राजस्थान में गरजे पीएम मोदी, बोले- कांग्रेस की आतंकी मानसिकता, दलितों को बनाया जा रहा निशाना

#rajasthanelectionspmmodirallyinpali

राजस्थान में विधानसभा चुनाव के लिए 25 नवंबर को मतदान होना है। इससे पहले राज्य का सियासी पारा चढ़ा हुआ है। सभी दलों ने अपनी पूरी ताकत लगा दी है।राजनीतिक पार्टियों के स्टार प्रचारक राजस्थान के रण में कूद पड़े हैं। इसी क्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी चुनाव के प्रचार के लिए पाली पहुंचे। जहां जनसभा कर कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। 

Image 2Image 3

पीएम मोदी ने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि सभा का आयोजन छोटा पड़ गया, उसके लिए मैं आपकी क्षमा चाहता हूं। जो लोग ताप में तप रहे हैं और बड़े धैर्य के साथ सभा को सुन रहे हैं। जो ताप में तप रहे हैं उनको मैं विश्वास दिलाना चाहता हूं कि ये ताप आपकी तपस्या को कभी भी बेकार नहीं जाने दूंगा। मैं विकास करके उसे लौटाऊंगा। आपके लिए कल्याण योजनाएं लेकर आऊंगा और आपकी ये तपस्या, मैं प्यार से उसकी कीमत चुकाऊंगा। आपको वादा करता हूं।

बीजेपी शासित राज्यों में सस्ता है पेट्रोल-पीएम मोदी

कांग्रेस को घेरते हुए पीएम मोदी ने कहा, राजस्थान सरकार की लूट का एक उदाहरण यहां पेट्रोल की कीमतें हैं। राजस्थान के पड़ोसी राज्यों हरियाणा, उत्तर प्रदेश और गुजरात में बीजेपी की सरकार है, वहां पेट्रोल 97 रुपये प्रति लीटर मिलता है लेकिन राजस्थान की कांग्रेस सरकार इन राज्यों से 12 रुपये ज्यादा महंगा पेट्रोल बेचती है। मैं आज राजस्थान को गारंटी देता हूं कि 3 दिसंबर के बाद यहां भाजपा सरकार बनने के बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों की समीक्षा की जाएगी। इससे गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को बहुत राहत मिलेगी।

कांग्रेस को बताया आतंकी मानसिकता वाली पार्टी

प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस पर एक बार फिर तपष्टिकरण का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार तुष्टिकरण के अलावा कुछ नहीं सोचती। तुष्टिकरण का राजनीति का असर क्या होता है इसको राजस्थान ने बीते पांच वर्षों में झेला है। कांग्रेस ने राजस्थान को दंगों में झोंक दिया। आतंकी मानसिकता रखने वालों के हौसले बुलंद हो गए। सौहार्द की इस धरा पर ऐसी-ऐसी घटनाएं हुई जिनके बारे में हम कभी कल्पना भी नहीं कर सकते थे। ऐसी विकृत मानसिकता वाली कांग्रेस को अच्छे से सबक सिखाना जरूरी है।

कांग्रेस को बताया महिला विरोधी

पीएम मोदी ने आगे कहा, दुर्भाग्य से यहां पिछले पांच साल से जो कांग्रेस सरकार रही है, उसने लोगों को विकास में और पीछे धकेल दिया। यहां की कांग्रेस सरकार के लिए भ्रष्टाचार से बड़ा कुछ भी नहीं है। यहां की कांग्रेस सरकार के लिए परिवारवाद ही सबकुछ है। दलितों के खिलाफ अत्याचार करने वालों को देखकर कांग्रेस आंखों पर पट्टी बांध लेती है। यहां राजस्थान में पांच वर्ष तक दलित परिवारों के साथ हुए अत्याचार पर कांग्रेस ने यही किया है। महिला विरोधी कांग्रेस कभी महिलाओं का कल्याण और उनकी सुरक्षा नहीं कर सकती। कांग्रेस ने राजस्थान को महिलाओं के खिलाफ अपराध में नंबर एक बना दिया है।

सीएम अशोक गहलोत पर भी साधा निशाना

मोदी ने महिलाओं का मुद्दा उठाते हुए कहा, महिला विरोधी कांग्रेस कभी महिलाओं का कल्याण नहीं कर सकती। कभी महिलाओं की सुरक्षा नहीं कर सकती।यहां महिलाओं ने पुलिस थाने में जाकर जो शिकायत दर्ज कराई है, उसे यहां के सीएम फर्जी बताते हैं। यहां के सीएम महिलाओं को सर्टिफिकेट दे रहे हैं कि वे फर्जी मामले दर्ज करा रहीं हैं। ये महिलाओं का अपमान है या नहीं, ये महिलाओं का अपमान करने वाली सरकार राजस्थान से जानी चाहिए या नहीं जानी चाहिए।

बिहार के सीएम को भी घेरा

पीएम ने आगे कहा दलितों के खिलाफ अत्याचार करने वालों को देखकर कांग्रेस पट्टी बांध लेती है। राजस्थान में भी ऐसा ही हुआ। जबसे महिलाओं को आरक्षण देने वाला कानून पारित हुआ है, तब से इन्होंने महिलाओं के खिलाफ अभद्र अभियान छेड़ दिया है। इन लोगों ने कैसी-कैसी आपत्तिजनक टिप्पणियां हमारी माताओं और बहनों के लिए किया है। बिहार के सीएम ने तो विधानसभा में हमारी माताओं के लिए घोर आपत्तिजनक भाषा का उपयोग किया है। यहां भी कांग्रेस चुप रही। यही कांग्रेस का असली चेहरा है।

बता दें कि पीएम मोदी यहां पाली जिले की छह विधानसभा सीटों के बीजेपी प्रत्याशियों के समर्थन में आयोजित आमसभा को संबोधित किया। पार्टी को उम्मीद है कि मोदी की इस सभा से पाली से बीजेपी प्रत्याशी ज्ञानचंद पारख, सोजत से शोभा चौहान, जैतारण से अविनाश गहलोत, मारवाड़ जंक्शन से केसाराम चौधरी, बाली से पुष्पेंद्र सिंह और सुमेरपर विधानसभा से बीजेपी प्रत्याशी जोराराम कुमावत को चुनावी फायदा मिलेगा।

अंतरराष्ट्रीय टनलिंग विशेषज्ञ अर्नाल्ड डिक्स उत्तरकाशी पहुंचे, बोले- हम उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने जा रहे हैं

 

Image 2Image 3

 उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में हुए सुरंग हादसे में फंसे 41 श्रमिकों को निकालने के लिए राहत एवं बचाव कार्य जारी है। अंतर्राष्ट्रीय टनलिंग विशेषज्ञ अर्नोल्ड डिक्स सोमवार को उत्तरकाशी में घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि देखने में बचाव टीम को यह कार्य काफी आसान दिख रहा है लेकिन टीम को यह तय करना होगा कि यह वास्तव में यह अच्छा है या फिर किसी तरह का जाल है।

उन्होंने कहा कि मेरे साथ हिमालय भूविज्ञान के सर्वश्रेष्ठ विशेषज्ञ हैं। हम जानते हैं कि सुरंग के ऊपर की स्थिति क्या है और अंदर की स्थिति क्या हो सकती है। हम सभी उन 41 श्रमिकों को बचाने का प्रयत्न कर रहे हैं और किसी भी मजदूर को चोट नहीं पहुंचने देंगे।

अनोल्ड डिक्स ने कहा कि यह एक बेहद ही मुश्किल काम है, हमे यहां सुरंग के ऊपर से लेकर नीचे तक चारों ओर देखना होता है। हम जल्द ही सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लेंगे। हम सभी एक टीम हैं और पूरी दुनिया हमारे साथ है।

पहले जूते में भर के पी शराब, अब वर्ल्ड कप की ट्रॉफी पर रखी लात', पढ़िए, ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों के जश्न की तस्वीरें देख भड़के फैंस ने कैसी कैसी दी

Image 2Image 3

अहमदाबाद में भारत के खिलाफ विश्व कप 2023 जीतने के बाद अब ऑस्ट्रेलिया के खिलाड़ियों के जश्न के कई वीडियो ओर तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। ऑस्ट्रेलिया के बैटिंग आलराउंडर मिचेल मार्श की एक ऐसी ही तस्वीर वायरल हुई है जिसमें वह वर्ल्ड कप ट्रॉफी पर पैर रखे हुए नजर आ रहे हैं।

मिचेल के इस ट्रॉफी पर पैर रखने को कुछ लोग उनका आत्मविश्वास बता रहे हैं तो कुछ इसे ट्रॉफी का अपमान कह रहे हैं। कुछ लोग इसे मिचेल मार्श का बुरा बर्ताव तो कुछ लोग सलाह दे रहे हैं कि उन्हें ट्रॉफी का सम्मान करना चाहिए। माधव शर्मा नाम के एक व्यक्ति ने मिचेल मार्श के इस तस्वीर पर लिखा, “मुझे मिचेल की यह तस्वीर काफी अपमानजनक लगी है। यह एक ऐसी ट्रॉफी है जिसके लिए क्रिकेटर पूरी जिन्दगी लगा देते हैं तथा मिचेल ने कूल दिखने के लिए इसके ऊपर पैर रख दिए। यह चौंकाने वाला और भद्दा है।”

वही एक और अन्य व्यक्ति रुद्रा शर्मा ने लिखा, “मिचेल मार्श यह एक पेशेवर खिलाड़ियों का बर्ताव नहीं है। क्या एक पेशेवर खिलाड़ी एक बड़े पुरस्कार के साथ ऐसे पेश आएगा?” यह कोई नई बात नहीं है कि ऑस्ट्रेलिया ने अपनी जीत का जश्न अलग तरीके से मनाया हो। इससे पहले भी उनके अजीब जश्न सामने आए हैं। साल 2021 में टी20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद भी ऑस्ट्रेलिया ने कुछ ऐसा ही किया था जो कि चर्चा का विषय बना था। 2021 में टी20 विश्व कप में न्यूजीलैंड को हराने के पश्चात् ऑस्ट्रलिया के खिलाड़ियों ने जूते में भर बियर पी था। ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी मार्कस स्टोनिस और मैथ्यू वेड ने जूते से बियर पी था। इसका वीडियो भी वायरल हुआ था तथा कुछ लोगों ने इसे घृणित भी बताया।

जबरन वसूली मामले में जेल से गवाह को धमका रहा दाऊद इब्राहिम का गुर्गा रियाज़, मुंबई पुलिस ने दर्ज किया केस

Image 2Image 3

मुंबई पुलिस ने जबरन वसूली मामले में एक गवाह को धमकाने के आरोप में अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा शकील के करीबी गुर्गे रियाज भाटी के खिलाफ मामला दर्ज किया है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि रियाज भाटी और उसके करीबी सहयोगी उसे जून 2022 से 4 नवंबर 2023 तक धमकी देते रहे और कहा कि वह गवाही देने के लिए अदालत में न जाए और अगर वह जाए तो रियाज भाटी के पक्ष में गवाही दे, ऐसा न करने पर उसे मृत्यु का सामना करना पड़ेगा। शिकायतकर्ता ने बताया कि रियाज भाटी के साथियों ने उसे कई बार जान से मारने की धमकी दी थी। 

शिकायतकर्ता के आधार पर, खार पुलिस ने आरोपी रियाज भाटी और उसके करीबी रिश्तेदारों के खिलाफ IPC की धारा 195 (ए), 506 (2) और 34 (झूठे सबूत गढ़ना, आपराधिक धमकी, सामान्य इरादे से आपराधिक आचरण) के तहत मामला दर्ज किया और जांच शुरू कर दी है। बता दें कि मुंबई के अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम का सहयोगी रियाज भाटी को मुंबई के गोरेगांव पुलिस स्टेशन में दर्ज जबरन वसूली के मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच की एंटी-एक्सटॉर्शन सेल ने अंधेरी इलाके से गिरफ्तार किया था।

रियाज भाटी का नाम जबरन वसूली मामले में मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह के खिलाफ FIR में नामित था। पुलिस ने कहा था कि, 'रियाज़ भाटी का नाम भी उसी FIR में उल्लेखित है, जो परमबीर सिंह के खिलाफ जबरन वसूली मामले में दर्ज किया गया है।' पुलिस ने आरोप लगाया कि रियाज भाटी बार और रेस्तरां मालिकों से पैसे इकट्ठा करता था और इसे निलंबित मुंबई पुलिस अधिकारी सचिन वाजे को भेजता था। बता दें कि, इससे पहले, रियाज़ भाटी की अलग पत्नी रहनुमा भाटी ने भी मुंबई के सांताक्रूज़ पुलिस स्टेशन में अपने पति रियाज़ भाटी पर बलात्कार और छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी।

वर्ष 2024 लोकसभा चुनावों की तैयारी में जुटीं मायावती, दलित प्रभाव वाली सीटों पर बसपा का विशेष फोकस

Image 2Image 3

पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव शुरू होने के साथ ही राजनीतिक दल आगामी लोकसभा चुनाव (2024) के लिए पहले से ही कमर कस रहे हैं। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) उत्तर प्रदेश की आरक्षित सीटों पर अपनी नजरें टिकाकर एक नई रणनीति बना रही है, जहां बड़ी संख्या में दलित आबादी रहती है। मायावती के नेतृत्व वाली बसपा का लक्ष्य इन आरक्षित सीटों पर मजबूत प्रभाव डालना है, जो वर्तमान में बड़े पैमाने पर भाजपा गठबंधन के पास है।

उत्तर प्रदेश की भूमिका

बता दें कि, कुल 80 लोकसभा सीटों वाला उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। 2019 के चुनावों में, भाजपा गठबंधन ने 64 सीटें जीती थीं, और बसपा ने 10 और सपा ने 5 सीटें हासिल कीं थीं। 2019 चुनाव के लिए बसपा और सपा ने गठबंधन किया था। 

आरक्षित सीटों पर फोकस

उत्तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों में से 17 आरक्षित हैं। 2019 के चुनावों में, भाजपा गठबंधन ने 15 जीत के साथ इन आरक्षित सीटों पर अपना दबदबा बनाया था, जबकि बसपा को केवल दो जीत मिलीं। मायावती अब महत्वपूर्ण दलित जनसांख्यिकी पर जोर देते हुए इन आरक्षित सीटों पर बसपा के प्रदर्शन को बढ़ाने के प्रयास तेज कर रही हैं।

मायावती के निर्देश

मायावती ने मंडल प्रभारियों को सक्रिय रूप से क्षेत्रों में सक्रिय रहने, निरंतर प्रयास और पार्टी कैडर से प्रभावी उम्मीदवार चयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। यह कदम 2024 के लोकसभा चुनावों में मजबूत स्थिति हासिल करने की बसपा की बड़ी रणनीति का हिस्सा है। 2022 के विधानसभा चुनावों के बाद, जहां बसपा को केवल एक सीट मिली, मायावती पार्टी का पुनर्गठन कर रही हैं। कई नेताओं को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया और आगामी राष्ट्रीय चुनावों की रणनीति बनाने के लिए एक नई टीम का गठन किया जा रहा है।

आरक्षित सीटों पर ऐतिहासिक सफलता के लिए मशहूर बसपा का लक्ष्य अपने गढ़ को दोबारा हासिल करना है। अतीत में, पार्टी ने कई आरक्षित सीटों पर जीत हासिल की है। हालाँकि, हालिया चुनावी लहरों ने, विशेषकर 2014 में, इस प्रवृत्ति को बाधित कर दिया था।

प्रमुख लोकसभा सीटें

विशेष रूप से, बसपा के लिए एक ऐतिहासिक गढ़, मिश्रिख लोकसभा सीट ने 1998, 2004 और 2009 में लगातार जीत देखी। 2014 की मोदी लहर में इस सीट को खोने के बावजूद, बसपा अपनी प्रमुखता हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध है। 2019 के चुनावों में, बसपा ने नगीना और लालगंज लोकसभा सीटों पर जीत हासिल की, जो दोनों आरक्षित हैं।

चूंकि बसपा लोकसभा चुनावों के लिए खुद को तैयार कर रही है, उत्तर प्रदेश में आरक्षित सीटों पर रणनीतिक जोर अपने मुख्य निर्वाचन क्षेत्र के प्रति पार्टी की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। संभागीय प्रभारियों को मायावती के निर्देश और उम्मीदवार चयन पर ध्यान एक सक्रिय दृष्टिकोण का संकेत देता है, क्योंकि पार्टी का लक्ष्य राष्ट्रीय राजनीतिक परिदृश्य में पुनरुत्थान करना है।

एमपी में कांग्रेस की महिला प्रत्याशी पर हमला, FB पर लाइव आकर बोली- 'मेरी हत्या होती है तो इसका जिम्मेदार भाजपा नेता गोपाल...'

Image 2Image 3

 मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव के मतदान सम्पन्न होने के बाद अब विवाद होने लगा है। सागर जिले की रहली विधानसभा में दो पक्षों में झगड़ा हो गया। जहां पर यह विवाद हुआ है वहां पर कांग्रेस की उम्मीदवार ज्योति पटेल भी उपस्थित थीं। उन्होंने फेसबुक लाइव आकर बीजेपी उम्मीदवार मंत्री गोपाल भार्गव और उनके बेटे अभिषेक भार्गव पर हमला करवाने का आरोप लगाया। ज्योति ने अपने इस वीडियो में गोली चलाने, वाहनों में तोड़फोड़ करने एवं उनके लोगों के साथ मारपीट करने के आरोप भी लगाए। स्वयं की हत्या होने की आशंका भी जताई है।  

 घटना में एक कांग्रेस समर्थक भी चोटिल हुआ है। उसे सागर जिला चिकित्सालय रेफर किया गया है। वहीं, पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचा। पूरे क्षेत्र में भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है। आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। खबर के अनुसार, विवाद गढ़ाकोटा के गुंजोरा चौराहे पर शनिवार को हुआ। कांग्रेस उम्मीदवार ज्योति पटेल अपने परिचित के घर पहुंची थीं। बताया जा रहा है कि इसकी जानकारी भाजपा कार्यकर्ता (मंत्री गोपाल भार्गव समर्थकों) को लग गई। 

इसके बाद काफी संख्या में लोग गुंजोरा चौराहे पर पहुंचे। वहां हंगामा हो गया। भाजपा के लोगों का ज्योति पटेल के समर्थकों से झगड़ा हो गया। दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई। वाहनों की तोड़फोड़ की गई। जमकर पत्थरबाजी भी हुई। इसी के चलते कांग्रेस उम्मीदवार ज्योति पटेल ने फेसबुक पर लाइव आकर आरोप लगाया- ''यह हमला गोपाल भार्गव के गुड़ों ने किया है। साथ ही ज्योति ने अपनी हत्या हो जाने की आशंका भी जताई। साथ ही कहा कि उनका क़त्ल होता है तो इसकी जिम्मेदारी गोपाल भार्गव, श्री राम भार्गव और अभिषेक भार्गव का होगा।'' विवाद के बाद दोनों पक्षों ने थाने पहुंचकर एक-दूसरे खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया।

हाथ में बोतल और पैरों के नीचे ट्रॉफी, क्या ये वर्ल्ड कप जीतने का घमंड है?

#mitchell_marsh_sits_with_his_feet_up_on_world_cup_trophy

भारत को हराकर ऑस्ट्रेलिया ने वर्ल्ड कप 2023 ट्रॉफी अपने नाम कर ली है। टीम ने फाइनल में टीम इंडिया को 6 विकेट से हराकर मुकाबलों को अपने नाम किया। इसके साथ ही ऑस्ट्रेलिया छठी बार विश्व विजेता बना है। इतनी बड़ी जीत के बाद अक्सर पैर जमीं पर महसूस नहीं हो सकते हैं। एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, जो इस कहावत को सच करती दिख रही है। दरअसल, सोशल मीडिया पर सामने आई एक तस्वीर में ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी को ट्रॉफी पर अपने पैर रखकर बैठे हुए देखा जा रहा है।सोशल मीडिया पर स्टार ऑलराउंडर मिचेल मार्श की एक फोटो खूब वायरल हो रही है, जिसमें वो एक हाथ में बोतल पकड़े हैं और आईसीसी ट्रॉफी के ऊपर अपने पैर रखे हुए हैं। इस हरकत के बाद मार्श सोशल मीडिया पर काफी ट्रोल हो रहे हैं।

Image 2Image 3

फोटो को सबसे पहले ऑस्ट्रेलियाई कप्तान पैट कमिंस ने इंस्टाग्राम पर शेयर किया था। इसके बाद यह तस्वीर जंगल की आग की तरह वायरल हो गई है। लोग मार्श की इस हरकत से को विश्व कप ट्रॉफी का 'अपमानजनक' बता रहे हैं। यह तस्वीर ऑस्ट्रेलिया द्वारा विश्व कप ट्रॉफी जीतने के कुछ घंटों बाद साझा की गई थी।यह तस्वीर होटल के कमरे की प्रतीत होती है, जहां ऑस्ट्रेलियाई टीम आराम से बैठकर एक-दूसरे से बातचीत कर रही थी। अपना पदक दिखाते समय मार्श ने अपने दोनों पैर ट्रॉफी के ऊपर रखे हुए हैं।

ये वहीं ट्रॉफी है, जिसके लिए सभी खिलाड़ियों ने महीनों मेहनत की है। इसी ट्रॉफी से आपकी महानता आंकी जाती है। वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया टीम सबसे ज्यादा वर्ल्ड कप खिताब जीतने वाली टीम है। किसी भी अन्य टीम ने दो बार से ज्यादा खिताब नहीं जीता है। ऐसे में ऑस्ट्रेलियाई खेमे में इतनी बार चैंपियन बनने का घमंड नजर आ रहा है।

बता दें कि, 2011 के बाद से टीम इंडिया वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम नहीं कर पाई है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भी हार के साथ ही टीम का ट्रॉफी जीतने का सपना अधूरा रह गया। भारत ने धोनी की कप्तानी में अंतिम बार 2013 में आईसीसी की कोई ट्रॉफी जीती थी। यह टीम का आखिरी आईसीसी खिताब था। इसके बाद से टीम इंडिया आज तक आईसीसी खिताब जीत नहीं सकी है। वहीं, 2011 वर्ल्ड कप भी धोनी ने ही अपनी कप्तान में जिताया था।

बाबर आजम ने भारत के “जख्मों” पर छिड़का नमक, जानें क्या कहा

#babar_azam_reacted_on_india_loss

भारतीय टीम एक बार फिर वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम नहीं कर पाई। इसके साथ ही करोड़ों प्रशंसकों का दिन एक बार फिर टूट गया। इस वर्ल्ड कप में भारत ने जिस तरह का प्रदर्शन किया था, सभी उम्मीद लगा बैठे थे की बस कप भारत की झोली में आने ही वाला है। लेकिन फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के हाथों हार का झेलनी पड़ी।इसी बीच बाबर आजम ने सोशल मीडिया पर ऐसा पोस्ट कर दिया है, जो भारत के जले पर नमक छिड़कने से कम नहीं है।

Image 2Image 3

वर्ल्‍ड कप 2023 के खिताबी मुकाबले में भारत के खिलाफ ऑस्ट्रेलिया की जीत को लेकर बाबर आजम ने इंस्टाग्राम पर पोस्‍ट में लिखा... ऑस्ट्रेलिया को बधाई। टूर्नामेंट के फाइनल में क्या शानदार प्रदर्शन किया है।

माना जा रहा है कि बाबर आजम की मंशा सिर्फ ऑस्‍ट्रेलिया को बधाई देने की लग रही है। कुछ फैंस का मानना है कि बाबर ने विराट कोहली से बदला लिया है

फैंस इसे टी20 वर्ल्ड कप 2022 से जोड़ते हुए देख रहे हैं। जहां पाकिस्तान फाइनल में इंग्लैंड से हार गया था और उसके बाद कोहली इंग्लिश टीम को जीत की बधाई दी थी।

दरअसल, 2022 में टी20 वर्ल्ड कप का आयोजन हुआ था। इसके फाइनल मैच में पाकिस्तान और इंग्लैंड की टीमें आमने-सामने थीं। इंग्लैंड ने 5 विकेट से पाकिस्तान को धूल चटाकर ट्रॉफी पर अपना कब्जा जमाया। इंग्लैंड की इस जीत पर टीम इंडिया के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली ने बधाई दी थी। कोहली ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'बधाई इंग्लैंड टीम, आप यह जीत डिजर्व करते थे।' इसी पोस्ट को लेकर फैंस ने अब वर्ल्ड कप 2023 में किए पोस्ट को जोड़ लिया है और इसे कोहली का बदला बता रहे हैं।

 बता दें कि वर्ल्ड कप 2023 में पाकिस्तान टीम बाबर आजम की कप्तानी में ही खेली। हालांकि, टीम सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई नहीं कर सकी। देश वापस लौटते ही बाबर आजम ने कप्तानी से इस्तीफा दे दिया। अब बाबर आजम ने ऑस्ट्रेलिया की जीत पर इंस्टाग्राम ओर स्टोरी पोस्ट कर उन्हें बधाई दी है।

वहीं, विराट कोहली ने वर्ल्ड कप 2023 में टीम इंडिया के लिए सबसे शानदार प्रदर्शन किया है। वह टूर्नामेंट में सर्वाधिक 265 रन बनाने वाले बल्‍लेबाज बने हैं। कोहली को प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट के अवॉर्ड से भी नवाजा गया है। इस बार वर्ल्‍ड कप में कोहली के बल्‍ले से 3 शतक और सर्वाधिक 6 अर्धशतक आए हैं।

उत्तरकाशी टनल हादसाःपीएम मोदी ने मुख्यमंत्री से लिया अपडेट, PMO ने सभी एजेंसियों से मांगी रिपोर्ट

#uttarkashi_tunnel_collapse_pm_modi_took_update_of_the_rescue_operation

Image 2Image 3

उत्तराखंड के उत्तरकाशी में हुए टनल हादसे को 8 दिन हो गए हैं। टनल में फंसे 41 मजदूरों को निकालने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। बाबजूद इसके 170 से भी अधिक घंटे बीत जाने के बाद भी रेस्क्यू टीम को सफलता नहीं मिल पा रही है। रेस्क्यू का आज नौवां दिन है। मजदूरों को निकालने के लिए बैकअप प्लान के तहत सुरंग के ऊपर से ड्रिलिंग के लिए अस्थायी सड़क का काम अंतिम चरण में है। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को फोन कर श्रमिकों को सुरक्षित निकालने के लिए जारी राहत और बचाव कार्यों के बारे में जानकारी ली। 

पीएम मोदी से फोन पर हुई बातचीत में मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने स्वयं मौके पर जाकर स्थलीय निरीक्षण किया और बचाव कार्यों पर लगातार नजर रखें हैं। मेडिकल की टीम भी वहां पर तैनात कर दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरंग के अंदर फंसे सभी मजदूर सुरक्षित हैं और उन्हें जल्द बाहर निकलने की पूरी कोशिश की जा रही है। बता दें कि अभी तक प्रधानमंत्री तीन बार मुख्यमंत्री से स्थिति की जानकारी ले चुके हैं। पीएमओ की टीम भी मौके का निरीक्षण कर चुकी है और लगातार स्थिति पर नजर बनाये हुए है। साथ ही पीएमओ की टीम समन्वय का कार्य कर रही है।

वहीं, पीएम मोदी ने कहा, केंद्र सरकार की ओर से सभी जरूरी उपकरण और संसाधन लगातार उपलब्ध कराए जा रहे हैं। साथ ही केंद्र और राज्य की एजेंसियों के समन्वय से मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला जाएगा। फंसे हुए मजदूरों का मनोबल बनाए रखने की जरूरत है। सोमवार सुबह पीएमओ के पूर्व सलाहकार भास्कर खुल्बे और पीएमओ के उप सचिव मंगेश घिल्डियाल ने बचाव अभियान में शामिल सभी संबंधित विभागों (आरवीएनएल, नवयुग, ओएनजीसी, राज्य पीडब्ल्यूडी, बीआरओ और टीएचडीसी) से अपील की और उनसे मजदूरों को बचाने के लिए किए जा रहे रेस्क्यू ऑपरेशन का शाम तक की रिपोर्ट उपलब्ध कराने का के लिए कहा।

इस बीच बैकअप प्लान के तहत सुरंग के ऊपर से ड्रिलिंग के लिए अस्थायी सड़क का काम अंतिम चरण में है। सुरंग के ऊपर ड्रिलिंग के लिए जगह चुन ली गई है।1.2 मीटर डायमीटर की ड्रिल होगी। जिसका सेटअप अगले 24 घंटे में होने की संभावना है। अब दो से तीन दिन में ड्रिल पूरी हो सकेगी। इंटरनेशनल टनलिंग और अंडरग्राउंड स्पेस एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रोफेसर अर्नोल्ड डिक्स टनल के ऊपर से ड्रिल के लिए निरीक्षण करने पहुंचे। उन्होंने कहा कि काफी तेजी से काम चल रहा है। टनल के भीतर की कंडीशन ठीक है। टनल के ऊपर 320 मीटर दूरी पर टीम ने ड्रिल के लिए स्थान चुना है। यहां से 89 मीटर गहराई तक ड्रिल होगी।

बता दें कि दिवाली वाले दिन रविवार सुबह 6 बजे उत्तरकाशी के सिलक्यारा में टनल में मलबा आ गया। मलबा आने से टनल में काम कर रहे 41 मजदूर फंस गए।जिसके बाद उन्हें निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन रविवार सुबह 8 बजे से शुरू किया गया। जो आज 9वें दिन भी जारी है। इस बीच टनल में फंसे मजदूरों से वॉकी-टॉकी से संपर्क किया जा रहा है। साथ ही पाइप के जरिए मजदूरों को खाने-पीने की चीजें भेजी जा रही हैं।

विशाखापत्तनम में बंदरगाह में लगी भीषण आग, 40 नाव जलकर खाक, जानें क्या है पूरा मामला

#visakhapatnam_fishing_harbour_fire_boats

Image 2Image 3

आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में खौफनाक मंजर देखा गया। हर तरफ आग की लपटें उठती नजर आईं। दरअसल, विशाखापट्टनम के मछली पकड़ने के बंदरगाह में भीषण आग लग गई। एक नाव से शुरू हुई आग आखिरकार 40 नावों तक फैल गई। आग इतनी भंयकर थी कि देखते ही देखते उसने आसपास खड़ी दूसरी नावों को भी अपनी जद में ले लिया।

विशाखापट्टनम के मछली बंदरगाह पर आग आधी रात तक लगभग 40 फाइबर-मशीनीकृत नावों में फैल गई। पुलिस और दमकल दल ने तुरंत कार्रवाई की। आग पर काबू पा लिया गया। आग लगने का कारण अभी तक पता नहीं चल पाया है। घटना में किसी के हताहत होने या घायल होने की सूचना नहीं है। डीसीपी आनंद रेड्डी ने कहा कि इस बारे में एक मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है।मछुआरों को संदेह है कि कुछ अपराधियों ने नावों में आग लगा दी है। यह भी संदेह है कि एक नाव में किसी पार्टी होने के कारण उसमें आग लग गई थी।

इस मामले में डीसीपी आनंद रेड्डी का कहना है कि नाव में आग किस वजह से लगी फिलहाल ये पता नहीं चल सका है। पुलिस के मुताबिक इस हादसे में कोई भी हताहत या जख्मी नहीं हुआ है। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर हादसे की तफ्तीश शुरू कर दी है। उधर आग लगने से मछुआरों का काफी नुकसान होने की आशंका है।