राहुल गांधी पर स्मृति ईरानी का तीखा हमला, बोलीं- टुकड़े-टुकड़े गैंग का समर्थन किया, वो क्या था?

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केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने बुधवार को कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी पर उनके लंदन में दिए गए बयान को लेकर तीखा हमला बोला है। स्मृति ईरानी ने आज बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा। स्मृति ईरानी ने कहा कि कांग्रेस नेता ने एक ऐसे देश में जाकर विदेशी ताकतों का आह्वान किया जिसका इतिहास रहा है भारत को गुलाम बनाने का। राहुल गांधी के इस डर के पीछे कोई वजह नहीं है कि भारत में लोकतंत्र खतरे में है। दरअसल वो मोदी विरोध करते करते कब देश का विरोध करने लगते हैं उन्हें खुद नहीं पता चलता।

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अमेठी से बीजेपी सांसद स्मृति ईरानी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘राहुल गांधी विदेश की धरती पर जाकर ‘बोलने की आजादी’ नहीं होने की बात करते हैं। उन्होंने कहा कि वो राहुल गांधीसे पूछना चाहती है कि आपने विदेश में कहा कि आपको देश के किसी भी विश्वविद्यालय में बोलने का अधिकार नहीं है। अगर ऐसा है तो 2016 में जब दिल्ली की एक यूनिवर्सिटी में 'भारत तेरे टुकड़े होंगे' का नारा लगा तो आपने उसका समर्थन किया, वो क्या था?

राहुल गांधी आप झूठ बोल रहे थे-ईरानी

केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा, राहुल गांधी ने जम्मू में अपनी यात्रा के दौरान स्वीकार किया कि भारत में शांति और सौहार्द है। राहुल गांधी आप लंदन या हिंदुस्तान में झूठ बोल रहे थे।राज्यसभा में सभापति के चेयर पर कांग्रेस के नेता कागज फेंकते हैं, क्या वह लोकतंत्र है? उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता द्वारा विदेशी ताकतों का आह्वान करना स्वतंत्रता सेनानी देशभक्तों का अपमान है।

देश की संसद से माफी मांगनी चाहिए

स्मृति ईरानी ने कहा कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को देश की संसद से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने विदेश जाकर, देश और उसकी संस्थाओं को अपमानित करने का काम किया है। राहुल, मोदी विरोध में देश विरोधी हो गये और लंदन में वह लोकतंत्र का अपमान कर बैठे।

*2020 के दिल्ली दंगे मामले में तीन साल बाद आया फैसला, नौ आरोपी दोषी करार*

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दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने 2020 के दिल्ली दंगों के मामले में फैसला सुना दिया है। कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए 9 आरोपियों को दोषी ठहराया है।कोर्ट ने कहा कि आरोपी, उस अनियंत्रित भीड़ का हिस्सा थे जो हिंदू समुदाय के लोगों की संपत्तियों को नुकसान पहुंचा रही थी। 

कोर्ट ने कहा कि इस भीड़ का मकसद हिंदुओं से संबंधित व्यक्तियों की संपत्तियों को अधिकतम नुकसान पहुंचाना था। कोर्ट ने दोषियों को हिरासत में लेकर न्यायिक हिरासत में भेजने का निर्देश दिया। मामले में आरोपी और अभियोजन पक्ष की तरफ से हलफनामा दाखिल करने के लिए मामले को 29 मार्च के लिए लिस्ट किया गया है। एडिशनल सेशन जज पुलस्त्य प्रमाचला ने मोहम्मद शाहनवाज उर्फ शानू, मोहम्मद शोएब उर्फ छुटवा, शाहरुख, राशिद उर्फ राजा, आजाद, अशरफ अली, परवेज, मोहम्मद फैसला और राशिद उर्फ मोनू को दंगा, चोरी, संपत्तियों को आग लगाना, गैरकानूनी तरीके से इकट्ठा होकर संपत्तियों को नष्ट करने से संबंधित धाराओं के तहत दोषी ठहराया।

सजा पर बहस 29 मार्च को

विशेष लोक अभियोजक डीके भाटिया ने कहा, कोर्ट ने इन दोषियों की सजा पर बहस के लिए 29 मार्च की तारीख तय की है। कोर्ट ने फैसले में यह भी कहा कि इस मामले में ड्यूटी पर मौजूद हेड कांस्टेबल हरि बाबू की गवाही को काटने वाला कोई तथ्य मौजूद नहीं है। हरि बाबू ने भीड़ में इन आरोपियों की पहचान की थी। कोर्ट ने कहा, ड्यूटी पर मौजूद एक और हेड कांस्टेबल विपिन कुमार की गवाही पर संदेह करने का भी कारण नहीं है।

शिकायतकर्ता ने लगे थे ये आरोप

दिल्‍ली दंगा मामले में शिकायतकर्ता ने बताया था कि 24-25 फरवरी की रात को उसके घर पर हमला हुआ था और लूटपाट की गई थी। भीड़ ने उसके घर के ऊपरी मंजिल पर उसके कमरे में आग लगा दी थी। दंगा करने, तोड़फोड़ करने और आगजनी करने वालों की पहचान की गई थी। मोहम्मद शाहनवाज, मोहम्मद शोएब, शाहरुख, राशिद, आजाद, अशरफ अली, परवेज और मोहम्मद. फैसल और राशिद को क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया था।

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने याचिकाकर्ता के दावों को सही पाया और 9 आरोपियों को दोषी ठहराया है। जांच में सीसीटीवी कैमरों, सोशल मीडिया पर वायरल फुटेज और सार्वजनिक गवाहों की मदद लेकर आरोपियों की पहचान की गई और उन पर कार्रवाई हुई।

काला सागर के ऊपर रूसी जेट और अमेरिकी ड्रोन में टक्कर, यूएस ने जताई कड़ी आपत्ति, बढ़ सकता है तनाव

#russianjetcollideswithusdroneoverblacksea

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रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच दुनियाभर के देशों के लिए चिंता बढ़ाने वाली खबर है। दुनिया के दो सबसे शक्तिशाली देशों के बीच तनाव बढ़ने की आशंका है। दरअसल, काला सागर में एक रूसी जेट की अमेरिकी ड्रोन से टक्कर हो गई। अमेरिका का दावा है कि रूसी जेट ने जानबूझकर टक्कर मारकर अमेरिकी ड्रोन के प्रोपेलर को क्षतिग्रस्त कर दिया। इस घटना के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ने की आशंका है।

अमेरिकी सेना की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक रूसी जेट अमेरिकी ड्रोन से टकराया और उसे मार गिराया। जानकारी के मुताबिक ब्लैक सी के उपर मंगलवार को अमेरिकी ड्रोन और रूसी जेट आमने सामने आ गए जिसके बाद रूसी जेट अमेरिकी ड्रोन को नीचे गिराने के लिए उससे टकराया और ड्रोन के प्रोपेलर को क्षतिग्रस्त कर दिया।

अमेरिकी सेना के अनुसार, काला सागर के ऊपर एक रूसी एसयू-27 फाइटर जेट अमेरिकी एमक्यू-9 ड्रोन से टकरा गया, कहा गया है कि अमेरिकी वायु सेना को अपने मानवरहित विमान को नीचे उतारने के लिए मजबूर होना पड़ा।अमेरिकी वायु सेना के जनरल जेम्स हेकर ने कहा कि एमक्यू -9 विमान अंतरराष्ट्रीय हवाई क्षेत्र में नियमित संचालन कर रहा था, जब इसे एक रूसी विमान द्वारा रोका गया और मारा गया, जिसके परिणामस्वरूप एक दुर्घटना हुई और ड्रोन का पूर्ण नुकसान हुआ।

अमेरिका का दावा जानबूझकर रूस की हरकत

अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि रूस का जेट जानबूझकर अमेरिकी ड्रोन के सामने आया था और जेट से तेल गिराने लगा था। इस दौरान एक जेट ने ड्रोन के प्रोपेलर को नुकसान पहुंचाया है। ये प्रोपेलर ड्रोन के पीछे लगा था। प्रोपेलर को नुकसान पहुंचते ही अमेरिकी सेना को मजबूरन रीपर को नीचे लाना पड़ा।

रूस बोला- विमान से टकराने से पहले ही गिरा ड्रोन

उधर, रूस के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि उसका लड़ाकू विमान अमेरिकी ड्रोन से नहीं टकराया, बल्कि ड्रोन पहले ही काला सागर में गिर गया। रूस ने दावा किया है कि अमेरिकी सैन्य ड्रोन रूसी सीमा पर तेजी से मंडरा रहा था और इस कारण वह दुर्घटनाग्रस्त हो गया। उसके लड़ाकू विमान ने किसी हथियार का इस्तेमाल नहीं किया।

बता दें कि काला सागर वो जल क्षेत्र है जिसकी सीमाएं रूस और यूक्रेन दोनों से मिलती है। यूक्रेन युद्ध की वजह से काफी समय से इस क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां बढ़ी हुई हैं।

*'लंदन प्लान' के जरिए गिरफ्तारी की तैयारी, जानें-इमरान खान ने किस पर साधा निशाना*

#imrankhanclaimmyarrestpartoflondonplan

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पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान पर गिरफ्तारी की तलवार लटकी हुई है। मंगलवार को लाहौर स्थित इमरान के आवास के बाहर उनके समर्थक गिरफ्तारी को रोकने के लिए पुलिस से भिड़ गए। इमरान खान को गिरफ्तार करने के लिए 8 घंटे तक कोशिश करने के बावजूद पुलिस उन्हें गिरफ्तार नहीं कर पाई। इस बीच तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के अध्यक्ष इमरान खान ने अपनी गिरफ्तारी को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने शहबाज सरकार पर अपनी गिरफ्तारी की योजना बनाने का आरोप लगाया है।साथ ही शहबाज शरीफ सरकार पर दमनकारी नीतियों से लोकतंत्र की आवाज और विपक्ष का गला घोटने का भी आरोप लगाया है।

इमरान का वीडिया संदेश

इधर पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान की गिरफ्तारी को लेकर पाक में मंगलवार से शुरू हुआ बवाल आज की सुबह तक जारी है। लाहौर में अब भी तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। इन सबके बीच इमरान खान ने इसको लेकर एक वीडियो जारी किया है।उन्होंने कहा कि वे फिर से तैयारी कर रहे हैं, मुझे पता है। मैंने लाहौर उच्च न्यायालय में वचन दिया है कि मैं 18 तारीख को न्यायालय में उपस्थित रहूंगा। लेकिन इसे स्वीकार नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि सब जानते हैं इसे क्यों नहीं लिया गया यह लंदन योजना का हिस्सा है। इमरान खान ने नवाज शरीफ पर हमला करते हुए कहा कि नवाज शरीफ को आश्वासन दिया गया है कि मुझ पर और मेरी पार्टी पर हमला किया जाए और मुझे जेल में डाल दिया जाए। आगे कहा कि पुलिस मुझे गिरफ्तार करने और जेल भेजने आई है। अगर मुझे कुछ हो जाता है, या जेल भेज दिया जाता है, या वे मुझे मार देते हैं, तो आपको यह साबित करना होगा और यह देश इमरान खान के बिना भी संघर्ष करता रहेगा।

पेश नहीं होने की बताई वजह

इमरान खान ने अपने समर्थकों की पिटाई पर कहा कि कल दोपहर से लाहौर के जमान पार्क में ऐसा लग रहा था मानो कानून नहीं है। जिस तरीके से पुलिस ने हमारे लोगों के ऊपर हमला किया वो दुखद है। महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों के ऊपर हमला किया। वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। औरतें थीं मुलाजिम थे उन पर बेरहम तरीके से हमला किया। ये उनकी बौखलाहत को दिखाता है। इनको पता था कि मैं क्यों नहीं जा रहा था क्योंकि वहां पर दो बार दहशतगर्दी हुई थी। जज भी शहीद हुए हैं। इसलिए मैं सुरक्षा की वजह से पेश नहीं हुआ।

गिरफ्तारी को लेकर गतिरोध

बता दें कि मंगलवार को पूर्व प्रधानमंत्री की गिरफ्तारी के लिए उनके आवास जमान पार्क पर पुलिस को बुलाया गया था, जहां पार्टी समर्थकों और पुलिस के बीच 14 घंटे से अधिक समय से उनकी गिरफ्तारी को लेकर गतिरोध चल रहा है। अदालत के आदेश पर इमरान खान को गिरफ्तार करने के लिए इस्लामाबाद से आई पुलिस टीम के आने के बाद इमरान खान के समर्थक उनके घर के बाहर जमा हो गए, जबकि इमरान खान ने अपने समर्थकों से कानून की सर्वोच्चता के लिए खड़े होने और सच्ची आजादी के लिए लड़ने का आह्वान किया। जिसके बाद इस्लामाबाद, पेशावर और कराची में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए।

'लंदन प्लान' के जरिए गिरफ्तारी की तैयारी, जानें-इमरान खान ने किस पर साधा निशाना

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पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान पर गिरफ्तारी की तलवार लटकी हुई है। मंगलवार को लाहौर स्थित इमरान के आवास के बाहर उनके समर्थक गिरफ्तारी को रोकने के लिए पुलिस से भिड़ गए। इमरान खान को गिरफ्तार करने के लिए 8 घंटे तक कोशिश करने के बावजूद पुलिस उन्हें गिरफ्तार नहीं कर पाई। इस बीच तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के अध्यक्ष इमरान खान ने अपनी गिरफ्तारी को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने शहबाज सरकार पर अपनी गिरफ्तारी की योजना बनाने का आरोप लगाया है।साथ ही शहबाज शरीफ सरकार पर दमनकारी नीतियों से लोकतंत्र की आवाज और विपक्ष का गला घोटने का भी आरोप लगाया है।

इमरान का वीडिया संदेश

इधर पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान की गिरफ्तारी को लेकर पाक में मंगलवार से शुरू हुआ बवाल आज की सुबह तक जारी है। लाहौर में अब भी तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। इन सबके बीच इमरान खान ने इसको लेकर एक वीडियो जारी किया है।उन्होंने कहा कि वे फिर से तैयारी कर रहे हैं, मुझे पता है। मैंने लाहौर उच्च न्यायालय में वचन दिया है कि मैं 18 तारीख को न्यायालय में उपस्थित रहूंगा। लेकिन इसे स्वीकार नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि सब जानते हैं इसे क्यों नहीं लिया गया यह लंदन योजना का हिस्सा है। इमरान खान ने नवाज शरीफ पर हमला करते हुए कहा कि नवाज शरीफ को आश्वासन दिया गया है कि मुझ पर और मेरी पार्टी पर हमला किया जाए और मुझे जेल में डाल दिया जाए। आगे कहा कि पुलिस मुझे गिरफ्तार करने और जेल भेजने आई है। अगर मुझे कुछ हो जाता है, या जेल भेज दिया जाता है, या वे मुझे मार देते हैं, तो आपको यह साबित करना होगा और यह देश इमरान खान के बिना भी संघर्ष करता रहेगा।

पेश नहीं होने की बताई वजह

इमरान खान ने अपने समर्थकों की पिटाई पर कहा कि कल दोपहर से लाहौर के जमान पार्क में ऐसा लग रहा था मानो कानून नहीं है। जिस तरीके से पुलिस ने हमारे लोगों के ऊपर हमला किया वो दुखद है। महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों के ऊपर हमला किया। वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। औरतें थीं मुलाजिम थे उन पर बेरहम तरीके से हमला किया। ये उनकी बौखलाहत को दिखाता है। इनको पता था कि मैं क्यों नहीं जा रहा था क्योंकि वहां पर दो बार दहशतगर्दी हुई थी। जज भी शहीद हुए हैं। इसलिए मैं सुरक्षा की वजह से पेश नहीं हुआ।

गिरफ्तारी को लेकर गतिरोध

बता दें कि मंगलवार को पूर्व प्रधानमंत्री की गिरफ्तारी के लिए उनके आवास जमान पार्क पर पुलिस को बुलाया गया था, जहां पार्टी समर्थकों और पुलिस के बीच 14 घंटे से अधिक समय से उनकी गिरफ्तारी को लेकर गतिरोध चल रहा है। अदालत के आदेश पर इमरान खान को गिरफ्तार करने के लिए इस्लामाबाद से आई पुलिस टीम के आने के बाद इमरान खान के समर्थक उनके घर के बाहर जमा हो गए, जबकि इमरान खान ने अपने समर्थकों से कानून की सर्वोच्चता के लिए खड़े होने और सच्ची आजादी के लिए लड़ने का आह्वान किया। जिसके बाद इस्लामाबाद, पेशावर और कराची में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए।

इमरान खान पर लटकी गिरफ्तारी की तलवार, घर के बाहर समर्थक भी भारी भीड़

#police_reaches_lahores_to_arrest_imran_khan

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान तोशाखाना मामले में गिरफ्तार हो सकते हैं। लाहौर पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने उनके घर के बाहर पहुंच गई है। वहीं दूसरी ओर इमारान खान के समर्थक भी उनके घर के बाहर जुट गए हैं।

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उनकी गिरफ्तारी के खिलाफ उनके समर्थक हंगामा कर रहे हैं। पुलिस ने समर्थकों पर लाठीचार्ज भी किया। समर्थकों को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया गया। समर्थकों ने पुलिस पर पथराव भी किया। 

कल यानी 13 मार्च को एक अदालत ने इमरान के खिलाफ पहले से जारी अरेस्ट वारंट को फिर से लागू कर दिया था। पिछले हफ्ते लाहौर हाई कोर्ट से उन्हें राहत मिल गई थी और अरेस्ट वारंट खारिज कर दिया गया था। 

तोशाखाना मामले में इमरान खान के खिलाफ गैर-जामनती गिरफ्तारी वारंट जारी होने के एक दिन बाद पुलिस उनके घर पहुंची है। पुलिस ने पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी के अध्यक्ष के घर की ओर जाने वाली सभी सड़कों को अवरुद्ध कर दिया है। भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई। 

इस बीच इमरान खान ने वीडियो जारी कर कहा है कि पुलिस मुझे पकड़ने के लिए आई है। उनका ख्याल है कि इमरान खान जेल में चला जाएगा तो कौम सो जाएगी। आपको इनको गलत साबित करना है। आपको बाहर निकलना है। मैं आपके लिए जंग लड़ रहा हूं। मुझे कुछ होता है और ये मुझे मार देते हैं तो आपको ये साबित करना होगा कि इमरान के बगैर भी ये कौन जद्दोजहद कर सकती है।

हथियार खरीदने के मामले में भारत नंबर वन, 5 साल में 1 लाख करोड़ किए खर्च

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रूस से हथियार खरीदने के मामले में भारत पूरी दुनिया में पहले नंबर पर है। हां, पिछले कुछ सालों की तुलना में हथियार खरीदी में गिरावट जरूर देखने को मिली है फिर भी शीर्ष पर बना हुआ है। रूस की सरकारी न्यूज एजेंसी ने रविवार को यह दावा किया है।स्टॉकहोम स्थित थिंक टैंक ‘सिपरी’ (SIPRI) की ओर से सोमवार 13 मार्च को जारी एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।

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रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्ष 2013-17 और 2018-22 के बीच इसके आयात में 11 प्रतिशत की गिरावट आई है।साल 2013 से 2017 के दौरान कुल आयातित वैश्विक हथियार में भारत की हिस्सेदारी 12 प्रतिशत थी जो घटकर अब 11 प्रतिशत हुई है। 2018 से बावजूद इसके भारत दुनिया का शीर्ष आयातक है। दरअसल, भारत ने पिछले कुछ सालों में रक्षा निर्माण के क्षेत्र में खुद की आत्मनिर्भरता हासिल करने पर जोर दिया है।

रूस के 20 फीसदी हथियारों को भारत अकेला खरीददार

रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले 5 सालों में रूस ने करीब 13 बिलियन डॉलर यानी 1 लाख करोड़ रुपए के हथियार भारत को सप्लाई किए हैं। भारत ने इस दौरान रूस से 10 बिलियन डॉलर के हथियार मांगे थे।एजेंसी ने यह भी बताया है कि रूस के 20 फीसदी हथियारों को भारत अकेला ही खरीद रहा है। यूक्रेन जंग के कारण रूस पर लगी पाबंदियों का भी दोनों देशों में होने वाली हथियारों की खरीद पर असर नहीं पड़ा।

पश्चिमी देशों के दबाव में नहीं आया भारत

रिपोर्ट में यह भी कहा कि अमेरिका और पश्चिमी देशों ने भारत पर खूब दबाव बनाया था कि वो रूस से हथियार न खरीदे, लेकिन भारत इन दबावों के आगे नहीं झुका और दोनों देशों के संबंधों को कायम रखा। 

ये हैं दुनिया के पांच बड़े इंपोर्टर और एक्सपोर्टर देश

रिपोर्ट में कहा गया कि भारत के हथियार आयात में गिरावट का संबंध जटिल खरीद प्रक्रिया, शस्त्र आपूर्तिकर्ताओं में विविधता लाना और आयात के स्थान पर घरेलू डिजाइन को तरजीह देने से है. ‘स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट’ (सिपरी) ने कहा कि वर्ष 2018-22 के दौरान दुनिया के पांच सबसे बड़े हथियार आयातक भारत, सऊदी अरब, कतर, ऑस्ट्रेलिया और चीन थे। रिपोर्ट के मुताबिक, पांच सबसे बड़े हथियार निर्यातकों में अमेरिका, रूस, फ्रांस, चीन और जर्मनी शामिल हैं।

फ्रांस ने अमेरिका को पीछे छोड़ा

रूस के बाद भारत को हथियारों की आपूर्ति करने वाला फ्रांस दूसरा सबसे बड़ा देश है। आपूर्ति के मामले में इसने अमेरिका को पीछे छोड़ा है। अमेरिका को पछाड़ने में भारत के साथ राफेल डील प्रमुख वजह रही है।2018-22 के दौरान फ्रांस के हथियारों के निर्यात का 30 फीसदी भारत को प्राप्त हुआ।

नवरात्रि में योगी सरकार कराएगी दुर्गा सप्तशती का पाठ, हर जिले को मिलेंगे 1-1 लाख रुपए

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नवरात्रि में दुर्गा सप्तशती और रामनवमी पर योगी सरकार अखंड रामायण का पाठ करवाएगी। इस दौरान सरकारी तौर पर कार्यक्रमों का आयोजन होगा। पूरे प्रदेश के सभी मंदिरों में अखंड रामायण और दुर्गा सप्तशती का पाठ किया जाएगा। इसके साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किये जाएंगे। इसके लिए सभी जिलों के जिलाधिकारी और मंडलों के कमिश्नर को निर्देश जारी किए गए हैं।

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सभी कमिश्नर और डीएम को भेजे गए दिशा निर्देश

सरकार ने नवरात्र के दौरान सभी जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि नवरात्र के मौके पर अखंड रामायण और दुर्गा सप्तशती पाठ आयोजित करें। नवरात्रि में दुर्गा सप्तशती का पाठ, देवी जागरण और भजन का आयोजन कराया जाएगा। झांकियां भी निकाली जाएंगी। रामनवमी पर श्रीराम चरित मानस का पाठ कराया जाएगा। इसके लिए योगी सरकार सभी जिलों के डीएम को एक-एक लाख रुपए उपलब्ध कराएगी। प्रमुख सचिव संस्कृति मुकेश विश्राम की ओर से प्रदेश के सभी कमिश्नर और डीएम को इस संबंध में दिशा-निर्देश भेजे गए हैं। 

21 मार्च तक सभी तैयारियां पूरी करने के निर्देश

जानकारी के अनुसार, ज़िला, तहसील और ब्लॉक स्तर पर अखंड पाठ के आयोजन होंगे। इन आयोजनों में महिलाओं की सहभागिता को लेकर खास तवज्जो दी जाएगी। योगी सरकार ने जिले के अधिकारियों को 21 मार्च तक सभी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए हैं। 

जिला, तहसील और ब्लॉक स्तर पर आयोजन समितियों का होगा गठन

जिन मंदिरों में कार्यक्रम होंगे उनके नाम-पता, मंदिर की तस्वीरें, मंदिर प्रबंधन की डिटेल साझा करने का निर्देश दिया गया है। इसको लेकर राज्य स्तर पर दो नोडल अधिकारी को जिम्मेदारी दी गई है। ये अधिकारी इन कार्यक्रमों को सफलतापूर्वक संपन्न कराएंगे। इसके लिए जिला, तहसील और ब्लॉक स्तर पर समितियों का गठन किया जाएगा। इन कार्यक्रमों के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए होर्डिंग्स लगाए जाएंगे। इसे सोशल मीडिया पर भी प्रचारित किया जाएगा।

थोक महंगाई दर में बड़ी गिरावट, 25 महीने के निचले स्तर पर*

#wholesale_inflation_wpi_falls_in_february

खुदरा महंगाई दर के बाद थोक महंगाई दर में भी गिरावट दर्ज की गई है।देश में जनवरी के मुकाबले फरवरी में थोक महंगाई में कमी आई है।फरवरी में थोक महंगाई दर 3.85 फीसदी रहा, जोकि जनवरी में 4.73 फीसदी थी। दिसंबर में थोक महंगाई दर का 4.95 फीसदी रहा था।

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सरकार की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, फरवरी 2023 में मुद्रास्फीति की दर में गिरावट मुख्य रूप से कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस, गैर-खाद्य वस्तुओं, खाद्य उत्पादों, खनिजों, कंप्यूटर, इलेक्ट्रॉनिक और ऑप्टिकल उत्पादों, रसायन और रासायनिक उत्पादों, विद्युत उपकरणों व मोटर वाहनों, ट्रेलरों और सेमीट्रेलर की कीमतों में गिरावट के कारण आई है।

थोक मुल्य आधारित महंगाई दर के आंकड़ों के मुताबिक फरवरी महीने में थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) फूड इंडेक्स जनवरी के 2.95 फीसदी के मुकाबले घटकर फरवरी 2023 में 2.76 फीसदी रही है। आंकड़े के मुताबिक फूड आर्टिकल्स की महंगाई दर 3.81 फीसदी रही है जो जनवरी 2023 में 2.38 फीसदी रही थी। धान की महंगाई दर जनवरी में 7.18 फीसदी रही थी जो फऱवरी मे बढ़कर 8.60 फीसदी पर जा पहुंची है। गेहूं की महंगाई जनवरी के 23.63 फीसदी के मुकाबले फरवरी में 18.54 फीसदी रही है। दालों की महंगाई दर 2.59 फीसदी रही है जो जनवरी में 2.41 फीसदी थी। अनाजों की महंगाई दर फरवरी में 13.95 फीसदी रही है जो जनवरी में 15.46 फीसदी रही थी। सब्जियों के मामले में यह -21.53% रही जो कि जनवरी महीने में -26.48 फीसदी रहा था। अंडा, मटन-मछली के मामले में थोक महंगाई दर 1.49 प्रतिशत रहा, जनवरी महीने में यह 2.23 प्रतिशत रहा था। प्याज के मामले में थोक महंगाई दर घटकर -40.14 फीसदी पर पहुंच गई जो कि जनवरी महीने में -25.20 फीसदी रही थी।

इससे पहले पहले सोमवार को सांख्यिकी मंत्रालय ने खुदरा महंगाई दर के आंकड़े जारी किए थे जिसके मुताबिक फरवरी 2023 में खुदरा महंगाई दर 6.44 फीसदी रही है। जबकि जनवरी 2023 में खुदरा महंगाई दर 6.52 फीसदी रही थी।

बता दें कि थोक भाव में किसी सामान का मूल्य थोक महंगाई या फिर थोक मूल्य सूचकांक कहलाता है। थोक मूल्य सूचकांक में सामान काफी मात्रा में एक साथ बेचा जाता है और यह सौदा फर्मों के बीच होता है ना कि ग्राहकों के बीच। देश में महंगाई मापने के लिए थोक मूल्य सूचकांक बेहद अहम होता है।

‘मैं वकील नहीं बनता तो एक्टर जरूर होता’, राज्यसभा में बोले उपसभापति धनखड़

#jagdeep_dhankhar_said_if_he_had_not_lawyer_he_would_an_actor

संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण की कार्यवाही के बीच मंगलवार को ऑस्कर जीतने पर एसएस राजमौली की फिल्म आरआरआर और एलीफेंट विस्पर की टीम को संसद के सभी सदस्यों ने बधाई दी है। इस दौरान सभापति जगदीप धनखड़ ने कहा कि अगर वो वकील नहीं बनते तो कहीं न कहीं एक्टिंग जरूर करता। उनके इतना कहते ही सदन में ठहाके गूंजने लगे।बता दें कि फिल्म आरआरआर को बेस्ट ओरिजनल सॉन्ग कैटगरी में ऑस्कर मिला है, वहीं डॉक्यूमेंट्री ‘द एलिफेंट व्हिस्परर्स’ ने भी ऑस्कर अपने नाम किया।

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दरअसल, राज्यसभा में एमडीएमके सांसद वाइको फिल्म को लेकर अपनी बात रख रहे थे। वाइको ने अपने भाषण के दौरान ए आर रहमान का जिक्र किया तो सभापति जगदीप धनखड़ ने उन्हें जोर से जय हो बोला। इस दौरान धनखड़ ने मुस्कुराते हुए कहा कि अगर मैं वकील नहीं होता तो कहीं न कहीं एक्टिंग जरूर करता। उनके इतना कहते ही सदन में ठहाके गूंजने लगे।कांग्रेस सदस्य मुकुल वासनिक ने धनखड़ के बयान पर अपनी प्रतिक्रिया दी और कहा, ‘जैसी भावनाएं हम आज यहां व्यक्त कर रहे हैं तो ऐसी भावना हम आपके प्रति जरूर व्यक्त कर रहे होते।

बता दें कि स्लमडॉग मिलेनियर के जय हो गाने के लिए ऑस्कर मिला था। वाइको ने कहा कि तमिलनाडु ने दूसरी बार ऑस्कर जीता है। उन्होंने कहा कि रहमान ने जो शुरू किया वो आरआरआर पर आकर रुकता है। इस दौरान आरआरआर के पटकथा लेखक वी विजयेंद्र प्रसाद जो राज्यसभा सांसद हैं को भी बधाई दी गई।