जी20 की बैठक में विश्वबैंक और आईएमएफ में सुधारों पर हो सकता है फोकस, ये एजेंडे भी होंगे अहम

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जी-20 की 18वीं समिट इस साल 9 और 10 सितंबर को होने जा रही है। इस साल भारत पहली बार जी-20 की मेजबानी करने जा रहा है। इसके लिए काफी जोर-शोर से तैयारियां की जा रही हैं। जी 20 समिट में अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैंक्रा, चीन के प्रीमियर ली कियांग समेत 20 से ज्यादा देशों के वर्ल्ड लीडर्स पहुंच रहे हैं। हालांकि सम्मेलन में पहले रूस के राष्ट्रपति पुतिन और फिर बाद में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग शामिल नहीं हो रहे हैं। इसको लेकर कई लोग सवाल भी उठा रहे हैं। जिसको लेकर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोमवार को कहा कि जी-20 शिखर सम्मेलन में कौन शामिल हो रहा है और कौन नहीं, इसके बजाय ज्वलंत मुद्दों पर सदस्य देशों की ओर से अपनाई गई स्थिति पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए।ऐसे में सवाल ये है कि दिल्ली में हो रहे जी 20 शिखर सम्मेलन में किन अहम मुद्दों पर चर्चा होगी।

जी20 देशों सम्मेलन में इस बार जलवायु परिवर्तन के साथ वैश्विक फाइनेंशियल बॉडीज जैसे कि विश्वबैंक और अंतराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) में सुधार पर चर्चा होगी। साथ ही भारत भी अपनी तरफ से कुछ मुद्दों आगे बढ़ाने वाला है। ये 5 मुद्दे जी20 की बैठक का अहम एजेंडा हैं।

वर्ल्डबैंक-आईएमएफ में सुधार का मुद्दा

जी20 शिखर सम्मेलन में इस बार मल्टीलैटरल डेवलपमेंट बैंक जैसे कि वर्ल्ड बैंक और आईएमएफ में व्यापक सुधार करने पर चर्चा होगी. भारत अपनी अध्यक्षता के दौरान इस एजेंडा को पुश कर रहा है. इसकी वजह ये संस्थान करीब 80 साल पहले दूसरे विश्वयुद्ध के बाद बने थे. तब से अब तक दुनिया में कई बदलाव हो चुके है, वर्ल्ड ऑर्डर में बदलाव आ चुका है, इसलिए इन संस्थानों को आज के भूराजनैतिक माहौल के हिसाब से मजबूत बनाने की जरूरत है.इसी के साथ यूरोपियन इंवेस्टमेंट बैंक, अफ्रीकन डेवलपमेंट बैंक, एशियन डेवलपमेंट बैंक, यूरोपियन बैंक फॉर री-कंस्ट्रक्शन, इंटर-अमेरिकन डेवलपमेंट बैंक, और एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इंवेस्टमेंट बैंक में भी बदलाव होने हैं।

जलवायु परिवर्तन पर चर्चा

जी20 देशों की टेबल पर इस बार भी जलवायु परिवर्तन की समस्या का एजेंडा होगा। इस मामले में अच्छी खासी फंडिंग और रीयल एक्शन की जरूरत है। जी20 देशों की कोशिश होगी कि ‘सस्टेनबल डेवलपमेंट गोल्स 2030’ को पूरा करने पर जोर दिया जाए। एक अनुमान के मुताबिक इन लक्ष्य को पूरा करने के लिए 2030 तक हर साल 3,000 अरब डॉलर की जरूरत होगी

क्रिप्टोकरेंसी पर वर्ल्ड ऑर्डर

क्रिप्टोकरेंसी को लेकर दुनिया किसी एक राय पर पहुंचे, उसके लिए नियम-कायदे बनें। ये वो अहम मुद्दा है जिसे भारत अलग-अलग मंच पर आगे बढ़ा रहा है। इस बार जी20 के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक के गवर्नरों की मीटिंग के दौरान भी भारत ने इस मसले को मजबूती से आगे रखा। अब जब जी20 का शिखर सम्मेलन हो रहा है, तो भारत इसे जॉइंट स्टेटमेंट का हिस्सा बनाने का पक्षधर है

दुनिया की खाद्य सुरक्षा

इस बार जी20 सम्मेलन में दुनिया की खाद्य सुरक्षा भी चर्चा का अहम विषय होगी। रूस-यूक्रेन युद्ध और उसके वजह उपजी आर्थिक परेशानियों ने खाद्यान्नों की महंगाई बढ़ाने का काम किया है. इसी के साथ जलवायु परिवर्तन की वजह से दुनिया के सामने खाद्य संकट पहले से खड़ा हुआ है।

छोटे और कमजोर देशों को कर्ज

वैश्विक फाइनेंशियल बॉडीज में सुधार की बात की एक और वजह कमजोर और छोटे देशों की आर्थिक ताकत को सुधारना है। उन पर कर्ज का बोझ बढ़ रहा है। इसलिए जी20 देशों के सम्मेलन में इस बार कर्ज की री-स्ट्रक्चरिंग, न्यूनतम ग्लोबल कॉरपोरेट टैक्स इत्यादि पर बातचीत करना है।

क्‍या है जी-20 का काम

दरअसल, जी-20 का मूल एजेंडा आर्थिक सहयोग और वित्तीय स्थिरता का है, लेकिन समय के साथ व्यापार, जलवायु परिवर्तन, सस्टेनेबल डेवलपमेंट, स्वास्थ्य, कृषि और भ्रष्टाचार निरोधी एजेंडा भी इसमें शामिल कर लिया गया है। इसमें दो समानांतर तरीकों से चर्चा होती है, पहला फाइनेंशियल और दूसरा शेरपा ट्रैक। फाइनेंशियल ट्रैक में बातचीत का काम वित्त मंत्री संभालते हैं और शेरपा ट्रैक में शेरपा यानी वह व्यक्ति जिसे सरकार शेरपा के तौर पर नियुक्त करती है। चूंकि दुनिया की जीडीपी में 85 फीसदी हिस्सा जी-20 देशों का है। वहीं दुनिया के व्यापार में 75 फीसदी की हिस्सेदारी भी इन्हीं की है, ऐसे में इनकी बैठक को काफी अहम माना जाता है। इनका काम सभी सदस्य देशों के साथ समन्वय बनाना और नेगोशिएट करना होता है।

भारत के सूर्ययान की सूरज की ओर एक और लंबी छलांग, आदित्य-एल1 ने सफलतापूर्वक बदली दूसरी कक्षा

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भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की ओर से लॉन्च किए गए भारत के पहले सूर्ययान ने पृथ्वी की कक्षा बदलने का दूसरा चरण पूरा कर लिया है। भारत के पहले सौर मिशन ‘आदित्य-L1’ ने आज धरती की ऑर्बिट में दूसरी छलांग लगाई। इसरो ने मंगलवार सुबह जानकारी दी है कि इसका दूसरा मैन्युवर कर दिया गया है और ये यान अभी पूरी तरह से नॉर्मल है। आदित्य एल-1 लगातार अपनी निर्धारित दिशा में सफलतापूर्वक बढ़ते जा रहा है। 

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इसरो ने मंगलवार सुबह इस मिशन को लेकर ताजा अपडेट दिया। इसरो ने ट्वीट किया, ‘पृथ्वी से जुड़ा दूसरा मैन्युवर बेंगलुरु स्थित ISTRAC सेंटर से पूरा कर दिया गया है। ISTRAC/ISRO ने मॉरीशस, बेंगलुरु और पोर्ट ब्लेयर में मौजूद अपने ग्राउंड स्टेशन से इसे ट्रैक किया। अब आदित्य एल-1 नए ऑर्बिट में 282 KM*40225 KM की दूरी पर है। इससे पहले रविवार को इसने पहली छलांग लगाई थी। अब इसरो की ओर से 5 दिन बाद आदित्य एल-1 को तीसरे ऑर्बिट में पहुंचाया जाएगा। आदित्य एल-1 आगामी 10 सितंबर को सुबह 2 बजकर 30 मिनट पर तीसरी कक्षा में प्रवेश करने की कोशिश करेगा।

15 लाख किमी की लंबी यात्रा के बाद आएगी मंजिल

आदित्य एल 1 18 सितंबर तक धरती के चारों तरफ चार बार अपनी ऑर्बिट बदलेगा। धरती के चारों तरफ ऑर्बिट इसलिए बदली जा रही है जिससे कि उसे इतनी रफ्तार मिल सके कि वह 15 लाख किमी लंबी यात्रा को पूरा कर सके। इस यात्रा के बाद आदित्य L1 पॉइंट पर पहुंच जाएगा, जो उसकी मंजिल है।

कब पहुंचेगा अपनी मंजिल तक?

जब आदित्य एल1 पृथ्वी के स्पेहर ऑफ इनफ्लूएंस यानी गुरुत्वीय बल के दायरे से बाहर हो जाएगा तब ट्रांस लेगरान्ज 1 इनसर्शन किया जाएगा यानी उसे सूर्य की ओर एल 1 प्वाइंट के लिए मोड़ दिया जाएगा। यहां से 116 दिनों की यात्रा के बाद आदित्य एल 1सेटेलाइट एल 1 पॉइंट पर पहुंच जाएगा। इस तरह कुल 128 दिन की यात्रा के बाद आदित्य एल 1 उपग्रह एल 1 प्वाइंट पर स्थापित हो जाएगा।

6 राज्यों की 7 सीटों पर उपचुनाव के लिए वोटिंग जारी, 2024 से पहले NDA और INDIA गठबंधन का लिटमस टेस्ट

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इस साल देश के विभिन्न राज्यों में होने वाले विधानसभा और 2024 में लोकसभा चुनाव से पहले 6 राज्यों की 7 विधानसभा सीटों पर आज मंगलवार को उपचुनाव आयोजित किए जा रहे हैं। बंगाल, केरल, झारखंड, उत्तराखंड और यूपी की 1-1 सीट और त्रिपुरा की 2 सीटों के लिए वोट डाले जा रहे हैं।

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कहां-कहां हो रहे चुनाव

उत्तर प्रदेश की घोसी सीट से लेकर उत्तराखंड की बागेश्वर, झारखंड की डुमरी, केरल की कुथुपल्ली, पश्चिमी बंगाल की धुपगुड़ी और त्रिपुरा की धानपुर और बाक्सनगर विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के लिए वोटिंग हो रही है, जिसके नतीजों का असर 2024 के चुनाव में पड़ेगा। ऐसे में ये चुनाव NDA और INDIA गठबंधन का लिटमस टेस्ट माना जा रहा है।

कहीं एनडीए से तो कहीं आपस में ही है मुकाबला

NDA और INDIA के बीच पहली चुनावी भिड़ंत के लिए यूपी के घोसी विधानसभा सीट पर बीजेपी की तरफ से दारा सिंह चौहान मैदान में हैं। वह हाल ही में सपा छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए हैं। सपा ने सुधाकर सिंह को टिकट दिया है। सुधाकर को कांग्रेस, सीपीएम, सीपीआई(एमएल) का भी समर्थन मिला हुआ है। विपक्षी गठबंधन झारखंड की डुमरी, त्रिपुरा की धनपुर और बॉक्सनगर और उत्तराखंड की बागेश्वर सीट पर भी संयुक्त रूप से मुकाबला कर रहा है।जबकि, उत्तराखंड की बागेश्वर विधानसभा सीट पर बीजेपी से पार्वती देवी उतरी हैं तो कांग्रेस से बसंत कुमार मैदान में हैं। सपा से भागवती प्रसाद किस्मत आजमा रहे हैं। सपा के चुनावी मैदान में उतरने से बागेश्वर सीट पर NDA बनाम INDIA के बीच मुकाबला होने के बजाय त्रिकोणीय लड़ाई बन गई। पश्चिम बंगाल के धूपगुड़ी और केरल के पुथुपल्ली में गठबंधन के घटक ही एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं। केरल की पुथुपल्ली विधानसभा सीट पर कांग्रेस नेतृत्व वाले यूडीएफ गठबंधन से पूर्व मुख्यमंत्री ओमन चांडी के बेटे चांडी ओमन मैदान में हैं तो लेफ्ट दलों के अगुआई वाले एलडीएफ गठबंधन से जैक सी थॉमस किस्मत आजमा रहे हैं। पश्चिम बंगाल की धुपगुड़ी विधानसभा सीट पर बीजेपी से तापसी रॉय मैदान में हैं। टीएमसी से राजवंशी समुदाय से आने वाले प्रोफेसर निर्मल चंद्र रॉय को उतार रखा है तो सीपीआई से ईश्वर चंद्र रॉय किस्मत आजमा रहे हैं। कांग्रेस उपचुनाव नहीं लड़ रही है।

इस तारीख को परिणाम

6 राज्यों की 7 विधानसभा सीटों पर आयोजित हो रहे उपचुनाव के लिए लोग सुबह से ही अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए पोलिंग बूथ पर जुट रहे हैं। बीते रविवार को चुनाव प्रचार अभिया समाप्त हुआ था। वहीं, इन सभी सीटों पर चुनाव के परिणामों की घोषणा 8 सितंबर, 2023 को की जाएगी। परिणाम आने के बाद ही पता चलेगा की उपचुनाव में किसका पल्ला भारी रहता है?

अमेरिका में टूथपेस्ट, डियो और चॉकलेट पर क्यों लगे ताले? वजह जानकर हो जाएंगे हैरान

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अमेरिका दुनिया की सबसे बड़ी इकॉनमी है। अमेरिका उन देशों में जहां की प्रति व्यक्ति आय दुनिया में सबसे ज्यादा है।बावजूद अमेरिका में इन दिनों रिटेल की प्रमुख शॉप्स पर रोजमर्रा के काम में आने वाली चीजों जैसे चॉकलेट, वॉशिंग पाउडर, टूथपेस्ट, डियोड्रेंट जैसी चीजों को लॉक करके रखा जा रहा है।इसकी वजह वहां बढ़ती महंगाई के बीच दुकानों में चोरी और शॉपलिफ्टिंग के मामलों में इजाफे को बताया जा रहा है।

अमेरिका जैसे अमीर देश में रिटेल स्टोर अपने यहां टूथपेस्ट, चॉकलेट, वाशिंग पाउडर और डिओडोरेंट जैसे रोजमर्रा के उत्पाद को ताले में बंद कर रहे हैं।दरअसल, अमेरिका में इन दिनों दुकानों में इतनी ज्यादा चोरियां होने लगी हैं कि अब ऐसी चीजों को भी ताले में रखा जा रहा है। खास वजह यह है कि 'कॉस्ट आफ लिविंग' यानी रहने खाने पर होने वाले खर्च के बढ़ने की वजह से लोग रिटेल शॉप्स से ऐसे सामानों की चोरी तक करने से बाज नहीं आ रह हैं। बढ़ती महंगाई का असर उपभोक्ताओं पर पड़ने लगा है। हाल में देश के कई हिस्सों में फ्लैश रॉब की घटनाएं बढ़ी हैं। इसमें बदमाशों के एक गिरोह दुकान में घुसता है और फटाफट सारा सामान लूटकर भाग जाता है।

प्रमुख रिटेल स्टोर चेन वॉलमार्ट और टारगेट, दवा स्टोर चेन सीवीएस और वालग्रीन्स के साथ-साथ होम इम्प्रूवमेंट फर्म होम डिपो और जूते बेचने वाली कंपनी फुट लॉकर, उन कंपनियों में शामिल हैं, जिन्होंने अपने स्टोर्स पर चोरी के बढ़ते मामलों को लेकर चिंता व्यक्त की है।

स्टोर्स में चोरी और हिंसा की घटनाएं बढ़ीं

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 12 अगस्त का लॉस एंजिलिस में मास्क लगाए 30 लोग एक दुकान में घुसे और वहां से करीब 300,00 डॉलर का सामान चुरा लिया। पुलिस के मुताबिक इन लोगों ने गार्ड पर बियर स्प्रे छिड़का और दुकान में घुस गए। उन्होंने दुकान से लग्जरी आइटम्स को चुराया। इसी तरह वॉलमार्ट और टारगेट को भी निशाना बनाया है। दवा की दुकानों को भी नहीं बख्शा गया है। सीवीएस और वॉलग्रीन्स जैसे ड्रगस्टोर्स में भी लूटपाट की वारदातें हुई हैं। होम इम्प्रूवमेंट फर्म होम डिपो और फुटवियर सेलर फुट लॉकर के स्टोर्स में भी चोरी और हिंसा की घटनाएं हुई हैं।

चोरी के कारण बंद हो रहे स्टोर

वालग्रीन्स ने चोरी के कारण 2021 में पांच सैन फ्रांसिस्को स्टोर बंद कर दिए, जबकि वॉलमार्ट ने इस साल चार शिकागो आउटलेट बंद कर दिए, आधिकारिक तौर पर लाभ में कमी के कारण। उन्होंने कहा, ‘इस साल कमी थोड़ी बढ़ी है। वॉलमार्ट के मुख्य वित्तीय अधिकारी जॉन रेनी ने कहा, हम नहीं चाहते कि यह स्पष्ट रूप से बढ़े क्योंकि इससे कीमतें बढ़ सकती हैं।

प्रज्ञान के बाद विक्रम भी आज से 18 दिन की नींद में सोया, इसरो ने बताया-कब जागेगी ये जोड़ी?

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भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने चांद पर प्रज्ञान को सुलाने के बाद आज विक्रम लैंडर को भी सुला दिया। 23 अगस्त को चंद्रमा पर सफल लैंडिंग के बाद आज विक्रम चांद पर 18 दिन की लंबी नींद में चला गया। नींद में जाने से पहले इसरो के वैज्ञानिकों ने आज सुबह चंद्रमा की सतह पर चंद्रयान-3 के ‘विक्रम’ लैंडर की एक बार फिर सॉफ्ट लैंडिंग कराई गई। इसरो ने बताया कि चंद्रयान-3 मिशन का ‘विक्रम’ लैंडर स्लीप मोड में चला गया है। इससे पहले रोवर ‘प्रज्ञान’ शनिवार को सुप्तावस्था में चला गया था। बता दें कि चांद पर अब रात हो गई है।

लैंडर के रिसीवर को रखा गया है चालू

इसरो ने 23 अगस्त को लैंड करने के बाद रोवर प्रज्ञान के निकलने के समय और आज की तस्वीर को भी शेयर किया। इसरो ने एक्स पर लिखा, विक्रम लैंडर भारतीय समयानुसार सुबह करीब आठ बजे सुप्तावस्था में चला गया। इससे पहले चास्ते, रंभा-एलपी और इलसा पेलोड द्वारा नये स्थान पर यथावत प्रयोग किये गये। जो आंकड़े संग्रहित किये गये, उन्हें पृथ्वी पर भेजा गया। पेलोड को बंद कर दिया गया और लैंडर के रिसीवर को चालू रखा गया है। इसके साथ ही इसरो ने बताया कि सौर ऊर्जा खत्म हो जाने और बैटरी से भी ऊर्जा मिलना बंद हो जाने पर विक्रम प्रज्ञान के पास ही निष्क्रिय अवस्था में चला जाएगा। उनके 22 सितंबर, 2023 के आसपास सक्रिय होने की उम्मीद है।

विक्रम ने चांद रपर दोबारा लैंडिंग

स्लीप मोड में जाने से पहले विक्रम में चांद पर फिर सॉफ्ट लैंडिंग की थी। इसरो ने बताया कि लैंडर के इंजनों को दोबारा चालु किया गया और इसके बाद उसने खुद को लगभग 40 सेमी ऊपर उछाला और 30-40 सेमी के बाद सुरक्षित रूप से लैंड करा दिया। दोबारा सॉफ्ट लैंडिंग से यह साबित हो गया कि लैंडर के अंदर लगे सभी उपकरण बिलकुल ठीक हैं और सभी सक्रिय हैं।

23 अगस्त को हुई थी लॉन्चिंग

बता दें कि 14 जुलाई को चंद्रयान-3 लॉन्च किया गया था। इसरो के वैज्ञानिकों ने 23 अगस्त शाम 6 बजकर 3 मिनट पर चांद के सतर पर सॉफ्ट लैंडिंग कर इतिहास रच दिया था। लैंडर विक्रम के चांद पर उतरने के करीब चार घंटे बाद रोवर प्रज्ञान ने चांद पर कदम रखा था। जिसके बाद रोवर प्रज्ञान और लैंडर विक्रम ने अब तक का काम पूरा कर लिया है। रोवर की ओर से धरती पर अब तक जो भी जानकारी भेजी गई है उस पर अध्ययन किया जा रहा है। बता दें कि रोवर प्रज्ञान ने ऑक्सीजन के साथ-साथ चांद के दक्षिणी ध्रुव पर एल्युमिनियम, आयरन, टाइटेनियम, कैल्शियम, मैगनीज, सिलिकॉल और सल्फर का पता लगाया है। इस खोज के साथ ही भारत दुनिया का पहला देश है जिसने चांद के दक्षिणी ध्रुव पर ऑक्सीजन के सबूत दिए हैं। इसरो का अगला पड़ाव चांद के इस हिस्से में जीवन के सबूत खोजना है।

इस होटल में ठहरेंगे अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन, एक रात का किराया सुनकर उड़ जाएंगे होश

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दिल्ली में 9 और 10 सितंबर के बीच आयोजित होने वाले 18वें जी 20 की शिखर सम्मेलन की तैयारी अब अपने अंतिम चरण में है। इस सम्मेलन में शामिल होने के लिए दुनियाभर के सबसे ताकतवर देशों के नेता, राजनयिक और उनके प्रतिनिधि दिल्ली में मौजूद रहेंगे। जी20 शिखर सम्मेलन में दुनिया के सबसे ताकतवर देश अमेरिका का रष्ट्रपति जो बाइडन बी शामिल होने आ रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन एयरफोर्स-वन में सवार होकर 8 सितंबर की तड़के करीब 3:30 बजे पालम एयरपोर्ट के टेक्निकल एरिया में लैंड कर जाएंगे। यहां से वे सीधे अपनी कार द बीस्ट में सवार होकर आईटीसी मौर्या होटल जाएंगे। जहां इनके स्वागत के लिए होटल की 14वीं मंजिल पर बने महलनुमा ग्रैंड प्रेजिडेंशियल चाणक्य सुइट को सजाया जाना शुरू कर दिया गया है।

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4वें फ्लोर पर ठहरेंगे बाइडन, तैयार हो रही स्पेशल लिफ्ट

इंडिया टुडे में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन और उनकी पूरी अमेरिकन सिक्रेट सर्विस आईटीसी मौर्या में रुकेगी। यहां के 400 कमरों को बुक कर लिया गया है। जबकि, जो बाइडेन को लेकर कहा जा रहा है कि वो इस होटल के 14वें फ्लोर पर ठहरेंगे। सबसे बड़ी बात कि इस फ्लोर पर जाने के लिए एक स्पेशल लिफ्ट भी तैयार की गई है।

वाइडेन जिस सुइट में रूकेंगे उसका किराया है इतना

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन और उनके प्रतिनिधि जिस आईटीसी मौर्या होटल में रूकेंगे वो भारत का सबसे टॉप और महंगे होटलों में से एक है। दिल्ली के आईटीसी मौर्या ज्यादातर विदेशी और वीवीआईपी मेहमान ही ठहरते हैं। इस होटल में कमरों के हिसाब से किराया अलग अलग है। अमेरिकी राष्ट्रपति जिस सुइट ठहरेंगे उसका सबसे ज्यादा किराया है। बताया जाता है कि 4600 स्क्वायर फीट में फैले इस सुइट में एक रात ठहरने का किराया करीब 8 से 10 लाख रुपया है।

बाइडेन प्लेटर की भी तैयारी

वास्तु को ध्यान में रखते हुए बनाए गए इस सुइट को सोने-चांदी से बने फ्लावर पॉट और शानदार पेंटिंग से सजाया जा रहा है। इसमें बाइडेन तीन दिनों तक स्टे करेंगे। आईटीसी मौर्या अमेरिकी प्रेजिडेंट के वेलकम के लिए कोई कमी नहीं छोड़ रहा है।खाने-पीने के लिए देश के बेस्ट शेफ का यहां इंतजाम किया गया है। जो अमेरिकी राष्ट्रपति के टेस्ट के मुताबिक लजीज खाना तैयार करेंगे। हालांकि, सूत्रों का यह भी कहना है कि बाइडेन का निजी शेफ भी उनके साथ यहां उपलब्ध होगा। लेकिन, होटल मैनेजमेंट अपने स्तर पर अमेरिकी राष्ट्रपति के खाने-पीने के लिए खास इंतजाम कर रहा है। जिसमें खासतौर से बाइडेन प्लेटर की भी तैयारी की जा रही है।

जी-20 समिट में हिस्सा लेने भारत नहीं आएंगे शी जिनपिंग, पीएम कियांग करेंगे देश का प्रतिनिधित्व

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चीन ने आधिकारिक रूप से स्पष्ट कर दिया है कि जी-20 नई दिल्ली शिखर सम्मेलन में राष्ट्रपति शी जिनपिंग हिस्सा नहीं लेंगे। जिनपिंग की जगह प्रधानमंत्री ली कियांग जी 20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने दिल्ली आएंगे। जी-20 शिखर सम्मेलन 9-10 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा। यह 18वां जी-20 शिखर सम्मेलन होगा।

पीटीआई के मुताबिक चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माओ निंग ने एक संक्षिप्त बयान में कहा भारत गणराज्य की सरकार के निमंत्रण पर, राज्य परिषद के प्रधान मंत्री ली कियांग 9 और 10 सितंबर को नई दिल्ली, भारत में आयोजित होने वाले 18वें जी20 शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे।प्रवक्ता माओ ने भारत की मेजबानी में पहली बार आयोजित हो रहे इस उच्च स्तरीय शिखर सम्मेलन से शी की अनुपस्थिति का कोई कारण नहीं बताया

ली आसियान में भी चीन का प्रतिनिधित्व करेंगे

जी-20 के विशेष सचिव मुक्तेश परदेशी ने एक दिन पहले कहा था कि जिनपिंग की भारत यात्रा को लेकर चीन ने फिलहाल कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।राष्ट्रपति शी इस सप्ताह जकार्ता में आसियान (दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के संघ) और पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में भी शामिल नहीं होंगे। प्रधानमंत्री ली इंडोनेशिया में आसियान शिखर सम्मेलन में चीन का प्रतिनिधित्व करेंगे।

पुतिन भी जी-20 समिट में नहीं होंगे शामिल

इससे पहले रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन इस सम्मेलन में हिस्सा लेने से मना कर चुके हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन बातचीत के दौरान पुतिन ने कहा था कि वह किसी कारणवश इस सम्मेलन में भाग लेने के लिए भारत नहीं आ सकेंगे।

जिनपिंग के भारत नहीं आने बाइडेन निराश

जो बाइडन ने कहा कि वह इस सप्ताह भारत की यात्रा करने को लेकर उत्सुक हैं, लेकिन उन्हें निराशा है कि उनके चीनी समकक्ष शी जिनपिंग नई दिल्ली में आयोजित होने वाले जी20 शिखर सम्मेलन में हिस्सा नहीं लेंगे। व्हाइट हाउस ने बीते शुक्रवार को घोषणा की थी कि बाइडन जी20 शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए सात सितंबर को भारत जाएंगे और आठ सितंबर को वह इस ऐतिहासिक कार्यक्रम से इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे।

भारत में जुट रहे हैं दुनियाभर के दिग्गज

बता दें कि भारत 9-10 सितंबर तक राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में जी-20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा। इस सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए विश्व के कई बड़े नेता शामिल होंगे। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन, फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीस, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक, जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा और ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा सहित कई देशों ने राष्ट्राध्यक्ष इस सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए भारत आने की पुष्टि कर दी है।

*उदयनिधि स्टालिन के समर्थन में आए कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे के बेटे प्रियंक! कहा-जो धर्म किसी से इंसानों जैसा व्यवहार नहीं करता वह बीमारी के समान

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तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन के बेटे उदयनिधि स्टालिन द्वारा सनातन धर्म को लेकर दिए गए विवादित बयान पर विवाद बढ़ता ही जा रहा है। वहीं, अब कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बेटे और कर्नाटक सरकार में मंत्री प्रियंक खरगे ने इशारों-इशारों में उदय स्टालिन का समर्थन कर दिया है।प्रियंक खड़गे ने कहा है कि जो धर्म किसी के साथ इंसान जैसा व्यवहार नहीं करता, वो बीमारी से कम नहीं है। हालांकि, खरगे ने किसी धर्म का नाम नहीं लिया।

क्या बोले प्रियंक खरगे?

दरअसल, प्रियांक खरगे से उदयनिधि स्टालिन के विवादित बयान को लेकर सवाल किया गया था. जिसका जवाब देते हुए उन्होंने कहा, ‘’जो भी धर्म बराबरी को बढ़ावा नहीं देता और आपको मानव के तौर पर सम्मान नहीं देता, वह धर्म नहीं है। जो भी धर्म बराबरी का अधिकार नहीं देता है और आपके साथ इंसान जैसा व्यवहार नहीं करता है वो बीमारी से कम नहीं है।''

क्या कहा था उदयनिधि स्टालिन ने?

बता दें कि डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन ने हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान अपने बयान में कहा कि 'कुछ ऐसी चीजें होती हैं, जिनका विरोध करना काफी नहीं होता, हमें उन्हें मिटाना ही होगा। मच्छर, डेंगू बुखार, मलेरिया, कोरोना, ये ऐसी चीजें हैं जिनका हम केवल विरोध नहीं कर सकते बल्कि हमें इन्हें मिटाना होगा। सनातन भी ऐसा ही है।

बीजेपी हुई हमलावर

उदयनिधि स्टालिन के इस बयान के बाद उनकी तीखी आलोचना शुरू हो गई। भाजपा ने भी स्टालिन को आड़े हाथों ले लिया और विपक्षी गठबंधन को भी जमकर कोसा। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा, हिंदुओं को मिटाने का ख्वाब रखने वाले कितने ही राख हो गए। घमंडिया गठबंधन के घमंडियो, तुम और तुम्हारे मित्र रहें न रहें, सनातन था, सनातन है और सनातन रहेगा। केंद्रीय मंत्री ने सवाल किया, आखिर इनकी मंशा और मानसिकता क्या है? ये राजनीति के लिए इतना नीचे गिर जाएंगे कि सनातन धर्म को खत्म करने की बात करेंगे। हिंदुओं को कुचलने की बात करेंगे। हिंदू आतंकवाद की बात कहेंगे। ये दिखाता है कि ये ध्रुवीकरण करके राजनीतिक लाभ उठाना चाहते हैं, लेकिन देश की जनता इनका असली चेहरा जानती है, इनको सही जगह पहुंचाएगी।

उदयनिधि स्टालिन के समर्थन में आए कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे के बेटे प्रियंक! कहा-जो धर्म किसी से इंसानों जैसा व्यवहार नहीं करता वह बीमारी के समान

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तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन के बेटे उदयनिधि स्टालिन द्वारा सनातन धर्म को लेकर दिए गए विवादित बयान पर विवाद बढ़ता ही जा रहा है। वहीं, अब कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बेटे और कर्नाटक सरकार में मंत्री प्रियंक खरगे ने इशारों-इशारों में उदय स्टालिन का समर्थन कर दिया है।प्रियंक खड़गे ने कहा है कि जो धर्म किसी के साथ इंसान जैसा व्यवहार नहीं करता, वो बीमारी से कम नहीं है। हालांकि, खरगे ने किसी धर्म का नाम नहीं लिया।

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क्या बोले प्रियंक खरगे?

दरअसल, प्रियांक खरगे से उदयनिधि स्टालिन के विवादित बयान को लेकर सवाल किया गया था. जिसका जवाब देते हुए उन्होंने कहा, ‘’जो भी धर्म बराबरी को बढ़ावा नहीं देता और आपको मानव के तौर पर सम्मान नहीं देता, वह धर्म नहीं है। जो भी धर्म बराबरी का अधिकार नहीं देता है और आपके साथ इंसान जैसा व्यवहार नहीं करता है वो बीमारी से कम नहीं है।''

क्या कहा था उदयनिधि स्टालिन ने?

बता दें कि डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन ने हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान अपने बयान में कहा कि 'कुछ ऐसी चीजें होती हैं, जिनका विरोध करना काफी नहीं होता, हमें उन्हें मिटाना ही होगा। मच्छर, डेंगू बुखार, मलेरिया, कोरोना, ये ऐसी चीजें हैं जिनका हम केवल विरोध नहीं कर सकते बल्कि हमें इन्हें मिटाना होगा। सनातन भी ऐसा ही है।

बीजेपी हुई हमलावर

उदयनिधि स्टालिन के इस बयान के बाद उनकी तीखी आलोचना शुरू हो गई। भाजपा ने भी स्टालिन को आड़े हाथों ले लिया और विपक्षी गठबंधन को भी जमकर कोसा। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा, हिंदुओं को मिटाने का ख्वाब रखने वाले कितने ही राख हो गए। घमंडिया गठबंधन के घमंडियो, तुम और तुम्हारे मित्र रहें न रहें, सनातन था, सनातन है और सनातन रहेगा। केंद्रीय मंत्री ने सवाल किया, आखिर इनकी मंशा और मानसिकता क्या है? ये राजनीति के लिए इतना नीचे गिर जाएंगे कि सनातन धर्म को खत्म करने की बात करेंगे। हिंदुओं को कुचलने की बात करेंगे। हिंदू आतंकवाद की बात कहेंगे। ये दिखाता है कि ये ध्रुवीकरण करके राजनीतिक लाभ उठाना चाहते हैं, लेकिन देश की जनता इनका असली चेहरा जानती है, इनको सही जगह पहुंचाएगी।

देश के प्रसिद्ध वकील और पूर्व सॉलिसिटर जनरल हरीश साल्वे 68 की उम्र में फिर बने दुल्ला, जानें तीसरी बार किससे रचाई शादी

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देश के टॉप वकील और पूर्व सॉलिसिटर जनरल हरीश साल्वे ने तीसरी बार शादी कर ली है। 68 की उम्र में साल्वे ने तीसरी बार रविवार को लंदन में शादी की है। साल्वे ने हाल ही में लंदन में एक संपन्न विवाह समारोह में ट्रिना से शादी की है। इस शादी में नीता अंबानी, ललित मोदी समेत कई हस्तियां शामिल हुईं। इससे पहले हरीश साल्वे ने साल 2020 में कैरोलिन ब्रोसार्ड से दूसरी शादी की थी, जो कि पेशे से एक आर्टिस्ट हैं।

पहली पत्नी से हैं दो बच्चियां

हरीश साल्वे अपनी पहली पत्नी मीनाक्षी से साल 2020 में अलग हो गए थे। उनकी पहली पत्नी मीनाक्षी से उनका रिश्ता 38 साल तक चला था। जून 2020 में दोनों का तलाक हो गया था।उनकी दो बेटियां- साक्षी और सानिया हैं। मीनाक्षी से अलग होने के कुछ ही महीनों बाद उन्होंने कैरोलिन से दूसरी शादी की थी। कैरोलिन की भी यह दूसरी शादी थी। कैरोलिन से शादी करने से पहले हरीश साल्वे ने ईसाई धर्म अपना लिया था। अब तीन साल से भी कम समय में हरीश साल्वे ने तीसरी बार शादी की है। उनकी तीसरी पत्नी का नाम ट्रिना है।

देश के सबसे महंगे वकीलों में होती है गिनती

मालूम हो कि हरीश साल्वे की गिनती देश के सबसे महंगे वकीलों में की जाती है। उन्होंने एलएलबी की पढ़ाई नागपुर विश्वविद्यालय से की थी। 1992 में उन्हें दिल्ली हाईकोर्ट में वरिष्ठ वकील नियुक्त किया गया था। साल्वे ने नवंबर 1999 से नवंबर 2002 तक भारत के सॉलिसिटर जनरल के रूप में भी काम किया था।

इन केसों के लिए जाने जाते हैं साल्वे

साल्वे को सुप्रीम कोर्ट में एंटी-डंपिंग मामले की पैरवी और सलमान खान के हिट-एंड-रन केस में पैरवी करने के लिए भी जाना जाता है। साल्वे ने पाकिस्तान की जेल में बंद कुलभूषण यादव का केस भी लड़ा था जिसमें उन्होंने केवल एक रुपये की फीस ली थी। हाल ही में उन्हें वन नेशन-वन इलेक्शन कमेटी के लिए गठित कमेटी का सदस्य भी बनाया गया है।

साल्वे ने 2003 में अंतरराष्ट्रीय मामलों की पैरवी शुरू की थी। इसके बाद वह लंदन में ही रहने लगे। वह 2013 में इंग्लिश बार नियुक्त हुए और इसी साल क्वींस काउंसिल नियुक्त हुए। इतना ही नहीं साल्वे वोडाफोन, मुकेश अंबानी, रतन टाटा और बड़ी हस्तियों के केस भी लड़ चुके हैं। साल्वे लंदन में रहते हैं और वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए ही भारत में वकालत करते हैं।