जहानाबाद में ‘वर्ल्ड ग्लूकोमा वीक’ पर जागरूकता रैली, आंखों की जांच और जागरूकता पर दिया गया जोर
जहानाबाद:वर्ल्ड ग्लूकोमा वीक’ (8 मार्च से 14 मार्च 2026) के अवसर पर शुक्रवार को सदर अस्पताल, जहानाबाद में जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। इस वर्ष का थीम “Uniting for a Glaucoma-Free World” रखा गया है। रैली का शुभारंभ सिविल सर्जन डॉ. हरीश चंद्र चौधरी एवं कार्यकारी अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. मीना कुमारी ने हरी झंडी दिखाकर किया। रैली के माध्यम से लोगों को ग्लूकोमा यानी काला मोतियाबिंद जैसी गंभीर आंखों की बीमारी के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आम लोगों को इस बीमारी के लक्षण, बचाव और समय पर जांच के महत्व के बारे में जानकारी देना था। रैली में जीएनएम स्कूल के विद्यार्थी, प्रशिक्षु, नेत्र नोडल पदाधिकारी (नेत्र रोग विशेषज्ञ) डॉ. समीर कुमार लाल, जिला कार्यक्रम प्रबंधक राजेश कुमार, नेत्र सहायक शैलेश प्रसाद, प्रधान लिपिक गणेश कुमार सिंह समेत स्वास्थ्य विभाग के कई कर्मियों ने भाग लिया।
इस मौके पर सिविल सर्जन डॉ. हरीश चंद्र चौधरी ने बताया कि ग्लूकोमा या काला मोतियाबिंद आंखों की एक गंभीर बीमारी है, जिसमें आंख के अंदर का दबाव बढ़ने से ऑप्टिक नर्व को नुकसान पहुंचता है। यदि समय पर इसका इलाज नहीं किया जाए तो यह धीरे-धीरे व्यक्ति की दृष्टि को प्रभावित कर सकता है। उन्होंने बताया कि इस बीमारी के शुरुआती लक्षणों में साइड विजन में कमी, रोशनी के चारों ओर घेरा दिखाई देना और धीरे-धीरे दृष्टि कमजोर होना शामिल है। कई मामलों में आंखों में दर्द, सिरदर्द, मतली और धुंधला दिखाई देना भी इसके लक्षण हो सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार ग्लूकोमा का इलाज दवाइयों, लेजर या सर्जरी के माध्यम से किया जा सकता है, लेकिन इससे खोई हुई दृष्टि वापस नहीं लाई जा सकती। इसलिए समय पर जांच और उपचार बेहद जरूरी है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि 40 वर्ष से अधिक उम्र के लोग, मधुमेह के मरीज और जिनके परिवार में पहले से ग्लूकोमा का इतिहास रहा हो, उन्हें नियमित रूप से आंखों की जांच करानी चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान लोगों से अपील की गई कि वे अपनी आंखों की नियमित जांच कराएं और दूसरों को भी इस गंभीर बीमारी के प्रति जागरूक करें, ताकि ग्लूकोमा से होने वाली दृष्टि हानि को रोका जा सके।

जहानाबाद:वर्ल्ड ग्लूकोमा वीक’ (8 मार्च से 14 मार्च 2026) के अवसर पर शुक्रवार को सदर अस्पताल, जहानाबाद में जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। इस वर्ष का थीम “Uniting for a Glaucoma-Free World” रखा गया है। रैली का शुभारंभ सिविल सर्जन डॉ. हरीश चंद्र चौधरी एवं कार्यकारी अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. मीना कुमारी ने हरी झंडी दिखाकर किया। रैली के माध्यम से लोगों को ग्लूकोमा यानी काला मोतियाबिंद जैसी गंभीर आंखों की बीमारी के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आम लोगों को इस बीमारी के लक्षण, बचाव और समय पर जांच के महत्व के बारे में जानकारी देना था। रैली में जीएनएम स्कूल के विद्यार्थी, प्रशिक्षु, नेत्र नोडल पदाधिकारी (नेत्र रोग विशेषज्ञ) डॉ. समीर कुमार लाल, जिला कार्यक्रम प्रबंधक राजेश कुमार, नेत्र सहायक शैलेश प्रसाद, प्रधान लिपिक गणेश कुमार सिंह समेत स्वास्थ्य विभाग के कई कर्मियों ने भाग लिया।
इस मौके पर सिविल सर्जन डॉ. हरीश चंद्र चौधरी ने बताया कि ग्लूकोमा या काला मोतियाबिंद आंखों की एक गंभीर बीमारी है, जिसमें आंख के अंदर का दबाव बढ़ने से ऑप्टिक नर्व को नुकसान पहुंचता है। यदि समय पर इसका इलाज नहीं किया जाए तो यह धीरे-धीरे व्यक्ति की दृष्टि को प्रभावित कर सकता है। उन्होंने बताया कि इस बीमारी के शुरुआती लक्षणों में साइड विजन में कमी, रोशनी के चारों ओर घेरा दिखाई देना और धीरे-धीरे दृष्टि कमजोर होना शामिल है। कई मामलों में आंखों में दर्द, सिरदर्द, मतली और धुंधला दिखाई देना भी इसके लक्षण हो सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार ग्लूकोमा का इलाज दवाइयों, लेजर या सर्जरी के माध्यम से किया जा सकता है, लेकिन इससे खोई हुई दृष्टि वापस नहीं लाई जा सकती। इसलिए समय पर जांच और उपचार बेहद जरूरी है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि 40 वर्ष से अधिक उम्र के लोग, मधुमेह के मरीज और जिनके परिवार में पहले से ग्लूकोमा का इतिहास रहा हो, उन्हें नियमित रूप से आंखों की जांच करानी चाहिए।

जहानाबाद। जिले के सदर प्रखंड अंतर्गत कल्पा पंचायत के बाजार टाली गांव में ग्लासेस फॉर लाइवलीहुड प्रोजेक्ट के तहत निशुल्क नेत्र जांच एवं चश्मा वितरण शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर डीबीएस और पीसीआई के सहयोग से प्रयत्न नारी शक्ति महिला विकास स्वावलंबी सहकारी समिति लिमिटेड द्वारा आयोजित किया गया।
इस मौके पर समिति के एफडीई संतोष कुमार ने बताया कि इस शिविर का मुख्य उद्देश्य 35 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं की आंखों की जांच कर उन्हें मुफ्त चश्मा उपलब्ध कराना है। जांच के बाद जिन महिलाओं को देखने में समस्या पाई गई, उन्हें मौके पर ही निशुल्क चश्मा दिया गया, जिससे महिलाओं के बीच खुशी का माहौल देखा गया।
संस्था का उद्देश्य महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। इसके साथ ही यह संगठन महिलाओं को बकरी पालन, मुर्गी पालन, सिलाई-कढ़ाई और ब्यूटीशियन प्रशिक्षण जैसे छोटे-छोटे रोजगार से जोड़ने का भी काम कर रहा है, ताकि महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें। इस शिविर में समिति की लेखपाल रुक्मिणी देवी, चंद्रकांत, दीपक कुमार, गायत्री देवी, नीलू देवी, बसंती देवी, चिंता देवी सहित कई लोग मौजूद रहे और कार्यक्रम के सफल संचालन में सहयोग किया। ग्रामीण महिलाओं ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के शिविर से उन्हें काफी लाभ मिल रहा है और अब वे अपने स्वास्थ्य के प्रति अधिक जागरूक हो रही हैं।
जहानाबाद। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जिले में महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण पहल की गई। इस मौके पर अभया ब्रिगेड वाहन को पुलिस अधीक्षक अपराजित लोहान, जिला पदाधिकारी अलंकृता पाण्डेय तथा उप विकास आयुक्त डॉ. प्रीति ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह पहल विशेष रूप से छात्राओं और महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शुरू की गई है। अभया ब्रिगेड वाहन शहर के विभिन्न इलाकों में लगातार गश्त करेगा और मनचलों तथा असामाजिक तत्वों पर कड़ी नजर रखेगा। किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ या उत्पीड़न की घटना सामने आने पर टीम द्वारा तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक अपराजित लोहान ने कहा कि अभया ब्रिगेड का मुख्य उद्देश्य उन मनचलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करना है, जो छात्राओं और महिलाओं के साथ छेड़छाड़ या अभद्र व्यवहार करते हैं। उन्होंने कहा कि अक्सर देखा जाता है कि स्कूल, कॉलेज और कोचिंग संस्थानों में पढ़ने जाने वाली छात्राओं को रास्ते में कुछ असामाजिक तत्व परेशान करते हैं। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए अब पुलिस पूरी तरह सतर्क है और शिकायत मिलने पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी। एसपी ने बताया कि अभया ब्रिगेड टीम उन स्थानों पर विशेष निगरानी रखेगी, जहां छात्राओं और महिलाओं की अधिक आवाजाही होती है, जैसे स्कूल, कॉलेज, कोचिंग संस्थान, बाजार और अन्य सार्वजनिक स्थल। यदि किसी भी प्रकार की शिकायत प्राप्त होती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जिला पदाधिकारी अलंकृता पाण्डेय ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है। अभया ब्रिगेड वाहन के माध्यम से महिलाओं और छात्राओं को सुरक्षित माहौल प्रदान करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि वे बिना किसी भय के अपनी पढ़ाई और अन्य कार्यों के लिए घर से बाहर निकल सकें।
जहानाबाद: मुख्यमंत्री Nitish Kumar के राज्यसभा जाने के फैसले को लेकर बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। इसी क्रम में जहानाबाद स्थित Janata Dal (United) (जदयू) कार्यालय में भी कार्यकर्ताओं के बीच नाराजगी और मायूसी देखने को मिली। कई कार्यकर्ताओं ने इस फैसले पर खुलकर अपनी प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने जनता से यह वादा किया था कि “25 से 30 साल फिर से नीतीश” के संकल्प के साथ बिहार का विकास किया जाएगा। ऐसे में उनका राज्यसभा जाना कार्यकर्ताओं के लिए निराशाजनक है। कुछ कार्यकर्ताओं ने यह भी कहा कि यदि नीतीश कुमार सक्रिय राजनीति से अलग होकर राज्यसभा जाना चाहते थे, तो इससे पहले उन्हें बिहार की राजनीतिक जिम्मेदारी अपने बेटे Nishant Kumar को सौंपनी चाहिए थी। उनका मानना है कि यदि नेतृत्व परिवर्तन करना ही था, तो पार्टी और सरकार की कमान पहले नई पीढ़ी को देकर जाना बेहतर होता। वहीं नाराज कार्यकर्ताओं का आरोप था कि पार्टी में अब जमीनी कार्यकर्ताओं को अनदेखा किया जा रहा है और इस तरह के बड़े फैसले लेने से पहले कार्यकर्ताओं से राय-मशविरा नहीं किया जाता।
कार्यकर्ताओं ने कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही पार्टी को मजबूती मिली है, इसलिए उनका बिहार की राजनीति से दूर जाना कार्यकर्ताओं को स्वीकार नहीं है। फिलहाल इस फैसले को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं और आने वाले दिनों में इसका असर बिहार की राजनीति पर देखने को मिल सकता है।
जहानाबाद। शहर के उल्टा सब्जी मंडी स्थित जिला कार्यालय में नेशनल एसोसिएशन स्ट्रीट वेंडर ऑफ़ इंडिया (NASVI) के बैनर तले फुटपाथ दुकानदार संघ द्वारा होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन फुटपाथ दुकानदार संघ के जिला अध्यक्ष अरविंद कुमार चोपड़ा के नेतृत्व में किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में दुकानदारों और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। समारोह के दौरान उपस्थित दुकानदारों और कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं और आपसी भाईचारे तथा सौहार्द का संदेश दिया। इस मौके पर जिला अध्यक्ष अरविंद कुमार चोपड़ा ने कहा कि हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी होली मिलन समारोह का आयोजन आपसी प्रेम और एकता को मजबूत करने के उद्देश्य से किया गया है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे नशा मुक्ति अभियान का सभी दुकानदारों को ईमानदारी से पालन करना चाहिए। साथ ही होली के दौरान पानी की अनावश्यक बर्बादी से बचने और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार रहने की भी अपील की गई। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग रंग खेलने से परहेज करते हैं, उन्हें जबरदस्ती रंग नहीं लगाना चाहिए और सभी को मर्यादा के साथ त्योहार मनाना चाहिए।
इस अवसर पर मीट-मुर्गा-मछली मंडी के जिला अध्यक्ष राजेश पंडित तथा सब्जी मंडी मार्केट कमेटी के अध्यक्ष अरुण चंद्रवंशी भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सब्जी मंडी और मीट-मुर्गा बाजार के दुकानदारों ने भी अपने विचार रखे और सभी ने मिलकर आपसी भाईचारे के साथ त्योहार मनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के दौरान प्रेस प्रतिनिधियों को भी अबीर-गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दी गईं। अंत में फुटपाथ दुकानदार संघ की ओर से सभी उपस्थित लोगों को होली की हार्दिक बधाई दी गई और शांतिपूर्ण वातावरण में त्योहार मनाने की अपील की गई।
जहानाबाद। शहर में पहली बार आयोजित ‘रंगोत्सव होली फेस्ट 2026’ ने लोगों को रंगों, संगीत और उल्लास से सराबोर कर दिया। इस भव्य आयोजन का संचालन जहानाबाद हाइलाइट्स टीम द्वारा बड़े ही उत्साह और भव्यता के साथ किया गया, जिसमें शहर के बड़ी संख्या में लोग अपने परिवार और दोस्तों के साथ शामिल हुए और होली के रंगों का आनंद लिया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इस अवसर पर मोनू साहू (साहू हार्डवेयर) ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया। उन्होंने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रम शहर में आपसी प्रेम, भाईचारे और सामाजिक एकता को मजबूत करने का काम करते हैं।
इस विशेष आयोजन में केवल ड्राई होली खेली गई, जिसमें अबीर-गुलाल, म्यूजिक और डांस के साथ लोगों ने जमकर उत्सव का आनंद लिया। कार्यक्रम स्थल पर बच्चे, युवा और महिलाएं सभी रंगों की मस्ती में झूमते और नाचते नजर आए। होली के पारंपरिक गीतों और आधुनिक संगीत की धुनों पर लोग देर तक उत्साह के साथ थिरकते रहे, जिससे पूरे वातावरण में उत्सव का रंगीन माहौल देखने को मिला।
इस आयोजन का नेतृत्व जहानाबाद हाइलाइट्स टीम के एडमिन अमर कुमार ने किया। उनके द्वारा किए गए इस नए प्रयास की शहरवासियों ने जमकर सराहना की और कहा कि इस तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रम शहर में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार करते हैं। लोगों ने उम्मीद जताई कि आने वाले वर्षों में भी इस प्रकार के आयोजन लगातार होते रहेंगे।
जहानाबाद। जिले के मखदूमपुर प्रखंड अंतर्गत केसमारा शिव मंदिर के समीप स्थित गुरुकुल प्रगति इंटरनेशनल स्कूल का भव्य उद्घाटन रविवार, 1 मार्च 2026 को समारोहपूर्वक किया गया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में क्षेत्र के कई गणमान्य लोग, अभिभावक और स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में जहानाबाद के सांसद सुरेन्द्र प्रसाद यादव शामिल हुए। उन्होंने फीता काटकर विद्यालय का विधिवत उद्घाटन किया तथा विद्यालय परिसर का निरीक्षण भी किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि शिक्षा समाज के विकास का सबसे सशक्त माध्यम है। ग्रामीण क्षेत्र में इस तरह के आधुनिक विद्यालय की स्थापना बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा कि गुरुकुल प्रगति इंटरनेशनल स्कूल की स्थापना से आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा अपने ही क्षेत्र में उपलब्ध हो सकेगी। इससे अभिभावकों को अपने बच्चों को पढ़ाई के लिए दूर-दराज के शहरों में भेजने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि यह विद्यालय बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
उद्घाटन समारोह के दौरान उपस्थित अतिथियों ने विद्यालय की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस संस्थान की स्थापना से क्षेत्र के बच्चों को बेहतर शिक्षा और नई संभावनाओं का मार्ग मिलेगा। वहीं अभिभावकों ने भी उम्मीद जताई कि यह विद्यालय बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में अहम भूमिका निभाएगा।
जहानाबाद। होली के पावन अवसर पर कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय के परिसर में ‘रंगोत्सव’ सह होली मिलन समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर रंगों और उल्लास से सराबोर नजर आया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सरस्वती कुमारी (जिला शिक्षा पदाधिकारी) उपस्थित रहीं। उन्होंने छात्राओं के साथ गुलाल लगाकर होली की खुशियाँ साझा कीं और सभी को पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय की छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए पारंपरिक होली गीतों की मनमोहक प्रस्तुति दी। छात्राओं के गीत और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने पूरे परिसर के माहौल को उत्सवमय बना दिया।
इस अवसर पर जिला शिक्षा पदाधिकारी ने छात्राओं की प्रतिभा और सांस्कृतिक कौशल की सराहना करते हुए उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। छात्राओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत में त्योहार आपसी प्रेम, भाईचारे और सामाजिक सौहार्द के प्रतीक होते हैं। आवासीय विद्यालयों में इस तरह के आयोजनों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि छात्राएं अपने परिवार से दूर रहकर भी त्योहारों के दौरान अकेलापन महसूस न करें और उन्हें घर जैसा माहौल मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इससे बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ता है और वे अपनी प्रतिभा को खुलकर प्रदर्शित कर पाते हैं।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय प्रशासन की ओर से सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया गया और सभी ने मिलकर आपसी सौहार्द और शांति के साथ पर्व मनाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर सुष्मिता भारद्वाज (जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, स्थापना) भी मौजूद रहीं। उनके साथ विद्यालय के शिक्षकगण, कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित होकर कार्यक्रम का आनंद लेते नजर आए।
जहानाबाद: बिहार शिक्षा परियोजना, जहानाबाद के तत्वावधान में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, जहानाबाद परिसर में समावेशी शिक्षा संभाग के अंतर्गत दो दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि जिला शिक्षा पदाधिकारी, जहानाबाद, सरस्वती कुमारी द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर विद्यालय की छात्राओं ने स्वागत गान प्रस्तुत कर माहौल को भावपूर्ण बना दिया। अतिथियों को पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया गया।
यह प्रमंडल स्तरीय प्रशिक्षण शिविर मगध एवं सारण प्रमंडल के विभिन्न संसाधन केंद्रों तथा कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (KGBV) में कार्यरत लगभग 36 हेल्पर एवं आयाओं के लिए आयोजित किया गया है। प्रशिक्षण का उद्देश्य विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की बेहतर देखभाल, सहयोग और मार्गदर्शन हेतु प्रतिभागियों को आवश्यक ज्ञान, कौशल और संवेदनशील दृष्टिकोण प्रदान करना है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को दिव्यांगता के विभिन्न प्रकार, उससे जुड़ी चुनौतियां और उनके प्रभावी समाधान के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी, ताकि वे बच्चों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने में प्रभावी भूमिका निभा सकें।यह पहल समावेशी शिक्षा को मजबूत करने के साथ-साथ दिव्यांग बच्चों के लिए सुरक्षित, सहयोगात्मक और गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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