रांची मंजूनाथ भजन्त्री के निदेशानुसार रांची जिला के विभिन्न अंचलों में जनता दरबार का आयोजन

Image 2Image 3

उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री के निदेशानुसार रांची जिला के सभी अंचल में हर मंगलवार जनता दरबार का आयोजन किया जा रहा है। आज भी विभिन्न अंचलों में संबंधित अंचल अधिकारी जनता की समस्याओं से अवगत हुए।

कई फरियादियों की समस्याओं का हुआ ऑन-द-स्पॉट निष्पादन

अंचल कार्यालय में आयोजित जनता दरबार में अंचल अधिकारियों द्वारा लोगों की समस्याएं सुनी गयी। जनता दरबार में भूमि बंटवारा, अतिक्रमण, दाखिल-खारिज, भूमि निबंधन, जमीन मापी, आवास योजना, पेंशन, सामाजिक सुरक्षा, नल-जल योजना, आंगनबाड़ी सहित लोगों की अन्य समस्याएं सामने आयी। उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री के निदेशानुसार सभी सीओ ने जनता की समस्याओं को गंभीरतापूर्वक सुना। इस दौरान कई मामलों का ऑन द स्पॉट निष्पादन भी किया गया एवं शेष मामलों को शीघ्र कारवाई हेतु अग्रसारित किया गया।

जनता दरबार में उपस्थित रहे अंचल निरीक्षक और राजस्व कर्मचारी

उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने निर्देश पर आज आयोजित जनता दरबार में अंचल निरीक्षक और राजस्व कर्मचारी भी उपस्थित रहे। उपायुक्त द्वारा राजस्व से संबंधित शिकायतों की अद्यतन जानकारी और त्वरित निष्पादन के लिए सीआई एवं कर्मचारी को जनता दरबार में उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया था।

उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री द्वारा आम जनता की समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता देते हुए सभी को निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने का निर्देश दिया गया है। आम लोगोें को अनावश्यक कार्यालय का चक्कर न काटना पड़े इसे सुनिश्चित करने का निर्देश उपायुक्त द्वारा दिया गया है। प्रत्येक मंगलवार के अतिरिक्त सभी अंचलों में अंचल अधिकारी से जनता की मुलाकात के लिए दोपहर 01ः00-02ः00 बजे का समय भी निर्धारित है।

असम की धरती से हेमंत सोरेन की हुंकार: "चाय बागान के आदिवासियों को मिले हक और पहचान का सम्मान।"

झारखंड के मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन आज असम के बिस्वनाथ चारियाली स्थित मेजिकाजन चाय बागान में आयोजित एक विशाल जागरूकता जनसभा में शामिल हुए। आदिवासी स्टूडेंट यूनियन ऑफ असम, जारी शक्ति एवं आदिवासी काउंसिल ऑफ असम द्वारा आयोजित इस सभा में उन्होंने असम में निवास कर रहे आदिवासी समुदाय के हक और अधिकारों की पुरजोर वकालत की।

Image 2Image 3

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि असम का आदिवासी समाज दशकों से देश के चाय व्यापार का अभिन्न अंग रहा है, लेकिन आज भी यह वर्ग शोषण और अत्याचार का सामना कर रहा है। उन्होंने झारखंड के 50 वर्षों के लंबे संघर्ष और दिशोम गुरु शिबू सोरेन के योगदान का जिक्र करते हुए कहा कि हक पाने के लिए चट्टानी एकजुटता जरूरी है। सीएम सोरेन ने जोर देकर कहा कि असम के आदिवासियों को अभी तक 'आदिवासी का दर्जा' न मिलना एक बड़ी विडंबना है। उन्होंने समुदाय से आह्वान किया कि वे अपनी पहचान की सुरक्षा के लिए बौद्धिक रूप से सशक्त बनें और संवैधानिक अधिकारों के लिए कानूनी लड़ाई लड़ने को तैयार रहें।

विधानसभा घेराव के लिए जुटे झारखंड आंदोलनकारी, रांची आए बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर डेरा डाला

Image 2Image 3

झारखंड के आंदोलनकारी एक बार फिर अपने हक की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आए हैं। विधानसभा घेराव के लिए पहुंचे झारखंड आंदोलनकारियों को रोका गया तो बीच सड़क पर ही डेरा डाल दिया। सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आज के सत्र की कार्रवाई समाप्त होने के बाद भी किसी विधायक या मंत्री ने उनकी सुध नहीं ली। आंदोलनकारियों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

सैकड़ो की संख्या में झारखंड के अलग-अलग जिला से आए आंदोलनकारी विधानसभा घेराव के लिए पहुंचे। आंदोलनकारियों का कहना है कि झारखंड अलग राज्य बनाने में उन्होंने आंदोलन किया। सरकार से उनकी मांग है कि उन्हें विशेष दर्जा दिया जाए और 50 हजार रुपए पेंशन की भी मांग की जा रही है। अपनी मांगों को लेकर सड़क पर ही डेरा डाल दिया। देर शाम बीतने के बाद भी वह यहां अधिक है और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया।

प्रदर्शन कर रहे आंदोलनकारियों का कहना है कि झारखंड राज्य के गठन के लिए उन्होंने लंबा संघर्ष किया था, लेकिन आज भी उन्हें उनका उचित अधिकार और सम्मान नहीं मिल पाया है। इसी मांग को लेकर वे विधानसभा का घेराव करने पहुंचे हैं।

आंदोलनकारियों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें सत्ता विरासत में मिली है, इसलिए उन्हें आंदोलनकारियों के संघर्ष को समझना चाहिए। उनके पिता शिबू सोरेन खुद एक आंदोलनकारी थे उन्होंने कहा था कि उनके लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी। आंदोलनकारी ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार ने उनकी मांगों पर जल्द ध्यान नहीं दिया तो आंदोलन को और बड़ा रूप दिया जाएगा।

प्रदर्शन के कारण इलाके में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है। अब देखना होगा कि सरकार आंदोलनकारियों की मांगों पर क्या कदम उठाती है।

नीलकंठ महादेव मंदिर में नौ दिवसीय महायज्ञ का शंखनाद: श्रीराम कथा की अमृतवर्षा में डूबे श्रद्धालु।

गढ़वा: जिला मुख्यालय के ग्राम जोबरईया स्थित बंडा पहाड़ के नीलकंठ महादेव मंदिर परिसर में नौ दिवसीय विराट श्री रुद्र महायज्ञ का भव्य शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम के प्रथम दिन हजारों श्रद्धालुओं की भागीदारी के साथ भव्य जलयात्रा निकाली गई। यह आयोजन यज्ञाधीश आचार्य श्री श्री आशीष वैद्य महाराज के सानिध्य और प्रधान संयोजक राकेश पाल की देखरेख में संपन्न हुआ।

Image 2Image 3

कथा मंडपम का उद्घाटन:

संध्या काल में श्री अयोध्या धाम से पधारे कथा व्यास पंडित पंकज शांडिल्य जी महाराज की संगीतमय श्रीराम कथा का आगाज हुआ। कथा प्रारंभ होने से पूर्व मुख्य अतिथि, झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री श्री मिथिलेश कुमार ठाकुर और विशिष्ट अतिथि गढ़वा एसडीओ संजय कुमार पांडेय ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कथा मंडपम का उद्घाटन किया।

अतिथियों के विचार:

इस अवसर पर पूर्व मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने जागृति युवा क्लब के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि अध्यात्म हमें मानसिक शांति की ओर ले जाता है और कर्मठता ही सुखद जीवन का आधार है। वहीं, एसडीओ संजय कुमार पांडेय और वरिष्ठ पत्रकार विनोद पाठक ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

राम कथा का सार:

कथा व्यास आचार्य पंकज शांडिल्य ने प्रथम दिवस की कथा में कहा कि राम कथा मुक्ति का मार्ग है। उन्होंने भक्ति और माया के अंतर को समझाते हुए श्रद्धालुओं को भक्ति मार्ग अपनाने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम का संचालन कार्यक्रम प्रमुख ओमप्रकाश पाल ने किया, जिन्होंने सभी भक्तों से प्रतिदिन संध्या 6 बजे कथा में शामिल होने का आग्रह किया है।

महिला सशक्तिकरण का संकल्प: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से मिलीं महिला विधायक, दी महिला दिवस की बधाई।


रांची, 09 मार्च 2026: झारखंड विधानसभा परिसर स्थित मुख्यमंत्री कक्ष में आज एक विशेष उत्साह देखने को मिला। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर झारखंड विधानसभा की महिला सदस्यों ने मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से मुलाकात की और उन्हें अपनी शुभकामनाएं दीं।

Image 2Image 3

इस दौरान मुख्यमंत्री ने सभी महिला विधायकों का गर्मजोशी से स्वागत किया और उन्हें सम्मानित किया। मुख्यमंत्री श्री सोरेन ने कहा कि राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए महिलाओं की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है। उन्होंने झारखंड सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए बताया कि सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

मुलाकात के दौरान महिला विधायकों ने भी मुख्यमंत्री को शुभकामनाओं के साथ-साथ राज्य में महिलाओं की सुरक्षा, उत्थान और सशक्तिकरण से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए। मुख्यमंत्री ने इन सुझावों पर सकारात्मक चर्चा की और महिला हितों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

झारखंड की राजनीति में उबाल: राष्ट्रपति के बंगाल दौरे और नीतीश कुमार के फैसलों पर सरयू राय और बाबूलाल मरांडी का कड़ा प्रहार

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर चल रहा सियासी बयानबाजी थमने का नाम नहीं ले रही है. जदयू नेता और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मित्र माने जाने वाले सरयू राय की नाराजगी कम होती नहीं दिख रही है.

Image 2Image 3

बजट सत्र के दौरान झारखंड विधानसभा परिसर में मीडियाकर्मियों से बात करते हुए सरयू राय ने एक बार फिर इस फैसले पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि मुझे व्यक्तिगत रुप से राज्यसभा जाने का उनका फैसला अच्छा नहीं लगा है. उन्होंने कहा कि बहुत लोग सराह रहे हैं लेकिन मैंने पहले दिन से कहा है कि मुझे अच्छा नहीं लगा है. उन्होंने कहा कि उचित समय पर उचित निर्णय होता तो अच्छा रहता. जिस तरह से अफरातफरी में निर्णय लिया गया उससे परहेज किया जा सकता था. नीतीश कुमार पर दबाव होने के सवाल पर सरयू राय ने कहा कि इस निर्णय के पीछे कोई ना कोई कारण रहा होगा, अभी तो इस कारण का अनुमान ही लगाया जा सकता है.

निशांत कुमार का इतना ही महत्व है कि वो नीतीश कुमार के पुत्र हैंः सरयू राय

निशांत कुमार के सक्रिय राजनीति में एंट्री पर सरयू राय ने कहा कि उनका इतना ही महत्व है कि वो नीतीश कुमार के पुत्र हैं, आगे वो अपने कर्तव्य से अपनी प्रासंगिकता साबित करेंगे. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार की इसमें कितनी भूमिका है वह समझना होगा क्योंकि नीतीश कुमार को अपने पुत्र को राजनीति में लाना होता तो पहले ही लाकर स्थापित कर सकते थे.

सरयू राय ने नीतीश कुमार को परिवारवाद करने वालों की श्रेणी में नहीं लाने की सलाह देते हुए कहा कि इससे परिवारवाद करने वाले का चेहरा ढक जाएगा. उन्होंने कहा कि जदयू आंचलिक पार्टी है जिसके विस्तार की सोच बिहार तक ही सीमित है. जदयू आंचलिक दल है जिसकी सोच कहीं ना कहीं उनके नेता की सोच पर निर्भर करता है. ऐसे में नीतीश कुमार राज्यसभा जा रहे हैं यह रणनीति कितनी स्वस्थ रणनीति के तहत होती है यह जदयू का भविष्य तय करेगा.

पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग में आयोजित 9वें अंतर्राष्ट्रीय संथाल सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के दौरे के दौरान प्रोटोकॉल का पालन नहीं करने को नेता प्रतिपक्ष ने राष्ट्रपति पद की गरिमा और संवैधानिक मूल्यों का अपमान करार दिया है. विधानसभा के बजट सत्र की कार्यवाही में भाग लेने आये पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने इसे अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय बताया. उन्होंने कहा कि देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन व्यक्ति के प्रति इस प्रकार का रवैया न केवल प्रोटोकॉल का उल्लंघन है, बल्कि यह आदिवासी समाज की भावनाओं को भी आहत करता है. राष्ट्रपति महोदया के शब्दों में जो पीड़ा और असहजता झलक रही थी उसे पूरे देश ने महसूस किया है.

कार्यक्रम में शुरू से बाधा डालने की कोशिश- बाबूलाल मरांडी

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि मैंने इंटरनेशनल संथाल काउंसिल के पदाधिकारी से बातचीत कर पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति के साथ हुए दुर्भाग्यपूर्ण घटनाक्रम की जानकारी ली. उन्होंने बताया कि पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से कार्यक्रम के आयोजन स्थल को तीन बार बदला गया. इतना ही नहीं, कार्यक्रम के दिन अचानक पास की अनिवार्यता लागू कर दी गई, जबकि पहले से ऐसी कोई व्यवस्था प्रस्तावित नहीं थी. इससे स्पष्ट होता है कि कार्यक्रम में व्यवधान डालने की कोशिश की गई.

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि परंपरा और प्रोटोकॉल के अनुसार जब भी राष्ट्रपति किसी कार्यक्रम में पहुंचती हैं तो मुख्यमंत्री या उनका अधिकृत प्रतिनिधि उनकी अगवानी के लिए मौजूद रहता है. लेकिन आश्चर्य की बात है कि पश्चिम बंगाल में न तो मुख्यमंत्री और न ही कोई मंत्री वहां पहुंचे. यहां तक कि जिला प्रशासन की ओर से डीएम तक की उपस्थिति नहीं रही. यह केवल देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद राष्ट्रपति का अपमान नहीं है, यह संविधान और लोकतांत्रिक मर्यादाओं का भी अनादर है. ममता बनर्जी सरकार द्वारा किया गया यह व्यवहार अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है और किसी भी दृष्टि से क्षम्य नहीं माना जा सकता है.

गिरिडीह के डीसी कान पकड़कर उठक बैठक करें, मांगें माफी- बाबूलाल मरांडी

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने महिला दिवस पर गिरिडीह में अपनी मांगों के समर्थन में धरने पर बैठी जल सहियाओं के साथ वहां के डीसी के व्यवहार को आपत्तिजनक बताते हुए मुख्यमंत्री से डीसी पर कार्रवाई करने की मांग की है. गिरिडीह, चतरा एवं अन्य जगहों पर प्रशासनिक अधिकारियों के वायरल हो रहे वीडियो का हवाला देते हुए बाबूलाल मरांडी ने कहा कि राज्य में नौकरशाह बेलगाम हो गया हैं. ऐसे में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन गिरिडीह डीसी से सरेआम उन महिलाओं से माफी मंगवाए और कान पकड़ कर उठक बैठक करवाएं. जिससे ऐसे अधिकारी को सबक मिले कि महिलाओं से कैसा व्यवहार उन्हें करना चाहिए.

भाजपा नेता एवं सांसद प्रतिनिधि धनंजय कुमार पुटूस का 32वां जनता दरबार सम्पन्न

Image 2Image 3

रामगढ़ ब्लॉक के निकट स्थित आरबीएसएस कार्यालय में रविवार भाजपा नेता एवं सांसद प्रतिनिधि धनंजय कुमार पुटूस के द्वारा आयोजित 32वां जनता दरबार सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। जनता दरबार में रामगढ़ विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न गांवों और मोहल्लों से बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याओं को लेकर पहुंचे।

इस दौरान लोगों ने जमीन संबंधी विवाद, राशन कार्ड, बैंकिंग समस्याएं, बिजली, पेयजल, पेंशन एवं अन्य जनसुविधाओं से जुड़ी समस्याओं को लेकर आवेदन सौंपा।

जनता दरबार में पहुंचे प्रत्येक व्यक्ति की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुनते हुए धनंजय कुमार पुटूस ने संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित कर जल्द से जल्द समाधान कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान कराना उनकी प्राथमिकता है और इसके लिए वे लगातार जनता दरबार के माध्यम से लोगों की समस्याएं सुन रहे हैं।

उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि का कर्तव्य है कि वह जनता के सुख-दुख में उनके साथ खड़ा रहे और उनकी समस्याओं को शासन-प्रशासन तक पहुंचाकर समाधान सुनिश्चित करे।

जनता दरबार में आए लोगों ने अपनी समस्याएं सुने जाने और समाधान के प्रयास के लिए धनंजय कुमार पुटूस के प्रति आभार व्यक्त किया।

भक्ति के रंग में रंगा गढ़वा: जोबरईया में भव्य कलश यात्रा के साथ विराट श्री रुद्र महायज्ञ का शंखनाद"

Image 2Image 3

गढ़वा जिला मुख्यालय के समीप जोबरईया स्थित बंडा पहाड़ पर विराजमान श्री नीलकंठ महादेव मंदिर परिसर में रविवार को विराट श्री रुद्र महायज्ञ का भव्य शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति में एक विशाल कलश यात्रा निकाली गई, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया।

भव्य कलश यात्रा और नगर भ्रमण

यज्ञाधीश आचार्य श्री श्री आशीष वैद्य जी महाराज के सानिध्य में भव्य कलश यात्रा मंदिर परिसर से शुरू होकर गढ़वा-मझिआंव मुख्य मार्ग और रंका मोड़ होते हुए दानरो नदी छठ घाट पहुँची। गाजे-बाजे और 'हर-हर महादेव' के जयकारों के बीच श्रद्धालुओं ने नदी से पवित्र जल भरा और पुनः यज्ञशाला पहुँचे। यात्रा के दौरान फूलों से सजी गाड़ी में प्रधान संयोजक राकेश पाल, नवनिर्वाचित अध्यक्ष आशीष सोनी और अन्य गणमान्य लोग श्रद्धालुओं का उत्साहवर्धन करते नजर आए।

पूर्व मंत्री ने किया कथा का उद्घाटन

महायज्ञ के प्रथम दिन संध्या काल में श्रीराम कथा अमृतवर्षा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री श्री मिथिलेश कुमार ठाकुर ने दीप प्रज्वलित कर कथा मंडपम का विधिवत उद्घाटन किया। उन्होंने इस धार्मिक आयोजन की सराहना करते हुए क्षेत्र की सुख-शांति की कामना की। अयोध्या से पधारे कथाव्यास श्री पंकज शांडील्य जी ने संगीतमय श्रीराम कथा से भक्तों को भावविभोर कर दिया।

प्रबंधन और सेवा भाव

जागृति युवा क्लब और महायज्ञ समिति के सदस्यों ने भीषण गर्मी को देखते हुए पूरे मार्ग में टैंकरों से जल का छिड़काव कराया और श्रद्धालुओं के लिए महाभंडारे की व्यवस्था की। अध्यक्ष जितेंद्र कुमार पाल, सचिव विनय पाल और संगठन मंत्री चंदन पाल सहित पूरी टीम यातायात नियंत्रण और सेवा कार्यों में सक्रिय रही।

रामगढ़: 24 मार्च को निकलेगा भव्य मंगला जुलूस, रामनवमी महासमिति ने तैयारियों को लेकर की बैठक"

रामगढ़ (रिपोर्ट: सौरव नारायण सिंह):

रामगढ़ शहर में आगामी रामनवमी महोत्सव को भव्य और ऐतिहासिक बनाने की कवायद तेज हो गई है। श्री श्री रामनवमी पूजा महासमिति के अध्यक्ष राजेश ठाकुर के नेतृत्व में शहर के रॉटरी क्लब में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स और विभिन्न अखाड़ा समितियों के प्रतिनिधि मुख्य रूप से शामिल हुए।

Image 2Image 3

मंगला जुलूस और भव्य शोभायात्रा

बैठक का मुख्य उद्देश्य 24 मार्च 2026 को निकलने वाले मंगला जुलूस और शोभायात्रा की रूपरेखा तैयार करना था। अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कहा कि इस बार महोत्सव को डिजिटल रूप से भी व्यापक स्तर पर प्रमोट किया जाएगा, जिसके लिए कंटेंट क्रिएटर्स के साथ सकारात्मक चर्चा की गई है।

अस्त्र-शस्त्र प्रतियोगिता का आकर्षण

समिति ने जानकारी दी कि 25 मार्च 2026 को शहर के फूलबोल मैदान में विशाल अस्त्र-शस्त्र अखाड़ा प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। इसमें जिले की विभिन्न अखाड़ा समितियां अपने पारंपरिक युद्ध कौशल और अस्त्र-शस्त्र संचालन का प्रदर्शन करेंगी।

प्रमुख सदस्यों की उपस्थिति

इस सांगठनिक बैठक में मुख्य संरक्षक छोटू वर्मा, धीरज राम, संजय सोनकर, मनोज राम, और विशाल जयसवाल सहित सुजीत सोनकर, बीजू गोयंका, कारू सिंह, तरुण साव, संजय अग्रवाल, और महिला प्रतिनिधि सोनी कुमारी व सरस्वती देवी सहित दर्जनों कार्यकर्ता उपस्थित थे। सभी ने एक स्वर में महोत्सव को शांतिपूर्ण और भव्य तरीके से संपन्न कराने का संकल्प लिया।

गढ़वा: श्री रुद्र महायज्ञ का कल से शंखनाद, भव्य जलयात्रा और नगर भ्रमण की तैयारियाँ पूरी"


गढ़वा: जिला मुख्यालय के ग्राम जोबरईया स्थित बंडा पहाड़ के श्री नीलकंठ महादेव मंदिर परिसर में 08 मार्च से 16 मार्च 2026 तक आयोजित होने वाले नौ दिवसीय विराट श्री रुद्र महायज्ञ की सभी तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं। कल, रविवार को भव्य जलयात्रा-सह-नगरभ्रमण के साथ इस धार्मिक अनुष्ठान का शुभारंभ होगा।

Image 2Image 3

जलयात्रा का रूट और समय

यज्ञ समिति के अनुसार, श्रद्धालुओं को सुबह 8:15 बजे मंदिर परिसर में एकत्रित होने का निर्देश दिया गया है। शोभायात्रा मंदिर परिसर से गढ़वा-मझियांव मार्ग और रंका मोड़ होते हुए दानरो नदी छठ घाट तक जाएगी, जहाँ से पवित्र जल लेकर श्रद्धालु पुनः यज्ञशाला लौटेंगे।

मुख्य अतिथि और श्रीराम कथा

झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री श्री मिथिलेश कुमार ठाकुर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि होंगे और उनके कर-कमलों से श्रीराम कथा अमृतवर्षा हेतु कथा मंडपम का उद्घाटन किया जाएगा। अयोध्या से पधारे कथाव्यास श्री पंकज शांडिल्य जी प्रतिदिन संध्या 6:00 बजे से संगीतमय प्रवचन करेंगे।

तैयारियों की समीक्षा

महायज्ञ के प्रधान संयोजक श्री राकेश पाल ने बताया कि भव्य पाँच मंजिला यज्ञशाला बनकर तैयार है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए शौचालय, पार्किंग और मनोरंजन के लिए झूले आदि की व्यवस्था की गई है। यज्ञाधीश आचार्य श्री श्री आशीष वैद्य जी महाराज ने तैयारियों पर संतोष जताते हुए कहा कि महायज्ञ का शुभारंभ प्रतिदिन प्रातः 5:00 बजे रुद्राभिषेक से होगा।

व्यवस्था के लिए बने 25 विभाग

समिति के अध्यक्ष श्री जितेंद्र कुमार पाल ने जानकारी दी कि कार्यक्रम के बेहतर संचालन के लिए 25 अलग-अलग विभाग बनाए गए हैं। ओमप्रकाश पाल और सत्येंद्र पाल को समग्र कार्यों की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।