गणतंत्र दिवस के रंग में रंगे श्रीनगर के लोग, लाल चौक पर जमकर किया डांस

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डेस्क: देशभर में गणतंत्र दिवस के मौके पर उत्साह नजर आ रहा है। जम्मू कश्मीर के श्रीनगर में लोग देशभक्ति के रंग में रंगे नजर आ रहे हैं। श्रीनगर के लाल चौक पर लोगों ने गणतंत्र दिवस के मौके पर जमकर डांस किया।

जम्मू कश्मीर के सीएम उमर अब्दुल्ला ने भी गणतंत्र दिवस की बधाई दी है। उन्होंने कहा, 'सभी को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। गणतंत्र के संस्थापकों द्वारा हमें सौंपा गया संविधान हमारा मार्गदर्शक बना रहे और हममें से जिन लोगों ने इसकी रक्षा करने की शपथ ली है वे अभी और हमेशा अपनी शपथ पर खरे उतरें।'

देशभर में गणतंत्र दिवस की धूम है। आज देश के 76वें गणतंत्र दिवस के मौके पर दिल्ली के कर्तव्य पथ पर भी भव्य समारोह का आयोजन किया गया है, जिसमें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शामिल होंगी। समारोह के मुख्य अतिथि इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबिआंतो हैं। जगह-जगह झंडा फहराया जा रहा है। यूपी के सीएम योगी, राजस्थान के सीएम भजनलाल शर्मा समेत कई राज्यों के सीएम अपने-अपने राज्य में अब तक झंडा फहरा चुके हैं। 

पीएम मोदी ने अपने एक्स हैंडल पर देश को गणतंत्र दिवस की बधाई दी है। पीएम ने कहा, 'गणतंत्र दिवस की ढेरों शुभकामनाएं! आज हम अपने गौरवशाली गणतंत्र की 75वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। इस अवसर पर हम उन सभी महान विभूतियों को नमन करते हैं, जिन्होंने हमारा संविधान बनाकर यह सुनिश्चित किया कि हमारी विकास यात्रा लोकतंत्र, गरिमा और एकता पर आधारित हो। यह राष्ट्रीय उत्सव हमारे संविधान के मूल्यों को संरक्षित करने के साथ ही एक सशक्त और समृद्ध भारत बनाने की दिशा में हमारे प्रयासों को और मजबूत करे, यही कामना है।'

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कर्तव्य पथ पर फहराया तिरंगा, पीएम मोदी भी मौजूद, शुरू हुई परेड

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डेस्क: देश के लिए आज गौरव का पल का है। देश आज अपना 76वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। इस मौके पर कर्तव्य पथ पर भव्य समारोह हो रहा है। इस समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शामिल हुईं और उन्होंने झंडा फहराया। इस मौके पर उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और पीएम मोदी भी मौजूद रहे। इस बार मुख्य अतिथि इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबिआंतो हैं।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कर्तव्य पथ पर तिरंगा फहरा दिया है। इस दौरान 21 तोपों की सलामी भी दी गई है। इस मौके पर उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और पीएम मोदी मौजूद रहे। इस मौके पर आयोजित होने वाली भव्य परेड की भी इसी के साथ शुरूवात हो गई है।

कर्तव्य पथ पर दिखेगी भारत की ताकत, 76वें गणतंत्र दिवस के मौके पर भव्य आयोजन

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डेस्क: देश के लिए आज गौरव का पल का है। देश आज अपना 76वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। इस मौके पर कर्तव्य पथ पर भव्य समारोह होगा, जिसमें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शामिल होंगी। इस बार मुख्य अतिथि इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबिआंतो हैं। इस बार का मुख्य आकर्षण 'फ्लाई-पास्ट' है, जिसमें भारतीय वायुसेना के विमान करतब दिखाते नजर आएंगे।

फिलहाल पीएम मोदी नेशनल वॉर मेमोरियल पहुंच गए हैं। यहां वह शहीद जवानों को श्रद्धांजलि प्रस्तुत कर रहे हैं।

वहीं दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने कहा, "दिल्ली सहित देश के सभी नागरिकों को 76वें गणतंत्र दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। मैं विशेष रूप से अर्धसैनिक बलों, पुलिस एवं अन्य बलों को उनकी सेवाओं एवं बलिदान के लिए धन्यवाद देता हूं और उनके प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करता हूं। यह संविधान में निहित लोकतांत्रिक मूल्यों को और मजबूत करने का दिन है।" उन्होंने कहा, "लोकतंत्र की सफलता की कुंजी सुशासन में निहित है। लोकतंत्र संविधान का सबसे महत्वपूर्ण मौलिक सिद्धांत है। संविधान हमें अपने वोट के माध्यम से सरकार चुनने और यह तय करने की स्वतंत्रता देता है कि हम किसे सत्ता सौंपें। दिल्ली के लिए यह गणतंत्र दिवस विशेष महत्व रखता है। आज से कुछ दिन बाद हम अपनी नई सरकार चुनेंगे।

हमें यह याद रखना होगा कि हम केवल सरकार ही नहीं चुनेंगे, बल्कि हम एक ऐसी व्यवस्था भी चुनेंगे जो अगले 5 सालों तक हमारे जीवन के हर पहलू को प्रभावित करेगी। पिछले कुछ सालों से हम देख रहे हैं कि वैश्विक स्तर पर सोशल मीडिया और मीडिया के माध्यम से चुनावों को प्रभावित करने की कोशिश की गई है। एक नागरिक और मतदाता के रूप में हमारा यह जागरूक प्रयास होना चाहिए कि हम बिना किसी दबाव के सही या गलत का चुनाव करें।"

दिल्ली में अमित शाह ने जारी किया बीजेपी का संकल्प पत्र पार्ट-3, बोले-केजरीवाल जैसा झूठ बोलने वाला नहीं देखा

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दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शनिवार को बीजेपी के संकल्प पत्र का तीसरा भाग जारी किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि हम जो भी वादा करते हैं उसे पूरा करते हैं, दूसरों की तरह सिर्फ वादा नहीं करते हैं। इस दौरान अमित शाह ने आम आदमी पार्टी की सरकार और अरविंद केजरीवाल पर भी जमकर हमला बोला।

अमित शाह ने कहा, आज दिल्ली चुनाव के लिए बीजेपी संकल्प का अंतिम हिस्सा प्रस्तुत कर रहा हूं। अन्य पार्टी का नाम नहीं लूंगा। हमारा पार्टी जो वादे करती है पूरा करती है। हम सिर्फ वादे नहीं करते किसी से। हमने बहुत लोगों से सुझाव मांगा था जिसके बाद ये तैयार किया गया है।

इस दौरान गृह मंत्री ने आप संयोजक अरविंद केजरीवाल पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि केजरीवाल बड़ी सफाई से झूठ बोलते हैं। केजरीवाल ने स्कूल-मंदिरों के पास शराब की दुकान खुलवाईं। करोड़ों रुपये का अपना घर बनाया। मोहल्ला क्लीनिक में मेडिकल टेस्ट के नाम पर घोटाला किया। दिल्ली का प्रदूषण वो कम नहीं कर पाए। उन्होंने कोई भी वादा पूरा नहीं किया। 

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि दिल्ली में केजरीवाल ऐसी सरकार चला रहे हैं, जो वादे करते हैं, उन्हें पूरा नहीं करते हैं और फिर से झूठ के एक बहुत बड़े पुलिंदे और भोले से चेहरे के साथ जनता के सामने उपस्थित होते हैं। मैंने अपने राजनीतिक जीवन में इतनी सफाई से झूठ बोलने वाला व्यक्ति नहीं देखा है।

नए घोषणा पत्र में किए गए वादे

• 1700 अनधिकृत कॉलोनियों को संपूर्ण मालिकाना हक देंगे।

• 13000 सील दुकानों को दोबारा खोला जाएगा।

• शरणार्थी कॉलोनियों को भी मालिकाना हक देने का काम करेंगे।

• पाकिस्तान से आए हुए सभी शरणार्थियों को मालिकाना हक देंगे।

• दिल्ली के युवाओं के 50 हजार सरकारी नौकरियां देंगे।

• 20 हजार करोड़ के निवेश के माध्यम से इंटीग्रेटेड पब्लिक नेटवर्क बनाएंगे।

• टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए यूपी और हरियाणा सरकार के साथ मिलकर कॉरिडोर बनाए।

• यमुना रिवर विकास फ्रंट बनाएंगे जो साबरमती के तरह होगा।

• 13000 बसों को ई बस में कन्वर्ट करके दिल्ली को 100 प्रतिशत ई बस सेवा देंगे।

• ग्रीक वर्कर्स वेलफेयर बोर्ड बनाएंगे।

• टेक्सटाइल वर्कर्स को भी हम वित्तीय लाभ देंगे, 10 लाख का बीमा और 5 लाख दुर्घटना बीमा देंगे।

भारत-इंडोनेशिया के बीच स्वास्थ्य और रक्षा समेत कई समझौतों पर हस्ताक्षर, जानें कितना अहम है दोनों देशों का संबंध

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भारत और इंडोनेशिया के बीच द्विपक्षीय संबंध नई ऊंचाई पर पहुंच रहे हैं। रिश्तों को और मजबूत बनाने के लिए आज दोनों देशों के बीच कई समझौते हुए हैं। गणतंत्र दिवस के मौके पर मुख्य अतिथि के तौर पर इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो भारत दौरे पर हैं। उन्होंने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के हैदराबाद हाउस में इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ बैठक की। बैठक से पहले पीएम मोदी ने प्रबोवो का गर्मजोशी से स्वागत किया और दोनों नेताओं ने हाथ मिलाए।

बैठक के बाद अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि, इंडोनेशिया भारत के पहले गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि देश था। यह हमारे लिए बहुत गर्व की बात है कि जब हम गणतंत्र के 75 साल पूरे होने का जश्न मना रहे हैं, तो इंडोनेशिया एक बार फिर इस ऐतिहासिक अवसर का हिस्सा है। मैं राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो का भारत में स्वागत करता हूं।

रक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने का निर्णय

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि 2018 में उनकी इंडोनेशिया यात्रा के दौरान दोनों देशों ने अपने रिश्तों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी में बदलने का निर्णय लिया था। अब, राष्ट्रपति प्रबोवो के साथ मिलकर, रक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने और दोनों देशों के बीच मिलकर काम करने पर चर्चा की गई है। उन्होंने समुद्री सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, आतंकवाद-निरोध और डी-रेडिकलाइजेशन जैसे मुद्दों पर भी सहयोग बढ़ाने की बात की।

दोनों देशों का द्विपक्षीय व्यापार 30 अरब डॉलर से अधिक

पीएम मोदी ने यह भी बताया कि भारत और इंडोनेशिया के बीच व्यापार में तेजी से वृद्धि हुई है। पिछले साल दोनों देशों का द्विपक्षीय व्यापार 30 अरब डॉलर से अधिक पहुंच गया है। इसके साथ ही, भारत और इंडोनेशिया ने समुद्री सुरक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में एक नए समझौते पर भी हस्ताक्षर किए, जो अपराध की रोकथाम, खोज एवं बचाव, और क्षमता निर्माण में सहयोग को मजबूत करेगा। यह मुलाकात और समझौते दोनों देशों के बीच रिश्तों को और गहरा करने में मददगार साबित होंगे।

क्या बोले राष्ट्रपति प्राबोवो?

इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियांतो ने कहा कि मैं भारत की अपनी पहली राजकीय यात्रा में मुझे दिए गए सम्मान के लिए अपनी सर्वोच्च कृतज्ञता दोहराना चाहता हूं। आज राष्ट्रपति ने मेरा बहुत सम्मान के साथ स्वागत किया। प्रधानमंत्री मोदी, उनकी सरकार मेरे और मेरी सरकार के बीच बहुत गहन और बेहद स्पष्ट चर्चा हुई।

भारत और इंडोनेशिया के बीच समझौते

• रक्षा सहयोग बढ़ाने के लिए डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई चेन पर मिलकर काम करेंगे।

• दोनों देश समुद्री सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और आतंकवाद से निपटने में सहयोग करेंगे।

• फिनटेक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंटरनेट ऑफ थिंग्स और डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति।

• भारत इंडोनेशिया के साथ स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा से जुड़ी जानकारियां शेयर करेगा।

• दोनों देशों की आपदा प्रबंधन एजेंसियां संयुक्त अभ्यास करेंगी।

• इंडोनेशिया के प्रम्बानन हिंदू मंदिर के संरक्षण में भारत सहयोग देगा।

क्या कुछ छिपा रहे हैं सैफ अली खान? नवाब और बेगम के बयानों से उलछी गुत्थी

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बॉलीवुड एक्टर सैफ अली खान पर 16 जनवरी की तड़के सवेरे मुंबई के बांद्रा स्थित उनके अपार्टमेंट में घुसे एक चोर ने हमला कर दिया था। एक्टर को काफी चोटें आई थीं जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती करना पड़ा था। वहीं पुलिस ने 60 घंटे की मशक्कत के बाद आरोपी को धर दबोचा था। इस मामले में पुलिस लगातार आरोपी के खिलाफ सबूत इकट्ठा करने में जुटी हुई है। पुलिस ने सैफ अली खान का बयान भी दर्ज कराया। हालांकि अब इस मामले में नया मोड़ सामने आया है। इस केस में सैफ अली खान और करीना कपूर खान के बयानों में अलगाव देखने को मिल रहा है। 

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सैफ अली खान ने पुलिस को दिए बयान में उस रात की पूरी कहानी बताई। सैफ ने बताया कि वह और करीना अपने रूम में थे। जहांगीर की नैनी एलियामा की चीख सुनकर वे जेह के कमरे में भागे थे वहां उन्होंने हमलावर को देखा था। सैफ ने बताया था कि हमलावर को रोकने की कोशिश के दौरान उनकी उससे हाथापाई हो गई थी और उसने उन पर चाकू से हमला कर दिया था। सैफ ने ये भी बताया था कि घायल होने के बावजूद उन्होंने आरोपी को जेह के कमरे में बंद कर दिया था। हालांकि बाद में आरोपी भाग खड़ा हुआ।

सैफ ने अपने बयान में बताया है कि करीना उनके साथ घटना वाली रात बैडरूम में ही थीं। तो सवाल सैफ के दिए बयान की इस बात पर ही उठता है कि करीना वहां थी तो वो उनके साथ अस्पताल में क्यों नहीं थीं। सैफ ने पुलिस को बताया कि जहांगीर के कमरे में हमलावर घुसा था और नर्स जेह के कमरे में उसके साथ सोती है। सैफ ने अपने बयान में तैमूर के नाम का जिक्र नहीं किया।

लेकिन ऑटो ड्राइवर भजन सिंह राणा और अस्पताल के डॉक्टर का कहना था कि सैफ अली खान बेटे तैमूर के साथ अस्पताल पहुंचे थे। उसी बीच एक वीडियो भी वायरल हुआ था, जिसमें करीना अस्पताल बाहर खड़ी काफी परेशान नजर आ रही थीं। सैफ के घर के बाहर सीसीटीवी न लगा होना गार्ड का उस रात लापरवाह होना, किसी को न कोई शोर सुनाई दिया न आरोपी के घर में घुसने का कोई पक्का सबूत मिला है। इन जैसे कई और सवालों के बीच अभी तक सैफ के केस की गुत्थी सुलझ नहीं पाई है।

वहीं, इन्वेस्टिगेशन के तहत जांच के लिए अभिनेता के खून के नमूने और कपड़े जमा किए गए थे। अब इसकी जांच होगी। पुमुंबई पुलिस के सूत्रों ने बताया है कि जिस समय सैफ अली खान पर हमला हुआ था उस समय उन्होंने जो कपड़े पहने थे उन कपड़ों को पुलिस ने जांच के लिए अपने कब्जे में लिया है। इसके अलावा घटना वाली रात आरोपी शरीफुल इस्लाम ने जो कपड़े पहने थे उसपर भी खून के धब्बे मिले है जिसे जांचने के लिए सैफ अली खान के ब्लड सैम्पल को भी कलेक्ट किया गया है। पुलिस विभाग में चर्चा ये भी है कि सैफ हमले के समय कुछ और पहने थे और जब वह घर से निकले तो उनके शरीर पर कुछ और था।

पाकिस्तान-बांग्लादेश की नजदीकियों से सतर्क हुआ भारत, पड़ोसी देशों की हर हरकत पर है कड़ी नजर

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बांग्लादेश और पाकिस्तान की नजदीकियां बढ़ रही है। बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन के बाद से ही पाकिस्तान करीब आता दिख रहा है। बांग्लादेश के कार्यवाहक मंत्री मोहम्मद युनुस के फैसले संकेत दे रहे हैं कि भारत के साथ दूरी बनाने के क्रम में पाकिस्तान के साथ नजदीकियां काफी बढ़ रही है। जानकारों का मानना है कि बांग्लादेश-पाकिस्तान का करीब आना भारत के लिए टेंशन बढ़ाने वाली बात है। इस बीच पाकिस्तान की जासूसी एजेंसी आईएसआई के अधिकारियों की हालिया बांग्लादेश यात्रा ने क्षेत्रीय सुरक्षा के लिहाज से भारत को सतर्क जरूर कर दिया है। पाकिस्तान की जासूसी एजेंसी आईएसआई ने गोपनीय तरीके से अपने चार शीर्ष सदस्यों को बांग्लादेश की राजधानी ढाका में भेजा है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि भारत अपने आस-पास के इलाकों में हो रही घटनाओं पर बहुत करीबी नजर रख रहा है।

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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल से बांग्लादेश और पाकिस्तान के बीच तेजी से बढ़ते सैन्य संबंधों पर सवाल पूछा गया। इस पर रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत राष्ट्रीय सुरक्षा को प्रभावित करने वाली हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखता है। उन्होंने कहा कि हम बांग्लादेश के साथ मैत्रीपूर्ण और समावेशी संबंधों को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमारा उद्देश्य दोनों देशों के लोगों के बीच समृद्धि और आपसी सहयोग बढ़ाना है।

दोनों देशों के बीच सीमा पर बाड़ लगाने को लेकर बांग्लादेश की आपत्तियों पर भी भारत ने स्थिति स्पष्ट की। मंत्रालय ने कहा कि यह कदम मानव और पशु तस्करी जैसी आपराधिक गतिविधियों को रोकने के लिए उठाया जा रहा है और यह मौजूदा द्विपक्षीय समझौतों के दायरे में है। भारत की यह प्रतिक्रिया स्पष्ट करती है कि वह अपनी क्षेत्रीय सुरक्षा और पड़ोसी देशों के साथ संतुलन बनाए रखने के लिए पूरी तरह सतर्क है।

बता दें कि आईएसआई के विश्लेषण महानिदेशक मेजर जनरल शाहिद अमीर अफसर समेत कई पाकिस्तानी अधिकारी इन दिनों बांग्लादेश में हैं। यह यात्रा तब हो रही है जब हाल ही में बांग्लादेशी सैन्य अधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान गया था और वहां की तीनों सेनाओं के प्रमुखों से मुलाकात की थी

गणतंत्र दिवस पर वीरता पुरस्कारों का एलान, 942 जवानों को मिलेगा गैलेंट्री अवॉर्ड-सर्विस मेडल

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गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू कुल 942 पुलिस, अग्निशमन, नागरिक सुरक्षाकर्मियों को वीरता और सेवा पदक से सम्मानित करेंगी। ये पदक विभिन्न श्रेणियों में दिए जाएंगे, जिनमें 95 वीरता पदक भी शामिल हैं। इसके अलावा 101 जवानों को विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पदक और 746 जवानों को सराहनीय सेवा के लिए पदक से नवाजा जाएगा। शनिवार को जारी एक सरकारी बयान में इसकी जानकारी दी गई है।

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जिन 95 जवानों को वीरता पुरस्कार मिलेगा, उनमें 78 पुलिसकर्मी हैं और 17 फायर विभाग के कर्मचारी हैं। वहीं, जिन 101 जवानों को विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किया जाएगा। इनमें 85 पुलिस सेवा, 05 अग्निशमन सेवा, 07 नागरिक सुरक्षा-होम गार्ड और 04 सुधार सेवा के जवानों के नाम शामिल हैं। इसके अलावा जिन 746 जवानों को सराहनीय सेवा के लिए गैलेंट्री अवॉर्ड दिया जाएगा, उनमें 634 अवॉर्ड पुलिस सेवा, 37 अग्निशमन सेवा, 39 पुरस्कार नागरिक सुरक्षा-होम गार्ड और 36 अवॉर्ड सुधार सेवा के जवानों को दिए जाएंगे।

गृह मंत्रालय के बयान के अनुसार, वीरता पुरस्कार विजेताओं में से 28 कर्मी नक्सलवाद प्रभावित क्षेत्रों में तैनात हैं। 28 जवान जम्मू कश्मीर क्षेत्र में और तीन पूर्वोत्तर क्षेत्र में सेवाएं दे रहे हैं। वहीं देश के अन्य हिस्से में सेवा दे रहे अन्य 36 कर्मचारियों को भी वीरता पुरस्कारों से सम्मानित किया जाएगा।

वीरता पदक, सेवा के दौरान वीरता के काम के लिए दिया जाता है, जिसमें जीवन और संपत्ति की रक्षा करना, अपराध को रोकना या अपराधियों को गिरफ्तार करना शामिल है। इसमें जोखिम का आकलन संबंधित अधिकारी के दायित्वों और कर्तव्यों के अनुसार किया जाता है। वहीं सेवा में विशेष काम के लिए 'विशिष्ट सेवा का राष्ट्रपति पदक' दिया जाता है। संसाधन और कर्तव्य के प्रति सराहनीय समर्पण के लिए 'सराहनीय सेवा पदक' से सम्मानित किया जाता है।

ट्रंप की टीम में एक और भारतवंशी, कुश देसाई बने डेप्युटी प्रेस सेक्रेटरी

#trump_appointed_former_indian_american_journalist_as_deputy_press_secretary

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टीम में एक और भारतीय मूल के शख्स को एंट्री मिली है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय-अमेरिकी पूर्व पत्रकार कुश देसाई को अपना उप प्रेस सचिव नियुक्त किया है. ‘व्हाइट हाउस’ ने यह घोषणा की। बता दे कि राष्ट्रपति चुनाव जीतने के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय मूल के कई लोगों पर भरोसा जताया है। कुश देसाई भी इसी कड़ी का हिस्सा हैं।

देसाई इससे पहले रिपब्लिकन नेशनल कन्वेंशन के लिए डिप्टी कम्युनिकेशन डायरेक्टर और आयोवा रिपब्लिकन पार्टी के कम्युनिकेशन डायरेक्टर के रूप में कार्यरत थे। वह रिपब्लिकन नेशनल कमेटी में डिप्टी बैटलग्राउंड स्टेट्स और पेंसिल्वेनिया कम्युनिकेशंस डायरेक्टर भी थे। इस पद पर रहते हुए उन्होंने खास तौर पर पेंसिल्वेनिया में प्रमुख बैटलग्राउंड स्टेट्स में मैसेजिंग और नैरेटिव सेट करने में अहम भूमिका निभाई। ट्रंप ने सभी सात बैटलग्राउंड स्टेट्स में जीत हासिल की।

ट्रंप की कैबिनेट में ये भारतवंशी शामिल

• काश पटेल- ट्रंप ने भारतवंशी काश पटेल को अमेरिका का नया एफबीआई चीफ बनाया है।

• जय भट्टाचार्य- ट्रंप ने जय भट्टाचार्य को नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ’ (एआईएच) का निदेशक बनाया है।

• तुलसी गबार्ड- ट्रंप ने तुलसी गबार्ड को नेशनल इंटेलिजेंस का डायरेक्टर बनाया है। वह हाल ही में डेमोक्रेटिक पार्टी को छोड़कर रिपब्लिकन पार्टी में शामिल हुई थीं।

• हरमीत के ढिल्लों- ट्रंप ने ढिल्लों को न्याय विभाग में नागरिक अधिकारों के लिए सहायक अटॉर्नी जनरल के रूप में नामित किया।

क्या है “अल्पाइन क्वेस्ट ऐप” जो बना आतंकियों का नया हथियार, सीमा पर इस नई चुनौती से जूझ रही है सेना

#alpine_quest_app_became_new_weapon_of_terrorist

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भारतीय सेना जम्मू-कश्मीर क्षेत्र में सीमा पार आतंकवाद और उग्रवाद के अलावा तकनीकी युद्ध के एक नए युग से जूझ रही है। दरअसल, समय के साथ आतंकी भी हाइटेक होते जा रहे हैं। आतंकी हमलों के लिए आधुनिक तरीके अपना रहे हैं। ऐप और सैटेलाइट उपकरणों का इस्तेमाल कर रहे हैं। क्षेत्र में सक्रिय कई आतंकवादी समूहों ने अपने अभियानों को अंजाम देने के लिए आधुनिक गैजेट्स और सॉफ्टवेयर का उपयोग करना शुरू कर दिया है। जो सीमा पर तैनात सुरक्षाबलों के लिए नया सिरदर्द साबित हो रहा है।

रिपोर्ट के मुताबिक, कम से कम 50 उच्च प्रशिक्षित लश्कर--तैयबा के आतंकवादी कश्मीर घाटी में छिपे हुए हैं। ये अत्याधुनिक रेडियो संचार प्रणाली और मोबाइल ऐप्लीकेशन का इस्तेमाल कर रहे हैं। ये आतंकवादी ऊंची जगहों में छिपकर और रणनीति बदलकर सुरक्षाबलों की चुनौतियों को बढ़ा रहे हैं।

सुरक्षाबल की निरंतर निगरानी से बचने के लिए वह सेटेलाइट और रेडियो फोन के इस्तेमाल से बच रहे हैं। यही वजह है कि वह अपनी गतिविधियों लिए स्थानीय नेटवर्क के भरोसे रहने की बजाय ऑफलाइन लोकेशन ऐप ‘अल्पाइन क्वेस्ट’ का इस्तेमाल कर रहे हैं। जिससे उन्हें पुलिस मूवमेंट, बैरिकेड्स और सुरक्षाबलों के कैंपों की सारी जानकारी मिलती है।

आतंकवादियों द्वारा इस ऐप का इस्तेमाल पहली बार सुरक्षा एजेंसियों ने पिछले साल कठुआ और डोडा में मुठभेड़ों में मारे गए आतंकवादियों के मोबाइल फोन का विश्लेषण करने के बाद देखा था। मूल रूप से ऑस्ट्रेलियाई नेविगेशन उपकरण के रूप में पैदल यात्रियों और पर्वतारोहियों के लिए डिज़ाइन किया गया ऐप, सुरक्षा बल शिविरों, सेना आंदोलन मार्गों, चौकियों और बाधाओं पर डेटा शामिल करने के लिए पाकिस्तानी सेना द्वारा संशोधित किया गया है। यह संशोधन आतंकवादियों को सुरक्षा बलों से प्रभावी ढंग से बचने में मदद करता है।

सुरक्षा बलों द्वारा ओजीडब्ल्यू के खिलाफ कार्रवाई के जवाब में, आतंकवादियों के लिए स्थानीय समर्थन कम हो गया है, जिससे उन्हें पहाड़ों में प्राकृतिक रूप से मौजूद गुफाओं में शरण लेने के लिए मजबूर होना पड़ा है। चलते समय, आतंकवादी इस डर से ओजीडब्ल्यू से बच रहे हैं कि वे सुरक्षा एजेंसियों को जानकारी लीक कर सकते हैं, जिससे उनका सफाया हो सकता है।

इसके अलावा, आतंकवादियों को पाकिस्तान स्थित सर्वर के साथ अत्यधिक एन्क्रिप्टेड अल्ट्रा-रेडियो संचार उपकरणों का उपयोग करते हुए पाया गया है। यह तकनीक रिपीटर स्टेशनों और सर्वरों के माध्यम से सिग्नलों को रूट करके आतंकवादियों के बीच सुरक्षित संचार को सक्षम बनाती है, जिससे सुरक्षा बलों के लिए वास्तविक समय में उनके संचार को रोकना या डिकोड करना मुश्किल हो जाता है।

सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों की एक साल की लंबी जांच से पता चला है कि 2022 के बाद से कश्मीर घाटी, चिन्नाब घाटी और पीर पंजाल रेंज में आतंकवादी गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। पिछले साल कश्मीर घाटी के कुछ हिस्सों के अलावा जम्मू के कठुआ, उधमपुर, किश्तवाड़, डोडा, रियासी, पुंछ और राजौरी जिलों के ऊपरी इलाकों में आतंकवादी गतिविधियां देखी गईं। आतंकवादियों ने शिव खोरी मंदिर में सुरक्षा बलों, ग्राम रक्षा गार्ड (वीडीजी) और तीर्थयात्रियों पर हमले किए हैं। सुरक्षा बलों के आतंकरोधी अभियानों में कई आतंकवादी मारे गये।

रिपोर्टों से पता चलता है कि आतंकवादी अच्छी तरह से प्रशिक्षित हैं, वे उच्च-मूल्य वाले लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित करते हैं और जनता के बीच डर पैदा करने के लिए हमले के वीडियो का उपयोग करते हैं। घुसपैठ की इस नई लहर और उन्नत परिचालन रणनीतियों का मुकाबला करने में एजेंसियों को महत्वपूर्ण चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।