अमेरिका के बाद बीजिंग पहुंचे असीम मुनीर, क्या भारत के लिए है टेंशन वाली बात?
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अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात के बाद अब पाकिस्तान के आर्मी चीफ जनरल असीम मुनीर इन दिनों चीन दौरे पर हैं। पाकिस्तान के फील्ड मार्शल असीम मुनीर ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली बार चीन पहुंचे हैं। इस दौरान चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने उनसे मुलाकात की। इस दौरान चीन ने पाकिस्तान को हर तरह की मदद देने का वादा किया। लेकिन साथ ही यह भी मांग की है कि पाकिस्तानी सेना चीन के नागरिकों, प्रोजेक्ट्स और संस्थानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में कोई कसर न छोड़े।
चीन ने पाकिस्तान को 'अटूट मित्र' बताया
चीन के विदेश मंत्री ने असीम मुनीर के साथ बैठक के दौरान पाकिस्तान को 'अटूट मित्र' और 'सदाबहार रणनीतिक साझेदार' बताया है। इसके अलावा वांग यी ने जोर देकर कहा है कि पाकिस्तान, चीन के लिए एक कूटनीतिक प्राथमिकता वाला देश बना हुआ है। इसके अलावा दोनों देशों की नेतृत्व के बीच बनी रणनीतिक सहमति को क्रियान्वित करने के लिए चीन पूरी तरह तैयार है। उन्होंने क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता भी दोहराई।
मुनीर ने चीन से क्या कहा?
पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बैठक में जनरल असीम मुनीर ने चीन के दीर्घकालिक समर्थन के लिए आभार जताया है। असीम मुनीर ने कहा कि पाकिस्तान, चीनी नागरिकों और चीनी निवेश की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने आतंकवाद विरोधी सहयोग को और मजबूत करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। मुनीर ने आश्वस्त किया कि पाकिस्तानी सेना अपने क्षेत्र में चीन के नागरिकों, परियोजनाओं और संस्थानों की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाती रहेगी और दोनों देशों के बीच आतंकवाद विरोधी सहयोग को सक्रिय रूप से मजबूत करने के लिए तैयार है।
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान चीन ने की थी मदद
आपको बता दें कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान चीन ने पाकिस्तान को सैन्य मदद दी थी। हालांकि, पाकिस्तान और चीनी हथियार भारत के सामने फ्लॉप साबित हुए थे। भारतीय सेना ने कहा है कि संघर्ष के दौरान चीन लगातार पाकिस्तान को सैटेलाइट सर्विलांस मदद दे रहा था। चीन की वजह से पाकिस्तान की सेना को लगातार भारत के बारे में जानकारी मिल रही थी।
सीक्रेट रखा गया मुनीर का चीन दौरा
असीम मुनीर ने इसस पहले अमेरिका, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, तुर्की, ईरान और अजरबैजान की यात्राएं की हैं। पाकिस्तान के शीर्ष सैन्य सूत्रों का कहना है कि असीम मुनीर के ये दौरे नियमित कूटनीति नहीं हैं, बल्कि दीर्घकालिक सैन्य सहयोग को बढ़ावा देने, रक्षा सौदों को सुरक्षित करने और बदलते क्षेत्रीय सुरक्षा माहौल में पाकिस्तान को समान विचारधारा वाले देशों के साथ जोड़ने के मकसद से हो रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक चीन के साथ डिफेंस और इंडो-पैसिफिक को लेकर क्या बातचीत की गई है, इसे संवेदनशील होने की वजह से सीक्रेट रखा गया है।








Jul 25 2025, 14:05
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