रायपुर में दाऊ अग्रवाल समाज का 50वां अधिवेशन, राष्ट्रीय कवि सम्मेलन का होगा आयोजन

रायपुर- छत्तीसगढ़ी दाऊ अग्रवाल समाज का 50वां वार्षिक अधिवेशन 18 जनवरी 2026 को बूढ़ा तालाब स्थित सरदार बलबीर जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित किया जाएगा। इस स्वर्ण जयंती अधिवेशन में प्रदेश के लगभग 22 जिलों से करीब 5,000 समाजजन शामिल होंगे।

समाज के केंद्रीय अध्यक्ष अनुराग अग्रवाल ने बताया कि करीब 400 वर्ष पहले, वर्ष 1627 में मुगल शासक शाहजहां के अत्याचारों से त्रस्त होकर अग्रवाल समाज के पूर्वज छत्तीसगढ़ आए और यहां की संस्कृति, परंपराओं व त्योहारों को अपनाकर स्वयं को छत्तीसगढ़िया बनाया। उन्होंने छत्तीसगढ़ से जो कुछ भी पाया, उसे प्रदेश के विकास में समर्पित किया। शिक्षा, स्वास्थ्य, धार्मिक एवं सामाजिक संस्थानों के निर्माण के माध्यम से अग्रवाल समाज ने छत्तीसगढ़ के विकास में उल्लेखनीय योगदान दिया है। इन्हीं सेवाओं के कारण छत्तीसगढ़ की जनता ने समाज को स्नेहपूर्वक “दाऊ” की उपाधि दी।

उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ के पृथक राज्य बनने से पहले ही अग्रवाल समाज ने संगठित होकर प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए कार्य करना शुरू कर दिया था। समाज का उद्देश्य सदैव सामाजिक-सांस्कृतिक समरसता को मजबूत करना और छत्तीसगढ़ के विकास में सक्रिय भूमिका निभाना रहा है। इसी क्रम में इस वर्ष अधिवेशन के अवसर पर सामाजिक समरसता को समर्पित एक राष्ट्रीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया है।

इस कवि सम्मेलन में छत्तीसगढ़ में निवासरत आदिवासी, तेली, कुर्मी, यादव, सोनकर, निषाद सहित सभी छत्तीसगढ़ी समाजों तथा अन्य राज्यों से आकर छत्तीसगढ़ को कर्मभूमि बनाने वाले समाजजनों को आमंत्रित किया जाएगा। कार्यक्रम में सामाजिक समरसता, वानप्रस्थ (वृद्धाश्रम) निर्माण, यातायात एवं स्वास्थ्य जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।

इस भव्य आयोजन में मुख्य अतिथि पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह होंगे। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा एवं अरुण साव, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव, रायपुर महापौर सहित शहर के विधायकगण भी शामिल होंगे।

छत्तीसगढ़ी अग्रवाल समाज केंद्रीय समिति द्वारा आयोजित इस 50वें स्वर्ण समागम के अवसर पर एक भव्य साहित्यिक संध्या का भी आयोजन किया गया है। राष्ट्रीय कवि सम्मेलन में डॉ. शशिकांत यादव, वीर रस के प्रसिद्ध कवि डॉ. हरिओम पवार (मेरठ), हास्य कवि शंभु शिखर (बिहार), पैरोडीकार पार्थ नवीन (प्रतापगढ़), गीतकार रमेश विश्वहास, कवयित्री योगिता चौहान (आगरा) और छत्तीसगढ़ के कवि भरत द्विवेदी अपनी प्रस्तुति देंगे। यह साहित्यिक संध्या 18 जनवरी 2026, रविवार को शाम 6:30 बजे से सरदार बलबीर जुनेजा इंडोर स्टेडियम, बूढ़ा तालाब, रायपुर में आयोजित होगी।

छत्तीसगढ़ी अग्रवाल समाज ने सभी साहित्य प्रेमियों और नागरिकों को इस ऐतिहासिक व यादगार आयोजन में सादर आमंत्रित किया है।

पतंगबाजी से किया ऋतु परिवर्तन का आगाज, साई कॉलेज में मनाया गया मकर संक्रांति

अम्बिकापुर- श्री साई बाबा आदर्श स्नातकोत्तर महाविद्यालय में बुधवार को कल्चरल कमेटी के तत्वावधान में मकर संक्रांति मनायी गयी। इस अवसर पर प्राध्यापक और विद्यार्थियों ने तिल के लड्डू, गजक के साथ खिचड़ी का आनन्द लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए प्राचार्य डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने कहा कि यह पर्व ऋतु परिवर्तन के साथ बसंत के आगमन का है। बसंत के आने के साथ ही नई ऊर्जा और फागुनी बहार शुरू हो जाती है। उन्होंने सभी को मंकर संक्रांति की बधाई दी।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने मकर संक्रांति के गीत प्रस्तुत किये। मादर की थाप पर छत्तीसगढ़ी की तान सुनने को मिली। भांगड़ा की प्रस्तुति ने लोहड़ी को जीवंत कर दिया।

मंकर संक्राति पर आयोजित पतंग प्रतियोगिता में महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने भाग लिया। डोर पर सवार पतंग आसमान की ऊंचाई को छू रही थीं तो विविध रंगों और कार्टून से आकाश रंगीन हो गया।

कल्चरल प्रभारी डॉ. जसप्रीत, डॉ. जगमीत कौर, डॉ. अलका पांडेय के साथ प्राध्यापक और विद्यार्थियों ने सहयोग किया।

कार्यक्रम के दौरान एनईपी प्रभारी डॉ. आर.एन शर्मा, लाइफ साईंस के अध्यक्ष अरविन्द तिवारी, कम्प्यूटर एंड आईटी के अध्यक्ष डॉ. विवेक कुमार गुप्ता, शिक्षा विभाग के अध्यक्ष डॉ. दिनेश शाक्य, फिजीकल साईंस विभाग के अध्यक्ष डॉ. शैलेष देवांगन, वाणिज्य एवं प्रबंध विभाग के अध्यक्ष राकेश कुमार सेन तथा सभी प्राध्यापक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।

राष्ट्रीय युवा दिवस पर स्वामी विवेकानंद जयंती का आयोजन, उनके जीवन दर्शन से विद्यार्थियों को कराया गया परिचय

अम्बिकापुर- बालक नरेन्द्रनाथ से विवेकानन्द बनने के बाद भारतीय ज्ञान के दूत, दैवीय वक्ता, ज्ञान के आनन्द, राष्ट्रप्रेमी संत, योद्धा संन्यासी जैसे विभूषण भी स्वामी जी के लिए छोटे पड़ जाते हैं। यह बातें सोमवार को राष्ट्रीय युवा दिवस के उपलक्ष्य पर स्वामी विवेकान्द जयंती के अवसर पर श्री साई बाबा आदर्श स्नातकोत्तर महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना एवं स्वीप के तहत आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्राचार्य डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने कही। उन्होंने स्वामी जी की 163वीं जयंती के अवसर पर कहा कि स्वामी विवेकानन्द जब शिकागो धर्म सम्मेलन को सम्बोधित करने के बाद भारत लौटे और देश का भ्रमण किया तो वह विद्वान से विद्यावान बन चुके थे। उन्होंने जब बहनो और भाइयो का सम्बोधन किया तो पूरी दुनिया एक परिवार का रूप चुकी थी। वसुधैव कुटुम्बकम् का संदेश पहुंच चुका था। डॉ. श्रीवास्तव ने कहा कि विवेकानन्द ने भागवत गीता के तथ्यों को आध्यात्मिक कलेवर में सिखाया जो जीवन दर्शन है।

इससे पहले अतिथियों ने मां सरस्वती, स्वामी विवेकानन्द और श्री साईनाथ की तस्वीर पर माल्यार्पण तथा दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयं सेवकों ने बैच लगा कर स्वागत किया तथा प्रेरणागीत प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए स्वीप नोडल अधिकारी डॉ. अजय कुमार तिवारी ने कहा कि स्वामी जी का जीवन बहुत ही छोटा 39 वर्षों का था जिसमें उन्होंने मानवता की सेवा किया। उनका छोटा जीवन बड़ा संदेश देता है। उनके जीवन में खेतड़ी के महाराजा अजीत सिंह का बड़ा सहयोग रहा। उन्होंने स्वामी जी के शिकागो यात्रा के लिये धन दिया और विवेकानन्द नाम भी दिया। महाराजा अजीत सिंह ने उन्हें एक पगड़ी भेंट किया जो अविस्मरणीय है। अल्लसिंगा पेरूमल और रामनाद के राजा भास्कर सेतुपति स्वामी जी का सहयोग करते रहे। डॉ. तिवारी ने कहा कि भारतीय ज्ञान परम्परा में शिष्य गुरू के नाम से और गुरू-शिष्य के नाम से जाना जाये, यह दुर्लभ है। स्वामी रामकृष्ण परमहंस और स्वामी विवेकानन्द इसी के पर्याय हैं।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए एनईपी के नोडल अधिकारी डॉ. आर.एन. शर्मा ने कहा कि भारतीय ज्ञान परम्परा और आध्यामिकता को स्वामी जी ने वैश्विक मंच पर लाया। उन्होंने भारतीय विरासत, ज्ञान और आध्यात्मिक जीवन से दुनिया को अवगत कराया। डॉ. शर्मा ने रोम्या रोलां के संस्मरण से अवगत कराया। कार्यक्रम के दौरान एनएसएस की स्वयं सेवक शानू रानी तिर्की, सृंखला गोरे और गौरी यादव ने स्वामी विवेकानन्द के जीवन दर्शन से अवगत कराया।

इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने नशा से मुक्ति के लिए सभी प्राध्यापक और विद्यार्थियों को शपथ दिलायी। उन्होंने हरी झंडी दिखा कर भारत संकल्प दौड़ को रवाना किया। स्वयं सेवक और विद्यार्थियों ने दौड़ में सहभागिता कर देश की एकता को मजबूत किया।

कार्यक्रम का संचालन अनुष्का सिंह परिहार और अदिति भारतीय ने किया तथा सहायक प्राध्यापक कृष्णाराम चौहान ने सभी का आभार प्रकट किया।

कार्यक्रम के दौरान आईक्यूएसी समन्वयक डॉ. शैलेष देवांगन, कम्प्यूटर एंड आईटी के विभागाध्यक्ष डॉ. विवेक कुमार गुप्ता, शिक्षा विभाग के अध्यक्ष डॉ. दिनेश शाक्य, सहायक प्राध्यापक सुमन मिंज तथा सभी प्राध्यापक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।

विश्व की तीसरी सबसे बड़ी भाषा हिन्दी, साई कॉलेज में मनाया गया विश्व हिन्दी दिवस

अम्बिकापुर- देवनागरी लिपी की वैज्ञानिकता और हिन्दी की सरलता, सहजता से उसको प्रसार मिला है। हिन्दी हमारी जीवनचर्या की भाषा है। यह बातें शनिवार को श्री साई बाबा आदर्श स्नातकोत्तर महाविद्यालय में विश्व हिन्दी दिवस के उपलक्ष्य पर प्राचार्य डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने कही। उन्होंने कहा कि हिन्दी विश्व की तीसरी सबसे बड़ी आबादी द्वारा बोले जाने वाली प्रथम भाषा है। उन्होंने कहा कि हिन्दी साहित्य में उच्चारण, लेखन और वाचन में साम्यता है जो बोला जायेगा, वही लिखा जायेगा और जो लिखा है उसी का पाठ होगा। उन्होंने कहा कि हिन्दी को अपने व्यवहार और जीवन में लाना होगा।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए डॉ. अजय कुमार तिवारी ने कहा कि हिन्दी वैश्विक भाषा बन चुकी है। वैश्विक भाषा बनाने में सम्पर्क भाषा, अनुवाद का सबसे बड़ा योगदान रहा है। हिन्दी को मैथिली, अवधी, भोजपुरी, ब्रज, राजस्थानी, मारवाड़ी, बघेलखंडी, छत्तीसगढ़ी से मजबूती मिलती है। बोलियों से हिन्दी को साहित्य का संसार मिला है।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए शिक्षा विभाग के अध्यक्ष डॉ. दिनेश शाक्य ने कहा कि बहुभाषी होना अच्छी बात है लेकिन विदेशी भाषा के लिए अपनी हिन्दी को द्वितीय पायदान पर नहीं रखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि बच्चों में भाषा के प्रति संस्कार डालना होगा।

कार्यक्रम का संचालन करते हुए हिन्दी के सहायक प्राध्यापक देवेन्द्र दास सोनवानी ने कहा कि साहित्य में संवेदना, ममता, प्रेम, मानवता है। आप जब कहानी, कविता, उपन्यास से रू-ब-रू होते हैं तो भारतीय संस्कृति के वाहक बनते हैं। हिन्दी साहित्य की चुनिंदा कहानी और उपन्यास के लिए उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान किया। पूस की रात, टोबा टेकसिंह, काबूलीवाला, उसने कहा था, टोकरी भर मिट्टी, कफन, वापसी, चीफ की दावत आदि कहानियों के कथ्य और तथ्य से अवगत कराया। सहायक प्राध्यापक कृष्णाराम चौहान ने वक्ताओं का आभार प्रकट किया।

कार्यक्रम के दौरान आईक्यूएसी समन्वयक डॉ. शैलेष देवांगन, डॉ. वंदना पांडेय, डॉ. जगमीत कौर, स्वाति शर्मा, संजय कुमार तथा सभी विद्यार्थी उपस्थित रहे।

श्री साई बाबा महाविद्यालय के विद्यार्थियों का 12 दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण संपन्न, ऐतिहासिक-आध्यात्मिक धरोहरों से हुए रूबरू

अम्बिकापुर- श्री साई बाबा आदर्श स्नातकोत्तर महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने अहमदाबाद, दीव, आगरा और मथुरा का 12 दिवसीय विशेष शैक्षणिक भ्रमण कर लौट आये। प्राचार्य डॉ. राजेश श्रीवास्तव के नेतृत्व में विद्यार्थियों ने अहमदाबाद में साईंस सिटी में नेचर पार्क, वेस्ट मैनेजमेंट सेन्टर, एनर्जी पार्क का भ्रमण किया। इस दौरान स्पेस टेक्नोलॉजी, गगनयान, चंद्रयान की विशेषताओं से अवगत हुए। विद्यार्थियों ने साबरमती आश्रम में महात्मा गांधी के जीवन, उनके संस्मरण और उनसे सम्बंधित वस्तुओं तथा संग्रहालय को देखा। अटल ब्रिज एवं रिवर प्वाईंट शहर के सौन्दर्य और विकसित भारत का संदेश देता नजर आया। विद्यार्थियों ने गांधी जी की पंसदीदा प्रार्थना प्रस्तुत किया, जिससे परिसर आस्था से सराबोर हो गया। इस दौरान गांधी जी द्वारा उपयोग में लाये गये चरखा का अवलोकन किया। माता कस्तुरबा का कक्ष और रसोई में गांधी जी की यादें दिखीं।

गांधीनगर में डाइनासोर पार्क, बोटेनिकल गार्डन को देख कर सदियों पुरानी सम्भता और वन्यजीवों के प्रति जिज्ञासा बढ़ी। द्वारिका में रूक्मिणी मंंदिर, नागेश्वरनाथ ज्योर्तिलिंग, बेट द्वारिका, गोमती घाट, द्वारिकाधीश मंदिर एवं सोमनाथ ज्योर्तिर्लिंग की मनोहारी छवि स्मृति पटल पर अंकित हो गयी।

दीव में आईएनएस जंगी जहाज एक ओर जहां भारतीय सुरक्षा और मारक क्षमता को दिखा रहा था तो वहीं पुर्तगाली चर्च, फोर्ट सदियों पुरानी विरासत को संजोये दिखा। गंगेश्वर पंच महादेव के दर्शन के बाद समुद्री वादियों से विद्यार्थियों ने मनोरंजन किया। मधोरा के सूर्य मंदिर में ऐतिहासिक विरासों की कलाकृतियां देखने को मिलीं। यहां १०८ मंदिरों की शृंखला सभी को आध्यामिकता का संदेश दिया.

विद्यार्थियों ने आगरा किला को देख कर मुगलिया सल्तनत के भव्य विरासत और आर्किटेक्ट से अवगत हुए तो ताजमहल का दीदार सभी के लिए अविस्मरणीय रहा। दुनिया में सबसे अधिक तस्वीर ली जाने वाली इमारत के सामने विद्यार्थियों ने अपनी स्मृतियों को संजोया। इस दौरान उत्तर प्रदेश पुसिल ने विद्यार्थियों को पर्यटन के दौरान की जाने वाली सावधानी और सुरक्षा के प्रति अवगत कराया।

श्रीकृष्ण की नगरी मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि, द्वारिकाधीश मंदिर, गिरिराज गोवर्धन की परिक्रमा, बरसाना में राधारानी मंदिर, कीर्ति मंदिर, वृन्दावन में बांके बिहारी मंदिर, प्रेम मंदिर, इस्कान मंदिर एवं चारधाम मंदिर में आध्यात्मिका और आस्था से अवगत हुए। शैक्षिक भ्रमण के दौरान ७० विद्यार्थियों के साथ शिक्षा विभाग के अध्यक्ष डॉ. दिनेश शाक्य, संजय कुमार, वन्दना पांडेय, स्वाति शर्मा, डॉ. जगमीत कौर, डॉ. श्रीराम बघेल साथ रहे। 

केटीयूजेएमएए प्रतिनिधिमंडल ने की कुलपति से शिष्टाचार भेंट

रायपुर- नववर्ष पर कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय एलुमनी एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को रायपुर स्थित आयुक्त कार्यालय में केटीयू के कुलपति एवं रायपुर संभाग के आयुक्त महादेव कावरे (आईएएस) से शिष्टाचार भेंट की।

भेंट के दौरान एलुमनी प्रतिनिधिमंडल ने एसोसिएशन की वार्षिक रिपोर्ट-2025 सौपी तथा नववर्ष की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर केटीयूजेएम एलुमनी एसोसिएशन के औपचारिक शुभारंभ को लेकर भी चर्चा की गई, जिसे संभावित रूप से 8 फरवरी 2026 (रविवार) को आयोजित करने का प्रस्ताव रखा गया।

प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय परिसर में एलुमनी एसोसिएशन कार्यालय हेतु एक कक्ष आवंटित किए जाने तथा विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर एलुमनी एसोसिएशन के लिए अनुभाग तैयार किए जाने का अनुरोध करते हुए आवेदन भी सौंपा।

इसके पश्चात एलुमनी सदस्यों ने विश्वविद्यालय परिसर में कुलसचिव सुनील शर्मा, एलुमनी सेल के प्रभारी प्रोफेसर डॉ. आशुतोष मंडावी सहित अन्य प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों से भी मुलाकात की।

एलुमनी प्रतिनिधिमंडल में डॉ. के. एन. किशोर (अध्यक्ष), डॉ. बिचित्रानंद पंडा (महासचिव), विनोद सावंत (कोषाध्यक्ष) तथा सदस्य विक्रम साहू, जयंत रे और तरण मणिकपुरी शामिल थे।

मुख्य कोच सुधीर वर्मा के मार्गदर्शन में 6वीं सीनियर नेशनल मिक्स नेटबॉल चैंपियनशिप में छत्तीसगढ़ ने रजत पदक जीता रजत पदक

रायपुर- 6वीं सीनियर नेशनल मिक्स नेटबॉल चैंपियनशिप में छत्तीसगढ़ टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक जीतकर राज्य का नाम रोशन किया। पूरे टूर्नामेंट के दौरान टीम ने अनुशासन, बेहतरीन तालमेल और सशक्त रणनीति का प्रभावी प्रदर्शन किया।

लीग मुकाबलों में छत्तीसगढ़ ने आंध्र प्रदेश को एकतरफा मुकाबले में 37–1 से हराया। इसके बाद एनसीआर के खिलाफ 26–8 से शानदार जीत दर्ज की। हालांकि पंजाब के विरुद्ध लीग मैच में टीम को 18–22 से करीबी हार झेलनी पड़ी।

क्वार्टर फाइनल में छत्तीसगढ़ ने राजस्थान को 26–13 से पराजित कर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। सेमीफाइनल मुकाबले में टीम ने उत्तर प्रदेश को 18–12 से हराकर फाइनल में जगह बनाई।

फाइनल मुकाबला पंजाब और छत्तीसगढ़ के बीच खेला गया, जिसमें कड़े और रोमांचक संघर्ष के बाद पंजाब ने 27–18 से जीत दर्ज की। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ टीम ने प्रतियोगिता में रजत पदक अपने नाम किया।

छत्तीसगढ़ टीम में ऐश्वर्या पाठक, सोनिया पाठक, प्रीति बंछोर बिजौरा, सरिता यादव, अंजली सोनकर, दीपनजली उत्तम शुक्ला, पूजा नायक, वियोम शर्मा, राहुल रावत और अभिनव श्रीवास्तव शामिल रहे।

टीम ने कोच एवं मैनेजर सुधीर वर्मा के कुशल मार्गदर्शन में यह उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की। इस शानदार सफलता पर टीम के सभी खिलाड़ियों, कोच और मैनेजर को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी जा रही हैं।

 

मदर ऑफ ट्री के संदेशों से सजी गमला प्रतियोगिता, लाइफ साईंस विभाग रहा प्रथम तो दूसरे स्थान पर रहा शिक्षा विभाग

अम्बिकापुर- श्री साई बाबा आदर्श स्नातकोत्तर महाविद्यालय में इको क्लब के तत्वावधान में आयोजित गमला प्रतियोगिता में आपरेशन सिंधूर की दमक तो हरियाली की चमक ने सभी को चकाचौंध कर दिया। मदर ऑफ ट्री की जीवंतता दिखी तो भगवान बुद्ध का शांति संदेश जीवन के पथ पर चलने का संदेश दिया। भगवान गणेश की आस्था को विद्यार्थियों ने गमले पर उकेरा तो देवी की डोली शक्ति की आराधना का संदेश दे रही थी। सरगुजिहा लोक कला ने जहां सरगुजा के सौन्दर्य को दिखाया तो वहीं छत्तीसगढ़ की विरासत ने सभी का मन मोह लिया। आजादी का उत्सव से विकसित भारत का संदेश दिया तो सोशल मीडिया की चकाचौंध में जीवन की सचाई नजर आयी। वरली लोककला से जहां महाराष्ट्र की लोक कला परिलक्षित हुई तो वहीं महिला क्रिकेट विश्वकप विजेता टीम का सौन्दर्य सभी को आधी आबाजी के जीत का जश्न मनाता दिखा। बिरसा मुंडा का जयघोष आदिवासी समाज को एकजुट करता नजर आया तो मनुष्य के डीएनए का इतिहास मानवीय सभ्यता को प्रस्तुत किया। प्रतिभागियों ने गमलों को आयल कलर, वॉटर कलर के साथ म्यूरल कलर को बेहतरीन संयोजन में प्रस्तुत किया।


निर्णायकों ने प्रस्तुति, विषय और संदेश के आधार पर लाइफ साईंस विभाग को प्रथम, शिक्षा विभाग को द्वितीय तथा कम्प्यूटर एंड आईटी तथा कला एवं समाज कार्य विभाग को तीसर स्थान प्रदान किया।

प्रतियोगिता के दौरान सजे गमलों को अवलोकन अतिथि इंदर भगत, प्राचार्य डॉ. राजेश श्रीवास्तव, इको क्लब प्रभारी अरविन्द तिवारी, एनईपी प्रभारी डॉ. आर.एन शर्मा, कम्प्यूटर एंड आईटी विभाग के अध्यक्ष डॉ. विवेक कुमार गुप्ता, शिक्षा विभाग के अध्यक्ष डॉ. दिनेश शाक्य, फिजीकल साईंस विभाग के अध्यक्ष डॉ. शैलेष देवांगन ने किया।

साई कॉलेज में मनाया गया वीर बाल दिवस

अम्बिकापुर- श्री साई बाबा आदर्श स्नातकोत्तर महाविद्यालय में शुक्रवार को वीर बाल दिवस मनाया गया। प्राध्यापक और विद्यार्थिर्यों को सम्बोधित करते हुए प्रभारी प्राचार्य डॉ. शैलेष देवांगन ने कहा कि वीर बाल दिवस सिखों के दसवें गुरू गोविन्द सिंह के साहिबजादों के अविस्मरणीय बलिदान के लिए मनाया जाता है। साहिबजादा अजित सिंह, साहिबजादा जुझार सिंह मुगलों से युद्ध करते हुए शहीद हुए थे। साहिबजादा फतेह सिंह और साहिबजादा जोरावर सिंह के साथ गुरू गोविन्द सिंह की मां गुजरी देवी छिप कर रही थीं। उन्हें मुगल सैनिकों ने खोज लिया। साहिबजादा फतेह सिंह और साहिबजादा जोरावर सिंह पर मुुगलों ने धर्मांतरण का दबाव डाला। साहिबजादा फतेह सिंह और साहिबजादा जोरावर सिंह ने अपने धर्म के लिए सबसे बड़ा बलिदान दिया। मुगलों ने उन्हें जिन्दा दीवार में चुनवा दिया। मुगलों के इस जघन्य कृत्य के बाद मां गुजरी देवी ने प्राण त्याग दिये।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए डॉ. अजय कुमार तिवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने २०२२ में वीर बाल दिवस की शुभारंभ किया। इस दिन वीरता, त्याग और अद्भूत शौर्य के लिए राष्ट्रपति द्वारा बच्चों को पुरस्कृत किया जाता है।कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी देवेन्द्र दास सोनवानी, यूथ रेडक्रॉस सोसायटी के प्रभारी एल.पी. गुप्ता, दीपक तिवारी तथा सभी अधिकारी, कर्मचारी और विद्यार्थी उपस्थित रहे।

प्रभु यीशु ने दिया था प्रेम संदेश, साई कॉलेज में मनाया गया क्रिसमस

अम्बिकापुर- श्री साई बाबा आदर्श महाविद्यालय में मंगलवार को कल्चरल कमेटी के तत्वावधान में प्रभु यीशु का जन्मोत्सव हर्षोल्लास से मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ शासी निकाय के अध्यक्ष विजय कुमार इंगोले, प्रभारी प्राचार्य डॉ. शैलेष कुमार देवांगन ने प्रभु यीशु की तस्वीर पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए विजय कुमार इंगोले ने कहा कि प्रेम का संदेश हमें यीशु मसीह के जीवन से मिलता है। उन्होंने समानता और बंधुत्व का संदेश दिया। विद्यार्थियों का आह्वान करते हुए डॉ. शैलेष ने कहा कि यीशु की शिक्षा और संदेश से एक नये धर्म का प्रारम्भ होता जो हमे मानवता के लिये प्रेरित करता है। इस अवसर पर प्रबंधक, प्राचार्य और प्राध्यापकों के केक काट कर क्रिसमस उत्सव का आगाज किया।

कार्यक्रम के संयोजन में कल्चरल प्रभारी डॉ. जसप्रीत कौर, नीतू सिंह,विभा तिवारी, रौनक निशा, विनिता मेहता ने सहयोग किया। कार्यक्रम का संचालन सहायक प्राध्यापक देवेन्द्र दास सोनवानी ने किया। इस अवसर पर सभी प्राध्यापक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।

जिंगल बेल-जिंगल बेल से गूंजा परिसर

ठंडी हवा चली है, क्रिसमस का मौसम आया है.., जिंगल बेल-जिंगल बेल..., हैप्पी क्रिसमस..., तोर बिना प्रभु के साथ कैरोल की प्रस्तुति शानदार रही।