साई बाबा आदर्श महाविद्यालय में हॉकी के जादूगर ध्यानचंद को नमन कर मनाया गया खेल दिवस

अम्बिकापुर-  श्री साई बाबा आदर्श महाविद्यालय में शुक्रवार को मेजर ध्यानचंद की जयंती खेल दिवस के रूप में मनायी गयी। प्राचार्य डॉ. राजेश श्रीवास्तव, एनईपी समन्वयक डॉ. आर.एन शर्मा तथा खिलाड़ियों ने मेजर ध्यानचंद की तस्वीर पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। इस अवसर पर डॉ. श्रीवास्तव ने मेजर ध्यानचंद के खेल जीवन से सभी को अवगत कराया। उन्होंने कहा कि मेजर ध्यानचंद ने तीन ओलम्पिक खेले थे जिसमें एम्सटर्डम, लॉसएंजेलिस और बर्लिन था। उन्होंने तीनों ओलम्पिक में स्वर्ण पद हासिल किया था जो आज भी देश के लिए गर्व है। उनके भाई रूप सिंह भी अच्छे ओलम्पियन खिलाड़ी थे। मेजर ध्यानचंद के बेटे अशोक सिंह भी हॉकी के अच्छे खिलाड़ी थे जिन्होंने ओलम्पिकऽके साथ विश्वकप में बेहतरीन प्रदर्शन कर विश्वकप जीता था। भारतीय हॉकी के लिए मेजर ध्यानचंद दद्दा का दौर स्वर्णयुग था।

कार्यक्रम के दौरान प्राचार्य ने सफदर हाशमी की किताबें करती हैं बातें... और गुलजार की नज्म किताबें झांकती हैं बंद अलमारी के शीशों से सुनाया। उन्होंने सभी को किताबों के साथ पठनीयता आह्वान किया। इस अवसर महाविद्यालय के खिलाड़ियों के बीच बॉलीवाल मैच आयोजित हुआ, जिसमें खिलाड़ियों ने शानदार खेल दिखाया।

कार्यक्रम के दौरान लाइफ साईंस के विभागाध्यक्ष अरविन्द तिवारी, फिजीकल साईंस विभाग के अध्यक्ष शैलेष देवांगन, कम्प्यूटर साईंस एंड आईटी विभाग के अध्यक्ष डॉ. विवेक कुमार गुप्ता, क्रीड़ा प्रभारी सोनाली गोस्वामी, क्रीड़ाधिकारी तिलक राज टोप्पो तथा सभी प्राध्यापक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।

कुचिपुड़ी में दिखा नैनों का बांकपन और आंगिक अभिनय, नृत्यांगना टी. रेड्डी लक्ष्मी ने घुंघरूओं की थिरकन से सभी को किया आनन्दित

अम्बिकापुर- नैनों का बांकपन, चेहरे की भंगिमा, आंगिक अभिनय और लय-ताल के साथ कदमों की थिरकन, घुंघुरूओं की रूनझुन का दृष्य श्री साई बाबा स्कूल के मंच पर कुचिपुड़ी नृत्य में एक साथ दिखा। स्पिक मैके के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में नृत्यांगना टी. रेड्डी लक्ष्मी ने मां दुर्गा वंदना से कार्यक्रम का षुभारंभ किया। उन्होंने मां दुर्गा के महिषासुरमर्दिनी के नृत्य को प्रस्तुत किया। नृत्यांगना लक्ष्मी ने चेहरे की भंगिमा और आंगिक अभिनय को नृत्य में पिरोते हुए महिषासुर के वध की प्रस्तुति दी। उन्होंने अपनी द्वितीय प्रस्तुति में गजेंद्र रक्षा के प्रसंग को प्रस्तुत किया जिसमें भगवान विष्णु घड़ियाल से गजराज को बचाते हैं। इस प्रस्तुति साथ ही भक्ति भाव का संचार हुआ आडिटोरियम तालियों से गूंज उठा। उनकी तीसरी प्रस्तुति में हैपीनेस की प्रधानता दिखी। प्रसन्नता के विभिन्न आयाम से दर्षक रू-ब-रू हुए। चैथी और आखिरी प्रस्तुति में उन्होंने थाली के साथ कदमों के संतुलन को दिखाया। घुंघरूओं की खनक और थाली का संयोजन लाजवाब दिखा। कला कला के लिये और कला जीवन के लिए का संदेष सभी को भा गया। उन्होंने इस दौरान कुचिपुड़ी, भरतनाट्यम, कथक, मोहिनी अट्टम, ओडिसी, सत्त्रिया, कथकली और मणिपुरी नृत्य से सभी को अवगत कराया। दर्षकों को नृत्यांगना टी. रेड्डी लक्ष्मी ने हाथों की निषान और उसके संदेष, इषारे से अवगत कराया। नृत्यांगना टी. रेड्डी लक्ष्मी के साथ गायन में जयन कोटाक्कल, मृदंगम पर विग्नेष जयारामन और वायलिन पर सौम्या कानन ने संगत की।

इससे पहले कलाकारों तथा अतिथियों ने मां सरस्वती और श्री साई नाथ की तस्वीर पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कलाकारों का स्वागत पुष्प गुच्छ प्रदान कर किया गया।

स्कूल के संगीत षिक्षक भानू शंकर झा ने स्वागत गीत राग बृंदाबनी सारंग में हर्ष पटेल, आरव पैकरा, देवांष मरावी के साथ प्रस्तुति दी। श्री साई बाबा स्कूल के विद्यार्थियों ने कथक की प्रस्तुति दी जिसमें आर्ची गोयल, प्रगति तिवारी, श्रीवली अग्रवाल, अनुरा शर्मा, कमाक्षी गुप्ता, रूपांजना सरकार, आरोही भारती, आयषी पैकरा रहे। देष भक्ति गीत आज दिल पर रख कर हाथ समूह गायन में नेहा बच्छार, उदिता सिंह, काजल पैकरा, नैतिक पटवा, हर्ष पटेल ने षानदार प्रस्तुति दी। एकल गायन तेरा हिमालय आकाष छू ले पर नेहा बच्छर आदि ने ताल से ताल मिलाया। तबला में आरव, आकेष पैकरा की टीम ने प्रस्तुति दी।

इस अवसर पर प्रबंध समिति के अध्यक्ष विजय कुमार इंगोले, सचिव अजय कुमार इंगोले, सदस्य रेखा इंगोले, अलका इंगोले, प्राचार्य प्राची गोयल ने सभी कलाकारों को अंगवस्त्र और श्रीफल प्रदान कर सम्मानित किया।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए सचिव अजय कुमार इंगोले ने कहा कि कला का सौन्दर्य विभोर कर देता है। श्री साई बाबा स्कूल परिसर में यह आयोजन कला की एक नयी बुनियाद साबित होगा। सरगुजा के बच्चों को सीखने का अवसर मिलेगा और यह कड़ी चलती रहेगी।

अतिथियों का आभार प्रकट करते हुए प्राचार्य प्राची गोयल ने कहा कि नृत्य, गीत-संगीत दिलों को सुकून देते हैं और हमें इसके पास जाना चाहिए। श्री साई बाबा स्कूल अभिभावकों के सहयोग और साथ से विद्यार्थियों के लिये हमेषा नया अवसर तैयार करता रहेगा। हमारी बच्चों के प्रति प्रतिबद्धता ही पहचान है। कार्यक्रम के दौरान रजनी तिवारी, आयुषी सिंह, चंदा किरण अम्बस्ट, उद्देष मंडन आदि ने सहयोग किया।

इस अवसर पर श्री साई बाबा आदर्ष महाविद्यालय के प्राचार्य डाॅ. राजेष श्रीवास्तव, समाजसेविका वंदना दत्ता तथा सभी अभिभावक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।

छत्तीसगढ़ की प्रज्ञा प्रसाद बनीं 'गृहलक्ष्मी मिसेज इंटेलिजेंट'

नई दिल्ली-  भारत की सबसे बड़ी मिसेज इंडिया प्रतियोगिता 'गृहलक्ष्मी मिसेज इंडिया सीजन 2025' का आयोजन नई दिल्ली के फाइव स्टार होटल क्राउन प्लाजा में किया गया है। इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में फाइनलिस्ट के तौर पर छत्तीसगढ़ से एकमात्र प्रतियोगी प्रज्ञा प्रसाद को चुना गया था। ग्रैंड फिनाले में प्रज्ञा प्रसाद को 'गृहलक्ष्मी मिसेज इंटेलिजेंट' क्राउन से सम्मानित किया गया। प्रज्ञा प्रसाद 28 प्रतियोगियों में 9वें पायदान पर रहीं।

प्रज्ञा प्रसाद ने कहा कि "इतने बड़े प्लेटफॉर्म पर छत्तीसगढ़ राज्य का प्रतिनिधित्व करना मेरे लिए गर्व की बात है। मेरी बेटी सिद्धि ने इसके लिए प्रेरित किया। वैसे हर बच्चे को उसकी मां दुनिया में सबसे सुंदर और प्रतिभाशाली लगती है। मेरा मानना है कि जीवन में या तो हम जीतते हैं या फिर सीखते हैं। मैं यहां कुछ सीखने, पर्सनैलिटी को ग्रूम करने, कॉन्फिडेंस बिल्ड अप करने और खुद की खोज में आई।" उन्होंने ये भी कहा कि "कुछ चीजें हानि-लाभ के गणित से परे होती हैं। मैंने इस प्रतियोगिता में हिस्सा अपनी खुशी, आत्म-संतुष्टि और कुछ नया सीखने के लिए लिया।"

गृहलक्ष्मी मिसेज इंडिया के इस लेवल तक पहुंचने के लिए फॉर्म भरने से सफर शुरू हुआ। इसके बाद ऑडिशन्स हुए और मैं फाइनल राउंड के लिए शॉर्ट लिस्ट हो गई। फिर शुरू हुआ ग्रूमिंग सेशन्स। विभिन्न क्षेत्रों के एक्सपर्ट्स ने ऑनलाइन ग्रूमिंग सेशन्स लिया। जैसे फिटनेस के लिए देश की जानी-मानी एक्सपर्ट शगुन कृष्णा, सोशल मीडिया बेसिक्स एंड पर्सनल ब्रांडिंग डॉ फरज़ाना लकड़ावाला, कोर पर्सलानिटी एंड कम्युनिकेशन स्किल्स वत्सला जोसेफ, मेकअप बेसिक्स कीर्ति वर्मा।

बतौर फाइनलिस्ट मैंने चैरिटी वर्क भी किया। पुणे के निसर्ग सृष्टि वेलफेयर फाउंडेशन (Noise Pollution के लिए काम) और स्पर्श NGO (मेंस्ट्रुअल हाईजीन के लिए काम) के साथ चैरिटी की। साथ ही मेंस्ट्रुअल हाईजीन के लिए फंड रेज़ करने का काम भी किया। इस दौरान आयोजकों की टीम ने ब्रांड प्रमोशन के लिए गिफ्ट्स भेजे, जिसकी रील्स बनाकर इंस्टा पर अपलोड करनी थी ताकि कॉन्टेस्ट के बाद कंपनी अपने ब्रांड्स की प्रमोशन के लिए कॉन्ट्रैक्ट साइन कर सके।

इसके बाद नई दिल्ली के मयूर विहार स्थिति फाइव स्टार होटल क्राउन प्लाजा में 21, 22 और 23 को ग्रूमिंग, प्रोफेशनल फोटोशूट, टैलेंट राउंड, रैंप वॉक की प्रैक्टिस हुई। 24 अगस्त को ग्रैंड फिनाले का आयोजन हुआ। प्रज्ञा प्रसाद 28 प्रतियोगियों में 9वें पायदान पर रहीं, उन्हें 'गृहलक्ष्मी मिसेज इंटेलिजेंट' क्राउन से सम्मानित किया गया। ग्रैंड फिनाले में शहनाज हुसैन ग्रुप के फाउंडर पद्मश्री शहनाज हुसैन और ब्लॉसम कोचर ग्रुप ऑफ कंपनीज के चेयरपर्सन डॉ ब्लॉसम कोचर ज्यूरी के रूप में शामिल हुए। पूर्व क्रिकेटर अंजुम चोपड़ा, आलेख फाउंडेशन की फाउंडर डॉ रेने जॉय, एमटीवी सेलेब्रिटी एंड फिटनेस इन्फ्लूएंसर पीयू शर्मा, शगुन कृष्णा और राधिका भूषण भी विभिन्न राउंड के दौरान ज्यूरी के तौर पर शामिल हुईं।

गृहलक्ष्मी मिसेज इंडिया प्रतियोगिता का उद्देश्य महिलाओं के लिए जीवन भर का अनुभव प्रदान करना है। आयोजकों के अनुसार ये प्रतियोगिता महिलाओं को दुनिया में कदम रखने के लिए एक मंच प्रदान करने के लिए समर्पित है। यहां उन्हें सर्वश्रेष्ठ मार्गदर्शक और सत्र प्रदान करते हैं, जो विशेष रूप से दुनिया की शीर्ष प्रतियोगिता के मानकों के अनुरूप तैयार किए गए हैं। लक्ष्य केवल खिताब जीतना नहीं बल्कि, प्रतिभा का जश्न मनाने और विशेषज्ञों की मदद से उन्हें निखारना है।

साई कॉलेज में संगीत, नाटक और शिल्प से सजी तीन दिवसीय कार्यशाला का समापन

अम्बिकापुर- श्री साई बाबा आदर्श महाविद्यालय में शिक्षा विभाग के तत्वावधान में मुर्ति शिल्प, संगीत और नाटक से सजी तीन दिवसीय कार्यशाला का शनिवार को समापन हो गया। कार्यशाला के समापन अवसर पर 143 प्रतिभागियो को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए प्राचार्य डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने कहा कि संगीत, नाटक और शिल्प की विभिन्न विधायें अभ्यास तथा समय चाहती हैं। आप जितना परिश्रम करेंगे, कला निखरती जायेगी।

तीन दिनों की गतिविधियों से अवगत कराते हुए शिक्षा विभाग के अध्यक्ष डॉ. दिनेश शाक्य ने कहा कि 143 विद्यार्थियों ने तीन विधायों में अपने कौशल का प्रदर्शन किया। मूर्ति शिल्प, एल्क्रेलिक आर्ट, गोदना आर्ट, रंगीन मोमबत्ती का प्रशिक्षण बहुत ही बेहतरीन रहा। उन्होंने बताया कि नाटक में वाचिक, आंगिक अभिनय विधा से कलाकारों को मनोबल बढ़ा। गीत-संगीत ने माहौल को हमेशा ताजा बनाये रखा। मंच पर भगवान गणेश की विभिन्न भंगिमायें भक्तिभाव का संचार कर रही थीं तो गोदना आर्ट से सजी सरगुजिहा कला आकर्षण का केन्द्र बनी रही। इस दौरान कलाकारों ने मुम्बई हमले पर आधारित आखिर कब तक नाटक की प्रस्तुति दी जो करूण क्रंदन में समा गया। संदेशे आते हैं देशभक्ति गीत की प्रस्तुति हुई।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए रंगमंच के विशेषज्ञ कृष्णानन्द तिवारी ने कहा कि नवोदित कलाकारों ने जो तीन दिनों में सीखा यह उनकी काबलियत है। आखिर कब तक नाटक की प्रस्तुति उनकी संवेदनशीलता की झलक है।

संगीत के विशेषज्ञ भानु शंकर झा ने संगीत और सुर के लिये सभी को आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि संगीत हमें श्रेष्ठ जीवन देता है। इसके लिए नियमित अभ्यास की जरूरत है। शिल्प विशेषज्ञ अर्चिता सिन्हा ने नये कलाकारों की दक्षता और कौशल से प्रभावित होकर उन्हें और प्रशिक्षण की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इसे रोजगार के रूप में अपनाया जा सकता है। अनुष्का सिंह परिहार, विधि पांडेय, रागिनी तिवारी ने अपने अनुभव साझा किया।

डॉ. राजेश श्रीवास्तव और शिक्षा विभाग के अध्यक्ष डॉ. दिनेश शाक्य ने संगीत के विशेषज्ञ भानु शंकर झा, शिल्प की विशेषज्ञ अर्चिता सिन्हा और रंगमंच के सिद्धस्थ कृष्णानन्द तिवारी को स्मृति प्रदान कर सम्मानित किया। कार्यक्रम का संचालन अदिति भारती, अनुष्का सिंह परिहार, निशा निषाद और विधि पांडेय ने किया। कार्यक्रम के दौरान सभी प्राध्यापक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।

मोही डारे-2 शुक्रवार से सिनेमाघरों में..

रायपुर- अनुपम वर्मा कृत सुधाराज फिल्म्स के बैनर तले निर्मित फ़िल्म मोही डारे-2 शुक्रवार 22 अगस्त को रिलीज हो रही है, फ़िल्म में करण खान व शालिनी विश्वकर्मा की जोड़ी मुख्य भूमिका में है साथ ही संजय महानंद, नितेश कॉमेडियन, अलकरहा टुरा झरनेश की तिकड़ी दर्शकों को गुदगुदाएगी। संगीतकार,गीतकार सुनील सोनी के निर्देशन में मिलन स्टूडियो कटक में मोही डारे2 के गानों की रिकार्डिंग हुई है, मोही डारे 2 के गीतों को यूट्यूब में लोगो द्वारा बहुत पसंद किया जा रहा है। अनुपम वर्मा के निर्देशन में 2013 में मोही डारे रिलीज हुई थी जिसे दर्शकों ने खूब सराहा था, एक दशक बाद अनुपम वर्मा के निर्देशन में मोही डारे2 आ रही है, जिसका इंतजार दर्शकों को लंबे समय से है

निर्देशक अनुपम वर्मा ने कहा कि मोही डारे2 यू/ए सर्टिफिकेट की परिवारिक फ़िल्म है जिसमें करन खान, शालिनी विश्वकर्मा, नितेश कॉमेडियन, संजय महानंद, अलकरहा टुरा झरनेश, क्रांति दीक्षित, धर्मेंद्र चौबे, जीत शर्मा, योगेश अग्रवाल, दिलीप वर्मा, आकांक्षा बंजारे, श्रुति पांडेय का बेहतरीन अभिनय देखने को मिलेगा। फ़िल्म के गीत सुभय सिंह चौहान, नगारची, सुनील सोनी, दास मनोहर ने लिखे है जिसे अच्छा प्रतिसाद यूट्यूब में मिल रहा है। छत्तीसगढ़ी सिनेमा दर्शकों को ये फ़िल्म निश्चित ही पसन्द आएगी।

उल्लेखनीय है कि मोही डारे2 के ट्रेलर, टीजर को विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्म में लाखों की संख्या में देखा गया है, मोही डारे2 के गीतों पर सोशल मीडिया यूजर्स द्वारा अनगिनत रील, शार्ट वीडियो प्रतिदिन शेयर हो रहे है,वही यूट्यूब में फ़िल्म का होली गीत सर्वाधिक सुना और सराहा जा रहा है।

गिरीश पंकज ग्रामीण विकास मंत्रालय की हिंदी सलाहकार समिति के सदस्य मनोनीत

रायपुर- छत्तीसगढ़ राष्ट्रभाषा प्रचार समिति के प्रांतीय अध्यक्ष गिरीश पंकज को भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय की हिंदी सलाहकार समिति का सदस्य मनोनीत किया गया है। यह मनोनयन भारत सरकार के राजभाषा विभाग द्वारा किया गया है। इसके पूर्व भी गिरीश पंकज साहित्य अकादमी के सदस्य एवं राष्ट्रीय पुस्तक न्यास की हिंदी सलाहकार समिति के सदस्य रह चुके हैं। गिरीश पंकज पिछले 45 सालों से साहित्य और पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं। विविध साहित्यिक विधाओं में इनकी 125 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। साढ़े आठ हजार पेज़ों की' गिरीश पंकज रचनावली' भी हाल ही में प्रकाशित हो चुकी है। इनके साहित्यिक अवदान के लिए हिंदी भवन,नई दिल्ली द्वारा व्यंग्यश्री सम्मान तथा उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान द्वारा साहित्य भूषण सम्मान भी प्राप्त हो चुका है। पिछले दिनों राही रैंकिंग संस्था की ओर से जो सर्वे किया गया था, उसमें देश के दस महत्वपूर्ण लेखकों में गिरीश पंकज का नाम शामिल किया गया है। हिंदी सलाहकार समिति में गिरीश पंकज के अलावा चेन्नई की मीनाक्षी निधि सुंदर और जोधपुर के रजनीश मोहनोत को भी मनोनीत किया गया है। यहां उल्लेखनीय है कि भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों में छत्तीसगढ़ के अन्य तीन लेखकों का भी चयन हुआ है। ये हैं डॉ. चित्त रंजन कर, माणिक विश्वकर्मा नवरंग एवं बलदाऊ राम साहू।

बलविंदर सिंह जम्मू इंडियन जर्नलिस्ट्स यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष और डी श्याम सुंदर चुने गए महासचिव

नई दिल्ली-  भारतीय प्रेस परिषद के पूर्व सदस्य और वरिष्ठ पत्रकार बलविंदर सिंह जम्मू सोमवार को इंडियन जर्नलिस्ट्स यूनियन (आईजेयू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने गए, जबकि आंध्र प्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार डी श्याम सुंदर महासचिव चुने गए। संघ के केंद्रीय निर्वाचन अधिकारी महेश कुमार सिन्हा (पटना) ने यह जानकारी दी। देश में पत्रकारों के सबसे बड़े इंडियन जर्नलिस्ट्स यूनियन आई जे यू के पूर्व में राष्ट्रीय महासचिव रहे चंडीगढ़ निवासी बलविंदर सिंह जम्मू का पत्रकारिता का लंबा इतिहास रहा है। पंजाब के लिए यह गर्व की बात है कि पहली बार पंजाब के किसी पत्रकार को देश में पत्रकारों के सबसे बड़े संघ के राष्ट्रीय स्तर पर अध्यक्ष बनने का अवसर मिला है।

आईजेयू से संबद्ध स्टेट वर्किंग जर्नलिस्ट्स यूनियन छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष पी सी रथ , उपाध्यक्ष घनश्याम गुप्ता एवं आनंदराम पत्रकारश्री, महासचिव विरेंद्र कुमार शर्मा, संगठन सचिव सुधीर आज़ाद तंबोली, प्रदेश संयुक्त सचिव दिलीप कुमार साहू, समीर सेन, संजय चंदेल कार्यकारिणी सदस्यों मयूरमल्हार बक्शी, कुणाल मिश्रा, मोहम्मद शाह, चिंतामणि साहू आदि ने बलविंदर जम्मू की नियुक्ति पर प्रसन्नता व्यक्त की है। बलविंदर सिंह जम्मू का जन्म गाँव गरौला (पटियाला) में हुआ था। वे कॉलेज के दिनों से ही छात्र राजनीति में सक्रिय थे। वे वर्ष 1977-78 में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन में शामिल हुए और पटियाला से अध्यक्ष चुने गए।

साई कॉलेज में भारतीय ज्ञान परम्परा और स्वतंत्रता आंदोलन से अवगत हुए विद्यार्थी

अम्बिकापुर- इतिहास को जानना, समझना हमारी जिम्मेदारी है। इसका विश्लेषण और तथ्यों को वर्तमान के नजरिये से देखना होगा। यह बातें मंगलवार को अखंड भारत संकल्प दिवस के अवसर पर श्री साई बाबा आदर्श महाविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के जिला प्रचारक जितेन्द्र शर्मा ने कही। उन्होंने कहा कि देश जमीन, मिट्टी का टूकड़ा नहीं होता है, बल्कि हमारे लिये मातृभूमि है। उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन और देश के विभाजन की त्रासदी से अवगत कराया। विदेशियों के आक्रमण से भारत हमेशा जुझता रहा लेकिन अपने अस्तित्व के साथ हमेशा खड़ा रहा। उन्होंने कहा कि अखंड भारत आज भी अपनी भारतीय ज्ञान परम्परा और विरासत की याद दिलाता है। इससे पहले अतिथियों ने मां सरस्वती और श्री साई नाथ की तस्वीर पर माल्यार्पण तथा दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए प्राचार्य डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने कहा कि देश के युवाओं को विकसित भारत, समृद्ध भारत बनाना है। हमारी पहचान भारत से और हम सभी भारतीय हैं। हमारे लिये देश प्रथम, राष्ट्र प्रथम है। प्राचार्य डॉ. श्रीवास्तव ने सभी ने को अखंड भारत की शपथ दिलायी।

अतिथियों को आभार प्रकट करते हुए राष्ट्रीय शिक्षा नीति के समन्वयक डॉ. आर. एन. शर्मा ने कहा कि हमें माखन लाल चतुर्वेदी की पुष्प की अभिलाषा कविता की पंक्तियां हमेशा प्रेरणा देती हैं।

कार्यक्रम का संचालन सहायक प्राध्यापक देवेंद्र दास सोनवानी ने किया। इस अवसर पर जिला महाविद्यालयीन कार्य प्रचारक हिमांशु गर्ग, कम्प्यूटर एंड आईटी विभाग के अध्यक्ष डॉ. विवेक कुमार गुप्ता, फिजीकल साईंस विभाग के अध्यक्ष डॉ. शैलेष देवांगन, शिक्षा विभाग के अध्यक्ष डॉ. दिनेश शाक्य तथा सभी प्राध्यापक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।

स्वतंत्रता दिवस समारोह: मुख्यमंत्री ने 35 पुलिस अधिकारियों एवं जवानों को पुलिस पदकों से किया सम्मानित

रायपुर-  पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह के मुख्य आयोजन में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 35 पुलिस अधिकारियों और जवानों को उत्कृष्ट सेवा के लिए पुलिस पदकों से सम्मानित किया। श्री साय ने पुलिस वीरता पदक से 11, राष्ट्रपति पुलिस पदक से 01, सराहनीय सेवा के लिए पुलिस पदक से 11, सुधार सेवा पदक से 05, गृहरक्षक एवं सराहनीय सेवा पदक 01 और राज्य स्तरीय एवं पुलिस महानिदेशक पदकों से 06 अधिकारी-कर्मचारियों को अलंकृत किया।

राष्ट्रपति के पुलिस वीरता पदक 2025

लालजी सिन्हा, निरीक्षक, जिला-कबीरधाम, भुवनेश्वर साहू, निरीक्षक, जिला-रायपुर, संजय पोटाम, निरीक्षक, जिला-दंतेवाड़ा, कमलेश मरकाम, प्रधान आरक्षक, जिला-दंतेवाड़ा, अंजु कुमारी, उप पुलिस अधीक्षक, जिला-कबीरधाम, दिनेश भास्कर, प्रधान आरक्षक, जिला-दंतेवाड़ा, चैतराम गुरूपंच, निरीक्षक, जिला-सुकमा, हेमला नंदू, प्रधान आरक्षक, जिला-दंतेवाड़ा, प्यारस मिंज, सहायक उप निरीक्षक, जिला-दंतेवाड़ा, मनोज पुनेम, प्रधान आरक्षक, जिला-दंतेवाड़ा। जिला-दंतेवाड़ा के शहीद प्रधान आरक्षक बुधराम कोरसा के लिए उनकी पत्नी सुखमति ने पुलिस वीरता पदक प्राप्तविशिष्ट सेवा हेतु राष्ट्रपति का पुलिस पदक 2025

महेश राम साहू, सेवानिवृत्त, निरीक्षक विशेष शाखा, पुलिस मुख्यालय नवा रायपुर।

सराहनीय सेवा हेतु भारतीय पुलिस पदक 2025

राहुल भगत (भा.पु.से.), सचिव, मुख्यमंत्री सचिवालय एवं सचिव, सुशासन एवं अभिसरण विभाग (छ.ग. शासन)

सराहनीय सेवा हेतु भारतीय पुलिस पदक 2025

ज्ञानेन्द्र कुमार अवस्थी, सेवानिवृत्त सहायक पुलिस महानिरीक्षक सुरक्षा, पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर, अनिल कुमार कश्यप, उप पुलिस अधीक्षक विशेष शाखा, पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर, हरिशंकर प्रताप सिंह, निरीक्षक विशेष आसूचना शाखा, पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर, नरेश कुमार पैकरा, कंपनी कमांडर 7वी वाहिनी छसबल, भिलाई, वली मोहम्मद शेख, निरीक्षक योजना प्रबंध शाखा, पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर, समैया चिप्पनपल्ली, सहायक उप निरीक्षक, नक्सल सेल, जिला-बीजापुर, सुशील कुमार श्रीवास, प्रधान आरक्षक, विशेष आसूचना शाखा, पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर, तुलाराम चुरेन्द्र, प्रधान आरक्षक, थाना-रावघाट, जिला-कांकेर, हरिश्चन्द्र मरकाम, प्रधान आरक्षक, 8वीं वाहिनी छसबल, राजनांदगांव, सुशील कुमार चौबे, आरक्षक, अपराध अनुसंधान विभाग, पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर।

सराहनीय सुधारात्मक सेवा पदक 2025

मधु सिंह, उप जेल अधीक्षक, केन्द्रीय जेल जगदलपुर, साहेबुद्दीन अंसारी, (सेवानिवृत्त) मुख्य प्रहरी, जिला जेल बेमेतरा, हरवंश लाल मकराम, प्रहरी, जिला जेल दंतेवाड़ा, ज्ञानप्रकाश पैकरा, प्रहरी, जिला जेल दंतेवाड़ा, झीमन राम टोप्पो, मुख्य प्रहरी, जिला जेल सूरजपुर


गृह रक्षक व नागरिक सुरक्षा सराहनीय सेवा पदक 2025

महेश कुमार मिश्रा, नायक, नगर सेना कोरिया

राज्य स्तरीय एवं पुलिस महानिदेशक पुरस्कार 2024

गुरू घासीदास पुरस्कार

निशा सिन्हा, पुलिस अनुविभागीय अधिकारी जिला-गरियाबंद

राज्यपाल पुरस्कार

मंजूलता राठौर, उप पुलिस अधीक्षक, जिला-रायपुर

मुख्यमंत्री पुरस्कार

रागिनी मिश्रा, पुलिस अनुविभागीय अधिकारी कुरूद, जिला-धमतरी

रानी सुबरन कुंवर पुरस्कार

मंजूलता राठौर, उप पुलिस अधीक्षक, जिला-रायपुर

शहीद वीरनारायण सिंह पुरस्कार

रविन्द्र अनंत, निरीक्षक, अजाक थाना-बिलासपुर

पुलिस महानिदेशक पुरस्कार

नर्मदा कोठारी महिला प्रधान आरक्षक, जिला-बालोद।

साई कॉलेज में फ्लैगशिप योजना पर एकदिवसीय कार्यशाला का हुआ आयोजन

अम्बिकापुर- श्री साई बाबा आदर्श महाविद्यालय में नेहरू युवा केन्द्र के तत्वावधान में शुक्रवार को फ्लैगशिप योजना पर एकदिवसीय कार्यशाला आयोजित हुई। कार्यशाला के मुख्य वक्ता कम्प्यूटर एंड आईटी विभाग के अध्यक्ष डॉ. विवेक कुमार गुप्ता ने डिजीटल इंडिया में सहभागिता के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि हम सिटीजन से नेटीजन हो चुके हैं। लिट्रेसी से कम्प्यूट्रेसी की ओर भारतीय युवा बढ़ चुका है।

युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, मेरा युवा भारत के तहत आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए डॉ. गुप्ता ने समर्थ, साथी, स्वयं आदि पोर्टलों पर उपलब्ध पाठ्यक्रम और मिलने वाले लाभ की जानकारी दी। उन्होंने बताया डिजीटल इंडिया भारत की पहचान हो चुकी है। हम इसी मंच से विकसित भारत की ओर अग्रसर हैं। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए प्राचार्य डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने कहा कि तकनीक हमारा समय बचाने के साथ गति प्रदान करती है। हम तकनीकी दौर से समृद्ध भारत, विकसित भारत की ओर बढ़ रहे हैं। कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए कला एवं समाज विज्ञान के विभाग के अध्यक्ष डॉ. आर.एन शर्मा ने कहा कि संजय की दिव्य दृष्टि, लंका की सुरक्षा, भक्त हनुमान का अशोक वाटिका में प्रवेश, पुष्पक विमान की अवधारणा तकनीकी सफलता को प्रदर्शित करता है। उन्होंने कहा कि हमे डिजीटली साक्षर से आगे बढ़ना होगा। स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य पर कार्यक्रम का संचालन कर रहे सहायक प्राध्यापक देवेन्द्र दास सोनवानी ने देशभक्तिगीत प्रस्तुत कर सभी को रसासिक्त किया।