बर्बाद हो चुके यूक्रेन से क्या चाहते हैं ट्रंप? मदद के बदले खनिज समझौते पर हस्ताक्षर का दबाव
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रूस जैसे शक्तिशाली देश से जंग कर यूक्रेन पहले ही बर्बाद हो चुका है। अब यूक्रेन के पास बची-खुची जो संपदा है, उस पर अमेरिका की नजर है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप यूक्रेन की मदद के बदले उसके दुर्लभ पृथ्वी तत्वों तक अपनी पहुंच की मांग की है। डोनाल्ड ट्रंप यूक्रेन पर जंग खत्म करने का लगातार दबाव बना रहे हैं। लेकिन, एकमात्र शांति ही वो वजह नहीं है। ट्रंप की नजर यूक्रेन के उस खजाने पर है, जिसे लेकर वे मालामाल होना चाहते हैं। यूक्रेन के एक मंत्री ने दावा किया कि राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की और अमेरिकी राष्ट्रपति के बीच यूक्रेन के खनिज भंडारों को लेकर एक डील होने ही वाली है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को कहा है कि अमेरिका ने रूस के खिलाफ युद्ध लड़ने के लिए यूक्रेन के समर्थन में जो मदद दी है, वो उसे लाने की कोशिश कर रहे हैं। ट्रंप प्रशासन की कोशिश, बाइडेन प्रशासन के दौरान यूक्रेन को दिए गये मदद को वापस लेना है।
डोनाल्ड ट्रंप ने वॉशिंगटन में कंजर्वेटिव पॉलिटिकल एक्शन कॉन्फ्रेंस में प्रतिनिधियों से कहा, कि "मैं पैसे वापस पाने या सुरक्षित करने की कोशिश कर रहा हूं।" उन्होंने कहा कि "मैं चाहता हूं कि वे हमारे द्वारा लगाए गए सभी पैसे के बदले हमें कुछ दें। हम दुर्लभ पृथ्वी और तेल मांग रहे हैं, जो कुछ भी हमें मिल सकता है। हमें अपना पैसा वापस मिलेगा। मुझे लगता है कि हम सौदे के बहुत करीब हैं, और हमें करीब होना चाहिए क्योंकि यह एक भयानक स्थिति रही है।"
वहीं, रूस-यूक्रेन संघर्ष आरंभ होने के तीन साल पूरे होने के अवसर पर रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में जेलेंस्की ने कहा, यदि आपकी शर्त यह है कि यदि मैं समझौते पर हस्ताक्षर नहीं करता तो आप मदद नहीं देंगे तो बात साफ है। जेलेंस्की ने कहा, यदि हम पर दबाव डाला जाता है और हम इसके बिना कुछ नहीं कर सकते तो शायद हम इस दिशा में आगे बढ़ें... हालांकि मैं सिर्फ राष्ट्रपति ट्रंप से बात करना चाहता हूं। ट्रंप प्रशासन ने रूस के हमले से बचाने और हमले का जवाब देने के लिए यूक्रेन को दी गई मदद के बदले अब यूक्रेन को अपनी दुर्लभ खनिज संपदा तक अमेरिका को पहुंच देने का दबाव बनाना आरंभ किया है। इसके लिए ट्रंप के वार्ताकार कीव में मौजूद हैं।
गौरतलब है कि जेलेंस्की ने पहले अमेरिका के शुरुआती ऑफर को पूरी तरह ठुकरा दिया था। उनका कहना था कि इससे यूक्रेन को रूस के खतरे से अपनी सुरक्षा करने की गारंटी नहीं मिलती। जेलेंस्की ने रविवार को कहा कि वह अमेरिका को यूक्रेन के दुर्लभ खनिजों से लाभान्वित होने देने के लिए तैयार हैं लेकिन ट्रंप प्रशासन की ओर से इस मद में ऑफर की जा रही 500 अरब डॉलर की सहायता राशि उन्हें मंजूर नहीं है। उन्होंने कहा, मैं ऐसे किसी समझौते पर हस्ताक्षर नहीं करूंगा जिसकी कीमत यूक्रेन की दस पीढ़ियों को चुकानी पड़े।
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