कनाडा में क्राइम से भारत का कोई लेना-देना नहीं”, भारत दौरे से पहले मार्क कार्नी के नरम पड़े सुर

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निमंत्रण पर कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी भारत आ रहे हैं। वो कल यानि शुक्रवार 27 फरवरी से 2 मार्च तक भारत की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगेय़ यह प्रधानमंत्री कार्नी की भारत की पहली आधिकारिक यात्रा होगी। कर्नी ने भारत यात्रा से ठीक पहले बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि कनाडा में होने वाले हिंसक अपराधों से भारत का कोई संबंध नहीं है। यह बयान ऐसे समय आया है जब आतंकी हरदीप सिंह निज्जर मामले को लेकर दोनों देशों के बीच लंबे समय तक कूटनीतिक तनाव बना रहा।

कनाडाई अधिकारियों ने स्पष्ट कहा है कि उनके देश में होने वाले हिंसक अपराधों से भारत का कोई लेना-देना नहीं है। कनाडाई अधिकारियों ने दो टूक कहा कि यदि उन्हें लगता कि भारत कनाडा की लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय हस्तक्षेप कर रहा है, तो प्रधानमंत्री की यह यात्रा संभव नहीं होती। उन्होंने यह भी दोहराया कि कनाडा अपने आंतरिक मामलों में किसी भी विदेशी हस्तक्षेप को बर्दाश्त नहीं करता। यह बयान ऐसे समय आया है जब कार्नी हिंद-प्रशांत क्षेत्र के दौरे की शुरुआत भारत से कर रहे हैं।

खालिस्तानी आतंकी की हत्या को लेकर बिगड़े भारत-कनाडा के रिश्ते

कनाडा सरकार के इस कदम को दोनों देशों के रिश्तों को बेहतर करने के तौर पर देखा जा रहा है। जो जस्टिन ट्रूडो के कार्यकाल के अंतिम दिनों में बेहद खराब दौर में पहुंच गए थे। कनाडा में खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या हुई थी। कनाडा की तत्कालीन ट्रूडो सरकार ने भारत पर निज्जर की हत्या कराने का आरोप लगाया और इसे संप्रभुता का उल्लंघन करार दिया था। हालांकि भारत सरकार ने कनाडा के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया और निज्जर की हत्या में संलिप्तता से इनकार किया। इस मामले को लेकर दोनों देशों के रिश्ते इतने बिगड़े की दोनों ने अपने कुछ राजनयिकों को वापस बुला लिया।

भारत-कनाडा के रिश्ते फिर पटरी पर

हालांकि, ट्रूडो सरकार के सत्ता से बाहर होने और मार्क कार्नी के सत्ता संभालने के बाद से भारत- कनाडा के रिश्तों में फिर से बेहतरी हो रही है। मार्क कार्नी भारत दौरे पर आ रहे हैं और इस दौरे का मकसद दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों को फिर से मजबूत करना है। इसे कनाडा द्वारा व्यवहारिक विदेश नीति अपनाने के तौर पर भी देखा जा रहा है।

माफी काफी नहीं है', एनसीईआरटी विवाद पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त बरकरार, सीजेआई ने लगाई फटकार

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एनसीईआरटी ने कक्षा 8 की सोशल साइंस के ज्यूडिशियरी से जुड़े चैप्टर पर विवाद बढ़ गया है। किताब में 'न्यायपालिका में भ्रष्टाचार' वाले अंश को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रूख अपनाया है। विवाद पर चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की पीठ में सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि इस मामले में एनसीईआरटी का माफी मांगना पर्याप्त नहीं है।

कोर्ट ने पूछा- इसके पीछे कौन?

सीजेआई की फटकार के बाद एनसीईआरटी ने ‘ज्यूडिशियल करप्शन’ वाले चैप्टर को हटाने का फैसला किया है। उसने सुप्रीम कोर्ट के सामने अपनी गलती मानी है और इसके लिए माफी मांगी है।सीजेआई सूर्यकांत ने फटकार लगाते हुए कहा है कि बस माफी मांगना या चैप्टर हटाना काफी नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने एनसीईआरटी से कहा है कि वे बताए इसके पीछे कौन हैं, पूरी बात सामने आने तक सुनवाई जारी रहेगी।

एनसीईआरटी के निदेशक को कारण बताना होगा

सुनवाई के दौरान एनसीईआरटी ने कहा कि वे बिना शर्त माफी मांगने को तैयार हैं। किताब से विवादित अंश को भी हटा दिया जाएगा। इस पर चीफ जस्टिस ने कहा कि केवल माफी मांगना और किताब से आपत्तिजनक अंशों को हटाना पर्याप्त नहीं है। एनसीईआरटी के निदेशक को कारण बताना होगा। ये सोच-समझकर उठाया गया कदम है। अदालत ने सवाल किया कि इस मामले को अवमानना क्यों न माना जाए? चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने ऑनलाइन प्रतियों को भी तत्काल हटाने के निर्देश दिए।

क्या है मामला?

दरअसल, NCERT ने क्लास 8 की सोशल साइंस की नई किताब जारी की। किताब में पहली बार ज्यूडिशियरी में करप्शन पर एक सेक्शन जोड़ा गया। बुक का अपडेटेड एडिशन पहले के एडिशन से अलग है। बुक में एक चैप्टर का नाम है हमारे समाज में न्यायपालिका की भूमिका, जिसमें सिस्टम की कमजोरियों और लंबित मामलों के बारे में बताया गया है।

चैप्टर में क्या?

किताब में इस समस्या के बड़े पैमाने को साफ-साफ बताया गया है। इसमें अलग-अलग कोर्ट में लगभग 53,321,000 पेंडिंग केस बताए गए हैं। इनमें सुप्रीम कोर्ट में 81,000, पूरे भारत के हाई कोर्ट में 62.4 लाख (62,40,000) और डिस्ट्रिक्ट और सबऑर्डिनेट कोर्ट में लगभग 4.7 करोड़ (4,70,00,000) केस हैं। चैप्टर में लोगों की सोच और चिंताओं का भी जिक्र है। चैप्टर में लिखा है, लोग ज्यूडिशियरी के अलग-अलग लेवल पर करप्शन का अनुभव करते हैं। गरीबों और ज़रूरतमंदों के लिए न्याय तक पहुंच आसान नहीं है। भारत के पूर्व चीफ जस्टिस बी आर गवई का जिक्र करते हुए, बुक में कहा गया है कि करप्शन और गलत काम लोगों के भरोसे को नुकसान पहुंचाते हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने लिया स्वतः संज्ञान

पुस्तक में जोड़े गए इस हिस्से को लेकर विवाद खड़ा हुआ है। सुप्रीम कोर्ट ने संकेत दिया है कि इस मामले में स्वतः संज्ञान लिया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस मुद्दे को गंभीरता से लिया गया है। अदालत ने भरोसा दिलाया कि उचित और कानूनी कदम उठाए जाएंगे। सीजेआई ने कहा कि न्यायपालिका की गरिमा और विश्वसनीयता को बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है।

टी20 वर्ल्ड कप: न्यूजीलैंड से हारकर श्रीलंका बाहर, आज भारत–जिंबॉब्वे और साउथ अफ्रीका–वेस्टइंडीज के अहम मुकाबले
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टी20 वर्ल्ड कप के सुपर-8 चरण में बड़ा उलटफेर देखने को मिला, जहां न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम से हार के बाद मेजबान श्रीलंका राष्ट्रीय क्रिकेट टीम सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो गई। इस हार के साथ ही श्रीलंका का अभियान समाप्त हो गया और ग्रुप समीकरण पूरी तरह बदल गए।
आज सुपर-8 में दो बड़े मुकाबले खेले जाएंगे। पहला मैच दोपहर 3 बजे दक्षिण अफ्रीका राष्ट्रीय क्रिकेट टीम और वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम के बीच होगा। यह मुकाबला सेमीफाइनल की तस्वीर साफ करने में निर्णायक साबित हो सकता है।
वहीं शाम 7 बजे भारत राष्ट्रीय क्रिकेट टीम का सामना जिम्बाब्वे राष्ट्रीय क्रिकेट टीम से होगा। भारतीय प्रशंसक टीम इंडिया से न सिर्फ जीत बल्कि बड़ी जीत की उम्मीद कर रहे हैं, ताकि नेट रन रेट के समीकरण भी मजबूत हो सकें।
भारतीय फैंस की नजरें दूसरे मुकाबले पर भी टिकी रहेंगी। अगर वेस्टइंडीज, दक्षिण अफ्रीका को हरा देती है तो भारत के लिए सेमीफाइनल का रास्ता मुश्किल हो सकता है। ऐसे में दुआएं सिर्फ भारत की जीत के लिए ही नहीं, बल्कि दक्षिण अफ्रीका की सफलता के लिए भी होंगी।
पीएम मोदी ने रचा इतिहास, इंस्टाग्राम पर 10 करोड़ फॉलोअर्स का आंकड़ा किया पार

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की लोकप्रियता किसी से छुपी नहीं है। दुनियाभर के देशों में पीएम मोदी के करोड़ों प्रशंसक हैं। इसी बीच पीएम मोदी ने पूरी दुनिया के लीडर्स को पछाड़ते हुए एक नया रेकॉर्ड बना लिया है। इस मामले में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी दूसरे नंबर पर हैं। पीएम मोदी के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर 100 मिलियन यानी 10 करोड़ से ज्यादा फॉलोअर्स हो गए हैं।

दुनिया के पहले लीडर और पॉलिटिशियन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को इंस्टाग्राम पर 100 मिलियन फॉलोअर्स का ऐतिहासिक माइलस्टोन पार करने वाले दुनिया के पहले लीडर और पॉलिटिशियन बन गए। यह उनकी डिजिटल मौजूदगी में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। प्रधानमंत्री मोदी 2014 में मेटा के इस प्लेटफॉर्म से जुड़े थे और तब से उनकी लोकप्रियता लगातार बढ़ी है।

ट्रंप से दोगुने फॉलोअर्स पीएम मोदी के

पीएम मोदी के इंस्टाग्राम फॉलोअर्स अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप से दोगुने हैं। यूएस प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप के 43.2 मिलियन फॉलोअर्स के साथ दूसरे नंबर पर हैं। उनके बाद इंडोनेशिया के प्रेसिडेंट प्रबोवो सुबियंतो 15 मिलियन फॉलोअर्स के साथ तीसरे नंबर पर हैं। ब्राजील के राष्ट्रपति 14.4 मिलियन फॉलोअर्स के साथ चौथे और तुर्की के प्रेसिडेंट तैयप एर्दोगन 11.6 मिलियन फॉलोअर्स के साथ पांचवें नंबर पर हैं। आखिर में अर्जेंटीना के प्रेसिडेंट जेवियर माइली के 6.4 मिलियन फॉलोअर्स हैं।

दूसरे भारतीय नेताओं का क्या है हाल?

पीएम मोदी के अलावा दूसरे भारतीय नेताओं के फॉलोअर्स की बात करें तो उनमें भी पीएम मोदी काफी आगे हैं। कोई दूसरा नेता उनके आसपास भी नहीं है। भारत में पीएम मोदी के बाद दूसरे नंबर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हैं, जिनके लगभग 16.1 मिलियन (1.6 करोड़) फॉलोअर्स हैं। उनके बाद राहुल गांधी हैं, जिनके लगभग 12.6 मिलियन (1.2 करोड़) फॉलोअर्स हैं।

भारत-पाक तनाव पर ट्रंप का बड़ा दावा, बोले- मैं दखल न देता तो खतरे में थी शहबाज शरीफ की जान

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आए दिन भारत-पाकिस्तान संघर्ष रूकवाने का दावा करते रहे हैं। ट्रंप ने एक बार फिर दोनों देशों को लेकर चौंकाने वाला दावा किया है। कांग्रेस के जॉइंट सेशन में भारत और पाकिस्तान संघर्ष पर ट्रंप ने फिर कहा कि भारत और पाकिस्तान का युद्ध उन्होंने रुकवाया है। यह न्यूक्लियर वॉर हो सकती थी, करीब साढ़े तीन करोड़ लोग मारे जाते। अगर मैं इसमें शामिल नहीं होता तो पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ भी मारे जाते।

10 महीनों में आठ युद्ध रोकने का दावा

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी संसद में संबोधन देते हुए फिर भारत और पाकिस्तान संघर्ष का जिक्र किया। ट्रंप ने अपने संबोधन में कहा कि अपने कार्यकाल के पहले 10 महीनों में उन्होंने आठ युद्ध समाप्त किए।

‘35 मिलियन लोग मारे गए होते’

ट्रंप ने यह भी कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच हालात इतने गंभीर हो गए थे कि स्थिति परमाणु संघर्ष तक पहुंच सकती थी। उन्होंने देश की संसद में दावा किया कि शहबाज़ शरीफ ने उनसे कहा था कि अगर वह दखल नहीं देते तो पिछले साल के ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान में 35 मिलियन लोग मारे गए होते।

बार-बार भारत-पाक जंग रूकवाने का दावा

ये पहली बार नहीं है जब ट्रंप ने भारत-पाक संघर्ष को लेकर इस तरह का दावा किया है। हां, शहबाज शरीफ को लेकर ये दावा बिल्कुल नया है। हाल के महीनों में डोनाल्ड ट्रंप ने बार-बार कहा है कि उन्होंने ही भारत-पाकिस्तान टकराव को रोका है। उन्होंने लगातार कहा है कि उनके एडमिनिस्ट्रेशन ने दोनों देशों को तनाव बढ़ाने से रोकने के लिए ट्रेड एग्रीमेंट और टैरिफ़ उपायों का इस्तेमाल किया।

भारत ने हमेशा ट्रंप के दावों को नकारा

हालांकि, भारत ने हमेशा से डोनाल्ड ट्रंप के दावों को नकारा है। जबकि पाकिस्तान ने डोनाल्ड ट्रंप को भारत-पाकिस्तान युद्ध रूकवाने के लिए क्रेडिट दिया है। पाकिस्तान ने डोनाल्ड ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए भी नामांकित किया है। शहबाज शरीफ ने पिछले दिनों बोर्ड ऑफ गाजा पीस के दौरान भी ट्रंप की तारिफ की थी और कहा था कि ट्रंप की वजह से 35 मिलियन लोगों की जान बच गई।

पीएम मोदी आज से इजराइल दौरे पर, नए रणनीतिक गठजोड़ की ओर बढ़ रहे दोनों देश, नेतन्याहू ने बनाया 'हेक्सागॉन'

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज से दो दिवसीय इजरायल दौरे पर रहेंगे। पीएम मोदी इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के निमंत्रण पर राजकीय दौरे पर आज इजरायल पहुंचेंगे। वे इजरायली समय के अनुसार दोपहर 12.45 बजे बेन गुरियन इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरेंगे, जहां बेंजामिन नेतन्याहू और उनकी पत्नी सारा स्वागत करेंगे। पीएम मोदी दो दिनों की यात्रा के दौरान इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और राष्ट्रपति आइजैक हर्जोग से मुलाकात के साथ ही इजरायल की संसद नेसेट को भी संबोधित करेंगे। यह एक खास सम्मान है, जो दुनिया के कुछ ही नेताओं को हासिल होता है।

इन मुद्दों पर होगी चर्चा

पीएम मोदी और बेंजामिन नेतन्याहू भारत-इजरायल के बीच हुई रणनीतिक साझेदारी में हुई अहम तरक्की की समीक्षा करेंगे। दोनों नेता विज्ञान और प्रौद्योगिकी, नवाचार, रक्षा और सुरक्षा, कृषि, जल प्रबंधन, व्यापार और अर्थव्यवस्था समेत पीपुल-टू-पीपुल सहयोग के अवसरों पर चर्चा करेंगे। दोनों नेताओं के बीच पारस्परिक हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान होने की उम्मीद है।

भारत-इजरायल डिफेंस और सिक्योरिटी सहयोग बढ़ेगा

प्रधानमंत्री की यह यात्रा दोनों देशों के बीच गहरी और लंबे समय से चली आ रही रणनीतिक साझेदारी की पुष्टि करेगी। दोनों नेताओं की बातचीत में डिफेंस और सिक्योरिटी सहयोग को बढ़ाना बड़ा मुद्दा होगा। विदेश मंत्रालय ने कहा, "दोनों नेता भारत-इज़राइल स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप में हुई अहम तरक्की का रिव्यू करेंगे, और साइंस और टेक्नोलॉजी, इनोवेशन, डिफेंस और सिक्योरिटी, एग्रीकल्चर, वॉटर मैनेजमेंट, ट्रेड और इकॉनमी, और लोगों के बीच लेन-देन समेत सहयोग के अलग-अलग एरिया में आगे के मौकों पर चर्चा करेंगे। नेताओं के आपसी फायदे के रीजनल और ग्लोबल मुद्दों पर भी अपने विचार शेयर करने की उम्मीद है।"

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इजरायल दौरे की शुरुआत के साथ ही पश्चिम एशिया की कूटनीति में नई हलचल देखने को मिल रही है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस दौरे को ‘कट्टरपंथी ताकतों’ के खिलाफ एक नए रणनीतिक गठजोड़ की दिशा में बड़ा कदम बताया है। नेतन्याहू के मुताबिक, भारत-इजरायल रिश्ते अब केवल द्विपक्षीय सहयोग तक सीमित नहीं रहे, बल्कि एक व्यापक क्षेत्रीय संरचना की ओर बढ़ रहे हैं। नेतन्याहू ने भारत को ‘वैश्विक शक्ति’ करार देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी उनके ‘खास दोस्त’ हैं और दोनों देशों के रिश्ते पहले से कहीं अधिक मजबूत हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि यह साझेदारी मध्य पूर्व और उसके आसपास एक ऐसे गठबंधन का रूप ले सकती है, जो साझा चुनौतियों के खिलाफ सामूहिक जवाब देने में सक्षम होगा।

नेतन्याहू का “हेक्सागन अलायंस प्लान”

पीएम मोदी की यात्रा से पहले इजरायली प्रधानमंत्री ने मिडिल ईस्ट और उसके आस-पास गठबंधनों का एक हेक्सागन बनाने का प्लान बताया है। इसमें भारत को भी शामिल करने की बात कही है। साप्ताहिक बैठक में बोलते हुए नेतन्याहू ने भारत को एक ग्लोबल पावर बताया और कहा 'हम एक पूरा सिस्टम बनाएंगे- मिडिल ईस्ट के आस-पास या उसके अंदर गठबंधन का एक हेक्सागन।' नेतन्याहू ने कहा कि इसमें 'भारत, अरब देश, अफ्रीकी देश, मेडिटेरेनियन देश (ग्रीस और साइप्रस) और एशिया के देश शामिल होंगे, जिनके बारे में मैं अभी डिटेल में नहीं बताऊंगा।'

मुझे अपने बब्बर शेर पर गर्व', शर्टलेस प्रदर्शन के बाद यूथ कांग्रेस चीफ उदय भानु की गिरफ्तारी पर बोले राहुल*

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इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान भारत मंडपम में प्रोटेस्ट के मामले में इंडियन यूथ कांग्रेस के नेशनल प्रेसिडेंट उदय भानु चिब को गिरफ्तार किया गया है। कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को चिब की 4 दिन की रिमांड को भी मंजूरी दे दी है। उदय भानु चिब की गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस लीडर और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने उनके समर्थन में पोस्ट शेयर किया है और केंद्र सरकार की आलोचना की है।

कांग्रेस नेतृत्व कर रहा बचाव

एआई इम्पैक्ट समिट में यूथ कांग्रेस द्वारा किए गए शर्टलेस विरोध प्रदर्शन को बीजेपी ने इसे वैश्विक मंच पर भारत की छवि को धूमिल करने का एक शर्मनाक कृत्य बताया, जबकि यूथ कांग्रेस के इस प्रदर्शन का कांग्रेस लगातार बचाव कर रही है। राहुल गांधी समेत अन्य कांग्रेसी नेताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाया है।

अपने बब्बर शेर साथियों पर गर्व-राहुल गांधी

लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि शांतिपूर्ण विरोध हमारी ऐतिहासिक धरोहर है। यह हमारे खून में है और हर भारतीय का लोकतांत्रिक अधिकार है। राहुल ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि मुझे युवा कांग्रेस के अपने बब्बर शेर साथियों पर गर्व है, जिन्होंने COMPROMISED PM के खिलाफ निडर होकर देश के हित में आवाज उठाई है।

खरगे ने सरकार पर बोला हमला

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी अपने एक्स पोस्ट में युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं पर हुई कार्रवाई पर सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि युवा आज नौकरी के लिए तड़प रहे हैं। देश का माहौल खराब हो चुका है। पीएम मोदी के प्रति लोगों ने भारी रोष है। पीएम ने अमेरिका के सामने भी घुटने टेकते हुए सारी शर्तों को मान लिया, जिससे पूरा देश शर्मिंदा है। हकीकत में ट्रंप हमें गुलाम बना रहा है और बंधुआ मजदूर बनाने की दिशा में धकेला जा रहा है। यह काम मोदी कर रहे हैं।

क्या है पूरा मामला?

यह मामला उस समय चर्चा में आया जब युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने एआई समिट के दौरान बिना शर्ट पहने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार की नीतियों, बढ़ती बेरोजगारी और एआई से जुड़े मुद्दों को लेकर नारेबाजी की। इस मामले में भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष भानु चिब के साथ कुल आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इससे पहले सोमवार को आरोपियों जितेंद्र यादव, राजा गुर्जर व अजय कुमार को ग्वालियर को गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारियों में बिहार के कुंदन यादव, कृष्णा हरि, उत्तर प्रदेश के अजय कुमार और तेलंगाना के नरसिम्हा यादव शामिल बताए गए हैं।

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी आ रहे भारत, क्या ट्रूडो से बढ़े विवाद के बाद सुधरेंगे रिश्ते?

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कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी भारत दौरे पर आने वाले हैं। मार्क कर्नी 26 फरवरी को भारत पहुंच रहे हैं। ये दौरा ऐसे वक्त में अहम माना जा रहा है जब पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और ट्रेड में काफी उठापटक चल रही है। वहीं, ट्रूडो कार्यकाल में आई भारत-कनाडा रिश्तों में खटास के बाद कनाडाई पीएम का दौरा कापी अहम माना जा रहा है।

कनाडा-भारत के रिश्तों पर होगा फोकस

कार्नी 26 फरवरी से 7 मार्च 2026 तक इंडो-पैसिफिक दौरे पर रहेंगे। इस दौरान मार्क कार्नी 26 फरवरी भारत पहुंचेंगे। इस दौरान वह सबसे पहले मुंबई जाएंगे। इसके बाद वह दिल्ली आएंगे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे। मार्क कार्नी के कार्यालय की तरफ से जारी बयान में यह जानकारी दी गई है। बयान के मुताबिक, "प्रधानमंत्री कार्नी सबसे पहले मुंबई पहुंचेंगे। फिर नई दिल्ली जाएंगे, वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलेंगे। दोनों नेता कनाडा-भारत के रिश्तों को नई ऊंचाई पर ले जाने को लेकर बातचीत पर फोकस करेंगे।"

भारत के बड़े बिजनेस लीडर्स से मुलाकात

मार्क कार्नी अपने भारत दौरे की शुरुआत मुंबई से करेंगे, जहां वो देश के बड़े बिजनेस लीडर्स के साथ मुलाकात करेंगे। उनका मकसद कनाडा में भारतीय निवेश को बढ़ावा देना और दोनों देशों की कंपनियों के बीच साझेदारी को मजबूत करना रहेगा। इनमें ट्रेड, एनर्जी, टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), टैलेंट और संस्कृति, और डिफेंस में बड़ी नई पार्टनरशिप शामिल होंगी। इसके बाद वो नई दिल्ली पहुंचेंगे, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी द्विपक्षीय बातचीत।

ऑस्ट्रेलिया और जापान भी जाएंगे कनाडाई पीएम

पीएम कर्नी भारत दौरे के बाद ऑस्ट्रेलिया के सिडनी और कैनबरा भी जाएंगे। जहां वे पीएम एंथनी अल्बानीज़ से मुलाकात करेंगे। इस दौरान दोनों के बीच रक्षा, समुद्री सुरक्षा, महत्वपूर्ण खनिजों, व्यापार और एआई मेत उन्नत प्रौद्योगिकियों पर सहयोग को और मजबूत करने पर चर्चा होगी। पीएम कार्नी इस दौरान ऑस्ट्रेलिया की संसद के दोनों सदनों और आमंत्रित गणमान्य अतिथियों को भी संबोधित करेंगे। 20 सालों में ऐसा पहली बार होगा जब कोई कनाडाई प्रधानमंत्री ऑस्ट्रेलिया की संसद को संबोधित करेगा। कनाडा के पीएम कर्मी इसके बाद जापान के टोक्यो पहुंचकर प्रधानमंत्री ताकाइची सनाए से मुलाकात करेंगे। उनके बीच स्वच्छ ऊर्जा, उन्नत विनिर्माण, महत्वपूर्ण खनिजों और खाद्य सुरक्षा में पारस्परिक निवेश और साझेदारी को मजबूत करने पर चर्चा होगी।

दिल्ली विधानसभा और लाल किला को बम से उड़ाने की धमकी, खालिस्तानी ग्रुप ने ई-मेल से भेजा संदेश

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देश की राजधानी दिल्ली में लगातार दहशत फैसला की कोशिश की जा रही है। सोमवार सुबह सैन्य स्कूलों को धमकी देने के बाद अब लाल किला और दिल्ली विधानसभा उड़ाने की भी धमकी दी गई है। बताया जा रहा है कि धमकी भरा ई-मेल एक खालिस्तानी संगठन के नाम से भेजी गई है। धमकी की सूचना पर लाल किले और विधानसभा पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और जांच अभियान चलाया जा रहा है।

दिल्ली पुलिस को मिला धमकी भरा ई-मेल मिला

दिल्ली पुलिस को एक धमकी भरा ई-मेल मिला, जिसमें दिल्ली विधानसभा और लाल किला को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। यह धमकी कथित तौर पर एक खालिस्तानी ग्रुप द्वारा भेजी गई थी, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं। धमकी मिलने के तुरंत बाद, दिल्ली विधानसभा परिसर में तलाशी अभियान चलाया गया। बॉम्ब स्क्वाड और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने इलाके की गहन जांच की।

जांच में जुटी पुलिस

दिल्ली पुलिस ने बयान जारी कर कहा कि तलाशी अभियान के दौरान कोई खतरनाक या हानिकारक चीज़ नहीं पाई गई, फिर भी एहतियात के तौर पर सभी जरूरी सुरक्षा कदम उठाए जा रहे हैं। पुलिस ने यह भी बताया कि धमकी भरे ई-मेल की जांच जारी है, और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि यह मेल कहां से भेजा गया और किसने भेजा। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर सेल भी जांच में शामिल हो गई है। सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर पूरी निगरानी बनाए रखे हुए हैं।

लाल किले के पास हो चुका है धमाका

बता दें कि पिछले साल नवंबर में लाल किले के पास एक कार में आत्मघाती बस विस्फोट हुआ था, जिसमें कम से कम 13 लोग मारे गए थे और 25 से अधिक लोग घायल हुए थे। हमले में पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश एकत मोहम्मद का हाथ मिला था।

बांग्लादेश के राष्ट्रपति ने मोहम्मद यूनुस पर लगाया गंभीर आरोप, तारिक राज में बड़ा खुलासा

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बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि यूनुस ने अपनी संवैधानिक जिम्मेदारियों को ठीक से नहीं निभाया। राष्ट्रपति को न सिर्फ अहम चर्चाओं से दूर रखा बल्कि उन्हें हटाने तक की साजिश रच देश को अस्थिर करने का प्रयास किया।

यूनुस पर संविधान पालन नहीं करने का आरोप

बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने देश में सरकार बदलते ही एक ऐसा खुलासा किया है। कालेर कंठो के साथ इंटरव्यू में बांग्लादेश के राष्ट्रपति शहाबुद्दीन ने कहा है कि मोहम्मद यूनुस ने 18 महीने की अपनी अंतरिम सरकार में संविधान का पालन नहीं किया। यूनुस ने अपना पद संभालते हुए न तो संस्थागत समन्वय बनाए रखा और न ही उन्हें महत्वपूर्ण सरकारी फैसलों की जानकारी दी।

यूनुस ने विदेश यात्राओं की नहीं दी जानकारी

राष्ट्रपति शहाबुद्दीन ने आरोप लगाया कि संविधान कहता है कि विदेश यात्रा की जानकारी राष्ट्रपति को देनी चाहिए और दौरे के बाद भी राष्ट्रपति को बताया जाना चाहिए। यूनुस के 14-15 विदेशी दौरों के बारे में मुझे कभी नहीं बताया गया। इसमें अमेरिका से हुआ व्यापार समझौता भी शामिल है। बांग्लादेशी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि उनकी विदेश यात्राओं को बिना पूछे रद्द कर दिया गया। कोसोवो और कतर से मिले निमंत्रणों को उनके नाम से यह कहकर ठुकरा दिया गया कि राष्ट्रपति राज्य कार्यों में बहुत व्यस्त हैं।

सार्वजनिक पहचान कम करने की कोशिश का आरोप

शहाबुद्दीन ने तंज करते हुए कहा कि क्या हमारे संविधान में राष्ट्रपति इतने व्यस्त रहते हैं कि उनसे पूछा भी न जाए? राष्ट्रपति का आरोप है कि देश और विदेश में उनकी सार्वजनिक पहचान कम करने की कोशिश की गई। उन्हें विश्वविद्यालयों के दीक्षांत समारोह और अन्य राष्ट्रीय कार्यक्रमों में शामिल होने से रोका गया, जबकि परंपरा के अनुसार इन कार्यक्रमों की अध्यक्षता राष्ट्रपति करते हैं।

पद से हटाने की साजिश रचने का आरोप

बांग्लादेश के राष्ट्रपति ने कहा कि यूनुस का पूरा ध्यान उनको पद से हटाने पर रहा, वो अपने कार्यकाल में सिर्फ मेरे खिलाफ साजिशें रचते रहें। यूनुस ने ना सिर्फ मेरे खिलाफ राजनीतिक स्तर पर साजिशें रचीं बल्कि मुझे यह कहने में कोई संकोच नहीं है कि अंतरिम सरकार ने एक पूर्व मुख्य न्यायाधीश को लाकर मुझे असंवैधानिक तरीके से हटाने की साजिश भी रची।