तीन वर्षों में चीन से युद्ध की तैयारी कर ले ऑस्ट्रेलिया, वहां के दो मुख्य अखबारों की संयुक्त रिपोर्ट में प्रधानमंत्री अल्बानीज की सरकार को दी गई


रिपोर्ट में कहा गया, "चूंकि ऑस्ट्रेलिया का गठबंधन अमेरिका के साथ है, इसलिए किसी भी तरह के युद्ध से हमारा मुंह मोड़ना काफी मुश्किल हो सकता है।"

Image 2Image 4

ऑस्ट्रेलिया में प्रकाशित होने वाले दो मुख्य अखबारों की संयुक्त रिपोर्ट में प्रधानमंत्री अल्बानीज की सरकार को चीन से युद्ध के लिए तैयार रहने की सलाह दी है। द सिडनी मॉर्निंग हेराल्ड और द एज की इस रिपोर्ट को 'रेड अलर्ट' नाम दिया गया है। इसमें कहा गया है कि ऑस्ट्रेलिया को अगले तीन वर्षों में चीन से युद्ध की तैयारी कर लेनी चाहिए।

इस स्वतंत्र रिपोर्ट को पांच नामी सुरक्षा विश्लेषकों से बातचीत के बाद तैयार किया गया है। इनमें एलन फिंकेल, पीटर जेनिंग्स, लाविना ली, मिक रायन और लेस्ली सीबैक के नाम शामिल हैं। इसमें कहा गया है कि ऑस्ट्रेलियाई नागरिक जितना सोचते हैं, ताइवान और चीन के बीच संघर्ष होने की संभावना उससे भी ज्यादा है और इसका असर ऑस्ट्रेलिया तक पड़ सकता है। इसलिए सरकार को तेजी के साथ युद्ध की तैयारी शुरू कर देनी चाहिए

रिपोर्ट में कहा गया, "चूंकि ऑस्ट्रेलिया का गठबंधन अमेरिका के साथ है, इसलिए किसी भी तरह के युद्ध से हमारा मुंह मोड़ना काफी मुश्किल हो सकता है।"

इसमें ताइवान पर हमले की आशंका का जिक्र करते हुए कहा गया, "अधिकतर लोग सिर्फ ताइवान पर हमले का अंदाजा लगा रहे हैं, लेकिन यह सिर्फ इकलौता परिदृश्य नहीं है, जिससे ऑस्ट्रेलिया की सुरक्षा और समृद्धि को खतरा पैदा हो सकता है। ऑस्ट्रेलिया को खुद को सिर्फ इसी परिदृश्य के लिए तैयार नहीं करना चाहिए, बल्कि हमें एक साथ कई आकस्मिकताओं से जूझने की योजना पर जोर देना चाहिए। लोकतंत्र अपने अगले युद्ध के बारे में शायद ही अंदाजा लगाता है, लेकिन अगला युद्ध तय तौर पर पिछले जैसा नहीं होता।"

युद्ध की तैयारी के लिए सिर्फ तीन साल का समय ही क्यों?

रिपोर्ट में कहा गया, "युद्ध के खतरे का हमारा विश्लेषण चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के आक्रामक रवैये और सैन्य क्षमता बढ़ाने के कदमों के आधार पर है। ऑस्ट्रेलिया को चीन की ओर से आते किसी खतरे से निपटने के लिए तीन साल का समय ही मिल सकता है, क्योंकि 2027 के करीब एक अहम समय आएगा, जब ताइवान जलडमरूमध्य में बीजिंग की सैन्य क्षमता अमेरिका से भी ज्यादा होगी।"

 रिपोर्ट में चीन की ओर से युद्ध छेड़े जाने के पीछे उसके जनसांख्यिकीय संकट को भी वजह बताया गया है। दरअसल, जन्मदर घटने की वजह से चीन की आबादी का बड़ा हिस्सा अगले कुछ दशकों में बुजुर्ग की श्रेणी में आ जाएगा, जिससे उसकी आर्थिक स्थिति पर भी नकरात्मक प्रभाव पड़ेगा। ऐसे में शी जिनपिंग के परिप्रेक्ष्य से चीन के पास अपने किसी भी बड़े सैन्य अभियान को पूरी क्षमता से लक्ष्य तक पहुंचाने का अब सीमित समय है। इसीलिए चीनी राष्ट्रपति इस मौके को हाथ से जाने नहीं देना चाहेंगे।

ताइवान युद्ध में शामिल होना ऑस्ट्रेलिया के लिए अनिवार्य

विश्लेषकों के मुताबिक, अगर चीन ने ताइवान पर हमला कर दिया तो ऑस्ट्रेलिया का इससे जुड़ना अनिवार्य होगा, क्योंकि ताइवान पर ड्रैगन की जीत के क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर गहरा असर पड़ेगा। इसका असर ऑस्ट्रेलिया तक पहुंच सकता है, जहां चीन की नजर लंबे समय से है। यानी ताइवान पर किसी भी हमले की स्थिति में ऑस्ट्रेलिया को हर हाल में अमेरिका के साथ युद्ध में शामिल होना ही होगा।

*बजट सत्र के दूसरे चरण का भी हंगामेदार आगाज, लंदन में राहुल गांधी के बयान पर हंगामा, लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित*

#parliamentbudgetsessionsecondphase

Image 2Image 4

संसद के बजट सत्र की कार्यवाही आज फिर से शुरू हुई।संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण सोमवार को शुरू होते ही हंगामे की भेंट चढ़ गया।सत्र शुरू होने के साथ ही लोकसभा में जोरदार हंगामा देखने को मिला। लिहाजा लोकसभा की कार्यवाही दोहपर 2 बजे तक के लिए स्थगित हो गई।

राजनाथ सिंह ने राहुल गांधी पर बोला हमला

केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लोकसभा में राहुल गांधी पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी सदन के एक वरिष्ठ नेता हैं। उन्होंने विदेश की धरती से भारत का अपमान किया है। उन्हें संसद में आकर माफी मांगनी चाहिए। उनके इस बयान के बाद विपक्ष ने सदन में जमकर हंगामा किया। इसके बाद सदन की कार्यवाही को दो बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।

राहुल गांधी के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज करने की मांग

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने राहुल गांधी पर विदेश जाकर भारत का अपमान करने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से भी भारतीय लोकतंत्र और भारतीय संसद का अपमान करने के लिए राहुल गांधी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। राहुल गांधी पर तीखा निशाना साधते हुए केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने विदेशी धरती पर लंदन जाकर भारत, भारतीय लोकतंत्र और भारत की संसद को अपमानित किया है।

विपक्षी नेताओं का प्रदर्शन

इधर बजट सत्र के दूसरे चरण से पहले विपक्षी नेताओं ने संसद में महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।आम आदमी पार्टी और भारतीय राष्ट्र समिति के सांसदों ने बजट सत्र के दूसरे चरण की शुरुआत से पहले संसद परिसर में गांधी प्रतिमा के सामने केंद्रीय एजेंसियों और अडानी विवाद के कथित दुरुपयोग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।

*तेलंगाना के सीएम केसीआर की तबीयत बिगड़ी, अस्पताल में कराए गए भर्ती*

#telanganacmkcradmittedtohospitalafterstomachtrouble

Image 2Image 4

तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव को रविवार को हैदराबाद के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। चंद्रशेखर राव ने पेट की परेशानी के बाद एक निजी सुपर-स्पेशियलिटी अस्पताल का में भर्ती कराया गया। पीटीआई ने अस्पताल के हवाले से बताया कि मेडिकल जांच के दौरान उनके पेट में एक छोटा अल्सर पाया गया।

अस्पताल ने जारी किया बुलेटिन

के चंद्रशेखर राव को रविवार को पेट में दिक्कत होने के बाद हैदराबाद के गचीबोवली के एआईजी अस्पताल पहुंचे। पेट में तकलीफ होने के बाद केसीआर को प्रगति भवन से अस्पताल ले जाया गया। जांच के दौरान उनके पेट में छोटा अल्सर होने की बात सामने आयी। अस्पताल ने कहा कि मेडिकल जांच के दौरान उनके पेट में एक छोटा अल्सर पाया गया है। अल्सर का इलाज किया जा रहा है और उनके अन्य सभी पैरामीटर सामान्य हैं। अस्पताल ने कहा उनका सीटी स्कैन और एंडोस्कोपी किया गया। जांच में उनके पेट में अल्सर होने की बात सामने आयी है, जिसके लिए दवाएं दी जा रही हैं। बयान में कहा गया है कि उनके शरीर में अन्य चीजें सामान्य हैं और उन्हें उचित दवाएं दी जा रही हैं।

पिछले साल भी हुए थे अस्पताल में भर्ती

पिछले साल मार्च के महीने में भी मुख्यमंत्री केसीआर को बाएं हाथ में कमजोरी और दर्द की शिकायत के बाद अस्पताल ले जाया गया था। अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने उनका टेस्ट किया था और कहा था कि सीएम ने कमजोरी और बाएं हाथ में दर्द की शिकायत की थी। उन्हें एक हफ्ते आराम करने की सलाह दी गई थी।

देश में कोरोना केस ने फिर पकड़ी रफ्तार, संक्रमण का आंकड़ा 500 के पार

#covid_cases_cross_500_for_the_first_time_in_114_days

देश में H3N2 इन्फ्लुएंजा अपने पैर पसार रहा है। इस बीच कोरोना संक्रमण बी सिर उठाता दिख रहा है। देश में फ्लू के मामलों में बढ़तोरी के साथ-साथ कोरोना वयारस के मामलों में भी तेजी देखी जा रही है। देश में करीब 114 दिनों बाद पहली बार शनिवार को नए मामलों की संख्या 500 के पार पहुंच गई है।एक दिन में 11 मार्च को कोविड-19 के 524 नए मामले सामने आए। इसके साथ ही देश में उपचाराधीन मरीजों की संख्या बढ़कर 3,618 हो गई है।

Image 2Image 4

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक शनिवार को देश में संक्रमण के 524 नए केस मिले। बीते साल नवंबर के बाद संक्रमण का यह सबसे ज्यादा आंकड़ा है। बीते सात दिनों में संक्रमण के 2,671 नए केस सामने आए। जो उसके पिछले सात दिनों के कुल 1,802 से लगभग 50% अधिक है। बीते चार सप्ताहों से देश भर में कोविड संक्रमण में इजाफा देखने को मिल रहा है।

दक्षिणी राज्यों में ज्यादा मामले

महाराष्ट्र और दक्षिणी राज्यों में कोरोना के ताजा मामलों का तेजी से बढ़ना जारी है। शनिवार को समाप्त पिछले सात दिनों में, तीन राज्यों कर्नाटक (584), केरल (520) और महाराष्ट्र (512) में कोरोना के 500 से अधिक नए मामले दर्ज किए गए हैं। 

100 नए मामले दर्ज करने वाले राज्यों में गुजरात आगे

इस अवधि के दौरान कम से कम 100 नए मामले दर्ज करने वाले राज्यों में, गुजरात में सबसे अधिक वृद्धि दर्ज की गई। यहां कोविड मरीज चार गुना बढ़ गए हैं। प्रदेश में पिछले सात (मार्च 5-11) दिनों में कोरोना मरीजों की तादाद 190 पहुंच गई है, जबकि यह संख्या उसके पिछले सात दिनों (फरवरी 26-मार्च 4) में सिर्फ 48 थी।

संक्रमण के कुल मामले 4.46 करोड़

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, संक्रमण के कुल मामलों की संख्या 4.46 करोड़ (4,46,90,492) हो गई है। कोविड-19 से स्वस्थ होने की राष्ट्रीय दर 98.80 प्रतिशत दर्ज की गई है। जबकि इस बीमारी से उबरने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 4,41,56,093 हो गई है, जबकि मृत्यु दर 1.19 प्रतिशत दर्ज की गई है। सरकार के मुताबिक देशव्यापी कोविड-19 रोधी टीकाकरण अभियान के तहत अभी तक 220.64 करोड़ खुराक दी जा चुकी हैं।

बजट सत्र का दूसरा चरण आज से, सरकार को घेरने की तैयारी में विपक्ष, हंगामे के आसार

#parliament_budget_session_second_phase

Image 2Image 4

संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण आज यानी सोमवार से शुरू हो रहा है। बजट सत्र का यह दूसरा चरण 13 मार्च से शुरू होकर 6 अप्रैल तक चलेगा। इस सत्र में कुल 27 बैठकें होंगी। कार्यवाही को सुचारु रूप से चलाने के लिए रविवार को उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने सर्वदलीय बैठक बुलाई। वहीं, राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने सोमवार को विपक्षी दलों की बैठक बुलाई है।

आज से शुरू हो रहे बजट सत्र के दूसरा चरण के भी पहले चरण जैसा ही हंगामेदार रहने के आसार हैं। इस सत्र में अडानी मुद्दे सहित अन्य मुद्दों पर सरकार को घेरने के लिए विपक्ष ने पूरी तैयारी की है। हालांकि, विपक्ष के शोर-शराबे के बीच सरकार लोकसभा एवं राज्यसभा दोनों सदनों में महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराने की कोशिश करेगी। रिपोर्टों के मुताबिक राज्यसभा में पारित होने के लिए 26 विधेयक और लोकसभा में 9 विधेयक लंबित है। 

वहीं संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण की रणनीति तैयार करने के लिये आज सुबह विपक्षी दल बैठक करेंगे। दूसरे चरण से पहले विपक्षी दलों की बैठक कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के ऑफिस में होंगी। जहां विपक्षी दल सरकार को घेरने के लिए रणनीति बनाएंगे। विपक्षी दलों द्वारा सत्र के दौरान केंद्रीय एजेंसियों के कथित दुरूपयोग, अडाणी विवाद, चीन के साथ सीमा गतिरोध, महंगाई, बेरोजगारी जैसे मुद्दे उठाये जा सकते हैं।कांग्रेस नेता के. सुरेश ने कहा कि उनकी पार्टी अडाणी-हिंडनबर्ग मुद्दे को उठाना जारी रखेगी और सरकार से सवाल पूछेगी क्योंकि सत्र के पहले चरण में इस बारे में सरकार ने कोई जवाब नहीं दिया था। सत्र के दौरान तृणमूल कांग्रेस एलआईसी, एसबीआई के समक्ष संभावित खतरे, महंगाई, बेरोजगारी, केंद्रीय एजेंसियों के कथित दुरूपयोग के मुद्दे को उठायेगी।

राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने बजट सत्र के दूसरे चरण की शुरुआत की पूर्व संध्या पर रविवार को एक बैठक बुलाई। इस बैठक में सदन में व्यवधान एवं हंगामा रोकने के तरीकों पर उन्होंने राजनीतिक दलों के नेताओं के विचार मांगे।

ऑस्कर में भारत की धूम, ‘द एलिफेंट व्हिस्परर्स’ के बाद के ‘आरआरआर’ के ‘नाटु-नाटु’ को भी अवॉर्ड

#naatu_naatu_from_rrr_wins_the_oscar_for_best_original_song

Image 2Image 4

ऑस्कर में इस साल भारत की धूम देखी जा रही है। भारत ने अब तक दो अवार्ड अपने नाम कर लिया है। 95वें ऑस्कर में भारत की फिल्म ‘द एलिफेंट व्हिस्परर्स’ के शॉर्ट डॉक्यूमेंट्री का अवॉर्ड जीततने के बाद फ‍िल्‍म ‘आरआरआर’ के गाने नाटू-नाटू ने ऑस्‍कर पर कब्जा कर लिया है। इस गाने ने बेस्‍ट ऑर‍िजनल अवॉर्ड जीता है। न‍िर्देशक राजामौली की इस फिल्‍म ने भारतीय को फिर से गौरव से भर द‍िया है।

95वें अकादमी अवॉर्ड को हासिल करते हुए नाटू-नाटू ने टेल इट लाइक ए वूमेन के अपलॉज, टॉप गन: मैवरिक के होल्ड माई हैंड, ब्लैक पैंथर: वकांडा फॉरएवर के लिफ्ट माई अप और एवरीथिंग एवरीवेयर ऑल एट वंस के दिस इज ए लाइफ गानों को पीछे छोड़ दिया है। 

म्‍यूज‍िक कंपोजर एमएम कीरवानी के इस गाने को ऑस्‍कर अवॉर्ड्स में परफॉर्म भी क‍िया गया है। ऑस्कर अवॉर्ड नाइट में सिंगर्स राहुल सिप्लिगुंज और काल भैरव ने स्टेज पर आरआरआर के 'नाटू नाटू' पर लाइव परफॉर्मेंस दी। इस दौरान स्टेडियम में मौजूद सभी लोग 'नाटू नाटू' की धुन पर झूम उठे और गाने को स्टैंडिंग ओविएशन भी मिला। म्यूजिक कंपोजर एमएम कीरावणी ने मंच पर ट्रॉफी ली और सभी को 'नमस्ते' कहा।

बता दें कि जनवरी के दूसरे हफ्ते में ‘आरआरआर’ के गाने नाटू-नाटू ने गोल्डन ग्लोब्स 2023 में बेस्ट ऑरिजिनल सॉन्ग मोशन पिक्चर का अवॉर्ड जीता था। इस गाने को में म्यूजिक एमएम कीरावनी ने दिया है जबकि इसे काल भैरव और राहुल सिप्लिगुंज ने लिखा है।

बतातें चलें कि ‘नाटू-नाटू’ की शूटिंग यूक्रेन में हुई थी और उस समय वहां रूस से जंग छिड़ी हुई थी। फिल्म आरआरआर की टीम कुछ सींस शूट करने के दौरान यूक्रेन में फंस गई थी, जिसके बाद ‘नाटू-नाटू’ की शूटिंग यूक्रेन के प्रेजिडेंट वोलोडिमिर जेलेंस्की के आधिकारिक आवास में की गई थी। फिल्म ‘आरआरआर’ ने राम चरण और जूनियर एनटीआर ने स्वतंत्रता सेनानियों के रूप में अभिनय किया है, जबकि अजय देवगन, आलिया भट्ट और श्रिया सरन ने महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं हैं।

बधाई होःऑस्कर में भारत ने रचा इतिहास, ‘द एलिफेंट व्हिस्परर्स’ ने बेस्ट शॉर्ट डॉक्यूमेंट्री का अवॉर्ड

#the_elephant_whispers_win_the_documentary_short_film_oscar_award

Image 2Image 4

ऑस्कर अवार्ड्स का आगाज हो गया है। ऑस्कर 2023 भारतीयों के लिए खुशखबरी लेकर आया है। 95वें ऑस्कर अवॉर्ड्स में भारत ने इतिहास रच दिया है।भारतीय फिल्म द एलिफेंट व्हिस्परर्स ने बेस्ट डॉक्यूमेंट्री शॉर्ट फिल्म का अवार्ड अपने नाम किया है।इस डॉक्युमेंट्री को कार्तिकी गोंजाल्विस ने डायरेक्ट किया है।

95 वें अकादमी अवॉर्ड में भारती की ओर से द एलिफेंट व्हिस्पर्स को शॉर्ट डॉक्यूमेंट्री कैटेगरी में नॉमिनेट किया गया था, जिसमें इस फिल्म ने बाजी मार ली है। इस शॉर्ट डॉक्यूमेंट्री फिल्म ने ‘हॉल आउट’, ‘हाउ डू यू मेज़र ए ईयर?’, ‘द मार्था मिशेल इफेक्ट’ और ‘स्ट्रेंजर एट द गेट’ को पछाड़कर अवॉर्ड अपने नाम किया।

‘द एलिफेंट व्हिस्पर्स’ एक तमिल भाषा की डॉक्युमेंट्री फिल्म है जो पिछले साल 8 दिसंबर को रिलीज हुई थी। यह उन लोगों की कहानी है, जो हाथियों के साथ पीढ़ी दर पीढ़ी काम करते रहे हैं और जंगल की जरूरतों के बारे में बहुत जागरूक हैं। फिल्म की कहानी एक भारतीय परिवार के ईर्द-गिर्द घूमती है, जो तमिलनाडु के मुदुमलई टाइगर रिजर्व में दो अनाथ हाथी के बच्चों को गोद लेती है। फिल्म में भारतीय परिवार और अनाथ हाथियों की जबरदस्त बॉन्डिंग को दिखाया गया है।

इसमें बोमन और बेली (कपल) की स्टोरी है, जो अपने छोटे से हाथी ‘रघु’ से बेइंतहा प्यार करते हैं। ये एक एनिमल सेंस्टिव शॉर्ट मूवी है, जिसमें दिखाया गया है कि जानवरों को लेकर इंसानों को कितना संवेदनशील होने की जरूरत है। इस फिल्म को आप नेटफ्लिक्स पर देख सकते हैं।

कश्मीर मुद्दे पर अमेरिका का बड़ा बयान, कहा- यह भारत और पाकिस्तान का आपसी मामला'

Image 2Image 4

डेस्क: पाकिस्तान ने कश्मीर के मुद्दे को हर बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच पर उठाया। लेकिन उसे मुंह की खानी पड़ी है। खुद पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो ने यह कहकर सनसनी फैला दी कि दुनिया के देश कश्मीर पर पाकिस्तान की बात नहीं सुनते हैं। इसी बीच अमेरिका ने कश्मीर को लेकर बड़ा बयान दिया है। अमेरिका ने कहा है कि भारत और पाकिस्तान को कश्मीर के मुद्दे पर आपस में मिलकर रचनात्मकता के साथ बातचीत करना चाहिए।

अमेरिका के प्रेसीडेंट जो बाइडन प्रशासन ने कहा कि अमेरिका, भारत और पाकिस्तान के बीच सार्थक और रचनात्मक कूटनीति हो, इसका समर्थन करता है। इस बारे में अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नेड प्राइस से पूछा गया तो उन्होंने अपने जवाब मे कहा कि कश्मीर के मुद्दे पर वार्ता की प्रकृति क्या हो, यह दोनों देशों को ही तय करना है। इस तरह अमेरिका ने यह साफ कर दिया है कि कश्मीर मुद्दा अंतरराष्ट्रीय नहीं बल्कि दोनों देशों का मुद्दा है, जिसे दोनों देश कूटनीतिक पहल के साथ सॉल्व कर सकते हैं।

हालांकि नेड प्राइस ने कहा कि यदि दोनों देश चाहें तो अमेरिका भूमिका निभाने के लिए तैयार ​है। प्राइस ने हालांकि, भारत और पाकिस्तान के बीच वार्ता में अमेरिका के किसी भी तरह से मध्यस्थ की भूमिका निभाने की संभावनाओं से इनकार कर दिया।

कूटनीति का समर्थक अमेरिका

नेड प्राइस ने मीडिया ब्री‍फिंग में कहा, ' इस संबंध वे (भारत और पाकिस्तान) खुद ही फैसला कर सकते हैं। अगर वे चाहें, तो अमेरिका कोई विशेष भूमिका निभाने का तैयार है। प्राइस से पूछा गया, 'विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिका के पास दोनों भागीदारों के बीच मध्यस्थता करने की शक्ति व अधिकार है। पाकिस्तान और भारत आपके साझेदार हैं, तो आप एक मध्यस्थ की भूमिका क्यों नहीं निभाते?' इसके जवाब में उन्होंने कहा, 'अंतत: अमेरिका उस प्रक्रिया को निर्धारित नहीं करता, जिसके तहत भारत और पाकिस्तान एक दूसरे से वार्ता करें। हम लंबे समय से चले आ रहे संघर्षों को हल करने के लिए भारत और पाकिस्तान के बीच रचनात्मक बातचीत तथा सार्थक कूटनीति का समर्थन करते हैं।'

भारत और अमेरिका रणनीतिक साझेदार

एक अन्य सवाल के जवाब में प्राइस ने कहा कि भारत, अमेरिका का एक वैश्विक रणनीतिक साझेदार है। प्राइस ने कहा, 'ये संबंध राजनीतिक, कूटनीतिक, आर्थिक, सुरक्षा और महत्वपूर्ण रूप से लोगों के बीच मौजूद आपसी संबंध हैं।’

भारत में होने वाली SCO समिट में हिस्सा नहीं लेगा पाकिस्‍तान

पाकिस्‍तान ने गुरुवार को तय किया है कि वह भारत में होने वाले शंघाई को-ऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन (SCO) के एक कार्यक्रम से दूर रहेगा। ऐसे में प्राइस के इस बयान के कई मायने निकाले जा रहे हैं। भारत की राष्‍ट्रीय राजधानी नई दिल्‍ली में से 10 से 12 मार्च तक एससीओ देशों के मुख्‍य न्‍यायधीशों की एक मीटिंग होने वाली है। पाकिस्‍तान अकेला एससीओ देश है जो इस सम्‍मेलन से दूर रहेगा।

फिल्म एक्ट्रेस नगमा के साथ सायबर फ्रॉड, शातिर ठगों ने खाते से उड़ा दिए इतने रुपए

डेस्क: फिल्म एक्ट्रेस नगमा के साथ सायबर फ्रॉड हुआ है और ठगों ने उनके अकाउंट से पैसे भी उड़ा दिए हैं। दरसअल मुंबई के बांद्रा पुलिस थाने में दर्ज FIR के मुताबिक, 28 फरवरी को नगमा के पास एक मैसेज आया कि आज रात को उनके मोबाइल की नेट बैंकिंग ब्लॉक कर दी जाएगी, नहीं तो अपना पैन कार्ड नंबर अपडेट करें। इसके बाद उस लिंक पर नगमा ने क्लिक किया तो OTP मांगा गया। 

Image 2Image 4

ठगों ने अकाउंट से उड़ाए इतने रुपए 

नगमा ने जैसे ही ओटीपी मोबाइल में अपडेट किया, वैसे ही उनके अकाउंट से 99,998 रुपए निकाल लिए गए। इस मामले में एक्ट्रेस नगमा ने बांद्रा पुलिस थाने में FIR दर्ज करवाई है। गौरतलब है कि पिछले 2 हफ्ते में ऐसे सैकड़ों मामले सामने आए हैं।

तेजी से बढ़ रहे सायबर फ्रॉड के मामले

पिछले हफ्ते तक मुंबई सायबर सेल ने ऐसी 60 FIR दर्ज की हैं। लेकिन अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। 300 से ज्यादा सिम कार्ड जो ऐसे फ्रॉड के लिए इस्तेमाल किए जा रहे हैं, उनकी पहचान की जा रही है। पुलिस का कहना है कि 5000 से ज्यादा सिम कार्ड का इस्तेमाल ऐसे फ्रॉड के लिए किया जा रहा है।

पुलिस का मानना है कि ये एक ऑर्गनाइज तरीक से किया जाने वाला क्राइम है और इसे एक गैंग ऑपरेट कर रही है। सायबर डीसीपी के मुताबिक, लाखों लोगों को ऐसे मेसेज भेजे गए हैं। लोगों को सावधान रहने की जरूरत है। फिलहाल गैंग कहां से ऑपरेट कर रही है और इसमें कितने लोग हैं, वो अभी पता नहीं चल सका है।

सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार ने समलैंगिक विवाह पर जताया कड़ा विरोध, कहा- हरगिज मान्यता ना दें'

Image 2Image 4

डेस्क: केंद्र सरकार ने समलैंगिक विवाह को मान्यता देने की मांग वाली याचिकाओं का सुप्रीम कोर्ट में कड़ा विरोध किया है। सुप्रीम कोर्ट में अपने जवाबी हलफनामे में, केंद्र सरकार ने कहा कि आईपीसी की धारा 377 को डिक्रिमिनलाइज़ करने से समलैंगिक विवाह को मान्यता देने का दावा नहीं हो सकता है। केंद्र ने कहा कि प्रकृति में विषमलैंगिक तक सीमित विवाह की वैधानिक मान्यता पूरे इतिहास में आदर्श है और देश और समाज के अस्तित्व और निरंतरता दोनों के लिए ये मूलभूत सिद्धांत है। केंद्र सरकार के लाइव लॉ द्वारा दायर किए गए जवाबी हलफनामे में कहा गया है कि, "इसलिए, इसके सामाजिक मूल्य को ध्यान में रखते हुए, केवल विवाह/संघों के अन्य रूपों के बहिष्कार के लिए विषमलैंगिक विवाह को ही मान्यता दी जानी चाहिए।"

 केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता देने के खिलाफ हलफनामा दायर किया है। केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि समलैंगिक संबंध और विषमलैंगिक संबंध स्पष्ट रूप से अलग-अलग हैं जिन्हें समान नहीं माना जा सकता है।

केंद्र सरकार ने कहा-इससे रिश्तों पर और समाज पर असर पड़ेगा

केंद्र ने कहा कि "यह प्रस्तुत किया गया है कि इस स्तर पर यह पहचानना आवश्यक है कि विवाह या संघों के कई अन्य रूप हो सकते हैं या समाज में व्यक्तियों के बीच संबंधों की व्यक्तिगत समझ हो सकती है, देश में विवाह की मान्यता को विषमलैंगिक रूप तक सीमित करता है। हम ये नहीं कह रहे हैं कि विवाह के इन अन्य रूपों या संघों या समाज में व्यक्तियों के बीच संबंधों की व्यक्तिगत समझ गैरकानूनी नहीं हैं।" 

केंद्र ने समान-लिंग विवाह का विरोध करने के लिए सामाजिक संगठनों का हवाला दिया और कहा कि एक मानक स्तर पर, समाज में परिवार की छोटी इकाइयां होती हैं जो मुख्य रूप से एक विषम रिश्ते के प्रति ही संगठित होती हैं। "समाज के बिल्डिंग ब्लॉक का यह संगठन बिल्डिंग ब्लॉक्स यानी परिवार इकाई की निरंतरता पर आधारित है," जबकि समाज में संघों के अन्य रूप भी मौजूद हो सकते हैं जो गैरकानूनी नहीं होंगे, यह एक समाज के लिए खुला है कि वह एक ऐसे संघ के रूप को कानूनी मान्यता दे जिसे समाज अपने अस्तित्व के लिए सर्वोत्कृष्ट निर्माण कर सकता है और समाज इसे मानता है। केंद्र ने जोर देकर कहा कि समान-सेक्स विवाहों को मान्यता न देने के कारण किसी मौलिक अधिकार का उल्लंघन नहीं होता है।

13 मार्च को सुप्रीम कोर्ट में होगी सुनवाई

 सुप्रीम कोर्ट 13 मार्च को समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करेगा। चीफ जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़, जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस जेबी पारदीवाला की बेंच इन याचिकाओं पर सुनवाई करेगी।

बता दें कि 6 सितंबर, 2018 को एक ऐतिहासिक फैसले में, शीर्ष अदालत ने धारा 377 को रद्द कर दिया, जिसने समलैंगिक संबंधों को आपराधिक बना दिया था।