खनन राजस्व में रिकॉर्ड बढ़ोतरी, मार्च में 780 करोड़ की प्राप्ति
* 7150 करोड़ के वार्षिक लक्ष्य पर फोकस, अवैध खनन पर जीरो टॉलरेंस नीति सख्त
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के भूतत्त्व एवं खनिकर्म विभाग ने खनन राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज करते हुए मार्च माह में तय लक्ष्य से कहीं अधिक राजस्व प्राप्त किया है। विभाग की सचिव एवं निदेशक श्रीमती माला श्रीवास्तव के अनुसार, 600 करोड़ रुपये के लक्ष्य के सापेक्ष 780 करोड़ रुपये से अधिक राजस्व अर्जित किया गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में बड़ी उपलब्धि है।
उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 7150 करोड़ रुपये का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए विभाग ने रणनीतिक कार्ययोजना तैयार करते हुए सभी जनपदीय और क्षेत्रीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि राजस्व प्राप्ति सर्वोच्च प्राथमिकता पर सुनिश्चित की जाए।
श्रीमती श्रीवास्तव ने कहा कि अवैध खनन, अवैध परिवहन और ओवरलोडिंग पर स्रोत स्तर से ही प्रभावी नियंत्रण के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए IoT आधारित RFID चेकगेट्स और वाहन ट्रैकिंग सिस्टम का व्यापक उपयोग किया जा रहा है। प्रदेश में 40,000 से अधिक वाहनों में लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस लगाए गए हैं, जिससे खनिज परिवहन की लाइव मॉनिटरिंग संभव हो रही है।
इसके साथ ही Photo Geology एवं Remote Sensing (PGRS) तकनीक के माध्यम से सैटेलाइट इमेजरी का उपयोग कर नए खनन क्षेत्रों की पहचान और मौजूदा क्षेत्रों की निगरानी की जा रही है। इससे अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हुआ है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जीरो टॉलरेंस नीति के तहत अवैध खनन और संबंधित गतिविधियों पर कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। विभागीय अधिकारियों को नियमित छापेमारी अभियान चलाने, राजस्व वसूली की सतत समीक्षा करने और ई-गवर्नेंस के जरिए पारदर्शिता बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
श्रीमती माला श्रीवास्तव ने कहा कि आधुनिक तकनीक, सख्त निगरानी और समन्वित प्रयासों के चलते न केवल अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगा है, बल्कि राजस्व वृद्धि के नए आयाम भी स्थापित हुए हैं। उन्होंने अधिकारियों से आह्वान किया कि पूर्ण पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करते हुए निर्धारित लक्ष्य को समयबद्ध रूप से हासिल करें, जिससे प्रदेश के विकास कार्यों को और गति मिल सके।
3 hours ago
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