बिहार में आज होगा बड़ा सियासी बदलाव, कुछ घंटे में मिल जाएगा नया सीएम

#cabinetmeetinginbiharnitishkumarresignation

बिहार का अगला सीएम कौन होगा, इसका फैसला अब से कुछ घंटे बाद हो जाएगा। आज नीतीश कुमार मुख्यमंत्री के तौर पर आखिरी कैबिनेट मीटिंग करेंगे, इसके बाद वो पद से इस्तीफा दे देंगे। इसके साथ ही 20 साल के नीतीश युग का अंत हो जाएगा।

इस्तीफे से पहले निपटाएंगे कुछ अहम काम

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज इस्तीफा देने से पहले कुछ अहम काम भी निपटाएंगे। सबसे पहले वो अंबेडकर जयंती के मद्देनजर सुबह 10.30 बजे बाबा साहेब भीम राव अंबेडकर की प्रतिमा पर जाकर माल्यार्पण करेंगे। इसके बाद वो सुबह 10.45 बजे सचिवालय के लिए निकल जाएंगे। वहां पर नीतीश कुमार अपने कैबिनेट की आखिरी बैठक करेंगे। इसके बाद सुबह 11.30 बजे नीतीश कुमार सभी विधायकों और विधानपार्षदों के साथ ग्रुप फोटोग्राफी में रहेगे।

फिक्स है आज का सारा प्रोग्राम

कैबिनेट बैठक के बाद सियासी गतिविधियां और तेज हो जाएंगी। जेडीयू और भाजपा दोनों अपने-अपने विधायक दल की बैठक करेंगे, जहां आगे की रणनीति और नेतृत्व को लेकर चर्चा होगी। दोपहर 3:10 बजे नीतीश कुमार लोकभवन से प्रस्थान करेंगे और 3:15 बजे राज्यपाल से मुलाकात कर अपना इस्तीफा सौंपेंगे। इसके बाद साढ़े 3 बजे वो फिर से 1 अणे मुख्यमंत्री आवास लौटेंगे। थोड़ी देर आराम करने के बाद नीतीश 3.50 बजे विधानसभा के सेंट्रल हॉल में जाएंगे और 4 बजे से वहीं एनडीए के विधानमंडल दल की बैठक में हिस्सा लेंगे।

शाम 4 बजे एनडीए विधानमंडल दल की बैठक

बिहार विधानसभा ते सेन्ट्रल गॉल में एनडीए के विधानमंडल दल की बैठक होगी। इसमें बीजेपी और जदयू अपने-अपने नेता का नाम लेकर पहुंचेंगे। वहीं बैठक में एनडीए के सहयोगी दल लोजपा रामविलास, हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के विधायक भी मौजूद रहेंगे। यहां बतौर मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के लिए नेताओं का नाम रखा जाएगा। जिसमें नई सरकार आकार ले लेगी।

शपथ ग्रहण समारोह 15 अप्रैल को

बिहार का नया सीएम 15 अप्रैल को मिल जाएगा। सुबह 11 बजे लोक भवन में शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया है। इसमें सीएम और डिप्टी सीएम समेत 21 मंत्री शपथ ले सकते हैं। पहली बार भाजपा बड़े भाई की भूमिका में रहेगा। नए मुख्यमंत्री की रेस में सम्राट चौधरी का नाम पहले नंबर पर है। हाल के राजनीतिक घटनाक्रम पर गौर करें तो उनके नाम पर मुहर लग सकती है। सोमवार शाम में सम्राट चौधरी के आवास पर सुरक्षा भी बढ़ा दी गई।

दिल्ली मेट्रो का बढ़ेगा दायरा, बनेंगे तीन और रूट, केन्द्र सरकार ने खोला खजाना

#delhimetroexpansionapprovedmodicabinetclearsphase5a_project

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) की लाइफलाइन कही जाने वाली दिल्ली मेट्रो के विस्तार को लेकर केंद्र सरकार ने आज एक बड़ा और अहम फैसला लिया है। आज हुई केंद्रीय कैबिनेट बैठक में दिल्ली मेट्रो के विस्तार को मंजूरी दे दी गई। केंद्र सरकार इस प्रोजेक्ट पर 12,015 करोड़ रुपए खर्च करेगी।

12,015 करोड़ की अनुमानित लागत

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव इसकी जानकारी देते हुए कहा कि दिल्ली मेट्रो के फेज- 5(A) के निर्माण का खर्च भारत सरकार, दिल्ली सरकार और अंतरराष्ट्रीय फंडिंग एजेंसियां उठाएंगी। 12,015 करोड़ की कुल अनुमानित लागत में से भारत सरकार 1759 करोड़ और दिल्ली सरकार 1759 करोड़ की राशि देगी. वहीं बाकी के रकम, 5278 करोड़ रुपये लोन के जरिए हासिल किए जाएंगे।

13 नए मेट्रो स्टेशन बनाए जाएंगे

इस प्रोजेक्ट के तहत 13 नए मेट्रो स्टेशन बनाए जाएंगे, जिसमें 10 अंडरग्राउंड स्टेशन और 3 एलिवेटेड स्टेशन होंगे। यह प्रोजेक्ट 3 साल में पूरा होने का अनुमान है। 12,015 करोड़ रुपए की लागत से 16 किलोमीटर लंबी नई लाइन बिछाई जाएगी। इसके साथ ही दिल्ली मेट्रो नेटवर्क 400 किलोमीटर से ज्यादा हो जाएगा। यह एक बड़ी उपलब्धि होगी, जो दिल्ली मेट्रो को लंदन और न्यूयॉर्क जैसे शहरों की मेट्रो प्रणालियों के समकक्ष खड़ा करती है।

कनेक्टिविटी को मिलेगा बढ़ावा

कैबिनेट ब्रीफिंग के दौरान केंद्रीय रेल और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस फैसले को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा, "दिल्ली मेट्रो के विस्तार के संबंध में एक बहुत ही महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। हम सभी जानते हैं कि दिल्ली मेट्रो ने दिल्ली के निवासियों और शहर में आने-जाने वाले हर व्यक्ति के जीवन को कैसे सकारात्मक रूप से बदला है। इस विस्तार के साथ, दिल्ली मेट्रो में एक नया अध्याय जुड़ जाएगा। उन्होंने कहा कि सेंट्रल विस्टा कॉरिडोर के तहत सभी कर्तव्य भवनों से कनेक्टिविटी होगी, जिससे इस इलाके में ऑफिस जाने वालों और विजिटरों को भवन के दरवाजे तक पहुंच की सुविधा मिलेगी।

नीतीश कुमार आज इस्तीफा देकर पेश करेंगे दावा, नई सरकार के गठन से पहले बैठकों का दौर

#nitishkumarwillresigncabinetmeetingprocessformingnew_govt

बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए की दमदार वापसी हुई है। एनडीए ने 202 सीटों पर कब्जा किया है। महागठबंधन 35 पर सिमटी गई है। चुनाव नतीजों को देखते हुए नीतीश कुमार का फिर से सीएम बनना तय माना जा रहा है। माना जा रहा है कि सीएम नीतीश कुमार आज इस्तीफा दे सकते हैं। इसके बाद नई सरकार गठन की प्रक्रिया शुरू होगी।

आज मंत्रिमंडल भंग कर सकते हैं नीतीश

नीतीश कुमार ने सोमवार की सुबह कैबिनेट मीटिंग बुलाई है। बताया जा रहा है कि बैठक में मंत्रिमंडल भंग करने पर मुहर लग सकती है। इसके तुरंत बाद नीतीश कुमार राज्यपाल को इस्तीफा सौंपेंगे और इसके बाद नई सरकार गठन की प्रक्रिया शुरू होगी।

बीजेपी और जेडीयू विधायक दल की बैठक संभव

वहीं, दूसरी ओर आज बीजेपी की ओर से विधायक दल की बैठक बुलाई जा सकती है। इसके लिए केंद्रीय पर्यवेक्षकों की नियुक्ति होने की संभावना है। जदयू भी सोमवार को अपने विधायकों की बैठक कर सकती है। यही बैठक आगे की रणनीति और राजनीतिक रास्ता तय करेगी।

मंत्रिमंडल का संभावित फॉर्मूला

इस बीच खबर है कि बिहार में मंत्रिपरिषद का संभावित फार्मूला तैयार कर लिया गया है और इसी कड़ी में जदयू-बीजेपी के शीर्ष नेताओं की जल्द बैठक तय मानी जा रही है। नई कैबिनेट में बीजेपी से 15-16, जदयू से 14-15 मंत्री बनाए जा सकते हैं। चिराग पासवान की एलजेपी (रामविलास) को 3, आरएलएम और हम को एक-एक सीट मिल सकती है। 6 विधायक पर एक मंत्री बनाने का फॉर्मूला बताया जा रहा है। बता दें कि पिछली सरकार में भी यही फॉर्मूला लागू था।

22 नवंबर से पहले नई सरकार का गठन जरूरी

बता दें कि वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल 22 नवंबर को समाप्त हो रहा है। इससे पहले नई सरकार का गठन जरूरी है। हालांकि, शपथ ग्रहण की तारीख अभी तय नहीं हुई है, लेकिन 20 नवंबर के आसपास संभावना जताई जा रही है।

बिहार में नई सरकार बनाने की कवायद तेज, मंत्रिमंडल का फॉर्मूला तय, जानें किस दल से कितने होंगे मंत्री?

#biharnewcabinetformulanda_government

बिहार में अब नई सरकार बनाने की कवायद तेज हो गई है। जेडीयू ने कल विधायक दल की बैठक बुलाई है। इसमें नीतीश कुमार को विधायक दल का नेता चुना जाएगा। कल यानी सोमवार को बीजेपी विधायक दल की भी बैठक हो सकती है। नीतीश कुमार 17 नवंबर को राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपेंगे और इसी दिन नई सरकार बनाने का दावा भी पेश कर सकते हैं। सीएम हाउस के सूत्रों की मानें तो 20 नवंबर को नीतीश कुमार 10वीं बार सीएम पद की शपथ ले सकते हैं।

नई सरकार के गठन के कवायद के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है- नई सरकार की कैबिनेट कैसी होगी और किस दल से कितने मंत्री शामिल किए जाएंगे?

मंत्रालयों के बंटवारे का फॉर्मूला तय

सूत्रों के मुताबिक, एनडीए के घटक दलों के बीच मंत्रालयों के बंटवारे पर प्राथमिक सहमति बन चुकी है। हालांकि अंतिम घोषणा से पहले मामूली फेरबदल की संभावना बनी हुई है। सूत्रों से मिले रिपोर्ट के अनुसार बिहार में एनडीए घटक से मंत्री बनाए जाने के लिए 6-1 का फॉर्मूला लागू किया जाएगा। यानी 6 विधायक पर एक मंत्री सरकार के मंत्री मंडल में शामिल हो सकते हैं।

30-32 मंत्रियों का हो सकता है मंत्रिमंडल

सूत्रों की मानें तो इस बार 30-32 मंत्रियों का मंत्रिमंडल हो सकता है। इसमें जेडीयू और बीजेपी के बराबर-बराबर मंत्री हो सकते हैं। इनके अलावा चिराग पासवान की पार्टी को 3 मंत्री पद, जीतन राम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी को एक-एक मंत्री पद मिल सकता है। विधानसभा के मौजूदा नंबर के हिसाब से बिहार में कुल 36 मंत्री बनाए जा सकते हैं।

किस दल के कितने मंत्री?

जदयू: सीएम नीतीश कुमार के अलावा 13-14 विधायक मंत्री बनाए जा सकते हैं।

बीजेपी: विधायकों की संख्या के आधार पर 15 से 16 मंत्रियों की संभावना है।

लोजपा (आर): चिराग पासवान की पार्टी से 3 मंत्री शामिल किए जा सकते हैं।

हम और रालोमो: इन दोनों दलों से एक–एक विधायक को मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है।

फिर से दो डिप्टी सीएम बनाने की चर्चा

बिहार में एक बार फिर से दो डिप्टी सीएम बनाने की चर्चा है, लेकिन दोनों बीजेपी की जगह एक डिप्टी सीएम पद पर एलजेपी (R) भी दावेदारी कर रही है। फिलहाल कैमरे पर सीधे बोलने की बजाय वे दबी जुबान ये बातें कर रहे है। हालांकि, नीतीश कुमार सीएम होंगे तो डिप्टी सीएम कौन होगा ये बीजेपी ही तय करेगी।

झारखंड कैबिनेट की बैठक आज, सामान्य वर्ग के बच्चों को मिल सकती है बड़ी खुशखबरी|

Ranchi | 07-12-2023: झारखंड सरकार की कैबिनेट की बैठक सात दिसंबर को दिन के चार बजे से होगी. बैठक में विधानसभा का शीतकालीन सत्र 15 दिसंबर से आहूत करने का प्रस्ताव आयेगा. वहीं सरकारी स्कूल में पढ़नेवाले सामान्य वर्ग के छात्रों को भी एसटी-एससी, ओबीसी के छात्रों के बराबर छात्रवृत्ति दिये जाने का प्रस्ताव आ सकता है.



छत्तीसगढ़ कैडर के IAS अधिकारी को केंद्र सरकार ने दी बड़ी जिम्मेदारी, कोस्टल एग्रीकल्चर अथॉरिटी चेन्नई के बनाए गए संयुक्त सचिव

नई दिल्ली- भारत सरकार ने एक और छत्तीसगढ़ कैडर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी को बड़ी जिम्मेदारी दी है. केंद्रीय कैबिनेट की नियुक्ति समिति (Appointments Committee of the Cabinet) ने 2007 बैच के आईएएस अधिकारी केसी देवसेनापति को कोस्टल एग्रीकल्चर अथॉरिटी (CAA) चेन्नई में संयुक्त सचिव पद पर पदस्थ किया है.

जारी आदेश के मुताबिक, आईएएस देवसेनापति को पे मैट्रिक्स के लेवल 14 पर नियुक्त किया गया है. यह नियुक्ति 18 अगस्त 2028 तक या अगले आदेश तक प्रभावी रहेगी. यह नियुक्ति मत्स्य पालन विभाग के अंतर्गत कार्यरत कोस्टल एग्रीकल्चर अथॉरिटी (CAA) में की गई है, जिसका मुख्यालय चेन्नई में स्थित है.

बता दें कि केसी देवसेनापति छत्तीसगढ़ कैडर के 2007 बैच के आईएएस अफसर हैं. उन्होंने 18 अगस्त 2007 को आईएएस की सर्विस ज्वाइन की. वे बीजापुर जिला पंचायत सीईओ थे. वे सूरजपुर और दंतेवाड़ा कलेक्टर भी रहे. आईएएस केसी देवासेनापति को राज्य योजना आयोग के सदस्य, सचिव मुख्य कार्यपालन अधिकारी छग इंफोटेक प्रमोशन सोसायटी यानि चिप्स भी रह चुके हैं. विशेष सचिव इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग और अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी छत्तीसगढ़ रहे हैं.

स्वास्थ्य विभाग की एक और खरीदी में हुआ बड़ा घोटाला, मर्चुरी कैबिनेट बॉक्स की खरीदी में कम रेट वालों को किया गया बाहर

रायपुर- छत्तीसगढ़ में कुछ महीने पहले CGMSC (छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड) से 660 करोड़ की मेडिकल उपकरण की खरीदी का घोटाला सामने आया था, जिसके बाद EOW-ACB मामले की जांच कर रही है। इस बीच कांकेर जिले के दुर्गकोंदल में पदस्थ ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी मनोज किशोरे के कार्यकाल में मर्चुरी कैबिनेट बॉक्स की खरीदी को लेकर बड़ा भ्रष्टाचार उजागर हुआ है। यह टेंडर GEM पोर्टल (Government e-Marketplace) पर दिनांक 7 अप्रैल 2025 को क्रमांक GEM/2025/B/6119475 के अंतर्गत जारी हुआ था, जिसमें 8 मर्चुरी कैबिनेट बॉक्स की खरीदी होनी थी।

चौंकाने वाली बात यह है कि इस टेंडर में एक ही ब्रांड ‘Infinity Mortuary Cabinet Box’ को फिक्स कर तीन अलग-अलग फर्मों, मॉडल ग्रुप (L1), नेशनल ट्रेडर (L2), और श्री ग्रुप ऑफ कंपनी (L3) ने बिड डाला था। तीनों कंपनियों का ब्रांड और OEM एक ही होने की वजह से यह पूरा मामला संदेह के घेरे में आ गया है।

बाजार दर से दोगुनी कीमत पर दिया गया टेंडर

सबसे हैरानी की बात यह है कि अन्य बिडरों ने यह मर्चुरी कैबिनेट बॉक्स 11 से 12 लाख रुपये प्रति यूनिट की दर से उपलब्ध कराने का प्रस्ताव दिया था, वहीं मॉडल ग्रुप ने 28.78 लाख (L1), नेशनल ट्रेडर ने 30.97 लाख (L2), और श्री ग्रुप ऑफ कंपनी ने 32.53 लाख (L3) की दर से टेंडर उपलब्ध कराने का प्रस्ताव दिया। इनमें से 28 लाख 78 हजार 400 रू डालने वाले बीडर मॉडल ग्रुप को टेंडर जारी कर दिया गया, यह कीमत बाजार दर से दोगुनी से भी अधिक है।

जानकारी के मुताबिक, टेंडर प्रक्रिया में अन्य बिडरों को दस्तावेज मूल्यांकन के दौरान अपात्र घोषित कर बाहर कर दिया गया। आरोप है कि कुछ जरूरी दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड होने के बावजूद यह कहकर खारिज कर दिया गया कि उनकी हार्ड कॉपी समय पर नहीं दी गई। जब संबंधित बिडर हार्ड कॉपी जमा करने गए, तो उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई।

यह सब तब हो रहा है जब सरकार ‘सुशासन तिहार’ मना रही है और स्वास्थ्य विभाग में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से DPDMIS पोर्टल को सार्वजनिक किया गया है। वहीं CGMSCL के कई अधिकारियों पर EOW द्वारा शिकंजा कसने की घटनाएं पहले से सामने आ चुकी हैं। बाकी बिडरों ने GEM पोर्टल के उच्चाधिकारियों, राज्य सरकार और सुशासन तिहार के मंच पर इस भ्रष्टाचार की शिकायत करने की बात कही है। उनका कहना है कि जब तक ऐसी मनमानी टेंडर प्रक्रियाएं बंद नहीं होतीं, तब तक सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता की बात केवल दिखावा है।

ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी मनोज किशोरे ने दी ये सफाई

इस पूरे मामले पर जब ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी मनोज किशोरे से प्रतिक्रिया ली गई, तो उन्होंने कहा कि “टेंडर GEM पोर्टल में निकाला गया है। नियमानुसार बिडरों ने टेंडर भरा है। L1, L2, L3 तय हुआ और कम दर वाली फर्म को टेंडर दिया गया है। मैन्युफैक्चरिंग से कितने लोग जुड़े हैं या किसको क्या सम्बद्धता दी गई है, यह मैं नहीं कह सकता।”

जाति जनगणना कराएगी मोदी सरकार, मूल जनगणना के साथ ही होगी गिनती, कैबिनेट में बड़ा फैसला

#modicabinetapprovescastecensus

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने जातिगत जनगणना को लेकर बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने जातिगत जनगणना कराने का एलान कर दिया है। यह जनगणना मूल जनगणना के साथ ही कराई जाएगी। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस बात की जानकारी दी। अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट ब्रीफिंग में बताया कि सरकार ने फैसला लिया है कि जनगणना साथ जातियों की गणना भी होगी।

कांग्रेस ने जातियों का इस्तेमाल वोट बैंक के लिए किया- वैष्णव

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, राजनीतिक मामलों की कैबिनेट समिति ने आज फैसला किया है कि जाति गणना को आगामी जनगणना में शामिल किया जाना चाहिए। वैष्णव ने कहा कि 1947 से जाति जनगणना नहीं की गई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की पूर्ववर्ती सरकारों ने हमेशा से ही जातिगत जनगणना का विरोध किया है। आजादी के बाद से ही जाति को जनगणना की किसी भी प्रक्रिया में शामिल नहीं किया गया। वैष्णव ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि कांग्रेस ने हमेशा जातियों का इस्तेमाल वोट बैंक के लिए किया है।

जाति जनगणना को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया गया- वैष्णव

वैष्णव ने कहा, 2010 में दिवंगत डॉ. मनमोहन सिंह ने कहा था कि जाति जनगणना के मामले पर कैबिनेट में विचार किया जाना चाहिए। इस विषय पर विचार करने के लिए मंत्रियों का एक समूह बनाया गया था। अधिकांश राजनीतिक दलों ने जाति जनगणना की सिफारिश की है। इसके बावजूद, कांग्रेस सरकार ने जाति का सर्वेक्षण या जाति जनगणना कराने का फैसला किया। यह अच्छी तरह से समझा जा सकता है कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने जाति जनगणना को केवल एक राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया है।

जाति जनगणना, मूल जनगणना में ही शामिल होगी- वैष्णव

वैष्णव ने आगे कहा जाति जनगणना केवल केंद्र का विषय है। कुछ राज्यों ने यह काम सुचारू रूप से किया है। कुछ अन्य ने केवल राजनीतिक दृष्टिकोण से गैर-पारदर्शी तरीके से ऐसे सर्वेक्षण किए हैं। ऐसे सर्वेक्षणों ने समाज में संदेह पैदा किया है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि राजनीति से हमारा सामाजिक ताना-बाना खराब न हो, सर्वेक्षण के बजाय जाति गणना को जनगणना में शामिल किया जाना चाहिए। मोदी सरकार ने फैसला किया है कि जाति जनगणना, मूल जनगणना में ही शामिल होगी।

दिल्ली में अब नहीं चलेगी प्राइवेट स्कूलों की मनमानी, फीस एक्‍ट को मिली मंजूरी

#delhicabinetapprovesschoolfee-act 

दिल्ली में निजी स्कूलों की मनमानी पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने लगाम लगाई है। मंगलवार को सीएम रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में फीस अधिनियम के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इसे शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने पेश किया। कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद इसे आगामी विधानसभा सत्र में पेश किया जाएगा। विधानसभा में मंजूरी मिलने के बाद दिल्ली में मनमानी फीस बढ़ोतरी पर लगाम लग सकेगी।

अभिवाकों के लिए राहत भरा फैसला

दिल्ली में अभी तक प्राइवेट स्कूलों की फीस तय करने को लेकर कोई नियम नहीं था। ना प्राइवेट स्कूलों की फीस वृद्धि पर अंकुश लगाने को लेकर ऐसा अधिनियम कोई नहीं था। यह फैसला दिल्ली के तमाम अभिवाकों के लिए राहत लेकर आई है। इससे दिल्ली में निजी स्कूलों द्वारा की जा रही मनमानी फीस वृद्धि पर रोक लगेगी।

अभिभावक लंबे समय से कर रहे थे शिकायत

राष्ट्रीय राजधानी में निजी गैर-सहायता प्राप्त स्कूलों द्वारा 'अनियमित और अत्यधिक' फीस वृद्धि के खिलाफ माता-पिता और अभिभावक लंबे समय से शिकायतें कर रहे हैं। इसको लेकर दिल्ली के शिक्षा मंत्री ने हाल ही में कहा था कि शिक्षा के क्षेत्र में किसी भी तरह का बाजारीकरण बर्दाश्त नहीं होगा। उन्होंने कहा था कि नई सरकार दिल्ली के बच्चों के हितों को सुरक्षित रखने के लिए हर तरह के प्रयास करेगी।

कैबिनेट मीटिंग में ट्रंप के सामने भिड़े दो मंत्री, मस्क-रुबियो में जमकर हुई तकरार

#elon_musk_marco_rubio_clash_in_donald_trump_cabinet_meeting

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद पूरी दुनिया में हड़कंप मचा हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरी बार सत्ता संभालने के बाद कई सख्त फैसले लिए जा रहे हैं। इनमें से कई फैसलों का अमेरिका में विरोध भी हो रहा है। ट्रंप प्रशासन का एक ऐसा ही फैसला स्टाफ कटौती का है। जिसकी आलोचना अमेरिकी राजकर्मियों के संगठन के साथ-साथ अन्य लोग भी कर चुके। अब इसी फैसले के कारण अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मौजूदगी में विदेश मंत्री मार्को रुबियो और सरकारी दक्षता विभाग (डीओजीई) के प्रमुख एलन मस्क के बीच नोकझोंक की खबर सामने आ रही है।

व्हाइट हाउस में हुई कैबिनेट बैठक में उस समय तनावपूर्ण माहौल बन गया जब ट्रंप के दो मंत्री आपस में एक बात को लेकर भिड़ गए। डीओजीई विभाग के प्रमुख एलन मस्क और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के बीच तीखी बहस हो गई। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक यह विवाद स्टेट डिपार्टमेंट में की गई स्टाफ कटौती को लेकर हुआ। खास बात है कि इस बैठक की अध्यक्षता राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ही कर रहे थे।

न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, तनाव कई हफ़्तों से चल रहा था, मगर कैबिनेट की बैठक में यह फूट पड़ा। रुबियो और मस्क के आक्रामक लागत-कटौती उपायों से लंबे समय से निराश थे। तभी बैठक के दौरान जब मस्क ने उन पर अपने विभाग का आकार कम करने में विफल रहने का आरोप लगाया, तो उन्होंने कड़ी प्रतिक्रिया दी।

बैठक के दौरान मस्क ने कहा, आपने किसी को भी नहीं निकाला है। आपका विदेश विभाग अभी भी फूला हुआ है। मस्क के तीखे सवाल को सुनते ही रुबियो भड़क उठे। उन्होंने जवाब दिया कि मस्क को 1,500 विदेश विभाग के अधिकारियों की याद दिला दी जिन्होंने बायआउट किया था। मगर मस्क प्रभावित नहीं हुए। दोनों के बीच जैसे ही बहस बढ़ी, ट्रंप, जो पहले हाथ पर हाथ धरे देख रहे थे, आखिरकार उनको हस्तक्षेप करना पड़ा।

दरअसल, हाल के दिनों में अमेरिका में बड़े पैमाने पर सरकारी एजेंसियों में कर्मचारियों की छटनी की गई है। ट्रंप और उनके सलाहकार ने हजारों लोगों को नौकरी से निकाल दिया है. ऐसा अमेरिकी नौकरशाही में कटौती के अभियान के तहत हुआ है। अलग-अलग विभागों के कर्मचारियों को बर्खास्त किया गया है। सत्ता में आने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक के बाद एक कड़े और बड़े फैसले ले रहे हैं। नौकरी में कटौती को लेकर ट्रंप का कहना है कि फेडरल गवर्नमेंट में बहुत से स्टाफ हैं। उन्होंने हाल में कहा था कि सरकार पर 36 लाख करोड़ डॉलर का कर्ज है। पिछले साल करोड़ों डॉलर का घाटा हुआ था इसलिए इसमें सुधार की जरूरत है।

बिहार में आज होगा बड़ा सियासी बदलाव, कुछ घंटे में मिल जाएगा नया सीएम

#cabinetmeetinginbiharnitishkumarresignation

बिहार का अगला सीएम कौन होगा, इसका फैसला अब से कुछ घंटे बाद हो जाएगा। आज नीतीश कुमार मुख्यमंत्री के तौर पर आखिरी कैबिनेट मीटिंग करेंगे, इसके बाद वो पद से इस्तीफा दे देंगे। इसके साथ ही 20 साल के नीतीश युग का अंत हो जाएगा।

इस्तीफे से पहले निपटाएंगे कुछ अहम काम

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज इस्तीफा देने से पहले कुछ अहम काम भी निपटाएंगे। सबसे पहले वो अंबेडकर जयंती के मद्देनजर सुबह 10.30 बजे बाबा साहेब भीम राव अंबेडकर की प्रतिमा पर जाकर माल्यार्पण करेंगे। इसके बाद वो सुबह 10.45 बजे सचिवालय के लिए निकल जाएंगे। वहां पर नीतीश कुमार अपने कैबिनेट की आखिरी बैठक करेंगे। इसके बाद सुबह 11.30 बजे नीतीश कुमार सभी विधायकों और विधानपार्षदों के साथ ग्रुप फोटोग्राफी में रहेगे।

फिक्स है आज का सारा प्रोग्राम

कैबिनेट बैठक के बाद सियासी गतिविधियां और तेज हो जाएंगी। जेडीयू और भाजपा दोनों अपने-अपने विधायक दल की बैठक करेंगे, जहां आगे की रणनीति और नेतृत्व को लेकर चर्चा होगी। दोपहर 3:10 बजे नीतीश कुमार लोकभवन से प्रस्थान करेंगे और 3:15 बजे राज्यपाल से मुलाकात कर अपना इस्तीफा सौंपेंगे। इसके बाद साढ़े 3 बजे वो फिर से 1 अणे मुख्यमंत्री आवास लौटेंगे। थोड़ी देर आराम करने के बाद नीतीश 3.50 बजे विधानसभा के सेंट्रल हॉल में जाएंगे और 4 बजे से वहीं एनडीए के विधानमंडल दल की बैठक में हिस्सा लेंगे।

शाम 4 बजे एनडीए विधानमंडल दल की बैठक

बिहार विधानसभा ते सेन्ट्रल गॉल में एनडीए के विधानमंडल दल की बैठक होगी। इसमें बीजेपी और जदयू अपने-अपने नेता का नाम लेकर पहुंचेंगे। वहीं बैठक में एनडीए के सहयोगी दल लोजपा रामविलास, हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के विधायक भी मौजूद रहेंगे। यहां बतौर मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के लिए नेताओं का नाम रखा जाएगा। जिसमें नई सरकार आकार ले लेगी।

शपथ ग्रहण समारोह 15 अप्रैल को

बिहार का नया सीएम 15 अप्रैल को मिल जाएगा। सुबह 11 बजे लोक भवन में शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया है। इसमें सीएम और डिप्टी सीएम समेत 21 मंत्री शपथ ले सकते हैं। पहली बार भाजपा बड़े भाई की भूमिका में रहेगा। नए मुख्यमंत्री की रेस में सम्राट चौधरी का नाम पहले नंबर पर है। हाल के राजनीतिक घटनाक्रम पर गौर करें तो उनके नाम पर मुहर लग सकती है। सोमवार शाम में सम्राट चौधरी के आवास पर सुरक्षा भी बढ़ा दी गई।

दिल्ली मेट्रो का बढ़ेगा दायरा, बनेंगे तीन और रूट, केन्द्र सरकार ने खोला खजाना

#delhimetroexpansionapprovedmodicabinetclearsphase5a_project

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) की लाइफलाइन कही जाने वाली दिल्ली मेट्रो के विस्तार को लेकर केंद्र सरकार ने आज एक बड़ा और अहम फैसला लिया है। आज हुई केंद्रीय कैबिनेट बैठक में दिल्ली मेट्रो के विस्तार को मंजूरी दे दी गई। केंद्र सरकार इस प्रोजेक्ट पर 12,015 करोड़ रुपए खर्च करेगी।

12,015 करोड़ की अनुमानित लागत

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव इसकी जानकारी देते हुए कहा कि दिल्ली मेट्रो के फेज- 5(A) के निर्माण का खर्च भारत सरकार, दिल्ली सरकार और अंतरराष्ट्रीय फंडिंग एजेंसियां उठाएंगी। 12,015 करोड़ की कुल अनुमानित लागत में से भारत सरकार 1759 करोड़ और दिल्ली सरकार 1759 करोड़ की राशि देगी. वहीं बाकी के रकम, 5278 करोड़ रुपये लोन के जरिए हासिल किए जाएंगे।

13 नए मेट्रो स्टेशन बनाए जाएंगे

इस प्रोजेक्ट के तहत 13 नए मेट्रो स्टेशन बनाए जाएंगे, जिसमें 10 अंडरग्राउंड स्टेशन और 3 एलिवेटेड स्टेशन होंगे। यह प्रोजेक्ट 3 साल में पूरा होने का अनुमान है। 12,015 करोड़ रुपए की लागत से 16 किलोमीटर लंबी नई लाइन बिछाई जाएगी। इसके साथ ही दिल्ली मेट्रो नेटवर्क 400 किलोमीटर से ज्यादा हो जाएगा। यह एक बड़ी उपलब्धि होगी, जो दिल्ली मेट्रो को लंदन और न्यूयॉर्क जैसे शहरों की मेट्रो प्रणालियों के समकक्ष खड़ा करती है।

कनेक्टिविटी को मिलेगा बढ़ावा

कैबिनेट ब्रीफिंग के दौरान केंद्रीय रेल और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस फैसले को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा, "दिल्ली मेट्रो के विस्तार के संबंध में एक बहुत ही महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। हम सभी जानते हैं कि दिल्ली मेट्रो ने दिल्ली के निवासियों और शहर में आने-जाने वाले हर व्यक्ति के जीवन को कैसे सकारात्मक रूप से बदला है। इस विस्तार के साथ, दिल्ली मेट्रो में एक नया अध्याय जुड़ जाएगा। उन्होंने कहा कि सेंट्रल विस्टा कॉरिडोर के तहत सभी कर्तव्य भवनों से कनेक्टिविटी होगी, जिससे इस इलाके में ऑफिस जाने वालों और विजिटरों को भवन के दरवाजे तक पहुंच की सुविधा मिलेगी।

नीतीश कुमार आज इस्तीफा देकर पेश करेंगे दावा, नई सरकार के गठन से पहले बैठकों का दौर

#nitishkumarwillresigncabinetmeetingprocessformingnew_govt

बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए की दमदार वापसी हुई है। एनडीए ने 202 सीटों पर कब्जा किया है। महागठबंधन 35 पर सिमटी गई है। चुनाव नतीजों को देखते हुए नीतीश कुमार का फिर से सीएम बनना तय माना जा रहा है। माना जा रहा है कि सीएम नीतीश कुमार आज इस्तीफा दे सकते हैं। इसके बाद नई सरकार गठन की प्रक्रिया शुरू होगी।

आज मंत्रिमंडल भंग कर सकते हैं नीतीश

नीतीश कुमार ने सोमवार की सुबह कैबिनेट मीटिंग बुलाई है। बताया जा रहा है कि बैठक में मंत्रिमंडल भंग करने पर मुहर लग सकती है। इसके तुरंत बाद नीतीश कुमार राज्यपाल को इस्तीफा सौंपेंगे और इसके बाद नई सरकार गठन की प्रक्रिया शुरू होगी।

बीजेपी और जेडीयू विधायक दल की बैठक संभव

वहीं, दूसरी ओर आज बीजेपी की ओर से विधायक दल की बैठक बुलाई जा सकती है। इसके लिए केंद्रीय पर्यवेक्षकों की नियुक्ति होने की संभावना है। जदयू भी सोमवार को अपने विधायकों की बैठक कर सकती है। यही बैठक आगे की रणनीति और राजनीतिक रास्ता तय करेगी।

मंत्रिमंडल का संभावित फॉर्मूला

इस बीच खबर है कि बिहार में मंत्रिपरिषद का संभावित फार्मूला तैयार कर लिया गया है और इसी कड़ी में जदयू-बीजेपी के शीर्ष नेताओं की जल्द बैठक तय मानी जा रही है। नई कैबिनेट में बीजेपी से 15-16, जदयू से 14-15 मंत्री बनाए जा सकते हैं। चिराग पासवान की एलजेपी (रामविलास) को 3, आरएलएम और हम को एक-एक सीट मिल सकती है। 6 विधायक पर एक मंत्री बनाने का फॉर्मूला बताया जा रहा है। बता दें कि पिछली सरकार में भी यही फॉर्मूला लागू था।

22 नवंबर से पहले नई सरकार का गठन जरूरी

बता दें कि वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल 22 नवंबर को समाप्त हो रहा है। इससे पहले नई सरकार का गठन जरूरी है। हालांकि, शपथ ग्रहण की तारीख अभी तय नहीं हुई है, लेकिन 20 नवंबर के आसपास संभावना जताई जा रही है।

बिहार में नई सरकार बनाने की कवायद तेज, मंत्रिमंडल का फॉर्मूला तय, जानें किस दल से कितने होंगे मंत्री?

#biharnewcabinetformulanda_government

बिहार में अब नई सरकार बनाने की कवायद तेज हो गई है। जेडीयू ने कल विधायक दल की बैठक बुलाई है। इसमें नीतीश कुमार को विधायक दल का नेता चुना जाएगा। कल यानी सोमवार को बीजेपी विधायक दल की भी बैठक हो सकती है। नीतीश कुमार 17 नवंबर को राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपेंगे और इसी दिन नई सरकार बनाने का दावा भी पेश कर सकते हैं। सीएम हाउस के सूत्रों की मानें तो 20 नवंबर को नीतीश कुमार 10वीं बार सीएम पद की शपथ ले सकते हैं।

नई सरकार के गठन के कवायद के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है- नई सरकार की कैबिनेट कैसी होगी और किस दल से कितने मंत्री शामिल किए जाएंगे?

मंत्रालयों के बंटवारे का फॉर्मूला तय

सूत्रों के मुताबिक, एनडीए के घटक दलों के बीच मंत्रालयों के बंटवारे पर प्राथमिक सहमति बन चुकी है। हालांकि अंतिम घोषणा से पहले मामूली फेरबदल की संभावना बनी हुई है। सूत्रों से मिले रिपोर्ट के अनुसार बिहार में एनडीए घटक से मंत्री बनाए जाने के लिए 6-1 का फॉर्मूला लागू किया जाएगा। यानी 6 विधायक पर एक मंत्री सरकार के मंत्री मंडल में शामिल हो सकते हैं।

30-32 मंत्रियों का हो सकता है मंत्रिमंडल

सूत्रों की मानें तो इस बार 30-32 मंत्रियों का मंत्रिमंडल हो सकता है। इसमें जेडीयू और बीजेपी के बराबर-बराबर मंत्री हो सकते हैं। इनके अलावा चिराग पासवान की पार्टी को 3 मंत्री पद, जीतन राम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी को एक-एक मंत्री पद मिल सकता है। विधानसभा के मौजूदा नंबर के हिसाब से बिहार में कुल 36 मंत्री बनाए जा सकते हैं।

किस दल के कितने मंत्री?

जदयू: सीएम नीतीश कुमार के अलावा 13-14 विधायक मंत्री बनाए जा सकते हैं।

बीजेपी: विधायकों की संख्या के आधार पर 15 से 16 मंत्रियों की संभावना है।

लोजपा (आर): चिराग पासवान की पार्टी से 3 मंत्री शामिल किए जा सकते हैं।

हम और रालोमो: इन दोनों दलों से एक–एक विधायक को मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है।

फिर से दो डिप्टी सीएम बनाने की चर्चा

बिहार में एक बार फिर से दो डिप्टी सीएम बनाने की चर्चा है, लेकिन दोनों बीजेपी की जगह एक डिप्टी सीएम पद पर एलजेपी (R) भी दावेदारी कर रही है। फिलहाल कैमरे पर सीधे बोलने की बजाय वे दबी जुबान ये बातें कर रहे है। हालांकि, नीतीश कुमार सीएम होंगे तो डिप्टी सीएम कौन होगा ये बीजेपी ही तय करेगी।

झारखंड कैबिनेट की बैठक आज, सामान्य वर्ग के बच्चों को मिल सकती है बड़ी खुशखबरी|

Ranchi | 07-12-2023: झारखंड सरकार की कैबिनेट की बैठक सात दिसंबर को दिन के चार बजे से होगी. बैठक में विधानसभा का शीतकालीन सत्र 15 दिसंबर से आहूत करने का प्रस्ताव आयेगा. वहीं सरकारी स्कूल में पढ़नेवाले सामान्य वर्ग के छात्रों को भी एसटी-एससी, ओबीसी के छात्रों के बराबर छात्रवृत्ति दिये जाने का प्रस्ताव आ सकता है.



छत्तीसगढ़ कैडर के IAS अधिकारी को केंद्र सरकार ने दी बड़ी जिम्मेदारी, कोस्टल एग्रीकल्चर अथॉरिटी चेन्नई के बनाए गए संयुक्त सचिव

नई दिल्ली- भारत सरकार ने एक और छत्तीसगढ़ कैडर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी को बड़ी जिम्मेदारी दी है. केंद्रीय कैबिनेट की नियुक्ति समिति (Appointments Committee of the Cabinet) ने 2007 बैच के आईएएस अधिकारी केसी देवसेनापति को कोस्टल एग्रीकल्चर अथॉरिटी (CAA) चेन्नई में संयुक्त सचिव पद पर पदस्थ किया है.

जारी आदेश के मुताबिक, आईएएस देवसेनापति को पे मैट्रिक्स के लेवल 14 पर नियुक्त किया गया है. यह नियुक्ति 18 अगस्त 2028 तक या अगले आदेश तक प्रभावी रहेगी. यह नियुक्ति मत्स्य पालन विभाग के अंतर्गत कार्यरत कोस्टल एग्रीकल्चर अथॉरिटी (CAA) में की गई है, जिसका मुख्यालय चेन्नई में स्थित है.

बता दें कि केसी देवसेनापति छत्तीसगढ़ कैडर के 2007 बैच के आईएएस अफसर हैं. उन्होंने 18 अगस्त 2007 को आईएएस की सर्विस ज्वाइन की. वे बीजापुर जिला पंचायत सीईओ थे. वे सूरजपुर और दंतेवाड़ा कलेक्टर भी रहे. आईएएस केसी देवासेनापति को राज्य योजना आयोग के सदस्य, सचिव मुख्य कार्यपालन अधिकारी छग इंफोटेक प्रमोशन सोसायटी यानि चिप्स भी रह चुके हैं. विशेष सचिव इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग और अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी छत्तीसगढ़ रहे हैं.

स्वास्थ्य विभाग की एक और खरीदी में हुआ बड़ा घोटाला, मर्चुरी कैबिनेट बॉक्स की खरीदी में कम रेट वालों को किया गया बाहर

रायपुर- छत्तीसगढ़ में कुछ महीने पहले CGMSC (छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड) से 660 करोड़ की मेडिकल उपकरण की खरीदी का घोटाला सामने आया था, जिसके बाद EOW-ACB मामले की जांच कर रही है। इस बीच कांकेर जिले के दुर्गकोंदल में पदस्थ ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी मनोज किशोरे के कार्यकाल में मर्चुरी कैबिनेट बॉक्स की खरीदी को लेकर बड़ा भ्रष्टाचार उजागर हुआ है। यह टेंडर GEM पोर्टल (Government e-Marketplace) पर दिनांक 7 अप्रैल 2025 को क्रमांक GEM/2025/B/6119475 के अंतर्गत जारी हुआ था, जिसमें 8 मर्चुरी कैबिनेट बॉक्स की खरीदी होनी थी।

चौंकाने वाली बात यह है कि इस टेंडर में एक ही ब्रांड ‘Infinity Mortuary Cabinet Box’ को फिक्स कर तीन अलग-अलग फर्मों, मॉडल ग्रुप (L1), नेशनल ट्रेडर (L2), और श्री ग्रुप ऑफ कंपनी (L3) ने बिड डाला था। तीनों कंपनियों का ब्रांड और OEM एक ही होने की वजह से यह पूरा मामला संदेह के घेरे में आ गया है।

बाजार दर से दोगुनी कीमत पर दिया गया टेंडर

सबसे हैरानी की बात यह है कि अन्य बिडरों ने यह मर्चुरी कैबिनेट बॉक्स 11 से 12 लाख रुपये प्रति यूनिट की दर से उपलब्ध कराने का प्रस्ताव दिया था, वहीं मॉडल ग्रुप ने 28.78 लाख (L1), नेशनल ट्रेडर ने 30.97 लाख (L2), और श्री ग्रुप ऑफ कंपनी ने 32.53 लाख (L3) की दर से टेंडर उपलब्ध कराने का प्रस्ताव दिया। इनमें से 28 लाख 78 हजार 400 रू डालने वाले बीडर मॉडल ग्रुप को टेंडर जारी कर दिया गया, यह कीमत बाजार दर से दोगुनी से भी अधिक है।

जानकारी के मुताबिक, टेंडर प्रक्रिया में अन्य बिडरों को दस्तावेज मूल्यांकन के दौरान अपात्र घोषित कर बाहर कर दिया गया। आरोप है कि कुछ जरूरी दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड होने के बावजूद यह कहकर खारिज कर दिया गया कि उनकी हार्ड कॉपी समय पर नहीं दी गई। जब संबंधित बिडर हार्ड कॉपी जमा करने गए, तो उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई।

यह सब तब हो रहा है जब सरकार ‘सुशासन तिहार’ मना रही है और स्वास्थ्य विभाग में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से DPDMIS पोर्टल को सार्वजनिक किया गया है। वहीं CGMSCL के कई अधिकारियों पर EOW द्वारा शिकंजा कसने की घटनाएं पहले से सामने आ चुकी हैं। बाकी बिडरों ने GEM पोर्टल के उच्चाधिकारियों, राज्य सरकार और सुशासन तिहार के मंच पर इस भ्रष्टाचार की शिकायत करने की बात कही है। उनका कहना है कि जब तक ऐसी मनमानी टेंडर प्रक्रियाएं बंद नहीं होतीं, तब तक सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता की बात केवल दिखावा है।

ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी मनोज किशोरे ने दी ये सफाई

इस पूरे मामले पर जब ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी मनोज किशोरे से प्रतिक्रिया ली गई, तो उन्होंने कहा कि “टेंडर GEM पोर्टल में निकाला गया है। नियमानुसार बिडरों ने टेंडर भरा है। L1, L2, L3 तय हुआ और कम दर वाली फर्म को टेंडर दिया गया है। मैन्युफैक्चरिंग से कितने लोग जुड़े हैं या किसको क्या सम्बद्धता दी गई है, यह मैं नहीं कह सकता।”

जाति जनगणना कराएगी मोदी सरकार, मूल जनगणना के साथ ही होगी गिनती, कैबिनेट में बड़ा फैसला

#modicabinetapprovescastecensus

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने जातिगत जनगणना को लेकर बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने जातिगत जनगणना कराने का एलान कर दिया है। यह जनगणना मूल जनगणना के साथ ही कराई जाएगी। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस बात की जानकारी दी। अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट ब्रीफिंग में बताया कि सरकार ने फैसला लिया है कि जनगणना साथ जातियों की गणना भी होगी।

कांग्रेस ने जातियों का इस्तेमाल वोट बैंक के लिए किया- वैष्णव

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, राजनीतिक मामलों की कैबिनेट समिति ने आज फैसला किया है कि जाति गणना को आगामी जनगणना में शामिल किया जाना चाहिए। वैष्णव ने कहा कि 1947 से जाति जनगणना नहीं की गई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की पूर्ववर्ती सरकारों ने हमेशा से ही जातिगत जनगणना का विरोध किया है। आजादी के बाद से ही जाति को जनगणना की किसी भी प्रक्रिया में शामिल नहीं किया गया। वैष्णव ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि कांग्रेस ने हमेशा जातियों का इस्तेमाल वोट बैंक के लिए किया है।

जाति जनगणना को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया गया- वैष्णव

वैष्णव ने कहा, 2010 में दिवंगत डॉ. मनमोहन सिंह ने कहा था कि जाति जनगणना के मामले पर कैबिनेट में विचार किया जाना चाहिए। इस विषय पर विचार करने के लिए मंत्रियों का एक समूह बनाया गया था। अधिकांश राजनीतिक दलों ने जाति जनगणना की सिफारिश की है। इसके बावजूद, कांग्रेस सरकार ने जाति का सर्वेक्षण या जाति जनगणना कराने का फैसला किया। यह अच्छी तरह से समझा जा सकता है कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने जाति जनगणना को केवल एक राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया है।

जाति जनगणना, मूल जनगणना में ही शामिल होगी- वैष्णव

वैष्णव ने आगे कहा जाति जनगणना केवल केंद्र का विषय है। कुछ राज्यों ने यह काम सुचारू रूप से किया है। कुछ अन्य ने केवल राजनीतिक दृष्टिकोण से गैर-पारदर्शी तरीके से ऐसे सर्वेक्षण किए हैं। ऐसे सर्वेक्षणों ने समाज में संदेह पैदा किया है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि राजनीति से हमारा सामाजिक ताना-बाना खराब न हो, सर्वेक्षण के बजाय जाति गणना को जनगणना में शामिल किया जाना चाहिए। मोदी सरकार ने फैसला किया है कि जाति जनगणना, मूल जनगणना में ही शामिल होगी।

दिल्ली में अब नहीं चलेगी प्राइवेट स्कूलों की मनमानी, फीस एक्‍ट को मिली मंजूरी

#delhicabinetapprovesschoolfee-act 

दिल्ली में निजी स्कूलों की मनमानी पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने लगाम लगाई है। मंगलवार को सीएम रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में फीस अधिनियम के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इसे शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने पेश किया। कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद इसे आगामी विधानसभा सत्र में पेश किया जाएगा। विधानसभा में मंजूरी मिलने के बाद दिल्ली में मनमानी फीस बढ़ोतरी पर लगाम लग सकेगी।

अभिवाकों के लिए राहत भरा फैसला

दिल्ली में अभी तक प्राइवेट स्कूलों की फीस तय करने को लेकर कोई नियम नहीं था। ना प्राइवेट स्कूलों की फीस वृद्धि पर अंकुश लगाने को लेकर ऐसा अधिनियम कोई नहीं था। यह फैसला दिल्ली के तमाम अभिवाकों के लिए राहत लेकर आई है। इससे दिल्ली में निजी स्कूलों द्वारा की जा रही मनमानी फीस वृद्धि पर रोक लगेगी।

अभिभावक लंबे समय से कर रहे थे शिकायत

राष्ट्रीय राजधानी में निजी गैर-सहायता प्राप्त स्कूलों द्वारा 'अनियमित और अत्यधिक' फीस वृद्धि के खिलाफ माता-पिता और अभिभावक लंबे समय से शिकायतें कर रहे हैं। इसको लेकर दिल्ली के शिक्षा मंत्री ने हाल ही में कहा था कि शिक्षा के क्षेत्र में किसी भी तरह का बाजारीकरण बर्दाश्त नहीं होगा। उन्होंने कहा था कि नई सरकार दिल्ली के बच्चों के हितों को सुरक्षित रखने के लिए हर तरह के प्रयास करेगी।

कैबिनेट मीटिंग में ट्रंप के सामने भिड़े दो मंत्री, मस्क-रुबियो में जमकर हुई तकरार

#elon_musk_marco_rubio_clash_in_donald_trump_cabinet_meeting

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद पूरी दुनिया में हड़कंप मचा हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरी बार सत्ता संभालने के बाद कई सख्त फैसले लिए जा रहे हैं। इनमें से कई फैसलों का अमेरिका में विरोध भी हो रहा है। ट्रंप प्रशासन का एक ऐसा ही फैसला स्टाफ कटौती का है। जिसकी आलोचना अमेरिकी राजकर्मियों के संगठन के साथ-साथ अन्य लोग भी कर चुके। अब इसी फैसले के कारण अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मौजूदगी में विदेश मंत्री मार्को रुबियो और सरकारी दक्षता विभाग (डीओजीई) के प्रमुख एलन मस्क के बीच नोकझोंक की खबर सामने आ रही है।

व्हाइट हाउस में हुई कैबिनेट बैठक में उस समय तनावपूर्ण माहौल बन गया जब ट्रंप के दो मंत्री आपस में एक बात को लेकर भिड़ गए। डीओजीई विभाग के प्रमुख एलन मस्क और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के बीच तीखी बहस हो गई। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक यह विवाद स्टेट डिपार्टमेंट में की गई स्टाफ कटौती को लेकर हुआ। खास बात है कि इस बैठक की अध्यक्षता राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ही कर रहे थे।

न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, तनाव कई हफ़्तों से चल रहा था, मगर कैबिनेट की बैठक में यह फूट पड़ा। रुबियो और मस्क के आक्रामक लागत-कटौती उपायों से लंबे समय से निराश थे। तभी बैठक के दौरान जब मस्क ने उन पर अपने विभाग का आकार कम करने में विफल रहने का आरोप लगाया, तो उन्होंने कड़ी प्रतिक्रिया दी।

बैठक के दौरान मस्क ने कहा, आपने किसी को भी नहीं निकाला है। आपका विदेश विभाग अभी भी फूला हुआ है। मस्क के तीखे सवाल को सुनते ही रुबियो भड़क उठे। उन्होंने जवाब दिया कि मस्क को 1,500 विदेश विभाग के अधिकारियों की याद दिला दी जिन्होंने बायआउट किया था। मगर मस्क प्रभावित नहीं हुए। दोनों के बीच जैसे ही बहस बढ़ी, ट्रंप, जो पहले हाथ पर हाथ धरे देख रहे थे, आखिरकार उनको हस्तक्षेप करना पड़ा।

दरअसल, हाल के दिनों में अमेरिका में बड़े पैमाने पर सरकारी एजेंसियों में कर्मचारियों की छटनी की गई है। ट्रंप और उनके सलाहकार ने हजारों लोगों को नौकरी से निकाल दिया है. ऐसा अमेरिकी नौकरशाही में कटौती के अभियान के तहत हुआ है। अलग-अलग विभागों के कर्मचारियों को बर्खास्त किया गया है। सत्ता में आने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक के बाद एक कड़े और बड़े फैसले ले रहे हैं। नौकरी में कटौती को लेकर ट्रंप का कहना है कि फेडरल गवर्नमेंट में बहुत से स्टाफ हैं। उन्होंने हाल में कहा था कि सरकार पर 36 लाख करोड़ डॉलर का कर्ज है। पिछले साल करोड़ों डॉलर का घाटा हुआ था इसलिए इसमें सुधार की जरूरत है।