तनिष्क शोरूम में मधुबनी कलेक्शन का नया रेंज, तनिष्क के नए शोरूम का फीता काट के उद्घाटन किया


गया। भारत का सबसे बड़ा ज्वेलरी रिटेल ब्रांड और टाटा परिवार का एक हिस्सा तनिष्क ने बिहार के गया जी 24 पर्यटन स्थल में एक ने और धमाका धमाकेदार ने स्टोर का आज शुभारंभ किया गया इस सुबह इस तनिक असिस्टेंट एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट रिटेलिंग सुनील राज ईस्ट के रीजनल बिजनेस सेट सा गौरव कृष्ण और तनिक ईस्ट 2 के आईबीएम मणि शंकर सेनगुप्ता ने आज इस तनिष्क के नए शोरूम का फीता काट के उद्घाटन किया

जिसमें हर खरीदारी के साथ एक सोने का सिक्का मुफ्त उपाय के रूप में दिया जाएगा हर खरीदार को हर आने वाले और टेनिस के हर नई रेंज का जो रेंज पूरे विश्व में रेंज है वह इस तरह से शोरूम में भी रेंज उपलब्ध कराया गया है तनिष्क के एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट रिटेलिंग सुनील राज ने कहा गया मैं स्टोर का उद्घाटन हो रहा है

कस्टमर के लिए एक नया ऑफर लेकर आई है जो गया कैसे स्टोर में कमाल धमाल मचाएगी इस तनिष्क के शोरूम में गया के जनता के लिए गोल्ड ऑफर लोगों को दिया जा रहा है जो इस नवंबर के अंतिम दिनों तक रहेगा इस शोरूम में कोई भी गोल्ड एक्सचेंज ऑफर के साथ आप बदली कर सकते हैं और तनिष्क का प्रोडक्ट ले सकते हैं इस शोरूम में 9 काह 22 काह 18 काह तीनों रेंज के सोने के आभूषण एवं हीरे के आभूषण उपलब्ध हैंआगे उन्होंने कहा कि मधुबनी कला से निर्मित गले के सेट हार के सेट शादी विवाह में आने वाले पूरे मंगलसूत्र आदि यहां उपलब्ध है आगे उन्होंने कहा कि गया जी एक विश्व पर्यटन असली है और इस नई जगह पर हमारी शानदार स्टोर का उद्घाटन करते हुए हमें बहुत खुशी हो रही है बिहार में हमारी उपस्थिति को मजबूत करने की दिशा में हमने एक और कदम आगे बढ़ाया है

पहले से बेहतर और शानदार स्टोर हमारे ग्राहकों की खरीदारी की समृद्धि और अधिक आरामदायक अनुभव प्रदान करने के लिए सोच समझ कर डिजाइन किया गया है सोने हीरे और चांदी के शादी के आभूषणों की विशाल शृंखला इस स्टोर पर प्रस्तुत की गई है तनिष्क के भरोसेमंद शुद्धता बेजोड़ कार्यागिरी और सेवा के वचन को बरका रखते हुए इन क्षेत्र के लोगों की पसंद और जरूरत को पूरा करना हमारा लक्ष्य है हम गया जी के लोगों को एक खूबसूरती नए स्टोर पर स्वागत करते हैं और उनके उत्सक

इश्क के डिनर बिजनेस एडमिन गौरव कृष्ण ने कहा कि यह बेहतर स्टोर को प्रमाणित कर रहे हैं लोगों का भरोसा इस तनिक शोरूम में गया की जनता हो गया के आसपास को लोगों को हर सहयोग की मिलेगा इस स्टोर में लोग ने डिजाइन नए लुक आने आभूषणों को खरीद सकते हैं और उन्होंने आगे यह भी कहा कि जिनके माध्यम वर्ग के लोगों के लिए 12 महीने का एक ऑफर है जो आप काम से कम रेट में सोने का रेट कम करके जी आभूषणों को कर देंगे इस रेट को 12 महीने लाने पर मेकिंग चार्ज में भी 50% तक छूट मिलेगी

गयाजी के सेंट्रल जेल में छापेमारी, करीब एक घंटे तक विभिन्न वार्डों की गहन तलाशी, नहीं हुआ कोई भी आपत्तिजनक सामान बरामद

गया: गयाजी के सेंट्रल जेल में छापेमारी हुई है। सुबह करीब साढ़े पांच बजे एसडीएम किसलय श्रीवास्तव के नेतृत्व में टीम जेल के अंदर दाखिल हुई। करीब एक घंटे तक विभिन्न वार्डों की गहन तलाशी ली गई। टीम में डीएसपी, डीएसपी ट्रैफिक और रामपुर थाना पुलिस शामिल थी। एसडीएम किसलय श्रीवास्तव ने बताया कि कैदियों के बैरक, खुले क्षेत्रों और संवेदनशील हिस्सों की पड़ताल की गई। एक घंटे तक छापेमारी चली। इस दौरान कोई भी आपत्तिजनक सामान बरामद नहीं हुआ है। मोबाइल, सिम, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस कुछ भी नहीं मिला है।

जेल में कुख्यात बंद गयाजी सेंट्रल जेल में कई कुख्यात अपराधी और नक्सली बंद हैं। हाल ही में अतरी के पूर्व विधायक रंजीत यादव को भी यहीं रखा गया है। इसके अलावा उत्तर बिहार के कुख्यात झा ग्रुप के गुर्गे भी इसी जेल में बंद है। प्रदेश के आठ जिलों में रेड छापेमारी राज्य भर में चल रहे अभियान का हिस्सा थी,

जिसमें अचानक कार्रवाई कर जेल प्रबंधन और बंदियों को अलर्ट किया जा रहा है। हालांकि गयाजी जेल के अंदर से कई बार मोबाइल से बातचीत और अपराधियों की बाहर से कनेक्टिविटी की चर्चाएं सामने आती रहती हैं। लेकिन हर बार की तरह इस बार भी छापेमारी टीम को कुछ नहीं मिला। बिहार के 8 जिलों की जेलों में सुबह-सुबह पुलिस ने रेड की है। पटना, पूर्णिया, बेगूसराय, मोतिहारी, मुंगेर, दरभंगा, मुजफ्फरपुर और गयाजी में दल बल के साथ पुलिस अधिकारी जेल पहुंचे और जांच की।

जिलों के SP और DM के नेतृत्व में पुलिस टीम के साथ ये रेड की गई है। सभी जगहों पर जेल के अंदर वार्डों को खंगाला गया है। कैदियों की तलाशी ली गई है। स्टाफ से पूछताछ हुई है। खाना बनाने वाले किचन से लेकर बाथरूम तक की चेक किया गया है।

जिला परिवहन पदाधिकारी एवं पुलिस उपाधीक्षक यातायात ने गया शहर के विभिन्न प्रमुख चौक चौराहों पर औचक रूप से ई-रिक्शा ऑटो रिक्शा के परिचालन का निरीक

गया: जिला परिवहन पदाधिकारी राजेश कुमार एवं पुलिस उपाधीक्षक यातायात द्वारा आज गया शहर के विभिन्न प्रमुख चौक चौराहों पर औचक रूप से ई-रिक्शा ऑटो रिक्शा के परिचालन का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के क्रम में लगभग 200 से अधिक टोटो /ऑटो/ ई रिक्शा का जांच किया गया। आज वाहनों का जांच मुख्य रूप से जिला पदाधिकारी कार्यालय गोलंबर, जीबी रोड, एपीआर गोलंबर एवं गवालबीघा के पास जांच की गई। जांच के दौरान कुछ टोटो ऑटो ई रिक्शा चालक बिना लाइसेंस, बिना इंश्योरेंस, बिना रजिस्ट्रेशन के वाहन चला रहे थे, उन संबंधित सभी वाहनों से साढे चार लाख रुपया फाइन वसूल की गई साथ में चेतावनी दी गई की किसी भी हाल में बिना रजिस्ट्रेशन सहित अन्य कागजातों के पूर्ण रखे बिना ई रिक्शा टोटो का परिचालन नहीं करें अन्यथा और कठोरता से कार्रवाई की जाएगी।

जिला परिवहन पदाधिकारी ने कहा कि हर हाल में यातायात नियमों का पालन करवाया जाएगा ताकि शहर के अंदर कहीं जाम की समस्या नहीं रहे। यत्र तत्र ऑटो लगाने के कारण यात्रियों को जाम की समस्याओं का सामना करना पड़ता है आज से लगातार शहर के अंदर सभी चौक चौराहों पर जांच दल गठित की गई है, उनके माध्यम से लगातार जांच अभियान चलाया जाएगा एवं परिवहन विभाग के नियमों का पालन करवाया जाएगा। जो भी नियम का पालन नहीं करेंगे उनके विरुद्ध फाइन की वसूली एवं कार्रवाई की जाएगी।

गया शहर में जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए प्रशासन एक्शन मोड में, अवैध अतिक्रमण पर चला बुलडोज़र

गया: बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान गया शहर में ट्रैफिक जाम की समस्या एक बड़े मुद्दे के रूप में उभरकर सामने आई थी। शहरवासियों ने लगातार शिकायत की थी कि मुख्य मार्गों और बाजारों में अवैध अतिक्रमण के कारण घंटों तक जाम लगा रहता है, जिससे आम लोगों की दैनिक दिनचर्या प्रभावित हो रही है। अब जब चुनाव समाप्त हो चुके हैं और बिहार में नई सरकार का गठन हो चुका है, तो चुनावी वादों को पूरा करने की दिशा में प्रशासन ने सक्रियता दिखानी शुरू कर दी है।

शहर को जाम की समस्या से मुक्ति दिलाने के उद्देश्य से नगर विधायक डॉक्टर प्रेम कुमार, जिलाधिकारी शशांक शुभंकर, नगर आयुक्त कुमार अनुराग और अन्य संबंधित सदस्यों ने विस्तृत बैठक कर एक ठोस कार्ययोजना तैयार की। इस योजना के तहत पहले शहर के अत्यधिक भीड़भाड़ वाले इलाकों की पहचान की गई और उन स्थानों पर अवैध अतिक्रमण हटाने का निर्णय लिया गया।

इसी क्रम में शनिवार को जिला प्रशासन ने अपने अभियान की शुरुआत करते हुए ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए कड़ी कार्रवाई की। जिलाधिकारी के निर्देश पर नगर निगम की टीम ने केपी रोड सहित शहर के कई संवेदनशील इलाकों में बुलडोज़र चलाया। फुटपाथों पर बने अस्थायी दुकानों, ठेलों और अन्य अवैध निर्माणों को हटाया गया, जिससे मार्गों को फिर से चौड़ा और सुगम बनाया जा सके।

प्रशासन के इस अभियान से स्थानीय लोगों में मिश्रित प्रतिक्रिया देखने को मिली। जहाँ एक ओर नियमित रूप से यातायात जाम का सामना करने वाले लोगों ने प्रशासनिक कार्रवाई का स्वागत किया, वहीं प्रभावित कारोबारियों ने अचानक की गई कार्रवाई पर असंतोष भी जताया। हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शहर के हित और यातायात सुधार के लिए यह कदम आवश्यक था।

जिला प्रशासन का कहना है कि यह सिर्फ शुरुआत है। आने वाले दिनों में शहर के अन्य व्यस्त इलाकों में भी इसी तरह अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई जारी रहेगी। लक्ष्य है कि गया शहर को पूरी तरह जाम-मुक्त और व्यवस्थित बनाया जाए, ताकि नागरिकों को सुरक्षित, सुगम और बेहतर यातायात व्यवस्था मिल सके।

गया–औरंगाबाद पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 10 वर्षों से फरार कुख्यात नक्सली दारा यादव गिरफ्तार

गया जिले के डुमरिया थाना क्षेत्र से गुरुवार को पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। डुमरिया थाना पुलिस ने औरंगाबाद पुलिस के साथ संयुक्त अभियान चलाते हुए लगभग 10 वर्षों से फरार और कुख्यात नक्सली दारा यादव उर्फ ददन यादव उर्फ ददन जी उर्फ विदेशी यादव को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की इस कार्रवाई से इलाके में राहत और सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है, वहीं नक्सली नेटवर्क को भी एक बड़ी चोट पहुंची है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार दारा यादव लंबे समय से नक्सल संगठन से जुड़ा हुआ था और उस पर कई संगीन मामलों में संलिप्त रहने के आरोप हैं। सबसे चर्चित मामला डुमरिया थाना कांड संख्या 111/2024 से संबंधित है, जिसमें दारा यादव पर अपने साथियों के साथ मिलकर घर में घुसकर एक व्यक्ति का अपहरण, गोली मारकर हत्या करने तथा शव को जंगल में फेंक देने का आरोप है। इस घटना ने उस समय पूरे क्षेत्र में दहशत फैला दी थी।

इस कांड में पुलिस पहले ही आठ नक्सलियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज चुकी है। दारा यादव की गिरफ्तारी से इस मामले का एक बड़ा सिरा पुलिस के हाथ लग गया है, जिससे आगे की जांच और नेटवर्क को ध्वस्त करने में सहयोग मिलने की उम्मीद है।

गया और औरंगाबाद पुलिस की टीम पिछले कई दिनों से दारा यादव की लोकेशन को ट्रेस कर रही थी। तकनीकी निगरानी और खुफिया जानकारी के आधार पर संयुक्त टीम ने एक विशेष अभियान चलाया और उसे धर दबोचा। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने सावधानी बरती, क्योंकि धारा यादव को खतरनाक और हथियारबंद माना जाता था। गया पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दारा यादव इलाके में नक्सली वारदातों को अंजाम देने में सक्रिय भूमिका निभाता था और फरार रहने के दौरान भी लगातार संगठन को समर्थन देता रहा। उसकी गिरफ्तारी से आने वाले समय में कई अन्य मामलों के खुलासे की संभावना जताई जा रही है।

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार नक्सली से पूछताछ जारी है। वहीं, स्थानीय ग्रामीणों ने भी राहत व्यक्त की है, क्योंकि धारा यादव की गतिविधियों के कारण क्षेत्र में भय का वातावरण बना रहता था। दारा यादव की गिरफ्तारी को गया–औरंगाबाद पुलिस की एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

दो दिसंबर से महाबोधि मंदिर में आयोजित इंटरनेशनल त्रिपिटक चैटिंग की तैयारी जोर-शोर से जारी

-त्रिपिटक चैटिंग में दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों से लगभग 20 हजार भिक्षु, भिक्षुणी और श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना..

गया: विश्व शांति की कामना के साथ तथागत बुद्ध द्वारा दिए गए उपदेशों का पाठ करने के लिए दो दिसंबर से महाबोधि मंदिर में आयोजित इंटरनेशनल त्रिपिटक चैटिंग की तैयारी जोर-शोर से जारी है। इसके लिए महाबोधि मंदिर के साथ ही कालचक्र मैदान में भव्य पंडाल बनाया जा रहा है। त्रिपिटक चैटिंग में दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों से लगभग 20 हजार भिक्षु, भिक्षुणी और श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। इन सभी को देखते हुए ज़िलाधिकारी शशांक शुभंकर ने बीटीएमसी कार्यालय में बैठक कर आयोजन के दौरान क्राउड मैनेजमेंट, मेडिकल फैसिलिटी, फायर सेफ्टी, यातायात प्रबंधन, आवासन और सुरक्षा व्यवस्था पर विस्तार से समीक्षा की गई।

बताया गया कि पिछले 20 वर्षों से लगातार अंतर्राष्ट्रीय त्रिपिटक चैटिंग का आयोजन हो रहा है। किस वर्ष 20वा अंतरराष्ट्रीय त्रिपिटक चैटिंग का आयोजक भारत देश बना है। बताया गया कि अंतरराष्ट्रीय त्रिपिटक चैटिंग हर वर्ष अलग अलग देश द्वारा आयोजित की जाती है। इस बार पहली बार इस अंतरराष्ट्रीय त्रिपिटक चैटिंग का ऑर्गेनाइजर भारत देश बना है। इस अवसर पर भारत के विभिन्न राज्यों एवं दूसरे देशों के बड़े-बड़े डिग्निट्री (अतिथि) को आने की संभावना है। ज़िलाधिकारी ने कहा कि लगभग 20 हजार से ऊपर की संख्या में श्रद्धालु गण आएंगे। उनके रहने के लिए विभिन्न आवासन स्थल को चिन्हित करते हुए वहां रहने हेतु बेड की उपलब्धता, ठंड को देखते हुए कंबल चादर इत्यादि की मुकम्मल व्यवस्था इन सबों के अलावा सभी आवासन स्थल पर पर्याप्त टॉयलेट, स्नानागार, पेयजल की व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए। बताया गया कि आवासन स्थल में मुख्य रूप से निगमा मोनास्ट्री, मगध विश्वविद्यालय, बरमी बिहार, बंगला देश मोनास्ट्री सहित अन्य स्थानों पर आवासन बनाया गया है। इसके अलावा बोधगया के विभिन्न सरकारी भवनों में भी आवासन की व्यवस्था करवाई जा रही है।

सभी आवासन स्थल पर रैशनी, बिजली, पेयजल, टॉयलेट सहित सभी व्यवस्था मुकम्मल करवाने का निर्देश प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं कार्यपालक पदाधिकारी बोधगया को दिया गया। ज़िलाधिकारी ने कहा कि कालचक्र मैदान में बड़ी संख्या में श्रद्धालु का जमावड़ा रहेगा इस दृष्टिकोण से एम्बुलेंस सहित मेडीकल कैम्प मैदान में बनाते हुए डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ की उपस्थिति रखवाने का निर्देश दिए। इसके अलावा महाबोधि मंदिर के समीप मेडिकल कैम्प बनवाने तथा निगमा मोनास्ट्री में एम्बुलेंस सहित मेडिकल कैम्प लगवाने के निर्देश दिए हैं। ज़िलाधिकारी ने अग्निशमन पदाधिकारी को निर्देश दिया है कि कालचक्र मैदान में बड़े आकार का टेंट पंडाल का निर्माण हो रहा है। कालचक्र मैदान में बड़ी संख्या में श्रद्धालु एकत्रित रहेंगे। इसी दृष्टिकोण से फायर सेफ्टी के संबंध में फायर ऑडिट एवं फायर कि वाहन कालचक्र मैदान में उपलब्ध रखेंगे। इसके अलावा बड़ी संख्या में श्रद्धालु महाबोधि मंदिर में सुबह से शाम तक लगातार पूजा करेंगे। मंदिर परिसर में छोटे-छोटे तंबू एवं टेंट बनाए जा रहा है। मंदिर परिसर में भी फायर ऑडिट एवं मंदिर के बाहर फायर सेफ्टी की वाहन उपलब्ध रखना सुनिश्चित करेंगे।

ज़िलाधिकारी ने अनुमंडल पदाधिकारी सदर एवं पुलिस उपाधीक्षक यातायात को निर्देश दिया है कि 30 नवंबर तक बोधगया का ट्रैफिक प्लान तैयार करते हुए आम जनता के बीच प्रसारित करवाये। इसके अलावा मंदिर एवं कालचक्र मैदान में संभावित भीड़ को ध्यान में रखते हुए नोड 01 से मंदिर की ओर एवं चिल्ड्रेन पार्क से मंदिर की ओर बड़े वाहनो एवं जिस दिन ज्यादा भीड़ मंदिर और कालचक्र में रहेगा उस दिन पासधारी वाहनो को भी रुट डाइवर्ट किये जायेंगे। इसके अलावा जिन स्थानों पर से वाहनो को रोका जाएगा/ नो एंट्री रहेगा, उन स्थानों से मंदिर/ कालचक्र मैदान तक आने के लिये पर्याप्त ई रिक्शा परिचालन करवाने का निर्देश ज़िला परिवहन पदाधिकारी को दिया गया।

गया में पुलिस की दो बड़ी कार्रवाइयाँ: अवैध शराब बरामद, पांच गिरफ्तार, अवैध बालू से लदे दो ट्रैक्टर भी जप्त, SSP ने की खुलासा

गया। जिले में चलाए जा रहे विशेष पुलिस अभियान के तहत गुरुवार को गया पुलिस को दो अलग-अलग मामलों में बड़ी सफलता मिली। अवैध शराब कारोबार तथा अवैध खनन पर नकेल कसने के उद्देश्य से की गई इन कार्रवाइयों का नेतृत्व स्वयं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) आनंद कुमार ने किया। उनके निर्देश पर जिले के कई थाना क्षेत्रों में एक साथ दबिश दी गई, जिसके परिणामस्वरूप पुलिस ने भारी मात्रा में देसी और विदेशी शराब बरामद की, वहीं अवैध खनन में शामिल वाहन भी पकड़े गए।

पहली कार्रवाई में पुलिस टीम ने छापेमारी के दौरान 344 लीटर देसी महुआ शराब तथा 25.125 लीटर विदेशी शराब जब्त की। मौके पर शराब की ढुलाई में उपयोग किए जा रहे एक टेंपो को भी पुलिस ने कब्जे में ले लिया। इस गिरोह से जुड़े पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनकी पहचान मनीष प्रसाद, रॉकी कुमार, अमित कुमार और तेतर भुइया के रूप में हुई है। सभी आरोपी गया जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों के निवासी बताए गए हैं। पुलिस के अनुसार ये लोग अवैध शराब के निर्माण, परिवहन और बिक्री में काफी समय से सक्रिय थे।

उधर दूसरी ओर, अवैध खनन के खिलाफ चलाए गए अभियान के तहत पुलिस ने बालू से भरे दो ट्रैक्टर को जप्त किया। बताया गया कि ये ट्रैक्टर बिना अनुमति के, देर रात नदी घाटों से अवैध रूप से बालू निकालकर विभिन्न निर्माण स्थलों पर पहुँचाने की तैयारी में थे। पुलिस ने वाहन चालकों से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। अधिकारियों के मुताबिक इस गिरोह में शामिल अन्य लोगों की भी पहचान की जा रही है और जल्द ही बड़े पैमाने पर कार्रवाई की जाएगी।

एसएसपी आनंद कुमार ने प्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि जिले में अवैध शराब कारोबार, खनन और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए अभियान तेज किया गया है। उन्होंने बताया कि आगे भी इसी तरह की कार्रवाई लगातार होती रहेगी और किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

कोतवाली थाना पुलिस ने एक युवक को देसी पिस्तौल, मोबाइल फोन और कार के साथ किया गिरफ्तार

गया: गया में कोतवाली थाना पुलिस ने गुरुवार देर शाम 5 बजे रेलवे स्टेशन रोड स्थित डाकघर के पास एक युवक को देसी पिस्तौल, मोबाइल फोन और कार के साथ गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार युवक की पहचान गया जिले के खिजरसराय थाना क्षेत्र के कैनी गाँव निवासी अंकित भारती के रूप में हुई है.

कोतवाली थाना अध्यक्ष ने बताया कि पुलिस टीम नियमित गश्ती के दौरान स्टेशन रोड क्षेत्र में थी। इसी दौरान एक संदिग्ध कार पुलिस की नज़र में आई। पुलिस ने जब चालक को रुकने का इशारा किया, तो वह घबरा गया और कार घुमाकर भागने की कोशिश करने लगा। पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए वाहन को कुछ ही दूरी पर रोक लिया और चालक को पकड़ की जेब से एक देसी लिया। तलाशी के दौरान युवक की जेब से पिस्तौल और एक मोबाइल फोन बरामद हुआ। पुलिस ने उसकी कार भी जब्त कर ली है।

मगध विश्वविद्यालय बोधगया के दीक्षांत समारोह में अव्यवस्था पर राज्यपाल मोहम्मद आरिफ खान ने जताई नाराज़गी, मंच से ही दी नसीहत

बोधगया स्थित मगध विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में मंगलवार को उस समय अप्रत्याशित अव्यवस्था देखने को मिली जब बिहार के राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति महामहिम मोहम्मद आरिफ खान अपने संबोधन के लिए मंच पर उपस्थित थे। समारोह के दौरान मंत्री अशोक चौधरी के साथ आए कई समर्थक अचानक मंच के ठीक सामने जमा हो गए। इससे न केवल कार्यक्रम की गरिमा भंग होती दिखी बल्कि मंच से राज्यपाल का दृश्य भी बाधित हो गया।

राज्यपाल जब छात्रों और अतिथियों को संबोधित कर रहे थे, तभी भीड़ आगे बढ़ने लगी। क्षणभर के लिए समारोह में हलचल मच गई। स्थिति को देखते हुए राज्यपाल ने स्वयं मंच से ही व्यवस्था बहाल करने की पहल की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा—

“यहाँ बीच में खड़े मत होइए, सुशासन रखिए। यह दीक्षांत समारोह है।”

उनकी यह टिप्पणी न केवल मौजूद समर्थकों के लिए संदेश थी, बल्कि कार्यक्रम की गंभीरता और अनुशासन को बनाए रखने की सीख भी थी।

राज्यपाल के निर्देश के बाद सुरक्षाकर्मियों और आयोजन समिति ने भीड़ को पीछे हटने के लिए कहा, जिसके बाद मंच के सामने का क्षेत्र धीरे-धीरे खाली कराया गया। हालांकि, यह घटना समारोह के दौरान उपस्थित विद्यार्थियों, अभिभावकों और गणमान्य अतिथियों के बीच चर्चा का विषय बनी रही। कई लोगों ने महसूस किया कि ऐसे महत्वपूर्ण शैक्षणिक कार्यक्रम में राजनीतिक हस्तक्षेप या समर्थकों की अनावश्यक भीड़ व्यवस्था को प्रभावित करती है।

दीक्षांत समारोह में कुलपति, विभिन्न संकायों के डीन, शिक्षकगण और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ शामिल हुए। समारोह का उद्देश्य विद्यार्थियों को उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों पर सम्मानित करना था, लेकिन बीच में हुई अव्यवस्था ने कार्यक्रम की गरिमा पर सवाल खड़े कर दिए। इसके बावजूद कार्यक्रम आगे शांतिपूर्वक संपन्न हुआ और राज्यपाल ने अपने संबोधन में शिक्षा, अनुशासन और सुशासन के महत्व पर जोर दिया।

मगध विश्वविद्यालय बोधगया में 22वां दीक्षांत समारोह: बिहार के राज्यपाल मोहम्मद आरिफ ने 250 पीएचडी के मेधावी को मेडल और सर्टिफिकेट दिया

गया: मगध विश्वविद्यालय के 22वें वार्षिक दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया. जिसकी अध्यक्षता कर रहे महामहिम सह कुलाधिपति आरिफ मोहम्मद खां, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, महामहिम कुलाधिपति के प्रधान सचिव, प्रति कुलपति अन्य मंचासीन अतिथिगण, अधिषद्, अभिषद् एवं विद्वत्

परिषद् के सदस्यगण, विभिन्न विश्वविद्यालयों से आये कुलपति एवं पूर्व कुलपतिगण, सभागार में उपस्थित रहे. इस दीक्षांत समारोह कार्यक्रम में राज्यपाल ने मंच से कहा की ज्ञान और मोक्ष की इस पवित्र भूमि पर मैं हार्दिक स्वागत, अभिवादन और वंदन करता हूँ. आज लगभग एक दशक के बाद मगध विश्वविद्यालय 22वें वार्षिक दीक्षांत समारोह का साक्षी बन रहा है. एक दशक का यह लम्बा वक्त शैक्षणिक सत्र और परीक्षाओं की विलम्बित अवस्था के कारण लगा। फरवरी 2023 में जब मैंने कुलपति का पद संभाला, तब विश्वविद्यालय में परीक्षाएँ बाधित थीं, परीक्षा परिणाम वर्षों से लंबित थे और विद्यार्थियों का भरोसा डगमगाया हुआ था. विश्वविद्यालय को पुनर्जीवित करने के लिए ढाई वर्षों में 150 से अधिक लंबित परीक्षाएँ पूरी कर चार वर्ष पीछे चल रहे सत्र को नियमित कर दिया गया है. मगध विश्वविद्यालय के लिए यह परीक्षा में केवल सुधार नहीं है, यह विश्वविद्यालय

के साख की पुनर्स्थापना है. इसलिए, आज का यह ऐतिहासिक अवसर केवल दीक्षांत समारोह नहीं, बल्कि

मगध विश्वविद्यालय की आत्मा के पुनर्जागरण का उत्सव है। यह वह क्षण है जब चुनौती भरे समय में किए गए परिश्रम, संघर्ष और सुधार की रोशनी हमारे परिसर को आलोकित कर रही है। यह रोशनी बताती है कि जब नीयत साफ हो और दृष्टि स्पष्ट हो, तो असंभव भी संभव बन जाता है। 1962 में स्थापित मगध विश्वविद्यालय ने 6 दशक से भी अधिक की अपनी यात्रा में आरा और पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के दो विभाजन भी देखे। इसके बावजूद पांच जिलों में फैले अपने क्षेत्राधिकार के अंतर्गत यह विश्वविद्यालय 1 लाख 10 हजार से अधिक विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान कर रहा है और बिहार के सामाजिक परिवर्तन की एक नयी गाथा लिख रहा है। अत्यंत प्रसन्नता की बात है कि एक दशक बाद महामहिम के करकमलों से दीक्षार्थियों को पदक और उपाधि प्राप्त करने का सुअवसर मिल

रहा है। इस अवसर पर 28 परंपरागत स्नातकोत्तर और 6 व्यावसायिक कोर्स के 34 मेधावी विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक प्रदान किए जा रहे हैं। यह गौरव का पल है कि सत्र 2022-24 के 156 स्नातकोत्तर उत्तीर्ण विद्यार्थियों और वर्ष 2024 में पीएच.डी. परीक्षा उत्तीर्ण 250 शोधार्थियों, जिनमें दो डी.लिट्. शोधार्थी भी शामिल हैं, को इस 22वें दीक्षांत समारोह में महामहिम कुलाधिपति के सम्मुख उपाधियाँ प्रदान की जा रही हैं। यह प्रमाणपत्र केवल कागज़ की डिग्री नहीं, यह विद्यार्थियों के आत्मविश्वास, निष्ठा और चुनौतियों से भरी हुई शैक्षणिक यात्रा का जीवंत दस्तावेज़ है।

यह उपाधि आपको पहचान के अतिरिक्त उत्तरदायित्व भी देती है । आप भविष्य के निर्माता हैं. कभी महात्मा गांधी के लिए कवि सोहनलाल द्विवेदी ने कहा था-

“चल पड़े जिधर दो डग मग में, चल पड़े कोटि पग उसी ओर...' "आई मैं आप सभी विद्यार्थियों के कदमों को उसी दिशा में बढ़ने का आह्वान करता हूँ। आपको यह जानकर सुखद आश्चर्य होगा कि मगध विश्वविद्यालय बिहार का पहला राज्य विश्वविद्यालय है, जहाँ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस केंद्र की स्थापना की जा रही है।