18,147 लाभुक

राहे – 9,522 लाभुक

रातू – 18,545 लाभुक

सिल्ली – 21,120 लाभुक

सोनाहातू – 13,036 लाभुक

तमाड़ – 18,491 लाभुक

सदर शहरी क्षेत्र – 24,780 लाभुक

जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन, रांची द्वारा यह सुनिश्चित किया गया है कि सभी पात्र लाभुकों को योजना का लाभ समय पर एवं पारदर्शी तरीके से प्राप्त हो। संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया है कि भुगतान प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की त्रुटि या विलंब न हो तथा यदि किसी लाभुक को राशि प्राप्ति में समस्या हो तो उसका त्वरित समाधान किया जाए, जिला प्रशासन इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।

भाजपा मनाएगी अपना 47वाँ स्थापना दिवस: झारखंड के लाखों घरों पर लहराएगा 'कमल' का झंडा।


रांची: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) आगामी 6 अप्रैल 2026 को अपना 47वाँ स्थापना दिवस पूरे झारखंड प्रदेश में धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाएगी। इस अवसर पर पार्टी ने जमीनी स्तर तक कार्यकर्ताओं को एकजुट करने और मोदी सरकार की जनहितकारी नीतियों को जन-जन तक पहुँचाने का व्यापक लक्ष्य रखा है।

हर घर फहराएगा पार्टी का ध्वज

स्थापना दिवस कार्यक्रम के संयोजक सह प्रदेश मीडिया प्रभारी योगेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि 6 अप्रैल को पार्टी के लाखों समर्पित कार्यकर्ता और समर्थक अपने-अपने घरों पर गौरव के साथ पार्टी का ध्वज लगाएंगे। यह अभियान न केवल कार्यकर्ताओं के उत्साह को दर्शाएगा, बल्कि जनता के बीच पार्टी की सक्रियता का संदेश भी देगा।

विकास यात्रा और उपलब्धियों पर विमर्श

पार्टी की योजना के अनुसार, प्रदेश और जिला मुख्यालयों में विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इन सभाओं में निम्नलिखित विषयों पर चर्चा होगी:

भाजपा की विचारधारा, गौरवशाली इतिहास और अब तक की विकास यात्रा।

पिछले 12 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किए गए ऐतिहासिक कार्य और उपलब्धियां।

विभिन्न भाजपा शासित राज्यों में चलाए जा रहे लोक कल्याणकारी कार्यों का ब्यौरा।

दिग्गज नेताओं की उपस्थिति

रांची स्थित प्रदेश कार्यालय में मुख्य कार्यक्रम पूर्वाह्न 11:00 बजे आयोजित होगा। इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सह सांसद आदित्य साहू, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, और संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहेंगे।

आत्मनिर्भर भारत का संकल्प

योगेंद्र प्रताप सिंह ने जोर देकर कहा कि 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को सिद्धि तक पहुँचाने में देश के करोड़ों कार्यकर्ताओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। स्थापना दिवस के माध्यम से पार्टी अपने कार्यकर्ताओं को नए जोश के साथ सेवा और राष्ट्र निर्माण के कार्यों में जुटने का आह्वान करेगी।

भाजपा विचारधारा आधारित पार्टी, युवा भारत की ताकत : आदित्य साहू

भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित मिलन समारोह कार्यक्रम में हटिया विधानसभा अन्तर्गत रांची ग्रामीण पश्चिमी जिला से युवा समाजसेवी सुमित साहू के नेतृत्व में सैकड़ों लोगों ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। प्रदेश अध्यक्ष श्री आदित्य साहू और नेता प्रतिपक्ष श्री बाबूलाल मरांडी ने भाजपा में शामिल होने वाले सभी लोगों का पार्टी का पट्टा पहनाकर उनका भव्य स्वागत किया।

इस मौके पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष श्री आदित्य साहू ने कहा कि भाजपा विचारधारा आधारित पार्टी है। युवा भारत की ताकत हैं, भविष्य हैं। देश और राज्य को सजाने-संवारने की जिम्मेवारी आप पर ही है। युवा और समाज का हर तबका भारतीय जनता पार्टी को जितना मजबूत करेगा, उनका भविष्य उतना ही उज्जवल होगा। समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की किरण पहुंचें, उनके चेहरे पर मुस्कान बिखेरी जाय, भाजपा का यही मूलमंत्र है। गरीब परिवार में जन्म लेने वाले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इसी मूलमंत्र को आत्मसात करते हुए 11 वर्षा से अधिक समय से देश के 140 करोड़ जनता की सेवा करते आ रहे हैं।

श्री साहू ने हेमंत सरकार पर प्रहार करते हुए कहा कि अभी झारखंड में हाहाकार मचा हुआ है और मुख्यमंत्री सहित पूरी सरकार असम में बैठी हुई है। हेमंत सरकार झारखंड के आदिवासियों का कल्याण तो नहीं कर पायें और असम के आदिवासी समाज के उत्थान की झूठी डीेंगे हांक रहे हैं। सरकार और पुलिस का फोकस कानून व्यवस्था में सुधार करने की बजाय वसूली पर है। जेएमएम, कांग्रेस के लोग भला गरीबों की पीड़ा क्या समझेंगे ?

श्री साहू ने कहा कि नरेन्द्र मोदी की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ हर वर्ग को मिला है। नरेन्द्र मोदी जैसे विराट व्यक्तित्व के नेतृत्व में सेवा करने का अवसर हम भाजपा कार्यकर्ताओं को मिला है, यह सौभाग्य की बात है। भाजपा की विचारधारा को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए पार्टी का एक-एक कार्यकर्ता संकल्पित है।

वहीं मौके पर नेता प्रतिपक्ष श्री बाबूलाल मरांडी ने कहा कि पार्टी के स्थापना दिवस के ठीक एक दिन पूर्व इतनी बड़ी संख्या में युवाओं के द्वारा पार्टी में शामिल होना काफी महत्वपूर्ण है। यह दर्शाता है कि पार्टी लगातार मजबूत हो रही है और आगे बढ़ रही है। इन युवाओं के योगदान से पार्टी को मजबूती मिलेगी।

श्री मरांडी ने कहा कि झारखंड में जब भी भाजपा की सरकार रही, विकास के नये आयाम स्थापित हुए। सड़क, पुल-पुलिया, बिजली हो, सभी क्षेत्र में काम हुए। देश में जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बने तब उन्होंने गांवों, किसानों, मजदूरों, युवाओं की, महिलाओं यानि सभी वर्गो की चिंता की। वहीं इस प्रदेश में जो वर्तमान सरकार है वह हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है। झारखंड में कानून व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है। पुलिस वसूली में लगी हुई है। हेमंत सरकार काम करने की बजाय केवल कमाने और राज्य को लूटने में व्यस्त है।

विधानसभा में मुख्य सचेतक सह हटिया विधायक श्री नवीन जयसवाल ने कहा कि भाजपा देश ही नहीं पूरी दुनियां की सबसे बड़ी पार्टी है। देश के युवाओं का रूझान इस दल के प्रति होना स्वाभाविक है। इन युवाओं के पार्टी में शामिल होने से केवल हटिया विधानसभा में ही नहीं बल्कि पूरे राज्य में पार्टी को मजबूती मिलेगी।

वहीं पार्टी की सदस्यता लेने वाले सुमित साहू ने कहा कि भाजपा में शामिल होना सौभाग्य की बात है। भाजपा ही एकमात्र ऐसी पार्टी है जो राष्ट्रहित और देशहित की बात करती है।

पार्टी की सदस्यता लेने वालों में निशांत, गौरव मोनू, बिक्कू, राज, राजेश सिंह, अमित, जीतू, शशि स्मिथ, शिवम चौबे, रोहित, रवि, शुभम, मनीष सिंह, शिव लखन प्रसाद, राम लखन प्रसाद, अमन, इंद्रजीत, प्रिंस, सचिन, शुभम, आदित्य, उदित, अभिषेक, कोमल, श्रेष्ठ , विनायक, उत्तम, अभिनंदन, राज पाठक, शिवम पांडे, यश, हर्ष, मनी, सिद्धू, रमन, हर्षित, कृष, विवेक, युवराज, सौरव, हरि ओम, रवि रंजन, मुकेश ठाकुर सहित अन्य नाम शामिल हैं।

कार्यक्रम का संचालन पार्टी के प्रदेश मीडिया सह प्रभारी श्री योगेन्द्र प्रताप सिंह ने किया। जबकि इस मौके पर रांची ग्रामीण पश्चिमी के अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह, पूर्व मंडल अध्यक्ष सुबोध साहू, रवि उरांव, शिवम पांडे, इन्द्रजीत सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

आनंद महिंद्रा हुए झारखंड की सुंदरता के कायल: बोले— "भारत का अनकहा रहस्य है यह राज्य, बादलों की पहाड़ियों में बसा है स्वर्ग।"

रांची: प्रसिद्ध उद्योगपति और महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने झारखंड की प्राकृतिक सुंदरता की सराहना करते हुए इसे भारत का एक “अनकहा रहस्य” (Unspoken Secret) बताया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (ट्विटर) पर किए गए उनके एक पोस्ट ने देश के पर्यटन मानचित्र पर झारखंड को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। महिंद्रा ने पारंपरिक पर्यटन स्थलों जैसे गोवा, राजस्थान और हिमाचल की तुलना में झारखंड की "अनटच्ड ब्यूटी" को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बताया।

मेघहातुबुरु: बादलों की गोद में बसा स्वर्ग

आनंद महिंद्रा ने विशेष रूप से पश्चिमी सिंहभूम स्थित मेघहातुबुरु की मनमोहक तस्वीरें साझा कीं। उन्होंने इसे “बादलों की पहाड़ी” (Hill of Clouds) संबोधित करते हुए बताया कि 700 पहाड़ियों वाले 'सारंडा जंगल' के बीच समुद्र तल से 4,300 फीट की ऊंचाई पर स्थित यह स्थान किसी जादुई दुनिया से कम नहीं है। उन्होंने यहां के सूर्यास्त (Sunset Point) को प्रकृति प्रेमियों के लिए वास्तविक स्वर्ग करार दिया। इसके साथ ही उन्होंने नेतरहाट की पहाड़ियों, बेतला नेशनल पार्क, बैद्यनाथ धाम की दिव्यता और हुंडरू फॉल्स के रोमांच का भी उल्लेख किया।

झारखंड सरकार ने जताया आभार

महिंद्रा के इस पोस्ट पर झारखंड के पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार ने त्वरित प्रतिक्रिया देते हुए राज्य सरकार की ओर से उनका आभार व्यक्त किया। मंत्री ने कहा, "मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की दूरदर्शी सोच के तहत हम झारखंड को एक 'यूनिक और सोलफुल' टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में विकसित कर रहे हैं।"

सरकार फिलहाल राज्य के प्रमुख स्थलों तक बेहतर कनेक्टिविटी, आधुनिक गेस्टहाउस, लग्जरी रिसॉर्ट्स और विशेष रूप से ‘इको-टूरिज्म’ को बढ़ावा देने पर काम कर रही है। सरकार की प्राथमिकता ग्रामीण पर्यटन को भी सशक्त बनाना है ताकि स्थानीय युवाओं को रोजगार मिले और सैलानी झारखंड की समृद्ध आदिवासी संस्कृति से रूबरू हो सकें।

पर्यटन क्षेत्र में नई उम्मीदें

आनंद महिंद्रा जैसे प्रभावशाली व्यक्तित्व द्वारा की गई इस प्रशंसा से राज्य के पर्यटन विभाग में भारी उत्साह है। जानकारों का मानना है कि इस वैश्विक प्रचार से आने वाले समय में झारखंड में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की संख्या में बड़ा इजाफा होगा। अपनी शुद्ध आबोहवा और घने जंगलों के कारण झारखंड अब प्रकृति प्रेमियों की पहली पसंद बनने की राह पर है।

झारखंड में 'असम' की आंच: सरयू राय ने हेमंत सोरेन को दिया 'बिना शर्त' समर्थन का ऑफर, क्या कांग्रेस से नाता तोड़ेगी झामुमो?

रांचीः असम चुनाव ने झारखंड में सियासी तनाव बढ़ा दिया है. खासकर, झामुमो के असम चुनाव में ताल ठोकने के बाद. आलम यह है कि सत्ताधारी दल झामुमो और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग शुरु हो गई है.

झामुमो नेता सुप्रियो भट्टाचार्य कांग्रेस की तुलना विषैले सांप से कर चुके हैं. इसके जवाब में कांग्रेस प्रदेश प्रभारी के. राजू ने अपनी ही सरकार को हर मोर्चे पर फेल करार देते हुए कई सवाल खड़े कर चुके हैं.

इस बीच जदयू विधायक सरयू राय ने एक बयान देकर झारखंड की राजनीति को नई हवा दे दी है. उन्होंने सुझाव दिया है कि झामुमो को कांग्रेस और भाजपा से अलग सरकार बना लेनी चाहिए. ऐसा होता है तो वे सरकार को बिना शर्त समर्थन देने को तैयार हैं. लिहाजा, हेमंत सोरेन को हिम्मत दिखानी चाहिए.

क्या है सरयू राय का फॉर्मूला और सुझाव

जदयू विधायक सरयू राय ने 3 अप्रैल को धनबाद में कहा है कि झामुमो के पास 34 विधायक हैं. अगर कांग्रेस को हटा दें तो झामुमो को राजद के 04 विधायकों और भाकपा माले के 02 विधायकों का समर्थन हासिल है. यह आंकड़ा 40 हो जाता है. 81 सदस्यों वाली विधानसभा में बहुमत के लिए 41 विधायकों के समर्थन की जरुरत है. अगर झामुमो ऐसा करता है तो वे खुद बिना शर्त सरकार को समर्थन देने को तैयार हैं.

जदयू विधायक ने कहा कि कांग्रेस ने असम चुनाव में झामुमो को हिस्सेदारी नहीं दी. बिहार चुनाव में भी ऐसा ही हुआ था. ऐसे में झामुमो को नये विकल्प पर विचार करना चाहिए. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि हवा का रुख कब बदल जाए, यह कहना मुश्किल है. ऐसा नहीं होना चाहिए कि असम चुनाव के बाद सीएम फिर कांग्रेस नेताओं से मिलें और कह दें कि अब हमारी सारी गलतफहमी दूर हो गई है.

उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस प्रभारी के. राजू यह कह रहे हैं कि झारखंड के अफसर माइनिंग माफिया के दबाव में काम कर रहे हैं तो यह सीधे तौर पर हेमंत सोरेन पर हमला है. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि असम में झामुमो के चुनाव लड़ने से भाजपा को टी-ट्राइब वोट का नुकसान होगा.

सरयू राय के सुझाव पर वरिष्ठ पत्रकार मधुकर का तर्क

वरिष्ठ पत्रकार मधुकर का मानना है कि भाजपा किसी न किसी रुप में झामुमो को कांग्रेस से अलग करना चाहती है. अगर कांग्रेस से हटकर झामुमो सरकार बनाती है तो चुनौतियां और बढ़ जाएंगी. क्योंकि ज्यादा लोगों को संतुष्ट करना होगा. लिहाजा, ऐसी सरकार को चलाना मुश्किल हो जाएगा.

इसलिए कांग्रेस के बगैर झामुमो को सरकार चलाना मुश्किल होगा. यह भी समझना चाहिए कि झामुमो और भाजपा का वोट बैंक अलग है. वहीं झामुमो और कांग्रेस का वोट बैंक एक है. इससे दोनों को फायदा होगा. आगे चलकर फिर सीबीआई और ईडी की इंट्री हो तो अलग बात होगी.

वरिष्ठ पत्रकार मधुकर के मुताबिक भाजपा हर हाल में सरकार के करीब जाना चाहती है. क्योंकि पिछले कुछ वर्षों में हेमंत सोरेन बहुत मजबूत हुए हैं. हेमंत सोरेन को इस बात की अच्छी समझ होगी कि बिहार में नीतीश कुमार के साथ क्या हुआ. रही बात सुप्रियो और के. राजू के बयान की तो ऐसी बयानबाजी चलती रहती है.

बिहार में भाजपा और जदयू के बीच भी बयानबाजी होती थी लेकिन सरकार चलती रही. क्योंकि वहां विकल्प ही नहीं था. ऐसे में सरयू राय के ऑफर के बावजूद झामुमो इस लोभ में आएगा, ऐसा नहीं लगता. रही बात असम कि तो खाता खुलना या ना खुलना अलग मैटर है लेकिन वहां झामुमो की पैठ बनेगी. मधुकर के मुताबिक हालिया बयानबाजी के प्रेशर पॉलिटिक्स के रुप में देखना चाहिए और कुछ नहीं.

वरिष्ठ पत्रकार चंदन मिश्रा का आकलन

सरयू राय के सुझाव पर ईटीवी भारत की टीम ने वरिष्ठ पत्रकार चंदन मिश्रा का पक्ष लिया. उन्होंने दो टूक कहा कि क्या सरयू राय पार्टी लाइन से अलग होकर झामुमो सरकार को समर्थन दे सकते हैं. वे कौन होते हैं ऐसा कहने वाले. वे तो जदयू के विधायक हैं. वे फैसला नहीं ले सकते. क्या झारखंड जदयू अध्यक्ष खीरू महतो ऐसा कह रहे है. खास बात है कि कांग्रेस और झामुमो में संबंध विच्छेद तो हुआ नहीं है. फिर कहां से नई सरकार की बात आ रही है. यह अलग बात है कि कांग्रेस और झामुमो के बीच जुबानी जंग हुई है. यह भी देखना चाहिए कि इस मैटर पर टॉप लीडर कुछ नहीं बोल रहा है.

चंदन मिश्रा का कहना है कि राजद ने बिहार में झामुमो को सहयोग नहीं दिया था. फिर भी राजद यहां की सरकार में शामिल है. उस वक्त कहा गया था राजद के खिलाफ कार्रवाई होगी लेकिन हुआ कुछ नहीं. क्योंकि झामुमो का सामने मजबूरी थी. चंदन मिश्रा ने कहा कि क्या हेमंत बोल सकते हैं कि उनको कांग्रेस का समर्थन नहीं चाहिए. मुझे लगता है कि सिर्फ असम चुनाव तक दोनों पार्टियां एक दूसरे पर थोड़ी छिंटाकशी करेंगी. फिर सबकुछ शांत हो जाएगा. यह भी समझना होगा कि हेमंत सोरेन को हिमंता विस्वा से चिढ़ थी. क्योंकि झारखंड चुनाव में हिमंता सक्रिय थे. इसलिए हेमंत सोरेन अब असम में अपनी ताकत दिखा रहे हैं. अगर झामुमो को जीतने की चाहत होती तो कांग्रेस के साथ मिलकर लड़ते.

कांग्रेस प्रभारी ने क्या आरोप लगाए

पिछले दिनों कांग्रेस प्रदेश प्रभारी के. राजू ने कहा था कि राज्य के सरकारी स्कूलों में 70 हजार शिक्षकों के पद रिक्त हैं. सोनुआ में आदिवासी समाज के बच्चे सरकारी स्कूलों के बजाए प्राइवेट स्कूलों का रुख कर रहे हैं. सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था लचर हो गई है. माइनिंग लॉ की आड़ में लोगों पर अन्याय हो रहा है. अधिकारी मनमानी कर रहे हैं. कांग्रेस नेता का घर तोड़ दिया गया. कोल बियरिंग एक्ट के तहत जमीन अधिग्रहण का मुआवजा नहीं मिल रहा है. हर जिला में कांग्रेस कार्यकर्ता लोगों की समस्याओं से प्रशासन को अवगत करा रहे हैं. इस काम को कांग्रेस गंभीरता से आगे लेकर जाएगी.

झामुमो ने कांग्रेस को दिया था ये सुझाव

कांग्रेस प्रभारी द्वारा अपनी ही सरकार के खिलाफ बयानबाजी पर झामुमो प्रवक्ता मनोज पांडेय ने प्रतिक्रिया दी थी. उन्होंने कहा था कि गठबंधन में रहकर इस तरह के बयान से जनता के बीच गलत संदेश जाता है. इस गठबंधन पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा. उन्हें सीएम से मिलकर अपनी बात रखनी चाहिए. तब कांग्रेस ने कहा था कि कांग्रेस तो सिर्फ जमीन अधिग्रहण कानून, 2013 का सही तरीके से डीसी के स्तर पर पालन नहीं कराया जाता है तो कांग्रेस की जिम्मेदारी है कि आंदोलन कर इन बातों से सरकार को अवगत कराएं.