मप्र-छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का अलर्ट, दिल्ली में छाए रहेंगे बादल, इन जगहों के लिए ऑरेंज अलर्ट किया गया जारी, जानिए पूरे देश में मौसम का हाल

Image 2Image 4

 देश के कई राज्यों में मॉनसून का आगमन हो चुका है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है. हालांकि, उत्तर भारत के कुछ राज्यों में अभी भी मॉनसून का इंतजार है. मौसम विभाग की मानें तो आज यानी 23 जून को पश्चिमी यूपी के कुछ इलाकों में लू चलने की आशंका है. वहीं मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और गुजरात के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की संभावना है. 

मध्यप्रदेश के मौसम का हाल

मध्यप्रदेश में मानसून के पहुंचने के बाद बारिश का दौर शुरू हो गया है. धीरे-धीरे पूरे प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून सक्रिय हो जाएगा. मौसम विभाग ने आज बैतूल, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, देवास, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट और पांढुर्ना में बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. वहीं भोपाल, इंदौर, जबलपुर जिलों में हल्की बारिश की संभावना है. 

छत्तीसगढ़ का मौसम

छत्तीसगढ़ में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदलने वाला है. 24 घंटे के अंदर अधिकांश जगहों पर बारिश की संभावना है. एक-दो जगहों पर भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. 26 जून से प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बढ़ने के साथ ही भारी बारिश के संकेत हैं. राजधानी रायपुर में आज बादल छाए रहेंगे. गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना है.

राजधानी दिल्ली में हीटवेव से राहत

देश की राजधानी दिल्ली में शनिवार को कुछ जगह आंशिक रूप से बादल छाए रहे. वहीं कुछ स्थानों पर हुई हल्की बारिश से दिन के तापमान में गिरावट देखने को मिली और लोगों को हीटवेव से राहत मिली. मौसम विभाग के अनुसार, आज यानी 23 जून को दिल्ली में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और कुछ जगहों पर बूंदाबांदी भी हो सकती है. इस दौरान अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है. 

अगले 24 घंटों में इन राज्यों में भारी बारिश संभव

मौसम पूर्वानुमान एजेंसी स्काईमेट के मुताबिक, अगले 24 घंटों के दौरान दक्षिण मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, विदर्भ, मराठवाड़ा, कोंकण और गोवा, तटीय कर्नाटक, केरल, लक्षद्वीप और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश संभव है. वहीं मध्य महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश के उत्तरी तट, दक्षिण गुजरात, छत्तीसगढ़, जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पूर्वी गुजरात, पूर्वी राजस्थान, सिक्किम, ओडिशा और पूर्वोत्तर भारत में हल्की से मध्यम बारिश संभव है. इसके अलावा रायलसीमा, आंतरिक कर्नाटक और पश्चिम बंगाल के गंगा के तटीय इलाकों, बिहार, उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु में हल्की बारिश हो सकती है. अगले 24 घंटों के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में लू चल सकती है और उसके बाद इसमें कमी आ सकती है.

नीट पेपर लीक मामले में पंकु, बिट्टू, चिन्टु, काजु, अजीत कुमार और कारू ये 6 संदेही पर जांच एजेंसी ने कसा शिकंजा, खुल रही परत दर परत

Image 2Image 4

नीट पेपर लीक मामले के तार झारखंड से भी जुड़ने लगे हैं। इस मामले में बिहार पुलिस ने देवघर से छह संदेही आरोपियों को कस्टडी में लिया है। सभी आरोपी देवघर में झुनू सिंह के मकान में बतौर किरायेदार रह रहे थे। झुनू सिंह का घर देवीपुर थाना क्षेत्र के एम्स के पास है। गिरफ्तार लोगों के नाम पंकु कुमार, परमजीत सिंह उर्फ बिट्टू, चिन्टु उर्फ बालदेव कुमार, काजु उर्फ प्रशांत कुमार, अजीत कुमार और राजीव कुमार उर्फ कारू बताये गये। सभी नालंदा, बिहार के रहने वाले हैं।

मीडिया में आई खबरों के अनुसार पेपर लीक के सरगना संजीव मुखिया के नीचे अमित आनंद और नीतीश काम कर रहे थे। अमित आनंद लाइजनर का काम करता है। नीतीश और अमित आनंद दोस्त हैं। वहीं, इस पूरे पेपर लीक कांड का मास्टरमाइंड सिकंदर यादवेंद्र बताया जा रहा है। सिकंदर ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि उसने 30 से 32 लाख रुपये में पेपर की डील की थी। इसके बाद चार कैंडिडेट्स को उसने पेपर 40-40 लाख रुपये में बेच दिया था। इनमें दानापुर पटना के आयुष कुमार, समस्तीपुर के अनुराग यादव, रांची के अभिषेक कुमार और गया के शिवनंदन कुमार शामिल हैं। सभी को बीते पांच मई को पुलिस ने पटना के बेली रोड से उठाया था। ये लोग झारखंड नंबर की एक गाड़ी पर सवार थे। इनके पकड़े जाने के बाद ही पेपर लीक का खुलासा हुआ था। सिकंदर ने खुलासा किया कि नीट का पेपर सबसे पहले झारखंड के हजारीबाग से लीक हुआ था। जानकारी के अनुसार सिकंदर का बेटा होमी आनंद रांची के हरमू में इन्फिनिटी स्पोर्ट्स नामक दुकान चलाता है। वहीं हाउसिंग कॉलोनी में सिंकदर का घर है।

गोल्डन टेम्पल में योग करना लड़की को पड़ा भारी !
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी ने लड़की के खिलाफ पुलिस में की शिकायत।
Image 2Image 4
लड़की को जान से मारने की भी मिल रही धमकियां।

National Testing Agency (NTA) Director Subodh Singh sacked by Central Govt for paper leaks.
Image 2Image 4

He has been replaced by IAS Pradeep Singh Kharola.

Over the past two months, NTA has faced controversy over irregularities and paper leaks in two major exams:
NEET-UG & UGC-NET

Timely action by Modi Govt
Why train accidents are happening ? Thanks to the RPF to stop one more accident.
wondersoftheday
9.5 करोड़ लेकर कांग्रेस सरकार को कमाई के तरीके बताएगी अमेरिकी फर्म, दूध, पेट्रोल-डीजल की कीमत बढ़ने के बाद अब कर्नाटक में क्या बढ़ेगा ?

Image 2Image 4

 कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस पार्टी के जनता से किए पांच प्रमुख वादे को गारंटी का नाम दिया गया था। इन वादों को पूरा करने के लिए कांग्रेस सरकार अब कई तरह के टैक्स बढ़ा रही है, जिसका असर कर्नाटक की जनता पर पड़ने लगा है। सरकार बनने के कुछ ही दिनों बाद कांग्रेस ने नंदिनी दूध पर 3 रुपए बढ़ा दिए थे, फिर बिजली की डालें ढाई रुपए यूनिट (200 से अधिक यूनिट) से बढ़ा दी थीं। हाल ही में डीजल और पेट्रोल पर टैक्स में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी, और शराब और बीयर पर कर बढ़ाने की योजना है, साथ ही हाउस टैक्स और इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) पर भी टैक्स लगाने की तैयारी है। इसका सीधा मतलब होगा, जनता से एक हाथ से लेना और दूसरे हाथ से उसे वापस देकर अपनी चुनावी गारंटी पूरी करने का दावा करना। 

इसके अलावा, कांग्रेस सरकार ने अपनी कमाई बढ़ाने के उपाय बताने के लिए एक अमेरिकी फर्म बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप (BCG) को काम पर रखा गया है, जिस पर छह महीने में राज्य को 9.5 करोड़ रुपये खर्च करने होंगे। कांग्रेस सरकार ने राज्य की वित्तीय स्थिति सुधारने और राजस्व बढ़ाने के लिए रणनीति बनाने के लिए BCG को काम पर रखा है। यह कदम चुनावी वादों को पूरा करने से जुड़ी उच्च लागतों के मद्देनजर उठाया गया है। BCG ने पहले ही राज्य सरकार को सुझाव देना शुरू कर दिया है। 

हालाँकि, सेवानिवृत्त IAS अधिकारी एमजी देवसहायम सहित कुछ आलोचक निजी सलाहकारों को काम पर रखने के खिलाफ तर्क देते हैं। देवसहायम का मानना ​​है कि भारत के कई अनुभवी IAS अधिकारी, जिनमें से कई की पृष्ठभूमि IIT और IIM में है, इन कार्यों को बेहतर ढंग से संभाल सकते हैं। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि मुफ्त सुविधाएं और गारंटी प्रदान करना अस्थिर है और राज्य की वित्तीय सेहत के लिए हानिकारक है। देवसहायम का ये भी कहना है कि, विदेशी सलाहकारों के पास भारतीय संसाधनों और स्थितियों को समझने का अभाव होता है, जिसके चलते वे केवल मोटी फीस लेकर खोखली रिपोर्ट बनाकर दे सकते हैं, इसके बजाए किसी भारतीय को ये काम सौंपा जा सकता था, जो हालातों से परिचित हो और योग्य हो।  

उल्लेखनीय है कि, कर्नाटक सरकार की पांच गारंटियों में सभी घरों को 200 यूनिट मुफ्त बिजली (गृह ज्योति), परिवार की प्रत्येक महिला मुखिया को 2,000 रुपये प्रति माह (गृह लक्ष्मी), गरीबी रेखा से नीचे (BPL) परिवारों को 10 किलो खाद्यान्न (अन्न भाग्य), बेरोजगार स्नातकों को दो साल के लिए 3,000 रुपये प्रति माह और बेरोजगार डिप्लोमा धारकों को दो साल के लिए 1,500 रुपये प्रति माह (युवनिधि), और राज्य भर में सरकारी गैर-एसी बसों में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा (शक्ति) शामिल हैं। इन वादों से 5.10 करोड़ लोगों को लाभ मिलने का दावा किया गया है और इनको पूरा करने से 2023-24 में राज्य पर 36,000 करोड़ रुपये का खर्च का अनुमान है। चालू वित्त वर्ष के लिए इन योजनाओं के लिए आवंटित बजट 52,009 करोड़ रुपये है। 

हालांकि, 2024-25 के लिए राज्य का कुल राजस्व घाटा बजट 3,71,383 करोड़ रुपये है, जिसमें पहली बार राज्य की उधारी 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गई है। स्थिति ये है कि, राज्य का खजाना खाली हो रहा है और विकास कार्य तो दूर, चुनावी गारंटियां पूरा करने में भी सरकार को मुश्किलें हो रहीं हैं। अब अधिक कमाई उत्पन्न करने के लिए, राज्य सरकार ने ईंधन की कीमतों में वृद्धि की है, जिससे पेट्रोल 102 रुपये प्रति लीटर से अधिक हो गया है। उन्होंने संपत्ति मार्गदर्शन मूल्यों में भी 15-30% का इजाफा किया, भारतीय निर्मित शराब (IML) पर 20% अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (AED) लगाया, बीयर पर AED को 175% से बढ़ाकर 185% किया और नए पंजीकृत परिवहन वाहनों पर 3% अतिरिक्त उपकर लागू किया। 25 लाख रुपये से अधिक की लागत वाले इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) पर आजीवन टैक्स का प्रावधान किया और गैर-पंजीकरण-आवश्यक दस्तावेजों के लिए स्टांप शुल्क 200% से बढ़ाकर 500% कर दिया गया। ये तमाम चीज़ें, संपत्ति कर, जल कर और बस किराए में भविष्य में वृद्धि का भी संकेत देती हैं।

इसके अतिरिक्त, कांग्रेस सरकार बिक्री को बढ़ावा देने के लिए 1 जुलाई से प्रीमियम शराब ब्रांडों की कीमतों को कम करने की योजना बना रही है। इस रणनीति का उद्देश्य महंगी शराब और बीयर की खरीद को बढ़ावा देना है, जिससे शराब की बिक्री से राज्य की आमदनी बढ़ेगी। भाजपा ने इन राजस्व-उत्पादक उपायों की आलोचना की है, उनका तर्क है कि ये जनता पर अनुचित बोझ डालते हैं। हालांकि, आम आदमी पार्टी (AAP) और कांग्रेस ने ऐसी योजनाओं का बचाव करते हुए उन्हें आवश्यक चुनावी रणनीति बताया है। 

हालांकि जब एक राज्य में चुनावी गारंटियां पूरी करने में प्रदेश सरकार का राजस्व रसातल में चला गया है, तो हाल ही में हुए लोकसभा चुनावों में भी जो कांग्रेस ने, करोड़ों महिलाओं को 'खटाखट' 1 लाख, बेरोज़गारों को भी सालाना 1 लाख, सभी फसलों पर MSP, हर बार किसानों के कर्जे माफ़ करने के जो वादे किए थे, उसे पार्टी कैसे पूरा करती ? क्या इसी तरह पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढाकर, टैक्स बढाकर, नंदिनी दूध, बिजली की दरें बढाकर, या फिर किसी विदेशी फर्म को हायर करके ये सब किया जाता ? फिर देश में शिक्षा, स्वास्थय, रक्षा, सड़क, जल और अन्य मुद्दों से जुड़े विकास कार्यों के लिए पैसा कहाँ से लाया जाता ? एक बार जब कांग्रेस विधायकों ने अपने क्षेत्रों में विकास कार्य के लिए राज्य सरकार से धन जारी करने के लिए कहा था, तो डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने ये कहते हुए मना कर दिया था कि चुनावी गारंटियों को पूरा करने में हमें फंड लगाना पड़ा है, इसलिए अभी विकास कार्यों के लिए पैसा नहीं बचा है।

वैसे कांग्रेस नेता सैम पित्रोदा ने विरासत टैक्स लगाने का सुझाव दिया था, जिसमे व्यक्ति के मरने के बाद उसकी 55 फीसद संपत्ति सरकार ले लेती, या तो इसे लागू किया जाता। या फिर जो देशवासियों की संपत्ति की गिनती करके उसके पुनर्वितरण का वादा किया था, वो रास्ता अपनाया जाता। बहरहाल, कांग्रेस अभी केंद्र की सत्ता में नहीं है और जहाँ सत्ता में है, वहां खज़ाना खाली हो चुका है, राज्य सरकार ने चुनावी गारंटियां पूरा करने के लिए काफी कुछ बढ़ा दिया हैं, अभी और कुछ भी बढ़ सकता है, जिसकी सलाह अमेरिकी फर्म देगी। इसी साल जब राज्य में सूखा पड़ा था, तब भी राज्य सरकार के पास राहत कार्यों के लिए पैसे नहीं थे, उसने केंद्र से आर्थिक मदद मांगी। केंद्र ने उसे 3,454 करोड़ रुपये जारी किए।

हालाँकि, कांग्रेस के चुनावी वादों पर भी अर्थशास्त्रियों ने चिंता जताई थी कि मुफ्त की चीज़ों से सरकारी ख़ज़ाने पर बोझ बढ़ेगा और बाकी विकास कार्यों के लिए पैसा नहीं बचेगा, लेकिन उस समय पार्टी ने इन बातों को नज़रअंदाज़ कर दिया था। यही नहीं, सरकार बनने के बाद कांग्रेस ने अपनी मुफ्त की 5 चुनावी गारंटियों को पूरा करने के लिए SC/ST वेलफेयर फंड से 11 हजार करोड़ रुपये निकाल लिए थे। बता दें कि, कर्नाटक शेड्यूल कास्ट सब-प्लान और ट्रायबल सब-प्लान एक्ट के मुताबिक, राज्य सरकार को अपने कुल बजट का 24.1% SC/ST के उत्थान के लिए खर्च करना पड़ता है। लेकिन उन 34000 करोड़ में से भी 11000 करोड़ रुपए राज्य सरकार ने निकाल लिए। इसके बाद राज्य सरकार ने अल्पसंख्यकों के लिए एक योजना शुरू की, जिसमे उन्हें वाहन खरीदने पर 3 लाख तक की सब्सिडी देने का ऐलान किया था। उस योजना के अनुसार, यदि कोई अल्पसंख्यक 8 लाख रुपये की कार खरीदता है, तो उसे मात्र 80,000 रुपये का शुरूआती भुगतान करना होगा। 3 लाख रुपए राज्य सरकार देगी, यही नहीं बाकी पैसों के लिए भी बैंक ऋण सरकार ही दिलाएगी।

वहीं, इस साल के बजट में कांग्रेस सरकार ने वक्फ प्रॉपर्टी के लिए 100 करोड़ और ईसाई समुदाय के लिए 200 करोड़ आवंटित किए हैं, फिर मंदिरों पर 10 फीसद टैक्स लगाने का बिल लेकर आई थी, लेकिन भाजपा के विरोध के कारण वो बिल पास नहीं हो सका। जानकारों का कहना है कि, धन का सही प्रबंधन नहीं करने के कारण, राज्य सरकार का खज़ाना खाली हो गया और उसके पास विकास कार्यों और अपनी जनता को सूखे से राहत देने के लिए पैसा नहीं बचा। अब पार्टी ने एक विदेशी फर्म को कमाई बढ़ाने के लिए सलाह देने के काम पर रखा है, जो 6 महीने के 9.5 करोड़ लेगी।

T20 वर्ल्ड कप: क्या भारत-बांग्लादेश मैच में मौसम बनेगा विलन ? एंटीगुआ से सामने आई यह ताजा रिपोर्ट

Image 2Image 4

 एंटीगुआ के नॉर्थ साउंड क्षेत्र में आज शनिवार को मौसम के कारण भारत और बांग्लादेश के बीच टी20 विश्व कप के 'सुपर 8' मैच में पूरा खेल होने की उम्मीद है, लेकिन 'तूफान' के कारण व्यवधान की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। भारत, जिसने 'सुपर 8' चरण के अपने पहले ग्रुप 1 मैच में अफगानिस्तान को हराया था, जीत का प्रबल दावेदार है, लेकिन वह बांग्लादेश की हिम्मत वाली टीम को हल्के में नहीं ले सकता।

जहां तक ​​क्षेत्र में मौसम के पूर्वानुमान का सवाल है, accuweather.com वेबसाइट इसे अपेक्षाकृत ठीक बताती है। एंटीगुआ में शनिवार के लिए पूर्वानुमान में कहा गया है कि, "आंशिक रूप से धूप खिली रहेगी और कुछ स्थानों पर आंधी भी आएगी।" इस दौरान 41% बादल छाए रहेंगे और दिन भर कुछ घंटों तक बारिश होगी। मैच स्थानीय समयानुसार सुबह 10:30 बजे शुरू होगा, जो कि भारतीय समयानुसार रात 8 बजे है। भारत ने ग्रुप चरण में आयरलैंड, पाकिस्तान और यूएसए पर जीत के बाद 'सुपर 8' में अपराजित प्रवेश किया। फ्लोरिडा में कनाडा के खिलाफ भारत का मैच बारिश के कारण रद्द हो गया।

भारत ने 2013 में एमएस धोनी की कप्तानी में चैंपियंस ट्रॉफी जीतने के बाद से कोई ICC इवेंट नहीं जीता है और उन्हें उम्मीद है कि वे अपना दूसरा टी20 विश्व कप जीतकर 11 साल के वै इंतजार को खत्म करेंगे। बता दें कि भारत ने अंतिम बार महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में 2007 में टूर्नामेंट का पहला संस्करण जीता था।

दिल्ली में आप नेता आतिशी के जल सत्याग्रह में केजरीवाल के खिलाफ हुई नारेबाजी, AAP कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा

Image 2Image 4

दक्षिण दिल्ली के भोगल में दिल्ली की जल मंत्री आतिशी ने राष्ट्रीय राजधानी में जल संकट को लेकर अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी रखी। जो शनिवार को दूसरे दिन भी जारी रही। प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ नारे लगाए, जिसके बाद आम आदमी पार्टी (AAP) कार्यकर्ताओं ने उन्हें बाहर निकाला। आतिशी शुक्रवार को अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठीं और आरोप लगाया कि हरियाणा यमुना में दिल्ली के हिस्से का उचित पानी नहीं दे रहा है।

अपने 'जल सत्याग्रह' स्थल से एक वीडियो संदेश में आतिशी ने कहा कि जब तक हरियाणा शहर के लोगों के लिए और पानी नहीं छोड़ता, तब तक वह कुछ नहीं खाएँगी। आतिशी मर्लेना ने कहा कि शुक्रवार को हरियाणा ने 110 मिलियन गैलन प्रतिदिन (एमजीडी) कम पानी छोड़ा। उन्होंने कहा कि, "एक एमजीडी पानी 28,000 लोगों के लिए है। 100 एमजीडी पानी की कमी का मतलब है कि दिल्ली में 28 लाख लोगों को पानी नहीं मिल रहा है।" प्रदर्शन स्थल से प्राप्त वीडियो में लोगों को क्रोधित होते हुए दिखाया गया है, जबकि एक घोषणा की जा रही थी, जिसमें उनसे अराजकता न फैलाने का अनुरोध किया जा रहा था।

वहीं, भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने आतिशी के उपवास को एक 'ढोंग' करार देते हुए आरोप लगाया कि यह उनकी 'निष्क्रियता' को छिपाने के लिए एक 'राजनीतिक नाटक' है। सुषमा ने आरोप लगाया कि, "आतिशी एक असफल जल मंत्री हैं। इस साल फरवरी से ही यह स्पष्ट था कि दिल्ली को लंबी गर्मी झेलनी पड़ेगी, लेकिन उन्होंने इसके लिए कोई तैयारी नहीं की।" आतिशी पर हमला करते हुए भाजपा की दिल्ली इकाई ने शनिवार को एक वीडियो पोस्ट किया जिसमें प्रदर्शन स्थल पर AAP का कोई नेता नहीं दिख रहा है।

भाजपा की दिल्ली इकाई ने ट्वीट किया, "यह कैसा अनिश्चितकालीन सत्याग्रह है, जहां आतिशी दोपहर के भोजन और रात में एसी कमरे में खाना खाने और आराम करने जाती हैं! एक बड़ा घोटाला चल रहा है।" इसके तुरंत बाद AAP नेता संजय सिंह ने भाजपा पर पलटवार करते हुए ट्वीट किया कि, "भाजपा के धोखेबाजों को पता होना चाहिए कि जो भी अनशन पर बैठता है, उसका डॉक्टरों द्वारा मेडिकल चेकअप किया जाता है। मेडिकल रिपोर्ट तैयार की जाती है। अपने केंद्रीय मंत्री को भेजो, नायब सिंह सैनी को भेजो - अगर आप गलत हैं, तो दिल्ली को उसके हिस्से का पानी दे दो।"

शेख हसीना के साथ द्विपक्षीय बैठक के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी: 'कनेक्टिविटी, वाणिज्य, सहयोग पर ध्यान केंद्रित करें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने शनिवार को नई दिल्ली में अपनी द्विपक्षीय वार्ता में रक्षा संबंधों, रक्षा उत्पादन, आतंकवाद के खिलाफ सहयोग, सीमा प्रबंधन और अन्य मुद्दों को आगे बढ़ाने पर चर्चा की। बांग्लादेशी समकक्ष के साथ संयुक्त प्रेस वार्ता में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पड़ोसी देश नई दिल्ली की पड़ोसी प्रथम नीति, एक्ट ईस्ट नीति, विजन सागर और इंडो-पैसिफिक विजन के संगम पर स्थित है।

Image 2Image 4

अपने रक्षा संबंधों को और मजबूत करने के लिए हमने रक्षा उत्पादन से लेकर सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण तक विस्तृत चर्चा की। हमने आतंकवाद, कट्टरवाद और सीमा के शांतिपूर्ण प्रबंधन पर अपने सहयोग को मजबूत करने का फैसला किया है। हिंद महासागर क्षेत्र के लिए हमारा दृष्टिकोण भी यही है। हम इंडो-पैसिफिक महासागर पहल में शामिल होने के बांग्लादेश के फैसले का स्वागत करते हैं। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "हम बिम्सटेक और अन्य क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपना सहयोग जारी रखेंगे।" पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देशों ने मिलकर जन कल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं पूरी की हैं। "दोनों देशों के बीच भारतीय रुपये में व्यापार शुरू हो गया है। भारत और बांग्लादेश के बीच गंगा नदी पर दुनिया की सबसे लंबी नदी क्रूज सफलतापूर्वक पूरी हो गई है। भारत और बांग्लादेश के बीच पहली क्रॉस-बॉर्डर फ्रेंडशिप पाइपलाइन पूरी हो गई है।

भारतीय ग्रिड के माध्यम से नेपाल से बांग्लादेश को बिजली का निर्यात ऊर्जा क्षेत्र में उप-क्षेत्रीय सहयोग का पहला उदाहरण बन गया है। केवल एक वर्ष में इतने सारे क्षेत्रों में इतनी बड़ी पहल को लागू करना हमारे संबंधों की गति और पैमाने को दर्शाता है।" 

पीएम नरेंद्र मोदी ने आगे कहा कि दोनों देश कनेक्टिविटी, वाणिज्य और सहयोग पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देश अपनी अर्थव्यवस्थाओं को बढ़ावा देने के लिए डिजिटल और ऊर्जा कनेक्टिविटी पर ध्यान केंद्रित करेंगे। "दोनों पक्ष अपने आर्थिक संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए सीईपीए पर बातचीत शुरू करने के लिए तैयार हैं...भारत और बांग्लादेश को 54 नदियाँ जोड़ती हैं - हमने बाढ़ प्रबंधन, प्रारंभिक चेतावनी और पेयजल परियोजनाओं पर सहयोग किया है। हमने 1996 की गंगा जल संधि के नवीनीकरण पर तकनीकी स्तर की वार्ता शुरू करने का फैसला किया है। बांग्लादेश में तीस्ता नदी के संरक्षण और प्रबंधन के लिए एक तकनीकी टीम जल्द ही बांग्लादेश का दौरा करेगी," पीएम मोदी ने कहा।

पीएम मोदी ने कहा कि भारत और बांग्लादेश ने एक भविष्य की दृष्टि तैयार की है, जिसमें हरित भागीदारी, डिजिटल भागीदारी, नीली अर्थव्यवस्था और अंतरिक्ष शामिल हैं। उन्होंने कहा, "हम पिछले एक साल में 10 बार मिल चुके हैं। हालांकि, यह बैठक विशेष है क्योंकि बांग्लादेश की पीएम शेख हसीना हमारी सरकार के तीसरे कार्यकाल के बाद पहली राजकीय अतिथि हैं।"

पीएम हसीना ने कहा कि भारत बांग्लादेश का प्रमुख पड़ोसी और भरोसेमंद मित्र है। उन्होंने कहा, "बांग्लादेश भारत के साथ अपने संबंधों को बहुत महत्व देता है।"उन्होंने पीएम मोदी को अपने देश आने का निमंत्रण दिया। साथ ही कहा की वे "बांग्लादेश आकर देखें कि हमने क्या-क्या किया है और क्या करने की योजना बना रहे हैं।"