कुचिपुड़ी में दिखा नैनों का बांकपन और आंगिक अभिनय, नृत्यांगना टी. रेड्डी लक्ष्मी ने घुंघरूओं की थिरकन से सभी को किया आनन्दित
अम्बिकापुर- नैनों का बांकपन, चेहरे की भंगिमा, आंगिक अभिनय और लय-ताल के साथ कदमों की थिरकन, घुंघुरूओं की रूनझुन का दृष्य श्री साई बाबा स्कूल के मंच पर कुचिपुड़ी नृत्य में एक साथ दिखा। स्पिक मैके के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में नृत्यांगना टी. रेड्डी लक्ष्मी ने मां दुर्गा वंदना से कार्यक्रम का षुभारंभ किया। उन्होंने मां दुर्गा के महिषासुरमर्दिनी के नृत्य को प्रस्तुत किया। नृत्यांगना लक्ष्मी ने चेहरे की भंगिमा और आंगिक अभिनय को नृत्य में पिरोते हुए महिषासुर के वध की प्रस्तुति दी। उन्होंने अपनी द्वितीय प्रस्तुति में गजेंद्र रक्षा के प्रसंग को प्रस्तुत किया जिसमें भगवान विष्णु घड़ियाल से गजराज को बचाते हैं। इस प्रस्तुति साथ ही भक्ति भाव का संचार हुआ आडिटोरियम तालियों से गूंज उठा। उनकी तीसरी प्रस्तुति में हैपीनेस की प्रधानता दिखी। प्रसन्नता के विभिन्न आयाम से दर्षक रू-ब-रू हुए। चैथी और आखिरी प्रस्तुति में उन्होंने थाली के साथ कदमों के संतुलन को दिखाया। घुंघरूओं की खनक और थाली का संयोजन लाजवाब दिखा। कला कला के लिये और कला जीवन के लिए का संदेष सभी को भा गया। उन्होंने इस दौरान कुचिपुड़ी, भरतनाट्यम, कथक, मोहिनी अट्टम, ओडिसी, सत्त्रिया, कथकली और मणिपुरी नृत्य से सभी को अवगत कराया। दर्षकों को नृत्यांगना टी. रेड्डी लक्ष्मी ने हाथों की निषान और उसके संदेष, इषारे से अवगत कराया। नृत्यांगना टी. रेड्डी लक्ष्मी के साथ गायन में जयन कोटाक्कल, मृदंगम पर विग्नेष जयारामन और वायलिन पर सौम्या कानन ने संगत की।
इससे पहले कलाकारों तथा अतिथियों ने मां सरस्वती और श्री साई नाथ की तस्वीर पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कलाकारों का स्वागत पुष्प गुच्छ प्रदान कर किया गया।
स्कूल के संगीत षिक्षक भानू शंकर झा ने स्वागत गीत राग बृंदाबनी सारंग में हर्ष पटेल, आरव पैकरा, देवांष मरावी के साथ प्रस्तुति दी। श्री साई बाबा स्कूल के विद्यार्थियों ने कथक की प्रस्तुति दी जिसमें आर्ची गोयल, प्रगति तिवारी, श्रीवली अग्रवाल, अनुरा शर्मा, कमाक्षी गुप्ता, रूपांजना सरकार, आरोही भारती, आयषी पैकरा रहे। देष भक्ति गीत आज दिल पर रख कर हाथ समूह गायन में नेहा बच्छार, उदिता सिंह, काजल पैकरा, नैतिक पटवा, हर्ष पटेल ने षानदार प्रस्तुति दी। एकल गायन तेरा हिमालय आकाष छू ले पर नेहा बच्छर आदि ने ताल से ताल मिलाया। तबला में आरव, आकेष पैकरा की टीम ने प्रस्तुति दी।
इस अवसर पर प्रबंध समिति के अध्यक्ष विजय कुमार इंगोले, सचिव अजय कुमार इंगोले, सदस्य रेखा इंगोले, अलका इंगोले, प्राचार्य प्राची गोयल ने सभी कलाकारों को अंगवस्त्र और श्रीफल प्रदान कर सम्मानित किया।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए सचिव अजय कुमार इंगोले ने कहा कि कला का सौन्दर्य विभोर कर देता है। श्री साई बाबा स्कूल परिसर में यह आयोजन कला की एक नयी बुनियाद साबित होगा। सरगुजा के बच्चों को सीखने का अवसर मिलेगा और यह कड़ी चलती रहेगी।
अतिथियों का आभार प्रकट करते हुए प्राचार्य प्राची गोयल ने कहा कि नृत्य, गीत-संगीत दिलों को सुकून देते हैं और हमें इसके पास जाना चाहिए। श्री साई बाबा स्कूल अभिभावकों के सहयोग और साथ से विद्यार्थियों के लिये हमेषा नया अवसर तैयार करता रहेगा। हमारी बच्चों के प्रति प्रतिबद्धता ही पहचान है। कार्यक्रम के दौरान रजनी तिवारी, आयुषी सिंह, चंदा किरण अम्बस्ट, उद्देष मंडन आदि ने सहयोग किया।
इस अवसर पर श्री साई बाबा आदर्ष महाविद्यालय के प्राचार्य डाॅ. राजेष श्रीवास्तव, समाजसेविका वंदना दत्ता तथा सभी अभिभावक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।
Aug 29 2025, 17:51