बोधगया में पहली बार अंतरराष्ट्रीय त्रिपिटक पाठ समारोह: 27 देशों के 20,000 से अधिक श्रद्धालु जुटेंगे

बोधगया, बिहार। विश्व की बौद्ध आध्यात्मिक राजधानी माने जाने वाले बोधगया में इस वर्ष एक ऐतिहासिक आयोजन हो रहा है। भारत पहली बार 20वें अंतरराष्ट्रीय त्रिपिटक पाठ समारोह की मेजबानी कर रहा है, जो 2 से 12 दिसंबर तक महाबोधि मंदिर परिसर स्थित पवित्र बोधिवृक्ष के नीचे आयोजित हो रहा है। महाबोधि इंटरनेशनल त्रिपिटक के फाउंडर प्रेसिडेंट संगा सेना और कोषाध्यक्ष भिखूनी शाक्य अहमद हिना के अनुसार, यह समारोह अब तक के सभी आयोजनों से अधिक व्यापक, भव्य और ऐतिहासिक होने जा रहा है। आयोजकों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी समारोह में शामिल होने के लिए औपचारिक निमंत्रण भेजा है।

उद्घाटन में शामिल होंगे अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री

समारोह का शुभारंभ 2 दिसंबर को अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू और उपमुख्यमंत्री चौना मीन द्वारा किया जाएगा। दोनों नेता बोधगया पहुंचकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की उपस्थिति में कार्यक्रम की शुरुआत करेंगे। वहीं, 8 दिसंबर को केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले विशेष पूजा में भाग लेंगे और 12 दिसंबर को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी समापन समारोह में उपस्थित रहेंगे। आयोजकों ने बताया कि महाबोधि मंदिर परिसर और कालचक्र मैदान में तैयारियाँ अंतिम चरण में हैं और व्यवस्थाएँ लगभग पूरी हो चुकी हैं।

27 देशों से आएंगे 20,000 से अधिक भिक्षु और श्रद्धालु

इस वैश्विक धार्मिक आयोजन में थाईलैंड, म्यांमार, श्रीलंका, कंबोडिया, लाओस, वियतनाम, नेपाल, इंडोनेशिया, बांग्लादेश, अमेरिका सहित 27 देशों से 20,000 से अधिक बौद्ध भिक्षुओं और श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है। सहभागी 12 दिनों तक पवित्र बोधिवृक्ष के नीचे त्रिपिटक—बौद्ध धर्म के मूल सिद्धांतों का संग्रह—का संयुक्त पाठ करेंगे। इस सामूहिक पाठ का उद्देश्य विश्व शांति, करुणा और सद्भाव का संदेश देना है।

सुरक्षा और व्यवस्थाओं में प्रशासन की कड़ी तैयारियाँ

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी संख्या में आगंतुकों की मौजूदगी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा, ट्रैफिक व्यवस्था, आवागमन, आवास और भोजन के लिए विशेष प्रबंध किए हैं। शहर के होटल, धर्मशालाएँ और आश्रय स्थल पहले से ही पूर्ण रूप से बुक हो चुके हैं। महाबोधि मंदिर परिसर को विशेष सजावट से सुसज्जित किया गया है, जहाँ दैनिक अनुष्ठान, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ और धार्मिक विमर्श भी आयोजित होंगे।

बोधगया फिर बना वैश्विक आध्यात्मिक केंद्र

जहाँ भगवान बुद्ध ने ज्ञान प्राप्त किया था, वही बोधगया एक बार फिर वैश्विक केंद्र में है। यह समारोह न केवल धार्मिक दृष्टि से, बल्कि सांस्कृतिक और ऐतिहासिक रूप से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। भारत की आध्यात्मिक विरासत को विश्व मंच पर और अधिक प्रतिष्ठा दिलाने वाला यह आयोजन बौद्ध समुदाय के लिए यादगार अवसर बन गया है।

गया में अजातशत्रु होटल में सामूहिक रूप से सुना गया प्रधानमंत्री मोदी का 118वां ‘मन की बात’ कार्यक्रम

गया: गया जिले के गया जी विधानसभा क्षेत्र स्थित अजातशत्रु होटल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 118वें ‘मन की बात’ कार्यक्रम का सामूहिक श्रवण उत्साहपूर्ण माहौल में आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का नेतृत्व भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री डॉ. प्रेम कुमार ने किया। बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता, समर्थक और क्षेत्र के सम्मानित नागरिक उपस्थित होकर प्रधानमंत्री के प्रसारण को ध्यानपूर्वक सुनते रहे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में देशहित, सामाजिक जिम्मेदारी, आत्मनिर्भरता, पर्यावरण संरक्षण और स्वदेशी अभियान को आगे बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत तभी तेजी से आगे बढ़ सकता है जब हर नागरिक ‘भारत में बने उत्पादों’ को प्राथमिकता देने की आदत विकसित करे। प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से अपील की कि “हम जो भी सामान खरीदें, वह भारत में बना हो और भारतीय श्रम तथा तपस्या से तैयार हुआ हो।” साथ ही उन्होंने राष्ट्र निर्माण में युवा शक्ति, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक समरसता को महत्वपूर्ण आधार बताया।

कार्यक्रम के उपरांत अपने संबोधन में डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री के विचार न केवल प्रेरणादायी हैं, बल्कि देश को आत्मनिर्भर भारत की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ाने वाले हैं। उन्होंने कहा कि आज देश का प्रत्येक नागरिक स्वदेशी अपनाकर भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने का संकल्प ले रहा है। डॉ. प्रेम कुमार ने ‘मन की बात’ को जनता और प्रधानमंत्री के बीच संवाद का अनूठा माध्यम बताते हुए कहा कि यह कार्यक्रम लोगों में राष्ट्रभक्ति, सकारात्मक सोच और कर्तव्य भावना का संचार करता है।

उन्होंने सभी उपस्थित लोगों से प्रधानमंत्री के संदेशों को जन-जन तक पहुँचाने का आह्वान किया और कहा कि स्वदेशी के साथ-साथ समाज सेवा, पर्यावरण संरक्षण तथा राष्ट्रीय एकता को भी जीवन का मूल मंत्र बनाना चाहिए। इस अवसर पर अनेक भाजपा नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिनमें अनिल कुमार, राजेंद्र प्रसाद अधिवक्ता, राजनंदन प्रसाद गांधी, ऋषि लोहानी, राजेश मस्तान, गुंजन मिश्रा, मनीष कुमार, सोनू, डॉ. जे. खान, दीपू कुमार, दीपक चंद्रवंशी, उपेंद्र कुमार सिंह, पंकज लोहानी, जितेंद्र कुमार, महेंद्र प्रसाद, विवेक चंद्रवंशी, वेद प्रकाश सुमन, लाडो लड्डू सिंह, नीतीश कुमार और दीनानाथ प्रसाद सहित कई अन्य लोग शामिल थे। सभी ने आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को दोहराते हुए ‘मन की बात’ कार्यक्रम को सफल बनाया।

जयप्रकाश नारायण अस्पताल सभागार में जिला स्तरीय नियमित टीकाकरण कार्यक्रम में मीडिया की भूमिका पर कार्यशाला आयोजित

गयाजी जिला के जयप्रकाश नारायण अस्पताल सभागार में 28 नवम्बर 2025 को स्वास्थ्य विभाग द्वारा आज नियमित टीकाकरण में मीडिया की भूमिका विषय पर एक दिवसीय जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों, जिला सूचना अधिकारी, स्थानीय पत्रकारों, रेडियो प्रतिनिधियों एवं डिजिटल मीडिया से जुड़े कर्मियों ने भाग लिया।

कार्यशाला का उद्देश्य मीडिया को नियमित टीकाकरण कार्यक्रम से जुड़ी जानकारी देना, जन-जागरूकता बढ़ाना और समाज में फैली भ्रांतियों को दूर करने के लिए मीडिया के साथ समन्वय स्थापित करना था. मुख्य अतिथि डॉ राजा राम प्रसाद सिविल सर्जन ने अपने संबोधन में कहा. "नियमित टीकाकरण बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक है। मीडिया इस संदेश को समाज के हर कोने तक पहुँचाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।"

कार्यशाला में विशेषज्ञों ने बताया कि नियमित टीकाकरण से खसरा, पोलियो, डिप्थीरिया, काली खाँसी जैसी बीमारियों को रोका जा सकता है। वहीं, मीडिया के माध्यम से इन बीमारियों और टीकाकरण से जुड़ी सच्ची जानकारी आमजन तक पहुँचाना अनिवार्य है. कार्यक्रम में उपस्थित जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ डा० राजीव अमवष्ठा ने कहा कि मीडिया के सहयोग से "मिशन इंद्रधनुष" जैसे कार्यक्रमों को ज़मीनी स्तर तक सफल बनाया जा सकता है। साथ ही उन्होंने बताया कि 9 से 14 वर्ष तक के बच्चियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए एच पी भी का भी टीकाकरण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कई बार अफवाहों और जानकारी की कमी के कारण अभिभावक टीकाकरण से दूर रहते हैं, जिसे मीडिया सही जानकारी देकर बदल सकता है। कार्यशाला में स्थानीय पत्रकारों ने भी अपने विचार साझा किए और स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर जागरूकता अभियान चलाने का आश्वासन दिया। अंत में, सभी प्रतिभागियों को धन्यवाद देते हुए यूनिसेफ एस एम सी अजय चेरोविन ने कहा कि इस तरह की कार्यशालाएँ मीडिया और स्वास्थ्य विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करती हैं, जिससे जिले में टीकाकरण की स्थिति और बेहतर हो सकेगी। इस मौके पर डी०पी०एम० निलेश कुमार पी सी आई के प्रोग्राम मैनेजर कामता पाठक, स्टेट मैनेजर डॉक्यूमेंटेशन जिला समन्वयक मनोज कुमार राव, यूनिसेफ के गावी कोडिनेटर संजय कुमार सिंह एस एम सी असजद इकबाल सागर शामिल हुऐ।

महुआवाँ में बच्चों के झगड़े से भड़का विवाद, जदयू विधायक ने रात में कराया समझौता

,मदनपुर प्रखंड के महुआवाँ गांव में बच्चों के बीच हुए मामूली झगड़े से शुरू हुआ विवाद गुरुवार की रात शांतिपूर्ण ढंग से सुलझ गया। जदयू विधायक प्रमोद कुमार सिंह ने खुद मौके पर पहुँचकर दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाया और आपसी सहमति से समझौता कराया। घटना के अनुसार, गांव के दो परिवारों के बच्चों के बीच खेल के दौरान छोटी-मोटी नोक-झोंक हुई थी, जो बाद में बढ़ते विवाद का रूप ले लिया। प्रारंभिक झगड़े को लेकर ग्रामीणों में चर्चा फैल गई और कुछ स्वार्थी तत्वों ने इसे

जातीय और राजनीतिक रंग देने का प्रयास किया। स्थिति बिगड़ती देख विधायक प्रमोद कुमार सिंह ने तुरंत हस्तक्षेप करने का निर्णय लिया। विधायक प्रमोद कुमार सिंह ने कहा कि यह एक सामान्य बच्चों का झगड़ा था, जिसे किसी भी तरह से बढ़ाकर राजनीतिक या जातीय मुद्दा बनाने की कोशिश उचित नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विवाद की वास्तविक जड़ केवल बच्चों का आपसी मनमुटाव था, जो किसी भी बड़े सामाजिक संकट का कारण नहीं बन सकता।

उन्होंने दोनों परिवारों से अपील की कि भविष्य में किसी भी प्रकार के वैयक्तिक मतभेद को बढ़ावा न दें और गांव में शांति एवं सौहार्द बनाए रखें। विधायक की पहल से प्रभावित होकर दोनों पक्षों के परिवारों ने आपसी बातचीत के जरिए समझौते पर सहमति जताई। समझौते के दौरान दोनों पक्षों ने अपने बच्चों की गलती स्वीकार की और भविष्य में ऐसे विवाद न होने की शपथ ली। विधायक ने इस अवसर पर कहा कि समाज में सद्भाव और भाईचारे को बनाए रखना हर नागरिक का कर्तव्य है। ग्रामीणों ने भी विधायक के इस त्वरित और संवेदनशील हस्तक्षेप की सराहना की। उन्होंने कहा कि अगर विधायक समय पर हस्तक्षेप नहीं करते, तो मामूली झगड़ा बड़ा विवाद बन सकता था। ग्रामीणों ने जोर देकर कहा कि इस तरह के हस्तक्षेप से छोटे-छोटे विवादों का समय रहते समाधान करना संभव है और यह गांव में सामूहिक सौहार्द को बनाए रखने में मददगार है।

सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि बच्चों के झगड़े अक्सर बड़े विवाद का रूप ले लेते हैं, लेकिन स्थानीय नेतृत्व और प्रशासनिक हस्तक्षेप से इनका शांतिपूर्ण समाधान संभव है। महुआवाँ की यह घटना इसी बात का उदाहरण है, जहाँ विधायक की सक्रियता और संवाद के माध्यम से विवाद को फैलने से पहले ही समाप्त कर दिया गया। इस मामले ने यह भी उजागर किया कि समाज में कुछ तत्व मामूली घटनाओं को बढ़ाकर असहमति और तनाव फैलाने की कोशिश करते हैं। विधायक ने ग्रामीणों से आग्रह किया कि वे ऐसे लोगों के प्रयासों में न फंसें और आपसी सहयोग और समझदारी से ही किसी भी समस्या का समाधान करें।

अंत में, विधायक प्रमोद कुमार सिंह ने दोनो परिवारों से कहा कि बच्चों को खेल-कूद में सुधार करने, आपसी सम्मान बनाए रखने और सकारात्मक आदतों के लिए मार्गदर्शन करें। उन्होंने आश्वस्त किया

कि प्रशासन और स्थानीय प्रतिनिधि हमेशा ग्रामीणों के साथ हैं .

और किसी भी विवाद को सुलझाने के लिए तत्पर रहेंगे। महुआवाँ गांव में यह घटना न केवल विवाद का शांतिपूर्ण समाधान दिखाती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि जागरूक नेतृत्व और संवाद से समाज में सामूहिक शांति कायम की जा सकती है।

तनिष्क शोरूम में मधुबनी कलेक्शन का नया रेंज, तनिष्क के नए शोरूम का फीता काट के उद्घाटन किया


गया। भारत का सबसे बड़ा ज्वेलरी रिटेल ब्रांड और टाटा परिवार का एक हिस्सा तनिष्क ने बिहार के गया जी 24 पर्यटन स्थल में एक ने और धमाका धमाकेदार ने स्टोर का आज शुभारंभ किया गया इस सुबह इस तनिक असिस्टेंट एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट रिटेलिंग सुनील राज ईस्ट के रीजनल बिजनेस सेट सा गौरव कृष्ण और तनिक ईस्ट 2 के आईबीएम मणि शंकर सेनगुप्ता ने आज इस तनिष्क के नए शोरूम का फीता काट के उद्घाटन किया

जिसमें हर खरीदारी के साथ एक सोने का सिक्का मुफ्त उपाय के रूप में दिया जाएगा हर खरीदार को हर आने वाले और टेनिस के हर नई रेंज का जो रेंज पूरे विश्व में रेंज है वह इस तरह से शोरूम में भी रेंज उपलब्ध कराया गया है तनिष्क के एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट रिटेलिंग सुनील राज ने कहा गया मैं स्टोर का उद्घाटन हो रहा है

कस्टमर के लिए एक नया ऑफर लेकर आई है जो गया कैसे स्टोर में कमाल धमाल मचाएगी इस तनिष्क के शोरूम में गया के जनता के लिए गोल्ड ऑफर लोगों को दिया जा रहा है जो इस नवंबर के अंतिम दिनों तक रहेगा इस शोरूम में कोई भी गोल्ड एक्सचेंज ऑफर के साथ आप बदली कर सकते हैं और तनिष्क का प्रोडक्ट ले सकते हैं इस शोरूम में 9 काह 22 काह 18 काह तीनों रेंज के सोने के आभूषण एवं हीरे के आभूषण उपलब्ध हैंआगे उन्होंने कहा कि मधुबनी कला से निर्मित गले के सेट हार के सेट शादी विवाह में आने वाले पूरे मंगलसूत्र आदि यहां उपलब्ध है आगे उन्होंने कहा कि गया जी एक विश्व पर्यटन असली है और इस नई जगह पर हमारी शानदार स्टोर का उद्घाटन करते हुए हमें बहुत खुशी हो रही है बिहार में हमारी उपस्थिति को मजबूत करने की दिशा में हमने एक और कदम आगे बढ़ाया है

पहले से बेहतर और शानदार स्टोर हमारे ग्राहकों की खरीदारी की समृद्धि और अधिक आरामदायक अनुभव प्रदान करने के लिए सोच समझ कर डिजाइन किया गया है सोने हीरे और चांदी के शादी के आभूषणों की विशाल शृंखला इस स्टोर पर प्रस्तुत की गई है तनिष्क के भरोसेमंद शुद्धता बेजोड़ कार्यागिरी और सेवा के वचन को बरका रखते हुए इन क्षेत्र के लोगों की पसंद और जरूरत को पूरा करना हमारा लक्ष्य है हम गया जी के लोगों को एक खूबसूरती नए स्टोर पर स्वागत करते हैं और उनके उत्सक

इश्क के डिनर बिजनेस एडमिन गौरव कृष्ण ने कहा कि यह बेहतर स्टोर को प्रमाणित कर रहे हैं लोगों का भरोसा इस तनिक शोरूम में गया की जनता हो गया के आसपास को लोगों को हर सहयोग की मिलेगा इस स्टोर में लोग ने डिजाइन नए लुक आने आभूषणों को खरीद सकते हैं और उन्होंने आगे यह भी कहा कि जिनके माध्यम वर्ग के लोगों के लिए 12 महीने का एक ऑफर है जो आप काम से कम रेट में सोने का रेट कम करके जी आभूषणों को कर देंगे इस रेट को 12 महीने लाने पर मेकिंग चार्ज में भी 50% तक छूट मिलेगी

गयाजी के सेंट्रल जेल में छापेमारी, करीब एक घंटे तक विभिन्न वार्डों की गहन तलाशी, नहीं हुआ कोई भी आपत्तिजनक सामान बरामद

गया: गयाजी के सेंट्रल जेल में छापेमारी हुई है। सुबह करीब साढ़े पांच बजे एसडीएम किसलय श्रीवास्तव के नेतृत्व में टीम जेल के अंदर दाखिल हुई। करीब एक घंटे तक विभिन्न वार्डों की गहन तलाशी ली गई। टीम में डीएसपी, डीएसपी ट्रैफिक और रामपुर थाना पुलिस शामिल थी। एसडीएम किसलय श्रीवास्तव ने बताया कि कैदियों के बैरक, खुले क्षेत्रों और संवेदनशील हिस्सों की पड़ताल की गई। एक घंटे तक छापेमारी चली। इस दौरान कोई भी आपत्तिजनक सामान बरामद नहीं हुआ है। मोबाइल, सिम, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस कुछ भी नहीं मिला है।

जेल में कुख्यात बंद गयाजी सेंट्रल जेल में कई कुख्यात अपराधी और नक्सली बंद हैं। हाल ही में अतरी के पूर्व विधायक रंजीत यादव को भी यहीं रखा गया है। इसके अलावा उत्तर बिहार के कुख्यात झा ग्रुप के गुर्गे भी इसी जेल में बंद है। प्रदेश के आठ जिलों में रेड छापेमारी राज्य भर में चल रहे अभियान का हिस्सा थी,

जिसमें अचानक कार्रवाई कर जेल प्रबंधन और बंदियों को अलर्ट किया जा रहा है। हालांकि गयाजी जेल के अंदर से कई बार मोबाइल से बातचीत और अपराधियों की बाहर से कनेक्टिविटी की चर्चाएं सामने आती रहती हैं। लेकिन हर बार की तरह इस बार भी छापेमारी टीम को कुछ नहीं मिला। बिहार के 8 जिलों की जेलों में सुबह-सुबह पुलिस ने रेड की है। पटना, पूर्णिया, बेगूसराय, मोतिहारी, मुंगेर, दरभंगा, मुजफ्फरपुर और गयाजी में दल बल के साथ पुलिस अधिकारी जेल पहुंचे और जांच की।

जिलों के SP और DM के नेतृत्व में पुलिस टीम के साथ ये रेड की गई है। सभी जगहों पर जेल के अंदर वार्डों को खंगाला गया है। कैदियों की तलाशी ली गई है। स्टाफ से पूछताछ हुई है। खाना बनाने वाले किचन से लेकर बाथरूम तक की चेक किया गया है।

जिला परिवहन पदाधिकारी एवं पुलिस उपाधीक्षक यातायात ने गया शहर के विभिन्न प्रमुख चौक चौराहों पर औचक रूप से ई-रिक्शा ऑटो रिक्शा के परिचालन का निरीक

गया: जिला परिवहन पदाधिकारी राजेश कुमार एवं पुलिस उपाधीक्षक यातायात द्वारा आज गया शहर के विभिन्न प्रमुख चौक चौराहों पर औचक रूप से ई-रिक्शा ऑटो रिक्शा के परिचालन का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के क्रम में लगभग 200 से अधिक टोटो /ऑटो/ ई रिक्शा का जांच किया गया। आज वाहनों का जांच मुख्य रूप से जिला पदाधिकारी कार्यालय गोलंबर, जीबी रोड, एपीआर गोलंबर एवं गवालबीघा के पास जांच की गई। जांच के दौरान कुछ टोटो ऑटो ई रिक्शा चालक बिना लाइसेंस, बिना इंश्योरेंस, बिना रजिस्ट्रेशन के वाहन चला रहे थे, उन संबंधित सभी वाहनों से साढे चार लाख रुपया फाइन वसूल की गई साथ में चेतावनी दी गई की किसी भी हाल में बिना रजिस्ट्रेशन सहित अन्य कागजातों के पूर्ण रखे बिना ई रिक्शा टोटो का परिचालन नहीं करें अन्यथा और कठोरता से कार्रवाई की जाएगी।

जिला परिवहन पदाधिकारी ने कहा कि हर हाल में यातायात नियमों का पालन करवाया जाएगा ताकि शहर के अंदर कहीं जाम की समस्या नहीं रहे। यत्र तत्र ऑटो लगाने के कारण यात्रियों को जाम की समस्याओं का सामना करना पड़ता है आज से लगातार शहर के अंदर सभी चौक चौराहों पर जांच दल गठित की गई है, उनके माध्यम से लगातार जांच अभियान चलाया जाएगा एवं परिवहन विभाग के नियमों का पालन करवाया जाएगा। जो भी नियम का पालन नहीं करेंगे उनके विरुद्ध फाइन की वसूली एवं कार्रवाई की जाएगी।

गया शहर में जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए प्रशासन एक्शन मोड में, अवैध अतिक्रमण पर चला बुलडोज़र

गया: बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान गया शहर में ट्रैफिक जाम की समस्या एक बड़े मुद्दे के रूप में उभरकर सामने आई थी। शहरवासियों ने लगातार शिकायत की थी कि मुख्य मार्गों और बाजारों में अवैध अतिक्रमण के कारण घंटों तक जाम लगा रहता है, जिससे आम लोगों की दैनिक दिनचर्या प्रभावित हो रही है। अब जब चुनाव समाप्त हो चुके हैं और बिहार में नई सरकार का गठन हो चुका है, तो चुनावी वादों को पूरा करने की दिशा में प्रशासन ने सक्रियता दिखानी शुरू कर दी है।

शहर को जाम की समस्या से मुक्ति दिलाने के उद्देश्य से नगर विधायक डॉक्टर प्रेम कुमार, जिलाधिकारी शशांक शुभंकर, नगर आयुक्त कुमार अनुराग और अन्य संबंधित सदस्यों ने विस्तृत बैठक कर एक ठोस कार्ययोजना तैयार की। इस योजना के तहत पहले शहर के अत्यधिक भीड़भाड़ वाले इलाकों की पहचान की गई और उन स्थानों पर अवैध अतिक्रमण हटाने का निर्णय लिया गया।

इसी क्रम में शनिवार को जिला प्रशासन ने अपने अभियान की शुरुआत करते हुए ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए कड़ी कार्रवाई की। जिलाधिकारी के निर्देश पर नगर निगम की टीम ने केपी रोड सहित शहर के कई संवेदनशील इलाकों में बुलडोज़र चलाया। फुटपाथों पर बने अस्थायी दुकानों, ठेलों और अन्य अवैध निर्माणों को हटाया गया, जिससे मार्गों को फिर से चौड़ा और सुगम बनाया जा सके।

प्रशासन के इस अभियान से स्थानीय लोगों में मिश्रित प्रतिक्रिया देखने को मिली। जहाँ एक ओर नियमित रूप से यातायात जाम का सामना करने वाले लोगों ने प्रशासनिक कार्रवाई का स्वागत किया, वहीं प्रभावित कारोबारियों ने अचानक की गई कार्रवाई पर असंतोष भी जताया। हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शहर के हित और यातायात सुधार के लिए यह कदम आवश्यक था।

जिला प्रशासन का कहना है कि यह सिर्फ शुरुआत है। आने वाले दिनों में शहर के अन्य व्यस्त इलाकों में भी इसी तरह अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई जारी रहेगी। लक्ष्य है कि गया शहर को पूरी तरह जाम-मुक्त और व्यवस्थित बनाया जाए, ताकि नागरिकों को सुरक्षित, सुगम और बेहतर यातायात व्यवस्था मिल सके।

गया–औरंगाबाद पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 10 वर्षों से फरार कुख्यात नक्सली दारा यादव गिरफ्तार

गया जिले के डुमरिया थाना क्षेत्र से गुरुवार को पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। डुमरिया थाना पुलिस ने औरंगाबाद पुलिस के साथ संयुक्त अभियान चलाते हुए लगभग 10 वर्षों से फरार और कुख्यात नक्सली दारा यादव उर्फ ददन यादव उर्फ ददन जी उर्फ विदेशी यादव को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की इस कार्रवाई से इलाके में राहत और सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है, वहीं नक्सली नेटवर्क को भी एक बड़ी चोट पहुंची है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार दारा यादव लंबे समय से नक्सल संगठन से जुड़ा हुआ था और उस पर कई संगीन मामलों में संलिप्त रहने के आरोप हैं। सबसे चर्चित मामला डुमरिया थाना कांड संख्या 111/2024 से संबंधित है, जिसमें दारा यादव पर अपने साथियों के साथ मिलकर घर में घुसकर एक व्यक्ति का अपहरण, गोली मारकर हत्या करने तथा शव को जंगल में फेंक देने का आरोप है। इस घटना ने उस समय पूरे क्षेत्र में दहशत फैला दी थी।

इस कांड में पुलिस पहले ही आठ नक्सलियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज चुकी है। दारा यादव की गिरफ्तारी से इस मामले का एक बड़ा सिरा पुलिस के हाथ लग गया है, जिससे आगे की जांच और नेटवर्क को ध्वस्त करने में सहयोग मिलने की उम्मीद है।

गया और औरंगाबाद पुलिस की टीम पिछले कई दिनों से दारा यादव की लोकेशन को ट्रेस कर रही थी। तकनीकी निगरानी और खुफिया जानकारी के आधार पर संयुक्त टीम ने एक विशेष अभियान चलाया और उसे धर दबोचा। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने सावधानी बरती, क्योंकि धारा यादव को खतरनाक और हथियारबंद माना जाता था। गया पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दारा यादव इलाके में नक्सली वारदातों को अंजाम देने में सक्रिय भूमिका निभाता था और फरार रहने के दौरान भी लगातार संगठन को समर्थन देता रहा। उसकी गिरफ्तारी से आने वाले समय में कई अन्य मामलों के खुलासे की संभावना जताई जा रही है।

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार नक्सली से पूछताछ जारी है। वहीं, स्थानीय ग्रामीणों ने भी राहत व्यक्त की है, क्योंकि धारा यादव की गतिविधियों के कारण क्षेत्र में भय का वातावरण बना रहता था। दारा यादव की गिरफ्तारी को गया–औरंगाबाद पुलिस की एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

दो दिसंबर से महाबोधि मंदिर में आयोजित इंटरनेशनल त्रिपिटक चैटिंग की तैयारी जोर-शोर से जारी

-त्रिपिटक चैटिंग में दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों से लगभग 20 हजार भिक्षु, भिक्षुणी और श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना..

गया: विश्व शांति की कामना के साथ तथागत बुद्ध द्वारा दिए गए उपदेशों का पाठ करने के लिए दो दिसंबर से महाबोधि मंदिर में आयोजित इंटरनेशनल त्रिपिटक चैटिंग की तैयारी जोर-शोर से जारी है। इसके लिए महाबोधि मंदिर के साथ ही कालचक्र मैदान में भव्य पंडाल बनाया जा रहा है। त्रिपिटक चैटिंग में दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों से लगभग 20 हजार भिक्षु, भिक्षुणी और श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। इन सभी को देखते हुए ज़िलाधिकारी शशांक शुभंकर ने बीटीएमसी कार्यालय में बैठक कर आयोजन के दौरान क्राउड मैनेजमेंट, मेडिकल फैसिलिटी, फायर सेफ्टी, यातायात प्रबंधन, आवासन और सुरक्षा व्यवस्था पर विस्तार से समीक्षा की गई।

बताया गया कि पिछले 20 वर्षों से लगातार अंतर्राष्ट्रीय त्रिपिटक चैटिंग का आयोजन हो रहा है। किस वर्ष 20वा अंतरराष्ट्रीय त्रिपिटक चैटिंग का आयोजक भारत देश बना है। बताया गया कि अंतरराष्ट्रीय त्रिपिटक चैटिंग हर वर्ष अलग अलग देश द्वारा आयोजित की जाती है। इस बार पहली बार इस अंतरराष्ट्रीय त्रिपिटक चैटिंग का ऑर्गेनाइजर भारत देश बना है। इस अवसर पर भारत के विभिन्न राज्यों एवं दूसरे देशों के बड़े-बड़े डिग्निट्री (अतिथि) को आने की संभावना है। ज़िलाधिकारी ने कहा कि लगभग 20 हजार से ऊपर की संख्या में श्रद्धालु गण आएंगे। उनके रहने के लिए विभिन्न आवासन स्थल को चिन्हित करते हुए वहां रहने हेतु बेड की उपलब्धता, ठंड को देखते हुए कंबल चादर इत्यादि की मुकम्मल व्यवस्था इन सबों के अलावा सभी आवासन स्थल पर पर्याप्त टॉयलेट, स्नानागार, पेयजल की व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए। बताया गया कि आवासन स्थल में मुख्य रूप से निगमा मोनास्ट्री, मगध विश्वविद्यालय, बरमी बिहार, बंगला देश मोनास्ट्री सहित अन्य स्थानों पर आवासन बनाया गया है। इसके अलावा बोधगया के विभिन्न सरकारी भवनों में भी आवासन की व्यवस्था करवाई जा रही है।

सभी आवासन स्थल पर रैशनी, बिजली, पेयजल, टॉयलेट सहित सभी व्यवस्था मुकम्मल करवाने का निर्देश प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं कार्यपालक पदाधिकारी बोधगया को दिया गया। ज़िलाधिकारी ने कहा कि कालचक्र मैदान में बड़ी संख्या में श्रद्धालु का जमावड़ा रहेगा इस दृष्टिकोण से एम्बुलेंस सहित मेडीकल कैम्प मैदान में बनाते हुए डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ की उपस्थिति रखवाने का निर्देश दिए। इसके अलावा महाबोधि मंदिर के समीप मेडिकल कैम्प बनवाने तथा निगमा मोनास्ट्री में एम्बुलेंस सहित मेडिकल कैम्प लगवाने के निर्देश दिए हैं। ज़िलाधिकारी ने अग्निशमन पदाधिकारी को निर्देश दिया है कि कालचक्र मैदान में बड़े आकार का टेंट पंडाल का निर्माण हो रहा है। कालचक्र मैदान में बड़ी संख्या में श्रद्धालु एकत्रित रहेंगे। इसी दृष्टिकोण से फायर सेफ्टी के संबंध में फायर ऑडिट एवं फायर कि वाहन कालचक्र मैदान में उपलब्ध रखेंगे। इसके अलावा बड़ी संख्या में श्रद्धालु महाबोधि मंदिर में सुबह से शाम तक लगातार पूजा करेंगे। मंदिर परिसर में छोटे-छोटे तंबू एवं टेंट बनाए जा रहा है। मंदिर परिसर में भी फायर ऑडिट एवं मंदिर के बाहर फायर सेफ्टी की वाहन उपलब्ध रखना सुनिश्चित करेंगे।

ज़िलाधिकारी ने अनुमंडल पदाधिकारी सदर एवं पुलिस उपाधीक्षक यातायात को निर्देश दिया है कि 30 नवंबर तक बोधगया का ट्रैफिक प्लान तैयार करते हुए आम जनता के बीच प्रसारित करवाये। इसके अलावा मंदिर एवं कालचक्र मैदान में संभावित भीड़ को ध्यान में रखते हुए नोड 01 से मंदिर की ओर एवं चिल्ड्रेन पार्क से मंदिर की ओर बड़े वाहनो एवं जिस दिन ज्यादा भीड़ मंदिर और कालचक्र में रहेगा उस दिन पासधारी वाहनो को भी रुट डाइवर्ट किये जायेंगे। इसके अलावा जिन स्थानों पर से वाहनो को रोका जाएगा/ नो एंट्री रहेगा, उन स्थानों से मंदिर/ कालचक्र मैदान तक आने के लिये पर्याप्त ई रिक्शा परिचालन करवाने का निर्देश ज़िला परिवहन पदाधिकारी को दिया गया।