घूरपुर प्रकरण: झूठी खबर, प्रमाण की मांग और सूत्र के नाम पर खेल ? तथाकथित पत्रकारों की भूमिका पर उठे सवाल
विश्वनाथ प्रताप सिंह
प्रयागराज,घूरपुर थाना क्षेत्र से संबंधित एक समाचार सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया, जिसमें पुलिस पर रुपए की मांग करने का गंभीर आरोप लगाया गया। मामले की पड़ताल करने पर यह खबर बिना प्रमाण, बिना साक्ष्य और केवल “सूत्र” के हवाले से चलाई गई प्रतीत हो रही है, जिससे पूरे प्रकरण पर सवाल खड़े हो गए हैं। जानकारी के अनुसार युवक-युवती के घर से जाने के मामले में पुलिस द्वारा सामान्य पूछताछ की गई थी, लेकिन इसे तोड़-मरोड़ कर रिश्वत मांगने जैसी बात लिख दी गई। थाना स्तर से मिली जानकारी में एक लाख रुपये मांगने जैसी बात पूरी तरह गलत और मनगढ़ंत बताई गई है। सबसे हैरानी की बात यह सामने आई कि खबर चलने के बाद ही तथाकथित से पत्रकार पूछा जाने लगा कि कोई प्रमाण है क्या? अब सवाल उठता है कि जब प्रमाण ही नहीं था तो खबर किस आधार पर चलाई गई? स्थानीय लोगों में चर्चा है कि एक तथाकथित पत्रकार खबर चलाता है और दूसरा पत्रकार प्रमाण मांगता है, यह स्थिति अपने आप में बड़ी विसंगति पैदा करती है। लोगों का कहना है कि कहीं ऐसा तो नहीं कि यह सब आपसी मिलीभगत का हिस्सा हो, पहले पुलिस प्रशासन को टारगेट करो, फिर प्रमाण के नाम पर दबाव बनाओ और बाद में समझौते या वसूली की जमीन तैयार करो। इस पूरे मामले में सबसे बड़ा प्रश्न यह भी उठ रहा है कि हर बार खबर के अंत में “सूत्र” लिख दिया जाता है, लेकिन आखिर यह सूत्र है कौन? यदि कोई गंभीर आरोप लगाया जा रहा है तो उसका स्पष्ट आधार भी होना चाहिए। बिना नाम, बिना साक्ष्य और बिना जिम्मेदारी के खबर चलाना पत्रकारिता की विश्वसनीयता पर भी प्रश्नचिन्ह खड़ा करता है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि किसी के पास वास्तविक प्रमाण है तो उसे सीधे उच्च अधिकारियों के समक्ष ग्रूपो मे प्रस्तुत करना चाहिए, न कि सोशल मीडिया पर अपुष्ट खबर चलाकर पुलिस प्रशासन की छवि खराब करने का प्रयास करना चाहिए। पुलिस प्रशासन का कहना है कि झूठी, भ्रामक और बिना साक्ष्य के खबरें फैलाने वालों की भी जांच कराई जा सकती है, और यदि कोई व्यक्ति पत्रकारिता की आड़ में दबाव बनाने या लाभ लेने का प्रयास करता पाया गया तो उसके खिलाफ भी विधिक कार्रवाई संभव है।



इलाहाबाद हाई कोर्ट ने जिला न्यायालयों के न्यायिक अधिकारियों के खिलाफ इंटरनेट मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट करने पर सख्त रुख अपनाया है।
3 hours ago
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