अब इमरान और उनकी पत्नी को बुशरा बीबी को 14 साल की जेल, तोशाखाना मामले में सुनाई गई सजा

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पाकिस्तान में आम चुनाव से पहले विपक्षी पार्टी के संस्थापक इमरान खान की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही हैं। तोशाखाना मामले में पाकिस्तान की एक अदालत ने उन्हें 14 साल की जेल की सजा सुनाई है। इमरान के साथ उनकी पत्नी बुशरा बीबी को भी 14 साल के कठोर कारावास की सजा दी गई है। कोर्ट ने इसके साथ ही इस दंपति को 10 साल के लिए सार्वजनिक पद संभालने से रोक दिया है और उन पर 787 मिलियन पाकिस्तानी रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

इमरान खान के लिए लगातार दो दिन में यह दूसरा झटका है। एक दिन पहले ही मंगलवार को पाकिस्तान की एक विशेष अदालत ने इमरान खान और पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री शाह महमूद को साइफर मामले में 10 साल की कैद की सजा सुनाई थी।साइफर मामले में इमरान और कुरैशी को सजा ऑफिशियल सिक्रेट्स कानून के तहत हुई है। इमरान और कुरैशी पर इल्जाम हैं कि उन्होंने देश की गोपनियता से जुड़ी जानकारियां लीक की। इसके बाद एक दूसरी कोर्ट की यह सजा उनके लिए दोहरा झटका है।

पिछले महीने ही नेशनल अकाउंटेबिलिटी ब्यूरो (NAB) ने खान और बुशरा बीबी के खिलाफ तोशाखाना से जुड़ा एक केस दर्ज कराया था। इसमें दोनों आरोप लगाए गए थे कि उन्होंने सऊदी क्राउन प्रिंस से तोहफे के तौर पर मिला नैकलेस विकवा दिया।इसकी कीमत 18 करोड़ पाकिस्तानी रुपए है और इसे लाहौर के एक मशहूर ज्वेलर को बेचा गया था। इमरान की पत्नी बुशरा बीबी ने एक मंत्री जुल्फी बुखारी के जरिए इस हार को बिकवा दिया था। इस पर सुनवाई करते हुए अकाउंटेबिलिटी कोर्ट ने बुधवार को दोनों को सजा सुनाई।

“कुछ लोगों की आदत हुड़दंग करने की” बजट सत्र से पहले हंगामा करने वाले सांसदों पर पीएम मोदी का तंज

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आज राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण के साथ ही संसद का बजट सत्र शुरू हो जाएगा।संसद सत्र से पहले मीडिया को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आप सभी को 2024 की राम-राम।इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि चुनाव के पहले अंतरिम बजटस पेश करने की परंपरा रही है। इसलिए हम भी परंपरा का निर्वहन करेंगे। उन्होंने कहा कि नई सरकार बनने के बाद पूर्ण बजट भी हम ही लेकर आएंगे।

अंतरिम बजट नारी शक्ति के हस्ताक्षर का पर्व होगा-पीएम मोदी

संसद के बजट सत्र से पहले पीएम मोदी ने मीडिया को संबोधित किया है। पीएम मोदी ने कहा है कि अंतरिम बजट नारी शक्ति के हस्ताक्षर का पर्व होने वाला है। सदन ने गरिमापूर्ण फैसले किए हैं। उन्होंने कहा कि आज जब बजट सत्र शुरू होगा तो राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का मार्गदर्शन और कल जब निर्मला सीतारमण अंतरिम बजट पेश करेंगी - एक प्रकार से ये नारी शक्ति का उत्सव है।

सांसद आत्मनिरीक्षण करें-पीएम मोदी

संसद के बजट सत्र की शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष को आड़े हाथों लिया।मैं आशा करता हूं कि गत 10 वर्ष में जिसको जो रास्ता सुझा उस प्रकार से संसद में सब ने अपना अपना कार्य किया। जिनको आदतन हुड़दंग करने का स्वभाव बन गया है। जो आदतन लोकतांत्रिक मूल्यों का चीरहरण करते हैं, ऐसे सभी सांसद आत्मनिरीक्षण करें कि 10 साल में उन्होंने जो किया।पीएम मोदी ने कहा है कि हुड़दंग करने वाले सांसद अपने संसदीय क्षेत्र में भी 100 लोगों से पूछ लें किसी को याद नहीं होगा। किसी को नाम भी पता नहीं होगा...लेकिन जिसने सदन में उत्तम विचारों से संसद को लाभान्वित किया होगा, उन्हें एक बहुत बड़ा वर्ग आज भी याद करता होगा, इसकी सराहना करते होंगे।

आज से संसद का बजट सत्र, दोनों सदनों को संबोधित करेंगी राष्ट्रपति, सीतारमण कल पेश करेंगी अंतरिम बजट

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आज से संसद का बजट सत्र शुरू हो रहा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के संबोधन से सत्र की शुरुआत होगी। बजट सत्र 9 फरवरी तक चलेगा। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को अंतरिम बजट पेश करेंगी। ये मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का आखिरी बजट होगा। लोकसभा चुनाव के बाद पूर्ण बजट पेश किया जाएगा।

क्यों कहा जा रहा है अंतरिम बजट?

देश में चुनावी साल में दो बार बजट पेश किया जाता है। पहला चुनाव से पहले और दूसरा चुनाव के बाद नई सरकार गठन होने के पश्चात। पहले वाले बजट को अंतरिम बजट और दूसरे वाले को आम बजट की संज्ञा दी जाती है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 112 के तहत हर वित्तीय वर्ष की शुरुआत से पहले सरकार संसद में केंद्रीय बजट पेश करती है। बजट किसी वित्तीय वर्ष में होने वाली सरकार की आमदनी और खर्चों से जुड़ा दस्तावेज है। यह वित्तीय वर्ष हर साल 1 अप्रैल से शुरू होकर अगले साल 31 मार्च को समाप्त होता है। इस साल आम चुनाव होने हैं इसलिए इस बार यह अंतरिम बजट होगा। इस बार सरकार जो बजट पेश करेगी वह सिर्फ नई सरकार के आने तक सरकारी खर्चों को पूरा करने के लिए होगा। आम चुनावों के बाद चुनी गई नई सरकार की ओर से जुलाई में वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए पूर्ण बजट पेश किया जाएगा।

कल हुई थी सर्वदलीय बैठक

बजट सत्र से एक दिन पहले यानी 30 जनवरी को सर्वदलीय बैठक हुई। इसमें संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि वित्त मंत्री जम्मू-कश्मीर के लिए भी बजट पेश करेंगी, जहां राष्ट्रपति शासन है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अगुवाई में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान विपक्षी नेताओं ने कई मुद्दे उठाए। कांग्रेस नेता के सुरेश ने कहा कि पार्टी सत्र के दौरान बेरोजगारी, महंगाई, कृषि संकट और जातीय हिंसा प्रभावित मणिपुर की स्थिति का मुद्दा उठाएगी।

उत्तर भारत में घने कोहरे का कहर जारी, रेल और हवाई सेवाएं प्रभावित, बारिश बढ़ाएगी परेशानी

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पूरे उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड जारी है। पहाड़ों पर बर्फबारी शुरू हो चुकी है तो मैदानों को कोहरे ने अपनी आगेश में ले लिया है।भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि पंजाब के अमृतसर, पटिलाया, हरियाणा के अंबाला, राजस्थान के गंगानगर और पूर्वी उत्तर प्रदेश के वाराणसी में बहुत अधिक घना कोहरा देखा गया। इन जगहों पर सुबह साढ़े पांच बजे दृश्यता घटकर 25 मीटर रह गई थी। इसके चलते सड़क यातायात से लेकर आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। घने कोहरे के कारण धूप नहीं खिलने से ठंड भी अधिक महसूस की गई। 

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दिल्ली एनसीआर में बुधवार को भयानक कोहरे की चपेट में रहा। सुबह साढ़े तीन बजे के बाद विजिबिलिटी शून्य हो गई। गनीमत रही कि तापमान में एक डिग्री का सुधार होने की वजह से दिल्ली वासियों को ठंड से थोड़ी राहत मिली। यही स्थिति उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा और पंजाब के अलावा राजस्थान और मध्य प्रदेश के बड़े हिस्से में भी बुधवार को घना कोहरा छाया रहा। उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा और पंजाब के अलावा दिल्ली एनसीआर में आज घना कोहरा छाया रहेगा। दोपहर में कुछ देर के लिए धूप खिलने की संभावना है तो लेकिन तीव्रता ना के बराबर होगी। यही स्थिति राजस्थान में भी बनेगी।

आज बारिश के आसार

मौसम की गतिविधियों पर नजर रखने वाली वेबसाइट स्काईमेट वेदर डॉट कॉम के मुताबिक लद्दाख, जम्मू कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में आज लगातार चौथे दिन हल्की से मध्यम बारिश के साथ बर्फबारी की संभावना है। इसी प्रकार पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और दिल्ली एनसीआर के अलावा राजस्थान में भी गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। यही स्थिति सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश में भी देखने को मिलेगी। उधर, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, दक्षिण केरल और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में भी बीते एक सप्ताह से हो रही बारिश का क्रम जारी रह सकता है।

19 ट्रेनें देर, कई उड़ानें भी विलंब

उत्तर रेलवे ने बताया कि घने कोहरे के कारण रेल यातायात व्यवस्था बेपटरी हो गई। दिल्ली आने वाली कम से कम 19 ट्रेनें अपने निर्धारित समय से कई घंटों की देरी से चलीं। इनमें जम्मू तवी-दिल्ली एक्सप्रेस, हॉवड़ा-दिल्ली दुरंतो, हॉवड़ा-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस, रीवा-आनंद विहार एक्सप्रेस, दिल्ली-मोगा एक्सप्रेस शामिल थीं। ट्रेनों के देर से चलने के वजह से नई दिल्ली रेलवे स्टेशन समेत अन्य स्टेशनों पर यात्रियों की भारी भीड़ देखी गई। यही हाल इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर रहा। उड़ानों में देरी की वजह से हवाईअड्डे पर भी यात्रियों की भीड़ रही। विलंब उड़ानों की सही संख्या के बारे में तो पता नहीं चल पाया, लेकिन अधिकारियों ने बताया कि इसमें घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों उड़ानें शामिल हैं।

लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस का बड़ा प्लान, सोनिया गांधी और प्रियंका को हिमाचल से राज्यसभा भेजने की तैयारी

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देश में 27 फरवरी को 15 राज्यों की 56 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव होने हैं। हिमाचल प्रदेश की भी एक राज्यसभा सीट पर चुनाव होगा। इस सीट से बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा राज्यसभा के सांसद हैं। जिनका राज्यसभा से कार्यकाल खत्म होने जा रहा है। इस बीच हिमाचल प्रदेश की राज्यसभा सीट से अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी और महासचिव प्रियंका गांधी को राज्यसभा भेजे जाने की चर्चा है। हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह ने कहा कि हिमाचल प्रदेश से जेपी नड्डा की जगह पर सोनिया गांधी या फिर प्रियंका गांधी को राज्यसभा भेजा सकता है। 

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सोमवार को भारतीय चुनाव आयोग की ओर से राज्यसभा चुनाव की तारीखों का एलान होते ही प्रदेश कांग्रेस में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। कांग्रेस हाईकमान के फैसले पर सभी नजरें टिक गई हैं। प्रदेश कमेटी ने भी अगले सप्ताह इस पर मंथन करने की तैयारी शुरू कर दी है। दस फरवरी को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का भी हिमाचल आना प्रस्तावित है।ऐसे में संभावित है कि इस बैठक के माध्यम से राज्यसभा जाने वाले नेता के नाम को लेकर संकेत मिल सकते हैं।

अब हिमाचल में कांग्रेस की सरकार है। ऐसे में इस बार हिमाचल से राज्यसभा में कांग्रेस के नेता की एंट्री होगी। प्रियंका गांधी का राजधानी शिमला के समीप घर है। विधानसभा चुनाव के दौरान प्रियंका ने अपने घर पर रहकर ही प्रचार की कमान संभाली थी। ऐसे में चर्चा है कि प्रियंका गांधी अगर लोकसभा चुनाव नहीं लड़ती हैं तो हिमाचल से राज्यसभा जा सकती हैं।बता दें कि सोनिया गांधी मौजूदा वक्त में रायबरेली से सांसद हैं। प्रियंका गांधी अब तक संसद की सदस्य नहीं बनी हैं। उन्होंने अभी तक ना लोकसभा चुनाव लड़ा है और ना ही वे राज्यसभा के लिए नामित हुई हैं।

कि राज्यसभा के लिए 56 सीटों पर चुनाव होने वाले हैं। जिसमें हिमाचल की एक सीट शामिल है। इसी को लेकर हिमाचल में कांग्रेस पार्टी की ओर से उम्मीदवार के लिए मंथन का दौर शुरू हो गया है। 14 से 19 फरवरी के बीच बजट सत्र के दौरान ही राज्यसभा चुनाव होने वाला है और कांग्रेस उम्मीदवार की जीत तय है। वर्तमान समय में हिमाचल प्रदेश की कुल तीन राज्यसभा सीटों पर बीजेपी का कब्जा है।

छत्तीसगढ़ के बीजापुर में बड़ा नक्सली हमला, 3 जवान शहीद, 14 जख्मी

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छ्त्तीसगढ़ के बीजापुर में नक्सलियों ने बड़ा हमला किया है। इस हमले में सीआरपीएफ के 14 जवान घायल हैं और तीन जवानों के शहीद होने की खबर है। जानकारी के मुताबिक नक्सलियों ने टेकुलगुडम कैम्प पर हमला किया है। हमले में घायल जवानों को चॉपर से जगदलपुर रेफर किया गया है। कोबरा बटालियन और डीआरजी के जवानों के साथ नक्सलियों की मुठभेड़ अब भी जारी है। बता दें कि साल 2021 में भी नक्सलियों ने इसी जगह पर हमला किया था जिसमें 22 जवान शहीद हो गए थे।

बताया जा रहा है नक्सलियों ने टेकुलगुडम कैंप पर मंगलवार सुबह अचानक से हमला कर दिया। इस घटना में कुल 17 जवान घायल हुए, जिसमें से तीन जवान बलिदान हो गए। घायल जवानों को चोपर से जगदलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। चार जवानों की हालत गंभीर है, जिन्हें रायपुर रेफर किया गया है। कोबरा बटालियन और डीआरजी के जवानों के साथ अब भी मुठभेड़ जारी है।

पुलिस महानिरीक्षक, सुंदरराज पी ने कहा, “सोमवार को, माओवादियों के गढ़ टेकलगुडेम में सुरक्षा कर्मियों का एक नया शिविर स्थापित किया गया था। शिविर स्थापित करने के बाद, स्पेशल टास्क फोर्स, डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड और कमांडो बटालियन फॉर रेसोल्यूट एक्शन (कोबरा- सीआरपीएफ की एक जंगल युद्ध इकाई) के जवान पास के जोनागुडा-अलीगुडा गांवों में तलाशी ले रहे थे, तभी नक्सलियों ने गोलीबारी शुरू कर दी और मुठभेड़ शुरू हो गई।

नीतीश के पाला बदलने पर राहुल गांधी ने तोड़ी चुप्पी, बोले-दबाव पड़ते ही यू टर्न ले लेते हैं

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इंडिया गठबंधन को नीतीश कुमार से मिले झटके के बाद पहली बार राहुल गांधी ने चुप्पी तोड़ी है। राहुल गांधी ने नीतीश पर तंज कसते हुए कहा है कि दबाव पड़ते ही वो यू टर्न ले लेते हैं।राहुल गांधी ने 'भारत जोड़ो न्याय यात्रा' के तहत पूर्णिया में रैली करते हुए नीतीश कुमार पर हमला बोला।नीतीश कुमार के इंडिया गठबंधन से हाथ छुड़ाने और आरजेडी के साथ सरकार चलाने के फैसले से अचानक पलटी मारने के बाद भाजपा संग सरकार बनाने को लेकर राहुल गांधी ने आज पहली बार अपनी नाराजगी सार्वजनिक की।

चुटकुला सुनाकर बिहार के सीएम पर कसा तंज

कांग्रेस नेता ने एक चुटकुला सुनाकर बिहार के सीएम नीतीश कुमार पर तंज कसा। राहुल ने अपने संबोधन में अखिलेश के भाषण का जिक्र करते हुए कहा कि अखिलेश जी का भाषण चल रहा था तो बघेल जी ने मुझे एक चुटकुला सुनाया। आपके राज्य के मुख्यमंत्री के बारे में ये है। आपके सीएम गवर्नर के यहां शपथ ग्रहण के लिए गए। काफी धूमधाम था, वहीं, बीजेपी के नेता , गवर्नर साहब मौजूद थे। मुख्यमंत्री शपथ ग्रहण करते हैं और फिर वे निकल जाते हैं, गाड़ी में पता चलता है कि वे अपना शॉल गवर्नर हाउस में भूल गए, फिर वे ड्राइवर को वापस चलने के लिए के लिए कहते हैं। जैसे ही गवर्नर अपना दरवाजा खोलते हैं तो गवर्नर कहते हैं, 'अरे इतनी जल्दी आ गए'। ऐसी है बिहार की हालत.. थोड़ा-सा दबाव पड़ता है और (नीतीश कुमार) यू-टर्न ले लेते हैं।

राहुल गांधी ने बताया-नीतीश जी कहां फंसे

भारत जोड़ो न्याय यात्रा का नेतृत्व कर रहे राहुल गांधी ने कहा, हमें नीतीश कुमार की जरूरत नहीं है। राहुल गांधी ने जोर देकर कहा कि बिहार में लोगों को सामाजिक न्याय दिलाना हमारे गठबंधन की जिम्मेदारी है। राहुल गांधी ने आगे कहा कि बात समझिए नीतीश जी कहां फंसे। मैंने नीतीश जी से साफ कह दिया कि आपको बिहार में जातीय जनगणना करनी पड़ेगी हम आपको छूट नहीं देंगे। और आरजेडी और हमने ये काम नीतीश जी पर दबाव डालकर काम कराया। अब दूसरे साइड से प्रेशर आ गया। बीजेपी नहीं चाहती कि देश को पता चले कि कितने पिछड़े, कितने दलित हैं? बीजेपी नहीं चाहती की सामाजिक न्याय की बात हो। बीजेपी ने उन्हें भागने के लिए बैक डोर दे दिया। लोगों को सामाजिक न्याय दिलाना हमारी गठबंधन का काम है और इसके लिए हमें नीतीश जी की कोई जरूरत नहीं है।

यह बताया जा रहा है कि 13 जनवरी को इंडिया गठबंधन की बैठक में राहुल गांधी की एक टिप्पणी से नाराज हो गए थे और सप्हांत आते-आते उन्होंने भाजपा से हाथ मिला लिया। यह बताया जा रहा है कि इंडिया गठबंधन के लिए एक समन्वयक चुनने के विषय पर जिनपर नीतीश कुमार की नज़र थी को लेकर राहुल गांधी ने कहा कि वह ममता बनर्जी से परामर्श करेंगे।

राहुल गांधी से नाराज होकर नीतीश कुमार ने 10 मिनट पहले ही बैठक छोड़ दी थी। हालांकि कुछ ही समय बाद नेताओं ने उन्हें संयोजक के रूप में चुना लेकिन नीतीश कुमार ने इसे अस्वीकार कर दिया और खेमा बदलने का मन बना लिया।

कौन हैं सतनाम सिंह संधू ? जिन्हें राष्ट्रपति ने राज्यसभा के लिए किया मनोनीत

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राष्ट्रपति ने चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के कुलपति सतनाम सिंह संधू को राज्यसभा का मनोनीत सांसद नियुक्त किया है। संधू जल्द ही इस पद को ग्रहण करेंगे।गृह मंत्रालय की तरफ से मंगलवार को जारी एक अधिसूचना में ये जानकारी दी गई। बता दें कि राष्ट्रपति राज्यसभा के लिए अलग-अलग क्षेत्रों की कुल 12 हस्तियों को सांसद के तौर पर मनोनीत करती हैं। 

गृह मंत्रालय की तरफ से जारी नोटिफिकेशन में कहा गया है कि किसान के बेटे संधू भारत के प्रमुख शिक्षाविदों में से एक हैं। इसमें कहा गया है, ‘संधू एक किसान भी हैं और शिक्षा प्राप्त करने के लिए उन्होंने संघर्ष किया। उन्हें 2001 में मोहाली में ‘चंडीगढ़ ग्रुप ऑफ कॉलेजेज’ (सीजीसी) की स्थापना और 2012 में चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी की स्थापना का श्रेय जाता है।’ बयान के अनुसार, वह अपने दो गैर सरकारी संगठनों ‘इंडियन माइनॉरिटीज फाउंडेशन’ और ‘न्यू इंडिया डिवेलपमेंट फाउंडेशन’ के माध्यम से स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में सुधार और सांप्रदायिक सद्भाव को आगे बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर सामुदायिक प्रयासों में सक्रिय रूप से शामिल हैं।

देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने सदस्यता हासिल करने पर सतनाम सिंह संधू को बधाई दी है। पीएम मोदी ने बधाई देते हुए कहा कि मुझे खुशी है कि राष्ट्रपति जी ने सतनाम सिंह संधू जी को राज्यसभा के लिए मनोनीत किया है। सतनाम जी ने खुद को एक प्रसिद्ध शिक्षाविद् और सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में प्रतिष्ठित किया है, जो विभिन्न तरीकों से जमीनी स्तर पर लोगों की सेवा कर रहे हैं। उन्होंने हमेशा राष्ट्रीय एकता को आगे बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर काम किया है और भारतीय प्रवासियों के साथ भी काम किया है। मैं उन्हें उनकी संसदीय यात्रा के लिए शुभकामनाएं देता हूं और मुझे विश्वास है कि राज्यसभा की कार्यवाही उनके विचारों से समृद्ध होगी।

उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने संधू के राज्यसभा के लिए नामांकन का स्वागत किया। उन्होंने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, ‘सामुदायिक सेवा में उनका समृद्ध कार्य और शिक्षा, नवाचार और सीखने के प्रति उनका जुनून राज्यसभा के लिए ताकत का बड़ा स्रोत होगा। मैं उनके कार्यकाल के लिए उन्हें शुभकामनाएं देता हूं।’

अब राजस्थान के स्कूलों में भी बैन होगा हिजाब? जानें सरकार का प्लान

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कर्नाटक के बाद अब राजस्थान की सियासत में भी हिजाब की एंट्री हो गई है।शैक्षणिक संस्थानों में हिजाब पहनने को लेकर राजस्थान में भी विवाद शुरू हो गया है। माना जा रहा है कि राज्य की भजनलाल सरकार भी हिजाब बैन को लेकर तैयारी शुरू कर सकती है।राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने शिक्षा विभाग को दूसरे राज्यों में हिजाब बैन की स्टेटस रिपोर्ट तैयार करने का आदेश दिया है। साथ ही इस बात की भी रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया है कि राजस्थान में हिजाब बैन का क्या प्रभाव पड़ेगा।

बालमुकुंदाचार्य ने उठाया मुद्दा

हिजाब को लेकर सबसे पहले राजस्‍थान में जयपुर की हवामहल सीट से भाजपा विधायक बालमुकुंदाचार्य ने सवाल उठाया था। गणतंत्र दिवस पर एक स्कूल में पहुंचे बालमुकुंदाचार्य ने सवाल उठाया था कि विद्यालय में दो तरह के ड्रेस कोड हैं क्या? उन्होंने स्कूल में ड्रेस कोड की वकालत की थी। इसके बाद बालमुकुंदाचार्य के खिलाफ छात्राओं ने प्रदर्शन किया था।इस दौरान बड़ी संख्या में उनके परिजन और मुस्लिम समुदाय के अन्य लोग भी मौजूद थे।स्कूली छात्राओं की मांग है कि हवामहल विधायक बालमुकुंद आचार्य इस मामले में माफी मांगें। उन्होंने हिजाब को लेकर बातें कहने और धार्मिक नारे लगवाने का आरोप लगाया था। 

किरोड़ीलाल मीणा ने भी किया बैन का समर्थन

कैबिनेट मंत्री डॉक्टर किरोड़ीलाल मीणा ने हिजाब पर प्रतिबंध की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि वे इस बारे में सीएम भजनलाल से बात करेंगे. उन्होंने कहा कि सभी स्कूलों में समान ड्रेस कोड होना चाहिए। हिजाब का समर्थन करने वाली ताकतें नहीं चाहती कि मुस्लिम समुदाय के बच्चे शिक्षित बनें। उन्होंने कहा कि मुसलमानों का डीएनए हिंदुस्तानी है। मुगल आक्रांताओं के साथ हिजाब और बुर्का भारत में आया था। आज मुस्लिम देशों में भी कई जगह हिजाब प्रतिबंधित है।

विधानसभा में भी उठा मामला

स्कूलों में हिजाब को लेकर बयानबाजी का मामला सदन में विपक्षी सदस्य रफीक खान ने उठाया। उन्होंने कहा कि बच्चे हिजाब किसी से पूछकर नहीं पहनकर जाएंगे। संविधान में सभी को बराबरी का अधिकार है। इस पर सत्तापक्ष के सदस्यों ने विरोध किया। हंगामा हुआ तो अध्यक्ष ने इसे सदन की कार्यवाही से निकालने की व्यवस्था दी

पाकिस्तान में आम चुनाव से पहले इमरान खान को बड़ा झटका, गोपनीय सूचना लीक करने के मामले में 10 साल की सजा

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पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी (पीटीआई) के लीडर शाह महमूद कुरैशी को सायफर केस में 10 साल जेल की सजा सुनाई गई है। मंगलवार को रावलपिंडी में स्पेशल कोर्ट ने सजा का ऐलान किया।पाकिस्तान की अदालत ने विवादास्पद सिफर मामले में 10 साल की जेल की सजा दी है। पाकिस्तान की सरकारी मीडिया और पीटीआई के एक प्रवक्ता ने राज्य के दस्तावेज़ लीक करने के मामले में दोनों को सज़ा सुनाए जाने की पुष्टि की है।

पार्टी के एक प्रवक्ता ने एएफपी को बताया, 'पूर्व प्रधान मंत्री इमरान खान और पीटीआई (पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ) के उपाध्यक्ष कुरेशी को सिफर मामले में 10-10 साल जेल की सजा सुनाई गई है।' खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के प्रवक्ता जुल्फिकार बुखारी के अनुसार, अदालत ने रावलपिंडी के गैरीसन शहर की एक जेल में फैसले की घोषणा की।

इमरान और कुरैशी की मौजूदगी में ही जज अबुल हसनत जुल्करनैन ने यह फैसला सुनाया। सुनवाई के दौरान जज जुल्करनैन ने पीटीआ नेताओं से कहा कि उनके वकील अदालत में पेश नहीं हुए हैं और उन्हें सरकारी वकील दिए गए हैं। कोर्ट ने यह भी कहा कि कुरैशी और इमरान से धारा 342 के तहत सवाल पूछे गए थे। हालांकि, कुरैशी ने कहा कि उनके वकील मौजूद नहीं हैं तो वे अपना बयान नहीं दर्ज करा सकते हैं। पिछले साल से ही केस की सुनवाई अदियाला जेल में चल रही है।

इमरान के राजनीतिक करियर के लिए खतरा

इमरान खान फिलहाल रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद हैं। इस फैसले को पहले से ही जेल में बंद इमरान खान के लिए बड़ा झटका समझा जा रहा है। पाकिस्तान में 8 फरवरी को आम चुनाव हैं, इससे पहले यह सजा इमरान की पार्टी के लिए चुनावी तैयारियों के लिए भी गहरे आघात से कम नहीं है। क्योंकि इस 10 साल की सजा के साथ ही इमरान खान और उनकी सरकार में विदेश मंत्री रहे शाह महमूद कुरैशी के लिए चुनाव लड़ने का रास्ता बंद हो गया है। चुनाव के करीब 1 हफ्ते पहले आया यह फैसला इमरान के राजनीतिक करियर के लिए खतरनाक हो सकता है।

पीटीआई फैसले को देगी चुनौती

इमरान खान की पार्टी पीटीआई ने इस फैसले की कड़ी आलोचना की है। पीटीआई ने बयान जारी कर कहा है कि उनकी कानूनी टीम इस फैसले को उच्च अदालत में चुनौती देगी। पार्टी ने आरोप लगाया कि इस मामले की सुनवाई के दौरान मीडिया या आम जनता को शामिल नहीं होने दिया गया और जल्दबाजी में फैसला सुनाया गया है। पीटीआई ने कहा कि मार्च-अप्रैल 2022 को जो हुआ, उसे कोई भी अदालती सुनवाई नहीं बदल सकती। इस मामले में कानून का मजाक उड़ाया गया है। पार्टी ने लोगों से 8 फरवरी को होने वाले आम चुनाव में 'हकीकी आजादी' के लिए वोट करने की अपील की।

क्या है सिफर केस

अप्रैल 2022 में सरकार गिरने के बाद इमरान की तरफ से लगातार दावा किया गया कि उनकी सरकार गिराने के लिए अमेरिका और उस वक्त के आर्मी चीफ जनरल कमर जावेद बाजवा ने साजिश रची। खान का आरोप है कि उन्हें इस साजिश की जानकारी अमेरिका में उस वक्त के पाकिस्तानी ऐंबैस्डर असद मजीद खान ने एक सीक्रेट लेटर के जरिए दी थी। डिप्लोमैटिक टर्म में इसी लेटर को सिफर कहा जाता है। यह सिफर अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट यानी फॉरेन मिनिस्ट्री की तरफ से पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय को भेजा गया था। इमरान इस लेटर को साल 2022 में कई चुनावी रैलियों में लहराते हुए नजर आए थे। उन्होंने दावा किया था कि उनकी सरकार को अमेरिका के इशारे पर फौज ने गिराया। कानूनी तौर पर ये लेटर एक नेशनल सीक्रेट होता है, जिसे सार्वजनिक जगह पर दिखाया नहीं जा सकता। इसके अलावा खान का एक ऑडियो टेप भी वायरल हुआ था। इसमें इमरान, उस वक्त के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी और चीफ सेक्रेटरी आजम खान की आवाजें थीं। फोरेंसिक जांच में यह साबित हुआ कि ऑडियो सही है, इससे कोई छेड़छाड़ नहीं की गई थी। टेप में खान कुरैशी और आजम से कहते हैं- अब हम इस सिफर को रैलियों में दिखाकर इससे खेलेंगे।