मार्च में जनवरी सी सिहरन क्यों? 22 मार्च तक मौसम में रहेगी नरमी, फिर गर्मी दिखाएगी तेवर

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज।शुक्रवार व शनिवार सुबह की आंधी-बारिश के बाद रात में और शनिवार सुबह हवा में सिहरन बरकरार थी। हल्की कंपकंपी भी लग रही थी। पंखे की हवा भी ठंड का एहसास करा रही थी। वहीं एक दिन पूर्व दोपहर में तल्ख धूप और रात में भी गर्मी परेशान कर रही थी। कूलर और एसी भी चलने लगी थी। वहीं शुक्रवार को मौसम बदलने से अधिकतम तापमान 37.3 डिग्री सेल्सियस से गिरकर 28.4 पर आ गया।

अधिकतम तापमान में भारी गिरावट

Prayagraj Weather Update मौसम ने अचानक करवट लेना लोगों को चौंका दिया है। मौसम में इस अचानक बदलाव का सबसे बड़ा असर तापमान पर देखने को मिला। गुरुवार को जहां तेज धूप के कारण अधिकतम तापमान 37.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, वहीं शुक्रवार को यह गिरकर 28.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इतना ही शनिवार को भी रहा। इस तरह एक ही दिन में करीब नौ डिग्री सेल्सियस की भारी गिरावट ने मौसम को सुहावना बना दिया। शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 20.5 डिग्री सेल्सियस था, जबकि शनिवार को और गिरकर 15 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। इससे सुबह ठंड बनी रही।

अचानक क्यों बदला प्रयागराज का मौसम?

Prayagraj Weather Update मौसम विशेषज्ञों के अनुसार यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय स्तर पर बने दबाव के कारण हुआ है। इसकी वजह से तेज हवाएं, गरज-चमक और बारिश का यह दौर देखने को मिला। कल रविवार 22 मार्च तक मौसम का यही मिजाज बना रह सकता है। इस दौरान तापमान सामान्य से नीचे रहने की संभावना है और बादलों की आवाजाही जारी रह सकती है। 23 मार्च के बाद मौसम के साफ होने और मंगलवार से तापमान में फिर से बढ़ोतरी के संकेत हैं। इसके साथ ही गर्मी दोबारा अपने तेवर दिखा सकती है।

1320 MW ताप विधुत परियोजना का संचालन करने वाले ऊर्जा निगम की आरसी क्यों कटी, प्रयागराज खनन विभाग ने क्या दी रिपोर्ट

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज।मेजा के कोहड़ार घाट स्थित मेजा ऊर्जा निगम पर खनन विभाग का लगभग 36 करोड़ रुपये का बकाया है, जिस पर विभाग की रिपोर्ट पर तहसील प्रशासन ने निगम की आरसी (रिकवरी सर्टिफिकेट) काट दिया है। निर्धारित समय पर धनराशि न जमा हुई तो प्रशासन की ओर से आगे सख्त कार्यवाही की जाएगी।

1320 मेगावाट की ताप विद्युत परियोजना का संचालक

मेजा ऊर्जा निगम कोहड़ार घाट एनटीपीसी लिमिटेड और उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड का यह संयुक्त उपक्रम है। निगम 1320 मेगावाट की ताप विद्युत परियोजना का संचालन करता है। ऊर्जा सुरक्षा में यह प्लांट महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। आरसी काटने के पहले निगम को पिछले लगभग 10-11 वर्षों में 100 से ज्यादा नोटिस भेजा जा चुका है। खनन विभाग के मुताबिक प्लांट निर्माण के दौरान निगम ने लगभग 55 लाख घन मीटर खनिज का उपयोग किया है, जिसमें गिट्टी और पत्थर शामिल है।

रायल्टी का भुगतान बकाया है

ज्येष्ठ खान अधिकारी केके राय ने बताया कि इसकी रायल्टी का भुगतान बकाया चला आ रहा है, जिसकी आरसी काटी गई है। हालांकि निगम ने थोड़ा-थोड़ा कर शुरुआत में लगभग तीन करोड़ रुपये जमा किया है मगर पूरे भुगतान को लेकर शासन स्तर पर कवायद तेज हुई तो आरसी काटी गई।

प्रकरण मंडलायुक्त न्यायालय में भी

इस बाबत निगम के एजीएम एचआर विवेक चंद्रा का कहना है कि खनन विभाग को सर्वे रिपोर्ट के अभिलेख उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है। इसके आधार पर बोर्ड से स्वीकृति ली जाएगी, फिर भुगतान कराने की कोशिश शुरू होगी। इस बाबत तहसील और जिला प्रशासन तथा खनन विभाग के अधिकारियों से कई बार वार्ता भी हुई है। इसके साथ ही इस प्रकरण को मंडलायुक्त न्यायालय में भी ले जाया गया है।

बकाए पर पट्टाधारकों की भी कटी आरसी

मेजा क्षेत्र में लगभग पौने दो करोड़ रुपये के बकाए पर छह खनन पट्टों के दो प्रोपराइटर की भी आरसी काटी गई है। इसमें लगभग 1.27 करोड़ के बकाए पर महीप कांस्ट्रक्शन के महीप सिंह निवासी बिसेन का पूरा उरुवा, मेजा तथा लगभग 82 लाख के बकाए पर जय मां आदि ग्रुप की रेनू पत्नी सत्येंद्र कुमार निवासी दरी, मेजा की आरसी काट दी गई है।

जिलाधिकारी प्रयागराज ने सेमरी घाट पर अवैध बालू खनन की जांच के लिए टास्क फोर्स टीम का किया  गठन

टीम के पहुंचते ही पहुचीं  बालू लदी नाव सेमरी घाट पत्ते धारक की खुली पोल


विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज। जांच टीम की भनक लगते ही रास्ते में कर दिया गड्डा, रास्ता पाट कर घाट पर पहुची टीम- जिलाधिकारी प्रयागराज ने टास्क फोर्स टीम गठित कर सेमरी घाट भेजी। एसडीएम बारा की टीम ने लालापुर क्षेत्र के सेमरी तरहार गांव के यमुना घाट पर छापेमारी की।
- जांच टीम में वैभव सोनी, टास्क फोर्स अधिकारी महबूब खान और खनन विभाग के अधिकारी शामिल थे।
- जांच में दोनों तरफ से परिवहन की शिकायतें मिलीं, जिस पर कार्रवाई की जाएगी। इसके पहले आनंद मिश्रा के द्वारा खंड संख्या चार की शिकायत खनन विभाग को की गई थी जिस पर खनन इंस्पेक्टर वैभव सोनी में मौके पर पहुंच करके जांच  किया और खनन को आवैध पाया जिस पर उन्होंने पत्ते धारक के ऊपर 40 लाख का जुर्माना लगाया था इसके बावजूद इस पार जहाँ सूखा रेत नही है नाव द्वारा बालू का कार्य शुरू किया गया l
-  देखना यह है कि क्या खनन विभाग अधिकारी इस पर सही कार्य करते हैं अथवा गोल-गोल किया जाता है
बहुजनों को हुक्मरान बनाने हेतु आसपा कर रही है कैडर बैठके
महाड चवदार तालाब सत्याग्रह की मनाई गई 99 वीं वर्षगांठ

महाड़ सत्याग्रह सम्मान, समानता और मानवाधिकार की लड़ाई थी



  विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज। यमुनापार की तहसील बारा विकास खण्ड शंकरगढ़ थाना लालापुर स्थित ग्रामसभा कोठरी बगीचा में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के तत्वावधान में सेक्टर बूथ गठन के साथ बूथ जीतो चुनाव जीतो के तहत जिला महामंत्री उच्च न्यायालय के अधिवक्ता आईपी रामबृज की अध्यक्षता में कैडर बैठक आयोजित की गई।
            कैडर बैठक में जिला महामंत्री आसपा आईपी रामबृज ने सर्वप्रथम महाड़ सत्याग्रह पर प्रकाश डाला और बताया कि आज से 99 वर्ष पहले डा. बाबासाहेब भीमराव रामजी अम्बेडकर के नेतृत्व में महाड में चवदार तालाब सत्याग्रह हुआ था।
यह सिर्फ पानी पीने का अधिकार नहीं, बल्कि सम्मान, समानता और मानवाधिकारों की लड़ाई का ऐतिहासिक प्रतीक था।
         आईपी रामबृज ने आगे बताया कि हजारों बहुजन साथियों ने अन्यायपूर्ण भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाई और समाज को यह संदेश दिया कि अधिकार मांगने से नहीं, बल्कि उसे हासिल करने से मिलते हैं। बहुजन समाज पर अन्याय अत्याचार न हो इसके लिए बहुजन समाज को अपनी सत्ता बनानी होगी। सत्ता बनाने से पूर्व बहुजन समाज को अपना इतिहास जानना होगा। जिस दिन बहुजन समाज अपना इतिहास जान जाएगा उसकी प्राप्ति हेतु संघर्ष करेगा तो निश्चित ही आजाद समाज पार्टी कांशीराम के राष्ट्रीय अध्यक्ष नगीना सांसद एडवोकेट चन्द्रशेखर आजाद के नेतृत्व में डा. अम्बेडकर और मान्यवर कांशीराम साहब का सपना जल्द साकार होगा।
        बैठक में विधानसभा अध्यक्ष बारा मुकेश पासी, मास्टर गंगादीन, दीपक कुमार भारतीय, आकाश, लक्ष्मी, रीता, चंद्रावती, सुषमा, सूरजकली, रेशमा, फोटो देवी, सरिता, शांति, रेखा, संगीता, विमला के साथ पचासों लोग उपस्थित रहे।
प्रयागराज में नदियों के कायाकल्प और बाढ़ मुक्ति हेतु नीदरलैंड्स के साथ रणनीतिक साझेदारी

विश्वनाथ प्रताप सिंह


प्रयागराज। प्रयागराज अपनी जल निकासी और बाढ़ की पुरानी समस्याओं के स्थायी समाधान हेतु 'नदी-केंद्रित' शहरी नियोजन मॉडल की ओर निर्णायक कदम बढ़ा रहा है। इसी क्रम में, मण्डलायुक्त सौम्या अग्रवाल की अध्यक्षता में दो दिवसीय 'जल एक साधन के रूप में' (वॉटर एज़ लीवरेज) कार्यशाला का समापन समारोह आज सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

इस विशेष आयोजन में नीदरलैंड्स के अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों और राष्ट्रीय स्तर के हितधारकों ने सहभागिता की, जिसका मुख्य उद्देश्य शहर की जल संबंधी चुनौतियों को सतत विकास के अवसरों में बदलना था। यह कार्यशाला प्रयागराज के लिए तैयार की गई 'शहरी नदी प्रबंधन योजना' (URMP) को धरातल पर उतारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था।

कार्यशाला के दौरान प्रयागराज की आंतरिक नदियों और जलमार्गों की वर्तमान स्थिति पर गहन मंथन किया गया, जिसमें कालिंदीपुरम नाले को 'हरित और स्वच्छ' गलियारे के रूप में विकसित करने का विस्तृत प्रस्ताव दिया गया। डच विशेषज्ञों ने 'प्रकृति आधारित समाधानों' के माध्यम से गंदे पानी और वर्षा जल को अलग-अलग प्रवाहित करने वाली 'दोहरी प्रणाली' का सुझाव दिया। इस नवाचार से न केवल क्षेत्र की स्वच्छता सुनिश्चित होगी, बल्कि शहर को जल निकासी का एक सुदृढ़ विकल्प भी प्राप्त होगा।

कार्यशाला में आगामी कुंभ मेला 2031 को ध्यान में रखते हुए यमुना तट (रिवरफ्रंट) के लिए एक रोडमैप भी प्रस्तुत किया गया। प्रस्तावित डिजाइन में एक 'पारिस्थितिक पार्क' और 'प्रदर्शनी घाट' शामिल है, जो जैव विविधता और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देगा। यह परियोजना इस बात का अनूठा उदाहरण होगी कि कैसे आधुनिक शहरी बुनियादी ढांचा और नदियों का प्राकृतिक स्वरूप एक साथ विकसित हो सकते हैं।

ससुर खदेरी नदी के पुनरुद्धार को भी प्राथमिकता दी गई। वर्तमान में यह नदी व्यापक अवैध कब्जों, अनियोजित निर्माण और शहरी कचरे के कारण एक संकरे और प्रदूषित नाले में तब्दील हो चुकी है। इसकी जल धारण क्षमता कम होने के कारण मानसून के दौरान यह उफान पर आ जाती है, जिससे आसपास के रिहायशी इलाकों में भीषण जलभराव होता है। विशेषज्ञों ने इन रुकावटों को हटाने, नदी क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त करने और इसे पुनः शहर के मुख्य निकासी तंत्र से जोड़ने के लिए सुझाव दिए।

इस पहल के तहत, डच कार्यक्रम तकनीकी सहायता के अवसर तलाशेगा और प्रयागराज के लिए चिन्हित दो प्रमुख कार्यों के लिए 'विस्तृत परियोजना रिपोर्ट' (DPR) तैयार करने में सहयोग करेगा। इस दौरान स्थानीय चुनौतियों, जैसे कि शहरी रूपरेखा, गाद प्रबंधन और अपशिष्ट प्रबंधन की पहचान की गई है। यमुना तट के लिए प्रस्तावित पार्क न केवल स्वास्थ्य और मनोरंजन को बढ़ावा देगा, बल्कि मौजूदा घाटों और नौका क्लब (बोट क्लब) को जोड़ते हुए एक नया पारिस्थितिक स्वरूप प्रदान करेगा।

समापन सत्र को संबोधित करते हुए मण्डलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि शहर की मुख्य समस्याओं की पहचान की जा चुकी है और अब इन्हें समयबद्ध तरीके से क्रियान्वित करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जल प्रबंधन में नीदरलैंड्स का वैश्विक अनुभव प्रयागराज के लिए एक मार्गदर्शक रूपरेखा का कार्य करेगा। नगर आयुक्त श्री साई तेजा ने इस बात पर जोर दिया कि नदियों का पारिस्थितिक संतुलन बहाल करना शहर के भविष्य के लिए अनिवार्य है। 'विश्व जल दिवस' (22 मार्च) से पूर्व आयोजित इस बैठक में "जल और महिला नेतृत्व" विषय पर भी विशेष चर्चा हुई, जिसमें मण्डलायुक्त ने कहा कि जल सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निर्णय लेने की प्रक्रिया में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

यह आयोजन राज्य स्वच्छ गंगा मिशन-उत्तर प्रदेश और नीदरलैंड सरकार के सहयोग से आयोजित किया गया था। इस अवसर पर नीदरलैंड्स के जल आयुक्त मिस्टर सैंडर कारपाई, राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के उप महानिदेशक श्री नलिन श्रीवास्तव, संयुक्त राष्ट्र पर्यावास (UN-Habitat) और नीदरलैंड दूतावास के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
गैस संकट ने बढ़ाई कालाबाज़ारी की आग, हजारों रुपये में बिक रहा घरेलू सिलेंडर

आयात प्रभावित, डिलीवरी ठप — मजबूरी में ब्लैक में गैस खरीद रहे लाखों परिवार

प्रयागराज

  Sb न्यूज से विश्वनाथ प्रताप सिंह

रसोई गैस की किल्लत ने अब आम लोगों की रसोई पर सीधा असर डालना शुरू कर दिया है। देश के कई राज्यों में गैस सिलेंडर की कमी के कारण कालाबाज़ारी तेजी से बढ़ रही है। हालात इतने बिगड़ गए हैं कि बड़ी संख्या में परिवारों को घरेलू सिलेंडर ब्लैक में खरीदने को मजबूर होना पड़ रहा है। कई जगहों पर एक सिलेंडर के लिए लोगों से चार हजार रुपये तक वसूले जा रहे हैं, जिससे आम आदमी की जेब पर भारी बोझ पड़ रहा है। इंडियन सर्वे और रिसर्च फर्म लोकलसर्किल्स की ओर से जारी ताजा सर्वे रिपोर्ट ने स्थिति की गंभीरता को उजागर कर दिया है। रिपोर्ट के अनुसार देश के लगभग बीस प्रतिशत परिवारों को गैस की कमी के कारण ब्लैक में सिलेंडर खरीदना पड़ा। यह आंकड़ा पिछले सप्ताह की तुलना में करीब छह प्रतिशत अधिक है, जो यह बताने के लिए काफी है कि संकट तेजी से बढ़ रहा है। सर्वे में यह भी सामने आया कि इस सप्ताह लगभग अड़सठ प्रतिशत घरों को गैस सिलेंडर की डिलीवरी समय पर नहीं मिल सकी, जबकि पिछले सप्ताह यह आंकड़ा करीब सत्तावन प्रतिशत था। लगातार बढ़ती देरी के कारण लोग परेशान हैं और मजबूरी में महंगे दाम पर सिलेंडर खरीद रहे हैं। बताया जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय हालात भी इस संकट की बड़ी वजह बने हैं। ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच चल रहे तनाव और होर्मुज मार्ग बंद होने से भारत में गैस का आयात प्रभावित हुआ है। आयात कम होने के कारण सप्लाई पर दबाव बढ़ गया है और इसका सीधा असर बाजार में दिखाई देने लगा है। हालांकि पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा था कि लोगों में घबराहट में की जा रही बुकिंग अब कुछ कम हुई है, लेकिन जमीनी हालात अभी भी सामान्य नहीं हुए हैं। कई शहरों और कस्बों में उपभोक्ताओं को समय पर सिलेंडर नहीं मिल रहा, जिससे कालाबाज़ारी करने वालों की चांदी हो रही है। अगर जल्द ही सप्लाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई तो आने वाले दिनों में रसोई गैस का संकट और गहरा सकता है और आम जनता को और ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ सकती है।
भटौली गांव में दो सगे भाइयों पर जानलेवा हमला, एफआईआर दर्ज

विश्वनाथ प्रताप सिंह

भीरपुर क्षेत्र के ग्राम पंचायत पिपरांव के भटौली गांव में दो सगे भाइयों पर जानलेवा हमले का मामला सामने आया है। घटना में श्याम बाबू भारतीया (22) पुत्र स्वर्गीय रामधनी भारतीया के सिर में गंभीर चोट आई है, जबकि उनके बड़े भाई रामबाबू भारतीया (32) के हाथ में चोट लगने की जानकारी मिली है।

बताया जा रहा है कि गांव के ही रहने वाले अनिल कुमार भारतीया (32) पुत्र स्वर्गीय जगदीश प्रसाद भारतीया तथा उनके भाई श्याम बिहारी भारतीया (35), जो पेशे से सफाई कर्मी हैं, ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया। अचानक हुए इस हमले में दोनों भाई गंभीर रूप से घायल हो गए। किसी तरह अपनी जान बचाकर दोनों भाई घर पहुंचे, जिसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई।

पीड़ित पक्ष द्वारा करछना थाने में आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज कराई गई है। थाना प्रभारी करछना प्रवीण कुमार गौतम ने बताया कि मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। ग्रामीण क्षेत्र में हुई इस घटना के बाद लोगों में आक्रोश का माहौल है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही है।
अपर नगर मजिस्ट्रेटों के द्वारा  स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का लिया गया जायजा
निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियों को दूर कराए जाने के दिए गए निर्देश

प्रयागराज

Sb न्यूज  से विश्वनाथ प्रताप सिंह
जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा के द्वारा स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय में सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित किए जाने तथा मरीजो एवं तीमारदारों को सभी आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराये जाने के दृष्टिगत जनपद के सभी अपर नगर मजिस्ट्रेट को समय-समय पर निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को चुस्त दुरुस्त बनाये जाने के निर्देश दिये हैं जिसके क्रम में अपर नगर मजिस्ट्रेट-प्रथम दिग्विजय सिंह, अपर नगर मजिस्ट्रेट-तृतीय हीरालाल सैनी एवं अपर नगर मजिस्ट्रेट-चतुर्थ अविनाश सिंह के द्वारा शुक्रवार को स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय का निरीक्षण किया गया तथा व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया।

      अपर नगर मजिस्ट्रेट-प्रथम दिग्विजय सिंह एवं अपर नगर मजिस्ट्रेट तृतीय- हीरालाल सैनी के द्वारा

किए गए संयुक्त निरीक्षण के दौरान प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना में नियुक्त डॉक्टरों द्वारा ओ०पीडी० 09ः30 बजे शुरू पायी गयी। नेफ्रोलॉजी डिपार्टमेंट में डॉ० संतोष कुमार मौर्य अनुपस्थित मिलें, शेष अन्य डॉक्टर रोस्टर के अनुसार उपस्थित मिलें। दवा वितरण केन्द्र पर कम्प्यूटर द्वारा दवा का वितरण सम्बन्धी रजिस्टर मेंटेन नहीं पाया गया। चिकित्सालय में साफ-सफाई की व्यवस्था संतोषजनक पायी गयी, परंतु चिकित्सालय में और साफ-सफाई की आवश्यकता है। शौचालय, नाली एवं डस्टबिन की साफ-सफाई व्यवस्था संतोषजनक तथा स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय में एम्बुलेन्स खड़ी पायी गयी। निरीक्षण के दौरान अस्पताल के औषधि वितरण केन्द्र पर अनियमितता पायी गयी, वहां पर दवा के स्टॉक रजिस्टर तथा वितरण में समानता नहीं पायी गयी। पर्ची काउण्टर पर तीमारदारों की भीड सामान्य पायी गयी। लेबर रूम का निरीक्षण किया गया वहां सभी व्यवस्थाएं संतोषजनक पायी गयी।

अपर नगर मजिस्ट्रेट-चतुर्थ

अविनाश सिंह के द्वारा ट्रामासेंटर का निरीक्षण प्रातः 09ः15 किया गया। निरीक्षण के समय सभी चिकित्सक व अन्य स्टाफ उपस्थित पाये गये। साफ-सफाई की व्यवस्था में और सुधार की आवश्यकता बतायी गयी। निरीक्षण के दौरान सिटी स्कैन, एक्सरे मशीन क्रियाशील पायी गयी तथा दवा वितरण काउंटर पर अत्यधिक भीड़ हो रही है, जिस पर सुधार की आवश्यकता बतायी है।
अकासा एयर की मुंबई फ्लाइट ऐन वक्त पर तकनीकी खराबी के चलते हुई कैंसिल, प्रयागराज बमरौली एयरपोर्ट पर यात्रियों ने किया हंगामा
विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज  बमरौली एयरपोर्ट पर  उस समय अफरा-तफरी और हंगामे की स्थिति उत्पन्न हो गई जब तकनीकी खराबी के चलते अकासा एयरलाइंस की मुंबई जाने वाली उड़ान को ऐन वक्त पर रद करना पड़ा। यह विमान दोपहर सवा तीन बजे मुंबई से लैंड हुआ था और इसे वापस शाम चार बजकर चार मिनट पर यात्रियों को लेकर प्रस्थान करना था।

विमान में सवार होने के लिए कुल 160 यात्री पूरी तरह तैयार थे और बोर्डिंग की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी अपनी सीटों पर बैठ भी चुके थे। उड़ान भरने से कुछ ही मिनटों पहले विमान के तकनीकी तंत्र में आई खराबी की जानकारी पायलट को हुई जिसके बाद यात्रियों को विमान के भीतर ही इंतजार करने को कहा गया।

एयरलाइंस के इंजीनियरों ने लगभग एक घंटे तक खराबी को दूर करने का प्रयास किया लेकिन सफलता नहीं मिली। अंततः सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए प्रबंधन ने उड़ान रद करने की घोषणा कर दी जिससे यात्री आक्रोशित हो उठे। विमान से उतारे जाने के बाद यात्रियों ने एयरपोर्ट परिसर में एयरलाइंस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और वैकल्पिक व्यवस्था न होने पर विरोध दर्ज कराया।

यात्रियों का आरोप था कि उन्हें घंटों तक बिना किसी स्पष्ट जानकारी के विमान और लाउंज में बिठाए रखा गया। स्थिति को बिगड़ता देख एयरलाइंस ने यात्रियों को शनिवार सुबह दूसरी उड़ान से भेजने का आश्वासन दिया।

इस बीच एयरपोर्ट के बाहर यात्रियों को परिवहन संबंधी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। यात्रियों ने शिकायत की कि शहर जाने के लिए उपलब्ध ऑनलाइन कैब सेवाओं निजी टैक्सी चालकों ने मजबूरी का फायदा उठाते हुए सामान्य से कहीं अधिक मनमाना किराया वसूलना शुरू कर दिया।

एयरलाइंस ने बाद में फंसे हुए यात्रियों के लिए सिविल लाइंस स्थित विभिन्न होटलों में ठहरने और भोजन का प्रबंध किया। वहीं कुछ यात्रियों ने अपनी यात्रा रद कर टिकट का रिफंड मांगा तो कई अन्य यात्रियों ने सड़क मार्ग से वाराणसी जाकर वहां से मुंबई की उड़ान लेने का विकल्प चुना।

एयरपोर्ट अधिकारी ने स्पष्ट किया कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है और तकनीकी खामी के कारण ही यह कठिन निर्णय लेना पड़ा।
नए यमुना पुल पर रात होते ही कानून बेबस! गलत दिशा में दौड़ते वाहन, पासर गिरोह की अवैध वसूली का खेल

आधी रात के बाद हाईवे बन जाता है ‘नो-रूल ज़ोन’, ट्रक- डंपर जबरन पास, पुलिस- प्रशासन बेखबर!



विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज। नए यमुना पुल और उसके आसपास की सड़कों पर अनियंत्रित और अराजक यातायात अब बड़ी समस्या बनता जा रहा है। हालात ऐसे हैं कि यहां यातायात व्यवस्था को नियंत्रित करने की कोई मुकम्मल योजना धरातल पर नजर नहीं आ रही। खासकर रात होते ही पूरा इलाका मानो नियमों से मुक्त हो जाता है और सड़कों पर मनमानी शुरू हो जाती है। रीवा, चित्रकूट, बांदा, मिर्जापुर और वाराणसी की ओर से आने-जाने वाले भारी वाहन चालक आधी रात के बाद पूरी तरह बेलगाम हो जाते हैं। गलत दिशा से तेज रफ्तार में वाहन दौड़ाना, जबरन आगे निकलना और दूसरे वाहनों को दबाव बनाकर रास्ता खाली कराने जैसी घटनाएं आम हो चुकी हैं। इससे हर समय बड़े हादसे का खतरा बना रहता है।

अवैध वसूली का खेल, जबरन पास कराए जाते हैं वाहन

सूत्रों के अनुसार रात के अंधेरे में नए यमुना पुल पर एक संगठित पासर गिरोह सक्रिय हो जाता है। यह गिरोह हाईवे से आने वाले ट्रक, डंपर और भारी वाहनों से अवैध वसूली करता है और फिर उन्हें जबरन पास कराता है। कई बार ओवरलोड वाहन भी इसी सहारे शहर के अंदर तक पहुंच जाते हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इतना सब कुछ खुलेआम होने के बावजूद पुलिस, प्रशासन और आरटीओ के जिम्मेदार अधिकारी अनजान बने हुए हैं, जिससे लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं भी शुरू हो गई हैं।

रात में इन जगहों पर सक्रिय रहता है गिरोह

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार रात के समय मामा-भांजा तालाब, खान चौराहा, लेप्रोसी चौराहा, जेल के सामने, बांगड़ धर्मशाला के आसपास पासर गिरोह के सदस्य सक्रिय हो जाते हैं। कुछ लोग बाइक से चलते हैं तो कुछ चार पहिया वाहनों से ओवरलोड ट्रक और डंपर के आगे-पीछे चलकर रास्ता साफ कराते हैं। जैसे ही रास्ते में नीली या लाल बत्ती जलती कोई सरकारी गाड़ी दिखाई देती है, गिरोह के सदस्य तुरंत किनारे हो जाते हैं, जिससे उनकी गतिविधियां पकड़ में नहीं आ पातीं।

कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा

स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर जल्द ही नए यमुना पुल और आसपास की सड़कों पर सख्त निगरानी नहीं की गई, तो किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि रात के समय विशेष चेकिंग अभियान चलाकर गलत दिशा में चलने वाले और अवैध वसूली करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।