ऐशबाग में आंबेडकर स्मारक 15 जुलाई तक होगा पूरा, जनता को किया जाएगा समर्पित
* देरी पर तय होगी जिम्मेदारी, गुणवत्ता में लापरवाही पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
लखनऊ। राजधानी लखनऊ के ऐशबाग में निर्माणाधीन संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर स्मारक एवं सांस्कृतिक केंद्र को आगामी 15 जुलाई 2026 तक पूर्ण कर आम जनता को समर्पित कर दिया जाएगा। यह जानकारी प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने निरीक्षण के दौरान दी।
उन्होंने बताया कि यह स्मारक 1.34 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जा रहा है और इसे एक भव्य प्रेरणा स्थल के रूप में तैयार किया जा रहा है। यह परियोजना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ड्रीम प्रोजेक्ट है।
मंत्री जयवीर सिंह ने सदस्य विधान परिषद लाल जी प्रसाद निर्मल और मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी के साथ निर्माण स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यदायी संस्था को निर्देश दिए कि सभी कार्य गुणवत्ता और निर्धारित मानकों के अनुरूप तय समय सीमा में पूरे किए जाएं।
निरीक्षण के दौरान बताया गया कि स्मारक का प्रथम चरण पूर्ण हो चुका है, जबकि द्वितीय चरण में 500 लोगों की क्षमता वाला प्रेक्षागृह भी तैयार कर लिया गया है। परिसर में डॉ. आंबेडकर के जीवन और संघर्षों पर आधारित संग्रहालय बनाया जा रहा है, जिससे देशभर के लोग प्रेरणा ले सकेंगे। साथ ही एक पुस्तकालय भी स्थापित किया जाएगा, जहां युवा पीढ़ी उनके व्यक्तित्व और कृतित्व से परिचित हो सकेगी।
मंत्री ने निर्देश दिए कि 31 मई 2026 तक आंतरिक और बाहरी साज-सज्जा का कार्य पूरा कर लिया जाए और शेष निर्माण कार्य 15 जुलाई तक हर हाल में समाप्त हो। उन्होंने साप्ताहिक समीक्षा सुनिश्चित करने और किसी भी बाधा का तत्काल समाधान करने के निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी ने स्पष्ट कहा कि निर्धारित समय सीमा में कार्य पूरा न होने या किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि यहां एक शोध केंद्र स्थापित करने के लिए त्रिपक्षीय समझौता किया जाएगा।
मंत्री ने कहा कि यह स्मारक राजधानी के प्रमुख आकर्षणों में शामिल होगा, जहां देश-विदेश से आने वाले पर्यटक और श्रद्धालु डॉ. आंबेडकर के जीवन, संघर्ष और योगदान को जान सकेंगे।
ऐशबाग में आंबेडकर स्मारक 15 जुलाई तक होगा पूरा, जनता को किया जाएगा समर्पित
* देरी पर तय होगी जिम्मेदारी, गुणवत्ता में लापरवाही पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
लखनऊ। राजधानी लखनऊ के ऐशबाग में निर्माणाधीन संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर स्मारक एवं सांस्कृतिक केंद्र को आगामी 15 जुलाई 2026 तक पूर्ण कर आम जनता को समर्पित कर दिया जाएगा। यह जानकारी प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने निरीक्षण के दौरान दी।
उन्होंने बताया कि यह स्मारक 1.34 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जा रहा है और इसे एक भव्य प्रेरणा स्थल के रूप में तैयार किया जा रहा है। यह परियोजना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ड्रीम प्रोजेक्ट है।
मंत्री जयवीर सिंह ने सदस्य विधान परिषद लाल जी प्रसाद निर्मल और मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी के साथ निर्माण स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यदायी संस्था को निर्देश दिए कि सभी कार्य गुणवत्ता और निर्धारित मानकों के अनुरूप तय समय सीमा में पूरे किए जाएं।
निरीक्षण के दौरान बताया गया कि स्मारक का प्रथम चरण पूर्ण हो चुका है, जबकि द्वितीय चरण में 500 लोगों की क्षमता वाला प्रेक्षागृह भी तैयार कर लिया गया है। परिसर में डॉ. आंबेडकर के जीवन और संघर्षों पर आधारित संग्रहालय बनाया जा रहा है, जिससे देशभर के लोग प्रेरणा ले सकेंगे। साथ ही एक पुस्तकालय भी स्थापित किया जाएगा, जहां युवा पीढ़ी उनके व्यक्तित्व और कृतित्व से परिचित हो सकेगी।
मंत्री ने निर्देश दिए कि 31 मई 2026 तक आंतरिक और बाहरी साज-सज्जा का कार्य पूरा कर लिया जाए और शेष निर्माण कार्य 15 जुलाई तक हर हाल में समाप्त हो। उन्होंने साप्ताहिक समीक्षा सुनिश्चित करने और किसी भी बाधा का तत्काल समाधान करने के निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी ने स्पष्ट कहा कि निर्धारित समय सीमा में कार्य पूरा न होने या किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि यहां एक शोध केंद्र स्थापित करने के लिए त्रिपक्षीय समझौता किया जाएगा।
मंत्री ने कहा कि यह स्मारक राजधानी के प्रमुख आकर्षणों में शामिल होगा, जहां देश-विदेश से आने वाले पर्यटक और श्रद्धालु डॉ. आंबेडकर के जीवन, संघर्ष और योगदान को जान सकेंगे।
मऊ में ‘स्कूल चलो अभियान’ का भव्य शुभारंभ, हर बच्चे तक शिक्षा पहुंचाने का संकल्प
* ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने दिखाई हरी झंडी, शिक्षा के साथ संस्कार और स्वच्छता पर दिया जोर

लखनऊ/ मऊ। जनपद मऊ में शैक्षिक सत्र 2026–27 के तहत “स्कूल चलो अभियान” का भव्य शुभारंभ प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए. के. शर्मा द्वारा किया गया। नगर पालिका कम्युनिटी हॉल में आयोजित कार्यक्रम में मंत्री ने दीप प्रज्ज्वलन के साथ रैली को हरी झंडी दिखाकर अभियान की शुरुआत की। इस मौके पर जनप्रतिनिधि, अधिकारी, शिक्षक, अभिभावक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
मंत्री ए.के. शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गांव-गांव और घर-घर जाकर बच्चों का नामांकन सुनिश्चित किया जाए और अभिभावकों को शिक्षा के प्रति जागरूक किया जाए।
उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे बच्चों को केवल किताबों तक सीमित न रखें, बल्कि उन्हें नैतिक मूल्य, अनुशासन और संस्कार भी सिखाएं। विद्यालयों को संस्कार का केंद्र बताते हुए उन्होंने बच्चों के जन्मदिन पर पौधरोपण और नियमित स्वच्छता अभियान चलाने का सुझाव दिया, जिससे पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़े।
मंत्री ने यह भी कहा कि यदि कोई बच्चा विद्यालय समय में बाहर दिखाई दे, तो उसके अभिभावकों से संपर्क कर उसे स्कूल भेजने के लिए प्रेरित किया जाए। उन्होंने शिक्षा को सामूहिक जिम्मेदारी बताते हुए सभी से इसमें सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर उन्होंने जनपद में शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के सुदृढ़ीकरण के लिए 1.57 करोड़ रुपये और परिषदीय विद्यालयों में बेंच की व्यवस्था के लिए 1 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, ताकि बच्चों को बेहतर शैक्षिक वातावरण मिल सके।
मऊ में ‘स्कूल चलो अभियान’ का भव्य शुभारंभ, हर बच्चे तक शिक्षा पहुंचाने का संकल्प
* ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने दिखाई हरी झंडी, शिक्षा के साथ संस्कार और स्वच्छता पर दिया जोर

लखनऊ/ मऊ। जनपद मऊ में शैक्षिक सत्र 2026–27 के तहत “स्कूल चलो अभियान” का भव्य शुभारंभ प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए. के. शर्मा द्वारा किया गया। नगर पालिका कम्युनिटी हॉल में आयोजित कार्यक्रम में मंत्री ने दीप प्रज्ज्वलन के साथ रैली को हरी झंडी दिखाकर अभियान की शुरुआत की। इस मौके पर जनप्रतिनिधि, अधिकारी, शिक्षक, अभिभावक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
मंत्री ए.के. शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गांव-गांव और घर-घर जाकर बच्चों का नामांकन सुनिश्चित किया जाए और अभिभावकों को शिक्षा के प्रति जागरूक किया जाए।
उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे बच्चों को केवल किताबों तक सीमित न रखें, बल्कि उन्हें नैतिक मूल्य, अनुशासन और संस्कार भी सिखाएं। विद्यालयों को संस्कार का केंद्र बताते हुए उन्होंने बच्चों के जन्मदिन पर पौधरोपण और नियमित स्वच्छता अभियान चलाने का सुझाव दिया, जिससे पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़े।
मंत्री ने यह भी कहा कि यदि कोई बच्चा विद्यालय समय में बाहर दिखाई दे, तो उसके अभिभावकों से संपर्क कर उसे स्कूल भेजने के लिए प्रेरित किया जाए। उन्होंने शिक्षा को सामूहिक जिम्मेदारी बताते हुए सभी से इसमें सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर उन्होंने जनपद में शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के सुदृढ़ीकरण के लिए 1.57 करोड़ रुपये और परिषदीय विद्यालयों में बेंच की व्यवस्था के लिए 1 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, ताकि बच्चों को बेहतर शैक्षिक वातावरण मिल सके।
मऊ में ‘स्कूल चलो अभियान’ का भव्य शुभारंभ, हर बच्चे तक शिक्षा पहुंचाने का संकल्प
* ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने दिखाई हरी झंडी, शिक्षा के साथ संस्कार और स्वच्छता पर दिया जोर

लखनऊ/ मऊ। जनपद मऊ में शैक्षिक सत्र 2026–27 के तहत “स्कूल चलो अभियान” का भव्य शुभारंभ प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए. के. शर्मा द्वारा किया गया। नगर पालिका कम्युनिटी हॉल में आयोजित कार्यक्रम में मंत्री ने दीप प्रज्ज्वलन के साथ रैली को हरी झंडी दिखाकर अभियान की शुरुआत की। इस मौके पर जनप्रतिनिधि, अधिकारी, शिक्षक, अभिभावक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
मंत्री ए.के. शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गांव-गांव और घर-घर जाकर बच्चों का नामांकन सुनिश्चित किया जाए और अभिभावकों को शिक्षा के प्रति जागरूक किया जाए।
उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे बच्चों को केवल किताबों तक सीमित न रखें, बल्कि उन्हें नैतिक मूल्य, अनुशासन और संस्कार भी सिखाएं। विद्यालयों को संस्कार का केंद्र बताते हुए उन्होंने बच्चों के जन्मदिन पर पौधरोपण और नियमित स्वच्छता अभियान चलाने का सुझाव दिया, जिससे पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़े।
मंत्री ने यह भी कहा कि यदि कोई बच्चा विद्यालय समय में बाहर दिखाई दे, तो उसके अभिभावकों से संपर्क कर उसे स्कूल भेजने के लिए प्रेरित किया जाए। उन्होंने शिक्षा को सामूहिक जिम्मेदारी बताते हुए सभी से इसमें सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर उन्होंने जनपद में शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के सुदृढ़ीकरण के लिए 1.57 करोड़ रुपये और परिषदीय विद्यालयों में बेंच की व्यवस्था के लिए 1 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, ताकि बच्चों को बेहतर शैक्षिक वातावरण मिल सके।
भाजपा नेता विजय बहादुर पाठक के पिता राधेश्याम पाठक का निधन, पार्टी नेताओं ने जताया शोक

* जनसंघ काल के वरिष्ठ कार्यकर्ता रहे राधेश्याम पाठक, संगठन को मजबूत करने में निभाई अहम भूमिका

लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष विजय बहादुर पाठक के पिता एवं जनसंघ काल के वरिष्ठ कार्यकर्ता राधेश्याम पाठक के निधन पर भाजपा नेताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया है।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी तथा प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह ने दिवंगत आत्मा के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।
राधेश्याम पाठक जनसंघ के समय से सक्रिय कार्यकर्ता रहे और आजमगढ़ से जनसंघ के टिकट पर विधानसभा चुनाव भी लड़ चुके थे। उन्होंने संगठन में विभिन्न दायित्वों का निर्वहन करते हुए पार्टी को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और परिजनों को इस दुःख की घड़ी में संबल प्रदान करें।
इस अवसर पर पार्टी के अनेक वरिष्ठ पदाधिकारियों एवं नेताओं—पंकज सिंह, कांता कर्दम, संतोष सिंह, सलिल विश्नोई, सत्यपाल सिंह सैनी, नीलम सोनकर, कमलावती सिंह, बृजबहादुर, सुनीता दयाल, दिनेश कुमार शर्मा, मानवेन्द्र सिंह, पद्म सेन चौधरी, मोहित बेनीवाल, धर्मेंद्र सिंह, देवेश कोरी, त्रयंबक त्रिपाठी, गोविंद नारायण शुक्ल, अमर पाल मौर्य, अनूप गुप्ता, प्रियंका सिंह रावत, संजय राय, सुभाष यदुवंश, राम प्रताप सिंह चौहान सहित अन्य पदाधिकारियों ने भी शोक व्यक्त कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
सेवा के अंतिम दिन मिला प्रमोशन: 123 इंस्पेक्टर बने डिप्टी एसपी, चार उसी दिन हुए रिटायर
* DPC के फैसले के बाद जारी आदेश; 1998 बैच के अधिकारियों को पदोन्नति

लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग में 1998 बैच के 123 इंस्पेक्टरों को पदोन्नत कर डिप्टी एसपी (सीओ) बनाया गया है। विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की 24 मार्च को हुई बैठक के बाद 31 मार्च को इसके आदेश जारी किए गए। प्रमोशन पाने वालों में 109 अधिकारी नागरिक पुलिस से हैं, जबकि 14 अधिकारी प्रतिसार निरीक्षक, कंपनी कमांडर और ट्रैफिक पुलिस से संबंधित हैं।
इस पदोन्नति की सबसे खास और भावनात्मक पहलू यह रहा कि चार इंस्पेक्टर—कृष्ण कुमार मिश्रा, विनोद कुमार पायल, देवी चरण और सुशील कुमार—को उसी दिन डिप्टी एसपी बनाया गया, जिस दिन वे सेवानिवृत्त भी हो गए। यानी उन्हें अपने करियर के अंतिम दिन पदोन्नति का सम्मान तो मिला, लेकिन नए पद पर कार्य करने का अवसर नहीं मिल सका।
सूत्रों के अनुसार, इन अधिकारियों को इतना समय भी नहीं मिला कि वे नई वर्दी तक तैयार करवा सकें। यह स्थिति जहां एक ओर उनके लंबे सेवा काल के सम्मान का प्रतीक है, वहीं दूसरी ओर विभागीय प्रक्रियाओं में देरी को भी उजागर करती है।
पदोन्नति के इस फैसले से पुलिस महकमे में खुशी का माहौल है, लेकिन अंतिम दिन प्रमोशन और उसी दिन रिटायरमेंट की घटना ने सिस्टम की कार्यप्रणाली पर कई सवाल भी खड़े कर दिए हैं।
जानकीपुरम ट्रॉमा सेंटर में घूसखोरी का आरोप, भाजपा नेता के हंगामे से मचा बवाल
लखनऊ, संवाददाता। राजधानी के जानकीपुरम ट्रॉमा सेंटर में एक डॉक्टर पर घूस लेने का गंभीर आरोप सामने आया है, जिससे सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। थाना सैरपुर क्षेत्र के पूरब गांव की एक महिला ने आरोप लगाया कि इलाज के नाम पर उससे बार-बार पैसे मांगे गए।
महिला के अनुसार, पहले कच्चा प्लास्टर करने के नाम पर उससे 600 रुपये ऑनलाइन वसूले गए। इसके बाद अब पक्का प्लास्टर करने के लिए 800 रुपये की अतिरिक्त मांग की जा रही है। पीड़िता का कहना है कि सरकारी अस्पताल में इस तरह पैसे मांगना गरीब मरीजों के साथ अन्याय और शोषण है।
मामले की जानकारी मिलते ही भाजपा नेता रज्जन पांडे ट्रॉमा सेंटर पहुंच गए। इस दौरान उनकी संबंधित डॉक्टर से तीखी बहस हुई और मौके पर काफी देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही। घटना के दौरान अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
इस प्रकरण के सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन की पारदर्शिता और जवाबदेही पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। आम जनता का कहना है कि यदि सरकारी अस्पतालों में ही इस तरह की शिकायतें सामने आएंगी, तो गरीब और जरूरतमंद मरीजों का भरोसा टूटेगा।
अब निगाहें प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक पर टिकी हैं कि वह इस मामले में क्या कदम उठाते हैं और दोषियों के खिलाफ किस तरह की कार्रवाई की जाती है। फिलहाल, यह मामला सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और निगरानी की आवश्यकता को एक बार फिर उजागर करता है।
लखनऊ बना स्मार्ट से सोलर सिटी की ओर अग्रसर: 250 ई- व CNG वाहनों को CM योगी ने दिखाई हरी झंडी
लखनऊ। लखनऊ नगर निगम द्वारा कूड़ा प्रबंधन व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से 250 इलेक्ट्रिक एवं CNG वाहनों का फ्लैग ऑफ कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संबोधित करते हुए शहर के समग्र विकास पर प्रकाश डाला।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के 17 नगर निगमों के साथ नोएडा और ग्रेटर नोएडा को मिलाकर कुल 18 नगर निगमों को ‘सेफ सिटी’ के रूप में विकसित किया गया है। इन शहरों को इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से जोड़कर सीसीटीवी निगरानी के दायरे में लाया गया है, जिससे सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हुई है।
उन्होंने आगे बताया कि अब इन शहरों को ‘सोलर सिटी’ के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य तेजी से किया जा रहा है। अयोध्या को इस दिशा में उदाहरण बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह नगरी अब पूरी तरह सोलर सिटी के रूप में विकसित हो चुकी है। इसी तर्ज पर लखनऊ में भी सोलर पैनलों की स्थापना का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने लखनऊ के विकास की सराहना करते हुए कहा कि पिछले 9 वर्षों में शहर ने विकास की नई ऊंचाइयों को छुआ है। शहर का विस्तार हुआ है और नागरिकों के जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार आया है। स्वच्छता रैंकिंग में भी लखनऊ ने बेहतर स्थान हासिल किया है।
उन्होंने बताया कि सड़कों के चौड़ीकरण, बेहतर कनेक्टिविटी, जल निकासी व्यवस्था और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास कार्यों ने शहर को नई पहचान दी है। यह पहल लखनऊ को आधुनिक, स्वच्छ और सतत विकास की दिशा में आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण कदम है।
लखनऊ पश्चिमी जोन में नवनियुक्त पुलिस उपायुक्त कमलेश दीक्षित का भव्य स्वागत, कानून-व्यवस्था मजबूत करने पर जोर
लखनऊ। राजधानी लखनऊ के पश्चिमी जोन में नवनियुक्त पुलिस उपायुक्त कमलेश दीक्षित का पुलिस टीम द्वारा भव्य और गर्मजोशी के साथ स्वागत किया गया। इस अवसर पर अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका अभिनंदन किया। स्वागत कार्यक्रम के पश्चात पुलिस उपायुक्त द्वारा एक गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें उन्होंने उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों को संबोधित किया।

कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना पुलिस की सर्वोच्च जिम्मेदारी

उन्होंने शासन की प्राथमिकताओं से अवगत कराते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना पुलिस की सर्वोच्च जिम्मेदारी है।उन्होंने अपने संबोधन में पुलिस कर्मियों को जनता के साथ बेहतर संवाद स्थापित करने, पारदर्शिता के साथ कार्य करने और प्रत्येक शिकायत का त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि आमजन की समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण ही पुलिस की वास्तविक पहचान है।

पुलिस को अपने कर्तव्यों के प्रति पूर्ण निष्ठा से निर्वहन का दिया निर्देश

पुलिस उपायुक्त ने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया कि वे अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूर्ण निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण भाव के साथ करें। साथ ही उन्होंने टीमवर्क को मजबूत करने और पुलिसिंग को अधिक जनोन्मुखी बनाने की बात कही।कार्यक्रम के दौरान मौजूद पुलिसकर्मियों ने भी अपने दायित्वों के प्रति सजग रहते हुए बेहतर कार्य करने का संकल्प लिया। यह कार्यक्रम नए नेतृत्व के साथ पुलिसिंग को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।