जल की एक-एक बूंद अमृत के समान, प्रयागराज के सीएमपी डिग्री कॉलेज में जल संकट की समस्या पर जताई चिंता

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज।विश्व जल दिवस के उपलक्ष्य में सीएमपी डिग्री काॅलेज एवं राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी ने नासी सभागार में कार्यशाला की। 'पानी एवं हमारा भविष्य' विषय पर बोलते हुए मुख्य अतिथि अध्येता अरुण तिवारी ने कहा कि जल की चुनौतियों से पूरी दुनिया जूझ रही है। भारत का समाज शुरु से प्रकृति का पूजक रहा है। समाज ने ही तालाब बनाया कुंएं बनाए और नदियां अविरल, निर्मल एवं सदानीरा थीं। व्यक्ति, संस्था एवं समुदाय के स्तर पर हमको अपनी जिम्मेदारी तय करनी होगी। जल चक्र ठीक करने की आवश्यकता है।

जल प्रबंधन एवं वर्षा जल संचयन पर जोर

World Water Day 2026 जल साक्षरता सर्टिफिकेट कोर्स के संयोजक डाॅ. प्रमोद शर्मा ने कहा कि पानी की एक एक बूंद अमृत के समान हैं। जल प्रबंधन एवं वर्षा जल संचयन एवं पौधारोपण से हम बहुत सी समस्याओं को कम कर सकते हैं। शुद्ध पेय जल सबको उपलब्ध होना चाहिए। नासी के सचिव डाॅ. संतोष शुक्ला ने अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने नासी के उद्देश्य एवं अपने विचारों को साझा किया। छात्र-छात्राओं ने गंगा गैलरी का अवलोकन भी किया।

पुरस्कृत हुए छात्र-छात्राएं

World Water Day 2026 निबंंध लेखन में प्रथम पुरस्कार अनुष्का आरख, द्वितीय पुरस्कार ज्योति त्रिपाठी एवं निष्ठा नाथ को तृतीय पुरस्कार शांति सिंह एवं अनन्या सिंह को दिया गया। पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में शिल्पी सिंह को प्रथम पुरस्कार, अनन्या सिंह और वंदना तिवारी को द्वितीय पुरस्कार, मैत्रीय कपूर एवं भूमिखा आरख को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया। आर्यशेखर, प्रो. एसएम प्रसाद, डा. डीके साहू, डा. सर्वेश सिंह, डा. पूजा गौर, डा. श्रद्धा श्रीवास्तव आदि उपस्थित रहे।

आठ माह में तैयार हुई बड़ी पेयजल योजना, बभनकुइया में घर-घर नल से शुद्ध पानी पहुंचा — जल जीवन मिशन का ग्रामीणों को मिला सीधा लाभ

विश्व जल दिवस पर भव्य जल अर्पण दिवस समारोह, सांसद प्रवीण पटेल और विधायक दीपक पटेल की मौजूदगी में गांव को समर्पित हुई योजना, जल संरक्षण का दिलाया गया संकल्प

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज।विश्व जल दिवस के अवसर पर विकास खंड सहसों के ग्राम बभनकुइया में जल जीवन मिशन के अंतर्गत तैयार की गई पेयजल योजना को विधिवत जनता को समर्पित किया गया। जल अर्पण दिवस के रूप में आयोजित इस भव्य समारोह में क्षेत्रीय सांसद प्रवीण पटेल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि कार्यक्रम का संचालन जिला समन्वयक अश्विनी श्रीवास्तव द्वारा किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत जल संरक्षण की शपथ दिलाकर की गई। उपस्थित लोगों को जल बचाने, स्वच्छ पानी का उपयोग करने तथा जल स्रोतों को सुरक्षित रखने का संकल्प दिलाया गया। इस अवसर पर विधायक दीपक सिंह पटेल तथा अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे संजीव कुमार शाक्य भी समारोह में मौजूद रहे। समारोह के दौरान जल जीवन मिशन के अंतर्गत तैयार की गई नल पेयजल योजना को जल अर्पण कर ग्राम प्रधान अशोक कुमार को सौंपा गया।

योजना के चालू होते ही ग्राम बभनकुइया के सैकड़ों परिवारों को घर-घर शुद्ध पेयजल मिलने की व्यवस्था शुरू हो गई है। ग्रामीणों ने बताया कि पहले उन्हें पानी के लिए दूर स्थित हैंडपंप, कुएं और तालाबों पर निर्भर रहना पड़ता था, जिससे काफी परेशानी होती थी, लेकिन अब नियमित जलापूर्ति से बड़ी राहत मिली है। अधिशासी अभियंता प्रवीण कुट्टी ने बताया कि इस योजना को लगभग आठ माह की अवधि में पूरा किया गया। कार्यदायी संस्था लार्सन एंड टूब्रो निर्माण दल द्वारा पाइप लाइन बिछाने, पानी की टंकी बनाने तथा घर-घर कनेक्शन देने का कार्य तेजी से किया गया, जिससे समय से पहले योजना पूरी हो सकी। योजना के पूर्ण होने से पूरे गांव को स्थायी पेयजल व्यवस्था से जोड़ दिया गया है।

समारोह के दौरान अतिथियों ने वृक्षारोपण कर जल संरक्षण का संदेश दिया और लोगों से जल बर्बादी रोकने की अपील की। वक्ताओं ने कहा कि जल जीवन मिशन का उद्देश्य प्रत्येक घर तक नल से स्वच्छ पानी पहुंचाना है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में बीमारी कम होगी, स्वच्छता बढ़ेगी और जीवन स्तर में सुधार होगा। इस अवसर पर जल जीवन मिशन के अधिशासी अभियंता प्रवीण कुट्टी, सहायक अभियंता, अवर अभियंता, जिला समन्वयक अश्विनी श्रीवास्तव, कार्यदायी संस्था के परियोजना निदेशक शुभंकर सिल, गोविन्दराजन, साहिदुल इस्लाम, प्रशांत मिश्रा, आकाश यादव सहित पूरी तकनीकी टीम मौजूद रही। कार्यक्रम में ग्राम प्रधान अशोक कुमार, पंचायत प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

प्रयागराज -कानपुर सेक्शन में कवच लागू

विश्वनाथ प्रताप सिंह
प्रयागराज । उत्तर मध्य रेलवे ने आज, 22 मार्च 2026 को प्रयागराज– कानपुर सेक्शन (190 रूट किलोमीटर) पर 'कवच' स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली को सफलतापूर्वक लागू कर दिया है। 'कवच' प्रणाली को औपचारिक तौर पर गाड़ी संख्या 14163 के माध्यम से लागू किया गया। आज इस ट्रेन के लोकोमोटिव में उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक श्री एन.पी. सिंह ने 'कवच' प्रणाली के प्रदर्शन का आकलन करने के लिए ट्रेन संख्या 14163 में सवार होकर सूबेदारगंज से मनौरी स्टेशन तक 'फुटप्लेट निरीक्षण' भी किया।

पहले चरण में, 'कवच' को इस मार्ग पर संचालित हो रही आठ जोड़ी ट्रेनों गाड़ी संख्या 14113/14114, 14163/14164, 12307/12308, 12417/12418, 22437/22438, 15003/15004, 20433/20434, और 12403/12404 पर लागू किया जाएगा। इसके अलावा अन्य  ट्रेनों और 'वंदे भारत' ट्रेनों को भी धीरे-धीरे इसमें शामिल किया जाएगा।

यह शुरुआत भारतीय रेलवे के सबसे महत्वपूर्ण सेक्शनों में से एक पर 160 किमी/घंटा की गति से ट्रेन चलाने, रेलवे सुरक्षा को बढ़ाने और परिचालन दक्षता में सुधार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
सपा से आए देवी सिंह पटेल को भाजपा में मिली जिला उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी... सोशल मीडिया पर बहस


विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज। प्रयागराज के यमुनापार में भारतीय जनता पार्टी के जिला पदाधिकारियों की सूची जारी होने के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। भाजपा के ही नेता करछना निवासी सुशील त्रिपाठी ने संगठन में जिला उपाध्यक्ष बनाए गए देवी सिंह पटेल की सपा मुखिया अखिलेश यादव के साथ तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर करके तंज कसा। इसी तरह करछना के अनुज शर्मा ने भी भाजपा के नवनिर्वाचित जिला उपाध्यक्ष देवी सिंह पटेल की सपा नेताओं के साथ फोटो शेयर कर बधाई देते हुए तंज कसा है।

बता दें कि हाल ही में बीजेपी यमुनापार जिला अध्यक्ष राजेश शुक्ला की नई टीम की घोषणा की गई। उसमें जिला उपाध्यक्ष के रूप में देवी सिंह पटेल का चयन किया गया है। देवी सिंह पटेल पूर्व विधायक राम सेवक पटेल के बेटे हैं। चर्चित संस्थान शुआट्स में वह बतौर शिक्षक भी कार्य किए। इसके अलावा वह समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ भी रहे। सोशल मीडिया पर लगातार तंज के बीच चर्चाओं का बाजार गर्म है। कमेंट बॉक्स में लोग तरह तरह की बातें कर रहे हैं। वहीं सपा से भाजपा में शामिल देवी सिंह पटेल को उनके समर्थक बधाई दे रहे हैं। माना जा रहा है कि करछना या मेजा से देवी सिंह पटेल चुनाव भी लड़ सकते हैं। दोनों विधानसभा सीटों पर देवी सिंह पटेल और उनके पिता पूर्व विधायक राम सेवक पटेल की अच्छी पैठ है।
करछना में संजय मोटर्स के सोनालिका ट्रैक्टर शोरूम का भव्य उद्घाटन, किसानों की भारी भीड़ उमड़ी

विश्वनाथ प्रताप सिंह

करछना, प्रयागराज। क्षेत्र के किसानों के लिए बड़ी सौगात के रूप में करछना में संजय मोटर्स द्वारा सोनालिका ट्रैक्टर के भव्य शोरूम का उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में प्रयागराज के सांसद उज्जवल रमन सिंह ने फीता काटकर शोरूम का उद्घाटन किया, जबकि वरिष्ठ अतिथि के रूप में सोनालिका कंपनी के स्टेट हेड राजीव सिंह उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में क्षेत्र के हजारों किसानों की उपस्थिति ने आयोजन को खास बना दिया। इस मौके पर संजय मोटर्स के प्रोपराइटर ज्ञान प्रकाश तिवारी (प्रधान, बेनीपुर), संजय शुक्ला, अवनीश, आशीष शुक्ला (कोटवा) ने सभी किसानों का आभार व्यक्त किया।

सांसद उज्जवल रमन सिंह ने अपने संबोधन में आधुनिक खेती, मशीनीकरण और किसानों की आय बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि नई तकनीक और उन्नत कृषि उपकरणों से किसानों की समृद्धि के साथ-साथ युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

शोरूम में किसानों को बेहतर सुविधा देने के लिए कंपनी द्वारा प्रशिक्षित टेक्नीशियन की व्यवस्था की गई है, जो घर तक सर्विस उपलब्ध कराएंगे। इससे किसानों का समय और डीजल दोनों की बचत होगी।

इस दौरान सोनालिका कंपनी के स्टेट हेड राजीव सिंह ने कंपनी के इतिहास, प्रोडक्ट रेंज और आधुनिक तकनीक के बारे में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही सांसद और कंपनी अधिकारियों द्वारा सोनालिका की नई गोल्ड सीरीज ट्रैक्टर D-745 III का भव्य अनावरण भी किया गया।

कार्यक्रम में कंपनी के डिप्टी एरिया मैनेजर चंद्रकांत सिंह, अनमोल राठौर (फील्ड ऑफिसर), डीलर सत्यम शुक्ला, सत्यम त्रिपाठी सहित किसान सुरेश, पंकज, नीरज सिंह, इरफान, अवनीश समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

कार्यक्रम के अंत में पांच किसानों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया और कृषि में नई तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।

मार्च में जनवरी सी सिहरन क्यों? 22 मार्च तक मौसम में रहेगी नरमी, फिर गर्मी दिखाएगी तेवर

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज।शुक्रवार व शनिवार सुबह की आंधी-बारिश के बाद रात में और शनिवार सुबह हवा में सिहरन बरकरार थी। हल्की कंपकंपी भी लग रही थी। पंखे की हवा भी ठंड का एहसास करा रही थी। वहीं एक दिन पूर्व दोपहर में तल्ख धूप और रात में भी गर्मी परेशान कर रही थी। कूलर और एसी भी चलने लगी थी। वहीं शुक्रवार को मौसम बदलने से अधिकतम तापमान 37.3 डिग्री सेल्सियस से गिरकर 28.4 पर आ गया।

अधिकतम तापमान में भारी गिरावट

Prayagraj Weather Update मौसम ने अचानक करवट लेना लोगों को चौंका दिया है। मौसम में इस अचानक बदलाव का सबसे बड़ा असर तापमान पर देखने को मिला। गुरुवार को जहां तेज धूप के कारण अधिकतम तापमान 37.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, वहीं शुक्रवार को यह गिरकर 28.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इतना ही शनिवार को भी रहा। इस तरह एक ही दिन में करीब नौ डिग्री सेल्सियस की भारी गिरावट ने मौसम को सुहावना बना दिया। शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 20.5 डिग्री सेल्सियस था, जबकि शनिवार को और गिरकर 15 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। इससे सुबह ठंड बनी रही।

अचानक क्यों बदला प्रयागराज का मौसम?

Prayagraj Weather Update मौसम विशेषज्ञों के अनुसार यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय स्तर पर बने दबाव के कारण हुआ है। इसकी वजह से तेज हवाएं, गरज-चमक और बारिश का यह दौर देखने को मिला। कल रविवार 22 मार्च तक मौसम का यही मिजाज बना रह सकता है। इस दौरान तापमान सामान्य से नीचे रहने की संभावना है और बादलों की आवाजाही जारी रह सकती है। 23 मार्च के बाद मौसम के साफ होने और मंगलवार से तापमान में फिर से बढ़ोतरी के संकेत हैं। इसके साथ ही गर्मी दोबारा अपने तेवर दिखा सकती है।

1320 MW ताप विधुत परियोजना का संचालन करने वाले ऊर्जा निगम की आरसी क्यों कटी, प्रयागराज खनन विभाग ने क्या दी रिपोर्ट

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज।मेजा के कोहड़ार घाट स्थित मेजा ऊर्जा निगम पर खनन विभाग का लगभग 36 करोड़ रुपये का बकाया है, जिस पर विभाग की रिपोर्ट पर तहसील प्रशासन ने निगम की आरसी (रिकवरी सर्टिफिकेट) काट दिया है। निर्धारित समय पर धनराशि न जमा हुई तो प्रशासन की ओर से आगे सख्त कार्यवाही की जाएगी।

1320 मेगावाट की ताप विद्युत परियोजना का संचालक

मेजा ऊर्जा निगम कोहड़ार घाट एनटीपीसी लिमिटेड और उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड का यह संयुक्त उपक्रम है। निगम 1320 मेगावाट की ताप विद्युत परियोजना का संचालन करता है। ऊर्जा सुरक्षा में यह प्लांट महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। आरसी काटने के पहले निगम को पिछले लगभग 10-11 वर्षों में 100 से ज्यादा नोटिस भेजा जा चुका है। खनन विभाग के मुताबिक प्लांट निर्माण के दौरान निगम ने लगभग 55 लाख घन मीटर खनिज का उपयोग किया है, जिसमें गिट्टी और पत्थर शामिल है।

रायल्टी का भुगतान बकाया है

ज्येष्ठ खान अधिकारी केके राय ने बताया कि इसकी रायल्टी का भुगतान बकाया चला आ रहा है, जिसकी आरसी काटी गई है। हालांकि निगम ने थोड़ा-थोड़ा कर शुरुआत में लगभग तीन करोड़ रुपये जमा किया है मगर पूरे भुगतान को लेकर शासन स्तर पर कवायद तेज हुई तो आरसी काटी गई।

प्रकरण मंडलायुक्त न्यायालय में भी

इस बाबत निगम के एजीएम एचआर विवेक चंद्रा का कहना है कि खनन विभाग को सर्वे रिपोर्ट के अभिलेख उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है। इसके आधार पर बोर्ड से स्वीकृति ली जाएगी, फिर भुगतान कराने की कोशिश शुरू होगी। इस बाबत तहसील और जिला प्रशासन तथा खनन विभाग के अधिकारियों से कई बार वार्ता भी हुई है। इसके साथ ही इस प्रकरण को मंडलायुक्त न्यायालय में भी ले जाया गया है।

बकाए पर पट्टाधारकों की भी कटी आरसी

मेजा क्षेत्र में लगभग पौने दो करोड़ रुपये के बकाए पर छह खनन पट्टों के दो प्रोपराइटर की भी आरसी काटी गई है। इसमें लगभग 1.27 करोड़ के बकाए पर महीप कांस्ट्रक्शन के महीप सिंह निवासी बिसेन का पूरा उरुवा, मेजा तथा लगभग 82 लाख के बकाए पर जय मां आदि ग्रुप की रेनू पत्नी सत्येंद्र कुमार निवासी दरी, मेजा की आरसी काट दी गई है।

जिलाधिकारी प्रयागराज ने सेमरी घाट पर अवैध बालू खनन की जांच के लिए टास्क फोर्स टीम का किया  गठन

टीम के पहुंचते ही पहुचीं  बालू लदी नाव सेमरी घाट पत्ते धारक की खुली पोल


विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज। जांच टीम की भनक लगते ही रास्ते में कर दिया गड्डा, रास्ता पाट कर घाट पर पहुची टीम- जिलाधिकारी प्रयागराज ने टास्क फोर्स टीम गठित कर सेमरी घाट भेजी। एसडीएम बारा की टीम ने लालापुर क्षेत्र के सेमरी तरहार गांव के यमुना घाट पर छापेमारी की।
- जांच टीम में वैभव सोनी, टास्क फोर्स अधिकारी महबूब खान और खनन विभाग के अधिकारी शामिल थे।
- जांच में दोनों तरफ से परिवहन की शिकायतें मिलीं, जिस पर कार्रवाई की जाएगी। इसके पहले आनंद मिश्रा के द्वारा खंड संख्या चार की शिकायत खनन विभाग को की गई थी जिस पर खनन इंस्पेक्टर वैभव सोनी में मौके पर पहुंच करके जांच  किया और खनन को आवैध पाया जिस पर उन्होंने पत्ते धारक के ऊपर 40 लाख का जुर्माना लगाया था इसके बावजूद इस पार जहाँ सूखा रेत नही है नाव द्वारा बालू का कार्य शुरू किया गया l
-  देखना यह है कि क्या खनन विभाग अधिकारी इस पर सही कार्य करते हैं अथवा गोल-गोल किया जाता है
बहुजनों को हुक्मरान बनाने हेतु आसपा कर रही है कैडर बैठके
महाड चवदार तालाब सत्याग्रह की मनाई गई 99 वीं वर्षगांठ

महाड़ सत्याग्रह सम्मान, समानता और मानवाधिकार की लड़ाई थी



  विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज। यमुनापार की तहसील बारा विकास खण्ड शंकरगढ़ थाना लालापुर स्थित ग्रामसभा कोठरी बगीचा में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के तत्वावधान में सेक्टर बूथ गठन के साथ बूथ जीतो चुनाव जीतो के तहत जिला महामंत्री उच्च न्यायालय के अधिवक्ता आईपी रामबृज की अध्यक्षता में कैडर बैठक आयोजित की गई।
            कैडर बैठक में जिला महामंत्री आसपा आईपी रामबृज ने सर्वप्रथम महाड़ सत्याग्रह पर प्रकाश डाला और बताया कि आज से 99 वर्ष पहले डा. बाबासाहेब भीमराव रामजी अम्बेडकर के नेतृत्व में महाड में चवदार तालाब सत्याग्रह हुआ था।
यह सिर्फ पानी पीने का अधिकार नहीं, बल्कि सम्मान, समानता और मानवाधिकारों की लड़ाई का ऐतिहासिक प्रतीक था।
         आईपी रामबृज ने आगे बताया कि हजारों बहुजन साथियों ने अन्यायपूर्ण भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाई और समाज को यह संदेश दिया कि अधिकार मांगने से नहीं, बल्कि उसे हासिल करने से मिलते हैं। बहुजन समाज पर अन्याय अत्याचार न हो इसके लिए बहुजन समाज को अपनी सत्ता बनानी होगी। सत्ता बनाने से पूर्व बहुजन समाज को अपना इतिहास जानना होगा। जिस दिन बहुजन समाज अपना इतिहास जान जाएगा उसकी प्राप्ति हेतु संघर्ष करेगा तो निश्चित ही आजाद समाज पार्टी कांशीराम के राष्ट्रीय अध्यक्ष नगीना सांसद एडवोकेट चन्द्रशेखर आजाद के नेतृत्व में डा. अम्बेडकर और मान्यवर कांशीराम साहब का सपना जल्द साकार होगा।
        बैठक में विधानसभा अध्यक्ष बारा मुकेश पासी, मास्टर गंगादीन, दीपक कुमार भारतीय, आकाश, लक्ष्मी, रीता, चंद्रावती, सुषमा, सूरजकली, रेशमा, फोटो देवी, सरिता, शांति, रेखा, संगीता, विमला के साथ पचासों लोग उपस्थित रहे।
प्रयागराज में नदियों के कायाकल्प और बाढ़ मुक्ति हेतु नीदरलैंड्स के साथ रणनीतिक साझेदारी

विश्वनाथ प्रताप सिंह


प्रयागराज। प्रयागराज अपनी जल निकासी और बाढ़ की पुरानी समस्याओं के स्थायी समाधान हेतु 'नदी-केंद्रित' शहरी नियोजन मॉडल की ओर निर्णायक कदम बढ़ा रहा है। इसी क्रम में, मण्डलायुक्त सौम्या अग्रवाल की अध्यक्षता में दो दिवसीय 'जल एक साधन के रूप में' (वॉटर एज़ लीवरेज) कार्यशाला का समापन समारोह आज सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

इस विशेष आयोजन में नीदरलैंड्स के अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों और राष्ट्रीय स्तर के हितधारकों ने सहभागिता की, जिसका मुख्य उद्देश्य शहर की जल संबंधी चुनौतियों को सतत विकास के अवसरों में बदलना था। यह कार्यशाला प्रयागराज के लिए तैयार की गई 'शहरी नदी प्रबंधन योजना' (URMP) को धरातल पर उतारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था।

कार्यशाला के दौरान प्रयागराज की आंतरिक नदियों और जलमार्गों की वर्तमान स्थिति पर गहन मंथन किया गया, जिसमें कालिंदीपुरम नाले को 'हरित और स्वच्छ' गलियारे के रूप में विकसित करने का विस्तृत प्रस्ताव दिया गया। डच विशेषज्ञों ने 'प्रकृति आधारित समाधानों' के माध्यम से गंदे पानी और वर्षा जल को अलग-अलग प्रवाहित करने वाली 'दोहरी प्रणाली' का सुझाव दिया। इस नवाचार से न केवल क्षेत्र की स्वच्छता सुनिश्चित होगी, बल्कि शहर को जल निकासी का एक सुदृढ़ विकल्प भी प्राप्त होगा।

कार्यशाला में आगामी कुंभ मेला 2031 को ध्यान में रखते हुए यमुना तट (रिवरफ्रंट) के लिए एक रोडमैप भी प्रस्तुत किया गया। प्रस्तावित डिजाइन में एक 'पारिस्थितिक पार्क' और 'प्रदर्शनी घाट' शामिल है, जो जैव विविधता और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देगा। यह परियोजना इस बात का अनूठा उदाहरण होगी कि कैसे आधुनिक शहरी बुनियादी ढांचा और नदियों का प्राकृतिक स्वरूप एक साथ विकसित हो सकते हैं।

ससुर खदेरी नदी के पुनरुद्धार को भी प्राथमिकता दी गई। वर्तमान में यह नदी व्यापक अवैध कब्जों, अनियोजित निर्माण और शहरी कचरे के कारण एक संकरे और प्रदूषित नाले में तब्दील हो चुकी है। इसकी जल धारण क्षमता कम होने के कारण मानसून के दौरान यह उफान पर आ जाती है, जिससे आसपास के रिहायशी इलाकों में भीषण जलभराव होता है। विशेषज्ञों ने इन रुकावटों को हटाने, नदी क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त करने और इसे पुनः शहर के मुख्य निकासी तंत्र से जोड़ने के लिए सुझाव दिए।

इस पहल के तहत, डच कार्यक्रम तकनीकी सहायता के अवसर तलाशेगा और प्रयागराज के लिए चिन्हित दो प्रमुख कार्यों के लिए 'विस्तृत परियोजना रिपोर्ट' (DPR) तैयार करने में सहयोग करेगा। इस दौरान स्थानीय चुनौतियों, जैसे कि शहरी रूपरेखा, गाद प्रबंधन और अपशिष्ट प्रबंधन की पहचान की गई है। यमुना तट के लिए प्रस्तावित पार्क न केवल स्वास्थ्य और मनोरंजन को बढ़ावा देगा, बल्कि मौजूदा घाटों और नौका क्लब (बोट क्लब) को जोड़ते हुए एक नया पारिस्थितिक स्वरूप प्रदान करेगा।

समापन सत्र को संबोधित करते हुए मण्डलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि शहर की मुख्य समस्याओं की पहचान की जा चुकी है और अब इन्हें समयबद्ध तरीके से क्रियान्वित करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जल प्रबंधन में नीदरलैंड्स का वैश्विक अनुभव प्रयागराज के लिए एक मार्गदर्शक रूपरेखा का कार्य करेगा। नगर आयुक्त श्री साई तेजा ने इस बात पर जोर दिया कि नदियों का पारिस्थितिक संतुलन बहाल करना शहर के भविष्य के लिए अनिवार्य है। 'विश्व जल दिवस' (22 मार्च) से पूर्व आयोजित इस बैठक में "जल और महिला नेतृत्व" विषय पर भी विशेष चर्चा हुई, जिसमें मण्डलायुक्त ने कहा कि जल सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निर्णय लेने की प्रक्रिया में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

यह आयोजन राज्य स्वच्छ गंगा मिशन-उत्तर प्रदेश और नीदरलैंड सरकार के सहयोग से आयोजित किया गया था। इस अवसर पर नीदरलैंड्स के जल आयुक्त मिस्टर सैंडर कारपाई, राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के उप महानिदेशक श्री नलिन श्रीवास्तव, संयुक्त राष्ट्र पर्यावास (UN-Habitat) और नीदरलैंड दूतावास के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।