हजारीबाग: कुसुंबा में मासूम से दरिंदगी पर भड़के भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, कल पीड़ित परिवार से करेंगे मुलाकात

हजारीबाग/विष्णुगढ़ | 26 मार्च 2026: हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ प्रखंड अंतर्गत कुसुंबा गांव में 12 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म और फिर उसकी निर्मम हत्या की घटना ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। इस हृदयविदारक घटना पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद श्री आदित्य साहू ने राज्य सरकार और कानून-व्यवस्था पर कड़ा प्रहार किया है।

कल कुसुंबा गाँव जाएंगे आदित्य साहू

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री आदित्य साहू कल, 27 मार्च 2026 को सुबह 11:00 बजे कुसुंबा गांव पहुंचेंगे। वे पीड़ित परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाएंगे और इस दुख की घड़ी में अपनी संवेदनाएं व्यक्त करेंगे।

"बेटियों की पूजा के समय दरिंदगी, बेखौफ हैं अपराधी"

श्री साहू ने घटना की तीव्र भर्त्सना करते हुए कहा कि यह केवल एक अपराध नहीं, बल्कि शासन-प्रशासन की संवेदनहीनता का प्रमाण है। उन्होंने कहा:

"एक तरफ नवरात्रि का पवित्र त्योहार चल रहा है जहाँ घरों में बेटियों की पूजा हो रही है, वहीं दूसरी ओर एक मासूम के साथ ऐसी हैवानियत की जा रही है। यह बताता है कि राज्य में अपराधियों के मन से पुलिस का भय पूरी तरह समाप्त हो चुका है। अपराधी बेखौफ हैं और प्रशासन मूकदर्शक बना बैठा है।"

सरकार और प्रशासन से तीखे सवाल

सांसद आदित्य साहू ने राज्य सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं राज्य को बार-बार कलंकित कर रही हैं। उन्होंने पूछा कि आखिर सरकार किस बात का इंतजार कर रही है? क्या निर्दोष बेटियों की जान यूँ ही जाती रहेगी? उन्होंने मांग की है कि:

आरक्षण का लाभ उन्हीं को मिले जिनके लिए व्यवस्था बनाई गई है....बाबूलाल मरांडी

भाजपा पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवम नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने धर्मांतरण के बाद आरक्षण और एससी/एसटी एक्ट का संरक्षण प्राप्त करने वाले लोगों के संबंध में माननीय उच्चतम न्यायालय के फैसले पर बड़ी प्रतिक्रिया दी।

श्री मरांडी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई व्यक्ति हिंदू, सिख या बौद्ध धर्म छोड़कर किसी अन्य धर्म को अपनाता है, तो उसे अनुसूचित जाति का दर्जा नहीं मिलेगा... यानी धर्म परिवर्तन के बाद वह व्यक्ति आरक्षण या अन्य संवैधानिक लाभों का दावा नहीं कर सकता।

कहा कि अगर कोई व्यक्ति स्वेच्छा से हिंदू, सिख या बौद्ध धर्म छोड़कर किसी अन्य धर्म को अपनाता है, तो वह उस सामाजिक संरचना से बाहर हो जाता है, जिसके आधार पर उसे आरक्षण का अधिकार मिला था। ऐसे में उस व्यक्ति द्वारा आरक्षित वर्ग के लाभों का दावा करना संविधान की भावना के विपरीत माना गया है।

कहा कि हाल के वर्षों में यह भी देखा गया है कि कुछ संगठित नेटवर्क लोगों को धर्मांतरण के लिए प्रेरित करते हैं, जिसके पीछे सामाजिक या आर्थिक लाभ की सोच भी जुड़ी रहती है। इस तरह के प्रयास न केवल समाज में भ्रम पैदा करते हैं, बल्कि आरक्षण जैसी संवेदनशील व्यवस्था का दुरुपयोग भी करते हैं। ऐसे मामलों पर रोक लगाना आवश्यक था, ताकि वास्तविक हकदारों को ही इसका लाभ मिल सके।

कहा कि माननीय सुप्रीम कोर्ट का यह निर्णय संविधान की गरिमा, सामाजिक न्याय और समान अवसर की भावना को सशक्त करता है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि आरक्षण का लाभ वास्तव में उन्हीं लोगों तक पहुंचे, जिनके उत्थान के लिए यह व्यवस्था बनाई गई है।

रांची: रामनवमी और CBSE 12वीं बोर्ड परीक्षा एक ही दिन, जिला प्रशासन ने जारी की विशेष एडवाईजरी


रांची | 26 मार्च 2026: राजधानी रांची में कल, 27 मार्च 2026 को रामनवमी का महापर्व और CBSE 12वीं बोर्ड की परीक्षा एक साथ होने जा रही है। इस विशेष संयोग को देखते हुए रांची जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। परीक्षार्थियों को केंद्र तक पहुँचने में कोई असुविधा न हो, इसके लिए उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजंत्री के निर्देश पर व्यापक सुरक्षा और ट्रैफिक योजना तैयार की गई है।

ट्रैफिक प्रबंधन और रूट डायवर्जन

रामनवमी के भव्य जुलूस और संभावित भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने परीक्षा केंद्रों तक निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए वैकल्पिक मार्ग (रूट डायवर्जन) निर्धारित किए हैं।

विशेष प्रतिनियुक्ति: सभी परीक्षा केंद्रों के बाहर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल और दंडाधिकारियों (Magistrates) की तैनाती की गई है।

समन्वय: जुलूस मार्ग और परीक्षा केंद्रों के बीच बेहतर तालमेल बिठाने के लिए ट्रैफिक पुलिस को विशेष निर्देश दिए गए हैं।

अभिभावकों और परीक्षार्थियों से विशेष अपील

जिला प्रशासन ने परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों से कुछ महत्वपूर्ण आग्रह किए हैं:

समय से पहले निकलें: त्योहार के कारण सार्वजनिक परिवहन प्रभावित हो सकता है, इसलिए परीक्षार्थी निर्धारित समय से काफी पहले घर से निकलें।

अफवाहों से बचें: किसी भी प्रकार की भ्रामक जानकारी या अफवाह पर ध्यान न दें। प्रशासन व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है।

निर्देशों का पालन: प्रशासन द्वारा जारी रूट चार्ट और निर्देशों का सख्ती से पालन करें।

सोशल मीडिया पर पैनी नजर

जिला प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की भड़काऊ, भ्रामक या आपत्तिजनक पोस्ट साझा करने वालों के खिलाफ विधिसम्मत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साइबर सेल के माध्यम से हर गतिविधि पर निगरानी रखी जा रही है।

प्रशासन का संकल्प

जिला प्रशासन का मुख्य उद्देश्य रामनवमी के पर्व और बोर्ड परीक्षा, दोनों का आयोजन शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराना है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे शांति और सौहार्द बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।

झारखंड विधानसभा की सामान्य प्रयोजन समिति का गढ़वा दौरा, विकास योजनाओं की हुई समीक्षा।

गढ़वा :- झारखंड विधानसभा की सामान्य प्रयोजन समिति ने गुरुवार को गढ़वा जिले का दौरा किया। इस अवसर पर समिति द्वारा परिसदन भवन में विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों के साथ बैठक आयोजित कर जिले में संचालित जन-कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक की अध्यक्षता समिति के सभापति -सह- माननीय विधायक गढ़वा- 80 विद्यानसभा क्षेत्र सत्येंद्र नाथ तिवारी ने की। बैठक में झारखंड विधानसभा के उपसचिव कुंदन सिंह, एसओ उमेश कुमार एवं निजी सचिव गौतम कुमार उपस्थित रहें।

वहीं बैठक के दौरान समिति ने विभिन्न विभागों द्वारा क्रियान्वित विकास योजनाओं की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करते हुए निर्माणाधीन योजनाओं में आ रही समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की। इस क्रम में विधायक फंड, भूमि अधिग्रहण से संबंधित मुआवजा भुगतान, सड़क निर्माण, विभिन्न संरचना निर्माण, ग्रामीण एवं शहरी जलापूर्ति योजनाओं की प्रगति आदि की विशेष रूप से समीक्षा की गई।

वहीं समिति द्वारा विभिन्न सड़क निर्माण के दौरान अधिग्रहित किए गए भूमि के एवज में मुआवजा भुगतान से संबंधित अद्यतन रिपोर्ट से अवगत कराने की बात कही। साथ ही सड़क निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। सड़क निर्माण एवं मुआवजा राशि के भुगतान में हर समस्याओं व शिकायत का समय समाधान निकालने का निर्देश संबंधित पदाधिकारी को दिया गया। खनन विभाग की समीक्षा करते हुए अवैध बालू खनन पर रोक लगाने हेतु आवश्यक उपायों पर विचार-विमर्श किया गया। लक्ष्य के अनुरूपधन अधिप्राप्ति किए जाने संबंधी अधिकतम प्रतिवेदन से अवगत होते हुए पैक्स के माध्यम से की गई धान अधिप्राप्ति के भुगतान में तेजी लाने के लिए जिला आपूर्ति पदाधिकारी को आवश्यक निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त एसी/डीसी बिल के मामलों पर भी गंभीरता से संज्ञान लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश निर्गत किए गए। बैठक में राजस्व एवं भूमि सुधार, भू-अर्जन, खनन विभाग, भवन प्रमंडल, पीएचईडी सहित अन्य विभागों की योजनाओं की जानकारी प्राप्त की गई। शहिद नीलांबर पीतांबर उत्तर कोयल परियोजना (मंडल डैम) के विस्थापितों को रंका रमकंडा क्षेत्र के विश्रामपुर व बलीगढ़ में पुनर्वासित करने के मामले की समीक्षा की गई एवं इस संदर्भ में आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त पुल पुलिया का निर्माण, छात्रावास निर्माण, राशन वितरण, खेल विभाग द्वारा बनाया जा रहे हैं खेल मैदानों की की समीक्षा, बालू घाटों की नीलामी की समीक्षा, स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों एवं बहाली की समीक्षा, गढ़वा जिले से मजदूरों के पलायन के मुद्दे, जिले में लंबित म्युटेशन की समीक्षा, सामाजिक वानिकी के तहत लिए गए योजनाओं की समीक्षा एवं विद्युत विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों समेत ग्रामीण एवं शहरी विभाग के द्वारा किए जा रहे हैं विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए गए।

वहीं इस अवसर पर समिति के सभापति सत्येंद्र नाथ तिवारी ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना हम सभी का दायित्व है। उन्होंने पारदर्शिता एवं जवाबदेही के साथ कार्य करते हुए जनहित में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर बल दिया।

वहीं बैठक में उपरोक्त के अलावे उप विकास आयुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा, डीएफओ ईबी अब्राहम, अपर समाहर्ता राज महेश्वरम, अनुमंडल पदाधिकारी गढ़वा संजय कुमार एवं अनुमंडल पदाधिकारी श्री बंशीधर नगर प्रभाकर मिर्धा, डीआरडीबी निदेशक प्रमेश कुशवाहा, भू-अर्जन पदाधिकारी संजय प्रसाद, जिला परिवहन पदाधिकारी धीरज प्रकाश, सिविल सर्जन डॉ. जेएफ कैनेडी जिला जनसंपर्क पदाधिकारी पंकज कुमार गिरी, विभिन्न अभियंत्रण विभागों के कार्यपालक अभियंतागण, जिला योजना पदाधिकारी शिशिर तिग्गा सहित विभिन्न विभागों के कार्यालय प्रधान व वरीय पदाधिकारीगण समेत अन्य कर्मी उपस्थित रहें।।

रामनवमी को लेकर रांची में अलर्ट, डीजीपी ने की शहर की सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा

रांची, 26 मार्च रामनवमी पर्व को लेकर राजधानी रांची में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में है। बुधवार की देर रात झारखंड की पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) तदाशा मिश्रा की अध्यक्षता में रांची एसएसपी कार्यालय में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की गई।

बैठक में डीजीपी तदाशा मिश्रा ने पर्व के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी पुलिस अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित करने, संवेदनशील एवं भीड़-भाड़ वाले इलाकों की पहचान कर विशेष सतर्कता बरतने तथा जुलूस और शोभायात्रा के रूट का भौतिक सत्यापन करने पर जोर दिया।

इसके साथ ही सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कड़ी निगरानी रखने का निर्देश दिया गया, ताकि किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक सूचना पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। डीजीपी ने अधिकारियों को स्पष्ट रूप से कहा कि किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पुलिस पूरी तरह तैयार रहे।

उपराष्ट्रपति का रांची दौरा: सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, एयरपोर्ट से IIM रांची तक का इलाका 'नो फ्लाइंग जोन' घोषित

रांची | 26 मार्च 2026: भारत के माननीय उपराष्ट्रपति के प्रस्तावित रांची आगमन और प्रस्थान को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े रुख अख्तियार कर लिए हैं। उपराष्ट्रपति की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रांची के अनुमंडल दंडाधिकारी (SDM) सदर ने शहर के एक बड़े हिस्से को 'नो फ्लाइंग जोन' (No Flying Zone) घोषित कर दिया है।

इन इलाकों में उड़ने वाली वस्तुओं पर पाबंदी

जारी आदेश के अनुसार, दिनांक 28 मार्च 2026 को उपराष्ट्रपति के रूट और कार्यक्रम स्थलों के आसपास सुरक्षा घेरा बेहद सख्त रहेगा।

प्रभावित क्षेत्र: बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से हिनू चौक, बिरसा चौक, अरगोड़ा चौक से लेकर लोकभवन और भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) रांची तक।

परिधि: इन मार्गों और स्थलों की 200 मीटर की परिधि में किसी भी प्रकार के ड्रोन (Drones), पैराग्लाइडिंग (Paragliding) और हॉट एयर बैलून (Hot Air Balloons) को उड़ाना पूर्णतः वर्जित रहेगा।

निषेधाज्ञा और समय सीमा

सुरक्षा के दृष्टिकोण से अनुमंडल दंडाधिकारी, सदर द्वारा BNSS की धारा-163 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह निषेधाज्ञा जारी की गई है।

लागू होने का समय: यह पाबंदी 28 मार्च 2026 को प्रातः 06:00 बजे से रात्रि 10:00 बजे तक प्रभावी रहेगी।

कड़ी कार्रवाई: आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ जिला प्रशासन द्वारा सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासनिक मुस्तैदी

उपराष्ट्रपति के आगमन को लेकर रांची जिला प्रशासन और पुलिस बल अलर्ट मोड पर है। रूट लाइनिंग से लेकर कार्यक्रम स्थलों तक की सुरक्षा की कमान वरीय अधिकारियों ने संभाल ली है। आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे सुरक्षा मानकों का पालन करें और किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत सूचित करें।

रांची के सरकारी स्कूलों में 'एनुअल डे' की धूम: 2000 विद्यालयों के 2 लाख बच्चों ने बिखेरा अपनी प्रतिभा का जलवा

रांची | 25 मार्च 2026: रांची जिला प्रशासन की एक अनूठी पहल के तहत बुधवार को जिले के लगभग 2000 सरकारी प्राथमिक एवं मध्य विद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2025-26 का भव्य वार्षिकोत्सव (Annual Day) मनाया गया। निजी स्कूलों की तर्ज पर आयोजित इस कार्यक्रम में 2 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लेकर अपनी सांस्कृतिक और कलात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

निजी स्कूलों जैसी भव्यता, सरकारी स्कूलों की प्रतिभा

राजकीयकृत मध्य विद्यालय, नवीन आरक्षी (कांके रोड) में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी श्री मंजूनाथ भजंत्री ने इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा:

"अक्सर यह माना जाता था कि एनुअल डे केवल निजी स्कूलों की परंपरा है, लेकिन सरकारी स्कूलों के बच्चों में भी अद्भुत प्रतिभा है। जिला प्रशासन ने उन्हें उचित मंच देने के लिए इस कार्यक्रम की शुरुआत की है ताकि बच्चों का आत्मविश्वास बढ़े और स्कूलों में 'ड्रॉप-आउट' की समस्या कम हो सके।"

30 हजार से अधिक सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ

पूरे जिले में उत्सव का माहौल रहा, जहाँ नृत्य, गायन, नाटक और कविता पाठ जैसी कुल 30,000 से अधिक प्रस्तुतियाँ दी गईं।

विशिष्ट उपस्थिति: उप विकास आयुक्त श्री सौरभ कुमार भुवनिया ने राजकीय मध्य विद्यालय, बरियातू में आयोजित कार्यक्रम में शिरकत की। यहाँ पद्मश्री मुकुंद नायक भी अतिथि के रूप में उपस्थित रहे और बच्चों का उत्साहवर्धन किया।

JEPC की भागीदारी: झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद के प्रशासी पदाधिकारी ने जगन्नाथपुर मध्य विद्यालय में छात्रों को प्रोत्साहित किया।

सुदृढ़ शिक्षा और सुशासन का लक्ष्य

उपायुक्त ने राज्य सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि सरकार का मुख्य उद्देश्य हर बच्चे को निःशुल्क और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना है। इस आयोजन के माध्यम से जिला प्रशासन कई महत्वपूर्ण लक्ष्यों पर काम कर रहा है:

सरकारी स्कूलों के प्रति अभिभावकों का विश्वास बढ़ाना।

ड्रॉप-आउट दर को शून्य के करीब लाना।

छात्रों का शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करना।

अभिभावकों से अपील

श्री भजंत्री ने अभिभावकों का अभिनंदन करते हुए उनसे अपील की कि वे अपने बच्चों को प्रतिदिन स्कूल भेजें और उनकी पढ़ाई में निरंतर रुचि लें। कार्यक्रम में स्कूल प्रबंधन समिति (SMC), स्थानीय जनप्रतिनिधियों और शिक्षकों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

तपोवन मंदिर के महंत ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को दिया रामनवमी का निमंत्रण, सपरिवार शोभायात्रा में शामिल होंगे CM


रांची | 25 मार्च 2026: राजधानी रांची के ऐतिहासिक तपोवन मंदिर, निवारनपुर के महंत श्री ओम प्रकाश शरण के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन से शिष्टाचार भेंट की। इस मुलाकात का मुख्य उद्देश्य आगामी 27 मार्च को आयोजित होने वाले भव्य रामनवमी महोत्सव के लिए मुख्यमंत्री को आमंत्रित करना था।

महंत और मंदिर समिति ने दी सपरिवार दावत

प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को 27 मार्च 2026 को रामनवमी के पावन अवसर पर आयोजित होने वाली पारंपरिक शोभायात्रा और धार्मिक अनुष्ठानों में सपरिवार सम्मिलित होने का सादर निमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री ने इस स्नेहपूर्ण आमंत्रण को सहर्ष स्वीकार किया और मंदिर समिति के सदस्यों को अपनी शुभकामनाएं प्रेषित कीं।

सद्भाव और शांति की अपील

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस अवसर पर समस्त राज्यवासियों को रामनवमी की अग्रिम बधाई देते हुए अपील की कि यह महापर्व आपसी प्रेम और भाईचारे का प्रतीक है। उन्होंने कहा:

"रामनवमी का त्योहार हमारी आस्था और गौरवशाली परंपरा का हिस्सा है। मेरी राज्यवासियों से अपील है कि वे इस उत्सव को पूरी शांति, सद्भाव और आपसी सौहार्द के साथ मनाएं।"

प्रतिनिधिमंडल में ये रहे शामिल

महंत श्री ओम प्रकाश शरण के साथ इस प्रतिनिधिमंडल में तपोवन मंदिर समिति के सदस्य श्री प्रणय कुमार वर्मा, श्री अयोध्या दास और श्री आशुतोष दास मुख्य रूप से उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को रामनवमी शोभायात्रा का आमंत्रण: विभिन्न महावीर मंडलों ने की शिष्टाचार भेंट

रांची | 25 मार्च 2026: आगामी रामनवमी महोत्सव को लेकर राजधानी रांची में उत्साह का माहौल है। इसी कड़ी में बुधवार को मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन से उनके कांके रोड स्थित आवासीय कार्यालय में विभिन्न रामनवमी समितियों और महावीर मंडलों के प्रतिनिधिमंडलों ने शिष्टाचार भेंट की।

भव्य शोभायात्रा के लिए सपरिवार आमंत्रण

प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने मुख्यमंत्री को आगामी 27 मार्च 2026 को आयोजित होने वाली भव्य रामनवमी शोभायात्रा में सपरिवार सम्मिलित होने के लिए सादर आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री ने सभी आमंत्रणों को हर्षपूर्वक स्वीकार किया और आयोजन समितियों को महापर्व की अग्रिम शुभकामनाएँ दीं।

भाईचारे और शांति की अपील

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन ने समाज के सभी वर्गों से रामनवमी का त्योहार आपसी भाईचारे, सौहार्द और शांतिपूर्ण वातावरण में मनाने की अपील की। उन्होंने उपस्थित पदाधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों से कहा:

"रामनवमी का पर्व हमारी साझा संस्कृति और अटूट आस्था का प्रतीक है। इसे पूरी गरिमा और सद्भाव के साथ मनाया जाए। उत्सव के दौरान असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर रखी जाए ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे और कोई अप्रिय घटना न हो।"

प्रशासनिक मुस्तैदी के निर्देश

बैठक के दौरान रांची के उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजंत्री और वरिष्ट पुलिस अधीक्षक (SSP) श्री राकेश रंजन भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और जुलूस मार्ग पर विशेष निगरानी रखने के आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

इन समितियों की रही उपस्थिति

आमंत्रण देने वालों में श्री महावीर मंडल महानगर समिति (अध्यक्ष कुणाल अजमानी), श्री महावीर मंडल केंद्रीय समिति (अध्यक्ष सागर वर्मा), श्री रामनवमी श्रृंगार समिति महावीर चौक (अध्यक्ष बबलू यादव), श्री श्री महावीर मंडल तपोवन मंदिर (अध्यक्ष सुशील दुबे), डोरंडा महावीर मंडल (अध्यक्ष आलोक दुबे) और केंद्रीय शांति समिति के सदस्य मुख्य रूप से शामिल थे।

बिरसा जैविक उद्यान में गूँजी नन्हीं शेरनी की दहाड़: 4 माह की हुई शावक, अब दर्शक TV पर कर सकेंगे दीदार

रांची | 25 मार्च 2026: रांची के ओरमांझी स्थित भगवान बिरसा जैविक उद्यान के लिए आज का दिन बेहद खास रहा। उद्यान प्रबंधन ने आधिकारिक तौर पर एक नन्ही एशियाई शेरनी (शावक) के जन्म और उसके स्वस्थ होने की जानकारी साझा की है। लगभग 4 माह की हो चुकी इस शावक का आज प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री संजीव कुमार और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में भव्य स्वागत किया गया।

खाली पड़े शेर के बाड़े में लौटी रौनउद्यान के निदेशक श्री जब्बार सिंह ने बताया कि पूर्व में मौजूद शेरों की वृद्धावस्था के कारण मृत्यु हो जाने से बाड़ा रिक्त हो गया था। इसके बाद विशेष प्रयासों के तहत 16 जून 2025 को छत्तीसगढ़ (रायपुर) के नंदनवन जू से एशियाई शेर का जोड़‘अभय’ (नर) और ‘सबरी’ (मादा) को पशु आदान-प्रदान कार्यक्रम के तहत रांची लाया गया था।

मौत को मात देकर स्वस्थ हुई नन्हीं शावक

जानकारी के अनुसार, मादा शेरनी 'सबरी' ने 28 नवंबर 2025 को इस मादा शावक को जन्म दिया था। हालांकि, जन्म के 10 दिन बाद ही शावक की स्थिति अत्यंत गंभीर हो गई थी।

  • विशेष देखभाल: शावक को उसकी माँ से अलग कर जंतु अस्पताल के विशेष कक्ष में रखा गया।
  • टीम का प्रयास: उद्यान के सहायक वन संरक्षक, पशु चिकित्सक, जीव वैज्ञानिक और वन रक्षियों की दिन-रात की मेहनत के बाद अब शावक पूरी तरह स्वस्थ है और 4 माह की हो चुकी है।

नर्सरी में शिफ्टिंग और लाइव दीदार की व्यवस्था

चूंकि शावक अब बड़ी हो रही है, उसे उसकी माँ के समीप स्थित विशेष नर्सर में शिफ्ट किया गया है, जहाँ उसकी निरंतर निगरानी की जाएगी।

  • दर्शकों के लिए तोहफा: शावक की सुरक्षा और संक्रमण से बचाव के लिए उसे सीधे बाड़े में नहीं छोड़ा गया है। दर्शकों के लिए उद्यान में एबड़ा टीवी लगाया गया है, जिसमें सीसीटीवी (CCTV) के माध्यम से लोग इस नन्हीं शावक की अठखेलियों का सीधा दीदार कर सकेंगे।

इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति


इस खुशी के मौके पर एचओएफएफ (HoFF) श्री संजीव कुमार सहित वन विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। उद्यान प्रबंधन ने इसे वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक बड़ी सफलता बताया है।