विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी ने कूटकू विस्थापितों को बसाने का किया विरोध

गढ़वा: गढ़वा-रंका विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी ने रंका प्रखंड के विश्रामपुर पंचायत (बरवहा टोला) में कूटकू मंडल डैम के विस्थापितों को बसाने की योजना के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्थानीय ग्रामीणों की सहमति के बिना यहाँ बाहरी लोगों को नहीं बसने दिया जाएगा।

प्रमुख घटनाक्रम और आपत्तियां

पेसा (PESA) कानून का उल्लंघन: विधायक ने सवाल उठाया कि जब झारखंड में पेसा कानून लागू है, तो जिला प्रशासन बिना ग्राम सभा की अनुमति के 1000 एकड़ वन भूमि पर 780 परिवारों को कैसे बसा सकता है?

प्रशासनिक बर्बरता: आरोप है कि 7 मार्च को जब उपायुक्त (DC) और पुलिस अधीक्षक (SP) स्थल पर पहुंचे थे, तब अपनी बात रख रहे निर्दोष ग्रामीणों की पुलिस द्वारा बेरहमी से पिटाई की गई।

विस्थापितों का मुद्दा: विधायक ने तकनीकी सवाल उठाया कि अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों को गैर-अनुसूचित गांवों में क्यों बसाया जा रहा है, प्रशासन को इस पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

विधायक का आश्वासन और आगामी रणनीति

निजी खर्च पर इलाज: विधायक ने पुलिस पिटाई से घायल ग्रामीणों (जैसे राजेंद्र बड़ाइक और सुरेश उरांव) के इलाज का खर्च स्वयं उठाने की घोषणा की।

आंदोलन की चेतावनी: उन्होंने कहा कि इस मामले को जिला प्रशासन से लेकर केंद्र सरकार तक ले जाया जाएगा। यदि समाधान नहीं निकला, तो ग्रामीणों के साथ मिलकर बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

पारंपरिक स्वागत: ग्रामीणों ने विधायक का स्वागत मांदर की थाप, पलाश के फूलों के बुके और सखुआ के पत्तों की टोपी पहनाकर पारंपरिक तरीके से किया।

मुख्य सारांश: यह विवाद जल, जंगल और जमीन के अधिकारों के साथ-साथ विस्थापितों के पुनर्वास और स्थानीय ग्राम सभा की शक्तियों के टकराव का परिणाम है। विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी ने इस मुद्दे को स्थानीय अस्मिता और कानूनी प्रक्रियाओं के उल्लंघन से जोड़ते हुए प्रशासन को चुनौती दी है।

रामगढ़: राधा गोविंद विश्वविद्यालय में JEE Mains परीक्षा में बड़ी सेटिंग का खुलासा; 70 कंप्यूटरों के साथ 3 धराए।

रामगढ़: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित की जाने वाली JEE Mains परीक्षा में बड़े पैमाने पर धांधली करने वाले एक गिरोह का रामगढ़ पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। राधा गोविंद विश्वविद्यालय के कंप्यूटर लैब में परीक्षा से पहले सिस्टम के साथ छेड़छाड़ करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि मास्टरमाइंड समेत कई आरोपी फरार होने में सफल रहे।

ऐसे खुला गोरखधंधा

पुलिस के अनुसार, 2 से 8 अप्रैल तक होने वाली परीक्षा के लिए राधा गोविंद विश्वविद्यालय को केंद्र बनाया गया था। टीसीएस (TCS) के कुछ कर्मचारियों ने विश्वविद्यालय के टेक्नीशियन दिनेश महतो के साथ मिलकर चुनिंदा अभ्यर्थियों को पास कराने के लिए कंप्यूटरों को बदलने और सॉफ्टवेयर में छेड़छाड़ की योजना बनाई थी। रविवार को आरोपी अवैध तरीके से लैब में घुसकर सिस्टम बदल रहे थे, तभी विश्वविद्यालय प्रबंधन को शक हुआ और पुलिस को सूचना दी गई।

बड़ी मात्रा में उपकरण और लग्जरी गाड़ी जब्त

रामगढ़ एसपी अजय कुमार की सक्रियता से मौके से 70 कंप्यूटर, 3 राउटर, 1 सीपीयू, 4 मोबाइल फोन और एक फॉर्च्यूनर गाड़ी (WB 39E 5455) जब्त की गई है। गिरफ्तार आरोपियों में कोठार निवासी दिनेश कुमार महतो, ओरमांझी का शकिर अंसारी और बिहार के सारण का सूरज कुमार सिंह शामिल हैं। मास्टरमाइंड राजेश ठाकुर और रविशंकर बाउंड्री फांदकर भागने में सफल रहे।

मोटी रकम का था लालच

पूछताछ में आरोपी दिनेश महतो ने खुलासा किया कि प्रत्येक मॉनिटर की सेटिंग के बदले 10 हजार रुपये देने का वादा किया गया था। गिरोह का प्लान था कि लैब के सिस्टम को रिमोट एक्सेस या प्री-लोडेड सॉफ्टवेयर के जरिए कंट्रोल कर परीक्षार्थियों को गलत तरीके से पास कराया जाए।

प्रशासन सख्त, कमेटी गठित

मामले की गंभीरता को देखते हुए रामगढ़ उपायुक्त (DC) फ़ैज़ अक अहमद मुमताज ने तत्काल एक जांच कमेटी गठित कर रिपोर्ट मांगी है। विश्वविद्यालय के कुलसचिव निर्मल कुमार मंडल की शिकायत पर रामगढ़ थाने में नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस अब फरार आरोपियों और इस गिरोह के तार कहाँ-कहाँ जुड़े हैं, इसकी तलाश में छापेमारी कर रही है।

सत्ता में रहकर विरोध का नाटक, यही कांग्रेस-झामुमो का असली राजनीतिक चरित्र है- प्रतुल शाह देव

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा कि झारखंड में आज जो स्थिति बनी है, वह कांग्रेस और झामुमो की दोहरी राजनीति का जीता-जागता उदाहरण है। एक तरफ कांग्रेस सत्ता का सुख भोग रही है, मंत्री पदों का आनंद ले रही है, और दूसरी तरफ उसी सरकार की कानून-व्यवस्था, शिक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक विफलताओं पर सवाल खड़े कर रही है।

प्रतुल ने कहा कि आज के प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस के प्रभारी के राजू और प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि राज्य की पुलिस व्यवस्था निष्क्रिय है, विधि व्यवस्था चौपट हो गई है, बेटियों की सुरक्षा खतरे में है, शिक्षा व्यवस्था चरमरा गई है, बच्चे प्राइवेट स्कूल में दाखिला ले रहे हैं। तो फिर कांग्रेस अब तक सत्ता में क्यों बनी हुई है? क्या केवल कुर्सी बचाना ही उनका एकमात्र उद्देश्य है?प्रतुल ने कहा एक हफ्ते तक विष्णुगढ़ की निर्भया की बर्बर हत्या पर चुप्पी रखने के बाद कांग्रेस की अब नींद टूटी है।वह भी तब जब भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के नेतृत्व भाजपा के प्रतिनिधि मंडल पीड़ित परिवार से मिलकर आंसू पूछने का काम किया और सहायता राशि उपलब्ध कराई। इस घटना के विरोध में प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने 3 अप्रैल को झारखंड बंद का आह्वान किया है।

प्रतुल शाहदेव ने कहा कि कांग्रेस के प्रभारी के राजू ने तो मुख्यमंत्री पर सीधा आक्रमण करते हुए उनके अंतर्गत माइनिंग विभाग पर माइनिंग माफिया का कब्जा बताया। उन्होंने यह भी कहा कि भूमि अधिग्रहण कानून,2013 के अंतर्गत भूमि का अधिग्रहण माफिया के दबाव में नहीं हो रहा।यानी कांग्रेस के प्रभारी के अनुसार मुख्यमंत्री जी का मंत्रालय माइनिंग माफिया के दबाव में चल रहा है। के राजू ने कहा कि सभी डीसी, एसपी, इसी माइनिंग माफिया के दबाव में काम कर रहे हैं।प्रतुल ने कहा कि मुख्यमंत्री पर इस सीधे हमले के बाद भी कांग्रेस इन माइनिंग माफिया के खिलाफ कोई आंदोलन करती नहीं दिख रही। बल्कि आंदोलन करने वाले अपने नेताओं के खिलाफ सरकार से मुकदमे दाखिल करवा रही है।

प्रतुल ने झामुमो पर भी तीखा प्रहार करते हुए कहा कि जब खुद झामुमो के नेता कांग्रेस को “जहरीला सांप” बता रहे हैं, तो फिर सवाल उठता है कि आखिर उसी सांप को गले में लपेटकर सत्ता की कुर्सी क्यों बचाई जा रही है? यह गठबंधन पूरी तरह अवसरवाद और स्वार्थ पर आधारित है, जिसका खामियाजा झारखंड की जनता भुगत रही है।उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि जनता इस ढोंग और दोहरे चरित्र को समझे और ऐसी अवसरवादी राजनीति को पूरी तरह नकार दे, जो केवल सत्ता के लिए सिद्धांतों को बेच देती है।

मुरहू, खूंटी की घटना पर प्रशासनिक कार्रवाई में तुष्टीकरण कर रही हेमंत सरकार....आदित्य साहू

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद आदित्य साहू ने मुरहू,खूंटी की घटना पर राज्य सरकार को कटघरे में खड़ा किया है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार तुष्टीकरण में आकंठ डूब चुकी है।समुदाय विशेष के वोट बैंक केलिए राज्य सरकार बार बार हिन्दू समाज को प्रताड़ित कर रही है।

कहा कि सनातन धर्म के कोई पर्व त्योहार हो समुदाय विशेष के लोग सुनियोजित तरीके से जुलूस,शोभा यात्रा,मूर्ति, मंदिर पर निशाना साधते हैं। पर्व त्योहारों को बाधित करना,अनावश्यक अड़ंगा डालना, जुलूस पर पत्थरबाजी करना आम बात हो गई है।

कहा कि मुरहू खूंटी में रामनवमी जुलूस पर पथराव होना ऐसी ही मानसिकता का परिमाण है।

कहा कि राज्य सरकार ने ऐसे असामाजिक और अपराधी प्रवृति के दंगाबाजों,पत्थरबाजों का मनोबल बढ़ा दिया है। पुलिस प्रशासन राज्य सरकार का टूल किट बन गया है।

उन्होंने पुलिस प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसे पदाधिकारी पक्षपातपूर्ण कार्रवाई से बाज आएं। बर्दी की इज्जत को गिरवी नहीं रखें अन्यथा भाजपा ऐसे भ्रष्ट पदाधिकारियों को चिन्हित कर रही है।

कहा कि भाजपा के आंदोलन को हल्के में लेने की कोशिश भ्रष्ट पुलिस पदाधिकारी नहीं करें। आने वाले दिनों में भाजपा ऐसे भ्रष्ट पदाधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई कराएगी। इनके संपत्ति की जांच कराने और उन्हें जेल भेजने केलिए भी आंदोलन होगा।

झारखंड शराब घोटाला: बाबूलाल मरांडी ने राज्यपाल को लिखा पत्र; ACB पर लगाया भ्रष्टाचारियों को बचाने का गंभीर आरोप।

राँची: झारखंड विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य के बहुचर्चित 750 करोड़ रुपये के शराब घोटाले को लेकर माननीय राज्यपाल श्री संतोष कुमार गंगवार को एक विस्तृत पत्र लिखा है। इस पत्र के माध्यम से उन्होंने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं और पूरे मामले की जाँच तत्काल CBI को सौंपने की अनुशंसा करने का अनुरोध किया है।

एसीबी पर साठगांठ का आरोप

बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया है कि एसीबी भ्रष्टाचारियों को सजा दिलाने के बजाय उन्हें संरक्षण दे रही है। उन्होंने पत्र में उल्लेख किया कि 20 मई 2025 को गिरफ्तार किए गए मुख्य सूत्रधार और तत्कालीन उत्पाद सचिव आईएएस विनय कुमार चौबे सहित अन्य रसूखदार आरोपियों को केवल इसलिए 'डिफॉल्ट बेल' मिल गई क्योंकि एसीबी ने निर्धारित 90 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल नहीं की।

17 में से 14 आरोपी जेल से बाहर

नेता प्रतिपक्ष ने डेटा साझा करते हुए बताया कि इस घोटाले में अब तक गिरफ्तार 17 आरोपियों में से 14 को समय पर आरोप-पत्र दाखिल न होने के कारण जमानत मिल चुकी है। उन्होंने इसे एक 'शर्मनाक साजिश' करार देते हुए कहा कि 8 महीने बीत जाने के बाद भी एक भी चार्जशीट दाखिल न होना एजेंसी की मिलीभगत को दर्शाता है। साथ ही, उन्होंने छत्तीसगढ़ के शराब कारोबारी नवीन केडिया के फरार होने के मामले में भी एसीबी की सुस्ती पर सवाल उठाए।

सीबीआई जांच की मांग

मरांडी ने राज्यपाल से आग्रह किया है कि वे संविधान के संरक्षक के रूप में हस्तक्षेप करें और एसीबी को तुरंत चार्जशीट दाखिल करने के लिए निर्देशित करें। उन्होंने कहा कि राज्य के राजस्व की इस सुनियोजित लूट और आरोपियों को बचाने के प्रयासों को देखते हुए इस मामले का सच केवल सीबीआई जाँच से ही सामने आ सकता है।

पतरातू: PVUNL की नई पहल; 20 ITI प्रशिक्षित युवाओं को 'ट्रांसफॉर्मर रिपेयर' ट्रेनिंग के लिए जमशेदपुर भेजा गया।

पतरातू (रामगढ़): पतरातू विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (PVUNL) ने ग्रामीण युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनके कौशल को निखारने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मंगलवार, 31 मार्च को पीवीयूएनएल ने रामगढ़ जिले और आसपास के गांवों से चयनित 20 आईटीआई प्रशिक्षित युवाओं के प्रथम बैच को जमशेदपुर के लिए रवाना किया।

4 माह का आवासीय प्रशिक्षण

इन युवाओं को जमशेदपुर स्थित प्रतिष्ठित जेएन टाटा वोकेशनल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट में 4 महीने का 'ट्रांसफॉर्मर रिपेयर एवं मेंटेनेंस' प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह एक पूरी तरह से आवासीय कार्यक्रम है, जिसमें युवाओं को तकनीकी कौशल के साथ-साथ सेफ्टी कोर्स और व्यावहारिक ज्ञान की भी विस्तृत जानकारी दी जाएगी।

स्टाइपेंड की भी व्यवस्था

PVUNL के सीईओ श्री ए.के. सहगल ने इस अवसर पर बताया कि प्रशिक्षण की अवधि के दौरान प्रत्येक प्रशिक्षु को प्रतिमाह स्टाइपेंड प्रदान किया जाएगा, ताकि वे अपने खर्चों को वहन कर सकें। उन्होंने युवाओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य उन्हें स्वरोजगार के लिए सक्षम बनाना है।

अधिकारियों ने दी शुभकामनाएं

एनएसबी प्रशिक्षण केंद्र से प्रशिक्षुओं को रवाना करने के दौरान सीईओ श्री ए.के. सहगल के साथ जीएम (O&M) श्री मनीष खेतरपाल, जीएम (मेंटेनेंस) श्री ओ.पी. सोलंकी और हेड ऑफ एचआर श्री जियाउर रहमान उपस्थित रहे। अधिकारियों ने बताया कि आने वाले समय में ऐसे और भी बैच भेजे जाएंगे ताकि अधिक से अधिक ग्रामीण युवाओं को लाभ मिल सके।

अंत में, सभी चयनित युवाओं को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाओं के साथ बस द्वारा जमशेदपुर के लिए विदा किया गया।

राँची जिला प्रशासन की बड़ी कार्रवाई: बिना मान्यता चल रहे निजी स्कूलों को बंद करने की चेतावनी।

राँची: जिला प्रशासन ने राँची के सभी गैर-मान्यता प्राप्त निजी और गैर-सरकारी विद्यालयों के खिलाफ सख्त रुख अख्तियार किया है। उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी श्री मंजूनाथ भजंत्री के निर्देशानुसार, कक्षा 1 से 8वीं तक संचालित ऐसे सभी स्कूलों को 08 अप्रैल 2026 तक अनिवार्य रूप से मान्यता के लिए आवेदन करना होगा।

RTE पोर्टल पर करना होगा ऑनलाइन आवेदन

स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के प्रावधानों के तहत, सभी स्कूल संचालकों को विभागीय पोर्टल https://rte.jharkhand.gov.in पर जाकर पंजीकरण करना अनिवार्य है। आवेदन के दौरान स्कूलों को अपनी आधारभूत संरचना, योग्य शिक्षकों की सूची, छात्र नामांकन, सुरक्षा व्यवस्था, शौचालय और पेयजल जैसी सुविधाओं का सही विवरण अपलोड करना होगा। पोर्टल पर यूजर मैनुअल और मान्यता प्रमाण-पत्र का प्रारूप भी उपलब्ध कराया गया है।

नियम उल्लंघन पर होगी जेल या स्कूल बंदी

प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि कोई विद्यालय निर्धारित तिथि (8 अप्रैल) तक आवेदन जमा नहीं करता है या मानकों पर खरा नहीं उतरता है, तो झारखंड निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार नियमावली के तहत उन पर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। नियमों की अनदेखी करने वाले स्कूलों को बंद करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है।

अभिभावकों और छात्रों के हित में फैसला

DC मंजूनाथ भजंत्री ने सभी विद्यालय प्रबंधनों से अपील की है कि वे इस निर्देश को गंभीरता से लें। उन्होंने कहा कि समय-सीमा के भीतर आवेदन कर विद्यालय संचालन को विधिसम्मत बनाएं, ताकि विद्यार्थियों का शैक्षणिक भविष्य सुरक्षित रह सके और उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।

राँची में आपसी भाईचारे की जीत: उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने शांतिपूर्ण त्योहारों के लिए जनता को कहा— 'शुक्रिया'।

राँची: झारखंड की राजधानी राँची ने एक बार फिर सामाजिक समरसता और आपसी भाईचारे की अनूठी मिसाल पेश की है। हाल के दिनों में संपन्न हुए रामनवमी, चैती छठ, ईद, सरहुल और रमजान जैसे प्रमुख पर्व-त्योहारों के अभूतपूर्व शांतिपूर्ण समापन पर राँची जिला प्रशासन ने समस्त जिलेवासियों के प्रति आभार प्रकट किया है।

उपायुक्त ने बताया 'प्रेरणास्पद उदाहरण'

राँची के उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि राँची में जिस गरिमा और अनुशासन के साथ त्योहार मनाए गए, वह पूरे राज्य के लिए एक प्रेरणा है। उन्होंने कहा, "यह केवल पर्वों का आयोजन नहीं था, बल्कि हमारी साझा संस्कृति और सामाजिक एकजुटता का उत्सव था, जिसने राँची को एक आदर्श के रूप में स्थापित किया है।"

समितियों और अखाड़ों के अनुशासन की सराहना

DC ने विशेष रूप से केन्द्रीय शांति समिति, महावीर मण्डल, तपोवन मंदिर पूजा समिति, सरना समितियों, सेंट्रल मोहर्रम कमिटी, अंजुमन इस्लामिया और गुरुनानक समिति सहित सभी अखाड़ा समितियों के सदस्यों के समर्पण की प्रशंसा की। प्रशासन के अनुसार, इन संगठनों की संवेदनशीलता और परिपक्वता के कारण ही शहर में कहीं भी अप्रिय स्थिति उत्पन्न नहीं हुई।

प्रशासनिक सतर्कता और मीडिया का सहयोग

इस सफलता का श्रेय जिले के पुलिस बल, प्रशासनिक पदाधिकारियों, नगर निगम, बिजली विभाग और लाइन डिपार्टमेंट के कर्मियों को भी दिया गया है। उपायुक्त ने मीडिया प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी और सकारात्मक रिपोर्टिंग को भी विधि-व्यवस्था सुदृढ़ बनाए रखने का एक मुख्य आधार बताया।

असम के चुनावी दंगल में उतरे हेमंत सोरेन; गोसाईंगांव में जेएमएम प्रत्याशी के लिए मांगा समर्थन, भाजपा पर साधा निशाना।

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने असम विधानसभा चुनाव के प्रचार अभियान का शंखनाद कर दिया है। कोकराझार जिले के गोसाईंगांव में जेएमएम प्रत्याशी फ्रेडरिक्सन हांसदा के पक्ष में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने भाजपा सरकार पर जमकर प्रहार किया और आदिवासी व वंचित समाज को एकजुट होने का आह्वान किया।

भाजपा पर तीखा हमला

अपने संबोधन में हेमंत सोरेन ने बेहद कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि भाजपा वाले केवल 'लेने वाले' लोग हैं, 'देने वाले' नहीं। उन्होंने जनता को आगाह करते हुए कहा, "ये लोग चुनाव के समय आपके खातों में 500 या 1000 रुपये डालेंगे और चुनाव जीतने के बाद सिरिंज लगाकर आपका खून निकाल लेंगे।" उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल चुनाव के समय मीठी बातें कर जाल बिछाते हैं और सत्ता मिलते ही अपने वादे भूल जाते हैं।

चाय बागान मजदूरों का दर्द

सोरेन ने असम के चाय बागान मजदूरों की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि देश की अर्थव्यवस्था में बड़ा योगदान देने वाले इन मजदूरों को वर्षों से सिर्फ आश्वासन मिला है, हक नहीं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जेएमएम उनके संघर्ष में उनके साथ खड़ी है।

शिक्षा और सशक्तिकरण का 'झारखंड मॉडल'

शिक्षा को सबसे बड़ी ताकत बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड में सरकारी स्कूलों की स्थिति में क्रांतिकारी बदलाव आए हैं, जहाँ अब निजी स्कूलों से बच्चे वापस आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह असम में भी ऐसी ही व्यवस्था चाहते हैं जहाँ आदिवासी युवाओं की उच्च शिक्षा का पूरा खर्च सरकार उठाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि आने वाली पीढ़ी को डॉक्टर, इंजीनियर और वकील बनाना ही वास्तविक सशक्तिकरण है।

संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप

हेमंत सोरेन ने केंद्र पर संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि पैसे के बल पर लोकतंत्र को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने जनता से अपील की कि वे अपने अधिकारों के लिए झुकें नहीं, बल्कि डटकर मुकाबला करें।

निर्भया से भी ज्यादा जघन्य अपराध झारखंड की बेटी के साथ....आदित्य साहू

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद आदित्य साहू ने आज प्रदेश कार्यालय में प्रेसवार्ता कर राज्य सरकार पर बड़ा निशाना साधा। श्री साहू कल हजारीबाग जिला अंतर्गत विष्णुगढ़ प्रखंड के कुसुंबा गांव से लौटने के बाद आज प्रदेश कार्यालय में प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे। श्री साहू के साथ कुसुंबा जाने वालों में सांसद मनीष जायसवाल, पूर्व नेता प्रतिपक्ष अमर कुमार बाउरी ,विधायक नागेंद्र महतो,अमित यादव,रोशन लाल चौधरी,जिला अध्यक्ष विवेकानंद सिंह शामिल थे।

श्री साहू ने कहा कि घटना की जानकारी मिलते ही वे पार्टी के जनप्रतिनिधियों के साथ कुसुंबा गांव गए और जो जानकारी मिली वह पूरी तरह रोंगटे खड़ा करने वाली,हृदय बिदारक है।

कहा कि जब पूरे देश में रामनवमी की तैयारियां चल रही हो, चैत्र नवरात्र में देवी की आराधना चल रही हो इसी बीच मंगलवारी जुलूस देखने गई एक गरीब मजदूर की 12 वर्षीय बेटी को अपराधी ,दरिंदे पकड़ते हैं,अपहरण कर उसका दुष्कर्म करते हैं और फिर हत्या भी कर देते हैं।

कहा कि ग्रामीण जनता ने बताया कि एक बेटी के साथ कैसा जघन्य कु कृत्य हुआ है। अपराधियों ने दुष्कर्म और हत्या के बात दरिंदगी की पराकाष्ठा की है। बेटी की आँखें निकाली गई, दांत तोड़े गए, जीभ काट दिए गए।

कहा कि ऐसे हालात में पुलिस प्रशासन की संवेदनहीनता ने राज्य की विधि व्यवस्था को उजागर किया है। चार दिनों तक गरीब के घर जिला प्रशासन नहीं पहुंचा। और हद तो तब हो गई जब मृत बेटी के मजदूर पिता को जल्द गांव आने में प्रशासन ने कोई मदद नहीं की।भाजपा के सांसद विधायकों ने फ्लाइट टिकट की व्यवस्था की।

कहा कि बात बात पर ट्वीट करने वाले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को झारखंड की बेटी, गरीब की पीड़ा ने आहत नहीं किया।मुख्यमंत्री ने ट्वीट पर भी संवेदना प्रकट नहीं की।

कहा कि आखिर राज्य कहां जा रहा है।राज्य की जनता कैसे सुरक्षित रहे।कैसे बहन बेटियां सुरक्षित रहें ये मुख्यमंत्री जी बताएं। वे असम में जाकर वोट मांगेंगे।उन्हें असम की जनता के बीच अपनी नाकामियों,विफलताओं को बताना चाहिए।

कहा कि राज्य की पुलिस केवल वसूली में लगी है,कोयला ,पत्थर चोरों को संरक्षण देकर अपराधियों का संरक्षण कर रही है। अपनी तिजोरी भरने में जुटी है।

कहा कि भाजपा झारखंड की जन्मदात्री है।हम राज्य को बर्बाद होते नहीं देख सकते।

उन्होंने राज्य सरकार को चेतावनी दी और कहा कि 24 घंटे में अपराधी नहीं पकड़े गए तो 29 मार्च को हजारीबाग के सभी प्रखंडों में भाजपा कार्यकर्ता मशाल जुलूस निकालकर विरोध दर्ज करेंगे।30 को पूरा हजारीबाग को ठप करेंगे,बंद करेंगे। साथ ही पूरे प्रदेश में जिला मुख्यालयों पर पार्टी की महिला मोर्चा की बहने धरना प्रदर्शन करेंगी।

श्री साहू ने राज्य सरकार से मृतका के अपराधियों को फांसी की सजा दिलाने हेतु कार्रवाई की मांग की।साथ ही मजदूर पिता को सरकारी नौकरी ,परिवार को सुरक्षा और 50 लाख की सहायता राशि उपलब्ध कराने की मांग की।

श्री साहू ने कहा कि सत्ताधारी झामुमो कांग्रेस,राजद को अनर्गल बयानबाजी नहीं करनी चाहिए। अच्छा होगा ये नेता कुसुंबा जाकर स्थिति को देखें।