मंत्री ए.के. शर्मा के प्रयासों से मऊ जिला अस्पताल को बड़ी सौगात, 62 लाख से विकसित होंगी आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं
* एनटीपीसी के सहयोग से अत्याधुनिक उपकरणों की स्थापना, स्थानीय स्तर पर मिलेगा बेहतर इलाज

लखनऊ/ मऊ। उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए के शर्मा के प्रयासों से जनपद मऊ में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। उनके विशेष प्रयासों के फलस्वरूप NTPC Limited के सहयोग से जिला अस्पताल मऊ में 62.10 लाख रुपये की लागत से अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
इस योजना के तहत अस्पताल में इको मशीन, सी-आर्म मशीन, लेप्रोस्कोपी उपकरण और वेंटिलेटर सहित कई आधुनिक चिकित्सा उपकरण स्थापित किए जाएंगे। इन सुविधाओं के उपलब्ध होने से मरीजों को अब जटिल ऑपरेशन और गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए बड़े शहरों की ओर जाने की आवश्यकता नहीं होगी। स्थानीय स्तर पर ही गुणवत्तापूर्ण उपचार मिलने से समय और धन दोनों की बचत होगी, साथ ही मरीजों को त्वरित राहत भी मिल सकेगी।
मंत्री ए.के. शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार की प्राथमिकता हर नागरिक को सस्ती, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने विश्वास जताया कि मऊ में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की यह पहल मील का पत्थर साबित होगी और आमजन को सीधा लाभ पहुंचाएगी।
उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार के बीच बेहतर समन्वय को इस उपलब्धि का प्रमुख कारण बताते हुए कहा कि इसी के चलते जनकल्याणकारी योजनाएं धरातल पर उतर रही हैं। एनटीपीसी द्वारा दिया गया सहयोग सामाजिक दायित्व का उत्कृष्ट उदाहरण है, जो क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूती देगा।
मंत्री श्री शर्मा ने इस कार्य के लिए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तथा एनटीपीसी प्रबंधन के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शीर्ष नेतृत्व के मार्गदर्शन और सहयोग से ही इस प्रकार के विकास कार्य संभव हो पा रहे हैं, जो आम जनता के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में सहायक हैं।
योगी आदित्यनाथ बोले— रंगमंच समाज का दर्पण, राष्ट्रनायकों पर नाटक से बढ़ेगी जनचेतना
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि रंगमंच समाज का दर्पण होता है और यह जनचेतना जगाकर समाज को नई दिशा देने की क्षमता रखता है। उन्होंने कलाकारों से राष्ट्रभक्ति से जुड़े नाटकों के मंचन पर जोर देते हुए कहा कि संवाद, संगीत, स्क्रिप्ट और शब्दों का चयन प्रभावशाली होना चाहिए, ताकि समाज को जोड़ा जा सके।
मुख्यमंत्री रविवार को भारतेंदु नाट्य अकादमी में 5 से 12 अप्रैल तक आयोजित स्वर्ण जयंती नाट्य समारोह का शुभारंभ कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने अकादमी के विकास के लिए छात्रावास निर्माण सहित अन्य प्रस्तावों पर सकारात्मक आश्वासन दिया।
सीएम ने कहा कि आनंदमठ जैसे साहित्यिक कार्य राष्ट्रभक्ति और ऐतिहासिक चेतना को जागृत करते हैं। उन्होंने बंगाल अकाल और स्पेनिश फ्लू जैसी त्रासदियों का उल्लेख करते हुए कहा कि संवेदनशील सरकार ही संकटों से प्रभावी ढंग से निपट सकती है।
उन्होंने कहा कि एक समय समाज में गलत चरित्रों को नायक के रूप में प्रस्तुत किया गया, जिसका दुष्प्रभाव पड़ा। अब समय है कि महाराज सुहेलदेव, रानी लक्ष्मीबाई, चंद्रशेखर आजाद जैसे राष्ट्रनायकों पर आधारित नाटकों को बढ़ावा दिया जाए।
सीएम योगी ने कहा कि भारतीय समाज अपनी परंपरा और संस्कृति का सम्मान करना जानता है, जिसका उदाहरण रामायण की लोकप्रियता है। उन्होंने स्थानीय स्तर पर नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से वीर-वीरांगनाओं की गाथाओं को जन-जन तक पहुंचाने की अपील की।
उन्होंने भारतेंदु हरिश्चंद्र को आधुनिक हिंदी का प्रणेता बताते हुए उनके नाटकों और साहित्यिक योगदान को जनजागरण का सशक्त माध्यम बताया। साथ ही रामधारी सिंह दिनकर की रचनाओं पर 24 अप्रैल से लखनऊ में होने वाले त्रिदिवसीय आयोजन की जानकारी भी दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से नई और पुरानी पीढ़ी को जोड़ने की आवश्यकता है, जिससे समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सके।
यूपी बोर्ड का सख्त फैसला: अब सिर्फ अधिकृत किताबों से होगी पढ़ाई, अनधिकृत पुस्तकों पर कार्रवाई तय

* सत्र 2026-27 से नई व्यवस्था लागू, सभी स्कूलों के लिए आदेश अनिवार्य

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और एकरूप बनाने के लिए यूपी बोर्ड ने बड़ा निर्णय लिया है। सत्र 2026-27 से प्रदेश के सभी राजकीय, सहायता प्राप्त और निजी विद्यालयों में केवल अधिकृत पुस्तकों से ही पढ़ाई कराई जाएगी। अनधिकृत पुस्तकों के उपयोग पर सख्त कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए हैं।
यह आदेश इंटरमीडिएट शिक्षा अधिनियम के तहत जारी किया गया है, जिसके अंतर्गत जिला एवं मंडल स्तर के अधिकारियों को निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
नई व्यवस्था के अनुसार, कक्षा 9 और 10 के लिए अंग्रेजी, गणित और विज्ञान विषयों की निर्धारित किताबें अनिवार्य कर दी गई हैं। वहीं कक्षा 11 और 12 के लिए 36 विषयों की अधिकृत पुस्तकें लागू होंगी। इसके साथ ही राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) की 70 किताबें पूरे प्रदेश में प्रचलन में लाई गई हैं। हिंदी, संस्कृत और उर्दू की 12 चयनित पुस्तकों को भी इस सूची में शामिल किया गया है।
छात्रों और अभिभावकों को जागरूक करने के लिए सभी विद्यालयों में पुस्तक जागरूकता शिविर आयोजित किए जाएंगे। साथ ही, छात्रों को ये किताबें सस्ती दरों पर उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की जाएगी।
पुस्तकों के मुद्रण और वितरण के लिए तीन एजेंसियों को अधिकृत किया गया है, जिससे समय पर और सुगम आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वाले संस्थानों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
अखिलेश यादव का सरकार पर बड़ा हमला: ‘प्रीपेड भुगतान के बाद भी नहीं मिल रही बिजली’
* किरायेदारों और गरीबों की मुश्किलें बढ़ीं, गैस संकट के बीच बिजली व्यवस्था पर उठाए सवाल

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने बिजली व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाते हुए आम जनता की परेशानियों को उजागर किया।
अखिलेश यादव ने कहा कि प्रीपेड भुगतान करने के बावजूद लोगों को बिजली के लिए भटकना पड़ रहा है, जो व्यवस्था की बड़ी विफलता को दर्शाता है। उन्होंने खास तौर पर किरायेदारों की समस्या का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि उन्हें पहले से ही बिजली का भुगतान एडवांस में करना पड़ता है।
उन्होंने यह भी कहा कि बिजली न मिलने के कारण गरीब वर्ग को वैकल्पिक साधनों पर अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति और कमजोर हो रही है।
अखिलेश यादव ने गैस संकट का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे समय में बिजली की कमी होना सरकार की बड़ी नाकामी है। उन्होंने प्रदेश सरकार से इस समस्या का जल्द समाधान करने की मांग की है, ताकि आम जनता को राहत मिल सके।
लखनऊ पुलिस ने अंतरराज्यीय नकली सिगरेट तस्करी का भंडाफोड़ किया, दो आरोपी गिरफ्तार
लखनऊ: जोन पश्चिमी के थाना पारा और अपराध शाखा की संयुक्त टीम ने अंतरराज्यीय नकली सिगरेट तस्करी के दो शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार अभियुक्त शादाब अली (30) और शोएब अली (32) मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के निवासी हैं।

पुलिस के अनुसार, अभियुक्तों के कब्जे से 3940 डिब्बी नकली सिगरेट बरामद हुई हैं, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 10 लाख रुपये है। इसके साथ ही घटना में प्रयुक्त एक चारपहिया वाहन भी जब्त किया गया।

पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया कि वे दिल्ली और मध्य प्रदेश से नकली सिगरेट लाकर उत्तर प्रदेश, बिहार और अन्य राज्यों में बेचते थे। आरोपी फोन पर ऑर्डर लेकर तय जगह पर सिगरेट की सप्लाई करते थे। इस बार पकड़ा गया माल लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों में बेचा जाना था।

पुलिस आयुक्त लखनऊ अमरेन्द्र कुमार सेंगर के निर्देशन और अपर पुलिस उपायुक्त अपराध के मार्गदर्शन में की गई इस कार्रवाई में थाना पारा और क्राइम ब्रांच की टीमों ने सक्रिय भूमिका निभाई। गिरफ्तार अभियुक्तों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही शुरू कर दी गई है।

मुख्य बिंदु:

अपराध शाखा और थाना पारा की संयुक्त कार्रवाई
3940 डिब्बी नकली सिगरेट जब्त (कीमत लगभग 10 लाख)
चारपहिया वाहन बरामद
दोनों आरोपी अंतरराज्यीय सिगरेट तस्करी गिरोह के सदस्य
‘साधना सप्ताह’ के तहत शिक्षा सेवा चयन आयोग में सामूहिक परिचर्चा आयोजित
उप


* मिशन कर्मयोगी पर विशेष सत्र, कार्मिकों ने कौशल विकास और दक्षता बढ़ाने का लिया संकल्प

प्रयागराज/लखनऊ। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज में ‘साधना सप्ताह’ के अंतर्गत एक सामूहिक परिचर्चा का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशान्त कुमार के निर्देशन में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में ‘विकसित भारत 2047’ की परिकल्पना के तहत मिशन कर्मयोगी पर विशेष सत्र आयोजित किया गया, जिसमें अधिकारियों एवं कर्मचारियों को iGOT Karmayogi Portal पर उपलब्ध विभिन्न पाठ्यक्रमों, अधिगम मॉड्यूल्स एवं कौशल विकास कार्यक्रमों की जानकारी दी गई।
अधिकारियों ने बताया कि मिशन कर्मयोगी का उद्देश्य सरकारी कार्मिकों की क्षमता और दक्षता में व्यापक सुधार लाना है। इस अवसर पर सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने संकल्प लिया कि वे निर्धारित समय-सीमा में अधिक से अधिक पाठ्यक्रम पूर्ण कर अपनी कार्यकुशलता को सुदृढ़ करेंगे।
भारत सरकार और उत्तर प्रदेश शासन द्वारा 2 अप्रैल से 8 अप्रैल 2026 तक आयोजित ‘साधना सप्ताह’ के अंतर्गत प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी के लिए न्यूनतम 4 घंटे का प्रशिक्षण पूरा करना अनिवार्य किया गया है। साथ ही एआई से संबंधित कम से कम 3 पाठ्यक्रम पूर्ण करने पर ‘एआई दक्षता बैज’ तथा iGOT Marketplace पर एक पाठ्यक्रम पूरा करने पर ‘कर्मयोगी उत्कर्ष बैज’ प्रदान किया जाएगा। इसके अतिरिक्त कम से कम एक एआई कोर्स पूरा करना अनिवार्य रखा गया है।
परिचर्चा में मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत उपलब्ध हजारों ऑनलाइन पाठ्यक्रमों के माध्यम से कौशल उन्नयन, कार्य दक्षता और डिजिटल क्षमता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। आयोग ने यह भी घोषणा की कि उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कार्मिकों को पुरस्कृत किया जाएगा।
प्रयागराज में ‘जनता दर्शन’ में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सुनीं जन समस्याएं

* अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश—शिकायतों का समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें

लखनऊ/प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने शनिवार को सर्किट हाउस प्रयागराज में आयोजित ‘जनता दर्शन’ कार्यक्रम के दौरान दूर-दराज से आए नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। इस अवसर पर बड़ी संख्या में लोगों ने व्यक्तिगत, सामाजिक, राजस्व, पुलिस एवं विकास कार्यों से जुड़ी शिकायतें प्रस्तुत कीं।
उप मुख्यमंत्री ने प्रत्येक फरियादी की समस्या को संवेदनशीलता के साथ सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी शिकायतों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर, समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जन समस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि शिकायतों का निस्तारण पूर्ण पारदर्शिता के साथ किया जाए और शिकायतकर्ता को समय पर उसकी समस्या के समाधान की जानकारी दी जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए प्रतिबद्ध है और ‘जनता दर्शन’ जैसे कार्यक्रम सरकार और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का प्रभावी माध्यम हैं।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार की प्राथमिकता है कि हर नागरिक को योजनाओं का लाभ मिले और उसकी समस्याओं का शीघ्र समाधान हो। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे जन शिकायतों के निस्तारण में संवेदनशीलता और जवाबदेही का परिचय दें, जिससे आमजन का विश्वास और अधिक मजबूत हो सके।
जोन-7 में औचक निरीक्षण: लापरवाही पर गिरी गाज, जुर्माना और निलंबन की कार्रवाई


* प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना व महापौर सुषमा खर्कवाल ने भूतनाथ, इंदिरा नगर, स्माइलगंज व बाबू जगजीवन राम वार्ड में परखी स्वच्छता व्यवस्था

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री व लखनऊ के प्रभारी मंत्री सुरेश कुमार खन्ना और महापौर सुषमा खर्कवाल ने शनिवार को नगर निगम के जोन-7 के अंतर्गत आने वाले विभिन्न वार्डों का औचक निरीक्षण कर स्वच्छता व्यवस्था की जमीनी हकीकत परखी। इस दौरान नगर आयुक्त गौरव कुमार सहित नगर निगम के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

* भूतनाथ मार्केट में सख्ती और कार्रवाई
सुबह करीब 7 बजे निरीक्षण की शुरुआत भूतनाथ मार्केट से की गई, जहां भूतनाथ मेट्रो स्टेशन के नीचे स्थित सार्वजनिक शौचालय की खराब स्थिति पर मंत्री ने नाराजगी जताई और केयरटेकर को फटकार लगाई। डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन में अनियमितता मिलने पर अधिकारियों को व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए गए।
कॉलोनी क्षेत्र में सफाई न मिलने पर एसएफआई संचिता मिश्रा के दो दिन के वेतन कटौती के आदेश दिए गए। साथ ही मदर स्वच्छकार इंटरप्राइजेज पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया और बीट इंचार्ज दयाराम को निलंबित कर दिया गया।

* इंदिरा नगर में गंदगी पर कड़ा रुख
इंदिरा नगर वार्ड में मुख्य मार्गों, नालियों और सार्वजनिक स्थलों पर गंदगी मिलने पर मंत्री और महापौर ने कड़ी नाराजगी जताई। अरविंदो पार्क के पीछे कूड़ा मिलने पर लखनऊ स्वच्छता अभियान (एलएसए) पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। वहीं बीट इंचार्ज राम मनोज और एसएफआई रूपेंद्र भास्कर के वेतन में कटौती के निर्देश दिए गए।

* स्माइलगंज में निलंबन और जुर्माना
स्माइलगंज प्रथम वार्ड में निरीक्षण के दौरान सफाई व्यवस्था खराब मिलने पर बीट इंचार्ज बृजेश को निलंबित किया गया। साथ ही लायन सिक्योरिटी गार्ड सर्विसेज पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। सड़क पर लोहे की रॉड मिलने पर 24 घंटे के भीतर उसे हटाने के निर्देश दिए गए।

* बाबू जगजीवन राम वार्ड में भी समीक्षा
प्रभारी मंत्री ने बाबू जगजीवन राम वार्ड में भी डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन, रोड स्वीपिंग और नालियों की सफाई व्यवस्था की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को व्यवस्थाएं और बेहतर बनाने के निर्देश दिए।

* सख्त चेतावनी
प्रभारी मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि लखनऊ की स्वच्छता और नागरिक सुविधाएं सर्वोच्च प्राथमिकता हैं और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
वहीं महापौर सुषमा खर्कवाल ने कहा कि नगर निगम स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है और फील्ड स्तर पर निगरानी बढ़ाई जा रही है। उन्होंने नागरिकों से भी शहर को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने में सहयोग की अपील की।
लखनऊ में रंगमंच का स्वर्णिम पर्व: भारतेंदु नाट्य अकादमी की 50वीं वर्षगांठ का भव्य आगाज़ आज

* मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे उद्घाटन, 5 से 12 अप्रैल तक देश-विदेश के कलाकारों की प्रस्तुतियां

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक राजधानी लखनऊ स्थित भारतेंदु नाट्य अकादमी (बीएनए) अपनी स्थापना के 50 वर्ष पूर्ण होने पर 5 से 12 अप्रैल तक स्वर्ण जयंती समारोह का भव्य आयोजन करने जा रही है। समारोह का उद्घाटन 5 अप्रैल को प्रातः 11 बजे अकादमी परिसर स्थित राज बिसारिया प्रेक्षागृह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा किया जाएगा।
अकादमी के अध्यक्ष डॉ. रतिशंकर त्रिपाठी और निदेशक बिपिन कुमार ने प्रेस वार्ता में बताया कि यह आयोजन अकादमी की गौरवशाली यात्रा और रंगमंच में उसके योगदान का उत्सव है।
वर्ष 1975 में महान साहित्यकार भारतेंदु हरिश्चंद्र की स्मृति में स्थापित इस अकादमी में 1976 से नाट्य प्रशिक्षण शुरू हुआ। 1981 में दो वर्षीय डिप्लोमा पाठ्यक्रम प्रारंभ होने के बाद यह देश के प्रमुख नाट्य संस्थानों में शामिल हो गई। संस्थापक अध्यक्ष अमृत लाल नागर और संस्थापक निदेशक राज बिसारिया का योगदान विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा।
अकादमी में अभिनय, वॉइस एवं स्पीच, माइम, स्टेज क्राफ्ट, लाइट डिजाइन, निर्देशन और प्रोडक्शन सहित रंगमंच के विभिन्न आयामों में प्रशिक्षण दिया जाता है। आधुनिक स्टूडियो थिएटर, ऑडिटोरियम, पुस्तकालय और ऑडियो-विजुअल सुविधाओं से लैस यह संस्थान नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा के बाद देश का दूसरा प्रमुख नाट्य प्रशिक्षण केंद्र माना जाता है।
समारोह को भव्य बनाने के लिए पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने तैयारियों का निरीक्षण किया। आयोजन के दौरान देश-विदेश के ख्यातिप्राप्त कलाकार प्रतिदिन दो शिफ्ट में नाट्य प्रस्तुतियां देंगे। 10 अप्रैल को राज्यपाल की उपस्थिति भी प्रस्तावित है।
अकादमी प्रशासन ने आमजन, रंगकर्मियों और कला प्रेमियों से अपील की है कि वे इस ऐतिहासिक आयोजन में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर इसे सफल बनाएं। यह समारोह भारतीय रंगमंच की समृद्ध परंपरा और उज्ज्वल भविष्य का प्रतीक बनेगा।
खनन राजस्व में रिकॉर्ड बढ़ोतरी, मार्च में 780 करोड़ की प्राप्ति

* 7150 करोड़ के वार्षिक लक्ष्य पर फोकस, अवैध खनन पर जीरो टॉलरेंस नीति सख्त

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के भूतत्त्व एवं खनिकर्म विभाग ने खनन राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज करते हुए मार्च माह में तय लक्ष्य से कहीं अधिक राजस्व प्राप्त किया है। विभाग की सचिव एवं निदेशक श्रीमती माला श्रीवास्तव के अनुसार, 600 करोड़ रुपये के लक्ष्य के सापेक्ष 780 करोड़ रुपये से अधिक राजस्व अर्जित किया गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में बड़ी उपलब्धि है।
उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 7150 करोड़ रुपये का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए विभाग ने रणनीतिक कार्ययोजना तैयार करते हुए सभी जनपदीय और क्षेत्रीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि राजस्व प्राप्ति सर्वोच्च प्राथमिकता पर सुनिश्चित की जाए।
श्रीमती श्रीवास्तव ने कहा कि अवैध खनन, अवैध परिवहन और ओवरलोडिंग पर स्रोत स्तर से ही प्रभावी नियंत्रण के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए IoT आधारित RFID चेकगेट्स और वाहन ट्रैकिंग सिस्टम का व्यापक उपयोग किया जा रहा है। प्रदेश में 40,000 से अधिक वाहनों में लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस लगाए गए हैं, जिससे खनिज परिवहन की लाइव मॉनिटरिंग संभव हो रही है।
इसके साथ ही Photo Geology एवं Remote Sensing (PGRS) तकनीक के माध्यम से सैटेलाइट इमेजरी का उपयोग कर नए खनन क्षेत्रों की पहचान और मौजूदा क्षेत्रों की निगरानी की जा रही है। इससे अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हुआ है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जीरो टॉलरेंस नीति के तहत अवैध खनन और संबंधित गतिविधियों पर कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। विभागीय अधिकारियों को नियमित छापेमारी अभियान चलाने, राजस्व वसूली की सतत समीक्षा करने और ई-गवर्नेंस के जरिए पारदर्शिता बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
श्रीमती माला श्रीवास्तव ने कहा कि आधुनिक तकनीक, सख्त निगरानी और समन्वित प्रयासों के चलते न केवल अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगा है, बल्कि राजस्व वृद्धि के नए आयाम भी स्थापित हुए हैं। उन्होंने अधिकारियों से आह्वान किया कि पूर्ण पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करते हुए निर्धारित लक्ष्य को समयबद्ध रूप से हासिल करें, जिससे प्रदेश के विकास कार्यों को और गति मिल सके।