आईआईएम लखनऊ में अधिकारियों को ‘बिज़नेस ट्रेनिंग’, निवेश बढ़ाने को इन्वेस्ट यूपी की पहल
* जिलास्तर पर निवेश प्रोत्साहन को रफ्तार देने के लिए पाँच दिवसीय क्षमता-विकास कार्यशाला शुरू
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में निवेश को बढ़ावा देने और जिलास्तरीय औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के उद्देश्य से इन्वेस्ट यूपी ने भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) लखनऊ में पाँच दिवसीय ‘क्षमता-विकास कार्यशाला’ का आयोजन शुरू किया है। कार्यक्रम के पहले बैच का शुभारंभ सोमवार को हुआ, जिसमें प्रदेश के विभिन्न जिलों से उद्योग विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
इस प्रशिक्षण में जिला उद्योग केंद्रों (DIC) के उपायुक्त, संयुक्त आयुक्त, क्षेत्रीय प्रबंधक और औद्योगिक विकास प्राधिकरणों के नोडल अधिकारी शामिल हैं। कार्यक्रम का उद्देश्य जिला स्तर पर निवेश प्रोत्साहन प्रणाली को अधिक प्रभावी, परिणामोन्मुख और निवेशक-हितैषी बनाना है।
उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए आलोक कुमार (अपर मुख्य सचिव, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास) ने कहा कि प्रदेश के विकास में जिलास्तरीय नेतृत्व की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने अधिकारियों को आधुनिक प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अपनाने और निवेशकों को सुगम वातावरण उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को लीडरशिप, रणनीतिक सोच, वित्तीय साक्षरता और प्रभावी संवाद कौशल जैसे विषयों पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। साथ ही प्रशासनिक कार्यों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के उपयोग पर भी विशेष फोकस रखा गया है।
इस अवसर पर इन्वेस्ट यूपी की अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी प्रेरणा शर्मा, आईआईएम लखनऊ के डीन प्रो. संजय सिंह और कार्यक्रम निदेशक प्रो. क्षितिज अवस्थी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 1 मई 2026 तक तीन चरणों में आयोजित किया जाएगा, जिसमें कुल 122 अधिकारी प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। कार्यक्रम से उम्मीद है कि राज्य में ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को और मजबूती मिलेगी और निवेश आकर्षित करने में तेजी आएगी।
2 hours and 42 min ago
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