मांसपेशी-संरक्षण तकनीक से सफल घुटना प्रत्यारोपण मरीज अगले दिन से चलने लगा।
संजय द्विवेदी प्रयागराज।स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय में 60 वर्षीय मरीज के बाएं घुटने का सफल टोटल नी रिप्लेसमेंट (TKR) किया गया। यह सर्जरी ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. आनंद कुमार की टीम ने आधुनिक सबवास्टस एप्रोच (Subvastus Approach) तकनीक से की।मरीज लंबे समय से घुटने के तीव्र दर्द और चलने-फिरने में कठिनाई से परेशान थे। जांच में घुटने के जोड़ में उन्नत स्तर का ऑस्टियोआर्थराइटिस पाया गया, जिसके बाद टोटल नी रिप्लेसमेंट का निर्णय लिया गया।डॉ.
आनंद कुमार ने बताया कि सबवास्टस एप्रोच एक मसल-स्पेरिंग तकनीक है, जिसमें जांघ की मुख्य मांसपेशियों को काटे बिना ऑपरेशन किया जाता है। इससे मरीज को कम दर्द, कम रक्तस्राव और शीघ्र पुनर्वास का लाभ मिलता है। इस तकनीक की खासियत यह है कि मरीज ऑपरेशन के अगले ही दिन सहारे से चलना शुरू कर देता है।सर्जरी टीम में डॉ. सैफ और डॉ. रंजीत शामिल रहे, जबकि एनेस्थीसिया विभाग से डॉ. नितिन और डॉ. अंकित ने सहयोग दिया।
ऑपरेशन थिएटर स्टाफ का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रो.डॉ. वी.के. पांडेय ने टीम को बधाई देते हुए कहा कि स्वरूप रानी चिकित्सालय में आधुनिक तकनीकों के माध्यम से मरीजों को बेहतर और सुरक्षित उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।ऑपरेशन सफल रहा और मरीज की स्थिति स्थिर है। चिकित्सकों के अनुसार कुछ ही दिनों में मरीज सामान्य गतिविधियों में लौट सकेगा।



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