*पर्यावरण सामाजिक कार्यशाला में उद्यमियों को मैन्युफैक्चरिंग यूनिट की दी गई जानकारियां*
फर्रुखाबाद- मैन्युफैक्चरिंग इकाइयों के लिए पर्यावरण, सामाजिक और शासन (ईएसजी) पर कार्यशाला हुईl यूपीएसआईसी, यूपीकॉन एवं जिता उद्योग केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ईएसजी कार्यशाला में उद्यमियों को जानकारियां दी गई। मैन्युफैक्चरिंग पूनिट को अपग्रेड, स्केल अप और डिजिटाइजेशन करने एवं सरकारी योजनाओं की सम्पूर्ण जानकारी यूपीएसआईसी, रैंप यूपीकॉन एवं जिला उद्योग केंद्र द्वारा नव भारत सभा भवन रेलवे रोड़ के सभागार में पर्यावरण, सामाजिक और शासन (ईएसजी) विषय पर महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया।
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इस दौरान कार्यशाला में रेसिंग एंड अक्सिलेरेटिंग एम०एस०एम०ई० परफॉरमेंस (रेंप) की जानकारी देते हुए बताया गया कि यह योजना विश्व बैंक द्वारा सहायता प्राप्त कार्यक्रम है जिसका मुख्य उद्देश्य भारत में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एम०एस०एम०ई०) के प्रदर्शन में सुधार करना है।
यह योजना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा अनुमोदित एवं सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा कार्यान्वित है। रेप योजना के कई अन्य उद्देश्य हैं, जिनमें एम०एस०एम०ई० के लिए बाजार और ऋण उपलब्धता में सहायता, केंद्रीय और राज्य स्तर पर संस्थानों और शासन को मजबूत करना, केंद्र-राज्य संबंधों और साझेदारी में सुधार, विलंबित भुगतान के मुद्दों का समाधान इत्यादि शामिल हैं।
रैंप योजना पर्यावरण, सामाजिक और शासन (ईएसजी) के बारे में बताते हुए मैन्युफैक्चरिंग यूनिट को अपग्रेड, स्केल अप और डिजिटाइजेशन करने एवं सरकारी योजनाओं की जानकारी देकर जागरूक किया गया। साथ ही श्रंखला एमएसएमई पालिसी 2022, प्लेज पार्क, टेक्निकल अपग्रेडेशन एवं जेड पर भी विनिर्माण उद्योगों को जानकारी प्रदान की गई।
इस दौरान यूपीकॉन के ट्रेनर/एक्सपर्ट जे०पी० शाक्य ने कहा कि यह योजना आधुनिकीकरण को देखते हुए उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण भूमिका नहीं निभा रहा है। यह योजना न केवल युवाओं को उनके व्यवसायिक सपनों को भी साकार करने में मदद कर रहा है अपितु राज्यों के छोटे व्यवसायों और उद्यमशीलता को भी बढ़ावा दे रहा है। उन्होंने कहा कि कार्यशाता एमएसएमई को उनके उत्पाद और प्रक्रियाओं को बेहतर बनाने, जिलास्तर से अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने और सतत विकास प्राप्त करने में मदद करेगी।
ट्रेनर एक्सपर्ट नीलम शाक्य ने यूपी एमएसएमई पॉलिसी-2022 में मिलने वाले लाभों के प्रावधानों पर विस्तृत रुप से चर्चा करते हुए निर्यातकों एवं मैन्युफैक्चरिंग उद्यमियों को इस संबंध में जानकारी दी गई। वैश्विक स्तर पर अपनाई जाने वाली पर्यावरण, सामाजिक और शासन (ईएसजी) प्रधाओं का उद्योग में महत्व पर प्रकाश डाला। साथ ही जीरो डिफेक्ट और जीरो डिफेक्ट (जेड) प्रमाणन के माध्यम से उद्योग में कम लागत पर अधिकतम उत्पादन की प्रक्रिया की जानकारी भी दी गई। बाद में तकनीकी उन्नयन और प्लेज पार्क से संबंधित जानकारी प्रदान करते हुए उपलब्ध वित्तीय सहायता की जानकारी दी।
मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित महा प्रबंधक जिला उद्योग केंद्र जोहरी ने एमएसएमई विकास के लिए केंद्र और राज्य सरकार की प्रमुख लाभकारी योजनाओं के बारे में बताया। कार्यशाला में ईएसजी सर्टिफिकेट का भी वितरण किया गया। इस मौके पर वरिष्ठ अतिथि के रूप में शैलेन्द्र कुमार तथा उद्योग संगठनों के वरिष्ठ पदाधिकारीगण सोरभ, बिनीता शाक्य, राजेश्वरी, ज्ञानी, रंजना यादव, विनीता एवं अधिक संख्या में उद्यमीगण उपस्थित रहे।
Mar 29 2025, 16:26