जहानाबाद माघ पूर्णिमा पर दरधा–जमुना संगम घाट पर भव्य महाआरती व दीपोत्सव, उमड़ा आस्था का जनसैलाब
जहानाबाद माघ शुक्ल पूर्णिमा के पावन अवसर पर  दरधा–जमुना संगम घाट, गांधी मैदान, जहानाबाद में भव्य महाआरती एवं दीपोत्सव का आयोजन श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ संपन्न हुआ। यह आयोजन संगम शिव मंदिर परिवार एवं संस्कार भारती, जहानाबाद जिला इकाई के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। इस पावन अवसर पर संगम घाट पर आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। हजारों श्रद्धालुओं ने गंगा-समान पवित्र संगम तट पर उपस्थित होकर विधिवत पूजा-अर्चना, महाआरती एवं दीपदान में भाग लिया। पूरा संगम क्षेत्र “हर-हर महादेव” के जयघोष, शंखनाद एवं मंत्रोच्चारण से भक्तिमय वातावरण में गूंज उठा। महाआरती के उपरांत भव्य दीपोत्सव का आयोजन किया गया। संगम घाट एवं शिव मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। श्रद्धालुओं द्वारा एक साथ हजारों दीप प्रज्ज्वलित किए जाने से पूरा घाट अलौकिक और मनोहारी दृश्य में तब्दील हो गया। दीपों की रौशनी से जगमगाता संगम घाट देर शाम तक श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना रहा। इस अवसर पर संस्कार भारती, जहानाबाद जिला इकाई के अध्यक्ष डॉ. एस. के. सुनील ने कहा कि “माघ पूर्णिमा सनातन धर्म में अत्यंत पवित्र पर्व है। इस मास में पवित्र नदियों में स्नान, पूजा-अर्चना, आरती और दान-पुण्य का विशेष महत्व होता है। इसी आध्यात्मिक भावना के साथ हम सभी इस आयोजन में सम्मिलित हुए हैं।”
कार्यक्रम में संस्कार भारती के अन्य पदाधिकारी एवं सदस्यगण भी सक्रिय रूप से उपस्थित रहे। इनमें महामंत्री डॉ. मानसी सिंह, उपाध्यक्ष अमित कुणाल, लोक कला प्रमुख संयोजक सावित्री सुमन, कला धरोहर विभाग संयोजक अमित कुमार, प्रचार विभाग संयोजक बरुण कुमार तथा कार्यकर्ता गौतम पाराशर प्रमुख रूप से शामिल थे। इस अवसर पर शहर के बड़ी संख्या में सनातन धर्मावलंबियों ने संगम घाट पर दीप प्रज्ज्वलित कर पूजा-अर्चना की तथा समाज, राष्ट्र एवं विश्व कल्याण की मंगलकामना की। आयोजन को सफल बनाने में शहर के कई गणमान्य नागरिकों एवं श्रद्धालुओं का सराहनीय योगदान रहा।
भव्य महाआरती और दीपोत्सव ने न केवल धार्मिक आस्था को और प्रगाढ़ किया, बल्कि सामाजिक एकता एवं सांस्कृतिक चेतना का भी सशक्त संदेश दिया।
जहानाबाद सदर अस्पताल परिसर स्थित GNM स्कूल भवन में चिकित्सा पदाधिकारियों के लिए IDSP का एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित
जहानाबाद सदर अस्पताल परिसर स्थित GNM स्कूल भवन, जहानाबाद में जिले के सभी चिकित्सा पदाधिकारियों, प्रभारी अधीक्षक तथा अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (24×7) के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण एवं उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम (IDSP) के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसमें जिले में संचालित रोग सर्विलेंस प्रणाली की विस्तृत जानकारी प्रतिभागियों को दी गई। प्रशिक्षण सत्र के दौरान क्षेत्र में फैलने वाली प्रमुख संक्रामक बीमारियों—जापानी इंसेफेलाइटिस, टाइफाइड, डायरिया, खसरा (मीजल्स), चिकन पॉक्स आदि—के लक्षण, पहचान, रिपोर्टिंग प्रक्रिया एवं रोकथाम के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई।
इसके साथ ही क्षेत्र में संभावित एवं वर्तमान आउटब्रेक की स्थिति पर भी जानकारी साझा की गई, ताकि समय रहते रोग की पहचान कर जिला स्तर तक सूचना प्रेषित की जा सके और आवश्यक निरोधात्मक एवं उपचारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। प्रशिक्षण के दौरान सभी प्रभारी अधीक्षक एवं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को यह भी बताया गया कि अपने-अपने संस्थानों एवं क्षेत्रों में चल रहे रोग निगरानी कार्यक्रम का दैनिक ऑनलाइन प्रतिवेदन IDSP के IHIP पोर्टल के माध्यम से कैसे किया जाए तथा इसकी नियमित ऑनलाइन मॉनिटरिंग कैसे की जाए।
कार्यक्रम में राज्य, जिला एवं प्रखंड स्तर की रैंकिंग, रिपोर्टिंग की समयबद्धता तथा आंकड़ों की गुणवत्ता पर विशेष रूप से चर्चा की गई। इस अवसर पर सिविल सर्जन, जहानाबाद डॉ. हरीश चंद्र चौधरी ने उपस्थित प्रतिभागियों को निर्देशित किया कि वे रोग निगरानी कार्यक्रम के अंतर्गत दर्ज होने वाले मामलों की गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध ऑनलाइन एंट्री सुनिश्चित करें तथा अपने-अपने संस्थानों में इसकी नियमित अनुश्रवण व्यवस्था लागू करें।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के सभी फील्ड मॉनिटर एवं जिला कार्यक्रम प्रबंधक मो. खालिद हुसैन भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का आयोजन सिविल सर्जन, जहानाबाद के निर्देशानुसार किया गया। प्रशिक्षक के रूप में आलोक कुमार, जिला एपिडेमियोलॉजिस्ट एवं डॉ. प्रमोद कुमार, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया गया। वहीं सहयोगी के रूप में अजय कुमार सिन्हा (DEO–IDSP), आद्री संस्था के प्रतिनिधि तथा अन्य संबंधित कर्मियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम जिले में रोग निगरानी व्यवस्था को सुदृढ़ करने तथा समय पर रोग नियंत्रण एवं रोकथाम सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
जहानाबाद इंडिया अस्मिता रग्बी लीग राष्ट्रीय प्रतियोगिता में अंशु व सुमन का चयन, बिहार टीम का करेंगी प्रतिनिधित्व
जहानाबाद जिले के लिए यह गर्व और खुशी का क्षण है। शकुराबाद क्षेत्र की दो होनहार रग्बी खिलाड़ी अंशु कुमारी एवं सुमन कुमारी का चयन खेलो इंडिया अस्मिता रग्बी लीग राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए बिहार टीम में किया गया है। दोनों खिलाड़ी बिहार टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए 31 जनवरी से 1 फरवरी तक उड़ीसा के भुवनेश्वर स्थित कलिंगा स्टेडियम में आयोजित राष्ट्रीय रग्बी प्रतियोगिता में अपना दमखम दिखाएंगी। इन दोनों खिलाड़ियों के चयन से न केवल उनके परिवारों में, बल्कि पूरे जहानाबाद जिले में हर्ष का माहौल है। स्थानीय खेल प्रेमियों का कहना है कि सीमित संसाधनों के बावजूद अंशु और सुमन ने कड़ी मेहनत, अनुशासन और निरंतर अभ्यास के बल पर यह मुकाम हासिल किया है। दोनों खिलाड़ियों ने जिला, राज्य एवं अन्य प्रतियोगिताओं में लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर चयनकर्ताओं का ध्यान आकर्षित किया है। इस उपलब्धि पर बिहार रग्बी एसोसिएशन के सचिव डॉ. पंकज कुमार ज्योति, जहानाबाद रग्बी एसोसिएशन के सचिव गौतम कुमार, अध्यक्ष सचिन कुमार, सह सचिव प्रदीप प्रकाश, कोच विकास कुमार, प्रकाश कुमार, विक्रम कुमार सहित कई खेल पदाधिकारियों, प्रशिक्षकों एवं खेल प्रेमियों ने दोनों खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। पदाधिकारियों ने कहा कि यह चयन जहानाबाद में रग्बी खेल के बढ़ते स्तर और बेहतर प्रशिक्षण व्यवस्था का स्पष्ट प्रमाण है। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व भी अंशु कुमारी एवं सुमन कुमारी ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा और खेल कौशल का शानदार प्रदर्शन किया है। उनकी फुर्ती, तकनीक और टीम भावना की लगातार सराहना होती रही है।
इस बार भी दोनों खिलाड़ियों से उत्कृष्ट प्रदर्शन की उम्मीद जताई जा रही है, ताकि बिहार टीम एकजुट होकर बेहतर खेल का प्रदर्शन करे और प्रतियोगिता में सफलता हासिल कर सके। वहीं, यह उपलब्धि स्थानीय युवाओं—खासतौर पर लड़कियों—के लिए एक बड़ी प्रेरणा बनकर उभरी है। उम्मीद की जा रही है कि इससे जहानाबाद जिले में खेलों के प्रति रुचि और बढ़ेगी तथा आने वाले समय में जिले के और खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाएंगे।
जहानाबाद: मननपुर में गूँजी बच्चों की हँसी, मेहनत को मिला सम्मान — शिक्षा, खेल और संस्कार का सुंदर संगम
मखदुमपुर (जहानाबाद)।प्राथमिक विद्यालय मननपुर में  बिहार शिक्षा परियोजना, जहानाबाद के आलोक में वार्षिक बाल मेला सह स्पोर्ट्स मीट, शिक्षक-अभिभावक संगोष्ठी एवं पुरस्कार वितरण समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों की प्रतिभा, मेहनत और अनुशासन को सम्मानित करते हुए शिक्षा, खेल और संस्कार का सुंदर समन्वय देखने को मिला।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के पूर्व प्रभारी प्रधान शिक्षक शंभू कुमार द्वारा किया गया, जबकि कार्यक्रम का सफल संचालन वर्तमान प्रधान शिक्षक विवेक कुमार ने किया।
विद्यालय परिसर में दिनांक 29 जनवरी 2026 को आंगनवाड़ी तथा कक्षा 1, 2 एवं 3 के बच्चों के बीच आयोजित स्पोर्ट्स मीट का पुरस्कार वितरण आज शिक्षक-अभिभावक संगोष्ठी के अवसर पर किया गया। प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले बच्चों को आकर्षक पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। वहीं आंगनवाड़ी के सभी बच्चों को स्कूल बैग प्रदान किए गए तथा अन्य सभी प्रतिभागियों को उपहार देकर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
शिक्षक-अभिभावक संगोष्ठी के दौरान प्रधान शिक्षक विवेक कुमार ने “हम और आप मिलकर करेंगे बच्चों का समग्र विकास”
विषय पर अभिभावकों से संवाद करते हुए बच्चों के शैक्षणिक, मानसिक एवं नैतिक विकास से जुड़ी विद्यालय की भावी योजनाओं की जानकारी साझा की। उन्होंने बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए अभिभावकों से निरंतर सहभागिता और सहयोग का आह्वान किया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में वरीय शिक्षक अजीत कुमार, सुरेश कुमार निराला, ममता कुमारी, ऋषभ कुमार श्रीवास्तव, आंगनवाड़ी सेविका मनोरमा देवी एवं सहायिका शवाना खातून का सराहनीय योगदान रहा।
कार्यक्रम का समापन बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना, प्रेरणादायी संदेशों तथा अल्पाहार वितरण के साथ किया गया। बच्चों के चेहरे पर मुस्कान और अभिभावकों की संतुष्टि ने इस आयोजन को यादगार बना दिया।
कार्यक्रम में गूँजती प्रेरणादायी पंक्तियाँ—
नन्हे कदम जब आगे बढ़े,
सपनों ने भी पंख लगाए।
मेहनत की राह पर चलकर,
तुमने अपने रंग दिखाए।
हार में भी हिम्मत रखना,
जीत को बनाना पहचान।
हम सब मिलकर गढ़ेंगे मिलकर,
तुम्हारा सुनहरा अरमान।
जहानाबाद रोजिएट पेटल्स स्कूल में 77वां गणतंत्र दिवस धूमधाम से मनाया गया
जहानाबाद: शहर स्थित रोजिएट पेटल्स स्कूल में भारत का 77वां गणतंत्र दिवस बड़े हर्षोल्लास और देशभक्ति के माहौल में मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में आकर्षक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथियों एवं विद्यालय परिवार द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराकर की गई। विद्यालय की प्रिंसिपल रेखा कुमारी ने तिरंगे को सलामी दी, जिसके बाद राष्ट्रगान के साथ समारोह का विधिवत शुभारंभ हुआ।
अपने संबोधन में प्रिंसिपल रेखा कुमारी ने कहा कि गणतंत्र दिवस हमारे देश के गौरवशाली इतिहास और संविधान की गरिमा का प्रतीक है। उन्होंने विद्यार्थियों को संविधान के आदर्शों का पालन करने तथा एकता, अनुशासन और जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने देशभक्ति गीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से देशप्रेम की भावना व्यक्त की। बच्चों के उत्साह और ऊर्जा से पूरा वातावरण देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आया। समारोह के अंत में विद्यालय की ओर से सभी बच्चों के बीच मिठाई और जलेबी का वितरण किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं, कर्मचारी और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। कार्यक्रम का समापन “जय हिंद” के उद्घोष के साथ हुआ।
जहानाबाद रोजिएट पेटल्स स्कूल में 77वां गणतंत्र दिवस धूमधाम से मनाया गया
जहानाबाद: शहर स्थित रोजिएट पेटल्स स्कूल में भारत का 77वां गणतंत्र दिवस बड़े हर्षोल्लास और देशभक्ति के माहौल में मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में आकर्षक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथियों एवं विद्यालय परिवार द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराकर की गई। विद्यालय की प्रिंसिपल रेखा कुमारी ने तिरंगे को सलामी दी, जिसके बाद राष्ट्रगान के साथ समारोह का विधिवत शुभारंभ हुआ।
अपने संबोधन में प्रिंसिपल रेखा कुमारी ने कहा कि गणतंत्र दिवस हमारे देश के गौरवशाली इतिहास और संविधान की गरिमा का प्रतीक है। उन्होंने विद्यार्थियों को संविधान के आदर्शों का पालन करने तथा एकता, अनुशासन और जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने देशभक्ति गीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से देशप्रेम की भावना व्यक्त की। बच्चों के उत्साह और ऊर्जा से पूरा वातावरण देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आया। समारोह के अंत में विद्यालय की ओर से सभी बच्चों के बीच मिठाई और जलेबी का वितरण किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं, कर्मचारी और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। कार्यक्रम का समापन “जय हिंद” के उद्घोष के साथ हुआ।
जहानाबाद लोदीपुर गांव में 72 घंटे का अखंड हरि कीर्तन संपन्न, भक्ति और एकता का दिखा अद्भुत संगम
जहानाबाद: काको प्रखंड के ग्राम लोदीपुर में सरस्वती पूजा के शुभ अवसर पर आयोजित पारंपरिक 72 घंटे का अखंड हरि कीर्तन श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ संपन्न हो गया। करीब सौ वर्षों से चली आ रही इस परंपरा का उद्देश्य गांव में सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना करना है।
अखंड हरि कीर्तन को लेकर गांव में कई दिन पहले से ही तैयारियां शुरू हो जाती हैं। ग्रामीण आपसी सहयोग से बैठकें करते हैं, चंदा एकत्रित करते हैं और सामूहिक प्रयास से कार्यक्रम को सफल बनाते हैं। आयोजन के दौरान गांव में प्रेम, भाईचारा और एकता का अनूठा दृश्य देखने को मिला।
लगातार 72 घंटे तक चले कीर्तन में बच्चे, युवा, महिलाएं और बुजुर्ग सभी बढ़-चढ़कर शामिल हुए और भक्ति रस में डूबे नजर आए। पूरे गांव का माहौल भक्तिमय बना रहा। कीर्तन के दौरान ग्रामीणों ने गांव की तरक्की, युवाओं के रोजगार, महिलाओं की सुरक्षा और सामाजिक सौहार्द की कामना की। समापन के अवसर पर भव्य भंडारे का आयोजन किया गया। इसमें गांव के लोगों के साथ-साथ आसपास से गुजरने वाले राहगीरों को भी प्रसाद ग्रहण कराया गया।
स्थानीय निवासी रंजीत कुमार ने बताया, “हमारे दादा-परदादा के समय से यह अखंड हरि कीर्तन होता आ रहा है। इस बार भी पूरे श्रद्धा भाव से 72 घंटे तक कीर्तन किया गया। भंडारा सभी के लिए होता है—जो भी गांव से गुजरता है, उसे प्रसाद अवश्य दिया जाता है। हमारे गांव में हर वर्ग और हर जाति के लोग बिना भेदभाव के मिलकर इस आयोजन को सफल बनाते हैं।”
ग्रामीणों का कहना है कि यह परंपरा गांव में शांति, समृद्धि और एकता का प्रतीक है। साथ ही वे चाहते हैं कि आने वाली पीढ़ियां भी इस परंपरा को आगे बढ़ाएं और गांव के बच्चे पढ़-लिखकर गांव और जिले का नाम रोशन करें।
जहानाबाद पुलिस-जनता संवाद से भरोसा मजबूत करने की पहल, एसपी ने की समीक्षा बैठक
जहानाबाद: बिहार सरकार की पहल के तहत वरीय प्रशासनिक अधिकारियों को आम जनता के बीच पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनने और समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसी कड़ी में जहानाबाद जिले के शकूराबाद थाना परिसर में पुलिस अधीक्षक (एसपी) अपराजित लोहान की अध्यक्षता में पुलिस-जनता जनसंवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और जनप्रतिनिधि शामिल हुए। एसपी ने सीधे लोगों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान कई लोगों ने अपनी शिकायतों से संबंधित आवेदन भी सौंपे। एसपी ने कुछ फरियादियों से अलग से बात कर मामलों की विस्तृत जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जनसंवाद के दौरान बाजार क्षेत्र में जाम की समस्या, भूमि विवाद के मामलों का त्वरित निष्पादन, पुलिस गश्त बढ़ाने तथा प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने की मांग प्रमुख रूप से उठी। जनप्रतिनिधियों ने भी अपने-अपने क्षेत्रों की स्थानीय समस्याओं से एसपी को अवगत कराया।
कार्यक्रम के उपरांत एसपी अपराजित लोहान ने थाना स्तर के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन और अनुसंधान में तेजी लाने का सख्त निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस का उद्देश्य केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं, बल्कि जनता का विश्वास जीतना भी है। एसपी ने बताया कि पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के निर्देशानुसार हर थाना क्षेत्र में नियमित रूप से जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि लोगों की समस्याओं को मौके पर ही सुनकर उनका समाधान किया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस के साथ-साथ अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को भी जनता के बीच जाकर संवाद बढ़ाना चाहिए, जिससे प्रशासन और आम लोगों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित हो सके।
इस पहल को स्थानीय लोगों ने सकारात्मक कदम बताते हुए उम्मीद जताई कि इससे पुलिस और जनता के बीच भरोसा और सहयोग दोनों मजबूत होंगे।
जहानाबाद: जरूरतमंदों के बीच डेढ़ महीने से कंबल वितरण, बेटे-बहू की प्रेरणा से दंपती कर रहे सेवा कार्य
जहानाबाद जिले के चैनपुरा गांव में इन दिनों मानवता की एक मिसाल देखने को मिल रही है। जिले के ही रहने वाले विनोद प्रताप सिंह और उनकी पत्नी अहिल्या देवी पिछले करीब डेढ़ महीने से असहाय, जरूरतमंद, दिव्यांग और विधवा वर्ग के लोगों के बीच लगातार कंबल वितरण कर रहे हैं। बढ़ती ठंड को देखते हुए उनका यह प्रयास जरूरतमंदों के लिए बड़ी राहत साबित हो रहा है।दंपती ने बताया कि वे यह सेवा कार्य अपने बेटे और बहू की प्रेरणा से कर रहे हैं। उनके पुत्र डॉ. अमित कुमार और बहू हिमानी शर्मा अमेरिका में डॉक्टर के पद पर कार्यरत हैं। दोनों ने अपने माता-पिता को हर साल जरूरतमंदों की मदद करने के लिए प्रेरित किया है। विनोद प्रताप सिंह ने कहा कि उनके बेटे ने जो सफलता हासिल की है, उसमें उनके गांव, परिवार और जहानाबाद की शिक्षा का अहम योगदान है। उन्होंने कहा, “हम अपनी जन्मभूमि और पैतृक स्थल को नहीं भूल सकते। इसलिए हमने संकल्प लिया है कि गांव और आसपास के जरूरतमंद लोगों की हर संभव मदद करेंगे।”उन्होंने बताया कि उनके बेटे की इच्छा है कि यह सेवा कार्य हर साल और अधिक जगहों तक पहुंचे। वहीं बहू हिमानी शर्मा ने विशेष रूप से महिलाओं तक सहायता पहुंचाने पर जोर दिया है, ताकि ठंड के मौसम में किसी को परेशानी न हो। इसी को ध्यान में रखते हुए दंपती गांव-गांव जाकर जरूरतमंद लोगों की सूची तैयार करते हैं और उन्हें कंबल उपलब्ध कराते हैं।अहिल्या देवी ने कहा, “मौसम ने फिर करवट ली है और ठंड बढ़ गई है। ऐसे में जरूरतमंदों तक कंबल पहुंचाकर हमें बहुत सुकून मिलता है। गांव के लोग ही हमारा परिवार हैं, उनकी मदद करके खुशी मिलती है।”
विनोद प्रताप सिंह ने भी स्पष्ट किया कि वे यह काम नाम या शोहरत के लिए नहीं, बल्कि लोगों का आशीर्वाद पाने के लिए करते हैं। उन्होंने कहा, “अगर कंबल देने से किसी को ठंड से राहत मिलती है, तो हम हर साल यह प्रयास जारी रखेंगे।”इस सेवा कार्य की इलाके में काफी सराहना हो रही है। स्थानीय लोग इसे एक प्रेरणादायक पहल मानते हुए समाज के अन्य सक्षम लोगों से भी आगे आने की अपील कर रहे हैं।
प्राच्य-साहित्य के महान अध्येता और साहित्य-ऋषि थे पं. राम नारायण शास्त्री : प्रेम कुमार
राम कुमार व राकेश प्रवीर को स्मृति सम्मान, साक्षी कुमारी को ‘ईश्वरी देवी मेधा सम्मान’


पटना,संस्कृत एवं प्राच्य-साहित्य के महान अध्येता तथा ऋषि-तुल्य साहित्य-साधक पंडित राम नारायण शास्त्री न केवल हिन्दी के समर्पित सेवक थे, बल्कि एक उच्चकोटि के चिंतक भी थे। उनका तपस्वी जीवन और उनकी विद्वता आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। यह बातें बिहार विधान सभा के अध्यक्ष प्रेम कुमार ने शनिवार को बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन में आयोजित पं. राम नारायण शास्त्री स्मृति-सह-सम्मान समारोह के उद्घाटन अवसर पर कही।
यह समारोह पं. राम नारायण शास्त्री स्मारक न्यास के तत्वावधान में आयोजित किया गया। इस अवसर पर सुप्रसिद्ध समाजसेवी एवं विचारक राम कुमार तथा वरिष्ठ पत्रकार राकेश प्रवीर को ‘अक्षर-पुरुष पं. राम नारायण शास्त्री स्मृति सम्मान’ से सम्मानित किया गया। वहीं, माध्यमिक बोर्ड परीक्षा-2025 में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाली जे.पी.एन.एस. उच्च विद्यालय, नरहन (समस्तीपुर) की मेधावी छात्रा साक्षी कुमारी को ‘ईश्वरी देवी सर्वश्रेष्ठ गणितज्ञ छात्रा पुरस्कार’ प्रदान किया गया। पुरस्कार स्वरूप उन्हें ₹2551 की राशि भी दी गई।
समारोह को संबोधित करते हुए पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने कहा कि शास्त्री जी की विद्वता और विनम्रता सभी को अपनी ओर आकर्षित करती थी। वे ज्ञान और मानवीय मूल्यों के सजीव प्रतीक थे, जिनके विचारों से समाज निरंतर लाभान्वित होता रहा। मुख्य अतिथि एवं बिहार विधान परिषद के उप सभापति डॉ. राम वचन राय ने कहा कि वे वर्ष 1961 से शास्त्री जी को जानते थे, जब वे राष्ट्रभाषा परिषद में कार्यरत थे। वे ओजस्वी वक्ता, कट्टर आर्यसमाजी तथा सनातन और आधुनिक चिंतन के सुंदर संगम थे। झारखंड उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रवि रंजन ने कहा कि शास्त्री जी ने शास्त्रों का गहन अध्ययन कर उसका सदुपयोग समाज-सेवा में किया। वे ज्ञान के ऐसे दीप-स्तंभ थे, जिनसे आने वाली पीढ़ियाँ सदैव प्रकाश प्राप्त करती रहेंगी। सभा की अध्यक्षता करते हुए बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष डॉ. अनिल सुलभ ने कहा कि पं. राम नारायण शास्त्री एक प्रणम्य साहित्य-साधु पुरुष थे। प्राच्य-साहित्य की दुर्लभ पोथियों और पांडुलिपियों का अन्वेषण, अनुशीलन एवं सूचीकरण कर उन्होंने हिन्दी साहित्य को अमूल्य धरोहर प्रदान की। उन्होंने यह भी कहा कि शास्त्री जी का जन्म और निधन एक ही तिथि—24 जनवरी—को हुआ, जो ईश्वरीय कृपा-प्राप्त महापुरुषों के जीवन में ही संभव होता है। संयोगवश उनकी पत्नी ईश्वरी देवी का तिरोधान भी इसी तिथि को हुआ। न्यास के प्रमुख न्यासी एवं शास्त्री जी के पुत्र अभिजीत कश्यप ने न्यास की गतिविधियों पर प्रतिवेदन प्रस्तुत किया और सभी आगंतुकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। अतिथियों का स्वागत न्यास अध्यक्ष प्रो. रमेश चंद्र सिंहा ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन पंकज कुमार ने किया। मंच संचालन वरिष्ठ पत्रकार कृष्ण कांत ओझा एवं गौरव सुंदरम ने संयुक्त रूप से किया। समारोह में पटना विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. के.सी. सिन्हा, सम्मेलन की उपाध्यक्ष डॉ. मधु वर्मा, डॉ. रत्नेश्वर सिंह, कुमार अनुपम, पारिजात सौरभ, डॉ. मेहता नागेंद्र सिंह, प्रो. आर.आर. सहाय, डॉ. नागेश्वर शर्मा, विभारानी श्रीवास्तव, इंदु भूषण सहाय, डॉ. मनोज कुमार सहित बड़ी संख्या में साहित्यप्रेमी एवं प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।