क्या होता है ESMA, देशभर में किया गया लागू, मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच सरकार का बड़ा फैसला
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ईरान-इजरायल जंग की वजह से मिडिल ईस्ट में पैदा हुए हालातों का असर भारत में तेल-गैस आपूर्ति पर पड़ रहा है। केंद्र सरकार ने एलपीजी सिलिंडर की जमाखोरी रोकने और घरेलू गैस संकट को टालने के लिए आवश्यक वस्तु अधिनियम (एस्मा) लागू किया है। इस कदम का उद्देश्य घरेलू उपयोग के लिए गैस की उपलब्धता सुनिश्चित करना और काले बाजारी गतिविधियों पर रोक लगाना है।
कालाबाजारी रोकने के लिए सरकार की सख्त
मौजूदा अंतरराष्ट्रीय हालात और ईंधन सप्लाई में दिक्कतों को देखते हुए सरकार ने एलपीजी गैस को लेकर बड़े फैसले किए हैं। सरकार ने घरेलू एलपीजी सप्लाई को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी है। साथ ही जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए नया नियम लगाया गया है। केंद्र सरकार ने सोमवार को एक अहम फैसला लेते हुए लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस की बिना किसी रुकावट के आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जरूरी वस्तु अधिनियम की शक्तियों का उपयोग किया है।
क्या होता है ESMA ?
आवश्यक सेवा रखरखाव अधिनियम (ईएसएमए) एक एक्ट है, जिसे कुछ सेवाओं की डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए बनाया गया है। ये सेवाएं लोगों के सामान्य जीवन से जुड़ी हैं और इनके प्रभावित होने का सीधा असर आम जनता को पड़ता है। इसमें सार्वजनिक परिवहन (बस सेवाएं), स्वास्थ्य सेवाएं (डॉक्टर और अस्पताल) जैसी सेवाएं शामिल हैं।
क्या है फैसले की पीछे की वजह
सरकार ने देशभर में ESMA लगाने का फैसला अचानक नहीं लिया है। जिस तरह से ईरान पर इजराइल र अमेरिका ने हमला किया है और दोनों पक्षों के बीच सैन्य संघर्ष को 10 दिन से ज्यादा हो चुके हैं। इसका असर दुनियाभर के देशों में दिख रहा है। वैश्विक अस्थिरता के समय में दुनिया में बढ़ती प्राकृतिक गैस की कीमतों के बीच केंद्र सरकार लगातार बड़े फैसले ले रहे हैं। इसमें एलपीजी सिलेंडर बुकिंग की अवधि को 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया। इसकी वजह जमाखोरी को रोकना है। इसी के बाद देशभर में ESMA का फैसला लिया गया।






1 hour and 35 min ago
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