बिरसा जैविक उद्यान में गूँजी नन्हीं शेरनी की दहाड़: 4 माह की हुई शावक, अब दर्शक TV पर कर सकेंगे दीदार
रांची | 25 मार्च 2026: रांची के ओरमांझी स्थित भगवान बिरसा जैविक उद्यान के लिए आज का दिन बेहद खास रहा। उद्यान प्रबंधन ने आधिकारिक तौर पर एक नन्ही एशियाई शेरनी (शावक) के जन्म और उसके स्वस्थ होने की जानकारी साझा की है। लगभग 4 माह की हो चुकी इस शावक का आज प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री संजीव कुमार और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में भव्य स्वागत किया गया।
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खाली पड़े शेर के बाड़े में लौटी रौनउद्यान के निदेशक श्री जब्बार सिंह ने बताया कि पूर्व में मौजूद शेरों की वृद्धावस्था के कारण मृत्यु हो जाने से बाड़ा रिक्त हो गया था। इसके बाद विशेष प्रयासों के तहत 16 जून 2025 को छत्तीसगढ़ (रायपुर) के नंदनवन जू से एशियाई शेर का जोड़‘अभय’ (नर) और ‘सबरी’ (मादा) को पशु आदान-प्रदान कार्यक्रम के तहत रांची लाया गया था।
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मौत को मात देकर स्वस्थ हुई नन्हीं शावक
जानकारी के अनुसार, मादा शेरनी 'सबरी' ने 28 नवंबर 2025 को इस मादा शावक को जन्म दिया था। हालांकि, जन्म के 10 दिन बाद ही शावक की स्थिति अत्यंत गंभीर हो गई थी।
- विशेष देखभाल: शावक को उसकी माँ से अलग कर जंतु अस्पताल के विशेष कक्ष में रखा गया।
- टीम का प्रयास: उद्यान के सहायक वन संरक्षक, पशु चिकित्सक, जीव वैज्ञानिक और वन रक्षियों की दिन-रात की मेहनत के बाद अब शावक पूरी तरह स्वस्थ है और 4 माह की हो चुकी है।
नर्सरी में शिफ्टिंग और लाइव दीदार की व्यवस्था
चूंकि शावक अब बड़ी हो रही है, उसे उसकी माँ के समीप स्थित विशेष नर्सर में शिफ्ट किया गया है, जहाँ उसकी निरंतर निगरानी की जाएगी।
- दर्शकों के लिए तोहफा: शावक की सुरक्षा और संक्रमण से बचाव के लिए उसे सीधे बाड़े में नहीं छोड़ा गया है। दर्शकों के लिए उद्यान में एबड़ा टीवी लगाया गया है, जिसमें सीसीटीवी (CCTV) के माध्यम से लोग इस नन्हीं शावक की अठखेलियों का सीधा दीदार कर सकेंगे।
इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति
इस खुशी के मौके पर एचओएफएफ (HoFF) श्री संजीव कुमार सहित वन विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। उद्यान प्रबंधन ने इसे वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक बड़ी सफलता बताया है।













2 hours and 36 min ago
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