खनन राजस्व में रिकॉर्ड बढ़ोतरी, मार्च में 780 करोड़ की प्राप्ति

* 7150 करोड़ के वार्षिक लक्ष्य पर फोकस, अवैध खनन पर जीरो टॉलरेंस नीति सख्त

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के भूतत्त्व एवं खनिकर्म विभाग ने खनन राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज करते हुए मार्च माह में तय लक्ष्य से कहीं अधिक राजस्व प्राप्त किया है। विभाग की सचिव एवं निदेशक श्रीमती माला श्रीवास्तव के अनुसार, 600 करोड़ रुपये के लक्ष्य के सापेक्ष 780 करोड़ रुपये से अधिक राजस्व अर्जित किया गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में बड़ी उपलब्धि है।
उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 7150 करोड़ रुपये का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए विभाग ने रणनीतिक कार्ययोजना तैयार करते हुए सभी जनपदीय और क्षेत्रीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि राजस्व प्राप्ति सर्वोच्च प्राथमिकता पर सुनिश्चित की जाए।
श्रीमती श्रीवास्तव ने कहा कि अवैध खनन, अवैध परिवहन और ओवरलोडिंग पर स्रोत स्तर से ही प्रभावी नियंत्रण के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए IoT आधारित RFID चेकगेट्स और वाहन ट्रैकिंग सिस्टम का व्यापक उपयोग किया जा रहा है। प्रदेश में 40,000 से अधिक वाहनों में लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस लगाए गए हैं, जिससे खनिज परिवहन की लाइव मॉनिटरिंग संभव हो रही है।
इसके साथ ही Photo Geology एवं Remote Sensing (PGRS) तकनीक के माध्यम से सैटेलाइट इमेजरी का उपयोग कर नए खनन क्षेत्रों की पहचान और मौजूदा क्षेत्रों की निगरानी की जा रही है। इससे अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हुआ है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जीरो टॉलरेंस नीति के तहत अवैध खनन और संबंधित गतिविधियों पर कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। विभागीय अधिकारियों को नियमित छापेमारी अभियान चलाने, राजस्व वसूली की सतत समीक्षा करने और ई-गवर्नेंस के जरिए पारदर्शिता बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
श्रीमती माला श्रीवास्तव ने कहा कि आधुनिक तकनीक, सख्त निगरानी और समन्वित प्रयासों के चलते न केवल अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगा है, बल्कि राजस्व वृद्धि के नए आयाम भी स्थापित हुए हैं। उन्होंने अधिकारियों से आह्वान किया कि पूर्ण पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करते हुए निर्धारित लक्ष्य को समयबद्ध रूप से हासिल करें, जिससे प्रदेश के विकास कार्यों को और गति मिल सके।
वाराणसी से “स्कूल चलो अभियान-2026” का शुभारंभ करेंगे सीएम योगी आदित्यनाथ
* शत-प्रतिशत नामांकन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर जोर, दो चरणों में चलेगा अभियान

लखनऊ/वाराणसी।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को वाराणसी स्थित कंपोजिट विद्यालय, शिवपुर से नए शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए “स्कूल चलो अभियान-2026” का भव्य शुभारंभ करेंगे। कार्यक्रम का आयोजन सुबह 9:30 बजे होगा, जिसका सीधा प्रसारण दूरदर्शन और मुख्यमंत्री के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर किया जाएगा।
बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने अभियान के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रदेश के भविष्य को संवारने का संकल्प है। उन्होंने बताया कि लक्ष्य है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे और शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए अधिकारियों को घर-घर जाकर अभिभावकों को जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं।
महानिदेशक, स्कूल शिक्षा मोनिका रानी के अनुसार यह अभियान दो चरणों में संचालित होगा। पहला चरण 1 अप्रैल से 15 अप्रैल तक और दूसरा चरण 1 जुलाई से 15 जुलाई तक चलेगा। इस दौरान नामांकन बढ़ाने, निशुल्क पाठ्य-पुस्तकों, यूनिफॉर्म और बैग वितरण के साथ-साथ व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
विद्यालयों में सांस्कृतिक कार्यक्रम, रैलियां और जनप्रतिनिधियों के संबोधन के माध्यम से शिक्षा के प्रति सकारात्मक वातावरण बनाया जाएगा। साथ ही, नामांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता और डीबीटी के माध्यम से मिलने वाली सुविधाओं का समय पर लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्य कार्यक्रम के समानांतर प्रदेश के सभी जिलों में जिलाधिकारियों की अध्यक्षता में विशेष आयोजन होंगे, जिनमें जनप्रतिनिधियों, अभिभावकों और प्रबुद्ध वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। अभियान के समापन पर रैलियों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए शिक्षा के प्रति जागरूकता का संदेश दिया जाएगा।
कुशीनगर बौद्ध कॉन्क्लेव 2026 में 3,000 करोड़ निवेश की संभावना, वैश्विक स्तर पर बढ़ी पहचान
* 2300 से अधिक प्रतिनिधियों और 300 विदेशी मेहमानों की भागीदारी, पर्यटन को मिलेगा नया आयाम

लखनऊ/ कुशीनगर । कुशीनगर में आयोजित इंटरनेशनल बौद्ध कॉन्क्लेव 2026 का समापन व्यापक भागीदारी और बड़े निवेश की संभावनाओं के साथ हुआ। तीन दिवसीय इस आयोजन ने उत्तर प्रदेश को वैश्विक बौद्ध पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया।
भगवान बुद्ध के महापरिनिर्वाण स्थल पर आयोजित इस कॉन्क्लेव में 2,300 से अधिक श्रद्धालु एवं पर्यटक शामिल हुए। इनमें 2,000 से अधिक भिक्षु, विद्वान, नीति-निर्माता और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ शामिल थे, जबकि 300 से अधिक विदेशी मेहमान थाईलैंड, जापान, म्यांमार, भूटान और नेपाल जैसे देशों से पहुंचे।
कॉन्क्लेव के दौरान पर्यटन से जुड़े क्षेत्रों में लगभग 3,000 करोड़ रुपये के निवेश की संभावनाएं सामने आईं। होटल एवं रिजॉर्ट कंपनियों, रियल एस्टेट डेवलपर्स, बायो-सीएनजी और फूड प्रोसेसिंग उद्योगों ने कुशीनगर में निवेश को लेकर गहरी रुचि दिखाई। साथ ही, दो नए टाउनशिप विकसित करने की योजना पर भी विचार किया गया, जिससे क्षेत्रीय विकास को गति मिलने की उम्मीद है।
इस दौरान इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि बौद्ध पर्यटन को केवल तीर्थयात्रा तक सीमित न रखकर इसे सांस्कृतिक आदान-प्रदान, स्थानीय व्यापार और सतत विकास से जोड़ा जाए। कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की बेहतर कनेक्टिविटी और सुविधाओं को भी प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया, जिससे विदेशी पर्यटकों की संख्या में वृद्धि की संभावना है।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार के प्रयासों से कुशीनगर अब आस्था के साथ-साथ निवेश का भी प्रमुख केंद्र बन रहा है। उन्होंने बताया कि इस आयोजन से प्राप्त निवेश प्रस्ताव पर्यटन, होटल, परिवहन और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्रों में तेजी लाएंगे और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
अपर मुख्य सचिव, पर्यटन, संस्कृति एवं धार्मिक कार्य विभाग अमृत अभिजात ने बताया कि प्रदेश का बौद्ध सर्किट लगातार सशक्त हो रहा है। वर्ष 2025 में राज्य के छह प्रमुख बौद्ध स्थलों पर 82 लाख से अधिक पर्यटक पहुंचे, जो इसकी बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है।
राज्य सरकार इन निवेश प्रस्तावों को जल्द अमल में लाने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे कुशीनगर के समग्र विकास को नई दिशा मिलेगी।
फ्यूचर आइकॉन्स कप में JCA XI की धमाकेदार जीत, NJS Telibagh को 114 रन से हराया

* करण सिंह की शानदार पारी और अजीत की घातक गेंदबाजी से टीम की मजबूत दावेदारी

लखनऊ। फ्यूचर आइकॉन्स 50 ओवर कप सीजन-1 के तीसरे मुकाबले में JCA XI ने शानदार प्रदर्शन करते हुए NJS Telibagh को 114 रन से हराकर बड़ी जीत दर्ज की।
पहले बल्लेबाजी करते हुए JCA XI ने निर्धारित 50 ओवरों में 307 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। टीम की ओर से करण सिंह ने 83 रनों की बेहतरीन पारी खेली, जबकि आशुतोष (51) और प्रिंस पटेल (67) ने भी महत्वपूर्ण योगदान देकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया।
जवाब में लक्ष्य का पीछा करने उतरी NJS Telibagh की टीम 193 रनों पर सिमट गई। टीम की ओर से अमन सिंह ने 53 रन बनाकर संघर्ष किया, जबकि वंश सिंह ने 28 रनों का योगदान दिया, लेकिन अन्य बल्लेबाज टिक नहीं सके।
JCA XI के गेंदबाजों ने पूरे मैच में दबदबा बनाए रखा। खासकर अजीत ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 4 विकेट झटके और विपक्षी टीम की कमर तोड़ दी। करण सिंह को उनके बेहतरीन प्रदर्शन के लिए ‘मैन ऑफ द मैच’ चुना गया। इस जीत के साथ JCA XI ने टूर्नामेंट में अपनी मजबूत दावेदारी पेश कर दी है।
मऊ : हनुमान सेतु (पीपा पुल) का लोकार्पण, 30 हजार लोगों को मिली बड़ी राहत

* ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा बोले—यह शुरुआत, जल्द बनेगा स्थायी पक्का पुल

लखनऊ/मऊ । नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने मऊ जनपद के दौरे के दौरान तमसा नदी स्थित हनुमान घाट पर निर्मित हनुमान सेतु (पीपा पुल) का विधिवत लोकार्पण कर क्षेत्रवासियों को बड़ी सौगात दी। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और बड़ी संख्या में नागरिकों की उपस्थिति रही।
लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि यह पुल केवल अस्थायी व्यवस्था नहीं, बल्कि क्षेत्र के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने घोषणा की कि जल्द ही यहां एक स्थायी एवं मजबूत पक्का पुल भी बनाया जाएगा, जिससे क्षेत्र के लोगों को दीर्घकालिक सुविधा मिल सके।
मंत्री ने बताया कि इस पुल के निर्माण से लगभग 30 हजार से अधिक लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। खासकर ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों के लिए आवागमन अब पहले से अधिक सुगम हो जाएगा, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार विकास को अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी क्रम में क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति और बेहतर प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। नगर विकास विभाग द्वारा लगाई गई आधुनिक स्ट्रीट लाइटों की गुणवत्ता की सराहना मुख्यमंत्री द्वारा भी की गई है।
मंत्री ए.के. शर्मा ने भरोसा दिलाया कि सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाएं हर नागरिक तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि जो क्षेत्र अब तक विकास से अछूते थे, वहां भी तेजी से कार्य किए जा रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान स्थानीय नागरिकों ने मंत्री का स्वागत करते हुए उनके प्रयासों की सराहना की और क्षेत्र में विकास कार्यों के लिए आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।
05 अप्रैल को सीएम योगी आदित्यनाथ करेंगे भारतेन्दु नाट्य अकादमी के नवीन भवन का लोकार्पण

* पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह बोले—अकादमी के छात्र देश-विदेश में बढ़ाएंगे उत्तर प्रदेश का मान

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने गोमती नगर स्थित भारतेन्दु नाट्य अकादमी के नव-निर्मित भवन का निरीक्षण करते हुए आगामी 05 अप्रैल को प्रस्तावित लोकार्पण कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लिया। इस अवसर पर उन्होंने बताया कि प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नवीन भवन का लोकार्पण करेंगे।
संस्कृति विभाग द्वारा अकादमी के पुराने भवन का सौंदर्यीकरण एवं नवीनीकरण कराया गया है। मंत्री ने कहा कि वर्ष 1975 में स्थापित यह संस्थान प्रदेश का एक प्रतिष्ठित नाट्य प्रशिक्षण केंद्र है, जहां अभिनय, रंगमंच और अन्य कलाओं में दो वर्षीय डिप्लोमा कोर्स संचालित होता है। यहां से प्रशिक्षित छात्र देश-विदेश में भारतीय संस्कृति और नाट्य कला का प्रदर्शन कर प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं।
निरीक्षण के दौरान जयवीर सिंह ने निर्देश दिए कि भवन का उपयोग नवोदित प्रतिभाओं को निखारने में किया जाए और सभी कार्य गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूरे हों। उन्होंने परिसर में साफ-सफाई, उपकरणों के रखरखाव और बेहतर प्रबंधन पर विशेष जोर दिया।
उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार कला, संस्कृति, संगीत और नाट्य विधाओं को बढ़ावा देने के साथ कलाकारों को सम्मान देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान में देश के 9 राज्यों के छात्र-छात्राएं इस संस्थान में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।
हिन्दी रंगमंच दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में मंत्री ने छात्रों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि यहां प्राप्त प्रशिक्षण उनके भविष्य की महत्वपूर्ण पूंजी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि अकादमी के विकास से जुड़ी मांगों पर सकारात्मक विचार किया जाएगा।
इस मौके पर अकादमी के अध्यक्ष डॉ. रिति शंकर त्रिपाठी, निदेशक विपिन कुमार, विशेष सचिव संस्कृति संजय कुमार सिंह सहित अन्य अधिकारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
उत्तर प्रदेश के चार एक्सप्रेसवे पर वाहन चलाना हुआ महंगा, टोल में वृद्धि


लखनऊ। उत्तर प्रदेश में चल रहे चार प्रमुख एक्सप्रेसवे पर यात्रा करने वाले वाहन चालकों को अब नई टोल दरें चुकानी पड़ेंगी। वर्ष 2026-27 के लिए जारी संशोधित टोल रेट में सभी श्रेणी के वाहनों की दरें बढ़ाई गई हैं। यह जानकारी यूपीडा की आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में गुरुवार को दी गई है। पिछले वर्ष के मुकाबले बढ़ोतरी की बात की जाए तो यह दर मात्र दो प्रतिशत के लगभग है। अब आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, बुन्देलखण्ड एक्सप्रेसवे और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर पूरे रूट (प्रथम टोल से अंतिम टोल तक) की यात्रा के लिए एक फेरा टोल की नई दरें लागू होंगी। ये दरें 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी कर दी गई हैं। यूपीडा के प्रवक्ता ने बताया कि सरकार ने इन दरों में पिछले वर्ष की तुलना में वृद्धि की है, जो महंगाई और रखरखाव की बढ़ती लागत को ध्यान में रखकर तय की गई है।

इन एक्सप्रेसवे का उपयोग करने वाले लाखों वाहन चालक, व्यापारी और यात्री इन नई दरों से सीधे प्रभावित होंगे। नई टोल दरें इस प्रकार हैं- दो पहिया, तीन पहिया, ट्रैक्टर आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर 335 रुपये पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर 350 रुपये बुन्देलखण्ड एक्सप्रेसवे पर 315 रुपये गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर 145 रुपये मोटर वाहन के लिए आगरा-लखनऊ पर 675 रुपये, पूर्वांचल पर 700 रुपये, बुन्देलखण्ड पर 635 रुपये और गोरखपुर पर 295 रुपये हल्के व्यावसायिक वाहन, हल्के माल वाहन और मिनी बस आगरा-लखनऊ पर 1065 रुपये, पूर्वांचल पर 1105 रुपये, बुन्देलखण्ड पर 1000 रुपये और गोरखपुर पर 440 रुपये चुकाने होंगे बस और ट्रक के लिए आगरा-लखनऊ पर 2150 रुपये, पूर्वांचल पर 2240 रुपये, बुन्देलखण्ड पर 2025 रुपये और गोरखपुर पर 845 रुपये भारी निर्माण मशीन, भू-गतिमान उपकरण और 3 से 6 धुरी वाले बहुधुरीय वाहन के लिए आगरा-लखनऊ पर 3290 रुपये, पूर्वांचल पर 3430 रुपये, बुन्देलखण्ड पर 3100 रुपये और गोरखपुर पर 1345 रुपये 7 या अधिक धुरी वाले ओवरसाइज्ड (विशाल) वाहनों को सबसे ज्यादा टोल देना होगा आगरा-लखनऊ पर 4230 रुपये, पूर्वांचल पर 4400 रुपये, बुन्देलखण्ड पर 3980 रुपये और गोरखपुर पर 1755 रुपये।
नैमिष नगर योजना को रफ्तार: 2500 किसानों की सहमति, 430 हेक्टेयर भूमि के बैनामे की प्रक्रिया तेज

* आईआईएम रोड पर बसने जा रहा आधुनिक उपनगर, 2 लाख लोगों को मिलेगा आवास

लखनऊ। राजधानी लखनऊ के उत्तरी क्षेत्र में आईआईएम रोड पर प्रस्तावित एलडीए की नैमिष नगर योजना तेजी से आकार ले रही है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत अब तक 150 हेक्टेयर भूमि का बैनामा प्राधिकरण के पक्ष में हो चुका है, जबकि 2500 से अधिक किसानों ने 430 हेक्टेयर भूमि के बैनामे के लिए सहमति पत्र जमा कर दिए हैं।
एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के अनुसार, योजना के दो सेक्टरों में भूखंडों के लिए पंजीकरण सितंबर 2026 से शुरू कर दिया जाएगा। योजना को धरातल पर उतारने के लिए विकास कार्य भी प्रारंभ हो चुके हैं।
योजना की प्रभारी अधिकारी संगीता राघव ने बताया कि बीकेटी तहसील के 18 गांवों की लगभग 1486 हेक्टेयर भूमि इस परियोजना में शामिल की जानी है। इनमें भौली, लक्ष्मीपुर, पूरब गांव, पुरवा, सैरपुर, फर्रुखाबाद, कोड़री भौली, कमलाबाद, कमलापुर, पलहरी, गोपरामऊ, बारूमऊ, धतिंगरा, सैदापुर, पश्चिम गांव, धोबैला, उमरभारी और दुग्गौर जैसे गांव शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि प्रभावित किसानों को मुआवजा वितरण और रजिस्ट्री प्रक्रिया के साथ लगातार सहमति पत्र मिल रहे हैं। साथ ही, योजना में शामिल गांवों का भी समग्र विकास किया जाएगा। इसके तहत संपर्क मार्ग, जल निकासी, खेल मैदान, बारात घर, स्वास्थ्य केंद्र, तालाब, स्कूल, पार्क और श्मशान जैसी मूलभूत सुविधाओं को सुदृढ़ किया जाएगा।
करीब 2 लाख लोगों को आवासीय सुविधा देने वाली यह योजना एक आधुनिक उपनगर के रूप में विकसित की जाएगी। इसमें चौड़ी सड़कें, ग्रीन बेल्ट, पार्क, स्कूल, अस्पताल, कम्युनिटी सेंटर, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट और व्यावसायिक केंद्र जैसी सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
नैमिष नगर योजना से लखनऊ में उद्योग, स्वास्थ्य, शिक्षा और लॉजिस्टिक्स क्षेत्रों को भी नई गति मिलेगी। इसके साथ ही बड़े पैमाने पर निवेश और रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद है।
सूचना विभाग में ‘मिशन कर्मयोगी साधना सप्ताह’ का शुभारम्भ
* तकनीकी रूप से दक्ष हों कार्मिक : अपर निदेशक अरविंद मिश्र लखनऊ। सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग, उत्तर प्रदेश में ‘मिशन कर्मयोगी साधना सप्ताह’ का गुरुवार को शुभारम्भ हुआ। शासन के निर्देशानुसार 02 अप्रैल से 08 अप्रैल 2026 तक आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कार्यात्मक क्षमता, कार्यक्षेत्र और व्यवहार में सकारात्मक सुधार लाते हुए उन्हें तकनीकी रूप से दक्ष बनाना है।
इस क्रम में विभागीय ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यशाला में अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया तथा भारत सरकार द्वारा विकसित आईगोट (IGOT) पोर्टल पर उपलब्ध पाठ्यक्रमों से संबंधित विशेषज्ञों द्वारा तकनीकी जानकारी प्राप्त की। सभी कार्मिकों को निर्देशित किया गया है कि वे आईगोट कर्मयोगी प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध पाठ्यक्रमों में से कम से कम 4 घंटे का प्रशिक्षण अनिवार्य रूप से प्राप्त करें, जिसमें ‘AI दक्ष’ कार्यक्रम के तीन मॉड्यूल भी शामिल होंगे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अपर निदेशक सूचना अरविन्द कुमार मिश्र ने कहा कि सरकार की मंशा है कि प्रत्येक कार्मिक तकनीकी रूप से सक्षम बने, ताकि भविष्य की चुनौतियों का सामना प्रभावी ढंग से किया जा सके। उन्होंने कहा कि आने वाला समय तकनीक आधारित होगा, इसलिए आवश्यक है कि सभी कर्मचारी तकनीकी ज्ञान में पारंगत होकर आत्मनिर्भर बनें।
उन्होंने यह भी कहा कि आईगोट पोर्टल पर उपलब्ध पाठ्यक्रम कार्मिकों के कौशल विकास और कार्यक्षमता बढ़ाने में सहायक सिद्ध होंगे। यह एक स्वर्णिम अवसर है, जिसका लाभ उठाकर कर्मचारी स्वयं को एक सच्चा कर्मयोगी साबित कर सकते हैं।
कार्यशाला में सहायक निदेशक सतीश चन्द्र भारती, चन्द्र मोहन, डॉ. जितेन्द्र प्रताप सिंह, संजय कुमार, अमित कुमार यादव, फिल्म निर्माता अभय कुमार श्रीवास्तव, सहायक लेखाधिकारी अरविन्द कुमार सहित विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
सूचना विभाग में ‘मिशन कर्मयोगी साधना सप्ताह’ का शुभारम्भ
* तकनीकी रूप से दक्ष हों कार्मिक : अपर निदेशक अरविंद मिश्र

लखनऊ। सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग, उत्तर प्रदेश में ‘मिशन कर्मयोगी साधना सप्ताह’ का गुरुवार को शुभारम्भ हुआ। शासन के निर्देशानुसार 02 अप्रैल से 08 अप्रैल 2026 तक आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कार्यात्मक क्षमता, कार्यक्षेत्र और व्यवहार में सकारात्मक सुधार लाते हुए उन्हें तकनीकी रूप से दक्ष बनाना है।
इस क्रम में विभागीय ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यशाला में अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया तथा भारत सरकार द्वारा विकसित आईगोट (IGOT) पोर्टल पर उपलब्ध पाठ्यक्रमों से संबंधित विशेषज्ञों द्वारा तकनीकी जानकारी प्राप्त की। सभी कार्मिकों को निर्देशित किया गया है कि वे आईगोट कर्मयोगी प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध पाठ्यक्रमों में से कम से कम 4 घंटे का प्रशिक्षण अनिवार्य रूप से प्राप्त करें, जिसमें ‘AI दक्ष’ कार्यक्रम के तीन मॉड्यूल भी शामिल होंगे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अपर निदेशक सूचना अरविन्द कुमार मिश्र ने कहा कि सरकार की मंशा है कि प्रत्येक कार्मिक तकनीकी रूप से सक्षम बने, ताकि भविष्य की चुनौतियों का सामना प्रभावी ढंग से किया जा सके। उन्होंने कहा कि आने वाला समय तकनीक आधारित होगा, इसलिए आवश्यक है कि सभी कर्मचारी तकनीकी ज्ञान में पारंगत होकर आत्मनिर्भर बनें।
उन्होंने यह भी कहा कि आईगोट पोर्टल पर उपलब्ध पाठ्यक्रम कार्मिकों के कौशल विकास और कार्यक्षमता बढ़ाने में सहायक सिद्ध होंगे। यह एक स्वर्णिम अवसर है, जिसका लाभ उठाकर कर्मचारी स्वयं को एक सच्चा कर्मयोगी साबित कर सकते हैं।
कार्यशाला में सहायक निदेशक सतीश चन्द्र भारती, चन्द्र मोहन, डॉ. जितेन्द्र प्रताप सिंह, संजय कुमार, अमित कुमार यादव, फिल्म निर्माता अभय कुमार श्रीवास्तव, सहायक लेखाधिकारी अरविन्द कुमार सहित विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।