पोस्टर पर गूंजा नारी सशक्तीकरण का संदेश, साई कॉलेज में हुई  प्रतियोगिता का आयोजन

अम्बिकापुर- बेटी है तो कल है। बेटियों को पढ़ाओगे तो परिवार शिक्षित होगा। सशक्त नारी से ही समाज मजबूत बनेगा। बेटी नहीं होगी तो बहू कहां से लाओगे, की सशक्त आवाज श्री साई बाबा आदर्श स्नातकोत्तर महाविद्यालय में वूमेन वेलफेयर एंड एंटी सेक्सुअल हैरासमेंट सेल के तत्वावधान में बालिका दिवस के उपलक्ष्य पर आयोजित पोस्टर प्रतियोगिता में गूंजती रही। सेल की प्रभारी डॉ. अलका पांडेय के मार्गदर्शन में आयोजित प्रतियोगिता में एक ओर जहां बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओ, सशक्त नारी-मजबूत देश, कन्या भू्रन्या बचाओ का संदेश दिखा तो दूसरी ओर घरेलू हिंसा, बालिकाओं की सुरक्षा और किशोरियों के लिये न्याय की मांग बलवती हुई। गुड टच-बैड टच पर चुप्पी तोड़ने का आह्वान दिखा। शिक्षा की महत्ता और परिवार की बुनियाद के लिए नारी शिक्षा की आवश्यकता पर बल दिया गया। महिला शिक्षित होगी तो घरेलू हिंसा नहीं होगी और बच्चियां भी सुरक्षित रहेंगी।

उन्हें समाज में समान अवसर मिलेगा। आपरेशन सिंदूर के दौरान कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह का जादू पोस्टर पर नजर आया। महिलायें अब अबला नहीं, बल्कि नारी सशक्तीकरण के दौर से आगे बढ़ रही हैं। प्राचार्य डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने पोस्टर प्रतियोगिता का अवलोकन कर और सभी को बालिका दिवस की शुभकामना दी। प्रतियोगिता के दौरान डॉ. जगमीत कौर, डॉ. जसप्रीत कौर विनीता मेहता ने सहयोग किया।

कोचिंग सेंटरों की मनमानी पर सख्ती की मांग, छात्रों के हित के लिए सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने संसद बड़ा मुद्दा उठाया

नई दिल्ली- देश के लाखों छात्रों को निजी कोचिंग संस्थानों (ऑनलाइन एवं ऑफलाइन) की मनमानी से बचाने के लिए रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने केंद्र सरकार से निर्णायक हस्तक्षेप की मांग की है।

असल में स्कूली छात्र कॉम्पिटिशन की तैयारी के लिए अलग अलग कोचिंग संस्थानों में पढाई करते हैं जहाँ उन्हें आईआईटी, एनआईटी, एम्स जैसे संस्थानों में गारंटी शुदा एडमिशन का प्रलोभन दिया जाता है और एक मुश्त पूरी फीस जमा करवा ली जाती है। गरीब, ग्रामीण एवं मध्यम वर्गीय परिवार भी सोना, ज़मीन बेचकर एवं क़र्ज़ लेकर होने बच्चों के सुनहरे भविष्य के लिए यह फीस अदा करते हैं।

लेकिन अगर उन्हें अनुकूल पढाई का वातावरण ना मिलने पर अगर वह संस्थान कोचिंग छोड़ना चाहे तो यह सेंटर मनमानी करते हैं, जिससे माँ बाप एवं बच्चे दोनों मानसिक रूप से प्रताड़ित होते हैं। हालांकि शिक्षा मंत्रालय (केंद्र सरकार) ने वर्ष 2024 में विभिन्न कोचिंग सेंटर के संदर्भ में गाइडलाइंस ज़ारी की है लेकिन इनका ज़मीनी स्तर पर पालन नहीं हो रहा है। उल्लेखनीय है कि यह मुद्दा सिर्फ स्कूली बच्चों तक नहीं बल्कि प्रोफेशनल कॉम्पिटिटिव एग्जाम जैसे यूपीएससी के लिए जाने वाले युवाओं के लिए भी प्रासंगिक है, दिल्ली जैसे महानगरों में युवा जाते हैं और भारी भरकम फीस जमा करते हैं लेकिन उन्हें भी इस प्रताड़ना का शिकार होना पड़ता है। इसीलिए लोकसभा में इस विषय पर सांसद अग्रवाल ने अपनी बात रखी है। सांसद अग्रवाल का य़ह भी कहना है कि मेरा कार्यालय इस संबंध में सभी छात्रों के हित के लिए चौबीस घंटे खुलसांसद अग्रवाल द्वारा सरकार से किए गए प्रमुख आग्रह:

1) सभी राज्य सरकारें विद्यार्थियों द्वारा बीच में संस्थान छोड़ने पर 10 दिनों के भीतर फीस रिफंड का अनुपालन करने की अनिवार्यता का नियम बनाएं।

2) छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में इन कोचिंग संस्थानों के विवाद के निपटारे हेतु फ़ास्ट ट्रैक निवारण सेल स्थापित किये जाने के हेतु, छात्र/जन हित में सभी राज्य सरकारों को दिशा निर्देश देने का कष्ट करेंगे।

3) गाइडलाइन्स (2024) का कड़ाई से पालन होना सुनिश्चित करवाया जाए

रायपुर एवं दुर्ग-भिलाई मध्य भारत के कोटा के रूप में स्थापित हो रहे हैं एवं प्रदेश के बिलासपुर एवं रायगढ़ भी इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स भी छात्रों के बीच अपनी जगह बना रहे हैं परन्तु स्कूली विद्यार्थी इन कोचिंग संस्थानों के फीस - ट्रैप - मोनोपोली का शिकार बन रहे हैं।ा भी है।

बीच सड़क पर स्टंटबाजी करना पड़ा महंगा, पुलिस ने 8 गाड़ियां की जब्त

अंबिकापुर- शहर की सड़कों को स्टंट का मैदान समझने वाले रईसजादों और हुड़दंगियों पर सरगुजा पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है. स्कार्पियो और इनोवा जैसी लग्जरी कारों की खिड़कियों से बाहर निकलकर जानलेवा स्टंट करने वाले युवकों के खिलाफ पुलिस ने कड़ा रुख अपनाते हुए 8 वाहनों को जब्त कर लिया है. पुलिस अब इन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त करने की तैयारी में है.

CCTV फुटेज से खुले स्टंटबाजों के राज

घटना 23 जनवरी की है, जब पुलिस को सूचना मिली कि शहर के मुख्य चौक-चौराहों पर कुछ युवक कारों की खिड़कियों पर बैठकर खतरनाक स्टंट कर रहे हैं. इस मामले को गंभीरता से लेते हुए उप पुलिस महानिरीक्षक (DIG) राजेश कुमार अग्रवाल ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए.

कोतवाली पुलिस ने शहर में लगे CCTV कैमरों को खंगाला, जिसमें दर्जनों वाहन (CG, JH, UP और BR पासिंग) यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए कैद हुए. पुलिस ने फुटेज के आधार पर तत्काल अपराध क्रमांक 47/26 दर्ज कर जांच शुरू की.

जब्त किए गए वाहनों की सूची

पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अब तक कुल 8 चार पहिया वाहनों को अपने कब्जे में लिया है:

  1. इनोवा: CG15EH2824
  2. इनोवा: UP81BY7272
  3. इनोवा: UP65DT5162
  4. स्कार्पियो: CG15CV2248
  5. स्कार्पियो: CG15DC6274
  6. स्कार्पियो: JH01CD5513
  7. स्कार्पियो: CG29A4508
  8. अर्टिगा: GC15EF9972

इन धाराओं में दर्ज हुआ केस

स्टंटबाजों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 125, 281, 285, 3(5) और मोटरयान अधिनियम की धारा 184 के तहत मामला दर्ज किया गया है. पुलिस का कहना है कि अन्य वाहनों की तलाश अभी भी जारी है और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा.

अभिभावकों के लिए सरगुजा पुलिस की चेतावनी

सरगुजा पुलिस ने नागरिकों और अभिभावकों से अपील की है कि:

अपने बच्चों को बिना लाइसेंस वाहन चलाने के लिए न दें.

सड़कों पर रील बनाने या प्रदर्शन के लिए स्टंट करना अपराध है.

ऐसे मामलों में न केवल वाहन जब्त होगा, बल्कि ड्राइविंग लाइसेंस भी हमेशा के लिए निरस्त कर दिया जाएगा.

गणतंत्र दिवस समारोह में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अधिकारी कर्मचारी, पुलिस परेड एवं पुलिस झांकी को किया गया सम्मानित

बलौदाबाजार- जिला मुख्यालय स्थित पंडित चक्रपाणि शुक्ल हायर सेकेण्डरी स्कूल के मैदान में गणतंत्र दिवस का मुख्य समारोह हर्षोल्लास के साथ मनाया गया. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने ध्वजारोहण कर परेड की सलामी ली. इस अवसर पर उन्होंने शहीद परिवारों का सम्मान करने के साथ ही जिले में उत्कृष्ट सेवा देने वाले अधिकारी-कर्मचारियों को पुरस्कृत किया.

पुलिस की झांकी और परेड ने जीता दिल

समारोह में पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता के निर्देशन में तैयार की गई पुलिस विभाग की झांकी आकर्षण का केंद्र रही. इस झांकी में यातायात जागरूकता, नशा मुक्ति, ‘ऑपरेशन शुद्धि’ और साइबर सुरक्षा के संदेशों को बेहद प्रभावशाली ढंग से दर्शाया गया, जिसे मुख्य अतिथि द्वारा द्वितीय पुरस्कार से नवाजा गया. वहीं, शानदार मार्च पास्ट के लिए पुरुष पुलिस बल को प्रथम और महिला पुलिस बल को द्वितीय पुरस्कार प्रदान किया गया.

ये 14 जांबाज पुलिसकर्मी हुए सम्मानित

अपराधियों की धरपकड़, बेहतर विवेचना और जन-जागरूकता जैसे उल्लेखनीय कार्यों के लिए जिले के 14 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया. सम्मानित होने वालों की सूची इस प्रकार है:

  1. निरीक्षक प्रणाली वैद्य (प्रभारी साइबर सेल)
  2. निरीक्षक अजय झा (थाना प्रभारी कसडोल)
  3. उप निरीक्षक प्रियेस जॉन (यातायात शाखा, बलौदाबाजार)
  4. उप निरीक्षक संदीप बंजारे (थाना प्रभारी गिधपुरी)
  5. सहा. उप निरीक्षक मनीष वर्मा (पुलिस कार्यालय, बलौदाबाजार)
  6. सहा. उप निरीक्षक पुष्पा राठौर (थाना भाटापारा ग्रामीण)
  7. प्रधान आरक्षक रामकृष्ण पटेल (थाना सिटी कोतवाली)
  8. प्रधान आरक्षक सत्य प्रकाश मरकाम (यातायात शाखा, सिमगा)
  9. आरक्षक सूरज बंजारे (थाना पलारी)
  10. आरक्षक अनवर कुर्रे (थाना गिधपूरी)
  11. आरक्षक राकेश शर्मा (थाना राजादेवरी)
  12. आरक्षक युगल किशोर ध्रुव (थाना सिमगा)
  13. आरक्षक रमाकांत साहू (रक्षित केंद्र, बलौदाबाजार)
  14. आरक्षक सोमेश्वर खूंटे (पुलिस कार्यालय, बलौदाबाजार)

अपराध नियंत्रण और जागरूकता पर जोर

सम्मान समारोह के दौरान सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने पुलिस विभाग द्वारा चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन शुद्धि’ और साइबर अवेयरनेस अभियानों की प्रशंसा की. उन्होंने कहा कि पुलिस और जनता के बीच बेहतर तालमेल से ही समाज में सुरक्षा का वातावरण निर्मित होता है.

नियमबद्धता का संदेश देता है हमारा गणतंत्र, साई कॉलेज में हर्षोल्लास से मनाया गया गणतंत्र दिवस

अम्बिकापुर- श्री साई बाबा आदर्श स्नातकोत्तर महाविद्यालय में हर्षोल्लास के साथ गणतंत्र दिवस मना। शासी निकाय के अध्यक्ष विजय कुमार इंगोले ने ध्वाजारोहण कर सभी को 77वें गणतंत्र की शुभकामनायें दी। उन्होंने कहा कि गणतंत्र संदेश देता है कि नियमबद्ध, अनुशासित जिन्दगी का वरण करें।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए श्री शिरडी शिक्षण समिति के सचिव अजय कुमार इंगोले ने कहा कि हमारे पूर्वजों ने जो विरासत हमको सौंपी है, उसे और मजबूत कर नये कलेवर में भावी पीढ़ी को सौंपना है।प्राचार्य डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने सभी को बधाई देते हुए कहा कि आप हमेशा अपने कर्तव्यों के लिए आगे बढ़िये, अधिकार स्वत: मिल जायेंगे। उन्होंने सभी को गणतंत्र की महत्ता से अवगत कराया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि अनीश ने कहा कि गणतंत्र में गण और तंत्र दोनों हमसे है। हमे अपने को व्यवस्थित रखना है, तंत्र स्वत: बेहतर हो जायेगा। उन्होंने सभी दोपहिया चालकों से अनुरोध किया कि वाहन चलाते समय हमेशा हेल्मेट को प्रयोग करें। कार्यक्रम के दौरान अंकुश गुप्ता और निशा निषाद ने गणतंत्र के प्रेरक प्रसंगों से अवगत कराया।
विद्यार्थियों ने तिरंगा रैली निकाल कर राष्ट्रीयता का बोध कराया।
इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी प्राध्यापक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।
भारत हमको जान से प्यारा है...
डॉ.जगमीत कौर के मार्गदर्शन में बी.एससी.बी.एड के विद्यार्थियों ने देशभक्ति से ओतप्रोत गीतों की समूहनृत्य के साथ प्रस्तुति दी। भारत हमको जान से प्यारा है...,वंदे मातरम्...,बैंठन रे चिरैया, गावो बस्तरिया गाना की शानदार प्रस्तुति हुई।
साई स्कूल में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया गणतंत्र दिवस

अम्बिकापुर- श्री साई बाबा स्कूल में ७७ वां गणतंत्र दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। प्रबंध समिति के अध्यक्ष विजय कुमार इंगोले ने ध्वजारोहण कर सभी को गणतंत्र दिवस की शुभकामना दी। स्कूल की कप्तान उदिता सिंह और उपकप्तान नैतिक कुमार पटवा ने गणतंत्र दिवस की महत्ता से अवगत कराया। कक्षा नर्सरी से कक्षा के.जी.टू के विद्यार्थियों ने देशभक्ति गीत प्रस्तुत कर सभी को विभोर कर दिया। रूदांशी सिंह अंग्रेजी में दिया गया वक्त प्रेरक रहा। संगीत शिक्षक भानू शंकर झा की ताल पर कक्षा चौथी एवं छठवीं के विद्यार्थियों ने भारतीय विरासत की गीतों की शानदार प्रस्तुति दी। श्री शिरडी साई शिक्षण समिति की सचिव अजय कुमार इंगोले ने सभी गणतंत्र के भावना से अवगत कराया।

प्राचार्य प्राची गोयल ने गणतंत्र की विशेषता और उसके कर्तव्य, दायित्वों से अवगत कराया। उन्होंने सभी को गणतंत्र दिवस की बधाई दी। विद्यार्थियों को गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में मिठाइयां वितरित की गई।

कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि में अनीश वोदी तेलवार, कोषाध्यक्ष रेखा इंगोले एवं सयुक्ंत सचिव अलका इंगोले, सह प्रबंधक यशा इंगोले चौधरी तथा सभी शिक्षक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का संचालन रूहिल सिन्हा ने किया तथा आभार उपकप्तान पूर्वी पैकरा के द्वारा किया गया। कार्यक्रम के दौरान रूहिल सिन्हा, श्यामा कशिश एवं आर्या शंकर झा ने सहयोग किया।

कर्तव्य पथ पर छत्तीसगढ़ की झांकी ने बिखेरा जनजातीय शौर्य का गौरव, डिजिटल संग्रहालय की गाथा से मोहा देश

नई दिल्ली- 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर कर्तव्य पथ पर प्रस्तुत छत्तीसगढ़ की झांकी ने देश-दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा। “स्वतंत्रता का मंत्र – वंदे मातरम्” थीम पर आधारित यह झांकी जनजातीय वीर नायकों को समर्पित देश के पहले डिजिटल संग्रहालय की गौरवगाथा को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करती नजर आई।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित केंद्रीय मंत्रियों और विशिष्ट अतिथियों ने झांकी को उत्सुकता के साथ देखा और तालियां बजाकर सराहना की। दर्शक दीर्घा में मौजूद लाखों लोगों ने भी तालियों की गड़गड़ाहट के साथ छत्तीसगढ़ की झांकी का स्वागत किया। झांकी के समक्ष छत्तीसगढ़ के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत पारंपरिक लोक नृत्य ने माहौल को और भी जीवंत बना दिया।

झांकी में नवा रायपुर अटल नगर में स्थापित देश के पहले जनजातीय डिजिटल संग्रहालय की झलक दिखाई गई, जहां छत्तीसगढ़ सहित देश के 14 प्रमुख जनजातीय स्वतंत्रता आंदोलनों को आधुनिक डिजिटल तकनीकों के माध्यम से संरक्षित किया गया है। इस ऐतिहासिक संग्रहालय का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ राज्य गठन की रजत जयंती के अवसर पर किया था।

झांकी के अग्र भाग में वर्ष 1910 के ऐतिहासिक भूमकाल विद्रोह के नायक वीर गुंडाधुर को दर्शाया गया। धुर्वा समाज के इस महान योद्धा ने अन्यायपूर्ण अंग्रेजी शासन के विरुद्ध जनजातीय समाज को संगठित किया। विद्रोह के प्रतीक के रूप में आम की टहनियां और सूखी मिर्च को विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया। विद्रोह की तीव्रता का अनुमान इसी से लगाया जा सकता है कि अंग्रेजों को नागपुर से सेना बुलानी पड़ी, फिर भी वे वीर गुंडाधुर को पकड़ने में असफल रहे।

झांकी के पृष्ठ भाग में छत्तीसगढ़ के प्रथम शहीद वीर नारायण सिंह को घोड़े पर सवार, हाथ में तलवार लिए दर्शाया गया। उन्होंने अकाल के समय गरीबों और वंचितों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष किया और 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में अग्रणी भूमिका निभाई।

पूरी झांकी जनजातीय समाज के अदम्य साहस, बलिदान और देशभक्ति की भावना को सशक्त रूप में अभिव्यक्त करती रही और गणतंत्र दिवस परेड में छत्तीसगढ़ की गौरवपूर्ण पहचान को राष्ट्रीय मंच पर स्थापित किया।

 

संविधान, लोकतंत्र और सुशासन के रास्ते विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण सरकार का संकल्प : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर- लोकतंत्र की मजबूती, संविधान की सर्वाेच्चता और विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प के साथ आज 77वां गणतंत्र दिवस पूरे प्रदेश में हर्षाेल्लास, देशभक्ति और गौरवपूर्ण वातावरण में मनाया गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित गणतंत्र दिवस के मुख्य समारोह में राष्ट्रीय ध्वज फहराया और संयुक्त परेड की सलामी ली। उन्होंने शहीद सैनिकों एवं पुलिस जवानों के परिजनों को सम्मानित किया तथा छत्तीसगढ़ पुलिस बल को राज्य स्थापना की 25वीं वर्षगांठ का पदक देने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस मौके पर प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारत का संविधान हमारी लोकतांत्रिक आस्था, समानता और सामाजिक न्याय का मजबूत आधार है। छत्तीसगढ़ महतारी की सेवा, विकास और समृद्धि के लिए राज्य सरकार पूर्ण निष्ठा के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने गणतंत्र दिवस संदेश में राज्य की उपलब्धियों, जनकल्याणकारी योजनाओं, नक्सल उन्मूलन की दिशा में हुई प्रगति, किसानों-श्रमिकों-महिलाओं के सशक्तीकरण, शिक्षा-स्वास्थ्य-औद्योगिक विकास और सुशासन की विस्तार से जानकारी दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गणतंत्र दिवस केवल उत्सव का दिन नहीं, बल्कि राष्ट्र के लिए बलिदान देने वाले महापुरुषों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को स्मरण करने का दिन भी है। उन्होंने संविधान निर्माताओं, विशेषकर बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर को नमन करते हुए कहा कि संविधान सामाजिक समरसता, समान अधिकार और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का प्रतीक है। उन्होंने बाबा गुरु घासीदास जी के “मनखे-मनखे एक समान” के संदेश को संविधान की आत्मा बताया और कहा कि भारतीय गणतंत्र ने ऐसा खुला समाज निर्मित किया है, जहां हर नागरिक राष्ट्र निर्माण में सहभागी बन सकता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने हाल ही में राज्य स्थापना की रजत जयंती मनाई है। पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा गठित इस राज्य ने 25 वर्षों में विकास की सशक्त यात्रा तय की है। उन्होंने बताया कि संविधान के मंदिर- छत्तीसगढ़ विधानसभा के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करकमलों से संपन्न हुआ। धान की बालियों की डिजाइन और बस्तर-सरगुजा की लोककला से सुसज्जित यह भवन छत्तीसगढ़ी अस्मिता का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष राष्ट्रगीत वंदे मातरम् की 150वीं जयंती राज्यभर में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। सुकमा जिले के कोंटा से लेकर मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर के सीतामढ़ी हरचौका तक लोगों ने सामूहिक रूप से वंदे मातरम् का गायन किया। यह बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय को सच्ची श्रद्धांजलि है।

मुख्यमंत्री ने धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती और जनजातीय गौरव दिवस के आयोजन का उल्लेख करते हुए कहा कि जनजातीय समाज ने स्वतंत्रता संग्राम में ऐतिहासिक योगदान दिया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लोकार्पित शहीद वीर नारायण सिंह जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी डिजिटल संग्रहालय देश का पहला डिजिटल संग्रहालय है, जो आज की पीढ़ी को जनजातीय नायकों के बलिदान से परिचित कराता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि माओवादी हिंसा लोकतंत्र के लिए गंभीर चुनौती रही है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ ने निर्णायक रणनीति अपनाई है। उन्होंने बताया कि जवानों के अदम्य साहस और सतत अभियानों के परिणामस्वरूप माओवादी हिंसा अब अंतिम चरण में है और मार्च 2026 तक प्रदेश को नक्सलमुक्त करने का लक्ष्य पूर्ण होने जा रहा है। मुख्यमंत्री ने आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास, बस्तर कैफे जैसी पहलों और नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों की जानकारी दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य बनने के बाद सबसे बड़ी चुनौती अन्नदाता की समृद्धि रही है। आज छत्तीसगढ़ के किसान को धान का देश में सर्वाधिक मूल्य मिल रहा है। उन्होंने बताया कि धान खरीदी 5 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 149 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच चुकी है। बीते दो वर्षों में किसानों के खातों में डेढ़ लाख करोड़ रुपए अंतरित किए गए हैं। अटल सिंचाई योजना के तहत 115 लंबित सिंचाई परियोजनाओं को पूर्ण किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रदेश में 26 लाख से अधिक आवास स्वीकृत किए गए हैं और प्रतिदिन लगभग 2 हजार आवासों का निर्माण हो रहा है, जो देश में सर्वाधिक है। उन्होंने कहा कि राज्य विद्युत उत्पादन में देश में दूसरे स्थान पर है और शीघ्र ही प्रथम स्थान की ओर अग्रसर है। सौर ऊर्जा, गैस आधारित परियोजनाओं और शून्य कार्बन उत्सर्जन लक्ष्य पर तेजी से काम हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना के तहत 70 लाख महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपए की सम्मान राशि प्रदान किए जाने की जानकारी दी। अब तक 14,948 करोड़ रुपए की राशि वितरित की जा चुकी है। उन्होंने श्रमिकों के लिए ईएसआई, श्रम संहिताओं और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की बात कही।

मुख्यमंत्री ने बताया कि युक्तियुक्तकरण से शिक्षकों की कमी दूर की गई है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत स्थानीय भाषाओं में शिक्षा, 9 हजार स्मार्ट क्लास और 22 हजार कंप्यूटर की व्यवस्था की जा रही है। स्वास्थ्य शिक्षा के क्षेत्र में नए मेडिकल कालेजों की स्वीकृति से अब इनकी संख्या बढ़कर 15 हो गई है। बिलासपुर में मल्टी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल और हिंदी में एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नई औद्योगिक नीति के तहत अब तक 7.83 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। नवा रायपुर को आईटी, एआई, फार्मा और मेडिकल हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भविष्य एआई का है और छत्तीसगढ़ इसकी धुरी बनेगा।

मुख्यमंत्री ने रामलला दर्शन योजना, मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना, बस्तर पंडुम, चित्रकोट जलप्रपात, मैनपाट, सरगुजा और जशपुर पर्यटन के विकास का उल्लेख किया। उन्होंने ई-ऑफिस, जेम पोर्टल, बायोमेट्रिक अटेंडेंस और डिजिटल गवर्नेंस के माध्यम से सुशासन की मजबूती पर बल दिया।

समारोह में स्कूली बच्चों द्वारा राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। विभिन्न शासकीय विभागों द्वारा योजनाओं पर आधारित आकर्षक झांकियां निकाली गईं, जिन्होंने प्रदेश की विकास यात्रा को जीवंत रूप में प्रदर्शित किया।

विकसित छत्तीसगढ़ का आह्वान

मुख्यमंत्री ने स्व. लक्ष्मण मस्तूरिया की कविता की पंक्तियों के माध्यम से जनभागीदारी का आह्वान करते हुए कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सभी की सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने अंत में प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की बधाई और शुभकामनाएं दी।

राजधानी में हर्षाेल्लास के साथ मनाया गया 77 वां गणतंत्र दिवस, राज्यपाल रमेन डेका ने राष्ट्रीय ध्वज फहरा कर ली परेड की सलामी

रायपुर- गणतंत्र दिवस के अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका द्वारा आज यहां राजधानी रायपुर में पुलिस परेड ग्राउंड में राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया और परेड की सलामी ली गई। परेड निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव विकास शील और पुलिस महानिदेशक अरूण देव गौतम भी उपस्थित थे।

राज्यपाल श्री डेका ने प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि यह पवित्र अवसर हमें राष्ट्र की एकता और अखण्डता को सहेजते हुए देश के प्रति अपने कर्तव्यों को निभाने की प्रेरणा देता हैं। गणतंत्र दिवस भारतीय लोकतंत्र की महान परंपरा तथा हमारे संवैधानिक मूल्यों की समृद्ध विरासत का प्रतीक है।

राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर कुशाभाऊ ठाकरे विश्वविद्यालय में दिलाई गई मतदान की शपथ

रायपुर- राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति एवं संभागायुक्त श्री महादेव कावरे ने शिक्षकों एवं कर्मचारियों को निष्पक्ष, निर्भीक एवं जिम्मेदार नागरिक के रूप में मतदान करने की शपथ दिलाई।

इस अवसर पर कुलपति श्री कावरे ने अपने संबोधन में कहा कि लोकतंत्र को सशक्त बनाने के लिए प्रत्येक नागरिक का मतदान में भाग लेना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी से अपने मताधिकार का अनिवार्य रूप से प्रयोग करने तथा दूसरों को भी मतदान के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि देश के नागरिकों को धर्म, जाति, वर्ग, समुदाय एवं भाषा से ऊपर उठकर स्वतंत्र एवं निष्पक्ष रूप से मतदान करना चाहिए।

कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के प्रभारी कुलसचिव सौरभ शर्मा, विभागाध्यक्ष डॉ. नृपेन्द्र कुमार शर्मा, डॉ. आशुतोष मंडावी, डॉ. राजेन्द्र मोहंती सहित विश्वविद्यालय के अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।