धान क्रय एवं खाद की उपलब्धता हेतु नवीन गल्ला मण्डी तथा सहकारी समिति केशवपुर पहड़वा का किया औचक निरीक्षण

गोण्डा। 29 नवम्बर,2025 जिलाधिकारी गोण्डा प्रियंका निरंजन ने आज जिले में धान क्रय एवं खाद उपलब्धता की वास्तविक स्थिति का अवलोकन करने हेतु नवीन गल्ला मण्डी, बहराइच रोड बड़गांव तथा बहु उद्देशीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति लि०, केशवपुर पहड़वा का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने किसानों से सीधे संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं एवं सुझावों की जानकारी प्राप्त की।

नवीन गल्ला मण्डी में धान बेचने आए किसानों से जिलाधिकारी ने पूछा कि उन्हें क्रय केंद्र पर किसी प्रकार की दिक्कत या परेशानी का सामना तो नहीं करना पड़ा। उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि धान खरीद प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी एवं सुगम तरीके से संचालित हो, ताकि किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसानों की समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाए तथा तौल एवं भुगतान की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।

इसके पश्चात जिलाधिकारी ने बहु उद्देशीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति लि०, केशवपुर पहड़वा का निरीक्षण कर वहां धान क्रय की स्थिति एवं खाद की उपलब्धता की विस्तृत जानकारी एआर कोऑपरेटिव तथा केंद्र प्रभारी/सचिव से प्राप्त की। निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि केंद्र पर खाद उपलब्ध नहीं थी। इस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट रूप से चेतावनी दी कि जिले के सभी सहकारी समितियों एवं क्रय केंद्रों पर खाद की पर्याप्त उपलब्धता समय से सुनिश्चित की जाए।

जिलाधिकारी ने कहा कि किसानों को खाद के लिए इधर-उधर भटकना पड़े, यह बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने निर्देशित किया कि खाद की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु सभी आवश्यक कदम तत्काल प्रभाव से उठाए जाएं। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी भी केंद्र पर खाद की कमी पाई जाती है या किसानों को परेशानी होती है, तो दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कृषि से संबंधित सभी व्यवस्थाओं को और अधिक बेहतर बनाने के निर्देश दिए तथा अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि शासन की योजनाओं एवं निर्देशों का पालन हर हाल में सुनिश्चित किया जाए।

निरीक्षण के दौरान जिला खाद्य विपणन अधिकारी एनके पाठक, एआर कोऑपरेटिव रवि शंकर चौधरी तथा यूपीपीसीएफ प्रबंधक जितेंद्र वर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

समय से नहीं हुआ बकाया भुगतान तो इलाज पक्का- दारा सिंह चौहान

*जल्द होगा गन्ना किसानों का बकाया भुगतान, मंत्री ने दिया आश्वासन

गोंडा।जिले में बजाज हिन्दुस्तान शुगर कुंदुरखी चीनी मिल पर किसानों का 109 करोंड़ रुपये गन्ना भुगतान बकाया है।इस मुद्दे को जब किसानों ने प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री दारा सिंह चौहान के सामने उठाया जिसके बाद मंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया है।कैबिनेट मंत्री ने किसानों को बताया कि वे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बात करके जल्द से जल्द बकाया गन्ना भुगतान सुनिश्चित करवाएंगे।उन्होंने चेतावनी दी कि यदि चीनी मिल भुगतान नहीं करती है तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।इस दौरान मीडिया से बात करते हुए मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का इस पूरे मामले पर कड़ा रुख है।कैबिनेट में यह भी बात सामने आई है कि बकायादार निजी चीनी मिलें यदि जल्द भुगतान नहीं करती हैं तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।जब मंत्री से पूछा गया कि चीनी मिल के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं हुई,तो उन्होंने कहा कि उन्हें पिछली स्थिति की जानकारी नहीं है।उन्होंने दोहराया कि यदि समय पर भुगतान नहीं हुआ तो इलाज होगा सख्त कार्रवाई होगी।पत्रकारों के सवाल पर कि क्या वे किसी को निर्देशित करेंगे,मंत्री ने कहा कि वे निश्चित रूप से जिलाधिकारी को इस संबंध में निर्देश देंगे।उन्होंने कहा कि वे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर सभी गन्ना किसानों के बकाया भुगतान को जल्द से जल्द करवाने का आग्रह करेंगे और हम चाहेंगे कि जल्द से जल्द गन्ना किसानों का बकाया भुगतान हो जाए ताकि उन्हें दिक्कत का सामना न करना पड़े।

निलम्बित बीएसए अतुल तिवारी प्रकरण में हाईकोर्ट ने सरकार से तलब किया ब्योरा

*निलम्बन निरस्त कर बहाली की न्यायालय से मांग,सुनवाई मंगलवार को

गोंडा।जिले के निलम्बित जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अतुल कुमार तिवारी की याचिका पर लखनऊ उच्च न्यायालय में न्यायमूर्ति मनीष माथुर की खंडपीठ ने सुनवाई की है।कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से पूरे मामले का ब्योरा तलब किया है।न्यायालय ने सरकार से पूछा है कि इस मामले में अब तक क्या कार्रवाई की गयी है।कोर्ट ने मंगलवार तक पूरी जानकारी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।अतुल कुमार तिवारी की याचिका पर मंगलवार को हाईकोर्ट में दुबारा सुनवाई होगी।फिलहाल, उन्हें हाईकोर्ट से तत्काल कोई राहत नहीं मिली है।तिवारी ने कोर्ट में याचिका दाखिल कर अपने निलम्बन आदेश को रद्द करने और उन्हें पुनः जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के पद पर बहाल करने की मांग की है।उन्होंने कोर्ट को बताया कि उनके द्वारा किसी से कोई रिश्वत नहीं ली गयी है।बीएसए के अनुसार,उन पर गलत तरीके से आरोप लगाकर एंटी करप्शन कोर्ट से आदेश करवाकर मुकदमा दर्ज करवाया गया है।उनका कहना है कि उन्हें गलत तरीके से निलम्बित किया गया है,जबकि इस पूरे मामले में उनका कोई दोष नहीं है।हाईकोर्ट में दाखिल याचिका में निलम्बित बीएसए अतुल कुमार तिवारी ने उत्तर प्रदेश सरकार के माध्यम से कई अधिकारियों और विभागों को पार्टी बनाया है।इसमें अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा उत्तर प्रदेश,संयुक्त सचिव बेसिक शिक्षा विभाग,महानिदेशक बेसिक शिक्षा विभाग,आयुक्त देवीपाटन मंडल,जिलाधिकारी गोंडा,निदेशक बेसिक शिक्षा विभाग,मंडलीय सहायक निदेशक बेसिक शिक्षा शामिल हैं।बताते चलें कि शिकायतकर्ता मनोज कुमार पाण्डेय ने आरोप लगाया था कि स्कूलों में फर्नीचर सप्लाई के टेंडर प्रक्रिया में अतुल कुमार तिवारी ने उनसे 22 लाख रुपए की रिश्वत ली थी।मनोज कुमार पाण्डेय का आरोप है कि रिश्वत लेने के बाद भी उन्हें काम नहीं दिया गया और उनकी फर्म को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया और इसके बाद गलत तरीके से आरोप लगाकर नगर कोतवाली में अतुल कुमार तिवारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया गया था।इसमें अतुल कुमार तिवारी सहित तीन लोगों पर नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज है।इसी मामले में सरकार द्वारा 11 नवंबर को इनको निलम्बित कर दिया गया था

महिला कल्याण विभाग एवं अपराजिता सामाजिक समिति द्वारा बाल विवाह मुक्त भारत अभियान का एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन

गोंडा। 28 नवम्बर,2025 मिशन शक्ति 5.0 के अंतर्गत महिला कल्याण विभाग एवं अपराजिता सामाजिक समिति द्वारा बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत श्री लाल बहादुर शास्त्री महाविद्यालय में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता कॉलेज के प्राचार्य द्वारा किया गया।

कार्यक्रम में महिला कल्याण विभाग के डीसीपीयू से प्रोटेक्शन ऑफिसर चंद्र मोहन वर्मा, हब फॉर इंपॉवरमेंट ऑफ वूमेन से डिस्ट्रिक्ट मिशन कोऑर्डिनेटर शिवेन्द्र श्रीवास्तव, वन स्टॉप सेंटर की प्रबंधक चेतना सिंह, जेंडर स्पेशलिस्ट ज्योत्सना सिंह, जेंडर स्पेशलिस्ट राजकुमार आर्य, चाइल्ड हेल्पलाइन काउंसलर नीतू तिवारी, पुलिस विभाग से उप निरीक्षक व टीम, अपराजिता कार्यक्रम प्रमुख अभय पाण्डेय,परियोजना समन्वयक आत्रेय त्रिपाठी, सिद्धार्थ दुबे, गीता जायसवाल, जितेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे।

कटरा बाज़ार क्षेत्र में वन माफियाओं का आतंक चरम पर, प्रतिबंधित पेड़ों की खुलेआम कटान

गोंडा।कटरा बाजार, गोंडा। कटरा बाज़ार थाना क्षेत्र में वन माफियाओं का आतंक चरम पर है और प्रतिबंधित पेड़ों की धड़ल्ले से खुलेआम कटान हो रही है। वहीं जिम्मेदार वन विभाग व पुलिस प्रशासन जानबूझकर अंजान बना हुआ है और इस अवैध कारोबार को खुलेआम संरक्षण दिया जा रहा है। ताज़ा मामला थाना क्षेत्र के पांचूपुर में वन माफियाओं द्वारा बेख़ौफ़ होकर प्रतिबंधित प्रजातियों के पेड़ों की ताबड़तोड़ कटान किये जाने का सामने आया है। जिसका वीडियो, फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

स्थिति यह है कि क्षेत्र में शाम ढलते ही ट्रैक्टर-ट्रॉली और पिकअप से लकड़ी की ढुलाई धड़ल्ले से जारी रहती है, लेकिन स्थानीय पुलिस व वन विभाग मूकदर्शक बने बैठे हैं। क्षेत्रीय लोगों की मानें तो इतनी बड़ी अवैध गतिविधि बिना मिलीभगत के संभव ही नहीं। लोगों का आरोप है कि जिम्मेदार विभागों के कुछ कर्मियों की सरपरस्ती में वन संपदा को हर रोज बेरहमी से काटा जा रहा है।

शिकायतें होने के बावजूद न तो किसी की गिरफ्तारी हुई, न ही कोई कार्रवाई,जिससे माफियाओं के हौसले और भी बढ़ते जा रहे हैं। जंगलों में लगातार कम होती हरियाली और अवैध कटान से पर्यावरण संतुलन पर भी गंभीर खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय लोग पूछ रहे हैं कि— क्या विभागों की चुप्पी इस अवैध कारोबार को संरक्षण दे रही है और कब रुकेगी गोंडा की हरियाली पर यह खुली डकैती? क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि सही मायने में कार्रवाई हो तो कुछ ही दिनों में पूरा रैकेट उजागर हो सकता है, लेकिन फिलहाल सवालों का अंबार और कार्रवाई का अभाव ही दिख रहा है। आखिर जिम्मेदार कब जागेंगे और वन माफियाओं पर लगाम कब लगेगी।

श्री लाल बहादुर शास्त्री डिग्री कॉलेज में ‘बाल विवाह मुक्त भारत अभियान’ के तहत जिला स्तरीय जागरूकता कार्यक्रम सम्पन्न

गोंडा।28 नवम्बर। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा प्रारंभ किए गए “बाल विवाह मुक्त भारत अभियान” के अंतर्गत आज श्री लाल बहादुर शास्त्री डिग्री कॉलेज के ललिता शास्त्री सभागार में एक प्रभावशाली जिला स्तरीय जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन समाजशास्त्र विभाग एवं अपराजिता सामाजिक समिति द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. रवीन्द्र कुमार ने दीप प्रज्वलन कर किया। अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में उन्होंने कहा कि— “बाल विवाह समाज के विकास में सबसे बड़ी बाधा है और इसे समाप्त करने हेतु सामूहिक जागरूकता, शिक्षा और सामाजिक सहयोग अत्यंत आवश्यक है।”

कार्यक्रम में महाविद्यालय के अनेक सम्मानित प्राध्यापकों की उपस्थिति ने आयोजन को और अधिक गरिमामयी बनाया। इनमें प्रो. अमन चंद्रा, प्रो. जितेन्द्र सिंह, प्रो. जय शंकर तिवारी, डॉ. पल्लवी, डॉ. रचना श्रीवास्तव डॉ. मनीषा पाल, डॉ हरीश कुमार शुक्ला, डॉ. योगेंद्र नाथ श्रीवास्तव शामिल रहे।

इन सभी शिक्षकों ने बाल विवाह की समस्या, उसके दुष्परिणाम, तथा समाज में जागरूकता फैलाने की जरूरत पर अपने विचार प्रस्तुत करते हुए कार्यक्रम को सार्थक दिशा प्रदान की।कार्यक्रम के प्रथम सत्र में अपराजिता की टीम द्वारा प्रतिभागियों का पंजीकरण किया गया। तत्पश्चात समाजशास्त्र विभाग एवं कॉलेज प्रशासन द्वारा स्वागत भाषण प्रस्तुत किया गया, जिसमें विभागाध्यक्ष एवं सदस्यों ने अभियान की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।

इसके बाद अपराजिता सामाजिक समिति के प्रोग्राम लीड श्री अभय पांडेय ने “बाल विवाह मुक्त भारत–100 दिवस अभियान” का व्यापक विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने अपने वक्तव्य में बताया कि समिति किस प्रकार गांवों, समुदायों एवं विद्यालयों में जागरूकता गतिविधियों का संचालन कर रही है और किस तरह जनभागीदारी के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है।

कार्यक्रम के अगले चरण में वन स्टॉप सेंटर की मैनेजर श्रीमती चेतना सिंह ने बाल विवाह, घरेलू हिंसा, महिला सुरक्षा तथा उपलब्ध कानूनी सहायता सेवाओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि किस प्रकार हिंसा या संकट की स्थिति में महिलाएँ एवं बालिकाएँ वन स्टॉप सेंटर की सेवाओं का लाभ लेकर सुरक्षित वातावरण प्राप्त कर सकती हैं। इसके पश्चात जिला बाल संरक्षण अधिकारी (DCPO) श्री चन्द्रमोहन वर्मा ने किशोर न्याय अधिनियम, बाल अधिकारों एवं बाल विवाह से जुड़े कानूनी प्रावधानों पर सारगर्भित उद्बोधन दिया। उन्होंने युवाओं और शिक्षा संस्थानों की भूमिका पर विशेष जोर देते हुए कहा कि— “सामुदायिक भागीदारी के बिना कोई भी सामाजिक बुराई समाप्त नहीं हो सकती।”

इसके बाद अभय पांडेय एवं उनकी टीम द्वारा ही जिले में JRC के साथ मिलकर अपराजिता सामाजिक समिति द्वारा किए जा रहे कार्यों, हस्तक्षेपों और उपलब्धियों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने भी सक्रिय रूप से अपनी सहभागिता दर्ज कराई और बाल विवाह उन्मूलन पर आधारित प्रस्तुतियों ने सभा में उपस्थित सभी लोगों को प्रभावित किया।

कार्यक्रम की सफलता में कॉलेज के कई सहयोगी सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। श्री रामभरोस, श्री रमेश तथा अन्य स्टाफ सदस्यों ने कार्यक्रम के संचालन, व्यवस्था और तकनीकी प्रबंधन में विशेष भूमिका निभाई, जिससे कार्यक्रम सुचारू रूप से सम्पन्न हो सका।

समापन सत्र में समाजशास्त्र विभाग की डीन डॉ. शशिबाला तथा अपराजिता सामाजिक समिति की समन्वयक अर्पिता सिंह ने संयुक्त रूप से धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने प्राचार्य प्रो. रवीन्द्र कुमार, सभी प्राध्यापकों, अपराजिता समिति के सदस्यों, छात्रों, तकनीकी टीम तथा सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि— “आज का यह प्रयास तभी सार्थक होगा जब हम सभी समाज में बाल विवाह के विरुद्ध जागरूकता फैलाने का संकल्प लें।”

इस प्रकार, पूरे कार्यक्रम का मुख्य संदेश यही रहा कि जागरूकता, शिक्षा, कानून और सामुदायिक सहयोग—इन चारों के समन्वय से ही बाल विवाह जैसी कुप्रथा को समाप्त किया जा सकता है।

अमित कुमार सिंह बने गोंडा के नए बेसिक शिक्षा अधिकारी


गोंडा। आखिरकार 16 दिनों से खाली पड़े बीएसए पद पर नियुक्ति का इंतज़ार खत्म हो गया है। शासन ने अमित कुमार सिंह को गोंडा का नया बेसिक शिक्षा अधिकारी नियुक्त कर दिया है, जिसके बाद शिक्षा विभाग में नई ऊर्जा और सक्रियता लौटने की उम्मीद जताई जा रही है। बीएसए पद खाली होने के चलते शिक्षा विभाग की कई महत्वपूर्ण फाइलें अटकी पड़ी थीं। 

विद्यालय संचालन, शिक्षक संबद्ध कार्यों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं पर भी इसका असर दिखने लगा था। नए बीएसए की तैनाती के बाद विभागीय कार्यों में तेजी आने की संभावना है। सूचना मिलते ही शिक्षक समुदाय में राहत और उत्साह का माहौल है। शिक्षकों का कहना है कि बीएसए पद पर नई तैनाती से लम्बित कार्यों में गति आएगी और शैक्षिक गतिविधियों में सुधार देखने को मिलेगा।

 अमित कुमार सिंह के तैनाती के बाद विभाग में नये बदलावों और तेज निर्णयों की उम्मीद बढ़ गई है।

पूर्व सैनिक के हमलावर 13 दिन बाद भी पुलिस पकड़ से दूर

पीड़ित का लखनऊ में चल रहा इलाज,परिजन कर रहे गिरफ्तारी की मांग

गिरफ्तारी न होने पर दी आंदोलन की चेतावनी

गोंडा।जिले के देहात कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत कोयली जंगल में गत 16 नवंबर को पूर्व सैनिक आनंद यादव व उनके परिजनों पर हुए जानलेवा हमले के मामले में 13 दिन बाद भी पांच आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।इस घटना के बाद से सभी आरोपी फरार चल रहे हैं।पूर्व सैनिक आनंद यादव का पिछले 13 दिनों से लखनऊ के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है।उनकी सेहत में सुधार तो दिख रहा है परन्तु स्थिति अभी पूरी तरह से अच्छी नहीं है।आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से आनंद यादव व उनके परिजन परेशान हैं।आनंद यादव के पुत्र अमन यादव जो कि जम्मू कश्मीर में सेना में तैनात हैं अपने चाचा अशर्फी लाल यादव के साथ छुट्टी लेकर घर आये हैं और अपने पिता का इलाज करवा रहे हैं।अमन यादव ने आरोपियों की गिरफ्तारी के संबंध में देवीपाटन परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक अमित पाठक से भी मुलाकात की है।फरार आरोपियों में अतुल सिंह उर्फ़ विक्की सिंह,आलोक सिंह, अंकुर सिंह,विजय तिवारी व राजेश शर्मा शामिल हैं।परिजन इनकी गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं और अब आंदोलन की चेतावनी भी दे रहे हैं।वहीं पुलिस क्षेत्राधिकारी नगर आनंद राय ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई पुलिस टीमें गठित की गई हैं।आरोपियों का मोबाइल नंबर बंद होने के कारण उनकी लोकेशन नहीं मिल पा रही है।देहात कोतवाली पुलिस व अन्य टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है।क्षेत्राधिकारी आनंद राय ने आश्वासन दिया कि फरकश्र पांचों आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा तथा पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है।

करनैलगंज में खुलेआम अवैध मीट दुकानों का साम्राज्य- प्रशासन मौन, जनता परेशान

गोंडा। जिले के करनैलगंज कस्बे में अवैध रूप से संचालित मीट, मछली और अंडे की दुकानों ने प्रशासनिक व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी है। कस्बे के प्रमुख चौराहों, धार्मिक स्थलों और विद्यालयों के पास खुलेआम चल रही इन दुकानों से गंदगी, दुर्गंध और अस्वच्छता का माहौल पैदा हो गया है, जिससे स्थानीय निवासियों में भारी रोष है।

स्कूलों और मंदिरों के पास अवैध दुकानें- आदेशों की उड़ रही धज्जियाँ

सूत्रों के अनुसार कंपोजिट विद्यालय बालकरामपुरवा, गायत्री मंदिर के पास, सकरौरा चौराहा, सुक्खापुरवा मोड़ सहित कई स्थानों पर बिना लाइसेंस व अनुमति के मीट व मछली की दुकानें संचालित हो रही हैं। यह स्थिति तब है जबकि शासनादेश के अनुसार विद्यालय, धार्मिक स्थल, आबादी क्षेत्र और सार्वजनिक स्थलों से निर्धारित दूरी पर ऐसे कारोबार पूर्णतः प्रतिबंधित हैं।

दुर्गंध और गंदगी से राहगीर परेशान- आवागमन तक दूभर

दिन भर खुले में काटा जा रहा मीट, बहता खून, सड़ती मछली की दुर्गंध और नालियों का अंबार इलाके में दुर्गंध फैला रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि “जहाँ बच्चे पढ़ने जाते हैं और श्रद्धालु पूजा करने, वहीं कुछ कदम दूर कत्ल और दुर्गंध क्या यही कानून व्यवस्था है?” स्थानीय लोगों ने कई बार शिकायतें दर्ज कराईं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। प्रशासनिक उदासीनता और मौन ने संदेह पैदा कर दिया है कि आखिर यह अवैध कारोबार किसके संरक्षण में फल-फूल रहा है।

क्षेत्रवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द अवैध दुकानों को हटाया नहीं गया तो वे धरना-प्रदर्शन व आंदोलन करने को बाध्य होंगे। ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या सरकार के आदेश सिर्फ कागजों तक सीमित हैं? आखिर किसकी शह पर यह अवैध कारोबार चल रहा है। मासूम बच्चों, श्रद्धालुओं और आम जनता की भावना और स्वास्थ्य की किसी को चिंता क्यों नहीं? करनैलगंज में स्थिति साफ कह रही है कि “यहाँ कानून नहीं, बल्कि अवैध मीट कारोबारियों का राज चलता है।” अब देखना यह है कि प्रशासन जागेगा या फिर जनता के सब्र का बांध टूटेगा।

यातायात माह के अन्तर्गत गोण्डा पुलिस द्वारा राजकीय बालिका इण्टर कालेज गोण्डा में व्यापक यातायात जागरूकता कार्यक्रम आयोजित-

गोण्डा। पुलिस अधीक्षक गोण्डा

विनीत जायसवाल के निर्देशन में यातायात माह-नम्बर 2025 के अंतर्गत जनपद में सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों के पालन हेतु निरंतर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में आज 27.11.2025 को क्षेत्राधिकारी सदर सुश्री शिल्पा वर्मा, प्रभारी यातायात जगदंबा गुप्ता, टीएसआई राकेश कुमार द्वारा राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, गोण्डा एक विशेष यातायात जागरूकता गोष्ठी का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अधिकारीगण द्वारा कॉलेज के लगभग 350 छात्राओं को सड़क सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। छात्रों को यातायात संकेतों की पहचान, हेलमेट एवं सीटबेल्ट के अनिवार्य उपयोग, ओवरस्पीडिंग और ओवरलोडिंग के दुष्परिणाम, मोबाइल फोन का वाहन चलाते समय प्रयोग न करने तथा पैदल चलते समय सड़क सुरक्षा के मानकों के बारे में जागरूक किया गया।

कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों द्वारा छात्रों से सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने एवं अपने परिवार तथा समाज के अन्य लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करने की अपील की गयी साथ ही बताया गया कि अधिकांश सड़क दुर्घटनाएँ नियमों की अनदेखी के कारण होती हैं, जिन्हें केवल सतर्कता और नियमों के पालन से रोका जा सकता है।

यातायात के दौरान गोण्डा पुलिस द्वारा विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं जनसमुदाय के बीच इसी प्रकार के जन-जागरूकता कार्यक्रम आगे भी निरंतर रूप से आयोजित किए जाते रहेंगे, जिससे जनपद में सुरक्षित एवं अनुशासित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।

महत्वपूर्ण संदेश-

01. वाहन चलाते समय मोबाइल फोन अथवा इयरफोन का प्रयोग न करें।

02. नाबालिग बच्चों द्वारा वाहन चलाना पूर्णतः वर्जित है।

03. दोपहिया वाहन चालक एवं पीछे बैठी सवारी दोनों को हेलमेट पहनना अनिवार्य है।

04. चारपहिया वाहनों में सीट बेल्ट का प्रयोग अनिवार्य है।

05. निर्धारित क्षमता से अधिक सवारियाँ बैठाना व निर्धारित गति सीमा से अधिक वाहन चलाना दण्डनीय अपराध है।

06. दायें-बायें मुड़ते समय इंडिकेटर का प्रयोग करें।

06. दोपहिया वाहन पर दो से अधिक सवारी न बैठाएं।

07. वाहन निर्धारित स्थान पर ही पार्क करें।

08. वाहनों के आगे एवं पीछे रिफ्लेक्टर टेप लगाना आवश्यक है।

09. एम्बुलेंस एवं फायर ब्रिगेड वाहनों को जाने हेतु पहले रास्ता प्रदान करें।

10. नशे अथवा मादक पदार्थों का सेवन कर वाहन न चलाएं।

11. सड़क पर वाहन चलाते समय स्टंट न करें।

12. सड़क दुर्घटना की स्थिति में घायल व्यक्तियों की मदद करें एवं 112 डायल कर सूचना दें।