लोकसभा के बाद राज्यसभा में भी पारित हुआ जी राम जी बिल, विरोध में देर रात विपक्षी सांसदों का प्रदर्शन

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लोकसभा के बाद राज्यसभा से भी ‘द विकसित भारत-रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) 2025' यानी वीबी-जी राम जी बिल को पारित हो गया है। ये बिल 20 साल पुरानी मनरेगा योजना की जगह लेगा। ये बिल हर साल 125 दिन के ग्रामीण रोजगार की गारंटी देगा। वहीं, विपक्ष ने बिल को लेकर जमकर हंगामा किया।

विपक्षी सांसदों ने राज्यसभा से किया वॉकआउट

बिल पास होने के दौरान विपक्ष के कई सदस्यों ने राज्यसभा से वॉकआउट किया, बिल वापस लेने की मांग की और सरकार के खिलाफ नारे लगाए। उन्होंने बिल के पन्ने भी फाड़ दिए, जिस पर चेयरमैन सी पी राधाकृष्णन ने उन्हें ट्रेजरी बेंच की तरफ न जाने की चेतावनी दी।

संसद परिसर में धरना

सदन के भीतर विरोध के बाद विपक्षी दलों ने संसद परिसर स्थित संविधान सदन के बाहर धरना दिया। विपक्ष ने मांग की कि इस बिल को वापस लिया जाए या फिर संसदीय समिति को भेजा जाए, ताकि इसकी गहराई से जांच हो सके। विपक्ष का कहना है कि बिना पर्याप्त चर्चा और सहमति के इस तरह का बड़ा बदलाव ग्रामीण गरीबों के हित में नहीं है।

राज्यसभा में विधेयक पर छह घंटे से अधिक चर्चा

राज्यसभा में विधेयक पर छह घंटे से अधिक चर्चा हुई। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के जवाब के बाद इसे ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। सदन ने इस विधेयक पर विपक्ष के कई सदस्यों की ओर से लाये गये संशोधन प्रस्तावों को नामंजूर कर दिया। चर्चा का जवाब देते हुए चौहान ने कहा कि देश में 1960-61 में ग्रामीण जनशक्ति कार्यक्रम बनने से लेकर मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) तक समय-समय पर विभिन्न योजनाएं बनती रही हैं। उन्होंने कहा कि इनसे उद्देश्य पूरा नहीं होता या थोड़ा ही लक्ष्य पूरा होता है तो नयी योजनाएं लाई जाती हैं।

शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस पर साधा निशाना

ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कांग्रेस ने बापू के आदर्शों की हत्या की, जबकि मोदी सरकार ने उन्हें जिंदा रखा है। मनरेगा योजना की जगह नया विधेयक लाने और उसमें से महात्मा गांधी का नाम हटाने को लेकर विपक्ष के आरोपों को उन्होंने सिरे से खारिज कर दिया। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि ‘विकसित भारत-जी राम जी विधेयक 2025’ के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार महात्मा गांधी के आदर्शों को लागू करने और विकसित गांव की बुनियाद पर विकसित भारत बनाने के लक्ष्य की दिशा में काम कर रही है।

दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण पर सख्ती, आज से बिना PUC के नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल

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दिल्ली में प्रदूषण से निपटने के लिए बुधवार-गुरुवार रात 12 बजे से ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) का चौथा फेज लागू हो गया है। इसके तहत कई सख्त नियम लगाए गए है। दिल्ली में आज से सिर्फ BS-6 इंजन वाली गाड़ियों को एंट्री मिल रही है। इसी क्रम में दिल्ली में आज से पॉल्युशन अंडर कंट्रोल (PUC) सर्टिफिकेट अनिवार्य होगा। अगर आपकी गाड़ी की PUC सर्टिफिकेट नहीं है तो आपको दिल्ली में पेट्रोल-डीजल नहीं मिलेगा। इसको लेकर सरकार ने न सिर्फ नियम जारी किया है बल्कि, इसका सख्ती से पालन करने को भी कहा गया है।

दिल्ली की जहरीली हवा को कम करने के लिए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है. गुरुवार आधी रात से, बिना PUCC वाली गाड़ियां पेट्रोल पंप पर फ्यूल नहीं भरवा पाएंगी। सरकार ने पेट्रोल पंप ऑपरेटरों को गाड़ियों में फ्यूल भरने से पहले PUCC की वैलिडिटी वेरिफ़ाई करने का निर्देश दिया है। PUCC स्टेटस और एमिशन कैटेगरी को वेरिफाई करने के लिए ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन सिस्टम और ऑन-ग्राउंड चेकिंग का इस्तेमाल किया जाएगा।

पेट्रोल पंप में पुलिस तैनात

इस प्रतिबंध को सख्त से लागू करने के लिए पेट्रोल पंप में यातायात पुलिस के कर्मी तैनात किए गए हैं। इसके अलावा ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट, नगर निगम और खाद्य विभाग के लोगों को भी पेट्रोल पंप पर तैनात किया गया है। यही नहीं, बिना PUC सर्टिफिकेट वाली गाड़ियों की पहचान के लिए पेट्रोल पंपों पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रीडर (ANPR) कैमरे लगाए गए हैं।

पुरानी कारों की एंट्री पर 20 हजार जुर्माना या बॉर्डर से यू-टर्न

दिल्ली परिवहन विभाग के अधिकारी दीपक ने बताया कि दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड गैर-BS6 कॉमर्शियल और निजी वाहनों की सख्ती से जांच की जा रही है। नियमों का उल्लंघन करने पर 20 हजार रुपए का चालान किया जा रहा है या वाहन को यू-टर्न करवाया जा रहा है। जिन वाहनों के पास वैध और अपडेटेड पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट (PUC) नहीं है, उन पर 10 हजार रुपए जुर्माना लगाया जा रहा है। मोटर वाहन अधिनियम के तहत, बार-बार नियम तोड़ने पर वाहन को जब्त करने का प्रावधान है।

लोकसभा में विरोध के बीच जी राम जी बिल पास, शिवराज ने अटल की कविता से दिया विपक्ष को जवाब

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मनरेगा का नाम बदलकर भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) बिल यानी 'जी राम जी' करने वाला बिल लोकसभा में आज विपक्ष के जोरदार हंगामे के बीच पास हो गया है। विपक्ष ने बिल पास होने पर जमकर हंगामा किया और बिल के कागज फाड़कर फेंक दिए। सदन का माहौल इतना बिगड़ गया कि कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित करनी पड़ी।

शिवराज सिंह ने विकसित भारत जी-राम-जी विधेयक पर दिया जवाब

विपक्षी दलों के हंगामे के बीच शिवराज सिंह चौहान ने विकसित भारत जी-राम-जी विधेयक पर विस्तार से जवाब दिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष सरकार का जवाब सुनना ही नहीं चाहता। केंद्रीय कृषि मंत्री ने सरकार की तरफ से जारी आंकड़े पेश करते हुए कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने फंड का दुरुपयोग किया, लेकिन हमारी सरकार ने विकास कार्यों पर खर्च करने पर जोर दिया।

किसानों के साथ-साथ गरीबों के कल्याण के लिए विधेयक

शिवराज सिंह चौहान ने दावा किया कि सरकार किसानों के साथ-साथ गरीबों के कल्याण के लिए विधेयक लाई है, जिसका विरोध किया जा रहा है। उन्होंने कहा, सबसे पहले इस पवित्र सदन में मैं आपको धन्यवाद देना चाहता हूं। सभापति महोदय को धन्यवाद देना चाहता हूं। इस विषय पर हमने माननीय सदस्यों के विचार सुने हैं। अब जवाब देना मेरा अधिकार है। मैं आपसे संरक्षण चाहता हूं। मैंने रात के डेढ़ बजे तक माननीय सदस्यों की बात सुनी है। अपनी बात सुना देना और फिर जवाब न सुनना ये लोकतांत्रिक परंपराओं को तार-तार करना है।

कृषि मंत्री ने कहा- यह गांवों के विकास का विधायक

कृषि मंत्री ने कहा, यह गांवों के विकास का विधायक है। माननीय प्रतिपक्षी सदस्यों ने कई तरह के आरोप लगाए। एक बात यह कही कि हम भेदभाव करते हैं। सारा देश हमारे लिए एक है। चेन्नई हो या गुवाहाटी, अपना देश-अपनी माटी। अलग भाषा-अलग वेष, फिर भी अपना एक देश। उन्होंने आगे कहा, मैं इनको बताना चाहता हूं कि अटल जी ने क्या कहा था। माननीय अध्यक्ष महोदय, हम देश के किसी भी राज्य के साथ भेदभाव नहीं करते। हमारे नेता अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा था - यह देश हमारे लिए जमीन का टुकड़ा नहीं है, जीता-जाता राष्ट्र पुरुष है।

कांग्रेस को नाम रखने की सनक

शिवराज सिंह ने आगे कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा, कितनी योजनाओ का नाम नेहरू परिवार पर रखा गया। राजीव जी के नाम पर 55 राज्य सरकार की योजनाओं के नाम रखे गए। 74 सड़कों के नाम राजीव पर, 15 नेशनल पार्क नेहरू जी के नाम पर रखे गए. नाम रखने की सनक कांग्रेस की है।

बता दें कि कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने 16 दिसंबर को कहा कि हम इस बिल का विरोध करते हैं। हर योजना का नाम बदलने की सनक समझ नहीं आती है।

नहीं रहे दुनिया की सबसे ऊंची मूर्ति 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' के डिजाइनर, मूर्तिकार राम सुतार का निधन

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प्रसिद्ध मूर्तिकार और दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के शिल्पकार राम वनजी सुतार का बुधवार देर रात नोएडा स्थित उनके आवास पर निधन हो गया। राम सुतार 100 साल के थे। वह काफी समय से उम्र से जुड़ी बीमारियों से पीड़ित थे। उनके बेटे अनिल सुतार ने ये जानकारी दी।

बेटे अनिल सुतार ने बयान में कहा कि गहन दुख के साथ सूचित करना पड़ रहा है कि मेरे पिता राम वंजी सुतार का 17 दिसंबर की मध्यरात्रि को हमारे निवास पर निधन हो गया। राम सुतार का जन्म 19 फरवरी 1925 को महाराष्ट्र के धुले जिले के गोंदुर गांव में हुआ था। बचपन से ही मूर्तिकला की ओर आकर्षित सुतार ने मुंबई के जेजे स्कूल ऑफ आर्ट एंड आर्किटेक्चर से गोल्ड मेडल हासिल किया।

राम मंदिर में 300 फीट ऊंची जटायु मूर्ति को दिया आकार

राम सुतार की मूर्तिकला की दुनिया महापुरुषों से भरी रही। महात्मा गांधी, डॉ. भीमराव अंबेडकर, सरदार वल्लभभाई पटेल, दीन दयाल उपाध्याय, छत्रपति शिवाजी महाराज उनकी कृतियों में इतिहास, विचार और राष्ट्र की आत्मा एक साथ सांस लेते नजर आते हैं। अयोध्या के राम मंदिर में कांसे से बनी 300 फीट ऊंची जटायु की कुबेर टीला पर स्थापित की गई है मूर्ति है, सुतार ने ही बनाई। संसद परिसर में स्थापित गांधी की ध्यानमग्न प्रतिमा हो या घोड़े पर सवार शिवाजी महाराज की भव्य आकृति, हर रचना में उन्होंने व्यक्तित्व से पहले विचार को उकेरा।

93 वर्ष की उम्र में बनाई ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’

राम सुतार की सबसे बड़ी उपलब्धि दुनिया की सबसे ऊंची मूर्ति- गुजरात में सरदार वल्लभभाई पटेल की ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ (182 मीटर ऊंची) को डिजाइन करना है। यह मूर्ति भारत के पहले उप प्रधानमंत्री और गृह मंत्री सरदार पटेल को समर्पित है। सुतार ने इस मूर्ति को आकार देकर वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाई। करीब 93 वर्ष की उम्र में सुतार ने इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को पूरा किया था, जो उनके अथक परिश्रम का प्रतीक है।

पहाड़ों पर बर्फबारी के बाद उत्तर भारत में बढ़ी ठिठुरन, घने कोहरे और शीत लहर का अलर्ट

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देश की राजधानी दिल्ली समेत देशभर में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। पहाड़ी राज्यों में कड़ाके की ठंड और बर्फबारी के आसार हैं, जबकि मैदानी इलाकों में घना कोहरा और तापमान में गिरावट से जनजीवन प्रभावित है। मौसम विभाग के अनुसार उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में जहां सर्दी का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है, वहीं मैदानी इलाकों में घना कोहरा और तापमान में गिरावट जनजीवन को प्रभावित कर रही है।

आईएमडी के अनुसार उत्तरी पाकिस्तान और उससे सटे जम्मू-कश्मीर में ऊपरी हवाओं में एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ बना हुआ है, जो पश्चिम से पूर्व की ओर फैला है। इसके साथ ही उपोष्णकटिबंधीय पश्चिमी जेट स्ट्रीम भी उत्तर भारत के ऊपर सक्रिय है, जहां लगभग 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर हवाओं की रफ्तार 110 नॉट (203.72 किमी) तक पहुंच रही है। इन दोनों प्रणालियों के कारण मौसम को अतिरिक्त ऊर्जा मिल रही है, जिससे ठंड, कोहरा और पहाड़ी इलाकों में मौसम परिवर्तन की प्रक्रिया तेज हो गई है।

मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी

मौसम विज्ञान विभाग ने 18 से 22 दिसंबर 2025 के बीच उत्तर भारत के कई हिस्सों में घने से बहुत घने कोहरे और शीत लहर को लेकर चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और उत्तराखंड में सुबह और भोर के समय दृश्यता बेहद कम रह सकती है। मौसम विभाग ने 18 और 19 दिसंबर को पश्चिमी मध्य प्रदेश और उत्तराखंड में शीत लहर चलने की प्रबल संभावना व्यक्त की है। वहीं, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 18 से 23 दिसंबर के दौरान बारिश और बर्फबारी हो सकती है। पंजाब में भी 20 और 21 दिसंबर को हल्की बारिश के आसार हैं।

विजिबिलिटी कम होने से ट्रेनों के परिचालन पर असर

उत्तर भारत में घने कोहरे की मार लगातार बढ़ रही है। विजिबिलिटी कम होने से ट्रेनें लेट चल रही हैं। दिल्‍ली की ओर आने वाली 60 से अधिक ट्रेनें प्रभावित हुईं। इनमें कुछ ट्रेनें डायवर्ट भी की गयी हैं। ट्रेनें छह घंटे से अधिक समय की देरी से चल रही हैं। भारतीय रेलवे ने ट्रेनों की लिस्‍ट जारी की है। प्रमुख ट्रेनों में राजधानी एक्सप्रेस, ऊंचाहार एक्सप्रेस, फरक्का एक्सप्रेस, कैफियत एक्सप्रेस, लखनऊ मेल और कई अन्य शामिल हैं।

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान से मिले विकास पांडेय
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नई दिल्ली। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास पासवान ) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं भारत सरकार में केंद्रीय मंत्री माननीय चिराग पासवान से नई दिल्ली में विकास पांडेय, प्रधान महासचिव, पूर्वांचल,उत्तरप्रदेश , लोक जनशक्ति पार्टी ने शिष्टाचार भेंट की । इस अवसर पर उन्हें बिहार में पार्टी को मिली ऐतिहासिक विजय तथा बिहार मंत्रिमंडल में शामिल होने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित की गईं। मुलाकात के दौरान खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र (फूड प्रोसेसिंग सेक्टर) में निवेश, रोजगार सृजन और किसानों को होने वाले लाभों पर विस्तृत एवं सकारात्मक चर्चा हुई। साथ ही वर्ष 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर संगठनात्मक मजबूती, जनसंपर्क और रणनीतिक रणनीतियों पर भी सार्थक संवाद हुआ। इस अवसर पर यह भी कहा गया कि चिराग पासवान का ओजस्वी नेतृत्व और स्पष्ट मार्गदर्शन पार्टी के कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार करता है। उनके नेतृत्व में पार्टी विकास, सामाजिक न्याय और जनहित के संकल्प के साथ निरंतर आगे बढ़ रही है।
नाम बदलने की सनक समझ नहीं आती…” मनरेगा की जगह “विकसित भारत जी राम जी” वाले नाम पर भड़कीं प्रियंका

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लोकसभा में मंगलवार को मनरेगा की जगह ग्रामीण रोजगार की गारंटी के लिए लाया जा रहा विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) (VB-G RAM G) बिल, 2025 पेश कर दिया गया। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने यह बिल पेश किया है। इस नए बिल में सरकार मनरेगा में कई अहम बदलाव करने जा रही है जिसमें मजदूरों के काम को 100 दिन से बढ़ाकर 125 दिन किए जाने का प्रावधान है।

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) पर कहा, इस विधेयक में बदलाव करने पर अपनी आपत्ति दर्ज करना चाहती हूं। MGNREGA पिछले 20 वार्षों से ग्रामीण भारत को रोजगार देने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में सक्षम रहा है। यह कितना क्रांतिकारी कानून है कि जब इसे बनाया गया तो सदन के सभी राजनीतिक दलों ने अपनी पूरी सहमती दी थी। इसके द्वारा 100 दिन का रोजगार देश के गरीब से गरीब लोगों को मिलता आया है। यह बिल उस अधिकार को कमज़ोर करेगा।

बिना चर्चा और बिना सदन की सलाह के बिल पेश करने पर आपत्ति

कांग्रेस नेता ने कहा, मुझे नाम बदलने की यह सनक समझ नहीं आती। इसमें खर्चा बहुत होता है इसलिए मुझे समझ नहीं आता कि वे बेवजह ऐसा क्यों कर रहे हैं। बिना चर्चा के और बिना सदन की सलाह लिए इस तरह जल्दी-जल्दी में विधेयक को पास नहीं कराना चाहिए। ये विधेयक वापस लिया जाना चाहिए, इसके बदले में सरकार को एक नया विधेयक पेस करना चाहिए। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी भले ही मेरे परिवार के नहीं थे लेकिन मेरे परिवार जैसे ही हैं और पूरे देश की यही भावना है। इसे गहन चर्चा और जांच पड़ताल के लिए स्थायी समिति के पास भेजा जाना चाहिए। और कोई भी विधेयक किसी की निजी महत्वकांक्षा, पूर्वाग्रह और सनक के आधार पर पेश नहीं होना चाहिए।

केंद्र का नियंत्रण बढ़ाया जा रहा-प्रियंका गांधी

प्रियंका गांधी ने कहा कि मनरेगा में 90 प्रतिशत अनुदान केंद्र से आता था, इस विधेयक के तहत अब ज्यादातर प्रदेशों में यह 60 प्रतिशत आएगा। इससे प्रदेशों की अर्थव्यवस्था पर बहुत भार पड़ेगा खासतौर से उन राज्यों के लिए जो पहले से ही केंद्र से जीएसटी के बकाए के इंतजार में है। इस विधेयक द्वारा केंद्र का नियंत्रण बढ़ाया जा रहा है और जिम्मेदारी घटाई जा रही है।

ग्राम पंचायत का अधिकार छीना जा रहा-प्रियंका गांधी

प्रियंका गांधी आगे कहा कि ने दिनों की संख्या तो बढ़ा दी है लेकिन मज़दूरी नहीं बढ़ाई है। पहले ग्राम पंचायत तय करती थी कि मनरेगा का काम कहां और किस तरह का होगा, लेकिन यह बिल कहता है कि केंद्र सरकार तय करेगी कि फंड कहां और कब देना है, इसलिए ग्राम पंचायत का अधिकार छीना जा रहा है। हमें यह बिल हर तरह से गलत लगता है।

नेशनल हेराल्ड केस में गांधी परिवार को बड़ी राहत, कोर्ट का ईडी की चार्जशीट पर संज्ञान लेने से इनकार

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नेशनल हेराल्ड मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कांग्रेस नेताओं सोनिया गांधी और राहुल गांधी को बड़ी राहत मिली है। दिल्ली की राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने सोमवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से दाखिल चार्जशीट पर संज्ञान लेने से इनकार कर दिया। सोनिया और राहुल पर एसोसिएट्स जर्नल लिमिटेड (एजेएल) के अंतर्गत आने वाली 2000 करोड़ रुपये की संपत्ति को हड़पने का आरोप था।

राउज एवेन्यू कोर्ट के विशेष न्यायाधीश (पीसी एक्ट) विशाल गोगने ने कहा कि मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA) के तहत दायर यह शिकायत सुनवाई योग्य नहीं है, क्योंकि यह मामला किसी एफआईआर पर आधारित नहीं, बल्कि एक निजी शिकायत से जुड़ा है। कानून के तहत ऐसी स्थिति में मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों पर संज्ञान लेना उचित नहीं है।

कोर्ट ने क्या कहा?

अदालत ने अपने आदेश में कहा कि मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून की धारा 3 के तहत परिभाषित और धारा 4 के तहत दंडनीय मनी लॉन्ड्रिंग के अपराध की जांच और अभियोजन, तब तक कायम नहीं रह सकता जब तक संबंधित अपराध पर एफआईआर दर्ज न हो या वह अपराध कानून की अनुसूची में शामिल न हो। इसी आधार पर अदालत ने ईडी की शिकायत को खारिज कर दिया।

कोर्ट की अहम टिप्पणी

कोर्ट ने यह भी कहा कि चूंकि अब दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है, इसलिए ईडी द्वारा आरोपों के गुण-दोष (मेरिट्स) पर दी गई दलीलों पर फैसला करना फिलहाल जल्दबाजी और अनुचित होगा। अदालत ने साफ कहा, 'धारा 3 के तहत परिभाषित और धारा 4 के तहत दंडनीय अपराध का संज्ञान लेने से इनकार किया जाता है। शिकायत खारिज की जाती है।

कांग्रेस नेताओं ने कहा- सत्य की जीत

कोर्ट के फैसले को कांग्रेस नेताओं ने इसे सत्य की जीत करार दे दिया। कांग्रेस अपने आधिकारिक एक्स खाते से एक पोस्ट में लिखा, सत्य की जीत हुई है। (नरेंद्र) मोदी सरकार की बदनीयत और गैरकानूनी तरीके से की गई कार्रवाई पूरी तरह से बेनकाब हो गई है। माननीय अदालत ने यंग इंडियन मामले में कांग्रेस नेतृत्व सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ ईडी की कार्रवाई को अवैध और दुर्भावना से ग्रसित पाया है। कोर्ट ने फैसला दिया है कि ईडी का मामला क्षेत्राधिकार से बाहर है, उसके पास कोई प्राथमिकी नहीं है जिसके बिना कोई मामला ही नहीं बनता।

राहलु-सोनिया गांधी पर क्या है आरोप?

देश के पहले प्रधानमंत्री पं. जवाहर लाल नेहरू ने 20 नवंबर 1937 को एसोसिएटेड जर्नल लिमिटेड यानी एजेएल का गठन किया था। भले ही एजेएल के गठन में पं. जवाहर लाल नेहरू की भूमिका थी, लेकिन इसपर मालिकाना हक कभी भी उनका नहीं रहा। यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड एक नॉन-प्रॉफिट कंपनी है, जिसमें सोनिया गांधी और राहुल गांधी की 38-38 फीसदी हिस्सेदारी है। आरोप यह लगाए गए कि इस कंपनी के जरिए एजेएल का कर्ज महज 50 लाख रुपये में अपने नाम कर लिया गया और बदले में एजेएल की करीब 2,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्तियों पर नियंत्रण हासिल कर लिया गया। यही आरोप आगे चलकर राजनीतिक विवाद और कानूनी लड़ाई का आधार बने।

यमुना एक्सप्रेसवे पर भीषण सड़क हादसा, 7 बसों और 2 कारों में टक्कर के बाद लगी आग, छह की मौत

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मथुरा में दिल्ली-आगरा एक्सप्रेसवे पर मंगलवार सुबह करीब 4:30 बजे कोहरे की वजह से 7 बसें और 3 छोटी गाड़ियां आपस में भिड़ गईं। आगरा से नोएडा की ओर जा रही लेन पर तेज रफ्तार में चल रहे कई वाहन आपस में टकरा गए। टक्कर के बाद सात बसों और दो–तीन कारों में भीषण आग लग गई। हादसे में 4 लोगों की मौत हो गई और 80 से अधिक लोग घायल हुए हैं।

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मथुरा यमुना एक्सप्रेस-वे पर कोहरे के चलते 11 वाहन आपस में टकराए। 5 बसों सहित 7 वाहनों में भीषण आग लग गई। जिला प्रशाशन ने हादसे में 4 लोगों की मौत की पुष्टि कर दी है। हादसे में 25 लोगों के घायल होने के बात सामने आई है। गंभीर घायलों को आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज और अन्य घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

कोहरा के कारण आपस में टकराई गाड़ियां

यमुना एक्सप्रेसवे पर यह दर्दनाक हादसा बलदेव थाना क्षेत्र के गांव खड़ेहरा के पास माइल स्टोन संख्या 125 पर हुआ। बताया गया कि हादसे के वक्त इलाके में घना कोहरा छाया हुआ था और दृश्यता लगभग शून्य थी। आगे चल रहे वाहनों को न देख पाने के कारण पीछे से आ रहे वाहन एक-दूसरे से टकराते चले गए। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कुछ ही क्षणों में वाहनों में आग भड़क उठी।

मृतकों के परिजनों के लिए 2 लाख की मदद

प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने मथुरा हादसे पर संज्ञान लेते हुए मृतकों के परिजनों के लिए 2 लाख रुपये और घायलों के लिए 50 हजार रुपये की आर्थिक मदद का ऐलान किया है।

भारत ने संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान को लगाई लताड़, बताया आतंकवाद का वैश्विक केंद्र

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संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में लीडर फॉर पीस पर खुली बहस में भारत ने पाकिस्तान को करारा जवाब दिया। भारत के जवाब से भरी सभा में पाकिस्तान की खूब फजीहत हुई। भारत ने जहां पाकिस्तान को आतंक का ग्लोबल सेंटर बताया वहीं कश्मीर और लद्दाख को भारत का अविभाज्य अंग करार दिया। इतना ही सिंधु समझौते पर भी भारत ने खुलकर कहा कि जब तक पाकिस्तान सीमा पर आतंक को अपना समर्थन देना बंद नहीं करेगा तब तक यह संधि बहाल नहीं होगी।

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को भारत का अभिन्न अंग बताया

संयुक्त राष्ट्र में आयोजित ‘लीडर फॉर पीस’ डिबेट में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत हरीश परवथनेनी ने पाकिस्तान की तरफ से जम्मू-कश्मीर का मुद्दा उठाए जाने पर तीखी प्रतिक्रिया दी। हरीश पी ने सोमवार को खुली बहस के दौरान कहा, मैं आज पाकिस्तान के प्रतिनिधि द्वारा दिए गए बयान का जिक्र कर रहा हूं। भारत दोहराना चाहता है कि जम्मू और कश्मीर और लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेश भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा हैं। वे थे, हैं और हमेशा रहेंगे।

संयुक्त राष्ट्र के मंच का दुरुपयोग करने का आरोप

पाकिस्तान पर संयुक्त राष्ट्र के मंच का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया और कहा कि 'एक सेवारत गैर-स्थायी सुरक्षा परिषद सदस्य से अपनी जिम्मेदारियों और दायित्वों को पूरा करने की उम्मीद नहीं की जा सकती, जो अपने विभाजनकारी एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए संयुक्त राष्ट्र की सभी बैठकों और मंचों पर इस जुनून को बढ़ावा देना चाहता है।

पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद पर कड़ा प्रहार

भारत ने सिंधु जल संधि का भी जिक्र करते हुए पाकिस्तान की पोल खोली। भारतीय राजदूत ने कहा कि भारत ने 65 साल पहले इस संधि पर अच्छे विश्वास और दोस्ती की भावना से हस्ताक्षर किए थे, लेकिन पाकिस्तान ने इस दौरान भारत पर तीन युद्ध थोपे और हजारों आतंकी हमले कराए। उन्होंने बताया कि पिछले चार दशकों में पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के कारण हजारों भारतीयों की जान गई।

पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र

भारतीय राजदूत ने अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र करते हुए कहा कि इस हमले में धर्म के आधार पर चुन-चुनकर 26 निर्दोष नागरिकों की हत्या की गई। उन्होंने कहा कि यह हमला पाकिस्तान के आतंकवाद को समर्थन देने के रवैये का ताजा उदाहरण है। इसी पृष्ठभूमि में भारत ने फैसला किया है कि सिंधु जल संधि को तब तक स्थगित रखा जाएगा, जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद समेत हर तरह के आतंकवाद को विश्वसनीय और स्थायी रूप से समाप्त नहीं करता।

इमरान खान को जेल में डालने पर साधा निशाना

भारत ने पाकिस्तान की घरेलू राजनीतिक स्थिति पर निशाना साधा और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को जेल में डालने की आलोचना की। भारतीय दूत ने कहा, पाकिस्तान का अपने लोगों की मर्जी का सम्मान करने का एक अनोखा तरीका है- एक प्रधानमंत्री को जेल में डालकर, सत्ताधारी राजनीतिक पार्टी पर बैन लगातार और अपनी सेना को 27वें संशोधन के जरिए संवैधानिक तख्तापलट करने देकर और अपने रक्षा बलों के प्रमुख को जिंदगी भर की छूट देकर।