सियासी हलचल के बीच पूर्व MLA के भाई का मर्डर, बदमाशों ने चलाई ताबड़तोड़ गोलियां
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लालगंज, वैशाली: शनिवार की शाम लालगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत बाईपास रोड के पास स्थित पूर्व मुखिया के कार्यालय पर बैठे पूर्व विधायक राजकुमार साह के भाई की गोली मारकर बाइक सवार बदमाशों ने हत्या कर दी. मृतक पूर्व विधायक राजकुमार शाह और लालगंज नगर पंचायत के सभापति कंचन शाह का भाई मुकेश साहू हैं.
मुकेश लालगंज बाजार स्थित पूर्व मुखिया नरेश कुशवाहा के कार्यालय के पास बैठे थे. इसी दौरान दो बाइक से करीब चार की संख्या में बदमाश आए और उनके पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाना शुरू कर दिया. गोली चलाने के बाद घटनास्थल से सभी बदमाशों फायरिंग करते हुए फरार हो गए. मुकेश को बदमाशों ने करीब एक दर्जन अधिक गोली मारी हैं. मौके पर मौजूद लोग एवं स्थानीय पुलिस की मदद से उन्हें इलाज के लिए हाजीपुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत्य घोषित कर दिया.
घटना की सूचना मिलते ही सदर अस्पताल एसडीपीओ ओमप्रकाश, नगर थाना अध्यक्ष अस्मित कुमार, सदर अस्पताल राजन पांडेय, गंगा ब्रिज थाना ब्रिज पंकज कुमार सहित बड़ी संख्या पुलिस बल सदर अस्पताल पहुंच गये. घटना के बाद मृतक के स्वजनों का रोते-रोते बुरा हाल हैं. फिलहाल पूरे मामले की जांच की जा रही हैं.
वैशाली एसपी रविरंजन कुमार ने बताया कि अज्ञात बदमाशों के द्वारा मुकेश शाह के गोली लगने से गंभीर रूप से जख्मी होने की सूचना प्राप्त हुई. स्थानीय थाना को सूचना प्राप्त होते ही त्वरित कार्रवाई करते हुए घटनास्थल पर पहुंचकर घायल को हाजीपुर निजी अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टर के द्वारा उन्हें मृत घोषित कर दिया. घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच कर बदमाशों के भागने की दिशा में गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही हैं.


लालगंज, वैशाली: शनिवार की शाम लालगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत बाईपास रोड के पास स्थित पूर्व मुखिया के कार्यालय पर बैठे पूर्व विधायक राजकुमार साह के भाई की गोली मारकर बाइक सवार बदमाशों ने हत्या कर दी. मृतक पूर्व विधायक राजकुमार शाह और लालगंज नगर पंचायत के सभापति कंचन शाह का भाई मुकेश साहू हैं.




बिहार: देश आज दिवस की 75वीं वर्षगांठ मना रहा हैं. इससे पहले बिहार का सियासी तापमान हाई हैं. बिहार की सियासत से दिल्ली में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई हैं. इस बीच बिहार के मुख्यमंत्री ने 26 जनवरी के मौके पर मुख्यमंत्री आवास में झंडा उतोलन किया और अपने हाथों से लोगों को जलेबी खिलाई. सबने मुंह मीठा किया और जलेबी का स्वाद लिया. इस मौके पर मुख्यमंत्री बिहार पुलिस की जवानों ने मुख्यमंत्री को गॉड अॉफ आनर दिया.
वैशाली: अॉल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन प्रखंड कमिटी लालगंज के तत्वाधान में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 127 वीं जयंती मनाई गई. माननीय प्रबुद्ध किसान बेचन दास की अध्यक्षता एवं किसान नेता उमाशंकर पंडित के संचालन में संपन्न हुआ. सभा को संबोधित करते हुए अॉल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन के बिहार राज्य कमिटी सदस्य डॉ राजेन्द्र शर्मा ने कहा कि नेताजी सुभाष चन्द्र बोस स्वतंत्रता आन्दोलन के महानायक थे. छात्र जीवन से ही उनके अंदर देश प्रेम व गरीबों की सेवा की प्रबल भावना जग चुकी थी. जब उन्होंने आजादी की लड़ाई में कूदने की ठानी तो परिवार के लोगों ने इसका विरोध किया और नौकरी करने को कहा. परंतु उन्होंने कहा कि ब्रिटिश सरकार के अधीन नौकरी करते हुए देश का सेवा नहीं किया जा सकता. उन्होंने कहा गुलाम भारत को आजाद कराने में सर्वस्व लगा देना ही समय की पुकार हैं और कैंब्रिज विश्वविद्यालय से पढ़ाई के बाद आइसीएस की परीक्षा पास करने के बाद भी उन्होंने उसे ठुकरा दिया और देश सेवा में लग गए. महात्मा गांधी के विरोध के बावजूद भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष पद पर निर्वाचित हुए. आजादी आंदोलन के गति को तेज करने के लिए जापान जाकर आजाद हिंद फौज का गठन किया और सैनिकों से कहा मैं तीन चीजें दूंगा- भूख, प्यास और मौत. यह जिन्हें स्वीकार हैं वो लाईन में रहे, जिन्हें अस्वीकार हैं वे लाईन से बाहर हो जाए. उन्होंने देश की जनता से आह्वान किया था कि तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूंगा. नेताजी सुभाष चंद्र बोस को पूंजीवादी शासन व्यवस्था कतई पसंद नहीं था. वे समाजवादी व्यवस्था चाहते थे. परंतु, आजादी आंदोलन में क्रांतिकारी से ज्यादा प्रभाव समझौतावादी धारा के नेताओं का हो गया. जिसके फलस्वरूप भारत में पूंजीवादी शासन व्यवस्था स्थापित हुआ. आजाद भारत में सरकारों द्वारा पूंजीपति परस्त नीतियां बनाई जा रही हैं. नतीजतन गरीब व उनके बच्चे उच्च शिक्षा, चिकित्सा व रोजगार से वंचित हो रहे हैं.
Jan 29 2024, 08:11
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