बंडा पहाड़ पर उमड़ा भक्ति का सैलाब: आचार्य पंकज शांडिल्य ने सुनाया प्रभु राम के विवाह का प्रसंग।
महायज्ञ के छठे दिन संध्याकाल में अवध धाम से पधारे आचार्य पंकज शांडिल्य जी महाराज ने भगवान श्री राम और माता सीता के पावन विवाह प्रसंग की कथा सुनाई। महाराज जी ने समाज में व्याप्त कुरीतियों पर प्रहार करते हुए कहा कि विवाह एक पवित्र संस्कार है, जिसे दिखावे और दहेज रूपी दानव से दूर रखना चाहिए। उन्होंने सनातन धर्मियों से भगवान के विवाह से सीख लेकर सादगी और वैदिक रीति से विवाह संपन्न करने का आह्वान किया।
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मनमोहक झांकियां और सम्मान समारोह:
कथा के दौरान वृंदावन से आए कलाकारों द्वारा प्रस्तुत की गई विवाह की झांकी और मयूर नृत्य ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस अवसर पर नवादा निवासी भारतीय सेना के जवान अकिलदेव पाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जिनका समिति द्वारा भव्य अभिनंदन किया गया। साथ ही, मंदिर के सौंदर्यीकरण में योगदान देने वाले भक्त जयप्रकाश हलवाई और विजय प्रसाद हलवाई को यज्ञाधीश, प्रधान संयोजक राकेश पाल और मुख्य यजमान जितेंद्र कुमार पाल द्वारा संयुक्त रूप से सम्मानित किया गया।
व्यवस्था और स्वच्छता पर जोर:
प्रधान संयोजक राकेश कुमार पाल ने आयोजन समिति को निर्देश दिया कि महायज्ञ के दौरान स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि भंडारे में प्रयुक्त पत्तलों का उचित निपटारा हो और श्रद्धालुओं के लिए पानी की आपूर्ति निर्बाध बनी रहे।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़:
सुबह 6:00 बजे से ही 'हर हर महादेव' के जयकारों के साथ हजारों भक्त यज्ञशाला की परिक्रमा कर रहे हैं। मेला परिसर में झूला, श्रृंगार स्टोर और मिठाई की दुकानें आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। प्रशासन की ओर से दंडाधिकारी विनोद कुमार गुप्ता भी सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए मुस्तैद दिखे।












2 hours and 50 min ago
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