*ठप हो गया कालीन निर्यात 5,000 करोड़ का नुकसान*
खाड़ी युद्ध का कालीन उद्योग पर दीर्घकालिक प्रभाव, समुद्री मार्ग बंद
रिपोर्टर - नितेश श्रीवास्तव
भदोही। कालीन उद्योग पिछले कई वर्षों से लगातार संकट घिरा है। अमेरिकी टैरिफ के चलते जहां 60 प्रतिशत कालीन कारोबार प्रभावित हुआ वहीं खाड़ी युद्ध ने महासंकट उत्पन्न कर दिया है। एक माह में कालीन उद्योग का पांच हजार रुपए करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान हो चुका है। तीन हजार करोड़ रुपए के माल जहां डंप हो गए है तो दो हजार करोड़ का आर्डर लटक गया है। इसके अलावा अप्रैल में होने वाला अंतराष्ट्रीय कालीन मेला भी खाड़ी युद्ध की भेंट चढ़ चुका है। युद्ध समाप्त होने के बाद भी वैश्विक स्थिरता आने में समय लगेगा यही कारण है कि कालीन उद्योग से जुड़े लाखों, बुनकर, मजदूरों के सामने भी रोजगार संकट आ गया है। फरवरी में शुरू युद्ध शुरू हुआ था। देखा गया तो एक माह होने का है। होर्मुज जलडमरु मध्य से आवागमन ठप हो गया है तो कंटेनर का अभाव, माल भाड़े में वृद्धि के चलते निर्यातक माल होल्ड करने के लिए विवश हैं।



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नितेश श्रीवास्तव
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1 hour and 44 min ago
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