थाना को0 मनकापुर पुलिस द्वारा दहेज हत्याभियुक्तों को किया गया गिरफ्तार

गोण्डा। पुलिस अधीक्षक गोण्डा विनीत जायसवाल द्वारा अपराध एवं अपराधियों के विरूद्ध चलाये जा रहे अभियान के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी  मनोज कुमार रावत के पर्यवेक्षण व क्षेत्राधिकारी मनकापुर उदित नारायण पालीवाल के नेतृत्व में थाना को0 मनकापुर पुलिस द्वारा थाना स्थानीय पर पंजीकृत मु0अ0स0-06/2026, धारा 85,80(2) बीएनएस व 3/4 डी0पी0 एक्ट से सम्बन्धित 02 आरोपी अभियुक्तों- 01. वीरेन्द्र पाण्डेय, 02. शिवम पाण्डेय को उनके घर ग्राम चौहान पुरवा से गिरफ्तार कर लिया गया।

*घटना का संक्षिप्त विवरण-*
दिनांक 05.01.2026 को वादी मोहित तिवारी पुत्र उमंग तिवारी नि0 ग्राम लखनीपुर पो0 बनकटवा थाना ललिया जनपद बलरामपुर द्वारा थाना को0 मनकापुर में लिखित तहरीर दी गयी कि उनकी बहन का विवाह लगभग 05 वर्ष पूर्व विपक्षी शिवम पाण्डेय पुत्र वीरेन्द्र पाण्डेय नि0 ग्राम चौहानपुरवा थाना को0 मनकापुर से हुआ था। शादी के बाद से ही उसकी बहन को उसके पति व ससुरालीजनों द्वारा दहेज की मांग को लेकर शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था । दिनांक 02.01.2026 को रात में विपक्षी शिवम पाण्डेय से फोन के जरिए सूचना मिली कि उसकी बहन गोण्डा अस्पताल में भर्ती है, वादी अपने परिजनो के साथ अस्पताल पहुँचा तभी बहन को इलाज हेतु लखनऊ रेफर दिया गया जहाँ इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई । वादी द्वारा आशंका जाहिर की गई कि उसकी बहन को दहेज की मांग को लेकर शारीरिक रूप से प्रताड़ित करके उसे मार दिया गया है । प्राप्त तहरीर के आधार पर थाना मनकापुर में नामजद अभियुक्तों के विरूद्ध सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया था। आज दिनांक 06.01.2026 को थाना मनकापुर पुलिस द्वारा प्राप्त साक्ष्य संकलन के आधार पर आरोपी अभियुक्तगण- 01. वीरेन्द्र पाण्डेय, 02. शिवम पाण्डेय को उनके घर ग्राम चौहान पुरवा से गिरफ्तार कर लिया गया । गिरफ्तार अभियुक्तगणों के विरूद्ध थाना मनकापुर पुलिस द्वारा अग्रिम वैधानिक कार्यवाही कर  न्यायालय रवाना किया गया।
राजकीय जिला पुस्तकालय एवं ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना के संबंध में जिलाधिकारी ने की समीक्षा बैठक


*बैठक में इस महत्वाकांक्षी योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, प्रगति की समीक्षा तथा आगामी कार्ययोजना पर संबंधित अधिकारियों से जिलाधिकारी ने की समीक्षा*


*ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना जिले के शैक्षिक और सामाजिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम*


*गोण्डा 06 जनवरी,2026*।
कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी गोण्डा श्रीमती प्रियंका निरंजन की अध्यक्षता में राजकीय जिला पुस्तकालय एवं पंचायती राज विभाग द्वारा ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना के संबंध में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में इस महत्वाकांक्षी योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, प्रगति की समीक्षा तथा आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।
जिलाधिकारी ने कहा कि डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना से ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र-छात्राओं, युवाओं एवं आम नागरिकों को शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, रोजगारपरक जानकारी तथा ज्ञानवर्धक साहित्य सुलभ हो सकेगा। यह पहल डिजिटल इंडिया और साक्षर भारत के उद्देश्यों को सशक्त रूप से आगे बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगी।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि चयनित ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना निर्धारित समयसीमा के भीतर सुनिश्चित की जाए तथा इसके लिए आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता, इंटरनेट कनेक्टिविटी और तकनीकी सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाए।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिए कि डिजिटल लाइब्रेरी में ई-बुक्स, प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित अध्ययन सामग्री, सामान्य ज्ञान, कृषि, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास से जुड़ी जानकारी तथा अन्य उपयोगी डिजिटल कंटेंट उपलब्ध कराया जाए। साथ ही, स्थानीय स्तर पर विद्यार्थियों और ग्रामीणों को डिजिटल संसाधनों के उपयोग हेतु प्रशिक्षित करने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए, ताकि इस योजना का अधिकतम लाभ प्राप्त हो सके।
मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती अंकिता जैन ने योजना के क्रियान्वयन में विभागीय समन्वय पर बल देते हुए कहा कि पंचायती राज, शिक्षा एवं पुस्तकालय विभाग आपसी सहयोग से कार्य करें। जिला विकास अधिकारी श्री सुशील कुमार श्रीवास्तव ने ग्राम पंचायत स्तर पर आवश्यक व्यवस्थाओं एवं मॉनिटरिंग की जानकारी दी। जिला पंचायत राज अधिकारी श्री लालजी दुबे ने डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना से संबंधित प्रशासनिक एवं तकनीकी पहलुओं पर प्रकाश डाला।

बैठक में अपर जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी तथा मुख्य कोषागार अधिकारी ने भी अपने-अपने विभागों से संबंधित सुझाव प्रस्तुत किए। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजना की नियमित समीक्षा की जाए तथा किसी भी स्तर पर आने वाली समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए।

बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी कीu स्थापना जिले के शैक्षिक और सामाजिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसे जनसहभागिता के साथ सफल बनाया जाएगा।
पूर्व लिपिक व गैंगस्टर स्वयं प्रकाश शुक्ला की तलाश तेज,जल्द होगी गिरफ्तारी
*दोनों एक गिरोह बनाकर लोगों से कर रहे थे ठगी

गोंडा।शिक्षा विभाग के पूर्व लिपिक स्वयं प्रकाश शुक्ला व उनके सहयोगी अवधेश कुमार शुक्ला की मुश्किलें बढ़ गयी हैं।दोनों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज होने के बाद से वे फरार चल रहे हैं।नगर कोतवाली पुलिस व विवेचक सभाजीत सिंह ने उनकी तलाश तेज कर दिया है।पुलिस टीमें स्वयं प्रकाश शुक्ला और अवधेश कुमार शुक्ला की गिरफ्तारी के लिए गोंडा, लखनऊ और अन्य संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।इन दोनों पर गोंडा के एडेड कॉलेजों में नौकरी दिलाने के नाम पर कई लोगों से ठगी करने का आरोप है।इन मामलों में भी वह फरार चल रहे हैं।

नगर कोतवाल विवेक त्रिवेदी ने स्वयं प्रकाश शुक्ला को गैंग लीडर व अवधेश कुमार शुक्ला को सदस्य बताते हुए उनके खिलाफ नगर कोतवाली में गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया है।बताते चलें कि जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में इन दोनों के विरुद्ध कुल छ: मुकदमे दर्ज हैं जिनकी जांच की जा रही है।पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई पुलिस टीमें गठित की गई हैं।उन्होंने कहा कि जल्द ही दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा और यदि दोनों गिरफ्तार नहीं होते हैं तो न्यायालय के माध्यम से उनके Batch अन्य कानूनी कार्यवाही की जाएगी।

पुलिस अधीक्षक ने यह भी बताया कि स्वयं प्रकाश शुक्ला एक गिरोह चलाता है जो नौकरी दिलाने के बहाने लोगों से ठगी करता है।पुलिस इन दोनों के ठगी के अन्य तरीकों की भी जांच कर रही है।दोनों की गिरफ्तारी को लेकर हमारी कई पुलिस टीमें लगी हुई हैं।दोनों आरोपी अपने मोबाइल फोन बंद करके पिछले कई दिनों से फरार चल रहे हैं।
निर्देशन में बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम संचालित
गोण्डा। आज दिनांक 05.01.2026 को शासन की मंशा के अनुरूप बाल विवाह की घटनाओं पर प्रभावी रोकथाम, समुदाय स्तर पर शून्य सहनशीलता का वातावरण विकसित करने, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम सहित अन्य प्रासंगिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन तथा बालिकाओं एवं बालकों के संवैधानिक एवं कानूनी अधिकारों की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से दिनांक 27 नवम्बर 2025 से 08 मार्च 2026 (100 दिवसीय) तक संचालित “बाल विवाह मुक्त भारत अभियान” के अंतर्गत जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।
उक्त अभियान को सफल बनाये जाने के क्रम में श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय श्री विनीत जायसवाल के आदेशानुसार तथा नोडल अधिकारी श्रीमान अपर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) महोदय एवं क्षेत्राधिकारी सदर महोदया सुश्री शिल्पा वर्मा के कुशल निर्देशन एवं मार्गदर्शन में थाना एएचटी (एण्टी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट) की संयुक्त टीम द्वारा थाना को0 कर्नलगंज क्षेत्रांतर्गत कन्हैयालाल इण्टर कालेज कर्नलगंज में छात्र एवं छात्राओं को जागरूक किया गया। और महिलाओं को महिला संबंधी अपराधों के बारे में अवगत कराया गया, मिशन शक्ति अभियान फेज-5, बाल श्रम उन्मूलन, मानव तस्करी व नशा मुक्ति बाल विवाह निषेध के संबंध में लोगों को जागरूक किया गया। इस दौरान छात्र-छात्राओं को बाल विवाह के सामाजिक, शारीरिक, मानसिक एवं शैक्षणिक दुष्परिणामों के विषय में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई तथा यह बताया गया कि बाल विवाह न केवल एक सामाजिक कुरीति है, बल्कि कानूनन दण्डनीय अपराध भी है। बाल विवाह से बालिकाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा एवं भविष्य पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभावों के बारे में विस्तार से प्रकाश डाला गया। साथ ही बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, बाल संरक्षण से संबंधित कानूनों, सरकारी योजनाओं एवं हेल्पलाइन सेवाओं की जानकारी प्रदान की गई। कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों द्वारा छात्र-छात्राओं को यह भी अवगत कराया गया कि यदि कहीं भी बाल विवाह की तैयारी अथवा घटना की जानकारी प्राप्त होती है, तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, महिला हेल्पलाइन 181 अथवा संबंधित विभागों को देकर समाज से इस कुप्रथा को समाप्त करने में सक्रिय भूमिका निभाई जा सकती है। बच्चों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने एवं किसी भी प्रकार के शोषण, उत्पीड़न अथवा अवैधानिक गतिविधि के विरुद्ध निर्भीक होकर आवाज उठाने हेतु प्रेरित किया गया।
*कार्यक्रम के दौरान प्रभारी निरीक्षक प्र0नि0 लालबिहारी थाना ए0एच0टी0 व उप निरी. गऊचरन, महिला आरक्षी प्रिया यादव, आयुषी यादव व एसजेपीयू से महिला निरीक्षक प्रियंका मिश्रा व आरक्षी अखिलेश यादव अपराजिता सामाजिक समिति गोण्डा से श्री आत्रेय त्रिपाठी चाईल्ड हेल्पलाइन से श्री मुकेश भारद्वाज उपस्थित रहे।*
स्वयं प्रकाश शुक्ला पर गैंगस्टर एक्ट का मुकदमा दर्ज, पुलिस ने बताया गैंग लीडर
शिक्षा विभाग में नौकरी के नाम पर लाखों रुपए की ठगी का आरोप

गोंडा।जिले के एडेड कालेज में तैनात रहे पूर्व लिपिक स्वयं प्रकाश शुक्ला व उनके सहयोगी अवधेश कुमार शुक्ला पर जिला प्रशासन व पुलिस विभाग ने अपना शिकंजा कस दिया है।नगर कोतवाल विवेक त्रिवेदी की शिकायत पर नगर कोतवाली में दोनों के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।पुलिस के अनुसार स्वयं प्रकाश शुक्ला शिक्षा विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का सरगना है।उसके विरुद्ध जिले के कटरा बाजार, इटियाथोक और नगर कोतवाली थानों में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी के कुल छ: मुकदमे पहले से दर्ज हैं।नगर कोतवाल विवेक त्रिवेदी ने बताया कि स्वयं प्रकाश शुक्ला(निवासी ग्राम बेंदुली थाना इटियाथोक,वर्तमान पता रघुकुल छात्रावास के सामने सिविल लाइन)व अवधेश कुमार शुक्ला (निवासी ग्राम चड़उवा,थाना परसपुर, वर्तमान पता सिविल लाइन) ने मिलकर एक संगठित गिरोह बनाया था।यह गिरोह अन्तर्जनपदीय स्तर पर सक्रिय रहकर शिक्षा विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से मोटी रकम वसूल करता था।पुलिस के अनुसार गिरोह के सदस्य अभ्यस्त अपराधी हैं और लंबे समय से इस तरह की ठगी में लिप्त थे।पुलिस के अनुसार रमेश कुमार मौर्य ने 2 सितंबर 2025 को शिकायत दर्ज कराया था कि आरोपियों ने नौकरी दिलाने के नाम पर उनसे 10 लाख रुपए मांगे जिसमें से छ: लाख रुपये आरोपी के चालक उमाशंकर के सामने नगद दिए गए और 4 लाख रुपए आरटीजीएस के माध्यम से ट्रांसफर किया गया।नौकरी न लगने पर दबाव बनाने पर आरोपियों ने 4 लाख रुपए लौटाए और शेष छ: लाख रुपए हड़प लिया।इस मामले में नगर कोतवाली में अपराध संख्या 679/25 पर धारा 420,504,506 के तहत मुकदमा दर्ज है।पुलिस विवेचना में यह प्रमाणित हुआ कि गिरोह आर्थिक व भौतिक लाभ के लिए लोगों को ठगने का अभ्यस्त है।समाज में इनके भय और आपराधिक गतिविधियों को देखते हुए इनके विरुद्ध उत्तर प्रदेश गिरोहबंद व समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम 1986(गैंगस्टर एक्ट) की धारा 3(1) के अंतर्गत कार्रवाई की गई है।जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने 2 जनवरी 2026 को गैंग के खिलाफ गिरोह चार्ट का अनुमोदन प्रदान किया है।वर्तमान में पुलिस द्वारा कई मामलों में आरोप पत्र न्यायालय में भेजा जा चुका है तथा शेष अग्रिम कानूनी प्रक्रिया जारी है।पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने बताया कि नगर कोतवाल की तहरीर पर दोनों आरोपियों के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।पुलिस अधीक्षक ने कहा कि आरोपी गिरोह बनाकर नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से ठगी कर रहे थे।जिलाधिकारी के अनुमोदन के बाद यह कार्रवाई की गयी है।जिले के विभिन्न थानों में दर्ज अन्य मुकदमों की समीक्षा कर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस अधीक्षक व मुख्य विकास अधिकारी ने सुनी फरियाद
गोण्डा । उत्तर प्रदेश शासन के निर्देश के क्रम में सदर तहसील में सम्पूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया, जिसमें पुलिस अधीक्षक गोण्डा विनीत जायसवाल व मुख्य विकास अधिकारी अंकिता जैन के साथ राजस्व, पुलिस तथा अन्य विभाग के अधिकारी/कर्मचारीगण द्वारा प्रतिभाग किया गया। इस दौरान अधिकारीगण द्वारा जनता की जनसमस्याओं को सुना गया तथा समस्याओं के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण हेतु सम्बन्धित राजस्व और पुलिस विभाग के अधिकारियों को मौके पर जाकर शिकायतों के शत-प्रतिशत निस्तारण करने हेतु निर्देशित किया गया । अधिकारीगण द्वारा सम्पूर्ण समाधान दिवस के सम्बन्ध में उत्तर प्रदेश शासन के दिशा-निर्देशों से अधिकारी एवं कर्मचारीगणों को अवगत कराते हुये प्रार्थना-पत्रों की समयबद्ध जांच, कार्यवाही एवं समस्याओं के निस्तारण हेतु निर्देशित किया गया।
इस अवसर पर पुलिस एवं प्रशासनिक विभाग के अधिकारी/कर्मचारी मौजूद रहें।
माँ पाटेश्वरी शक्ति संवाद में 14 महिलाओं की समस्याएँ सुनीं, एक सप्ताह में समाधान के निर्देश
*माँ पाटेश्वरी शक्ति संवाद में 14 महिलाओं की समस्याएँ सुनीं, आयुक्त ने दिए एक सप्ताह में समाधान के निर्देश*

*माँ पाटेश्वरी शक्ति संवाद बना महिलाओं की आवाज़, अवैध कब्जा व रास्ता विवाद पर सख्त रुख*

*जनसुनवाई में महिलाओं को मिला न्याय का भरोसा, आयुक्त कार्यालय में समस्याओं का त्वरित संज्ञान*

गोण्डा, 05 जनवरी 2026 ।— महिलाओं की समस्याओं के त्वरित समाधान एवं उन्हें न्याय दिलाने के उद्देश्य से सोमवार को आयुक्त कार्यालय, गोण्डा में माँ पाटेश्वरी शक्ति संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के अंतर्गत कुल 14 महिलाओं की शिकायतें सुनी गईं। आयुक्त शशि भूषण लाल सुशील ने एक-एक कर सभी महिलाओं की समस्याएँ सुनीं तथा संबंधित अधिकारियों से मौके पर ही फोन पर वार्ता कर एक सप्ताह के भीतर समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

     आयुक्त ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि महिलाओं से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी शिकायतों का निष्पक्ष परीक्षण करते हुए त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई की जाए, जिससे पीड़ित महिलाओं को शीघ्र राहत मिल सके। इस अवसर पर अपर आयुक्त प्रशासन कमलेश चंद्र एवं उपायुक्त खाद्य विजय प्रभा भी उपस्थित रहीं।
जनसुनवाई के दौरान भूमि विवाद, रास्ता अवरुद्ध किए जाने, मारपीट, धमकी, अवैध कब्जा, निर्माण कार्य में बाधा तथा पुलिस द्वारा रिपोर्ट दर्ज न किए जाने जैसे गंभीर प्रकरण सामने आए।

      कार्यक्रम में ग्राम पिपरहवा, मौजा लोहराडांड, तहसील तरबगंज निवासी लक्ष्मी ने शिकायत करते हुए बताया कि उनके घर के सामने पूर्वजों के समय से चला आ रहा आवागमन का रास्ता कुछ लोगों द्वारा जोतकर बंद कर दिया गया है। पैमाइश के दौरान विरोध किया गया तथा जानमाल की धमकी भी दी गई। आयुक्त ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित राजस्व व पुलिस अधिकारियों को रास्ता खुलवाने के निर्देश दिए।

       इसी क्रम में थाना इटियाथोक क्षेत्र के अयाह गांव निवासी रेनू मौर्या ने मारपीट एवं रिपोर्ट दर्ज न होने की शिकायत रखी। उन्होंने बताया कि 15 दिसम्बर 2025 को रास्ते के विवाद को लेकर विपक्षियों ने उनके घर में घुसकर गाली-गलौज व लाठी-डंडे से हमला किया, जिसमें वह और उनके परिजन घायल हो गए। उपचार के बावजूद रिपोर्ट दर्ज न होने पर आयुक्त ने संबंधित थाना प्रभारी को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।

        ग्राम ढोंगवा निवासी पम्मी तिवारी ने बैनामे की भूमि पर अवैध कब्जे का मामला उठाया, जबकि ग्राम उमरीबेगमगंज निवासी सुन्दरपती ने अपनी भूमि पर जबरन कब्जा कर निर्माण किए जाने की शिकायत की। दोनों मामलों में आयुक्त ने अवैध कब्जा हटाने, निर्माण कार्य रोकने तथा दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।

कार्यक्रम के अंत में आयुक्त ने सभी संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे एक सप्ताह के भीतर शिकायतों का निस्तारण कर आख्या प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि माँ पाटेश्वरी शक्ति संवाद महिलाओं के लिए एक प्रभावी एवं भरोसेमंद मंच बनकर उभरा है, जहाँ उनकी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जा रहा है।
महिला उत्पीड़न मामलों की सुनवाई के लिए 7 जनवरी को

*गोण्डा* ।  प्रदेश में महिला उत्पीड़न की रोकथाम, पीड़ित महिलाओं को त्वरित न्याय तथा उनकी समस्याओं के शीघ्र समाधान के उद्देश्य से 07 जनवरी को जनपद में महिला जनसुनवाई एवं निरीक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

जनसुनवाई कार्यक्रम पूर्वान्ह 11 बजे से सर्किट हाउस में आयोजित होगा। जनसुनवाई के उपरांत आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण भी किया जाएगा। गोंडा में महिला आयोग की सदस्या ऋतु शाही की अध्यक्षता में महिला जनसुनवाई का आयोजन किया जाएगा। सभी पीड़ित महिलाएं जनसुनवाई में अपनी बात रख सकती है। । इस दौरान महिला थानाध्यक्ष सहित संबंधित पुलिस अधिकारी जनसुनवाई में उपस्थित रहेंगे।
आयोग का यह प्रयास महिला शिकायतों के त्वरित निस्तारण, प्रशासनिक समन्वय और जमीनी स्तर पर निगरानी को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
डिलीवरी के 12 घंटे बाद महिला की मौत,डाक्टरों पर लापरवाही का आरोप
*सांस नली बंद होने की आशंका-सीएमएस

गोंडा।जिला महिला अस्पताल में शनिवार देर रात डिलीवरी के बाद महिला की मौत हो गई।महिला की मौत से नाराज परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया और डाक्टरों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया।हालांकि महिला का नवजात बच्चा पूरी तरह से सुरक्षित है।बताते चलें कि देहात कोतवाली क्षेत्र के गोंड़रिया गांव निवासी जिलेदार गुप्ता शनिवार देर रात अपनी पत्नी अनुसुइया को डिलीवरी के लिए जिला महिला अस्पताल लेकर पहुंचे थे जहाँ डाक्टरों ने बड़े आपरेशन के जरिये बच्चे को जन्म दिलाया।जिसके बाद महिला को वार्ड में भर्ती किया गया था।रविवार देर रात अनुसुइया की तबियत अचानक बिगड़ गई।परिजनों का आरोप है कि हालत खराब होने के बावजूद डाक्टरों ने समय रहते इलाज नहीं किया और बार बार कहने के बाद भी रिफर नहीं किया गया।जब स्थिति ज्यादा बिगड़ गई तो रिफर किया गया,परन्तु अस्पताल से ले जाते समय गेट पर ही महिला की मौत हो गयी।महिला की मौत की सूचना मिलते ही परिजन फूट फूट कर रोने लगे और अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया।सूचना मिलने पर जिला महिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डाक्टर देवेन्द्र सिंह व नगर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और काफी देर तक परिजनों को समझा बुझाकर कर शांत कराया।इस दौरान सीएमएस और परिजनों के मध्य कहासुनी भी हुई।इस संबंध में मृतका के पति जिलेदार गुप्ता का आरोप है कि डाक्टरों ने उनकी बात नहीं सुनी और समय पर रिफर नहीं किया।उनका कहना है कि यदि पहले ही रिफर कर दिया जाता तो उनकी पत्नी की जान बच सकती थी।पत्नी की मौत से वह कई बार बेहोश भी हो गए।उन्होंने दोषी डाक्टरों पर कड़ी कार्यवाही की मांग की है।वहीं जिला महिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डाक्टर देवेन्द्र सिंह ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि आपरेशन पूरी तरह सफल था और बच्चा सुरक्षित है।आपरेशन के बाद महिला को वार्ड में उल्टी हुई थी।संभव है कि उल्टी श्वांस नली में चली गई हो,जिससे सांस लेने में दिक्कत आई हो और मौत हो गई हो।उन्होंने कहा कि अस्पताल में हर साल 10,000 से ज्यादा डिलीवरी होती है और मातृ मृत्यु दर अत्यंत कम है।
पुलिस अधीक्षक  सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति का लिया जायजा

गोण्डा । पुलिस अधीक्षक गोण्डा  विनीत जायसवाल द्वारा पुलिस उपनिरीक्षक (गोपनीय), पुलिस सहायक उपनिरीक्षक (लिपिक) एवं पुलिस सहायक उपनिरीक्षक (लेखा) के पदों पर सीधी भर्ती-2023 के अन्तर्गत रिजर्व पुलिस लाइन गोण्डा में चल रहे अभ्यार्थियों के अभिलेखों की संवीक्षा एवं शारीरिक मानक परीक्षण (डीवी/पीएसटी) स्थल पर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति का जायजा लिया गया। महोदय द्वारा अभ्यार्थियों के प्रवेश द्वार, बायोमैट्रिक स्थल व डीवी/पीएसटी स्थल पर लगाए गए सी0सी0टी0वी0 कैमरों की स्थिति को चेक कर सम्बन्धित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए । महोदय द्वारा कार्यदायी संस्था (परीक्षण संचालन/सुरक्षा) के अधिकारियों को डीवी/पीएसटी की जो नियम एवं शर्ते है, उनके अनुरूप ही सभी अभिलेखों की संवीक्षा एवं शारीरिक मानक परीक्षण किए जाने तथा किसी भी प्रकार की कोई अनियमिता न होने हेतु सम्बन्धित अधिकारियों को उनके कर्तव्यों के प्रति सतर्क और जिम्मेदार रहने हेतु निर्देशित किया गया। महोदय द्वारा अभ्यार्थियों से वार्ता कर उनकी सकुशलता जानी गयी तथा उनके साथ किसी भी प्रकार की अनियमिता होने की स्थिति में तुरंत उनके समक्ष शिकायत दर्ज कराने हेतु बताया गया।
उत्तर प्रदेश पुलिस उपनिरीक्षक (गोपनीय), पुलिस सहायक उपनिरीक्षक (लिपिक) एवं पुलिस सहायक उपनिरीक्षक (लेखा) के पदों पर सीधी भर्ती-2023 की लिखित परीक्षा के आधार पर चयनित 891 अर्ह अभ्यार्थियों (150 महिलाओं व 741 पुरुषों) के अभिलेखों की संवीक्षा एवं शारीरिक मानक परीक्षा जनपद गोण्डा में होना है। जिसमें आज दिनांक 05.01.2026 को 50 महिला अभ्यार्थियों के अभिलेखों की संवीक्षा एवं शारीरिक मानक परीक्षण किया जा रहा है। उक्त कार्यवाही प्रातः 09:00 से प्रारम्भ होकर कार्य समाप्त होने तक संपादित की जाएगी। डीवी/पीएसटी स्थल की लगातार सी0सी0टी0वी0 कैमरों से निगरानी की जा रही है। भर्ती की सुचिता बनाए रखने के लिए गोपनीय और सार्वजनिक दोनो प्रकार की टीमें अपना काम कर रही है।