राज्यपाल की अध्यक्षता में महाविद्यालयों की समीक्षा बैठक, नैक मूल्यांकन व गुणवत्ता सुधार पर जोर
लखनऊ। प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में गुरुवार को जन भवन स्थित गांधी सभागार में लखनऊ विश्वविद्यालय से संबद्ध शासकीय एवं वित्त पोषित महाविद्यालयों के प्रधानाचार्यों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में विश्वविद्यालय से संबद्ध 17 शासकीय एवं 33 वित्त पोषित महाविद्यालयों के प्राचार्यों ने अपने-अपने संस्थानों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। प्रस्तुतीकरण में फैकल्टी की स्थिति, शोध एवं प्रकाशन, एमओयू, खेल गतिविधियां, नैक एवं एनआईआरएफ रैंकिंग, नामांकन प्रतिशत, प्लेसमेंट, रोजगार मेले, पुस्तकालय, प्रयोगशालाएं, छात्रवृत्ति, शैक्षणिक भ्रमण सहित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी दी गई।
राज्यपाल ने महाविद्यालयों में शिक्षकों की संख्या, शोध कार्यों, खेल गतिविधियों एवं पौधारोपण अभियानों की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सभी गतिविधियों का जियो-टैगिंग के साथ रिकॉर्ड रखा जाए। उन्होंने रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति, विद्यार्थियों की कम संख्या में सुधार तथा लैब एवं कंप्यूटर कक्षों को सुदृढ़ बनाने पर विशेष बल दिया।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है, इसलिए विद्यार्थियों को कौशल विकास, नवाचार एवं सामाजिक सहभागिता से जोड़ा जाना आवश्यक है। साथ ही उन्होंने महाविद्यालयों को नैक मूल्यांकन में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।
राज्यपाल ने शिक्षकों को पुस्तक लेखन के लिए प्रोत्साहित करने, पुस्तकालयों को मजबूत बनाने तथा स्वच्छता व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी (CSR) फंड के प्रभावी उपयोग हेतु स्थानीय उद्योगों और बैंकों से समन्वय बढ़ाने की बात कही। इसके अलावा तंबाकू, नशा एवं ड्रग्स के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने पर भी जोर दिया।
बैठक में प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय तथा राज्य मंत्री रजनी तिवारी भी उपस्थित रहे। उच्च शिक्षा मंत्री ने राज्यपाल के नेतृत्व में प्रदेश की उच्च शिक्षा व्यवस्था में हो रहे सुधारों की सराहना की।
इस अवसर पर कुलपति प्रो. जे.पी. सैनी ने बताया कि विश्वविद्यालय से लगभग 530 महाविद्यालय संबद्ध हैं तथा करीब 40,000 छात्र अध्ययनरत हैं। उन्होंने कहा कि नैक मूल्यांकन और शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
बैठक में राज्यपाल के विशेष कार्याधिकारी डॉ. पंकज एल. जानी, विशेष सचिव श्रीप्रकाश गुप्ता, विशेष सचिव उच्च शिक्षा गिरिजेश त्यागी सहित विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालयों के सभी प्रधानाचार्य उपस्थित रहे।
छात्रवृत्ति से वंचित छात्रों को दोबारा मिलेगा मौका, समाज कल्याण विभाग फिर खोलेगा पोर्टल

* सामान्य, एससी-एसटी और ट्रांसजेंडर छात्र-छात्राओं को मिलेगा लाभ, 2024-25 में 53 हजार से अधिक छात्रों को मिली सहायता

लखनऊ। किसी भी कारणवश छात्रवृत्ति से वंचित रह गए छात्र-छात्राओं के लिए राहत भरी खबर है। समाज कल्याण विभाग शैक्षिक सत्र 2025-26 के तहत संचालित छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना के छूटे हुए आवेदकों के लिए एक बार फिर पोर्टल खोलने जा रहा है। इससे छात्र दोबारा आवेदन कर योजना का लाभ उठा सकेंगे।
इस पहल का लाभ सामान्य वर्ग, अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) के छात्र-छात्राओं को मिलेगा। विभाग का उद्देश्य है कि कोई भी पात्र छात्र तकनीकी या अन्य कारणों से छात्रवृत्ति से वंचित न रह जाए।

* पिछले वर्ष 53 हजार से अधिक छात्रों को मिला लाभ
वित्तीय वर्ष 2024-25 में भी विभाग ने छूटे हुए छात्रों के लिए पोर्टल खोला था। इस दौरान 53,041 छात्रों को कुल 81.12 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की गई। इनमें अनुसूचित जाति के 25,395 छात्रों को 30.65 करोड़ रुपये और सामान्य वर्ग के 27,646 छात्रों को 50.47 करोड़ रुपये की सहायता दी गई।

* ट्रांसजेंडर छात्रों को भी मिलेगा लाभ
समाज को मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से ट्रांसजेंडर समुदाय को भी इस योजना में शामिल किया गया है, जो सामाजिक समावेशन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

* शिक्षा को सशक्त बनाना सरकार की प्राथमिकता
समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार शिक्षा को सशक्त बनाने और हर वर्ग तक उसका लाभ पहुंचाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि जो छात्र किसी कारणवश वंचित रह गए हैं, उन्हें दोबारा अवसर देकर उनकी शिक्षा जारी रखने में मदद की जाएगी।
छात्रवृत्ति से वंचित छात्रों को दोबारा मिलेगा मौका, समाज कल्याण विभाग फिर खोलेगा पोर्टल

* सामान्य, एससी-एसटी और ट्रांसजेंडर छात्र-छात्राओं को मिलेगा लाभ, 2024-25 में 53 हजार से अधिक छात्रों को मिली सहायता

लखनऊ। किसी भी कारणवश छात्रवृत्ति से वंचित रह गए छात्र-छात्राओं के लिए राहत भरी खबर है। समाज कल्याण विभाग शैक्षिक सत्र 2025-26 के तहत संचालित छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना के छूटे हुए आवेदकों के लिए एक बार फिर पोर्टल खोलने जा रहा है। इससे छात्र दोबारा आवेदन कर योजना का लाभ उठा सकेंगे।
इस पहल का लाभ सामान्य वर्ग, अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) के छात्र-छात्राओं को मिलेगा। विभाग का उद्देश्य है कि कोई भी पात्र छात्र तकनीकी या अन्य कारणों से छात्रवृत्ति से वंचित न रह जाए।

* पिछले वर्ष 53 हजार से अधिक छात्रों को मिला लाभ
वित्तीय वर्ष 2024-25 में भी विभाग ने छूटे हुए छात्रों के लिए पोर्टल खोला था। इस दौरान 53,041 छात्रों को कुल 81.12 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की गई। इनमें अनुसूचित जाति के 25,395 छात्रों को 30.65 करोड़ रुपये और सामान्य वर्ग के 27,646 छात्रों को 50.47 करोड़ रुपये की सहायता दी गई।

* ट्रांसजेंडर छात्रों को भी मिलेगा लाभ
समाज को मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से ट्रांसजेंडर समुदाय को भी इस योजना में शामिल किया गया है, जो सामाजिक समावेशन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

* शिक्षा को सशक्त बनाना सरकार की प्राथमिकता
समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार शिक्षा को सशक्त बनाने और हर वर्ग तक उसका लाभ पहुंचाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि जो छात्र किसी कारणवश वंचित रह गए हैं, उन्हें दोबारा अवसर देकर उनकी शिक्षा जारी रखने में मदद की जाएगी।
11 केवी लाइन में लापरवाही पर ऊर्जा मंत्री सख्त, अवर अभियंता निलंबित

* मानक से नीचे मिली विद्युत लाइन, अधिशासी अभियंता को भी जारी हुआ आरोप पत्र

लखनऊ। नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने विद्युत व्यवस्था में लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाते हुए सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। बलिया जाते समय गाजीपुर जिले के जंगीपुर क्षेत्र में महरौर से रसड़ा मार्ग पर निरीक्षण के दौरान 11 केवी विद्युत लाइन मानक से नीचे पाई गई, जिसे गंभीर लापरवाही माना गया।
मंत्री के निर्देश पर तत्काल कार्रवाई करते हुए महरौर विद्युत उपकेंद्र के अवर अभियंता धर्मेंद्र पाल को घोर लापरवाही का दोषी पाते हुए देर रात निलंबित कर दिया गया। इसके साथ ही विद्युत वितरण खंड जंगीपुर, गाजीपुर के अधिशासी अभियंता प्रवीण कुमार तिवारी को भी आरोप पत्र जारी किया गया है।
ऊर्जा मंत्री ने स्पष्ट किया कि विद्युत व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही, विशेषकर सुरक्षा मानकों की अनदेखी, बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को सभी विद्युत लाइनों का नियमित निरीक्षण और मानकों के अनुरूप रखरखाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि आम जनता की सुरक्षा के साथ निर्बाध बिजली आपूर्ति बनी रहे।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण विद्युत सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है और इसमें लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
महंगाई और स्मार्ट मीटर पर कांग्रेस का हमला, अजय राय ने सरकार को घेरा

* 4 अप्रैल को बाबू जगजीवन राम पर संगोष्ठी व सम्मान समारोह, मीरा कुमार होंगी मुख्य अतिथि

लखनऊ। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने प्रेस वार्ता में केंद्र और प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने घोषणा की कि 4 अप्रैल को कांग्रेस मुख्यालय में बाबू जगजीवन राम पर संगोष्ठी एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया जाएगा, जिसमें उनकी बेटी एवं पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। इस कार्यक्रम को बड़े पैमाने पर आयोजित किया जाएगा और इसके लिए पार्टी ने पोस्टर भी जारी कर दिया है।
महंगाई के मुद्दे पर अजय राय ने कहा कि पूरे देश में लगातार कीमतें बढ़ रही हैं। सरकार पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि तथ्यों को छिपाकर जनता को गुमराह किया जा रहा है। उन्होंने इसे आम लोगों के लिए “भयावह स्थिति” बताते हुए चेतावनी दी कि आगे महंगाई और बढ़ सकती है।
अधिकारियों के इस्तीफों को लेकर उन्होंने कहा कि सरकार उनसे गलत कार्य करा रही है और ईमानदार अधिकारियों को न तो सही पोस्टिंग दी जा रही है और न ही उन्हें काम करने दिया जा रहा है।
सीएम हेल्पलाइन कर्मचारियों के प्रदर्शन पर भी उन्होंने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि सरकार “सब चंगा है” का दावा करती है, लेकिन अपनी ही हेल्पलाइन में काम करने वाले कर्मचारियों को भुगतान नहीं किया जा रहा और उन्हें परेशान किया जा रहा है।
स्मार्ट मीटर के मुद्दे पर अजय राय ने चेतावनी दी कि यदि इस पर रोक नहीं लगाई गई तो कांग्रेस पूरे प्रदेश में बिजली विभाग का घेराव करेगी। नकली नोट के मामले पर भी उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी हर तरह के मामलों में शामिल है और “यहां से लेकर दिल्ली तक मिलीभगत” है।
ऐशबाग में आंबेडकर स्मारक 15 जुलाई तक होगा पूरा, जनता को किया जाएगा समर्पित
* देरी पर तय होगी जिम्मेदारी, गुणवत्ता में लापरवाही पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
लखनऊ। राजधानी लखनऊ के ऐशबाग में निर्माणाधीन संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर स्मारक एवं सांस्कृतिक केंद्र को आगामी 15 जुलाई 2026 तक पूर्ण कर आम जनता को समर्पित कर दिया जाएगा। यह जानकारी प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने निरीक्षण के दौरान दी।
उन्होंने बताया कि यह स्मारक 1.34 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जा रहा है और इसे एक भव्य प्रेरणा स्थल के रूप में तैयार किया जा रहा है। यह परियोजना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ड्रीम प्रोजेक्ट है।
मंत्री जयवीर सिंह ने सदस्य विधान परिषद लाल जी प्रसाद निर्मल और मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी के साथ निर्माण स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यदायी संस्था को निर्देश दिए कि सभी कार्य गुणवत्ता और निर्धारित मानकों के अनुरूप तय समय सीमा में पूरे किए जाएं।
निरीक्षण के दौरान बताया गया कि स्मारक का प्रथम चरण पूर्ण हो चुका है, जबकि द्वितीय चरण में 500 लोगों की क्षमता वाला प्रेक्षागृह भी तैयार कर लिया गया है। परिसर में डॉ. आंबेडकर के जीवन और संघर्षों पर आधारित संग्रहालय बनाया जा रहा है, जिससे देशभर के लोग प्रेरणा ले सकेंगे। साथ ही एक पुस्तकालय भी स्थापित किया जाएगा, जहां युवा पीढ़ी उनके व्यक्तित्व और कृतित्व से परिचित हो सकेगी।
मंत्री ने निर्देश दिए कि 31 मई 2026 तक आंतरिक और बाहरी साज-सज्जा का कार्य पूरा कर लिया जाए और शेष निर्माण कार्य 15 जुलाई तक हर हाल में समाप्त हो। उन्होंने साप्ताहिक समीक्षा सुनिश्चित करने और किसी भी बाधा का तत्काल समाधान करने के निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी ने स्पष्ट कहा कि निर्धारित समय सीमा में कार्य पूरा न होने या किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि यहां एक शोध केंद्र स्थापित करने के लिए त्रिपक्षीय समझौता किया जाएगा।
मंत्री ने कहा कि यह स्मारक राजधानी के प्रमुख आकर्षणों में शामिल होगा, जहां देश-विदेश से आने वाले पर्यटक और श्रद्धालु डॉ. आंबेडकर के जीवन, संघर्ष और योगदान को जान सकेंगे।
ऐशबाग में आंबेडकर स्मारक 15 जुलाई तक होगा पूरा, जनता को किया जाएगा समर्पित
* देरी पर तय होगी जिम्मेदारी, गुणवत्ता में लापरवाही पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
लखनऊ। राजधानी लखनऊ के ऐशबाग में निर्माणाधीन संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर स्मारक एवं सांस्कृतिक केंद्र को आगामी 15 जुलाई 2026 तक पूर्ण कर आम जनता को समर्पित कर दिया जाएगा। यह जानकारी प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने निरीक्षण के दौरान दी।
उन्होंने बताया कि यह स्मारक 1.34 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जा रहा है और इसे एक भव्य प्रेरणा स्थल के रूप में तैयार किया जा रहा है। यह परियोजना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ड्रीम प्रोजेक्ट है।
मंत्री जयवीर सिंह ने सदस्य विधान परिषद लाल जी प्रसाद निर्मल और मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी के साथ निर्माण स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यदायी संस्था को निर्देश दिए कि सभी कार्य गुणवत्ता और निर्धारित मानकों के अनुरूप तय समय सीमा में पूरे किए जाएं।
निरीक्षण के दौरान बताया गया कि स्मारक का प्रथम चरण पूर्ण हो चुका है, जबकि द्वितीय चरण में 500 लोगों की क्षमता वाला प्रेक्षागृह भी तैयार कर लिया गया है। परिसर में डॉ. आंबेडकर के जीवन और संघर्षों पर आधारित संग्रहालय बनाया जा रहा है, जिससे देशभर के लोग प्रेरणा ले सकेंगे। साथ ही एक पुस्तकालय भी स्थापित किया जाएगा, जहां युवा पीढ़ी उनके व्यक्तित्व और कृतित्व से परिचित हो सकेगी।
मंत्री ने निर्देश दिए कि 31 मई 2026 तक आंतरिक और बाहरी साज-सज्जा का कार्य पूरा कर लिया जाए और शेष निर्माण कार्य 15 जुलाई तक हर हाल में समाप्त हो। उन्होंने साप्ताहिक समीक्षा सुनिश्चित करने और किसी भी बाधा का तत्काल समाधान करने के निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी ने स्पष्ट कहा कि निर्धारित समय सीमा में कार्य पूरा न होने या किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि यहां एक शोध केंद्र स्थापित करने के लिए त्रिपक्षीय समझौता किया जाएगा।
मंत्री ने कहा कि यह स्मारक राजधानी के प्रमुख आकर्षणों में शामिल होगा, जहां देश-विदेश से आने वाले पर्यटक और श्रद्धालु डॉ. आंबेडकर के जीवन, संघर्ष और योगदान को जान सकेंगे।
मऊ में ‘स्कूल चलो अभियान’ का भव्य शुभारंभ, हर बच्चे तक शिक्षा पहुंचाने का संकल्प
* ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने दिखाई हरी झंडी, शिक्षा के साथ संस्कार और स्वच्छता पर दिया जोर

लखनऊ/ मऊ। जनपद मऊ में शैक्षिक सत्र 2026–27 के तहत “स्कूल चलो अभियान” का भव्य शुभारंभ प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए. के. शर्मा द्वारा किया गया। नगर पालिका कम्युनिटी हॉल में आयोजित कार्यक्रम में मंत्री ने दीप प्रज्ज्वलन के साथ रैली को हरी झंडी दिखाकर अभियान की शुरुआत की। इस मौके पर जनप्रतिनिधि, अधिकारी, शिक्षक, अभिभावक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
मंत्री ए.के. शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गांव-गांव और घर-घर जाकर बच्चों का नामांकन सुनिश्चित किया जाए और अभिभावकों को शिक्षा के प्रति जागरूक किया जाए।
उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे बच्चों को केवल किताबों तक सीमित न रखें, बल्कि उन्हें नैतिक मूल्य, अनुशासन और संस्कार भी सिखाएं। विद्यालयों को संस्कार का केंद्र बताते हुए उन्होंने बच्चों के जन्मदिन पर पौधरोपण और नियमित स्वच्छता अभियान चलाने का सुझाव दिया, जिससे पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़े।
मंत्री ने यह भी कहा कि यदि कोई बच्चा विद्यालय समय में बाहर दिखाई दे, तो उसके अभिभावकों से संपर्क कर उसे स्कूल भेजने के लिए प्रेरित किया जाए। उन्होंने शिक्षा को सामूहिक जिम्मेदारी बताते हुए सभी से इसमें सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर उन्होंने जनपद में शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के सुदृढ़ीकरण के लिए 1.57 करोड़ रुपये और परिषदीय विद्यालयों में बेंच की व्यवस्था के लिए 1 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, ताकि बच्चों को बेहतर शैक्षिक वातावरण मिल सके।
मऊ में ‘स्कूल चलो अभियान’ का भव्य शुभारंभ, हर बच्चे तक शिक्षा पहुंचाने का संकल्प
* ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने दिखाई हरी झंडी, शिक्षा के साथ संस्कार और स्वच्छता पर दिया जोर

लखनऊ/ मऊ। जनपद मऊ में शैक्षिक सत्र 2026–27 के तहत “स्कूल चलो अभियान” का भव्य शुभारंभ प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए. के. शर्मा द्वारा किया गया। नगर पालिका कम्युनिटी हॉल में आयोजित कार्यक्रम में मंत्री ने दीप प्रज्ज्वलन के साथ रैली को हरी झंडी दिखाकर अभियान की शुरुआत की। इस मौके पर जनप्रतिनिधि, अधिकारी, शिक्षक, अभिभावक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
मंत्री ए.के. शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गांव-गांव और घर-घर जाकर बच्चों का नामांकन सुनिश्चित किया जाए और अभिभावकों को शिक्षा के प्रति जागरूक किया जाए।
उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे बच्चों को केवल किताबों तक सीमित न रखें, बल्कि उन्हें नैतिक मूल्य, अनुशासन और संस्कार भी सिखाएं। विद्यालयों को संस्कार का केंद्र बताते हुए उन्होंने बच्चों के जन्मदिन पर पौधरोपण और नियमित स्वच्छता अभियान चलाने का सुझाव दिया, जिससे पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़े।
मंत्री ने यह भी कहा कि यदि कोई बच्चा विद्यालय समय में बाहर दिखाई दे, तो उसके अभिभावकों से संपर्क कर उसे स्कूल भेजने के लिए प्रेरित किया जाए। उन्होंने शिक्षा को सामूहिक जिम्मेदारी बताते हुए सभी से इसमें सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर उन्होंने जनपद में शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के सुदृढ़ीकरण के लिए 1.57 करोड़ रुपये और परिषदीय विद्यालयों में बेंच की व्यवस्था के लिए 1 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, ताकि बच्चों को बेहतर शैक्षिक वातावरण मिल सके।
मऊ में ‘स्कूल चलो अभियान’ का भव्य शुभारंभ, हर बच्चे तक शिक्षा पहुंचाने का संकल्प
* ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने दिखाई हरी झंडी, शिक्षा के साथ संस्कार और स्वच्छता पर दिया जोर

लखनऊ/ मऊ। जनपद मऊ में शैक्षिक सत्र 2026–27 के तहत “स्कूल चलो अभियान” का भव्य शुभारंभ प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए. के. शर्मा द्वारा किया गया। नगर पालिका कम्युनिटी हॉल में आयोजित कार्यक्रम में मंत्री ने दीप प्रज्ज्वलन के साथ रैली को हरी झंडी दिखाकर अभियान की शुरुआत की। इस मौके पर जनप्रतिनिधि, अधिकारी, शिक्षक, अभिभावक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
मंत्री ए.के. शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गांव-गांव और घर-घर जाकर बच्चों का नामांकन सुनिश्चित किया जाए और अभिभावकों को शिक्षा के प्रति जागरूक किया जाए।
उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे बच्चों को केवल किताबों तक सीमित न रखें, बल्कि उन्हें नैतिक मूल्य, अनुशासन और संस्कार भी सिखाएं। विद्यालयों को संस्कार का केंद्र बताते हुए उन्होंने बच्चों के जन्मदिन पर पौधरोपण और नियमित स्वच्छता अभियान चलाने का सुझाव दिया, जिससे पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़े।
मंत्री ने यह भी कहा कि यदि कोई बच्चा विद्यालय समय में बाहर दिखाई दे, तो उसके अभिभावकों से संपर्क कर उसे स्कूल भेजने के लिए प्रेरित किया जाए। उन्होंने शिक्षा को सामूहिक जिम्मेदारी बताते हुए सभी से इसमें सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर उन्होंने जनपद में शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के सुदृढ़ीकरण के लिए 1.57 करोड़ रुपये और परिषदीय विद्यालयों में बेंच की व्यवस्था के लिए 1 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, ताकि बच्चों को बेहतर शैक्षिक वातावरण मिल सके।