50 हजार के इनामी ने न्यायालय में किया आत्मसमर्पण

*दो माह से कप्तान को तलाश रही थी एसओजी

गोंडा।जिले में पिछले दो महीने से फरार चल रहे 50 हजार के इनामी भूपेन्द्र सिंह उर्फ कप्तान सिंह ने पुलिस को चकमा देते हुए न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया है।बताते चलें कि जिले की एसओजी टीम, नगर कोतवाली पुलिस और यूपी एसटीएफ उसकी तलाश कर रही थी।न्यायालय ने आरोपी भूपेंद्र सिंह उर्फ़ कप्तान सिंह को वर्ष 2023 में नगर कोतवाली क्षेत्र में हुए मारपीट के एक मामले में न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।आरोपी कप्तान सिंह पर पहले से ही जिले के कौड़िया थाने से 25 हजार रूपए का इनाम घोषित था।जब उसकी गिरफ्तारी नहीं हो पाई तो पुलिस महानिरीक्षक देवीपाटन मंडल अमित कुमार पाठक ने बीते 10 नवंबर को उसके ऊपर 50 हजार रूपए का इनाम घोषित किया।50 हजार रुपए का इनाम घोषित होने के बाद उसकी गिरफ्तारी के लिए यूपी एसटीएफ को भी लगाया गया था।जिले की एसओजी टीम और नगर कोतवाली पुलिस भी लगातार उसकी तलाश में लगी हुई थी।भूपेन्द्र सिंह उर्फ कप्तान सिंह नगर कोतवाली और खरगूपुर थाने में दर्ज कई अन्य मुकदमों में फरार चल रहा था।उसके खिलाफ जिले के विभिन्न थानों  में तीन दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज हैं,जिनमें लूट, डकैती, मारपीट और गोली मारने जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।उसे जिले का एक कुख्यात बदमाश माना जाता है,जो जेल से छूटने के बाद लगातार आपराधिक घटनाओं को अंजाम देता रहा है।फिलहाल गोंडा पुलिस मामले की आगे की जांच में जुटी हुई है।वहीं पुलिस क्षेत्राधिकारी आनन्द राय ने बताया कि आरोपी ने न्यायालय में आत्मसमर्पण किया है जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।वर्ष 2023 में नगर कोतवाली में दर्ज एक मुकदमे में उसने आत्मसमर्पण किया है और फिलहाल जिले की नगर कोतवाली व खरगूपुर थाने की पुलिस भी फरार चल रहे मुकदमे में पूरे मामले को देखते हैं लेकर के जांच कर रही है।
यूपी कोआपरेटिव बैंक घोटाले की जांच तेज,2021 से 2024 के लोन खातों की मांगी डिटेल
*शाखा प्रबंधक को चेतावनी

गोंडा।यूपी कोआपरेटिव बैंक बड़गांव शाखा में हुए 21 करोड़ रूपए के घोटाले की जांच तेज कर दी गई है।नगर कोतवाली के अपराध निरीक्षक व मामले के विवेचक सभाजीत सिंह ने बैंक के शाखा प्रबंधक भुवन चंद्र सती को नोटिस जारी कर जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया है।विवेचक सभाजीत सिंह ने शाखा प्रबंधक से 2021 से 2024 तक के सभी लोन खातों और उनसे हुए लै लेनदेन की प्रमाणित विस्तृत जानकारी  मांगी है। इसमें आडिट रिपोर्ट, अप्रेजल रिपोर्ट,ऋण लेने के लिए रजिस्ट्री कागजात,खाताधारकों के स्टेटमेंट और बैंक के आंतरिक खातों से निकाली गई धनराशि और उसके गंतव्य से संबंधित स्टेटमेंट शामिल हैं।इसके अतिरिक्त वर्ष 2021 से 2034 तक बैंक में शाखा प्रबंधक, कैशियर और लोन विभाग में तैनात रहे अधिकारियों और कर्मचारियों की भी जानकारी मांगी गई है।इसमें उनके नाम, पति का नाम और मोबाइल नंबर सहित पूरी डिटेल शामिल है,जिससे जांच को सही दिशा मिल सके।इस घोटाले में नामजद 15 अन्य आरोपियों के खिलाफ भी नगर कोतवाली पुलिस ने जांच शुरू कर दिया है।पुलिस का कहना है कि जल्द ही इन सभी आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जाएगा।विवेचक सभाजीत सिंह ने बताया कि पूर्व शाखा प्रबंधक पवन पाल सिंह को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है तथा अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें लगी हुई हैं।उन्होंने यह भी संकेत दिया कि वर्तमान प्रबंधक से मिले दस्तावेजों के आधार पर जांच में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।इसके साथ ही साथ उन खाताधारकों से पूछताछ करने की तैयारी में नगर कोतवाली पुलिस जुटी हुई है जो जांच के दायरे में आए हैं।
पहले अपनी मीट फैक्ट्री देखें संगीत सोम- योगेश प्रताप सिंह
*संगीत सोम के बयान पर किया पलटवार

गोंडा।संगीत सोम अखिलेश यादव पर बयान देने से पहले अपनी मीट फैक्ट्री देखें।यह बयान प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री व समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता योगेश प्रताप सिंह ने एक कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बात करते हुए दिया।श्री सिंह ने काशी में तोड़फोड़ व प्रयागराज में शंकराचार्य विवाद पर भी सरकार को घेरा।भाजपा नेता संगीत सोम द्वारा अखिलेश यादव पर दिये गये बयान पर पलटवार करते हुए पूर्व मंत्री ने कहा कि वे संगीत सोम जैसे लोगों पर बयान देना उचित नहीं समझते।उन्होंने कहा कि संगीत सोम अपनी गाय कटती हुई फैक्ट्री पहले देख लें।योगेश प्रताप सिंह ने संगीत सोम को अपना अच्छा मित्र बताते हुए कहा कि जब मैं सपा सरकार में मंत्री था उस समय संगीत सोम मेरे साथ विधायक थे और अब चुनाव हारने के बाद लाइम लाइट में रहने के लिए उनका इस तरह बयान देना शोभा नहीं देता है।काशी में कथित तोड़फोड़ को लेकर सपा नेता ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि एआई से इस तरह से टूटी हुई मूर्ति नहीं बन सकती।उन्होंने पंडित वीरभद्र मिश्र के हवाले से कहा कि काशी का अर्थ है, कंकड़ कंकड़ में शंकर और शंकर के वास को जिस तरह से तोड़ा गया है,वह उसकी निंदा करते हैं।प्रयागराज में शंकराचार्य से हुए विवाद पर उन्होंने कहा कि  इसे भी एआई जनरेटेड कहा जा रहा है।पूर्व मंत्री ने कहा कि मौनी अमावस्या पर स्नान करने गये शंकराचार्य को स्नान नहीं करने दिया गया और सादी वर्दी में मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें धक्का देकर हटा दिया।श्री सिंह ने इस घटना को भारतीय जनता पार्टी के बहुरूपियेपन का परिणाम बताया।पूर्व मंत्री ने चेतावनी देते हुए कहा कि जो लोग इस समय सत्ता के मद में चूर हैं,उनके लिए आने वाला समय कतई अच्छा नहीं होगा।पूर्व मंत्री योगेश प्रताप सिंह ने कहा कि संगीत सोम को समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी ने ही चुनाव हरवाया है।पहले वह 8 से 9 फैक्ट्रियों का जवाब दें जहाँ गाय कटती है,जहाँ से भैंस कटती है,जहाँ से मीट का एक्सपोर्ट होता है।पहले उसका जवाब दें उसके बाद अखिलेश यादव के बारे में बात करें क्योंकि अखिलेश यादव अब उनकी सीमा से बाहर जा चुके हैं।अब अखिलेश यादव की गिनती देश के तीन बड़े नेताओं में होती है।उन्होंने कहा कि जो मीट की फैक्ट्री इनके भाई के नाम है उसमें संगीत सोम और उनकी पत्नी डायरेक्टर हैं।
मधुमक्खी सामने आने से अनियंत्रित हो खाई में पल्टी कार,चालक समेत 3 घायल
प्राथमिक उपचार के बाद मेडिकल कॉलेज रिफर

गोंडा।जिले के कटरा बाज़ार थाना क्षेत्र अंतर्गत तिलका मोड़ के पास देर शाम एक कार अनियंत्रित होकर खाई में पलट गई।इस हादसे में कार चालक अंकित (28) गंभीर रूप से घायल हो गया।घटना के समय मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने खाई में जाकर कार के अंदर से अंकित को निकाला और उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कटरा बाज़ार ले गए।जहाँ  उसकी गंभीर हालत को देखते हुए डाक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद गोंडा मेडिकल कॉलेज रिफर कर दिया।वहीं कार में सवार अन्य दो लोगों को मामूली चोटें आई हैं।यह घटना शाम लगभग 6.30 बजे उस समय हुई जब कार गोंडा से कटरा बाज़ार जा रही थी।रास्ते में अचानक मधुमक्खियों का झुंड सामने आने से तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरी।राहगीरों ने तत्काल इसकी सूचना कटरा बाज़ार पुलिस को दिया तथा मौके पर एंबुलेंस बुलाई गई और घायल अंकित को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कटरा बाज़ार ले जाया गया।प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए गोंडा मेडिकल कॉलेज रिफर कर दिया गया।बताया जा रहा है कि घायल अंकित अंबेडकर चौराहा स्थित शांति हॉस्पिटल में काम करता है और अपने दो साथियों के साथ स्विफ्ट डिजायर कार से कटरा बाज़ार जा रहा था।कटरा बाजार थाने की पुलिस ने घायल अंकित के परिजनों को घटना की सूचना दी।कार में सवार अन्य दो लोगों का इलाज कटरा बाज़ार सीएचसी में किया गया।कटरा बाजार थानाध्यक्ष विवेक त्रिवेदी ने बताया कि तीनों लोग एक ही गाड़ी से गोंडा से कटरा बाज़ार जा रहे थे मधुमक्खियों के सामने आ जाने से कार अनियंत्रित हो कर खाई में पलट गई,जिसमें चालक को गंभीर चोटें आई हैं।पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
डिलीवरी के बाद महिला की बिगड़ी तबियत,इलाज के लिए लाते समय रास्ते में हुई मौत
*परिजनों ने किया हंगामा

गोंडा।जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र करनैलगंज में डिलीवरी के बाद इलाज के लिए ले जाते समय एक महिला की रास्ते में मौत हो गयी।करनैलगंज कोतवाली क्षेत्र के पाल्हापुर गांव निवासी संदीप कुमार ने अपनी पत्नी नीलू(28) को डिलीवरी के लिए सीएचसी करनैलगंज में भर्ती कराया था।शुक्रवार अपरान्ह लगभग दो बजे नीलू ने सामान्य डिलीवरी से बच्चे को जन्म दिया और बच्चे के जन्म के बाद से ही नीलू की हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी।परिजनों का आरोप है कि सीएचसी करनैलगंज के डाक्टरों और कर्मचारियों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए रिफर नहीं किया और न ही उचित इलाज प्रदान किया।दोपहर लगभग तीन बजे जब नीलू की तबियत ज्यादा खराब हुई तो कर्मचारियों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए जिला महिला अस्पताल रिफर कर दिया।एंबुलेंस से जिला महिला अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही नीलू की मौत हो गई और जिला महिला अस्पताल पहुंचने पर डाक्टरों ने नीलू को मृत घोषित कर दिया।मृतका नीलू के पति संदीप कुमार ने आरोप लगाया कि उनकी पत्नी का पल्स लगातार गिर रहा था,लेकिन डाक्टरों ने सही इलाज नहीं किया और जब तबियत ज्यादा बिगड़ी तब रिफर किया,जिससे रास्ते में उसकी मौत हो गयी।परिजनों ने इस पूरे मामले में लापरवाह सीएचसी करनैलगंज के कर्मचारियों और डाक्टरों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।बताया जा रहा है कि नीलू की शादी संदीप कुमार के साथ 2 मार्च 2025 को हुई थी और यह उनका पहला बच्चा था।महिला अस्पताल के सीएमएस डॉक्टर देवेंद्र सिंह ने बताया कि उनके अस्पताल में इलाज के दौरान कोई मौत नहीं हुई है।नीलू को यहां मृत अवस्था में लाया गया था।उनकी डिलीवरी सीएचसी करनैलगंज में हुई थी।वहीं जब इस मामले में सीएचसी अधीक्षक से बात करने का प्रयास किया गया तो उनके मोबाइल फोन नहीं उठा।
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के अंतर्गत भव्य कार्यक्रम का किया गया आयोजन


*प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के अंतर्गत जनपद के 414 लाभार्थियों को मिला 1 लाख रुपये की धनराशि के साथ स्वीकृति पत्र*

*गोण्डा 18 जनवरी,2026*
जिला पंचायत सभागार में डूडा (जिला नगरीय विकास अभिकरण) विभाग द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के अंतर्गत भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का उद्देश्य शहरी क्षेत्र के पात्र लाभार्थियों को आवास उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को साकार करना था।
इस अवसर पर जनपद के कुल 414 लाभार्थियों को योजना के अंतर्गत स्वीकृति प्रमाण पत्र वितरित किए गए। साथ ही कार्यक्रम के दौरान सिंगल क्लिक के माध्यम से प्रत्येक लाभार्थी के बैंक खाते में ₹1,00,000 (एक लाख रुपये) की प्रथम किस्त की धनराशि सीधे अंतरित की गई। इस प्रक्रिया ने पारदर्शिता और त्वरित लाभ हस्तांतरण को सुनिश्चित किया।
कार्यक्रम में
विधायक तरबगंज श्री प्रेम नरायन पाण्डेय,  विधायक करनैलगंज श्री अजय सिंह, मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती अंकिता जैन, अपर जिलाधिकारी श्री आलोक कुमार, उपजिलाधिकारी करनैलगंज / परियोजना अधिकारी डूडा गोण्डा सुश्री नेहा मिश्रा, तथा महामंत्री भाजपा श्री राकेश तिवारी की गरिमामयी उपस्थिति रही। सभी अतिथियों ने दीप प्रज्जवलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
अपने संबोधन में जनप्रतिनिधियों ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 का उद्देश्य “सबके लिए आवास” के संकल्प को साकार करना है। यह योजना शहरी गरीबों, कमजोर वर्गों एवं जरूरतमंद परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराकर उनके जीवन स्तर में सुधार लाने का कार्य कर रही है। उन्होंने लाभार्थियों से आवास निर्माण में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने और धनराशि का सदुपयोग करने की अपील की।

मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती अंकिता जैन ने बताया कि शासन की मंशा के अनुरूप पात्र लाभार्थियों का चयन पूरी पारदर्शिता के साथ किया गया है और आगे भी समयबद्ध तरीके से शेष किस्तों का भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। परियोजना अधिकारी डूडा सुश्री नेहा मिश्रा ने योजना की प्रगति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विभाग द्वारा निरंतर निगरानी कर आवास निर्माण कार्य को गति दी जा रही है।
इस अवसर पर शहर मिशन प्रबंधक अंशिका श्रीवास्तव, म्युनिसिपल सिविल इंजीनियर सीएलटीसी विनय कुमार सहित अन्य सभी संबंधित उपस्थित रहे।
मानव तस्करी की रोकथाम हेतु थाना कोतवाली नगर क्षेत्र में चलाया गया “ऑपरेशन रक्षा” अभियान

गोण्डा। अपर पुलिस महानिदेशक, महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन, उ0प्र0, लखनऊ के आदेशानुसार मानव तस्करी की रोकथाम, महिलाओं एवं बालिकाओं के संरक्षण, रेस्क्यू, विधिक कार्यवाही एवं पीड़ितों के पुनर्वास हेतु 15 दिवसीय “ऑपरेशन रक्षा” अभियान के दौरान आज दिनांक 19.01.2026 को पुलिस अधीक्षक गोण्डा  विनीत जायसवाल के निर्देशन में श्रीमान अपर पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी)  राधेश्याम राय एवं  क्षेत्राधिकारी सदर  शिल्पा वर्मा के कुशल निर्देशन में थाना कोतवाली नगर क्षेत्रांतर्गत संचालित स्पा सेंटरों, मसाज पार्लरों एवं होटलों में विशेष अभियान चलाकर चेकिंग की गई। चेकिंग के दौरान किसी प्रकार की कोई अवांछनीय गतिविधि प्रकाश में नहीं आई। साथ ही संबंधित संचालकों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया गया कि भविष्य में किसी भी प्रकार की शिकायत या अवैध गतिविधि पाए जाने पर उनके विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।

इस अभियान के दौरान एएचटीयू प्रभारी लाल बिहारी मय टीम, एसजेपीयू प्रभारी  प्रियंका मिश्रा, म०आ० अमिता पटेल तथा अपराजिता सामाजिक संगठन से आत्रेय त्रिपाठी एवं चाइल्ड लाइन गोण्डा से  मुकेश भारद्वाज उपस्थित रहे।
एलबीएस कॉलेज में संपन्न हुई वाद-विवाद प्रतियोगिता
गोंडा, 19 जनवरी। शास्त्री पखवाड़ा के अंतर्गत गतिमान प्रतियोगिताओं में आज श्री लाल बहादुर शास्त्री डिग्री कॉलेज में "देश का युवा वर्ग प्रगति कर रहा है" विषय पर वाद-विवाद प्रतियोगिता संपन्न हुई। प्रतियोगिता के संयोजक प्रो. मंशाराम वर्मा ने प्रतिभागियों को प्रतियोगिता के नियमों से अवगत कराया। कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य प्रो. बी.पी. सिंह ने सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए विजयी प्रतिभागियों को बधाई दी। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि वाद-विवाद प्रतियोगिता से चिंतन-शक्ति, ग्रहण-शक्ति, समावेशिता के विकास के साथ ही अपने पक्ष को प्रस्तुत करने की प्रविधि के साथ तार्किक शक्ति का विकास होता है।
प्रो. जयशंकर तिवारी, डॉ. पुष्यमित्र मिश्र और डॉ. संतोष कुमार श्रीवास्तव ने निर्णायक की भूमिका का निर्वहन किया।
आयोजित प्रतियोगिता में पक्ष में भूमि दूबे, दीप्ति और हर्ष कुमार साहू ने प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त किया। विपक्ष में दृष्टि श्रीवास्तव, मिलिंद मिश्र और संदीप तिवारी ने प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. हरीश कुमार शुक्ल ने किया। इस अवसर पर डॉ. परवेज़ खान, श्रवण कुमार, शंकर दयाल इत्यादि उपस्थित रहे।
एक दर्जन से अधिक उपनिरीक्षकों के कार्यक्षेत्र बदले गये,आर्यनगर व तिवारी बाजार चौकी प्रभारी हटाए गए

गोंडा।पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने देर रात कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से 16 उपनिरीक्षकों के कार्यक्षेत्र में बड़ा फेरबदल किया है।इस फेरबदल में आर्यनगर और तिवारी बाजार चौकी प्रभारियों को लापरवाही के आरोप में हटा दिया गया है,जबकि कई नए प्रभारियों की नियुक्ति की गयी है।लापरवाही के आरोप में हटाए गए आर्यनगर चौकी प्रभारी अरुण द्विवेदी को थाना उमरीबेगमगंज भेजा गया है,इसी तरह तिवारी बाजार चौकी प्रभारी अमरनाथ को भी थाना उमरीबेगमगंज स्थानांतरित किया गया है।

इस फेरबदल में अजय कुमार सिंह को बड़गांव चौकी प्रभारी तो गोलू तिवारी को दुबहा बाजार चौकी का प्रभारी बनाया गया है।राजीव कनौजिया को आर्यनगर व उदित कुमार वर्मा को तिवारी बाजार चौकी की बागडोर सौंपी गई है।शिवकुमार यादव को हथियागढ़ चौकी इंचार्ज बनाया गया है।अन्य तबादलों में रुद्रावती को महिला थाने से पुलिस लाइन भेजा गया है।तेज नारायण गुप्ता को देहात कोतवाली,अखिलेश सिंह को न्यायालय सम्मन सेल और इबरार अहमद को नवाबगंज थाना भेजा गया है।विनोद कुमार सिंह को पुलिस लाइन व विनय कुमार सिंह को थाना कोतवाली देहात,संजय कुमार पांडेय को थाना खरगूपुर,अरविंद कुमार सिंह को छपिया तथा राकेश कुमार गुप्ता को मोतीगंज थाने पर भेजा गया है।

पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल को तिवारी बाजार चौकी प्रभारी अमरनाथ के विरुद्ध शिकायतों को सुनने और उनके समाधान में लगातार लापरवाही बरतने की शिकायतें मिल रही थीं,जिसके बाद उन पर कार्रवाई की गई।आर्यनगर चौकी प्रभारी अरुण कुमार द्विवेदी के खिलाफ भी कार्य के प्रति लापरवाही की शिकायतें मिली थीं।पुलिस अधीक्षक ने सभी स्थानांतरित पुलिस कर्मियों को तत्काल अपने अपने थानों और चौकियों पर पहुंचकर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिये हैं।उन्होंने फरियादियों की समस्याओं को सुनकर उनका तत्काल निस्तारण करने और किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने का निर्देश भी दिया है।उन्होंने यह भी निर्देश दिया है कि यदि कहीं भ्रष्टाचार की शिकायत मिली तो उस पर भी तत्काल कार्यवाही की जाएगी।
जांच टीम को मेडिकल कॉलेज में नहीं मिले चूहे- डाक्टर संदीपा श्रीवास्तव
*शासन को सौंपी जाएगी रिपोर्ट

गोंडा।मेडिकल कॉलेज में चूहों के वायरल वीडियो के मामले में गठित उच्चस्तरीय जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि निरीक्षण के दौरान उन्हें कहीं भी नहीं मिले।समिति की अध्यक्ष और चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण महानिदेशक डाक्टर संदीपा श्रीवास्तव ने यह जानकारी दी है।बताते चलें कि बीते दिनों गोंडा मेडिकल कॉलेज में चूहों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था,इसके बाद शासन ने मामले की जांच के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया था।जांच टीम ने मेडिकल कॉलेज पहुंचकर नए व पुराने दोनों भवनों के सभी वार्डों का गहन निरीक्षण किया है।डाक्टर संदीपा श्रीवास्तव ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि उन्हें पुराने वार्डों या नई बिल्डिंग में कहीं भी कोई चूहा नहीं मिला।उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी मरीज ने उनसे चूहों के मिलने की शिकायत नहीं किया है।डाक्टर श्रीवास्तव ने बताया कि जांच टीम में दो मेडिकल कालेज के प्रिंसिपल और चिकित्सा शिक्षा निदेशालय के एक डाक्टर शामिल थे।उन्होंने कहा कि टीम को शासन के आदेश पर यहां जांच के लिए भेजा गया था।निरीक्षण के दौरान टीम को कहीं भी चूहों से संबंधित शिकायत नहीं मिली है।समिति अपनी जांच रिपोर्ट शासन को सौंपेगी जिसके बाद शासन के निर्देशानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने नई बिल्डिंग को काफी अच्छा बताया है।बताते चलें कि बीते दिनों जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने भी नई और पुरानी बिल्डिगों का निरीक्षण किया था और पुरानी बिल्डिंग के सभी वार्डों को नई बिल्डिंग में 15 दिन में शिफ्ट करने के लिए निर्देश दिया था।ऐसे में शासन स्तर द्वारा गठित कमेटी ने भी इस बात की जांच की है कि नई बिल्डिंग में पुरानी बिल्डिंग के वार्डों को शिफ्ट किया जाना कितना सही रहेगा