आजमगढ़:आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन
आजमगढ़:आंगनवाड़ी संयुक्त मोर्चा उत्तर प्रदेश के आवाह्न पर जनपद आज़मगढ़ की इकाई ने अपनी लंबित जायज मांगों तथा वर्तमान की ज्वलंत समस्याओं के समाधान हेतु आज जिला मुख्यालय पर पदाधिकारियों द्वारा माननीय मुख्यमंत्री जी को संबोधित मांगपत्र जिलाधिकारी को सौपा गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष श्रीमती हेमा गुप्ता ने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकत्रिया एवं सहायिकायें विगत कई दशकों से महिला एवं बाल विकास विभाग की आधारशिला के रूप में कार्य करते हुए पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा, टीकाकरण, मातृ-शिशु देखभाल सहित केंद्र एवं राज्य सरकार की अनेकों योजनाओं का सफल क्रियान्वयन करती चली आ रही हैं।इसके बावजूद आज भी आंगनवाड़ी कर्मचारियों को न तो पूर्णकालिक सरकारी कर्मचारी का दर्जा प्राप्त है और न ही उन्हें वैधानिक सामाजिक सुरक्षा एवं सम्मानजनक सुविधाएं उपलब्ध करायी गयी हैं। यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि हमारी मांगों से संबंधित ज्ञापन सरकार को अनगिनत बार पूर्व में दिया जा चुका है, किंतु सरकार की तरफ से कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं की गई। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का मानसिक और आर्थिक शोषण बढ़ता जा रहा है। इसलिए आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को कोई भी काम कराने से पहले संसाधन मुहैया कराया जाए साथ ही सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए और जब तक सरकारी कर्मचारी का दर्जा नहीं दिया जाता तब तक उनका मानदेय में बढ़ोत्तरी करते हुए सम्मानजनक मानदेय दिया जाए। जिससे इस महंगाई में वह अपना व परिवार का भरण पोषण कर सकें और प्रशासनिक एवं विभागीय अधिकारियों द्वारा लिखित या मौखिक आदेश के माध्यम से सेवा समाप्ति का भय दिखाकर राजनीतिक कार्यक्रमों/समारोहों में भीड़ के रूप में उपयोग किए जाने की बढ़ती प्रवृत्ति पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए जिलाध्यक्ष नीतू पांडेय ने कहा विभागीय कार्यों को आफलाइन से आनलाइन कार्य करने की बदलती प्रक्रिया में हम आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने अथक मेहनतकर ई केवाईसी तथा एफ आर एस की योजना को सफल बनाने का पुरजोर प्रयास किया है किन्तु विभाग द्वारा प्राप्त घटिया खराब मोबाइल तथा कमजोर नेटवर्क के कारण टी एच आर वितरण के समय एफ आर एस जैसी प्रक्रिया को कर पाना नामुमकिन हो रहा है।इसलिए पोषण ट्रैकर पर आनलाइन कार्य हेतु उच्च गुणवत्ता के 5G मोबाइल फोन की खरीद के लिए कम से कम 20,000 रू तथा प्रतिमाह 2,500 रू रीचार्ज एवं डाटा भत्ता अविलंब प्रदान किया जाए। जिलाध्यक्ष कंचन यादव ने कहा कि सभी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को 20 से 40 वर्ष हो गये विभाग के कार्य करते हुए ऐसे में न तो प्रमोशन मिला, न पेंशन है, न ग्रेच्युटी है, न ही उचित मानदेय है, न कोई भविष्य निधि है, न कोई सामाजिक सुरक्षा फण्ड है, कमरतोड़ महंगाई में इतना अल्प मानदेय है कि भविष्य के लिए कुछ किया भी नहीं जा सकता है।आंगनवाड़ी कार्यकर्ता अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा, शादी तथा मकान का सपना लिए दूसरे का बोझ बनकर असमय मृत्यु का शिकार हो रहीं हैं। इसलिए आंगनवाड़ी संघों के साथ उनकी समस्याओं के समाधान एवं योजनाओं के प्रभावी संचालन हेतु नियमित सरकारी बैठकें सुनिश्चित की जाएं। यदि समय रहते हमारी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो आंगनवाड़ी कार्यकर्ता विवश होकर दिनाँक 08 मार्च 2026 को लखनऊ की ओर कूच करेंगी। जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी। ज्ञापन सौंपने में श्रीमती गूंजा बरनवाल, प्रेमशीला यादव,सुशीला देवी, रेखा बिंद,शशिकला यादव, पूनम सिंह, सुनीला देवी, वंदना मौर्या, अमिता सिंह, किरन, सुनीता, गीता, नीलम, शोभावती, संध्या, पूनम,अनीता, सीता, रिंकू, मधुबाला, मीरा, मनीता,संगीता सुषमा, आशा,सरिता, विमला,सीमा, प्रमिला, प्रतिभा ऊषा इत्यादि सभी लोग उपस्थित रहीं।
2 hours and 16 min ago
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