डिजिटल युग में नए अवसरों की उड़ान: सोशल मीडिया सितारों का सम्मान 1 मार्च को
कुशीनगर। पिछले 15 वर्षों में Internet, IT और AI ने व्यवसाय की दुनिया को पूरी तरह बदल दिया है। आज कमाई का बड़ा स्रोत वह नहीं रहा जिसे हम छू सकते हैं, बल्कि वह है जिसे हम देख तो सकते हैं, पर छू नहीं सकते—डिजिटल प्लेटफॉर्म, डेटा, कंटेंट और आइडियाज।
होटल, पेट्रोल पंप, स्कूल, भट्टा, सड़क और भवन निर्माण, सिनेमा हॉल जैसे पारंपरिक पूंजी आधारित व्यवसायों के साथ-साथ अब डिजिटल अर्थव्यवस्था तेजी से उभर रही है। भारत में लगभग 69 करोड़ लोग फेसबुक और 52 करोड़ लोग इंस्टाग्राम का उपयोग कर रहे हैं। औसतन प्रत्येक भारतीय प्रतिदिन लगभग ढाई घंटे सोशल मीडिया पर व्यतीत करता है।
सोशल मीडिया ने सैकड़ों नए स्किल्स और बिजनेस मॉडल लोगों को उपलब्ध कराए हैं। आज कंटेंट क्रिएटर/इन्फ्लुएंसर, डिजिटल मार्केटिंग एक्सपर्ट, एफिलिएट मार्केटर, ऑनलाइन टीचर/कोच, फ्रीलांसर, लोकल बिजनेस प्रमोटर, डिजिटल एंटरटेनर, रील्स क्रिएटर जैसे अनेक युवा अपने हुनर के बल पर अच्छी आय अर्जित कर रहे हैं और क्षेत्र का नाम रोशन कर रहे हैं।
इसी क्रम में खड्डा विधानसभा क्षेत्र के ऐसे सभी सोशल मीडिया के सितारों के सम्मान समारोह का आयोजन 01 मार्च 2026, दिन रविवार, प्रातः 11 बजे किया जाएगा जिसमें जनसेवक पवन दुबे द्वारा लोगों को सम्मानित किया जाना प्रस्तावित है।
इस सम्मान समारोह का उद्देश्य अपने क्रिएटिव आइडियाज से कमाई करने वाले और क्षेत्र की पहचान को नई ऊंचाई देने वाले डिजिटल प्रतिभाओं का उत्साहवर्धन करना है, साथ ही नए युवाओं को इस दिशा में प्रेरित करना भी है। कार्यक्रम ऑफलाइन और ऑनलाइन—दोनों माध्यमों से आयोजित होगा।
खड्डा विधानसभा क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार पर जनसंवाद
* क्षेत्र की आर्थिक तरक्की के लिए जनसेवक पवन दुबे ने रखे ठोस विकास प्रस्ताव

कुशीनगर। जनसेवक पवन दुबे ने खड्डा विधानसभा क्षेत्र में आयोजित शिक्षा-स्वास्थ्य-रोजगार जनसंवाद कार्यक्रम के तहत क्षेत्र के लोगों के साथ संवाद किया। इस अवसर पर क्षेत्र की आर्थिक उन्नति और समग्र विकास को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श भी किया गया।
कार्यक्रम में क्षेत्र के विकास के लिए निम्न प्रमुख बिंदुओं पर विचार रखे गए।

* खेतों में गन्ना, केला, धान और गेहूं बोया जा रहा है, वैसे ही घर-घर रोजगार बोने की आवश्यकता है, ताकि हर परिवार आर्थिक रूप से सशक्त हो सके।
* युवाओं के कौशल विकास के लिए तकनीकी संस्थानों की स्थापना जरूरी है।
* किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए स्थायी मंडी की स्थापना की आवश्यकता है।
* कृषि उत्पादों के संरक्षण के लिए कोल्ड स्टोरेज की स्थापना अनिवार्य है।
* क्षेत्रवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए बड़े अस्पताल की स्थापना की आवश्यकता है।
* स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन हेतु बड़े उद्योगों की स्थापना होनी चाहिए।
* युवाओं को पुलिस, रेलवे, आर्मी, बैंक और एसएससी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रोफेशनल ‘वन डे कॉम्पिटिशन’ कोचिंग सेंटर की व्यवस्था की जानी चाहिए।
* प्रत्येक पाँच गांवों के मध्य एक लाइब्रेरी की स्थापना की जाए, जिससे विद्यार्थियों को अध्ययन की बेहतर सुविधा मिल सके।
* खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने के लिए विकसित स्टेडियम और मिनी स्टेडियम का निर्माण आवश्यक है।
कार्यक्रम में भारी संख्या में क्षेत्रीय लोगों की उपस्थिति रही और क्षेत्र के विकास के लिए सभी ने एकजुट होकर कार्य करने का संकल्प लिया।
उप्र : वाराणसी में महिला दरोगा 10 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
वाराणसी, उत्तर प्रदेश। दहेज उत्पीड़न मामले में आरोप पत्र दाखिल करने के एवज में 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगने वाली महिला चौकी प्रभारी अनोषा तिवारी को भ्रष्टाचार निवारण संगठन की टीम ने रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपी दरोगा महिला थाना की रिपोर्टिंग पुलिस चौकी में तैनात थीं।
जानकारी के अनुसार, दहेज प्रताड़ना से पीड़ित बेटी के पिता से केस में आरोप पत्र दाखिल करने के नाम पर रुपये की मांग की गई थी। लगातार दबाव बनाए जाने पर पीड़ित पक्ष ने भ्रष्टाचार निवारण संगठन से शिकायत की। शिकायत की पुष्टि के बाद एंटी करप्शन टीम ने जाल बिछाया और कार्रवाई करते हुए महिला दरोगा को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को संबंधित पुलिस अधिकारियों के सुपुर्द कर दिया गया। टीम ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी कर ली है। आरोपी दरोगा को गुरुवार को अदालत में पेश किया जाएगा।
इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बेरोज़गारी दूर करने का दूसरा नाम है आरसीएम
वाराणसी । देश में बढ़ती बेरोजगारी दूर करने का दूसरा नाम आरसीएम है जो आज संपूर्ण भारत में तेजी से बढ़ रहा है।उसी कड़ी में बेरोजगार महिलाओं एवं पुरुषों को प्रशिक्षित करने के उद्देश्य से शनिवार 21 फरवरी 2026 को जौनपुर मंडल प्रभारी आलोक मौर्य सर के मार्गदर्शन में जौनपुर शहर के उत्कृष्ट प्रशिक्षक रविन्द्र कुमार शर्मा पहुंचे खालिसपुर बाजार वाराणसी जहां महिलाओं ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया। रविन्द्र कुमार शर्मा ने उपस्थित बेरोजगारों को आरसीएम बिजनेस के संबंध में विधिवत समझाया कि आरसीएम कैसे और क्यों करना है ? उन्होंने बिगीनर का रोड मैम दर्शाया और बताया जो यहां से शुभारंभ करेगा वह भविष्य में लायल्टी बन सकता है। परिवार के तीन पीढ़ियों का भविष्य बनाना है तो आरसीएम ज्वाइन कीजिए और परिश्रम कीजिए। यहां एक पैसा डोनेशन नहीं देना है सिर्फ यहां दूकान बदलकर खाना और खिलाना है।आप जितनी अधिक संख्या में लोगों तक जुड़ेंगे आपकी कमाई उतनी अधिक बढ़ेगी।
सिंचाई कर्मचारियों ने एडीएम को सौंपा मांगपत्र
वाराणसी। सिंचाई विभाग ड्राइंग स्टाफ एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बुधवार को एडीएम सिटी आलोक कुमार वर्मा को सात सूत्रीय मांगपत्र सौंपा। प्रतिनिधियों में अशोक कुमार, लालजी, रत्नेश प्रसाद, हरिचंद्र, नितिन चौबे, ओमप्रकाश, परम प्रकाश, साहिल सिंह, सरिता, श्यामजी, उदय चंद्र, अजीत यादव, राकेश यादव, सुनीता,अजय कुमार आदि शामिल रहे।
हरदोई : तेज रफ्तार डंपर ने बाइक को मारी टक्कर, भाई-बहन समेत तीन की मौके पर मौत
हरदोई। जिले के सुरसा थाना क्षेत्र में दर्दनाक सड़क हादसे में मोटरसाइकिल सवार भाई-बहन समेत तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा ढोलिया चौराहा के पास उस समय हुआ, जब तेज रफ्तार डंपर ने बाइक को जोरदार टक्कर मार दी।

पुलिस के अनुसार, फतियापुर निवासी आदर्श अवस्थी (20) अपनी बहन मधु अवस्थी (23) और बावन चुंगी (हरदोई) निवासी कामिनी पाण्डेय के साथ मोटरसाइकिल से हरदोई की ओर जा रहे थे। जैसे ही वे सुरसा क्षेत्र के फार्म पुरवा के पास ढोलिया चौराहा पहुंचे, तभी हरदोई की ओर से आ रहे तेज रफ्तार डंपर ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी।

टक्कर इतनी भीषण थी कि तीनों सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
यमुना एक्सप्रेस-वे बना मौत का एक्सप्रेस! कंटेनर ने यात्रियों को रौंदा, 6 की दर्दनाक मौत, चीख-पुकार से कांपा हाईवे

मथुरा। यमुना एक्सप्रेस-वे पर शनिवार तड़के ऐसा खौफनाक मंजर देखने को मिला, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। तेज रफ्तार और लापरवाही ने एक ही पल में छह जिंदगियां छीन लीं। सुरीर थाना क्षेत्र में माइल स्टोन 88 के पास एक बेकाबू कंटेनर ने बस से उतरकर खड़े यात्रियों को कुचल दिया। हादसे में छह लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक यात्री जिंदगी और मौत से जूझ रहा है।

शनिवार तड़के करीब 2:45 बजे दिल्ली से कानपुर जा रही बस के कुछ यात्री लघुशंका के लिए नीचे उतरे थे। नियमों को ताक पर रखकर बस चालक ने ग्रीन जोन में बस रोकने की बजाय एक्सप्रेस-वे के किनारे ही वाहन खड़ा कर दिया। तभी पीछे से मौत बनकर आए तेज रफ्तार कंटेनर ने पहले बस को जोरदार टक्कर मारी और फिर यात्रियों को रौंदते हुए आगे बढ़ गया।

हादसे के बाद सड़क पर चारों ओर लहूलुहान शव बिखर गए। चीख-पुकार, अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया। राहगीर सन्न रह गए। कुछ ही मिनटों में यमुना एक्सप्रेस-वे खून से लाल हो गया।

इनकी गई जान

इस भीषण हादसे में सोनू (औरैया), देवेश (बस्ती), असलम (कन्नौज), संतोष (दिल्ली), अनुराग (औरैया) और प्रमोद (फिरोजाबाद) की मौके पर ही मौत हो गई। सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

हाईवे पर थम गई सांसें, जाम में फंसे वाहन

हादसे के बाद एक्सप्रेस-वे पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस और राहत टीमें मौके पर पहुंचीं। घंटों मशक्कत के बाद क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाकर यातायात बहाल कराया गया।

ड्राइवर की लापरवाही बनी मौत की वजह

प्रारंभिक जांच में साफ हुआ है कि बस चालक की लापरवाही ने यात्रियों की जान ले ली। एक्सप्रेस-वे पर केवल ग्रीन जोन में ही रुकने के नियम हैं, लेकिन नियमों की अनदेखी ने इस दर्दनाक हादसे को जन्म दिया।

सीएम योगी ने लिया संज्ञान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर गहरा शोक जताते हुए अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने घायलों के समुचित इलाज और दोषियों पर सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
लिफ्ट सिंचाई मण्डल के सभी कर्मचारियों ने लिया शपथ
वाराणसी। वरुणपुरम सिंचाई कालोनी सिगरा में  स्थित कार्यालय अधीक्षण अभियंता लिफ्ट सिंचाई मण्डल वाराणसी के कार्मिकों द्वारा सोलहवें राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर  कार्यालय के समस्त अधिकारी व कर्मचारियों ने शपथ ग्रहण किया। इस अवसर पर प्रशासनिक अधिकारी विनोद कुमार श्रीवास्तव, कनीज फातिमा, साधना श्रीवास्तव, रुचि श्रीवास्तव, मो0 आरिफ अंसारी, विनोद कुमार शुक्ल, रत्नेश प्रसाद, दीनानाथ, कुलदीप कुमार मौर्या, सुनील कुमार भारती व मूसा अंसारी आदि उपस्थित रहे।
शराब दुकानों में ओवररेटिंग पर यूपी सरकार की सख्त कार्रवाई, गौतमबुद्धनगर के जिला आबकारी अधिकारी निलंबित

आबकारी मंत्री ने पारदर्शिता और अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए कड़ी कार्रवाई का किया भरोसा


गौतमबुद्धनगर । उत्तर प्रदेश सरकार ने शराब की दुकानों पर ओवररेटिंग और अनियमितताओं के मामलों को गंभीरता से लेते हुए गौतमबुद्धनगर के जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार को निलंबित कर उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी है। यह आदेश प्रदेश के आबकारी राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नितिन अग्रवाल के निर्देश पर जारी किए गए।

आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल ने कहा कि योगी सरकार में जनता के हितों से समझौता करने वालों के लिए कोई जगह नहीं है। शराब बिक्री में अनियमितता, ओवररेटिंग या भ्रष्टाचार किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में ऐसी शिकायतों पर तुरंत और सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि प्रदेश में पारदर्शी और अनुशासित व्यवस्था बनी रहे।

गौतमबुद्धनगर में शराब की दुकानों पर निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इस पर तत्कालीन उप आबकारी आयुक्त, मेरठ प्रभार राकेश कुमार सिंह ने विस्तृत निरीक्षण किया। जांच में यह पाया गया कि 23 दिसंबर 2024 को 9 और 20 जनवरी 2025 को 16 दुकानों पर ओवररेटिंग हुई थी। रिपोर्ट में प्रशासनिक लापरवाही उजागर होने के बाद आबकारी मंत्री ने तुरंत कार्रवाई करने का निर्णय लिया। इस कदम से साफ संदेश गया है कि प्रदेश में शराब बिक्री में किसी भी तरह की अनियमितता या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
झांसी में CGST रिश्वत कांड: डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी समेत 5 गिरफ्तार

*70 लाख लेते रंगे हाथ पकड़े गए, कुल ₹1.5 करोड़ की मांगी गई थी रिश्वत

झांसी, उत्तर प्रदेश । केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने झांसी में सेंट्रल जीएसटी (CGST) विभाग में फैले बड़े रिश्वतखोरी मामले का खुलासा किया है। CBI ने डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी सहित दो अधीक्षकों, एक वकील और एक कंपनी मालिक को गिरफ्तार किया है। आरोपियों को ₹70 लाख की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया।
CBI के अनुसार, GST चोरी के एक मामले में संबंधित कंपनी को राहत देने के बदले कुल ₹1.5 करोड़ की रिश्वत की मांग की गई थी। शिकायत के सत्यापन के बाद CBI ने जाल बिछाकर यह कार्रवाई की।
गिरफ्तारी के बाद CBI ने आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी की, जिसमें करीब ₹90 लाख नकद बरामद किया गया है। मामले में अन्य दस्तावेज और सबूत भी जब्त किए गए हैं।
CBI ने बताया कि सभी गिरफ्तार आरोपियों को मेडिकल जांच के बाद संबंधित न्यायालय में पेश किया जाएगा। मामले में आगे की जांच जारी है और अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।