नैमिष नगर योजना को रफ्तार: 2500 किसानों की सहमति, 430 हेक्टेयर भूमि के बैनामे की प्रक्रिया तेज
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* आईआईएम रोड पर बसने जा रहा आधुनिक उपनगर, 2 लाख लोगों को मिलेगा आवास
लखनऊ। राजधानी लखनऊ के उत्तरी क्षेत्र में आईआईएम रोड पर प्रस्तावित एलडीए की नैमिष नगर योजना तेजी से आकार ले रही है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत अब तक 150 हेक्टेयर भूमि का बैनामा प्राधिकरण के पक्ष में हो चुका है, जबकि 2500 से अधिक किसानों ने 430 हेक्टेयर भूमि के बैनामे के लिए सहमति पत्र जमा कर दिए हैं।
एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के अनुसार, योजना के दो सेक्टरों में भूखंडों के लिए पंजीकरण सितंबर 2026 से शुरू कर दिया जाएगा। योजना को धरातल पर उतारने के लिए विकास कार्य भी प्रारंभ हो चुके हैं।
योजना की प्रभारी अधिकारी संगीता राघव ने बताया कि बीकेटी तहसील के 18 गांवों की लगभग 1486 हेक्टेयर भूमि इस परियोजना में शामिल की जानी है। इनमें भौली, लक्ष्मीपुर, पूरब गांव, पुरवा, सैरपुर, फर्रुखाबाद, कोड़री भौली, कमलाबाद, कमलापुर, पलहरी, गोपरामऊ, बारूमऊ, धतिंगरा, सैदापुर, पश्चिम गांव, धोबैला, उमरभारी और दुग्गौर जैसे गांव शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि प्रभावित किसानों को मुआवजा वितरण और रजिस्ट्री प्रक्रिया के साथ लगातार सहमति पत्र मिल रहे हैं। साथ ही, योजना में शामिल गांवों का भी समग्र विकास किया जाएगा। इसके तहत संपर्क मार्ग, जल निकासी, खेल मैदान, बारात घर, स्वास्थ्य केंद्र, तालाब, स्कूल, पार्क और श्मशान जैसी मूलभूत सुविधाओं को सुदृढ़ किया जाएगा।
करीब 2 लाख लोगों को आवासीय सुविधा देने वाली यह योजना एक आधुनिक उपनगर के रूप में विकसित की जाएगी। इसमें चौड़ी सड़कें, ग्रीन बेल्ट, पार्क, स्कूल, अस्पताल, कम्युनिटी सेंटर, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट और व्यावसायिक केंद्र जैसी सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
नैमिष नगर योजना से लखनऊ में उद्योग, स्वास्थ्य, शिक्षा और लॉजिस्टिक्स क्षेत्रों को भी नई गति मिलेगी। इसके साथ ही बड़े पैमाने पर निवेश और रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद है।


* तकनीकी रूप से दक्ष हों कार्मिक : अपर निदेशक अरविंद मिश्र लखनऊ। सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग, उत्तर प्रदेश में ‘मिशन कर्मयोगी साधना सप्ताह’ का गुरुवार को शुभारम्भ हुआ। शासन के निर्देशानुसार 02 अप्रैल से 08 अप्रैल 2026 तक आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कार्यात्मक क्षमता, कार्यक्षेत्र और व्यवहार में सकारात्मक सुधार लाते हुए उन्हें तकनीकी रूप से दक्ष बनाना है।
लखनऊ। प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में गुरुवार को जन भवन स्थित गांधी सभागार में लखनऊ विश्वविद्यालय से संबद्ध शासकीय एवं वित्त पोषित महाविद्यालयों के प्रधानाचार्यों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
* देरी पर तय होगी जिम्मेदारी, गुणवत्ता में लापरवाही पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
2 hours and 59 min ago
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