खालिस्तानी आतंकी पन्नू ने अमित शाह और एस जयशंकर को किया टारगेट, रखा 1.25 लाख डॉलर का इनाम

#khalistani_terrorist_pannu_kept_reward_for_giving_information_about_amit_shah_s_jaishankar_visit

Image 2Image 3

आतंकी संगठन सिख फॉर जस्टिस का मुखिया खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने एक बार फिर भारत को धमकी दी है।गुरपतवंत सिंह पन्नू का एक पोस्टरसामने आया है, जिसके जरिए उसने भारत के गृहमंत्री अमित शाह और विदेश मंत्री एस जयशंकर को टारगेट करने की कोशिश की है। पन्नू ने खालिस्तान समर्थक आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के लिए उकसाने और साजिश रचने के लिए शाह और जयशंकर को जिम्मेदार ठहरा रहा है। साथ ही उसने अमित शाह विदेश मंत्री एस जयशंकर और कनाडा में भारतीय उच्चायुक्त संजय कुमार वर्मा की विदेश यात्रा के बारे में जानकारी देने वाले को 125000 अमेरिकी डॉलर का इनाम देने का ऐलान किया है।

पन्नू ने कहा है कि सिख अभी तक हथियार उठाना भूले नहीं हैं। पन्नू ने कनाडा में मारे गए आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के लिए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस जयशंकर और कनाडा में हाई कमिशनर संजय वर्मा को दोषी ठहराया है।पन्नू ने अमित शाह, एस जयशंकर और संजय वर्मा की फोटो लगाकर एक और पोस्टर जारी किया है। पोस्टर पर निज्जर की फोटो के नीचे तीनों की फोटो लगाकर वांटेड लिखा है। पन्नू ने कहा है कि इनकी सूचना देने वाले को 1.25 लाख डॉलर इनाम दिया जाएगा। साथ ही धमकी दी है कि यह तीनों खालिस्तानियों के निशाने पर हैं। उसने कहा कि गोली का जवाब गोली से दिया जाएगा।

निज्जर की हत्या के बाद जहर उगल रहे अलगाववादी

बता दें कि कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत में हरदीप सिंह निज्जर की हत्या हुई थी। इसके बाद भारत सरकार को लेकर सिख अलगावादी जहर उगल रहे हैं। निज्जर की हत्या के बाद खालिस्तान समर्थकों ने टोरंटो, लंदन, मेलबर्न और सैन फ्रांसिस्को समेत कई शहरों में विरोध प्रदर्शन किया. इस दौरान खालिस्तानी समर्थकों ने भारत सरकार के खिलाफ नारे लगाए।खालिस्तानी संगठन एसएफजे ने कनाडा स्थित सिख कट्टरपंथियों से 15 अगस्त को ओटावा, टोरंटो और वैंकूवर में भारतीय राजनयिक परिसरों की घेराबंदी करने का आह्वान किया है और 10 सितंबर को वैंकूवर में तथाकथित सिख जनमत संग्रह की भी घोषणा की है।

अलर्ट पर हैं एजेंसियां

गृहमंत्री अमित शाह और विदेश मंत्री एस जयशंकर की जानकारी देने पर इनाम की घोषणा के बाद खुफिया एजेंसी और तमाम एजेंसियां अलर्ट पर हैं। खालिस्तान समर्थक आतंकियों की हर हरकत पर नजर रखी जा रही है। इसे भारतीय नेताओं के लिए खुली धमकी के तौर पर देखा जा रहा है। विदेश मंत्री एस जयशंकर अक्सर विदेश यात्रा पर रहते हैं, वहीं अमित शाह आमतौर पर विदेश यात्रा नहीं करते हैं।

सिंधिया के गढ़ ग्वालियर में प्रियंका ने भरी हुंकार, कहा-इस बार मामाजी की भ्रष्ट सरकार बदलने वाली है

#priyanaka_gandhi_janakrosh_rally_gwalior

मध्यप्रदेश में इसी साल विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं। जाहिर है ऐ में राजनीतिक दलों ने अपनी जमीन तैयार करनी शुरू कर दी है। इसी क्रम में कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी आज केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के गढ़ यानी ग्वालियर जिले के दौरे पर हैं। यहां प्रियंका गांधी ने जनआक्रोश रैली को संबोधित किया।इस दौरान प्रियंका गांधी ने जमकर बीजेपी और मोदी सरकार पर हमला बोला।

Image 2Image 3

प्रियंका गांधी ने मेला ग्राउंड में आयोजित जन आक्रोश रैली को संबोधित करते हुए कहा कि मैं ग्वालियर आ रही थी तो भाइयों-बहनों ने मुझे मुद्दे भेजे। मैं जब उन्हें पढ़ रही थी तो मुझे लगा ज्यादातर नकारात्मक बातें थी। आज सिर्फ राजनीति आरोप और प्रत्यारोप में फंस गई है। क्या हम इससे आगे बढ़कर कुछ बातें कर सकते हैं।प्रियंका गांधी ने कहा कि मैं अपने भाषण में 10 मिनट पीएम की आलोचना कर सकती हूं। मैं 10 मिनट शिवराज जी की आलोचना कर सकती हूं। मैं 10 मिनट सिंधिया पर बोल सकती हूं। लेकिन मैं यहां आपकी समस्याओं की बात करने आई हूं।

मणिपुर हिंसा पर पीएम को घेरा

प्रियंका ने जन आक्रोश रैली को संबोधित करते हुए कहा कि मणिपुर में महिलाओं के साथ अत्याचार हो रहा है। बच्चों के सिर पर छत नहीं है। 77 दिन में पीएम ने एक लफ्ज नहीं कहा। कल मजबूरी में जब एक भयावह वीडियो वायरल हुआ तो बयान दिया और उसमें भी राजनीति घोल दी और उन राज्यों का नाम ले लिया, जिनमें विपक्ष की सरकार है। मैं भी 10 मिनट पीएम की आलोचना कर सकती हूं, 10 मिनट सिंधिया जी के बारे में बोल सकती हूं कि कैसे उनकी विचारधारा पलट गई। लेकिन मैं आज आपके बारे में बात करने आई हू्ं। आज मैं महंगाई पर बात करने आई हूं।

इस बार मामाजी की भ्रष्ट सरकार बदलने वाली है-प्रियंका गांधी

प्रियंका गांधी ने बीजेपी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि ग्वालियर-चंबल के लोग इस बार मामाजी की भ्रष्ट सरकार बदलने वाली है। बीजेपी जाने वाली और कांग्रेस आने वाली है।प्रियंका गांधी ने छत्तीसगढ़ सरकार की उपलब्धियां गिनाई हैं। हिमाचल में हम अपना वादा पूरा कर रहे हैं। मध्यप्रदेश में भी इस बार बदलाव की लहर है। प्रियंका गांधी ने कहा कि प्रचंड बहुमत से इस बार आपलोग कांग्रेस की सरकार बनाइए। आप ऐसी सरकार बनाइए, जिसे न खरीदी जा सके और न गिराई जा सके।

जनता का ध्यान भटकाने नहीं आई-प्रियंका गांधी

प्रियंका गांधी ने कहा कि मैं यहां किसी की बुराई करने या जनता का ध्यान भटकाने नहीं आई हूं। महंगाई का मुद्दा है। मैं उस पर बात करने आई हूं। आपकी छत टपक रही है, मरम्मत महंगी हो गई है, स्कूलों की फीस, छाता खरीदना महंगा हो गया है। महंगाई आपके जीवन पर बोझ बन गई है। आप किस तरह गुजारा कर रही हैं, मैं समझ नहीं पा रही हूं।गैस सिलेंडर में गैस भरना मुश्किल हो गया है।दवाई कहां से लाऊं, ये सोचना पड़ता है। नेताओं को बताना पडे़गा कि महंगाई क्यों हैं।पूरी संपत्ति एक या दो ही व्यापारियों के पास क्यों है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जिस उद्योगपति को सारी संपत्ति सौंप दी है, वह एक दिन में 16 सौ करोड़ रुपये कमा रहा है। वहीं हमारा किसान एक दिन में 27 रुपये भी नहीं कमा पा रहा है।

कांग्रेस आपके लिए कुछ वादे और कुछ गारंटी लाई है-प्रियंका गांधी

कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि कांग्रेस आपके लिए कुछ वादे और कुछ गारंटी लाई है। हमारी जहां सरकार है, वहां हमने जो गारंटी दी वो निभाई जा रही है। चाहे आप कर्नाटक, राजस्थान में देखें तो जो वादे किए थे वो निभाए जा रहे हैं। राजस्थान, छत्तीसगढ़, हिमाचल में पुरानी पेंशन स्कीम लागू है। जब आप सरकारी नौकरी लेने जाते हैं तो उसकी सबसे बड़ी बात क्या होती है, जीवन के लिए सुरक्षा, आपको पेंशन मिलेगी। लेकिन आज सरकारी कर्मचारियों को आज पेंशन नहीं मिलती। जहां कांग्रेस की सरकार है वहां पुरानी पेंशन लागू है। पुरानी पेंशन यहां भी लागू होगी। मेरी बहनों के खाते में सीधे 1500 रुपये डाले जाएंगे। गैस का सिलेंडर 500 रुपये में दिया जाएगा। 100 यूनिट बिजली मुफ्त में मिलेगा। 200 यूनिट बिजली आधे दाम पर मिलेगा। किसानों के कर्ज माफी का काम सरकार बनने पर पूरा किया जाएगा।

मोदी सरनेम केस: राहुल गांधी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात सरकार और पूर्णेश मोदी को जारी किया नोटिस

#modi_surname_case_supreme_court_hearing_on_rahul_gandhi_petition

Image 2Image 3

सुप्रीम कोर्ट मोदी सरनेम टिप्पणी से जुड़े मानहानि मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी की याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई हुई। जस्टिस गवई की पीठ ने पूर्णेश मोदी और गुजरात सरकार को नोटिस जारी किया है। अगली सुनवाई 4 अगस्त को होगी।

अगली सुनवाई 4 अगस्त को तय

कोर्ट में राहुल गांधी का पक्ष रखते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने अनुरोध किया कि सजा के फैसले पर या तो रोक लगाई जाए या फिर जल्द सुनवाई हो। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बिना सुनवाई के सजा के फैसले पर रोक नहीं लगा सकते हैं। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट की तरफ से यह नोटिस जारी किया गया।कोर्ट ने शिकायतकर्ता और गुजरात भाजपा विधायक पूर्णेश मोदी को भी नोटिस जारी किया और उनकी दोषसिद्धि पर रोक लगाने के मामले की सुनवाई 4 अगस्त को तय की।

हाईकोर्ट के फैसले को दी चुनौती

दरअसल, गुजरात हाईकोर्ट ने 7 जुलाई को राहुल की सजा पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका खारिज की थी। कांग्रेस नेता ने हाई कोर्ट के इस फैसले को शीर्ष अदालत ने चुनौती दी है।राहुल गांधी ने 15 जुलाई को मामले की अर्जेंट सुनवाई की याचिका लगाई थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने 18 जुलाई को स्वीकार कर लिया था और 21 जुलाई को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया था।

सूरत कोर्ट ने सुनाई थी दो साल की सजा

सूरत अदालत ने ‘मोदी सरनेम’ केस में 23 मार्च को राहुल गांधी को दो साल की सजा सुनाई थी। सजा के खिलाफ राहुल गांधी ने गुजरात हाई कोर्ट में अपील की थी, जहां कोर्ट ने सूरत कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा था। अब सजा पर रोक की मांग को लेकर राहुल गांधी सुप्रीम कोर्ट पहुंचे हैं।

मणिपुर वीडियो पर आज भी संसद में बवाल, विपक्ष के हंगामा के बीच राजनाथ सिंह ने कहा-सरकार चर्चा के लिए तैयार, कुछ दल नहीं चाहते सदन चले

#sansad_monsoon_satra_2023 

Image 2Image 3

लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होते ही संसद में विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया है। मणिपुर मुद्दे पर भारी हंगामे की वजह से लोकसभा के बाद राज्यसभा की कार्यवाही भी स्थगित कर दी गई। उच्च सदन की कार्यवाही दोपहर ढाई बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है।लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही जबरदस्त हंगामा शुरू हो गया और स्पीकर ओम बिरला के बार-बार कहने पर भी विपक्ष की तरफ से शोर-शराबा कम नहीं हुआ। हंगामे को देखते हुए स्पीकर ने लोकसभा की कार्यवाही 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

राजनाथ सिंह ने कहा- कुछ दल सदन नहीं चलने देना चाहते

विपक्ष ने लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने भारी हंगामा शुरू कर दिया। विपक्ष ने मांग की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सदन में मणिपुर मुद्दे पर बयान दें। नारेबाजी और शोरशराबे के बीच राजनाथ सिंह ने कहा कि सरकर मामले की गंभीरता को समझती है। हम चर्चा के लिए तैयार हैं। कुछ राजनीतिक दल चर्चा नहीं करना चाहते, इसलिए वे ऐसा बर्ताव कर रहे हैं। इसके बाद ओम बिरला ने भी हंगामे पर नाराजगी जताते हुए कहा कि नारेबाजी से समस्या का समाधान नहीं होगा। इसके बाद स्पीकर ने लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

देश चाहता है पीएम संसद में बयान दें- खरगे

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मणिपुर में महिलाओं के बर्बरता वाले वीडियो को लेकर फिर पीएम की आलोचना की है। खरगे ने कहा कि पीएम संसद के बाहर बयानबाजी कर रहे हैं लेकिन संसद में नहीं बोल रहे हैं। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि देश चाहता है प्रधानमंत्री संसद में बयान दें। खरगे ने कहा कि यदि पीएम इतने क्रोधित हैं तो उन्हें मणिपुर के सीएम से इस्तीफा लेना चाहिए।

सऊदी अरब और यूएई के बीच टकराव के हालात, जानें क्या है पूरा मामला

#mohammed_bin_salman_threatened_uae

Image 2Image 3

सऊदी अरब और युनाइटेड अरब अमीरात के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो रही है। दोनों देशों के बीच क्षेत्रीय नीतियों को लेकर जारी मतभेद किसी से छुपा नहीं है। इस बीच आई एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने पिछले साल दिसंबर में यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान को धमकी दी थी।

अमेरिकी अखबार वॉल स्ट्रीट जरनल का दावा है कि एमबीएस ने स्थानीय पत्रकारों से गुप्त बातचीत में यूएई को खुली धमकी दी। पत्रकारों से कहा कि उन्होंने यूएई को मांगों की एक लिस्ट भेजी है। चेतावनी दी है कि अगर वे किंगडम के लिए मुसीबत बनेंगे तो वह कड़ी कार्रवाई करेंगे। प्रिंस ने कहा कि “यह उससे भी बदतर होगा जो मैंने कतर के साथ किया। 

वॉल स्‍ट्रीट जनरल की रिपोर्ट के मुताबिक सऊदी प्रिंस ने बातचीत में यहां तक आरोप लगा दिया था कि दशकों से हमारे सहयोगी दोस्‍त देश यूएई ने हमारी पीठ में छुरा घोपा है। इसके बाद सऊदी प्रिंस ने लंबे समय तक अपने 'गुरु' रहे शेख मोहम्‍मद से खुद को अलग कर लिया और अब दोनों के बीच खाड़ी देशों में वर्चस्‍व की जंग चल रही है।

अमेरिका की भूमिका कम होने के बाद बढ़ा तनाव

रिपोर्ट के मुताबिक दोनों शाही परिवारों में अब पश्चिम एशिया में अपना दबदबा कायम करने के लिए रंजिश शुरू हो गई है जहां अब अमेरिका की भूमिका कम हो रही है। मोहम्‍मद बिन सलमान हों या शेख मोहम्‍मद दोनों ही बहुत महत्‍वाकांक्षी रहे हैं और हमेशा से ही खाड़ी देशों के प्रमुख खिलाड़ी बनने की तमन्‍ना रखते रहे हैं।

पिछले 6 महीने से ज्‍यादा समय से दोनों के बीच बातचीत नहीं

अमेरिकी अखबार ने दोनों नेताओं के करीबी लोगों के हवाले से बताया कि एक समय में एमबीएस और 62वर्षीय एमबीजेड के बीच बहुत करीबी संबंध थे लेकिन अब पिछले 6 महीने से ज्‍यादा समय से दोनों के बीच बातचीत नहीं हुई है। अब उनका निजी विवाद सार्वजनिक हो गया है। यूएई और सऊदी अरब के बीच यमन के युद्ध को लेकर मतभेद है। वहीं यूएई इस बात से हताश है कि सऊदी अरब तेल के दाम बढ़ाने के लिए दबाव डाल रहा है जिससे ओपेक के अंदर भी दरार पड़ती जा रही है।

गल्फ का सुपर पावर बनने की जंग?

गल्फ की इन दो बड़ी अर्थव्यवस्था वाले देशों ने कभी साथ में लड़ाई लड़ी है। यमन में 2014 से दोनों साथ थे। दोनों ने अमेरिका के साथ ईरान के न्यूक्लियर डील का एक स्वर में विरोध किया और कतर को काबू करने में भी दोनों देश साथ रहे। अब हालात ये हैं कि दोनों ने ही एक-दूसरे के खिलाफ तलवार निकाल ली है।सऊदी अरब और युनाइटेड अरब अमीरात के बीच असल लड़ाई इस बात की है कि आखिर गल्फ का सुपर पावर कौन बनेगा? गल्फ को-ऑपरेशन काउंसिल में किसका प्रभाव होगा? अपनी अर्थव्यवस्था और विदेश नीति के जरिए गल्फ को दुनिया के पटल पर कौन रखेगा?

लोकसभा और राज्यसभा में स्थगन प्रस्ताव का नोटिस, मणिपुर हिंसा को लेकर दूसरे दिन भी हंगामे के आसार

#parliament_monsoon_session_day_2

संसद के मानसून सत्र के पहले दिन की कार्यवाही मणिपुर हिंसा पर विपक्ष के हंगामे की भेंट चढ़ गई। राज्य में हिंसा व महिलाओं को निर्वस्त्र कर परेड कराने के मामले पर नाराज विपक्ष ने संसद के दोनों सदनों में जमकर हंगामा किया।आज भी इस मुद्दे पर हंगामे की पूरी आशंका है। दरअसल, विपक्षी दलों ने संसद के दोनों सदनों में मणिपुर हिंसा पर चर्चा करने के लिए नोटिस दिया है

Image 2Image 3

मानसून सत्र के दूसरे दिन शनिवार को कांग्रेस के सांसद मनिकैम टैगोर, मनीष तिवारी और गौरव गोगोई ने लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया। सांसदों ने मणिपुर हिंसा पर संसद में पीएम नरेंद्र मोदी के बयान की भी मांग की है।वहीं, आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह, कांग्रेस के सांसद राजीव शुक्ला और आरजेडी के सांसद मनोज कुमार झा ने नियम 267 के तहत सस्पेंशन ऑफ बिजनेस का नोटिस दिया है।साथ ही बीआरआस सांसद के केशव राव और डीएमके सांसद तिरुचि शिवा ने भी राज्यसभा में स्थगन प्रस्ताव पेश किया है।

कैसा रहा लोकसभा का पहला दिन?

लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने कार्य स्थगन प्रस्ताव देते हुए मणिपुर के हालात पर चर्चा की मांग की, जिसे लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने खारिज करते हुए सरकार की तरफ से सूचित विधेयकों पर चर्चा शुरू करने को कहा, जिसके बाद विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया। इस पर अध्यक्ष ने सदन शुक्रवार दोपहर तक स्थगित कर दिया। विपक्ष ने बाद में आरोप लगाया कि सरकार इस पर चर्चा नहीं चाहती। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने सवाल उठाते हुए विपक्ष पर चर्चा से भागने के आरोप लगाए हैं। उन्होंने पूछा, जब सरकार चर्चा के लिए तैयार है, तब विपक्ष हंगामा क्यों कर रहा है? केंद्रीय मंत्री ने कहा कि विपक्ष सदन तो चलने दे।

दो महिलाओं को नग्न घुमाने के मामले में मचा बवाल

बता दें कि मणिपुर में दो महिलाओं को नग्न घुमाने और यौन उत्पीड़न का वीडियो सामने आने के बाद काफी विवाद मचा हुआ है। बताया जा रहा है कि ये वीडियो करीब तीन महीने पुराना है और पूर्वोत्तर राज्य में जातीय हिंसा भड़कने के एक दिन बाद 4 मई का बताया जा रहा है। मानसून सत्र की शुरुआत होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस वीडियो को लेकर नाराजगी जाहिर की। पीएम मोदी ने कहा कि मेरा हृदय पीड़ा और क्रोध से भरा हुआ है। उन्होंने कहा कि मणिपुर की जो घटना सामने आई है वह किसी भी सभ्य समाज को शर्मसार करने वाली है।पीएम मोदी ने कहा कि मैं देशवासियों को विश्वास दिलाना चाहता हूं कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

मणिपुर में महिलाओं की नग्न परेड कराने पर भड़का लोगोंका गुस्सा, भीड़ ने मुख्य आरोपी के घर को किया आग के हवाले

#mob_burnt_main_accused_house_of_manipur_womens_naked_parade_case

Image 2Image 3

मणिपुर में महिलाओं के साथ हुई बर्बरता से देश भर में उबाल है। वहीं, राज्य एक बार फिर “जल” उठा है।महिलाओं की नग्न परेड कराने के मामले में लोगों का गुस्सा भड़क गया। जिसके बाद गुस्साई भीड़ ने मुख्य आरोपी के घर को गुरुवार को आग के हवाले कर दिया।दो महिलाओं से सार्वजनिक बदसलूकी करने वाले मुख्य आरोपी के घर को उसी के गांव वालों ने फूंक दिया है।

मणिपुर के जिस वीडियो के वायरल हो जाने के बाद देशभर में इस घटना के खिलाफ गुस्सा था, वहीं अब आरोपी के खुद के समुदाय के लोग भी खुलकर आरोपियों की खिलाफत कर रहे हैं। महिला के साथ बर्बरता करने वाले मैतई समुदाय के लोग हैं और उसके घर को आग लगाने वाले भी उसी मेतई समुदाय के लोग हैं।मामले में आरोपियों के खिलाफ लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। घटना के मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी की जानकारी पर स्थानीय लोग थौबाल जिले के याइरीपोक गांव में एकत्र हो गए हैं। देखते ही देखते आक्रोशित लोगों की संख्या बढ़ गई। इसके बाद अनियंत्रित भीड़ ने मुख्य आरोपी हुइरेम हेरोदास मैतेई के घर को आग के हवाले कर दिया। 

वायरल वीडियो में दो महिलाओं को निर्वस्त्र कर सरेआम उनके साथ दरिंदगी करने वालों में से चार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इनमें से मुख्य आरोपी हुउरेम हेरोदास भी पुलिस के हत्थे चढ़ चुका है।पुलिस का कहना है कि महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाने के मामले में अन्य आरोपियों को पकड़ने के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। रात को भी पुलिस की टीम हर संभावित जगहों पर छापेमारी कर रही है।आरोपियों की तलाश के लिए टीमें गठित कर दी हैं। पुलिस की टीम बुधवार रात से ही जगह-जगह छापेमारी कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

फिर इतिहास रचने को तैयार इसरो, चंद्रयान 3 की लॉन्चिंग के बाद गगनयान सर्विस मॉड्यूल प्रोपल्शन सिस्टम का सफल परीक्षण

#gaganyaanmissionisrosuccessfullytestservicemodulepropulsionsystem

चंद्रयान 3 की लॉन्चिंग के बाद इसरो अब गगनयान प्रोजेक्ट में जुट गई है। इस प्रोजेक्ट में तीन लोगों को तीन दिन के लिए अंतरिक्ष में भेजा जाना है। उन्हें 400 किमी की कक्षा में लॉन्च करके वापस लाया जाएगा और समुद्र में लैंडिंग कराई जाएगी। इसरो ने बुधवार को तमिलनाडु के महेंद्रगिरि में इसरो प्रोपल्शन कॉम्प्लेक्स में गगनयान सर्विस मॉड्यूल प्रोपल्शन सिस्टम (SMPS) का सफलतापूर्वक परीक्षण किया है।इसरो ने यह जानकारी एक ट्वीट के जरिये दी।

Image 2Image 3

अगस्त में लॉन्च होगा पहला गगनयान मिशन

इसरो के अध्यक्ष एस सोमनाथ ने पिछले महीने कहा था कि भारत का पहला मानव अंतरिक्ष मिशन ‘गगनयान’ अगस्त के अंत में लॉन्च किया जाएगा, जबकि मानव रहित मिशन अगले साल लॉन्च होगा। भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला (पीआरएल) में एक कार्यक्रम के मौके पर सोमनाथ ने कहा था कि गगनयान मिशन के लिए हमने एक नया रॉकेट बनाया है जो श्रीहरिकोटा में तैयार है। क्रू मॉड्यूल और क्रू एस्केप सिस्टम को जोड़ने का काम शुरू हो गया है। मुझे बताया गया है कि इस महीने के अंत तक यह काम पूरा हो जाएगा और सभी परीक्षण कर लिए जाएंगे।

भारत का अंतरिक्ष में पहला मानव मिशन

गगनयान भारत का अंतरिक्ष में पहला मानव मिशन है। गंभीरता को देखते हुए इसे लेकर इसरो में बारीकी से परिक्षण किए जा रहे हैं। इसरो की योजना गगनयान के माध्‍यम से अंतरिक्ष यात्रियों को पृथ्‍वी से करीब 400 किलोमीटर ऊपर स्‍पेस में भेजने की है। इस संबंध में भारतीय वायुसेना की मदद भी ली जा रही है। वायुसेना से अंतरिक्ष यात्री चुनने के लिए कहा गया है।

गगनयान की सफलता के बाद चुनिन्‍दा देशों में शामिल हो जाएगा भारत

गगनयान इसरो के तीन अंतरिक्ष मिशन का एक ग्रुप है। इसमें दो अभियान मानव रहित हैं जबकि तीसरे में मानव को भी अंतरिक्ष में भेजा जाता है। बताया जा रहा है कि इस मिशन में तीन अंतरिक्ष यात्री भेजे जाएंगे, जिसमें से दो पुरुष और एक महिला होंगी। इसरो की योजना पृथ्‍वी की सबसे करीबी कक्षा (लोअर ऑर्बिट) में मानव यान भेजने की है। अगर गगनयान मिशन सफल रहा तो अमेरिका, रूस और चीन जैसे चुनिन्‍दा देशों की फेहरिस्‍त में भारत भी शामिल हो जाएगा।

नया खुलासा, सीमा हैदर ने आर्मी के जवानों के अलावा दिल्ली और नोएडा के कई लोगों को सोशल मीडिया के माध्यम से फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी, प्राइवेट फोटो भी भेजती थी, दिल्ली के करीब रहने वाला दोस्त भी तलाश रही थी

Image 2Image 3

सीमा हैदर ने आर्मी के जवानों के अलावा दिल्ली और नोएडा के कई लोगों को सोशल मीडिया के माध्यम से फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी। पूछताछ में पता चला है कि उसकी कई लोगों से बातचीत भी हुई। वह दिल्ली के करीब रहने वाला दोस्त तलाश रही थी। सीमा ने स्वीकार किया कि उसने सचिन से पूछा था कि वह दिल्ली से कितनी दूर के रहने वाले हैं? इस पर सचिन अपना घर 50 किलोमीटर तो कभी 40 किलोमीटर दूर बताता था। सीमा ने कहा था कि उसने भारत के ज्यादा शहरों के नाम नहीं सुने, लेकिन दिल्ली राजधानी है और लोग बताते हैं कि बड़ा खूबसूरत शहर है। 

पूछताछ में स्पष्ट हुआ कि सीमा और सचिन के बीच अधिकांशत रात 11:00 बजे के बाद ही इंटरनेट कॉलिंग पर होती थी। सचिन ने मोहब्बत की बात अपने परिवार और दोस्तों से छिपाई थी। सीमा ने किसी स्थान का कोई सार्वजनिक फोटो सचिन से नहीं मांगा था। सूत्रों के अनुसार, पूछताछ में सचिन ने बताया कि उसने और सीमा ने एक दूसरे को बेहद निजी तस्वीरें भी भेजी थीं। 

तीनों के बयानों में विरोधाभास 

एटीएस ने सीमा और सचिन से करीब 50 सवालों को अलग-अलग तरीके से पूछा है। कुछ सवालों में दोनों के जवाब अलग-अलग आए हैं। वहीं, सीमा की बड़ी बेटी से भी मम्मी के साथ आने और कहां कहां रुकने जैसे सवाल पूछे गए। सूत्रों के अनुसार, सीमा की बेटी ने पूछताछ के दौरान बताया कि मम्मी फोन चलाती रहती थी, लेकिन बच्चों को यह नहीं बताया कि हमें कहां जाना है? सीमा ने अपने बच्चों से यह भी कहा था कि कोई तुम्हारे पापा के बारे में पूछे तो कुछ मत बताना। एटीएस और आईबी अब तीनों के अलग-अलग बयानों को संदेह में लेते हुए आगे की जांच कर रही है।

परिवार का सदस्य सामने नहीं आया 

एटीएस ने पूछताछ के बाद सीमा हैदर और उसके बच्चों को सचिन और नेत्रपाल के साथ रबूपुरा स्थित उनके घर पर छोड़ा। इसकी सूचना मिलते ही मीडियाकर्मी और ग्रामीण सीमा और सचिन से मिलने के लिए घर पहुंचने लगे। लेकिन, बुधवार शाम तक परिवार का कोई भी व्यक्ति सामने नहीं आया। सचिन के घर का दरवाजा अंदर से बंद रहा। इसे देखते हुए सीमा और अन्य को रबूपुरा थाने में रखे जाने के कयास लगते रहे। बताया जाता है कि मीडियाकर्मियों की भीड़ को देखते हुए सीमा, उसके बच्चों और सचिन को मौहल्ले में ही किसी अन्य व्यक्ति के घर ठहराया गया है।

महिला पहलवानों से यौन शोषण मामले में बृजभूषण शरण सिंह को मिली जमानत, कोर्ट ने बिना बताए देश के बाहर नहीं जाने की रखी शर्त

#rouse_avenue_court_verdict_on_bail_of_brij_bhushan_singh

महिला पहलवानों से यौन शोषण के आरोपों से घिरे बृजभूषण शरण सिंह को द‍िल्‍ली की न‍िचली अदालत से बड़ी राहत मिली है। दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने कई पहलवानों की शिकायतों के आधार पर दर्ज यौन उत्पीड़न मामले में भारतीय कुश्ती महासंघ के निवर्तमान अध्यक्ष बृज भूषण शरण सिंह और महासंघ के सहायक सचिव विनोद तोमर सिंह को नियमित जमानत दे दी है। कोर्ट ने बृजभूषण शरण सिंह को सशर्त जमानत दी है। 

Image 2Image 3

बृजभूषण शरण सिंह को 25,000 रुपये के निजी मुचलके पर ज़मानत मिल गई है। जमानत देते हुए कोर्ट ने शर्त रखी कि बृजभूषण बिना बताए देश के बाहर नहीं जाएंगे, गवाहों को प्रभावित नहीं करेंगे। शिकायतकर्ताओं को कोई प्रलोभन और धमकी नहीं देने के भी कोर्ट ने निर्देश दिए हैं। साथ ही कोर्ट ने कहा कि सभी शर्तों का कड़ाई से पालन किया जाए। 

अंतरिम जमानत पर सुनवाई के दौरान राउज एवेन्यू कोर्ट के अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट हरजीत सिंह जसपाल के समक्ष अभियोजन पक्ष ने जमानत पर आपत्ति नहीं जताई थी। दिल्ली पुलिस के अतिरिक्त लोक अभियोजक अतुल श्रीवास्तव ने कहा था कि डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष को गिरफ्तार नहीं किया गया। हम उनकी जमानत का विरोध नहीं करेंगे बशर्ते वे गवाहों को प्रभावित नहीं करेंगे।

बृजभूषण शरण सिंह के अलावा उनके करीबी और कुश्ती संघ के सहायक सचिव विनोद तोमर को भी जमानत मिल गई है. उन्हें बृजभूषण शरण सिंह के साथ इस मामले में सह-आरोपी बनाया गया है. महिला पहलवानों ने उन पर आरोप लगाए हैं कि वो ऐसे वक्त में बृजभूषण शरण सिंह से मुलाकात कराते थे जब वो अकेले रहते थे. दिल्ली पुलिस की चार्जशीटके मुताबिक, शिकायत करने वाली पहलवान 3 अलग-अलग मौकों पर बृजभूषण शरण सिंह से मिलने दिल्ली स्थित उनके ऑफिस गईं थीं, तब वे अकेली थीं. एक मामले में महिला पहलवान के पति और दूसरे मामले में पहलवान के कोच को बाहर ही रोक दिया गया था.