97 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को कारण बताओ नोटिस
लापरवाही पर कड़ी विभागीय कार्यवाही मानदेय रोकने की चेतावनी

हलिया मिर्जापुर।स्थानीय विकास खंड की 97 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों द्वारा लाभार्थियों को पोष्टा हार वितरित किए जाने के बाद भी उसकी अनिवार्य प्रविष्टि पोषक ट्रैकर एप पर टीएचआर  फीड नहीं की गई थी मामले को गंभीरता से लेते हुए सीडीपीओ हलिया दिलीप कुमार वर्मा ने सभी 97 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।इस संबंध में सीडीपीओ दिलीप कुमार वर्मा ने बताया कि शासन की मंशा के अनुसार आंगनबाड़ी केंद्रों पर गर्भवती महिलाओं,धात्री माताओं एवं 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों को वितरित किए जाने वाले पोषाहार का पूरा रिकॉर्ड पोषक ट्रैकर एप पर अपलोड किया जाना अनिवार्य है।इसके बावजूद कई बार निर्देश दिए जाने के बाद भी संबंधितकार्यकत्रियों द्वारा टीएचआर की फीडिंग नहीं की गई।आगे बताया कि पोषक ट्रैकर पर फीडिंग न होने से न सिर्फ शासन स्तर पर आंकड़ों की समीक्षा प्रभावित होती है, बल्कि लाभार्थियों को मिलने वाली योजनाओं की निगरानी भी बाधित होती है।सीडीपीओ ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सभी 97 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों से कारण बताओ नोटिस के माध्यम से स्पष्टीकरण मांगा गया है।यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया या हिला हवाली की गई तो संबंधित कार्यकत्रियों के विरुद्ध कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि जनवरी में तथा भविष्य में भी यदि पोषक ट्रैकर पर टीएचआर की नियमित फीडिंग नहीं की गई तो संबंधित आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का मानदेय रोके जाने के साथ साथ अन्य अनुशासनात्मक कार्रवाई भी प्रस्तावित की जाएगी।विभाग द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों की निगरानी और सख्त किए जाने की भी तैयारी की जा रही है।
श्रमिक की हत्या का खुलासा किए जाने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने थाने का किया घेराव
दो घंटे तक धरने पर बैठे ग्रामीणों ने मामले का जल्द खुलासा करने की किया मांग

ड्रमंडगंज क्षेत्र के देवहट गांव निवासी श्रमिक की हत्या का खुलासा नही होने पर आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिस की कार्य प्रणाली पर सवालिया निशान लगाते हुए गुरुवार का थाने का घेराव किया। आक्रोशित ग्रामीण दो घंटे तक धरने पर बैठे रहे और मामले का खुलासा किए जाने की मांग करने लगे। ग्रामीणों का कहना था कि शव मिले दो दिन हो गया लेकिन अभी तक पुलिस मामले का खुलासा नही कर सकी। ग्रामीणों ने सुरक्षा को लेकर पुलिस पर सवाल खड़े किए।मृत श्रमिक छोटकऊ के पुत्र पिंटू उर्फ रविन्द्र कुमार की तहरीर पर पुलिस अज्ञात के विरुद्ध हत्या मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच में जुट गई है।थानाध्यक्ष के समझाने बुझाने के बाद ग्रामीणों ने दो घंटे बाद धरना समाप्त किया।थानाध्यक्ष ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि किसी भी सूरत में दोषियों को बख्शा नही जाएगा जल्द ही मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।देवहट गांव निवासी 56 वर्षीय लापता श्रमिक छोटकऊ कोल का बीते 27 जनवरी को पांच दिन बाद सजहवा बाउली जंगल में शव दफनाया मिला था।छोटकऊ कोल बीते 22 जनवरी की रात घर से खेत पर फसलों की रखवाली करने गए थे उसके बाद घर वापस नही लौटे और पांच दिन बाद उनका शव घर से तीन किलोमीटर दूर सजहवा बाउली जंगल के गढ्ढे में दफन मिला। मौके पर पहुंची पुलिस व फोरेंसिक टीम ने घटना की जांच कर शव को गढ्ढे से निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। बुधवार रात श्रमिक का शव घर पहुंचा जहां ड्रमंडगंज पुलिस के अलावा हलिया और लालगंज पुलिस की मौजूदगी में देर रात दाह संस्कार किया गया।थानाध्यक्ष भारत सुमन ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में श्रमिक के शरीर पर चोट के निशान पाए गए हैं। मृतक के पुत्र की तहरीर पर अज्ञात के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
Mirzapur : गंगा घाटों से शिल्ट हटाने के नाम पर नपा का लंबा खेल, पहली बार  27.40 लाख का भुगतान
*नगर पालिका में लूट का आरोप, राष्ट्रवादी मंच ने जिलाधिकारी को सौंपा पत्रक, जांच की मांग

मिर्जापुर। नगर पालिका परिषद मिर्जापुर में विकास एवं जनहित कार्यों के नाम पर बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। मामले को लेकर राष्ट्रवादी मंच के अध्यक्ष मनोज श्रीवास्तव ने कमिश्नर और जिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपा। मुलाकात कर निष्पक्ष एवं तकनीकी जांच कराने की मांग की गई है। कहा गया है कि कल तक जिस घाट की सफाई मुफ्त होती थी, उस पर पहली बार करीब 27.40 लाख रुपए खर्च दिखाकर गोलमाल किया गया है। सौंपे गए पत्र में कहा गया है कि नगर पालिका के सिविल निर्माण कार्यों एवं जलकल विभाग में पेयजल आपूर्ति मद के अंतर्गत नियमों की अनदेखी कर करोड़ों रुपये का दुरुपयोग किया जा रहा है। विभागीय लोगों की मिलीभगत से बिना टेंडर ओवर-इस्टीमेटिंग, फर्जी बिलिंग एवं मनमाने टेंडर कराए जा रहे हैं। कोटा पूर्ति के लिए बाद में टेंडर कराया जा रहा है। बताया कि गंगा घाटों की सिल्ट सफाई को लेकर श्रमदान का प्रचार किया गया, जबकि इसकी आड़ में नगर पालिका के अभियंताओं द्वारा सफाई कार्यों के नाम पर भारी-भरकम बजट तैयार कर लाखों से करोड़ों रुपये का भुगतान किया गया। जबकि स्थानीय स्वयंसेवी संस्थाएं एवं सामाजिक संगठन पूर्व से ही श्रमदान के माध्यम से घाटों की सफाई करते आ रहे हैं। इसी तरह
तमाम कार्यों को टेंडर जारी होने से पहले ही पूर्ण करा लिया गया। कार्य पूर्ण होने के बाद औपचारिकता निभाने के लिए निविदा प्रकाशित की गई, जिससे नियमों की खुलेआम अवहेलना हुई है। जलकल विभाग में भी चल रहे खेल का आंकलन इसी से किया जा सकता है कि कुछ ही महीनों के भीतर उन्हें मरम्मत योग्य दर्शाकर दोबारा भुगतान करा लिया गया। साथ ही मरम्मत एवं सामग्री आपूर्ति के नाम पर चहेती फर्मों से फर्जी बिलिंग कर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया। मामले को लेकर कमिश्नर और जिलाधिकारी से मांग की गई है कि पूरे प्रकरण की स्वतंत्र तकनीकी एवं वित्तीय जांच कराई जाए, संदिग्ध टेंडरों को निरस्त किया जाए तथा दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करते हुए उनपर निलंबन की जाए, ताकि जांच न प्रभावित होने पाए। बिना निविदा कराए गए कार्यों को जनहित में श्रमदान घोषित करने की मांग की गई हैं। पत्रक सौंपने वालों में रवि पुरवार, आनंद अग्रवाल, पारस मिश्र, मधुकर पांडेय, विनोद पांडेय एवं अनिल गुप्ता आदि शामिल रहे।
हाईवा की चपेट में आने से बाइक सवार की मौत गुस्साए ग्रामीणों ने ट्रक में लगाई आग, पुलिस ने खदेड़ा
मीरजापुर के देहात कोतवाली क्षेत्र में बुधवार रात एक हादसा हुआ। भोरसर गांव के पास हाईवा की चपेट में आने से बाइक सवार मिथिलेश विश्वकर्मा की मौके पर ही मौत हो गई। घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने हाईवा ट्रक में आग लगा दी। बिकना गांव निवासी मिथिलेश विश्वकर्मा एनएच 135 से चुनार वीरपुर की ओर से आ रहे थे। बिकना अंडरपास के पास पहले से एक हाईवा खड़ी थी। हाईवा चालक भोरसर गांव के पास बने कट के सहारे एनएच 135 पर चढ़कर लालगंज की ओर जाने का प्रयास कर रहा था। इसी दौरान बाइक सवार मिथिलेश लगभग 500 मीटर पहले हाईवा ट्रक की चपेट में आ गए। ग्रामीणों ने बताया कि मिथिलेश अपने तीन भाइयों में सबसे बड़े थे और पूरे घर का खर्च उन्हीं के ऊपर था। उनके परिवार में एक बेटी और एक बेटा है। हादसे के बाद मौके पर भारी संख्या में ग्रामीण जमा हो गए। उन्होंने मृतक के परिवार को मुआवजा दिलाने और घटनास्थल पर ब्रेकर बनाने की मांग करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने अपना गुस्सा दिखाते हुए हाईवा ट्रक में आग लगा दी। सूचना मिलने पर सीओ सदर मुनेंद्र पाल, देहात कोतवाल अमित मिश्रा, विंध्याचल थानेदार अविनाश राय सहित कई थानों की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची। पुलिस ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे अपनी मांगों पर अड़े रहे। बार-बार समझाने के बावजूद जब ग्रामीण नहीं माने, तो पुलिस ने लाठी भांजकर उन्हें वहां से खदेड़ दिया।
योगी सरकार के प्रयास से मीरजापुर में वज्रपात मौतों में आई 50 प्रतिशत की कमी
*- सीएम योगी ने प्राकृतिक आपदाओं से जनहानि को न्यूनतम करने की दिशा में उठाया बड़ा कदम*

*- भौगोलिक संरचना, पथरीली जमीन और खनन कार्यों के चलते आकाशीय बिजली की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील जिला है मीरजापुर*

*-आई०एम०डी लखनऊ के प्रोजेक्ट इवैल्यूएशन और आई०आई०टी रुड़की से पढ़े हुए लोगों के शोध के फलस्वरूप जनहानियों को किया गया कम*
                                                                                                                                             *- लाइटनिंग हॉटस्पॉट मैप के आधार पर 80 स्थानों पर लगे ई०एस०ई लाइटनिंग अरेस्टर लगाए गए*

*लखनऊ, 28 जनवरी:* योगी सरकार प्रदेश में प्राकृतिक आपदाओं से जनहानि को न्यूनतम करने की दिशा में लगातार ठोस और वैज्ञानिक कदम उठा रही है। इसी के तहत मीरजापुर में “लाइटनिंग रेज़िलिएंसी” यानी आकाशीय बिजली से सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया। योगी सरकार के इस कदम से मीरजापुर में आकाशीय बिजली से होने वाली मौतों में 50 प्रतिशत की कमी दर्ज की गयी, वहीं इसे न्यूनतम और शून्य करने की दिशा में काम किया जा रहा है। योगी सरकार का लाइटनिंग रेज़िलिएंसी माॅडल देश के लिए एक मॉडल के रूप में उभर कर सामने आया है। बता दें कि मीरजापुर देश के सबसे अधिक बिजली प्रभावित क्षेत्रों में शामिल है।

*यू०पी०एस०डी०एम०ए एवं राहत आयुक्त कार्यालय द्वारा जनपद मीरजापुर को आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण और जागरूकता अभियान से किया गया मजबूत*
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण मीरजापुर (डीoडीoएमoए) के अध्यक्ष/जिलाधिकारी मीरजापुर पवन कुमार गंगवार ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सत्ता संभालने के बाद प्राकृतिक आपदाओं से होने वाली मौतों को हर हाल में रोकने और न्यूनतम करने के निर्देश दिये थे। ऐसे में सीएम योगी की मंशा के अनुरूप उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूपीएसडीएमए) को आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण और जागरूकता अभियानों के साथ मजबूत किया गया। मीरजापुर में लाइटनिंग मिटिगेशन प्रोजेक्ट इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है। इसी का परिणाम है कि वर्ष 2024-25 और वर्ष 2025-26 में अब तक आकाशीय बिजली गिरने से मौतों की संख्या घटकर 14 रह गई, जबकि वर्ष 2019 में 30, वर्ष 2020 में 28, वर्ष 2021 में 23 और वर्ष 2022 में 30 लोगों की मौत बिजली गिरने से हुई थी।

*वैज्ञानिक अध्ययन के बाद चिन्हित हुए ‘लाइटनिंग हॉटस्पॉट’*
मीरजापुर भौगोलिक संरचना, पथरीली जमीन और खनन कार्यों के चलते आकाशीय बिजली की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील जिला रहा है। ऐसे में बीते कुछ वर्षों में आकाशीय बिजली गिरने से कई लोगों की जान चली गयी। योगी सरकार ने मामले का संज्ञान लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिये। इस पर डीoडीoएमoए मीरजापुर द्वारा पिछले चार से पांच वर्षों के आंकड़ों का गहन विश्लेषण किया गया। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के परियोजना आंकलन, आईआईटीएम पुणे के वज्रपात गिरने के स्थलीय डाटा, आईoआईoटी रुड़की के पढ़े लोगों द्वारा किए गए शोध और सीoआरoओoपीoसी के द्वारा वज्रपात के परिप्रेक्ष में जनपद का किया गया संवेदनशीलता के परिप्रेक्ष्य में आंकलन के अनुसार  पता लगाया गया कि अधिकांश मौतें खुले मैदान, पेड़ के नीचे, जल स्रोतों के पास और कच्चे मकानों में होती हैं। अध्ययन के बाद मीरजापुर में लाइटनिंग हॉटस्पॉट मैप तैयार किया गया, जिसके आधार पर सुरक्षा उपाय तय किए गए।

*लाइटनिंग हॉटस्पॉट मैप के आधार पर 80 स्थानों पर लगाए गए अर्ली स्ट्रीमर एमिशन के लाइटनिंग अरेस्टर*
लाइटनिंग हॉटस्पॉट मैप के आधार पर पहले चरण में मीरजापुर के चिन्हित संवेदनशील क्षेत्रों में 80 स्थानों पर अर्ली स्ट्रीमर एमिशन (ईoएसoई) आधारित लाइटनिंग अरेस्टर लगाए गए। बता दें कि ये उपकरण बिजली को सुरक्षित रूप से धरती में प्रवाहित कर देते हैं, जिससे आसपास के क्षेत्र में जान-माल की हानि नहीं होती। कई अरेस्टर में लगे इंडिकेटर यह दर्शाते हैं कि उन्होंने कई बार बिजली को सफलतापूर्वक अवशोषित किया है।

*पूरे जिले में चलाया गया वज्रपात सुरक्षा कार्यक्रम*
योगी सरकार की रणनीति केवल तकनीक तक सीमित नहीं रही बल्कि ब्लॉक, जिला और ग्राम पंचायत स्तर पर व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। ‘वज्रपात सुरक्षा कार्यक्रम’ के तहत अधिकारियों, ग्राम प्रधानों, लेखपालों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, युवाओं और आम नागरिकों को बिजली गिरने के दौरान क्या करें और क्या न करें, इसकी भी जानकारी दी गई। इसके साथ ही ‘दामिनी’ मोबाइल ऐप के माध्यम से समय से चेतावनी प्राप्त करने का प्रशिक्षण भी दिया गया। इतना ही नहीं मीरजापुर की सभी 809 ग्राम पंचायतों में माइकिंग, जागरूकता रथ, पोस्टर, वीडियो और पंचायत स्तरीय कार्यशालाओं के जरिए संदेश पहुंचाया गया। सिनेमा हॉलों में भी बिजली से बचाव पर आधारित वीडियो दिखाए गए। सोशल मीडिया और व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से आईएमडी द्वारा जारी चेतावनियों को तेजी से आमजन तक पहुंचाया गया। योगी सरकार के इन प्रयासों का ही नतीजा है कि मीरजापुर में वर्तमान में आकाशीय बिजली गिरने से होने वाली मौतों की संख्या में 50 प्रतिशत तक की कमी दर्ज की गयी, वहीं इसे शून्य करने की दिशा में काम किया जा रहा है।
श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करने से सांसारिक बंधनों से मिलती है मुक्ति -प्रेम मूर्ति महराज


ड्रमंडगंज, मिर्जापुर।क्षेत्र के बबुरा कलां गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के पहले दिन मंगलवार को वृन्दावन से पधारे कथावाचक पंडित प्रेम मूर्ति महराज ने श्रीमद्भागवत कथा के महात्म्य पर प्रकाश डाला। कथावाचक ने कहा कि शुकदेव जी महराज ने राजा परीक्षित को भागवत कथा सुनाई जिससे उन्हें अभय की प्राप्ति हुई। श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण से अज्ञानता का नाश हो जाता है और भगवान की कृपा प्राप्त होती है।कथावाचक ने कहा कि भगवान की प्राप्ति के लिए गुरू का होना आवश्यक है क्योंकि वही वही भगवत्प्राप्ति का उपाय और मार्ग बताते हैं। भागवत कथा के श्रवण से मनुष्य पाप और संताप से मुक्त हो जाता है।

कथा व्यास ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करने से सांसारिक बंधनों से मुक्ति मिल जाती है।कथा के बाद आरती और भक्तों में प्रसाद का वितरण किया गया।इस दौरान कथा यजमान इन्द्रकली मिश्रा, ओमप्रकाश मिश्र, शांती देवी, हरिशंकर मिश्र,आनंद नाथ मिश्र, सूर्य प्रकाश मिश्र, शंकर सिंह,कृष्णा प्रसाद दुबे सहित सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे।
यूजीसी कानून के विरोध में प्रदर्शन

मिर्जापुर। में यूजीसी से जुड़े नए कानून के विरोध में सवर्ण आर्मी और करणी सेना ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने जुलूस निकालते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

प्रदर्शनकारियों ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर कानून को “काला कानून” बताते हुए इसे वापस लेने की मांग की।

उनका कहना था कि यह कानून शिक्षा और युवाओं के हित में नहीं है। चेतावनी दी गई कि मांगें न मानी गईं तो वर्ष 2027 के चुनाव में बीजेपी को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
सर्वम सेवा संस्था वाराणसी द्वारा लगाया गया मेगा स्वास्थ्य कैंप


मीरजापुर। जनहित एवं आपदाओं में मानवीय भाव से अनेक जनपदों में जन सेवा कार्य करने वाली सर्वम सेवा संस्था, वाराणसी द्वारा रविवार, 25 जनवरी 2026 को चुनार नगर स्थित गांधी पार्क कैंपस में चुनार नगर एवं आसपास के गांव कस्बे के नागरिकों के लिए योग्य मेडिकल टीम के माध्यम से स्वास्थ्य मेगा कैंप का भव्य आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में स्त्री रोग, बाल रोग, त्वचा रोग, हड्डी एवं नेत्र आदि रोगों से संबंधित विशेषज्ञों द्वारा जांच इलाज की सुविधा के साथ-साथ नि:शुल्क रूप से रोग संबंधी दवाओं का आए हुए लगभग 600 मरीज के बीच वितरण भी किया गया। इस दौरान क्षय रोग विभाग के डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर सतीश शंकर यादव द्वारा टीबी रोग के प्रति लोगों को जागरुक करते हुए अपने विभागीय टीम के माध्यम से लोगों का स्क्रीनिंग करने के पश्चात मिले  6 संदिग्ध मरीजों को बलगम जांच हेतु फाल्कन ट्यूब उपलब्ध कराया गया।

कार्यक्रम में संस्था की अध्यक्षा श्रीमती मीनाक्षी भट्टाचार्य, उपाध्यक्ष संजय भट्टाचार्य, हिमांशु त्रिपाठी के साथ-साथ क्षय विभाग के अखिलेश यादव, इफ्तिखार अहमद, मनभावन तथा सहयोगी स्वरूप ऋषि कुशवाहा, ज्योति प्रकाश सिंह, मंत्री यादव, राजू यादव पूर्व सभासद, चुनार क्लब के कमर वसीम, आनंद पांडे आदि मौजूद रहे।
चाचा ने भतीजी पर चाकू से हमला कर किया घायल, मुकदमा दर्ज
ड्रमंडगंज, मीरजापुर।क्षेत्र के भैसोड़ बलाय पहाड़ गांव में बीते शनिवार की रात 10 बजे के करीब शराब के नशे में धुत युवक ने अपनी भतीजी पर चाकू से हमला कर घायल कर दिया। पुत्री की चीख पुकार सुनकर मौके पर पहुंचे पिता बबुंदर कोल को देखकर आरोपित मौके से भाग निकला।भैसोड़ बलाय पहाड़ गांव निवासी बबुंदर कोल का छोटा भाई सुनील कुमार शराब के नशे में रात 10 बजे के करीब घर में घुसकर गाली गुप्ता देते हुए बबुंदर कोल की 14 वर्षीया पुत्री सपना पर चाकू से हमला कर घायल कर दिया शोरगुल सुनकर मौके पर पहुंचे पिता ने डायल 112 पर सूचना दी। सूचना पर पहुंची पुलिस घटना की जांच पड़ताल कर  युवक की तलाश में जुट गई। रविवार सुबह घायल किशोरी के पिता की तहरीर पर पुलिस  मुकदमा दर्ज कर घायल किशोरी का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हलिया में उपचार करवाया।जहां पर डॉक्टर विवेक खरे ने किशोरी का उपचार किया।डा॰ विवेक खरे ने बताया कि किशोरी के पेट और हाथ में चोटें आई हैं उपचार किया गया है हालत सामान्य है।इस संबंध में थानाध्यक्ष ड्रमंडगंज भारत सुमन ने बताया कि इस मामले में आरोपी सुनील कुमार के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर तलाश की जा रही है।
ग्रामीणों के विरोध से बाधित रहा अदानी का मिर्जापुर दौरा
एक घंटे में कार्यक्रम समेटकर लौटे**

मिर्जापुर | 25 जनवरी 2026

मिर्जापुर में प्रस्तावित अदानी थर्मल पावर प्लांट के साइट विज़िट के दौरान आज स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब ददरी खुर्द एवं आसपास के गांवों के ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया। विरोध को देखते हुए पुलिस-प्रशासन की भारी तैनाती की गई और ग्रामीणों को प्लांट क्षेत्र के पास जाने से रोका गया।

ग्रामीणों के बढ़ते आक्रोश और नारों के बीच गौतम अदानी को लगभग एक घंटे के भीतर ही अपना कार्यक्रम समेटकर मिर्जापुर छोड़ना पड़ा। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे पर्यावरण, जंगल, जमीन और जनस्वास्थ्य की रक्षा के लिए शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना चाहते थे, लेकिन प्रशासनिक रोक के कारण तनाव की स्थिति बनी।

मिर्जापुर बचाओ संघर्ष समिति और ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कुंबिया मार्ग, जो एक वन मार्ग है, उस पर अवैध कब्ज़ा कर परियोजना का रास्ता बनाया जा रहा है। इसके बावजूद वन विभाग और जिला प्रशासन द्वारा प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही, जिससे प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।

ग्रामीणों ने यह भी कहा कि 11 अप्रैल 2025 को आयोजित जनसुनवाई पक्षपातपूर्ण रही, प्रभावित लोगों की आपत्तियों को ठीक से दर्ज नहीं किया गया और इसके बावजूद परियोजना को पर्यावरणीय अनुशंसा (EC) दे दी गई, जबकि मामला उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय में लंबित है।

प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि ग्राम सभा की वास्तविक सहमति, पर्यावरण व स्वास्थ्य पर स्वतंत्र जांच, और सभी गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाई जाए। समिति ने चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।